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49 साल पुराने फुटबॉल स्टेडियम में लगाए 300 पेड़

जयपुर टाइम्स
क्लैगनफर्ट (एजेंसी)। ऑस्ट्रिया के 49 साल पुराने वर्दरसी स्टेडियम ने बेहद अनोखा और पर्यावरण के प्रति आगाह करने वाला कदम उठाया है। 1960 से इस मैदान पर फुटबॉल मैच होते रहे हैं, लेकिन अब यहां मैच नहीं होंगे। मैदान के बीचों-बीच करीब 300 पेड़ लगाए गए हैं। अब स्टेडियम में लोग मैच नहीं, पेड़ों की प्रदर्शनी देखने आया करेंगे। पेड़ देखने का टिकट लगेगा। ताकि यहां आने वाले लोग इनकी अहमियत समझ सकें। प्रदर्शनी देखने रविवार से स्टैंड्स खोले जा रहे हैं। एक बार में 30 हजार लोग स्टैंड्स में आ सकते हैं। इन पेड़ों से हर साल करीब 35380 (78 हजार पाउंड) किलोग्राम ऑक्सीजन भी मिलेगी।
 1970 में मैक्स पींटनर ने एक पेंसिल स्केच बनाया था। इसी स्केच और स्केच के साथ दिए गए संदेश को थीम मानते हुए वर्दरसी स्टेडियम की पेड़ प्रदर्शनी के प्रोजेक्ट मैनेजर क्लॉस ने काम किया है। 

आसमान से उड़ती हुई आई मछलियां और झील में उतर गई

टाह में डिवीजन ऑफ वाइल्ड लाइफ की ओर से एक मजेदार कैप्शन के साथ एक वीडियो शेयर किया गया। वीडियो में आसमान से गिरती हुई हजारों की तादात में मछलियां दिखाई दे रही हैं। उसके साथ कैप्शन लिखा था कि अगर आपको उटाह में मछलियां आसमान में उड़ती दिखाई दे रही हैं तो हैरान न हो जाएं। वाकई में मछलियां उड़़ती दिखीं और उटाह झील में समा गर्इं। देखते ही देखते ये वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में साफ दिखाई पड़ रहा है कि किस तरह उटाह की एक झील में मछलियों को हवाई जहाज के जरिए छोड़ा गया। इस तरीके से झील में हजारों मछलियों को छोड़ा गया। देखते देखते वो सब झील में समा गर्इं। ये इकलौती झील नहीं है जहां इस तरह से मछलियां छोड़ी गर्इं, और भी कई नदियों में इसी तरीके से मछलियों को पहुंचाया जाता है। इसकी वजह बताई जा रही है ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि झील मछलियों से खाली है। पता चला है कि जिस नदी में मछलियां नहीं होती है, वहां इसी तरह मछलियों को स्टॉक किया जाता रहा है। अगर किसी को ऐसा लगता है कि ऐसा करने से मछलियों को कोई नुकसान हो सकता है तो वे निश्चिंत रहें, क्योंकि फुटेज में ये भी स्पष्ट किया गया है कि ये मछलियां काफी छोटी हैं ऐसे में उनको कोई खतरा नहीं हो सकता है। ये मछली काफी छोटी होती हैं और इनकी लंबाई महज 1.3 इंच होती है। इनमें से ज्यादातर यानि करीब 95 प्रतिशत झरने की तरह गिर सकती हैं। इस तरह से उटाह में करीब 200 नदियों में मछलियों को स्टॉक किया जाता है।  

