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कुंभ से यूपी को मिलेगा 1.2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व, 6 लाख रोजगार : सीआईआई

प्रयागराज। 15 जनवरी को शुरू हुए और 4 मार्च तक चलने वाले कुंभ मेले पर भारी खर्च को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस बीच इंडस्ट्री बॉडी कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने कहा है कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न होगा। सीआईआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुंभ एक आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजन है, लेकिन इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से 6 लाख लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिनों के कुंभ मेले के लिए 4,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जोकि 2013 महाकुंभ मेले की तुलना में तीन गुना अधिक है। यह अब तक का सबसे महंगा कुंभ है। 
किस सेक्टर में कितनी नौकरियां : सीआईआई की स्टडी के मुताबिक, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा तो एयरलाइन्स और एयरपोर्ट्स पर करीब 1.5 लाख लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा टूर ऑपरेटर्स 45 हजार लोगों को काम पर रखेंगे। इको टूरिजम और मेडिकल टूरिजम में 85 हजार को रोजगार मिलेगा। टूर गाइड्स, टैक्सी ड्राइवर्स, उद्यमी सहित असंगठित क्षेत्र में 50 हजार नई नौकरियां उत्पन्न होंगी। इससे सरकारी एजेंसियों और व्यापारियों की कमाई बढ़ेगी। 
दुनियाभर से आ रहे पर्यटक : बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक ऑस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा, मलेशिया, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जिम्बावे और श्रीलंका जैसे देशों से आ रहे हैं। कुंभ एक वैश्विक मेला है। 
मेले से उत्तर प्रदेश को 1.2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि संभव है, क्योंकि बड़ी संख्या में देश और विदेश से आने वाले पर्यटक इन राज्यों में भी घूमने जा सकते हैं। राज्य के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद में कुंभ के लिए 4,200 करोड़ रुपये की राशि दी है और यह अब तक का सबसे महंगा तीर्थ आयोजन बन गया है। पिछली सरकार ने 2013 में महाकुंभ मेले पर करीब 1,300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की थी। कुंभ मेले का परिसर भी इस बार पिछली बार के मुकाबले करीब दोगुने वृद्धि के साथ 3,200 हेक्टेयर है। 2013 में इसका फैलाव 1,600 हेक्टेयर तक था। 

अनिल अंबानी के बेटे अंशुल अंबानी रिलायंस समूह से जुड़े

मुंबईजोमैटो । रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी के छोटे पुत्र 23 वर्षीय अंशुल अंबानी ने बतौर प्रबंधन प्रशिक्षु रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को जॉइन किया है। कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वह पिछले सप्ताह रिलायंस समूह में शामिल हुए। रिलायंस समूह ने कहा कि अंशुल ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से प्रबंधन में डिग्री पूरी करने के बाद बतौर प्रबंधन प्रशिक्षु रलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को जॉइन किया है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर इस समूह की इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट व कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) शाखा है। इसके पास कंपनी का बिजली उत्पादन और वितरण कारोबार, मुंबई मेट्रो, रक्षा कारोबार और कई विविध सड़क व हवाईअड्डा परियोजनाएं भी हैं। अंशुल उसी तरह अंबानी परिवार द्वारा संचालित समूह में शामिल हुए हैं, जिस प्रकार उनके अग्रज अनमोल हुए थे। अनमोल ने 2014 में बतौर प्रशिक्षु रिलायंस मुचुअल फंड जॉइन किया था और बाद में वह 2016 में रिलायंस कैपिटल के बोर्ड में शामिल हुए। 

