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साल 2017 का पहला सूर्यग्रहण 26 फरवरी रविवार को पड़ने जा रहा है। इस सूर्यग्रहण को भारत, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, और हिंद महासागर में देखा जा सकेगा। भारतीय समयानुसार यह सूर्यग्रहण शाम 5 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा और रात 10 बजकर 1 मिनट तक चलेगा। लेकिन रात होने की वजह से इसका पूरा नज़ारा देख पाना मुमकिन नहीं होगा। आइये जानते हैं सूर्यग्रहण से जुड़े कुछ सवालों के जवाब
कब होता है सूर्यग्रहण?
सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, और ये घटना तभी होती है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरती है। पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चन्द्रमा द्वारा ढका हुआ प्रतीत दिखाई देता है।
कितने तरह के होते हैं सूर्यग्रहण?
सूर्यग्रहण तीन तरह के होते हैं। पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर्यग्रहण और वलयाकार सूर्यग्रहण। पूर्ण और आंशिक सूर्यग्रहण का अर्थ नाम से ही स्पष्ट हो जाता है। अब हम आपको वलयाकार सूर्यग्रहण के बारे में बताते हैं। वलयाकार सूर्यग्रहण वो खगोलीय घटना है जब पृथ्वी का उपग्रह चांद पूथ्वी से काफी दूर रहने के बावजूद पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। इससे पृथ्वी से सूर्य की जो तस्वीर उभरती है उसमें सूरज का बीच का हिस्सा भी ढका हुआ नज़र आता है। और सूर्य का बाकी हिस्सा प्रकाशित होने की वजह से सूर्य की कंगन या वलय के आकार की तस्वीर उभरती है, इसलिए इसे वलयाकार सूर्यग्रहण कहते हैं।
नंगी आंखों से सूर्यग्रहण देखना नुकसानदायक?
नंगी आंखों से सूर्यग्रहण देखना आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। ग्रहण के समय सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणें आखों को ज्यादा नुकसान करती हैं। इसलिए सूर्यग्रहण देखने के लिए काले धूप वाले चश्मे या एक्सरे का उपयोग करें।
भ्रांतियां : पुरानी मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा ग्रहण के बाद स्नान भी जरुरी होता है। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने और ग्रहण को देखने पर पाबंदी होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान दान करने से पुण्य मिलता है। हांलाकि इन सब मान्यताओं के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं हैं लेकिन कई लोग आज भी इनका अनुसरण करते हैं। 
सूर्य ग्रहण का कैसा होगा प्रभाव
इस ग्रहण के बाद साल 2017 में दो और ग्रहण पड़ेंगे। जिसमें एक चंद्र और दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 7-8 अगस्‍त को हमें भारत में आंशिक चन्द्रग्रहण देखने को मिलेगा। इसे यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्‍ट्रेलिया से देखा जा सकेगा। जबकि 21 अगस्‍त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा।

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