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कार्यालय संवाददाता
जयपुर। आज रात दो बजकर चार मिनट पर सूर्यदेव मीन राशि से अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मलमास समाप्त हो जाएगा और मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे।  विवाह मुहूर्त 18 अप्रेल से शुरू होंगे जो कि चार जुलाई तक रहेंगे। सूर्य प्रवेश काल की संवत 2074 की कुंडली मकर लग्न की बनी है। जिसके स्वामी शनि देव हैं। द्वादश भाव में बैठकर वर्ष के राजा मंगल से षडाष्टक योग बना रहे हैं। इसके प्रभावत से भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान आदि विकासशील देशों में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक स्थितियां संघर्षपूर्ण रहने की संभावना है। जब सूर्य का प्रवेश गुरु की राशि धनु मीन में होता है। तब मलमास या खर मास कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस काल में सभी मांगलिक कार्यों को वर्जित माना जाता है। गुरु की राशि में सूर्य का भ्रमण होता है। तब ग्रह नक्षत्रों पर मांगलिक कार्य नहीं करते हैं। उल्लेखनीय है कि अप्रेल, मई और जून में शादियों के सबसे ज्यादा मुहूर्त हैं। शहर सहित ग्रामीण अंचलों में गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा शादियां होती हैं। इस साल रबी सीजन की फसल गेहूं, चना, सरसों की पैदावार अच्छी हुई है। किसानों को मंडी मे बेचने के बाद फसलों के रुपए मिलने लगेंगे। इसके साथ शादियों के मुहूर्त अधिक होने से बाजार में भी व्यापार बढेगा। इस वर्ष अप्रेल में 4, मई में 8, जून में 9 और जुलाई में 3 मुहूर्त रहेंगे। 4 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, यह 31 अक्टूबर तक रहेगा। इस समय विवाह, यज्ञोपवीत आदि मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। 5 से 20 सितंबर तक श्राद्ध पक्ष रहेंगे। इनमें भी मांगलिक कार्य वर्जित हैं। इसके बाद नवंबर दिसंबर में फिर शुभ मुहूर्त रहेंगे। 

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