जोमैटो से ऑर्डर किए खाने में मिला प्लास्टिक, कंपनी ने मांगी माफी

नई दिल्ली । फूड सप्लाई एप जोमैटो एक बार फिर विवादों में है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद के एक शख्स ने जोमैटो पर खराब कवालिटी का खाना डिलिवर करने का आरोप लगाया है। औरंगाबाद के रहने वाले सचिन जामधरे का कहना है कि उके द्वारा ऑडर किए पनीर में प्लास्टि मिला है।उनका कहना है कि मैंने जोमैटो से पनीर चिली और पनीर मसाला ऑर्डर किया था जब हम सब खाने के लिए बैठे को बेटी ने कहा कि पनीर बहुत हार्ड है। चबाने के दौरान बेटी के दांत में दर्द हो रहा था, जब मैंने इसे खाया तो मुझे इसमें फाइबर मिला। इस बात की शिकायत जब उन्होंने रेस्टोरेंट में की तो उन्होंने शिकायत सुनने से इनकार कर दिया। बाद में रेस्टोरेंट के मालिक ने कहा कि जोमैटो डिलीवरी बॉय ने खाने को बदला होगा। जिसके बाद सचिन जामधरे ने पुलिस के पास गए और शिकायत दर्ज कराई। खाने को जांच के लिए भेजा गया है। यह घटना सामने आने के बाद जोमैटो ने आधिकारिक बयान जारी करके माफी मांगी है।
 

रेलयात्रियों के लिए एक अच्छी खबर, जाने क्या है वो

नई दिल्ली। रेलयात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है कि अब उन्हें ट्रेन की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। दरअसल, रेलवे ने अपने इंजन को इसरो के उपग्रह से जोड़ दिया है, जिससे उपग्रहों से मिली जानकारी से ट्रेन के बारे में पता लगाना, उसके आगमन और प्रस्थान स्वत: दर्ज होना आसान हो गया है। 

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, ‘‘नए साल में एक नई शुरुआत की गई है। टे्रन के आवागमन की सूचना प्राप्त करने और कंट्रोल चार्ट में दर्ज करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उपग्रह आधारित रियल टाइम टे्रन इन्फोरमेशन सिस्टम (आरटीआईएस) से स्वत: उपयोग किया जाने लगा है।’’

अधिकारी ने बताया कि यह प्रणाली आठ जनवरी को श्रीमाता वैष्णो देवी-कटरा बांद्रा टर्मिनस, नई दिल्ली-पटना, नई दिल्ली-अमृतसर और दिल्ली-जम्मू रूट पर कुछ मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अमल में लाई गई। 

उन्होंने कहा कि नई प्रणाली से रेलवे को अपने नेटवर्क में टे्रनों के संचालन के लिए अपने कंट्रोल रूप, रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। 

अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कदम का मकसद टे्रनों के परिचालन की सही सूचना में आगे सुधार लाना है।’’

उन्होंने बताया कि इंजन में आरटीआईएस युक्ति (डिवाइस) से इसरो द्वारा विकसित गगन जियो पोजीशनिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके टे्रनों की चाल और पोजीशन के बारे में पता लगाया जाता है। 
उन्होंने कहा, ‘‘सूचना और तर्क के अनुप्रयोग के आधार पर युक्ति टे्रन के आवागमन (आगमन/प्रस्थान/तय की गई दूरी/ अनिर्धारित ठहराव और सेक्शन के बीच की जानकारी) की ताजा जानकारी इसरो के एस-बैंड मोबाइल सैटेलाइट सर्विस (एमएसएस) का उपयोग करके सीआरआईएस डाटा सेंटर में सेंट्रल लोकेशन सर्वर को भेजती है।’’

सीएलएस में प्रोसेसिंग के बाद इस सूचना को कंट्रोल ऑफिस एप्लीकेशन (सीओए) सिस्टम को भेजा जाता है, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के कंट्रोल चार्ट स्वत: अपडेट होता है।

अधिकारी ने बताया कि पहले ट्रेन के परिचालन की स्थिति की जानकारी मैनुअली अपडेट की जाती थी।

