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जयपुर (कासं.)। शुक्रवार को रामगंज में हुए उवद्रव के बाद लगे कफ्र्यू में जहां चार थाना क्षेत्रों के आम लोगों की जीवन को थाम सा दिया वहीं रविवार को कफ्र्यू के बीच चार दरवाजा के अब्दुल वहाब के घर बेटी रूबिना बानों की शादी में तख्ल माहौल में डरे-सहमे लोगों को कुछ राहत दी। आदर्श नगर स्थित धन्नादस बगीची के सईद मोहम्मद इशाक को दुल्हे बने बेटे के साथ महज पांच लोगों के साथ पहले रामगंज थाने आए और वहां से परमिशन लेकर गाड़ी से घोड़ा निकास रोड होते हुए लड़की के घर पहुंचे। शांति ओर सादगी के माहौल में शादी की रस्म अदायगी हुई। वर औरा वधु पक्ष के लोगों के बीच इशाक के कुबुल है कहने के साथ एक-दूसरे को गले लगकर बधाई दी। घरातियों और बरातियों सहित दोस्तों और रिश्तेदारों को खजूर, काजू और मिश्री खिलाकर मुंह मीठा किया गया। 
खाने-पीने के बीच माहौल को लेकर चर्चाए चली
धरे रह गए अरमान
रूबिना बानों के पिता अब्दुल वहाब ने बताया कि शादी की तैयारियां मुक्मल थी। एक हजार से अधिक लोगों की दावत का इंतजाम था। इस कफ्र्यू की वजह से सब अरमान धरे के धरे रह गए। हर पिता की ख्वाहिश होती है कि उसके घर भी बेटी की बारात आए, मेहमान वर-वधु को दुआएं दे और खुशियों के बीच बेटी ससुराल के लिए विदा हो, लेकिन अब्दुल वहाब के ये अरमान कफ्र्यू की खामोशी में कहीं गुम होकर रह गए। वहीं इशाक के पिता सईद मोहम्मद को इस बात का गम था, कि बेटे की शादी में महज पांच लोग ही शामिल हो सके।
 रात भर चलने वाले जश्न को सुबह चार बजे तक की मियाद ने बांधा हुआ था। इशाक के चचेरे भाई की शादी सोमवार को छोटे भाई की शादी मंगलवार को होनी है। ऐसे में घर-परिवार के कितने सदस्य खुशियों में शामिल हो पाएंगें वो भी नहीं जानते। परिवार में सभी अल्लाह से यही दुआ कर रहे है कि दोनों छोटे भाईयों की शादी के समय तक कफ्र्यू खुल जाए तो शादी का माहौल खुशनुमा हो जाएगा और उनकी शादी धूमधाम से हो सकेगी।

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