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जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का कहना है कि भारतीय कंपनियों के सीईओ को तकनीकी रूप से सक्षम बनने की जरूरत है। यह भी तय करना होगा कि समाधान संयुक्त रूप से सामने आएं। नडेला ने मुंबई में माइक्रोसॉफ्ट के फ्यूचर डिकोडेड सीईओ कॉन्क्लेव में ये बात कही। भारत दौरे पर पहुंचे नडेला यहां तीन दिन रहेंगे।
नडेला ने बताया कि साइबर अपराधों की वजह से दुनिया के कारोबारों को 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। दुनिया की जरूरतों को देखते हुए हम चाहते हैं कि सबसे ओपन इन्फ्रास्टक्चर तैयार करें। 2030 तक हमारे पास 50 अरब कनेक्टेड डिवाइस होंगी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में डिजिटल की प्रमुख भूमिका हो। भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए 72 प्रतिशत नौकरियां टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के बाहर मौजूद हैं। कॉन्क्लेव में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और टीसीएस के सीईओ-एमडी राजेश गोपीनाथन भी शामिल हुए। 
गोपीनाथन ने कहा कि तकनीकी बदलाव के लिए उनकी कंपनी पहले से मौजूद टैलेंट को तैयार करने पर जोर देती है। इस बात का ध्यान रखा जाता है कि बाहरी लोगों को तलाश करने की बजाय बेहतर क्षमताओं वाले कर्मचारी कंपनी के साथ बने रहें। युवाओं के पास बेहतरीन नॉलेज होती है, वे तेजी से सीखते हैं। लेकिन, ट्रेनिंग की जरूरत होती है। आईटी सेक्टर में कई सालों वाले प्रोजेक्ट का दौर खत्म हो चुका है। 

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