देश में 2040 तक 1.1 अरब हवाई यात्री होने की उम्मीद: मंत्रालय दस्तावेज

मुंबई । देश में 2040 तक हवाई यात्रियों की संख्या करीब छह गुना बढ़कर 1.1 अरब होने की उम्मीद है। वहीं, परिचालन वाले हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर करीब 200 हो सकती है। नागर विमानन मंत्रालय की ओर मंगलवार को जारी दस्तावेज से इसकी जानकारी हुई। 
भारत में नागर विमानन उद्योग के लिए विजन 2040 दस्तावेज के मुताबिक, आने वाले समय में देश के पास अपना किराये पर विमान लेने का उद्योग होगा, जिसमें कर संरचना और पट्टे पर देने की प्रक्रिया वैश्विक स्तर के बराबर होगी या फिर उससे भी आकर्षक होगी। दस्तावेज में बताया गया कि 2040 में हवाई यात्रियों की संख्या छह गुना बढ़कर करीब 1.1 अरब होने का अनुमान है। वहीं 2040 में ऐसे करीब 190-200 हवाई अड्डे हो सकते हैं, जिनमें परिचालन हो रहा होगा। देश के शीर्ष 31 शहरों में दो हवाई अड्डे और दिल्ली तथा मुंबई में तीन-तीन हवाई अड्डे हो सकते हैं। भारत की विमान ऑर्डर बुक सबसे बड़ी है। वर्तमान में 1,000 से ज्यादा विमानों की डिलिवरी लंबित है। बेड़ों में शामिल वाणिज्यिक विमानों की संख्या 2018 में 622 से बढ़कर 2040 में 2,359 हो सकती है। बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 में भारत में हवाई यात्रियों की संख्या 18.7 करोड़ थी।
 

Flipkart दे रहा है 20 जनवरी से स्पेशल ऑफर , इन पर छूट

नई दिल्ली: वॉलमार्ट ने अपकमिंग सेल यानी की रिपब्लिक डे सेल का एलान कर दिया है. तीन दिनों के सेल की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है जो 22 जनवरी तक चलेगी. प्लिपकार्ट प्लस मेंबर्स के लिए ये सेल एक दिन पहले यानी की 19 जनवरी की रात 8 बजे से ही शुरू हो जाएगी.

फ्लिपकार्ट ने एलान किया है कि वो इस दौरान मोबाइल, टीवी पर 75 प्रतिशत की छूट, इलेक्ट्रॉनिक पर 80 प्रतिशत की छूट और एक्सेसरीज पर 40 से 80 प्रतिशत की छूट देगा. ई कॉमर्स जाएंट ने इस सेल के लिए SBI संग साझेदारी की है जहां यूजर्स को 10 प्रतिशत का इंस्टैंट डिस्काउंट दिया जाएगा. सेल के दौरान यूजर्स नो कॉस्ट ईएमआई का भी ऑप्शन चुन सकते हैं जो बजाज के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर उपलब्ध होगा.

स्पेशल ऑफर्स

फ्लिपकार्ट इस दौरान ब्लॉकबस्टर डील्स भी लेकर आएगा जहां हर 8 घंटे में आपके पास मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, टीवी, फैशन प्रोडक्ट् और दूसरी चीजों पर डिस्कांट दिया जाएगा. रश ऑर्स की अगर बात करें इसकी शुरूआ 20 जनवरी को सुबह 2 बजे से हो जाएगी तो वहीं एक्सट्रा स्पेशल 26 पूरे दिन 2 से 6 बजे तक चलेगा.

मोदी सरकार की बैठक शुरू, छोटे व्यापारियों को मिल सकता है तोहफा

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू हो गई है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में केंद्र सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की मदद के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकती है. बैठक में मोदी सरकार चुनावों से पहले छोटे और मझोले उद्यमियों को बड़ा तोहफा दे सकती है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल भारतीय निर्यात आयात बैंक (एक्जिम बैंक) में पूंजी डालने पर विचार कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में एक्जिम बैंक को अतिरिक्त पूंजी देने समेत कई मुद्दों पर विचार किया जा सकता है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगले दो सालों में सरकार एक्जिम बैंक को अतिरिक्त 6 हजार करोड़ रुपये दे सकती है. सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में भी 500 करोड़ रुपये की पूंजी एक्जिम बैंक में डाली थी. 

इसके अलावा इस बैठक में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के नुमालीगढ़ रिफानरी के विस्तार पर भी फैसला हो सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार इस रिफायनरी की क्षमता 6 से 8 मिलियन टन तक बढ़ा सकती है. इसके साथ ही आज होने वाली बैठक में उत्तर पूर्व में बॉटलिंग प्लांट लगाने को लेकर भी फैसला हो सकता है.