हाथ मिलाने से इंकार के बाद नौकरी से निकाला तो कर दिया केस

वीडन में रहने वाली एक मुस्लिम महिला एक स्थानीय कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया था। टेलिग्राफ के अनुसार इस महिला का साक्षात्कार ले रहे शख्स ने इंटरव्यू खत्म होने के बाद उनसे हाथ मिलाने की पेशकश की जिससे इस युवती ने इनकार कर दिया। इसके बाद साक्षात्कारकर्ता ने उसे नौकरी के लिए अयोग्य बता कर काम देने से मना कर दिया। इस बात की शिकायत करते हुए युवती ने अदालत में केस दायर किया जहां कंपनी को भेदभाव करने का दोषी घोषित कर दिया गया। इस मामले में अदालत ने कंपनी पर 40 हजार क्रोनर  यानि करीब 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बारे में स्वीडन के स्टॉकहोम में उपासला काउंटी की रहने वाली फराह अलहजहा का कहना है कि बेशक यूरोपीय देश होने के कारण स्वीडन में भी हाथ मिलाने का चलन है, पर वे मुस्लिम संप्रदाय की परंपरा को मानती हैं। इसीलिए वो हाथ मिलाने के खिलाफ है क्योंकि इससे उनकी धार्मिक भावनायें जुड़ी हुई हैं। फराह ने कहा कि उन्होंने हार नहीं मानी और इंटरव्युअर की गलत जिद्द के खिलाफ लड़ाई लड़ी। फराह की बात का सर्मथन स्वीडन की अदालत ने भी किया और कहा कि इस मामले में साक्षात्कारकर्ता ने जानबूझकर गलत हरकत की थी। उनके देश में किसी की धार्मिक स्वतंत्रता को नहीं छीना सकता। यहां लैंगिक और सांप्रादायिक बराबरी को स्वीकार किया जाता है ऐसे में उस व्यक्ति को दोषी कहा जायेगा। दूसरी ओर संबंधित कंपनी का कहना है कि उनके यहां महिला और पुरुष कर्मचारियों से समान बर्ताव किया जाता है। ऐसे में महिला किसी पुरुष कर्मचारी से हाथ मिलाने से इनकार नहीं कर सकती। हांलाकि इस बारे में कोर्ट का तर्क है कि महिलाओं और पुरुषों की बराबरी का अर्थ कंपनी सिर्फ हाथ मिलाने को मान रही है, जबकि युवती ने अपने धर्म के चलते इस बात से इनकार किया था। 

मकर संक्रांति पर खिचड़ी का होता है महत्व जाने क्या है वजह

मकर संक्रांति का त्योहार हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है, जो सूर्य के उत्तरायण होने पर मनाया जाता है। इस दिन सूर्य धनु राशि को छोडक़र मकर राशि में प्रवेश करता है और सूर्य के उत्तरायण की गति प्रारंभ होती है। इस दिन खिचड़ी खाने के अपना एक अगल महत्व है। इसलिए कहीं-कहीं मकर संक्रांति को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। मकर संक्रांति का यह पर्व प्रत्यक्ष रूप से भगवान सूर्य से जुड़ा है।

मकर संक्राति को कई जगहों पर खिचड़ी के नाम से जाना जाता है और खिचड़ी के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति के पर्व को भारत के अन्य हिस्सों में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है।

केरल, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में इसे संक्रांति कहा जाता है। तमिलनाडु में इस पर्व को पोंगल पर्व के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में इस पर्व लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है।

कर संक्रांति का त्योहार हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है, जो सूर्य के उत्तरायण होने पर मनाया जाता है। इस शुभ असवर पर तिल-गुड़ के पकवानों के साथ ही दही चूड़ा और खिचड़ी खाने का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति को दक्षिण भारत में पोंगल के रूप में मनाते हैं। वहां पर खास तरह का प्रसाद या खिचड़ी बनाई जाती है जिसे पोंगल कहा जाता है। यह रवा/सूजी बनता है, लेकिन चावल और कुछ सब्जियों को मिलाकर बनने वाली खिचड़ी का भी अपना एक महत्व है।

वजन कम करने के लिए अच्छे हैं ये 4 नेगेटिव कैलोरी फूड

नई दिल्ली

अगर आप वजन कम करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं और वजन कम करने के लिए डाइट से लेकर एक्सरसाइज तक सब कर रहे हैं तो नेगेटिव कैलोरी फूड के बारे में भी जान लें। खाने की इन चीजों को आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं क्योंकि इनमें लो कैलोरी होती है और खाने के बाद ये कैलोरी को बर्न करते हैं। नेगेटिव कैलोरी फूड में पानी की मात्रा और फाइबर ज्यादा होता है। ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और क्योंकि इनमें फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है। ब्रोकली, तरबूज, खीरा, सेब, टमाटर कुछ ऐसे उदाहरण हैं जिन्हें हम नेगेटिव कैलोरी फूड कह सकते हैं। आइए जानें नेगेटिव कैलोरी फूड के बारे में: 

