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जयपुर टाइम्स
मुंबई। भारत के मिडिल ऑर्डर बैट्समैन चेतेश्वर पुजारा 7 साल बाद आईपीएल खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखकर बड़े शॉट लगाना सीख रहे। पुजारा ने कहा कि छोटे फॉर्मेट में यह दोनों खिलाड़ी बेहतरीन टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं।
पुजारा ने कहा कि उन्हें पहले टी-20 खेलने से डर लगता था। उन्हें लगता था कि कहीं वे छोटे फॉर्मेट की वजह से टेस्ट क्रिकेट न भूल जाएं। इसी वजह से वे टी-20 क्रिकेट से दूर रहते थे। उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ के समझाने पर वे इस फॉर्मेट में वापसी कर सके हैं।
33 साल के पुजारा ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा कि करियर के शुरुआती सालों में मुझे लगता था कि टी-20 क्रिकेट के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की, तो टेस्ट क्रिकेट भूल जाऊंगा। ऐसा लगता था कि कहीं कोई टेक्नीक न भूल जाऊं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह सब एक्सपीरियंस की बात है।
पुजारा ने कहा कि अब यह डर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, मैंने इतने सालों में जो सीखा है, वह यह है कि हमें अपना नैचुरल गेम खेलना चाहिए, अपने स्ट्रेंथ पर ध्यान देना चाहिए। 
इस तरह आप अपने गेम से कभी दूर नहीं जा पाएंगे। इसमें मुझे राहुल द्रविड़ ने काफी मदद की। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारा नैचुरल गेम कभी चेंज नहीं होगा। इसके अलावा तुम कुछ और नए शॉट लगाना सीख लोगे।

''टेस्ट से टी-20 में स्विच करने में परेशानी नहीं होगी''
पुजारा ने कहा कि मैंने 2005-06 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। मुझे टेस्ट खेले 15 साल हो चुके हैं। इसलिए अब अगर मैं टी-20 फॉर्मेट खेलता भी हूं, तो टेस्ट बल्लेबाजी नहीं भूल पाऊंगा। टेस्ट फॉर्मेट में स्विच करने में भी परेशानी नहीं होगी। अगर कोई खिलाड़ी कामयाब रेड बॉल क्रिकेटर है, तो व्हाइट बॉल खेलना उसके लिए मुश्किल नहीं है।

''विराट और रोहित से काफी कुछ सीखने को मिला''
यह पूछे जाने पर कि स्ट्राइक रेट बढ़ाने के लिए क्या करेंगे? पुजारा ने जवाब देते हुए कहा कि वे विराट और रोहित की तरह बड़े शॉट लगाने और टाइमिंग पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि मैं पावर हिटर नहीं हूं। पर जब विराट और रोहित को बल्लेबाजी करते हुए देखता हूं, तो उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। वे भी पावर हिटर नहीं हैं, बल्कि परफेक्ट टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं।

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मुंबई। भारत के मिडिल ऑर्डर बैट्समैन चेतेश्वर पुजारा 7 साल बाद आईपीएल खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखकर बड़े शॉट लगाना सीख रहे। पुजारा ने कहा कि छोटे फॉर्मेट में यह दोनों खिलाड़ी बेहतरीन टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं।
पुजारा ने कहा कि उन्हें पहले टी-20 खेलने से डर लगता था। उन्हें लगता था कि कहीं वे छोटे फॉर्मेट की वजह से टेस्ट क्रिकेट न भूल जाएं। इसी वजह से वे टी-20 क्रिकेट से दूर रहते थे। उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ के समझाने पर वे इस फॉर्मेट में वापसी कर सके हैं।
33 साल के पुजारा ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा कि करियर के शुरुआती सालों में मुझे लगता था कि टी-20 क्रिकेट के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की, तो टेस्ट क्रिकेट भूल जाऊंगा। ऐसा लगता था कि कहीं कोई टेक्नीक न भूल जाऊं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह सब एक्सपीरियंस की बात है।
पुजारा ने कहा कि अब यह डर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, मैंने इतने सालों में जो सीखा है, वह यह है कि हमें अपना नैचुरल गेम खेलना चाहिए, अपने स्ट्रेंथ पर ध्यान देना चाहिए। 
इस तरह आप अपने गेम से कभी दूर नहीं जा पाएंगे। इसमें मुझे राहुल द्रविड़ ने काफी मदद की। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारा नैचुरल गेम कभी चेंज नहीं होगा। इसके अलावा तुम कुछ और नए शॉट लगाना सीख लोगे।

''टेस्ट से टी-20 में स्विच करने में परेशानी नहीं होगी''
पुजारा ने कहा कि मैंने 2005-06 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। मुझे टेस्ट खेले 15 साल हो चुके हैं। इसलिए अब अगर मैं टी-20 फॉर्मेट खेलता भी हूं, तो टेस्ट बल्लेबाजी नहीं भूल पाऊंगा। टेस्ट फॉर्मेट में स्विच करने में भी परेशानी नहीं होगी। अगर कोई खिलाड़ी कामयाब रेड बॉल क्रिकेटर है, तो व्हाइट बॉल खेलना उसके लिए मुश्किल नहीं है।

''विराट और रोहित से काफी कुछ सीखने को मिला''
यह पूछे जाने पर कि स्ट्राइक रेट बढ़ाने के लिए क्या करेंगे? पुजारा ने जवाब देते हुए कहा कि वे विराट और रोहित की तरह बड़े शॉट लगाने और टाइमिंग पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि मैं पावर हिटर नहीं हूं। पर जब विराट और रोहित को बल्लेबाजी करते हुए देखता हूं, तो उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। वे भी पावर हिटर नहीं हैं, बल्कि परफेक्ट टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं।

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