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जयपुर टाइम्स
सूरत(एजेंसी) खजोद में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े डायमंड बुर्स यानी सराफा ने गुजरात की आर्थिक राजधानी सूरत की तस्वीर बदल दी है। अगले साल जून 2022 से यहां हीरा व्यापार की शुरुआत हो जाएगी। 6 लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्र में 2400 करोड़ रुपए की लागत से ये बुर्स तैयार किया जा रहा है।2021 के अप्रैल-मई से यहां ऑफिस के पजेशन दिए जाने शुरू हो जाएंगे और दिसंबर तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। डायमंड बुर्स शुरू होने की डेट जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे मुंबई से बड़े पैमाने पर हीरा व्यापारी सूरत आने लगे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, सूरत में प्रॉपर्टी की इन्क्वायरी के लिए मुंबई बेस्ड व्यापारियों की हर हफ्ते एक हजार से ज्यादा कॉल आ रही हैं। स्कायलैंड ग्रुप के बिल्डर पीयूष शेटा ने बताया कि सूरत में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए दो सप्ताह की वेटिंग है।

 हमारी भी कोशिश है कि यहां पर लोगों को मुंबई जैसी सुविधाएं और वातावरण मुहैया कराएंं।
मुंबई की 70 डायमंड कंपनियां सूरत शिफ्ट
कोरोनाकाल से अब तक मुंबई से लगभग 70 डायमंड कंपनियां सूरत आ चुकी हैं, जबकि अगले तीन से पांच सालों में यहां लगभग 500 से ज्यादा डायमंड कंपनियों के आने की उम्मीद है। सूरत में डायमंड बुर्स के साथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन के कारण डायमंड कंपनियां मुंबई से कारोबार समेट कर सूरत स्थाई हो रही हैं।सूरत की ज्यादातर डायमंड कंपनियों का कॉर्पोरेट हेड ऑफिस नए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (हीरा बुर्स) में है। यहां के बोरिवली, मलाड, गोरेगांव, दहिसर जैसे इलाकों में डायमंड कंपनियों के यूनिट्स हैं। मोटा वराछा मिनी सौराष्ट्र के रूप में जाना जाता है। यहां लगभग एक साथ 63 से ज्यादा प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं, जिसमें 5 हजार से ज्यादा फ्लैट बनाए जा रहे हैं। यहां मुंबई से हीरा व्यापारी 90त्न हैं। मोटा वराछा तापी के किनारे है और यहीं तापी रिवर फ्रंट भी बनाया जा रहा है। इसको ध्यान में रखकर यहां 12 से 22 मंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। मोटा वराछा के नामचीन डेवलपर्स धवल ढोला और कल्पेश ककडिय़ा ने बताया कि हम अपने प्रोजेक्ट में मुंबई की तर्ज पर सुविधाएं दे रहे हैं। 

जमीन की कीमत बढ़ी हैं और किराया भी बढ़ा है।

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