1.सेब: सेब में बहुत सा फाइबर होता है और यही नहीं ये कैलोरी में भी काफी लो है। 100 ग्राम सेब से हमें 50 कैलोरी मिलती है। इसमें पेक्टीन (pectin) होता है जो वजन कम करने में काफी सहायक है। इसके अलावा यह पाचन शक्ति को भी सही रखता है।

2.ब्रोकली: ब्रोकली भी फाइबर का अच्छा सोर्स है। इसे एक तरह से हम सुपरफूड भी कह सकते हैं क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर दोनों होते हैं। 

3.तरबूज: तरबूज में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है। यही वजह है कि यह आपकी बॉडी को डिटॉक्सी फाई कर देता है। इसके अलावा तरबूज में विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम और लाइकोपिन होता है जो हार्ट के लिए अच्छा है। ये पोषक तत्व ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और इम्युनिटी भी इंप्रूव करता है। 

4.पालक: पालक में विटामिन के और ए होता है। इसके अलावा इसमें दूसरे विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो वजन कम करने में मदद करते हैं। पालक में मौजूद फ्लेवोनोइड्स एंटीआक्सीडेंट का काम करता हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने के अलावा दिल की बीमारियों में भी फायदेमंद होता है। पालक के रस में गाजर का रस मिलाकर पीने से चर्बी कम होती है।

बाहर नहीं, अंदर की तरफ बहता है यह रहस्यमयी वाटर फॉल

दुनिया में कई जगहें ऐसी है, जोकि हमे प्रकृति की असली खूबसूरती का अहसास करवाती है, जिनमें से एक है पुर्तगाल का वाटर होल। इस अद्भुत वाटर होल को देखने के लिए टूरिस्ट लाखों की संख्या में आते हैं। इस अद्भुत वाटर होल की खासियत यह है कि अंदर की तरह बहता है। अभी तक विज्ञान भी इस अंडर वाटर फॉल की रहस्य को जान नहीं पाया है। आइए जानते हैं इस वाटर होल के बारे में कुछ और खास बातें।

 

 

 

पुर्तगाल के इस कोवाओ डॉन कॉन्चोस (Covao do Conchos) के इस होल को अंडरवाटर फॉल भी कहा जाता है। पुर्तगाल का यह ड्रेन होल Guarda शहर के Estrela Natural Park में स्थित है। इस नेचुरल वाटर होल में आप पानी को अंदर की तरफ बहते हुए देख सकते हैं।

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पुर्तगाल की झील के बीच में बना यह नेचुरल ड्रेन होल 1500 मीटर गहरा है। लोग इसे देखने ही नहीं बल्कि इसके आस-पास तैराकी करने का भी मजा लेते हैं। सर्दियों के मौसम में इसके आस-पास का इलाका और भी खूबसूरत लगता है। बर्फ से ढकी इस जगह को देखने के लिए तो पर्यटकों का मेला लग जाता है। इस अंडरवाटर फॉल की खूबसूरती पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है।

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इस फॉल के बाहर ही नही बल्कि अंदर भी छोटे-छोटे पेड़ पौधे लगे हुए है, जो इसकी खूूबसूरती को ओर भी बढ़ा देते हैं। स्प्रिंग सीजन में इसके आस-पास रंग-बिरंगे फूल भी खिलते है। अगर आप भी पुर्तगाल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इस होल को देखना न भूलें।

बिना खंभों के खड़ा है दुनिया का यह सबसे बड़ा गोल्डन मंदिर

भारत में घूमने के एक से बढ़कर एक खूबसूरत मंदिर हैं। कुछ मंदिर सोने तो कुछ संगमरमर के बने होने के कारण मशहूर हैं। आज हम आपको भारत के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। यह प्राचीन ग्लोबल विपस्सना मंदिर भारत के महाराष्ट्र राज्य में स्थित है। सोने के बना होने के कारण यह पर्यटकों के आकर्षण का बनता जा रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में कुछ और बातें।

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इस प्राचीन मंदिर को गोराई क्रीक और अरब सागर के बीच एक प्रायद्वीप पर बनाया गया है। ग्लोबल विपस्सना पगोडा को महाराष्ट्र के आकर्षण का केंन्द्र माना जाता है। इस मंदिर को बनाने के लिए बड़े पत्थरों और सोने का इस्तेमाल किया गया है। इसके बड़े-बड़े स्तंभों को देखकर हर कोई हैरान हो जाता है।