मोदी सरकार ने दी निर्यातकों को राहत, 600 करोड़ रुपये ब्याज सब्सिडी को मंजूरी
इससे पहले 2 जनवरी को हुई आर्थिक मामलों पर कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने निर्यातकों को राहत दी थी. मोदी कैबिनेट ने तीन फीसदी ब्याज सब्सिडी के प्रावधान को मंजूरी दे दी थी. आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) द्वारा लिए गए इस फैसले के बारे में बताता हुए कानून और आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि निर्यातकों को माल भेजने से पहले और माल भेजने के बाद बैंक कर्ज पर तीन फीसदी की ब्याज सब्सिडी मिलेगी, जिससे उनकी तरलता बढ़ेगी और वैश्विक बाजारों में वे अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे. उन्होंने कहा था, "इस प्रस्ताव से निर्यातकों को ब्याज सब्सिडी पर लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ होगा."
 

इतने हजार देकर बुक कराएं नई WagonR,

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) की पसंदीदा हैचबैक कार वैगनआर (WagonR) का नया वेरिएंट 23 जनवरी को लॉन्च होने जा रहा है. इसके लिए कंपनी ने सोमवार से बुकिंग शुरू कर दी है. अगर आप भी नई वैगनआर खरीदना चाहते हैं तो मारुति के नजदीकी डीलरशिप पर यहां जाकर 11 हजार रुपये में बुकिंग करा सकते हैं. कंपनी की तरफ से इस बारे में जानकारी दी गई है. इसके अलावा ग्राहक कंपनी की वेबसाइट के माध्मय से ऑनलाइन बुकिंग भी करा सकते हैं.

नई वैगनआर का कंपनी को इंतजार
मारुति की तरफ से नई वैगनआर को 23 जनवरी को लॉन्च किया जाएगा. इसको लेकर ग्राहकों को काफी इंतजार है. बिग न्यू वैगनआर (Big New WagonR) में 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ ही 1 लीटर वाला पेट्रोल इंजन भी होगा. कंपनी की तरफ से जानकारी दी गई कि नई वैगनआर ऑटोमेटिक गियर शिफ्ट वेरिएंट के साथ भी आएगी. कंपनी ने बताया कि नई कार को हर्टेक्ट प्लेटफॉर्म (HEARTECT platform) पर तैयार किया है. इससे कार पहले से ज्यादा स्टेबल, मजबूत और सुरक्षित हो जाएगी.

कार के सेफ्टी फीचर में पहले से सुधार
कार में यूज की गई उच्च गुणवत्ता वाली स्टील से सेफ्टी फीचर में काफी सुधार हुआ है. इसके अलावा सेफ्टी फीचर्स के तहत कार में ड्राइवर एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) के साथ एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) दिया गया है. कार में फ्रंट सीट बेल्ट रिमांइडर, स्पीड अलर्ट सिस्टम और रियर पार्किंग सेंसर भी दिया गया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि मारुति नई वैगनआर में CNG मॉडल नहीं उतारेगी.

ऐसा है नई वैगनआर का लुक
कंपनी की ओर से कार के लुक के बारे में कोई आधिकारिक सूचना तो नहीं आई है. लेकिन कहा जा रहा है कि फ्रंट हेडलैम्‍प का डिजाइन बदला हुआ है. इंटीरियर डिजाइन मौजूदा मॉडल से एकदम अलग है. यह बीज एंड ब्राउन थीम कलर थीम में दिया गया है. सेंटर कंसोल में टचस्‍क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्‍टम है. नया थ्री स्‍पोक मल्‍टीफंक्‍शन स्‍टीयरिंग व्‍हील है और इस पर एल्‍यूमीनियम फिनिश दिया गया है.

किससे होगा मुकाबला
माना जा रहा है कि इस कार के आने के बाद इस सेगमेंट की कार के बीच मुकाबला तेज होने वाला है. खासकर हाल में लॉन्च हुई ह्युंडई की नई SANTRO से जबरदस्त मुकाबला हो सकता है. ह्युंडई की नई सैंट्रो कार को नए रूप में पेश किया गया है. कंपनी ने इसे अपने एक अन्य कार आई10 मॉडल को बंद कर एक नए और भारी-भरकम प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है.

