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-    नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से हो रहा आयोजन


जयपुर। बदलती लाइफ स्टाइल के कारण ब्रेन की खतरनाक बीमारी ब्रेन एन्युरिज्म की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। पानी कम पीने की सामान्य सी आदत भी एन्युरिज्म का खतरा बढ़ा देती है। पानी कम पीने के कारण खून गाढ़ा होता है और यदि स्मोकिंग की आदत भी है तो हमारी ब्लड के रेड सेल्स चिपकने लगते हैं और उससे दिमाग की नसों में एन्युरिज्म का खतरा बढ़ जाता है। नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से 22 गोदाम स्थित एक होटल में आयोजित हुए न्यूरोफेस्ट - 2019 में कुछ इसी तरह की जानकारी दी गई। इस कॉन्फ्रेंस मे देश-विदेश से 100 से अधिक न्यूरो सर्जन्स हिस्सा लिया। कार्यक्रम में फिनलैंड से आए प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. जुहा हरनेस्निमी ने ब्रेन एन्युरिज्म के उपचार में काम ली जा रही अत्याधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी। 
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन सभी विशेषज्ञों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों के लिए मौन रख उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कॉन्फ्रेंस के कोर्स डायरेक्टर डॉ. केके बंसल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. जुहा हरनेस्निमी, नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जोनल क्लिनिकल डायरेक्टर माला ऐरन और फैसिलिटी डायरेक्टर कार्तिक रामाकृष्णन ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। डॉ. माला ऐरन ने कहा कि तीन सफल संस्करण के बाद इस बार, देश में ऐन्युरिज्म के बढ़ते केसों को देखते हुए हमारे देश के डॉक्टर्स की ट्रीटमेंट नॉलेज अपडेट हो, इसके लिए न्यूरोफेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन विभिन्न सत्र आयोजित किए गए जिसमें माइक्रो न्यूरो सर्जरी, एन्युरिज्म सर्जरी में इस्तेमाल किए जाने वाली ट्रिक्स, एन्युरिज्म ट्रीटमेंट के भविष्य, एन्युरिज्म में इंटरवेंशनल तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। 
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन आस्क द मास्टर सेशन खास रहा। सेशन में देशभर से आए विशेष चयनित केसों पर चर्चा हुई जिसमें एक्सपट्र्स ने डॉ. जुहा से अपने केस के बारे में बताया और उनसे पूछा कि अगर यह केस उनके पास होता तो वे इसे किस तरह ठीक करते। इस दौरान डॉ. विवेक वैद, डॉ. रशिम कटारिया, डॉ. रंजन जीना और डॉ. कोमल प्रसाद आदि ने अपने केसों की प्रजेंटेशन दी।

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