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अपनी अनोखी बनावट के कारण इस मंदिर को विश्व रिकॉर्ड में जगह दी गई है। इस मंदिर में बनी गैलरी में आप बुद्ध के समय की और कई पेंटिंग देख सकते हैं। इस मंदिर की नक्काशी देखकर आपको चीन की कलाकारी की याद आ जाएगी। इस मंदिर में बने हॉल में करीब 8000 लोग एक साथ आराम से बैठ सकते हैं।

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इस मंदिर में बने हॉल की खासियत यह भी है कि इसे बिना पिलर के बनाया गया है, जोकि 61300 वर्गफुट तक फैला है। इसकी गुंबद छत 86 फुट ऊंची है और यहीं पर बुद्ध के अवशेष रखे हुए हैं। इसके अलावा आप यहां बुद्ध की लंबी प्रतिमा को देख सकते हैं, जिसे खासकर संगमरमर पत्थर से बनाया गया है।

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इस मंदिर का बेल टावर और टॉवर बर्मी में वास्तुकला का अद्भुत नमूना देख सकते हैं। इस मंदिर के शिखर को बड़ी क्रिस्टल के साथ सजाया गया है। इस मंदिर के शिखर पर ही असली सोने का काम किया गया है। बाकी जगहों पर सिर्फ सोने का पानी चढ़ाया गया है। इस मंदिर के म्यांमार गेट पर भी आप नक्काशी देख सकते हैं।

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जयपुर का यह शानदार किला बन रहा है टूरिस्ट की पहली पसंद

भारत का इतिहास यूं ही खास नहीं माना जाता है। भारत में कई ऐतिहासिक किले और महल है, जो इस देश की शान कहलाते हैं। आज हम आपको भारत के एक ऐसे ही महल के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि ताजमहल के बाद पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अगर आप भी इस बार अपनी फैमिली या फ्रैंड्स के साथ ऐतिहासिक जगह घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इस शाही महल को देखने के लिए जा सकते हैं।

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित आमेर पैलेस को देखने के लिए टूरिस्ट दूर-दूर से आते हैं। ताजमहल के बाद जयपुर का आमेर महल पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। केंद्र सरकार भी इसको आइकोनिक टूरिज्म के रूप में विकसित करने जा रही है। आमेर महल के आसपास पर्यटक सुविधा पार्किंग, होटल को विकसित किया जाएगा।

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आमेर पैलेस को देखने के लिए हर साल कम से कम 46 लाख टूरिस्ट आते हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए सरकार भी यहां पर्यटकों के लिए ई-रिक्शा शुरू करने जा रही है। इस किले का निर्माण राजा मानसिंह ने 16 वीं शताब्दी में किया था, जिसे अब विश्व धरोहर घोषित कर दियाा गया है।

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इस पैलेस को बनाने के लिए सफेद और लाल सैंड स्टोन का इस्तेमाल किया गया है। इस महल में आप हिंदू और मुगल आर्किटेक्चर का बेजोड़ नमूना देख सकते हैं। इस महल के अंदर ही बहुत से महल बनाए गए है। आमेर फोर्ट में बना शीश महल बहुत ही खूबसूरत है। यह शीश महल माचिस की एक तिल्ली से रोशन हो जाता था।

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आमेर किले की परछाई यहां के मौटा झरने पर पड़ती हैं, जोकि इसकी खूबसूरती को ओर भी बढ़ा देता है। आमेर किले के नीचे जाने के लिए आपको हाथी पर बैठकर जाना पड़ता है। दूसरे किले में जाने के लिए आप इस किले के नीचे बने गुप्त मार्ग से होकर जा सकते हैं।

आप 6 महीने तक मुफ्त में रह सकते है यहां, सिर्फ माननी होगी 1 शर्त!