महंगाई में आई गिरावट

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। खाने-पीने के सामान की कीमतों में आई गिरावट और ईंधन के दाम में हुई मामूली बढ़ोतरी की वजह से दिसंबर महीने खुदरा महंगाई में जबरदस्त गिरावट आई। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2018 में खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) कम होकर 2.19 फीसद हो गई, जो 18 महीनों का न्यूनतम स्तर है। पिछले एक महीनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 30 फीसद से अधिक की गिरावट आई है।

रॉयटर्स के पोल्स में विश्लेषकों ने दिसंबर महीने के लिए 2.20 फीसद महंगाई दर का अनुमान लगाया था। नवंबर में खुदरा महंगाई 2.33 फीसद रही है।

दिसंबर में थोक महंगाई भी कम होकर 8 महीनों के निचले स्तर पर जा चुकी है।
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दिसंबर में 3.80 फीसद रही। नवंबर में थोक महंगाई 4.64 फीसद थी, जबकि दिसंबर 2017 में यह 3.58 फीसद रही थी।

महंगाई में लगातार आई कमी के बाद अगले महीने होने वाली मौद्रिक समीक्षा बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरों में कटौती को लेकर विचार कर सकता है। देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई सुस्ती की वजह से आर्थिक गतिविधियों को गहरा धक्का लगा है।
गौरतलब है कि कोर सेक्टर में आई सु्स्ती से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक विकास की दर को झटका लगा है। मैन्युफैक्यरिंग सेक्टर विशेषकर कंज्यूमर और कैपिटल गुड्स सेक्टर के ग्रोथ में आई सुस्ती की वजह से औद्योगिक उत्पादन में जबरदस्त गिरावट आई है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) कम होकर 0.5 फीसद हो गया, जो 17 महीनों का निचला स्तर है। पिछले साल के दौरान इसी महीने नें आईआईपी 8.5 फीसद रहा था।
औद्योगिक गतिविधियों में आई सुस्ती के बाद एसबीआई कैपिटल की रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के लिए आरबीआई के जीडीपी अनुमान को कम करने की सलाह दी गई है। एसबीआई कैप सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई को चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी अनुमान को घटाकर 7 फीसद करना चाहिए। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए 7.4 फीसद जीडीपी का अनुमान लगा रखा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 'हम उम्मीद करते हैं कि मौद्रिक समिति में शामिल सदस्य वास्तविक स्थिति को समझेंगे और घरेलू आर्थिक गतिविधियों में आई सुस्ती की स्थिति को स्वीकार करेंगे।' अर्थशास्त्री अर्जुन नागराजन और अमोल बोर ने लिखा है, 'औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ें सदस्यों को जीडीपी के पूर्वानुमान के आंकड़ों पर फिर से विचार करने के लिए बाध्य करेगा।' कमजोर वृद्धि दर और आरबीआई के लक्ष्य से महंगाई दर के दो फीसद नीचे रहने के बाद इस साल ब्याज दरों में कटौती की मांग उठ सकती है।

Amazon इंडिया ने दी इतनी नौकरी के ऑफर

जो लोग भारत में नौकरी की तलाश में हैं उनके लिए एक खुशखबरी है. अमेजन के पास भारत में करीब 1,300 नौकरियां हैं. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, ये आंकड़ा एशिया पैसेफिक में सबसे ज्यादा है. नौकिरयों का ये आंकड़ा चीन में मौजूद नौकिरयों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है. यूएसए में अमेजन के हेडक्वार्टर के अलावा केवल जर्मनी में भारत के बराबर नौकरियां हैं.

टेक्नोलॉजी सेक्टर को छोड़कर ये नौकरियां काफी इंडस्ट्रीज के लिए हैं. भारत के लिए कंपनी के पास 1,286 जॉब ओपनिंग हैं, वहीं चीन में 467 ओपनिंग, जापान में 381 ओपनिंग, ऑस्ट्रेलिया में 250 ओपनिंग और सिंगापुर में ओपनिंग का आंकड़ा 174 है. अमेजन अपने ई-कॉमर्स और क्लाउड बिजनेस (AWS) वेंचर्स को विस्तार देने की तैयार कर रहा है.

