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ब्रिटेन में भारतीय मूल की 34 वर्षीय फार्मासिस्ट की उसके पति ने हत्या कर दी है। महिला अपने मिडिलवारे स्थित घर में मृत पाई गई थी। महिला की हत्या मई में की गई और अब मंगलवार को उसके पति को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने 30 साल की सजा सुनाई है। दोषी का नाम मितेश पटेल (37) है। मई में जब मृतक महिला जेसिका का शव मिला तो मितेश ने कहा कि उसने अपनी पत्नी की हत्या नहीं की है। लेकिन जब मामले की जांच हुई तो पता चला कि उसने प्लास्टिक के बैग से पत्नी की हत्या की। जेसिका की मौत की वजह दम घुटना बताई गई थी। जांच में पता चला की दोषी पति ने पूरी साजिश के तहत पत्नी की हत्या की है। वह एक अन्य आदमी से ग्रिंडर ऐप पर मिला था। यह ऐप क्विर समुदाय का दुनिया का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्किंग ऐप है। क्विर यानी गे, ट्रांसजेंडर, बायसैक्सुअल आदि। जांच में पता चला कि मितेश ने इंटरनेट पर कई सर्च किए थे। जैसे- "मैं अपनी पत्नी को मारना चाहता हूं", "इंसुलिन ओवरडोज", "पत्नी को मारने के लिए साजिश", "क्या इसके लिए मुझे कोई साथी मिल सकता है", "यूके से पत्नी को मारने के लिए कोई व्यक्ति" और "कितना मैथाडोन तुम्हें मार सकता है।"

दोषी पति ने जुलाई 2015 में अपने सिडनी स्थित प्रेमी अमित से पत्नी के लिए कहा था कि उसके कुछ ही दिन चिन्हित हैं। जब पुलिस ने मितेश से सवाल किए तो उसने खुद को बेगुनाह बताया लेकिन अभियोजन पक्ष के पास सबूत थे कि मितेश ने अपनी पत्नी को पहले इंसुलिन का इंजेक्शन दिया और बाद में खूब तड़पाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। 

जेसिका के परिवार का कहना है कि वह एक अच्छी लड़की थी और अपने पति से बहुत प्यार करती थी। वह काफी खुश थी। मितेश अपनी पत्नी के साथ एक फार्मेसी स्टोर चलाता था और वह स्टोर के कर्मियों के सामने अपने गे प्रेमी के साथ चैटिंग करता था। उसने ग्रिंडर पर प्रिंस नाम से अपनी प्रोफाइल बनाई थी।

ज्यूरी ने पाया कि उसने अपनी पत्नी को धोखा दिया है। उसकी गे वाली दोहरी जिंदगी ने उसकी पत्नी की जान ली है। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोषी ने पत्नी की मौत के बाद इंश्योरेंस का पैसा लेकर प्रेमी अमित के साथ ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना भी बनाई 

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