घूमने-फिरने का शौक तो सभी रखते हैं लेकिन महंगाई के इस दौर में बिना पैसों के घूमना इतना आसान भी नहीं होता। किसी खूबसूरत जगह पर जाकर वहां का नजारा लेने के लिए जेब खूब सारा पैसा होना बहुत जरूरी है, तभी घूमने का मजा भी आता है। बहुत से लोग तो पैसों की कमी के कारण ही अपनी इस इच्छा को इच्छा बनी रहने देते है। अगर आप भी ऐसा करते है तो आज हम आपको एक ऐसे आइलैंड के बारे मे बताएंगे, जहां आपको मुफ्त में लंबे समय तक रहने का मौका मिलेगा। 

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जी हां, ऑस्ट्रेलिया के Tasmania Island के बारे में आपने कई मैगजीन और फिल्मों में सुना होगा। अगर आप यहां घूमने का सपना रखते है तो पैसो की चिंता भूल जाए क्योंकि आपको कुछ शर्तें मानने पर इस द्वीप पर 6 महीने तक चार बेडरूम के घर में रहने का सुनहरा ऑफर मिलेगा। आप अपने एक पार्टनर बैस्टफ्रैंड या गर्लफ्रैंड के साथ यहां लगभग 6 महीने तक रह सकते है और इस खूबसूरत द्वीप का नजारा ले सकते है। 

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लेकिन इस बेहतरीन मौके का फायदा उठाने के लिए आपको इस आइलैंड की 6 महीने तक देख-रेख करनी होगी। इतना ही नहीं, छह महीने तक बिना टीवी, इंटरनेट और फोन के रहना होगा।

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खाने का इंतजाम भी खूद ही करना पड़ेगा। शर्त है कि आप इस आइलैंड द्वारा तैय की गई समय अवधि के बीच में बिना किसी Emergency के घर या किसी अन्य जगह पर नहीं जा सकते। बताया जाता है कि प्रति व्यक्ति का सामान 325kg से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। 

ह है जमीन के नीचे बना दुनिया का सबसे बड़ा Musical Instrument

यह है जमीन के नीचे बना दुनिया का सबसे बड़ा Musical Instrument

आपने दुनिया की कई अंडरग्राउंड जगहों, गुफाओं और होटलों को बारे में सुना और देखा भी होगा। अंडरग्राउंड जगहों पर घूमने का अपना अलग ही मजा होता है। अगर आपको किसी खुफिया अंडरवाटर टनल में म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट देखने को मिला जाए तो क्या आप अपनी आंखों पर यकीन कर पाएंगे? 

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जी हां, यह बिल्कुल सच है कि वर्जीनिया के अमेरिकी राज्य की गुफा में आपको म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट 'The Great Stalacpipe Organ' का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। यह जगह यूएस की गुफाओं में बहुत नीचे मिली , जो कुछ भी यहां मिला शायद वो सब आखिरी हो। 3.5 एकड़ में फैली इस जगह को दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट कहा जाता है। 

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बताया जाता है कि इस गुफा को 1878 में ढूंढा गया था, जिसके बाद इसे 1880 में म्यूजिकल डेट्स के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। स्मिथसोनियन शोधकर्ताओं के मेंबर एंड्रयू कैंपबेल ने इस गुफा की खोज की थी। रिपोर्ट के अनुसार एंड्रयू ने इस गुफा के अंदर जमे पानी के साथ धुन बजाकर सभी को हैरान कर डाला था। 

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इस जगह को डिजाइन करने के श्रेय Leland W. Sprinkle को दिया जाता है। कहा जाता है कि लेलैंड को पूरे तीन साल लगे इस जगह को ठीक से ढूंढकर काटने और इसके जरूरी नोट्स बनाने में। 

लड़कियों को शादी से पहले जरूर करने चाहिए ये 5 Road Trip

लड़कियों को शादी से पहले जरूर करने चाहिए ये 5 Road Trip

शादी से पहले लड़के अपने दोस्तों के साथ घूमने या रोड ट्रिप का प्लान जरूर बनाते है। मगर लड़कियां अपनी फ्रेंड्स के साथ लोकल जगहों पर ही घूमती है लेकिन आज हम आपको ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप रोड ट्रिप के लिए भी जा सकती हैं। लड़कियां जब बाहर घूमने का प्लान बनाती हैं तो उन्हें इसी बात का डर होता है कि वह सुरक्षित है भी या नहीं। ऐसे में आज हम आपको भारत की ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप आराम से अपनी फ्रेंड्स के साथ घूमने के लिए जा सकती हैं। अगर आपकी भी शादी होने वाली है तो आप उससे पहले इन जगहों पर रोड ट्रिप का मजा लेना न भूलें।
 

