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ऐसा शायद कोई ही क्षेत्र होगा जिस मेें महिलाओं न अपना भागीदारी न दिखाई हो। राजनीति से लेकर न्यायालय की बात करें तो औरतों ने अपनी काबलियत से हर क्षेत्र में अपना नाम कमाया है। आज हम जिस महिला की बात कर रहे हैं उनका नाम इंदु लेखा है। जो सुप्रीम कोर्ट में सीधे जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होंगी। उनके  सर्वोच्च अदालत में जज बनने के प्रस्ताव को कानून मंत्रालय से मंजूरी भी मिल गई है। वह सीधे वकील से जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होगी। 
 

सुप्रीम कोर्ट की शुरुआत के 39 सालो में कोई महिला जज नहीं रही और साल 1989 में पहली बार फातिमा बीबी को इस कोर्ट को जज बनाया गया था। इनसे पहले जस्टिस एम फातिमा बीवी, जस्टिस सुजाता वी मनोहर, जस्टिस रूमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की जज बन चुकी हैं। वर्तमान में जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की अकेली महिला जज हैं।
 

आइए जानें उनके बारे में खास बातें


1.इनसे पहले जस्टिस एम फातिमा बीवी, जस्टिस सुजाता वी मनोहर, जस्टिस रूमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की जज बन चुकी हैं। वर्तमान में जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की अकेली महिला जज हैं।


2. उनका जन्म बंगलुरू में 1965 में हुआ। इसके बाद वह दिल्ली आ गई। 

3.  वकीलों के परिवार से संबंध रखती हैं इंदु मल्होत्रा।  उनके पिता ओपी मल्होत्रा और    बड़े भाई और बहन भी वकील हैं।

4. 1988 में इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड चुनी गईं। 

5. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में उन्हें वरिष्ठ वकील नियुक्त किया। इनसे पहले जस्टिस लीला सेठ को सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील नियुक्त किया।

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