पेमेंट, कंटेंट (प्राइम वीडियो), वॉयस असिस्टेंट (अलेक्सा), फूड रिटेल और कंज्यूमर सपोर्ट कुछ ऐसे क्षेत्र है जहां कंपनी विस्तार करना चाहती है. 2018 के अंत तक कंपनी ने 60,000 कर्मचारियों की भर्ती की थी. जो 6.1 लाख कर्मचारियों की ग्लोबल स्ट्रेंथ का 10% है. ज्यादातर नई नौकरियां चेन्नई, बेंगलुरू और हैदराबाद के लिए हैं.

कंपनी के मुताबिक, ये नौकरियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग, मशीन लर्निंग, क्वालिटी चेक, वेब डेवलपमेंट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, सप्लाई चेन, कंटेंट डेवलपमेंट, ऑपरेशन्स, स्टूडियो एंड फोटोग्राफी और ऐसे ही कई एरिया के लिए हैं.

पिछले साल कंपनी को अमेजन अलेक्सा पर ऑल इंडिया रेडियो (AIR) का विविध भारती और 14 दूसरे क्षेत्रीय भाषाओं के रेडियो चैनल्स मिले थे. भारत की तैयारी भारत में फूड-रिटेलिंग प्रोडक्ट्स पर 500 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट करने की भी है. यानी कंपनी भारत के लिए बड़ी तैयारियों में है.

इसके अलावा आपको बता दें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ग्रेट इंडिया सेल का आयोजन होने जा रहा है. इस सेल का आयोजन 20 जनवरी से लेकर 23 जनवरी तक के लिए किया जाएगा. अमेजन प्राइम मेंबर्स को 19 जनवरी दोपहर 12 बजे स्पेशल डील्स का ऐक्सेस मिलेगा.
सेल के दौरान कंपनी की ओर लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट देने के अलावा HDFC बैंक कार्ड्स पर 10 प्रतिशत इंस्टैंट डिस्काउंट भी दिया जाएगा. साथ ही चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर भी दिया जाएगा

क्या आप जानते है यह बैंक बिना KYC के देता है लोन

केतन जोशी/ नई दिल्ली : अगर कोई आपसे कहे कि बैंक बिना केवाईसी (KYC) किए लोन दे रहा है तो यह बात सुनकर आपको पहली बार तो यकीन नहीं होगा. लेकिन एक बैंक ऐसा ही है जो बिना केवाईसी के ही ग्राहकों को लोन देता है. वह भी एक- दो को नहीं बल्कि अब तक हजारों ग्राहकों को इस तरह से लोन दिया जा चुका है. इससे भी आश्चर्य वाली बात यह है कि बिना केवाईसी के बैंक की तरफ से लोन दिए जाने के बावजूद भी बैंक का एनपीए शून्य है. यह बैंक है अहमदाबाद का कोऑपरेटिव बैंक, यहां पर बिना केवाईसी के लोन मिलता है.

1970 में हुई बैंक की स्थापना
अहमदाबाद का कालूपुर कमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक 1970 में कालूपुर नाम के एरिया में शुरू हुआ था, इसलिए बैंक का नाम भी उस एरिया के नाम से रखा गया है. आपको जानकर हैरानी होगी कि बैंक का एनपीए जीरो है फिर भी बैंक कुछ लोन इस तरह से देते हैं कि जिनका कोई केवाईसी होता ही नहीं है. बैंक की तरफ से यह लोन दिया जाता है बंजारों को, जो आज यहां तो कल वहां. मतलब घूमने फिरने वाली जाति जो ट्राईबल लोग होते हैं उनको बहुत ही बड़े पैमाने पर लोन दिया जाता है.
बिना केवाईसी 1800 लोगों को मिला लोन
कुल ऐसे 1800 लोगों को लोन दिया जिनमें से ज्यादातर लोगों का केवाईसी था ही नहीं फिर कुछ एनजीओ के मध्यस्थता के कारण बैंक उनको लोन देने के लिए आगे आए. हालांकि बैंक का उद्देश्य यही है कि जो पिछड़े लोगो को भी बैंकिंग सिस्टम का लाभ मिले. आपको जानकर आश्चर्य होगा की अब तक 1800 लोगो को कुल 7 करोड़ से अधिक का लोन दिया है और लोग पैसे भी लौटा रहे है. पिछले 10 साल में KYC के बगैर के लोन में सिर्फ डेढ़ लाख रुपये ही वापस नहीं आए.
लोन की अधिकतम राशि 50 हजार रुपये
लोन की अधिकतम राशि 50 हजार रुपये होती है. हालांकि यहां पर ऐसे लोगों को लोन मिलता है जिनका न तो घर होता है और न ठिकाना. जबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का पहला नियम है कि बिना घर एड्रेस की जांच किए लोन नहीं दिया जा सकता, लेकिन यह बैंक अपने आप में विशेष है. इस बारे में कालूपुर कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक के सीनियर एग्जीक्यूटिव एचके शाह कहते हैं, 'शुरुआत हमने होम लोन से की और बाद में जो स्ट्रीट वेंडर होते हैं उनको लोन देने का सिलसिला जारी रखा इनका केवाईसी नहीं के बराबर होता है. हमने अहमदाबाद का ओढव नाम का इलाका खोज निकाला जहां पर यह बंजारे रहते हैं जो कच्छ के रहने वाले हैं.