1. दिल्ली से ऋषिकेश
घुमावदार वादियों और पहाड़ों का मजा लेने के लिए दिल्ली से ऋषिकेश का रोड ट्रिप भी काफी खूबसूरत है। अपनी रोड ट्रिप के बाद आप ऋषिकेश में राफटिंग, कैंपिंग, म्यूजिक और एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा ले सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर बंजिंग जम्पिंग भी कर सकती हैं।

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2. मनाली से लेह लद्दाख
बर्फीली सफेद पहाड़ों के बीच से होते हुए रोड ट्रिप पर जाने का मजा ही कुछ ओर है। चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़ देखकर आपका मन भी खुश हो जाएगा और आपको गर्मी का अहसास भी नहीं होगा।

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3. मुंबई से गोवा
मुंबई से गोवा के रास्ते में आप आराम से बाइक या कार चला कर जा सकती हैं। गोवा पहुंचने के बाद आप खुले समुद्र, बीच और खूबसूरत चर्च देख सकती हैं। मुंबई से गोवा का रोड ट्रिप आपके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देगा।

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4. चंडीगढ़ से कसौली
सुरक्षित रोड ट्रिप के लिए चंडीगढ़ से कसौली का सफर भी तय कर सकती हैं। पहाड़ों के बीच में से होता हुआ ये सफर आपको बहुत पसंद आएगा। सर्दी हो या गर्मी, आप किसी भी मौसम में इस रोड ट्रिप का मजा ले सकती हैं।

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5. बागडोगरा से गंगटोक
बागडोगरा से गंगटोक की घुमावदार सड़को पर भी अपने एडवेंचर रोड ट्रिप का मजा ले सकते हैं। इसे सड़के आपको सिक्किम की याद दिला देंगी। गंगटोक पहुंचने के बाद पहाड़ों और खूबसूरत झीलों का मजा ले सकते हैं।

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6. दिल्ली से नेपाल
गर्मियों में ठंडे-ठंडे मौसम का मजा लेने के लिए आप दिल्ली से नेपाल का रोड ट्रिप प्लान करें। यहां की खूबसूरत वादियों को देखकर आप अपनी सारी टेंशन भूल जाएगी।

क्या आपने देखी सैनफ्रांसिस्को की लोम्बार्ड स्ट्रीट? देखिए खूबसूरत नजारा

दुनिया में मौजूद हर जगह अपनी-अपनी खूबियों के लिए मशहूर हैं, कोई अपनी खूबसूरत बनावट तो कोई डिफरैंट अंदाज से बनी सड़कों की वजह से टूरिस्टों का बैस्ट स्पॉट रही हैं। अगर किसी शहर की सड़क खूबसूरत और फूलों से सजी हो तो उस जगह में ट्रैवल करने अपना अलग ही मजा है। तो चलिए देर किस बात की, आज हम आपको विदेश की एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताएंगे, जहां की सड़के आपका दिल मौह लेगी। 

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कैलिफ़ोर्निया सैन फ्रांसिस्को शहर चौथी सबसे अधिक आबादी वाला शहर है, जिसे  संयुक्त राज्य अमेरिका में 12 वीं सबसे अधिक आबादी वाला शहर भी कहा जाता है। अगर यहां की लोम्बार्ड स्ट्रीट की करें तो यह घुमावदार सड़क आपकी ट्रिप को यादगार बना देगी। बताया जाता है कि इस सड़क को लगभग 1922 में डिजाइन किया गया था, अमेरिका के विक्टोरियन स्टाइल में बनी इस सड़क में 8 मोड़ हैं, जिसकी अधिकतम गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा है।लोम्बार्ड स्ट्रीट को सीमेंट-कांक्रीट से नहीं बल्कि लाल रंग की इन्टरलाकिंग ईटों से बनाया गया है। सैन फ्रांसिस्को शहर और उसकी इस सड़क को दुनिया की सबसे अमीर लोगों की बस्तियों वाले क्षेत्र माना जाता है। कार से ड्राइव करते समय जब एक के बाद एक घुमाव आते है तो सांस ऊपर की ऊपर रह जाती है। यहीं वजह है कि यहां आने वाले टूरिस्टों के लिए यह जगह हमेशा से आकर्षण का केंन्द्र रही है। वहीं फूलों के सीजन मे इस सड़क की खूबसूरती देखते ही बनती है।