Updated -

mobile_app
liveTv


जयपुर टाइम्स
इंदौर। ब्रह्मांड में मौजूद आकाश गंगाओं के अध्ययन के दौरान आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर अमित शुक्ला ने ब्लैक होल के मामले में एक महत्वपूर्ण खोज की है। संस्थान के डिपार्टमेंट ऑफ एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोफिजिक्स और स्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर अमित शुक्ला ने एक अन्य संस्थान के प्रोफेसर के साथ मिलकर इस खोज पर आधारित रिसर्च पेपर तैयार किया है। दुनिया के श्रेष्ठ रिसर्च जर्नल में से एक नेचर कम्युनिकेशन ने इस पेपर को प्रकाशित किया है।
होल में इलेक्ट्रॉन-चुम्बकीय क्षेत्र के कारण पैदा होती है ऊर्जा
प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि ब्लैक होल अधिकांश आकाश गंगाओं का मध्य ब्लैक होल कहलाता है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस ब्लैक होल में प्रकाश की किरणों को देख चुके हैं, लेकिन ये किरणें कहां से आती हैं या इनकी ऊर्जा का स्त्रोत क्या है? ये अभी तक कोई नहीं जान पाया था। हमने अपने 'शोध में पता लगाया है कि इलेक्ट्रॉन और चुम्बकीय क्षेत्र के कारण ऊर्जा पैदा होती है जो प्रकाश तरंगों के समान नजर आती हैं। अपने शोध में प्रोफेसर शुक्ला ने क्वासर 3सी 27 ब्लैक होल का अध्ययन किया है।
दुनिया का श्रेष्ठ जनरल है नेचर मैग्जीन
डॉ. अमित शुक्ला ने बताया, दुनियाभर में रिसर्च पेपर प्रकाशित करने वाले जर्नल्स को उनके इम्पैक्ट फैक्टर के माध्यम से महत्व दिया जाता है। नेचर कम्युनिकेशंस का इम्पैक्ट फैक्टर 12.12 जो कि नेचर मैग्जीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है। नेचर मैग्जीन और नेचर कम्युनिकेशन एक ही पब्लिशिंग हाउस के जर्नल हैं।

Searching Keywords:

facebock whatsapp

Similar News