ये लोग झाड़ू बनाने का काम करते हैं. बैंक ने ज्यादातर परिवार को 40,000 रुपये का लोन दिया है, जिनमें से वह झाड़ू का मटेरियल खरीदकर गली मोहल्ले में बेचने जाते हैं. ये लोग हर महीने की नियत तारीख पर बैंक में जाकर वह पैसे जमा कर देते हैं. उनको पता नहीं है कि कितने हफ्ते बैंक में जमा हुए और कितने बाकी है लेकिन ईमानदारी से पैसा दो भर रहे हैं और बैंक की छोटी सी आर्थिक सहायता से आज वह अच्छा जीवन जी रहे हैं. हालांकि अभी भी उनके घर के अंदर लाइट पानी जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है. वह टेंपरेरी घर बनाकर रह रहे हैं और पूरे गुजरात में घूमते फिरते हैं.

पीएम मोदी के इस फैसले से चीन की उड़ी नींद

नई दिल्ली : भारत की पूर्वी सीमा पर स्थित राज्य अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में एयरपोर्ट बनाने के लिए मोदी सरकार ने मंजूरी दे दी है. अरुणचाल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया है और कहा है कि इस फैसले से अरुणाचल प्रदेश का दशकों पुराना सपना साकार होगा. इस एयरपोर्ट की लागत 1055 करोड़ रुपये होगी और इस प्रोजेक्ट को पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने मंजूरी दे दी है.

सीमा से सटे होने से एयरपोर्ट का सामरिक महत्व
चीन की सीमा से सटे होने के कारण इस एयरपोर्ट का सामरिक महत्व भी होगा. चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना नाजायज हक भी जताता रहता है. ऐसे में अरुणाचल प्रदेश में एयरपोर्ट के निर्माण से चीन की परेशानी निश्चित रूप से बढ़ेगी. पेमा खांडू ने ट्वीट किया, 'टीम अरुणाचल के लिए खुशखबरी है कि राजधानी में अपने एयरपोर्ट के दशकों पुराने सपने को आज पीआईबी में मंजूरी मिल गई. इसकी आनुमानित लागत 1055 करोड़ रुपये होगी. इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद.'

सरकार का नार्थ-ईस्ट के विकास पर खास जोर
हमारी सहयोगी वेबसाइट www.zeebiz.com/hindi के अनुसार केंद्र की बीजेपी सरकार नार्थ-ईस्ट के विकास पर खासतौर से जोर दे रही है और हाल में पीएम मोदी ने असम से अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाले बोगीबील पुल का उद्घाटन किया था. इससे पहले पेमा खांडू ने कहा था कि राज्य की राजधानी में बनने वाले होलोन्गी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की आधारशिला जनवरी महीने में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे.

उन्होंने तेजू में अरुणाचल राइजिंग कैंपेन में कहा था कि हाल में उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक हुई, जहां उन्हें बताया गया कि राजधानी ईटानगर के नजदीक होलोन्गी एयरपोर्ट के लिए सभी बाधाएं दूर हो गई हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनवरी में इस एयरपोर्ट की आधारशिला रख सकते हैं. माना जा रहा है कि इस एयरपोर्ट पर सिक्किम के पोकयांग एयरपोर्ट से बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी. एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 350 करोड़ की पहली किश्त जल्द जारी की जाएगी.