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बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ, सैंसेक्स 32200 से नीचे खुला


नई दिल्ली(एजेंसी)।  शेयर बाजार की शुरुआत आज गिरावट के साथ हुई है। सैंसेक्स आज 32200 के स्तर से नीचे खुला है। वहीं निफ्टी 10 हजार के करीब आ गया है। कारोबार के दौरान सैंसेक्स में 67 अंक तक गिरावट रही है। वहीं निफ्टी 10001 के स्तर तक गिरा है। फिलहाल सैंसेक्स 33 अंक की गिरावट के साथ 32205 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी 6 अंक की गिरावट के साथ 10006 के स्तर पर है। फार्मा, पी.एस.यू. बैंक और मेटल शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। हालांकि आई.टी., कंज्यूमर ड्युरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में अच्छी खरीदारी दिख रही है। बाजार में कारोबार के इस दौरान दिग्गज शेयरों में सन फार्मा, सिप्ला, अरविंदो फार्मा, ल्यूपिन, डॉ रेड्डीज और ओ.एन.जी.सी. 3-1 फीसदी तक गिरे हैं। हालांकि दिग्गज शेयरों में आई.ओ.सी., विप्रो, हीरो मोटो, टी.सी.एस., टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, कोल इंडिया और टाटा मोटर्स 1.7-0.7 फीसदी तक बढ़े हैं।

सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल, आज के दाम?


नई दिल्ली(एजेंसी)।  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में आई तेजी के बीच घरेलू स्तर पर खुदरा जेवराती मांग निकलने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना लगातार तीन दिन की गिरावट उबरता हुआ 190 रुपए चमककर 29,620 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। औद्योगिक मांग में आई तेजी से चांदी की चमक भी तेज हो गई और यह 450 रुपए महंगी होकर 39,150 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
विदेशी बाजारों में सोना हाजिर 0.55 डॉलर की तेजी के साथ 1,269 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह दिसंबर का अमरीकी सोना वायदा भी 1.10 डॉलर उछलकर 1,275.5  डॉलर प्रति औंस बोला गया। बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमरीका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के दबाव से दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के टूटने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पीली धातु की चमक तेज हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जारी जांच की वजह से निवेशकों का रूझान सुरक्षित निवेश में बढ़ा है।
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में रूस की दखल-अंदाजी को लेकर ग्रांड ज्यूरी की जांच के आदेश दिए गए हैं जिससे राजनीतिक मंच पर उथलपुथल मच गई है। राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य की इस अस्थिरता की वजह से निवेशक जोखिम भरे निवेश की जगह पीली धातु में सुरक्षित निवेश को अधिक तरजीह दे रहे हैं। इस बीच अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर भी 0.07 डॉलर लुढ़ककर 16.68 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

पेन कार्ड के बिना नहीं कर सकेंगे ये काम, जानें ये नियम


नई दिल्ली(एजेंसी)। वर्तमान समय में स्थायी खाता संख्या यानि पैन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो कई स्थानों पर जरूरी हो गया है। ऐसे मे अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो जल्द बनवाले, क्योंकि पैन कार्ड के बिना कई काम नहीं हो सकते। 
अगर आप कार खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं तो आपको अपना पैन नंबर कोट करना होगा। इसके बिना आप कार खरीद या बेच नहीं पाएंगे। हालांकि आप टूहीलर पैन कार्ड के बिना खरीद या बेच सकते हैं। इसके लिए आपको पैन कोट करने की जरूरत नहीं होगी। 
अगर आप 10 लाख रुपए से अधिक की अचल संपत्ति बेचते या खरीदते हैं तो आपको पैन कोट करना होगा। इसके बिना आप 10 लाख रुपए से अधिक की अचल संपत्ति खरीद या बेच नहीं पाएंगे।
अगर आप क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड जारी करवाना चाहते है उसके लिए भी आपको पैन कार्ड नबंर देना होगा। अगर आप होटल  में भी 50,000 तक का बिल देते है तो वहां भी आपको अपनी पैन नंबर देना होगा।  अगर आपने 50, 000 रुपए की विदेशी करंसी खरीदते है तब भी पैन नंबर दिखाना जरूरी होगा।

​रिलायंस जियो का डाटा लीक करने वाला संदिग्ध युवक गिरफ्तार 

विदेशों में घुमने के लिए यह एयरवेज दे रही हैं 50 प्रतिशत छूट


नई दिल्ली


हवाईं यात्रा कराने वाली कतर एयरवेज कंपनी ने विश्व के सभी पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए 
लोगों के लिए एक शानदार आॅफर पेश किया हैं। कतर एयरवेज ने पर्यटन स्थलों के सफर के लिये पचास प्रतिशत तक टिकट में छूट देने का ऑफर लॉन्च किया हैं। जानकारी के मुताबिक कतर एयरवेज कंपनी को स्काइट्रैक्स एयरलाइन ऑफ द इयर 2017 के अवॉर्ड से नवाजा गया हैं। इसी कारण कंपनी ने यह सस्ता आॅफर दिया हैं। 


कतर एयरवेज ने अपनी वेबसाइट पर अवॉर्ड मिलने की खुशी आॅफर देकर जताई हैं। कतर के इस ऑफर की टिकट बुकिंग 19 जुलाई तक और यात्रा 10 दिसंबर तक की जा सकती हैं। दुनिया घूमने का शौक रखने वालों के लिये 
यह ऑफर्स फायदेमंद हैंं क्योकी कोई भी विदेशो के मशहूर पर्यटन स्थलों के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। 


कंपनी अभी कई जगहों के लिए सस्ते टिकट दे रही हैं।। जैसे की में पैरिस के लिए 48,726 रुपये, लंदन के लिए 49,946 रुपये जबकि फ्रैंकफर्ट के लिए 50,974 रुपये में टिकट बुक करने के ऑफर्स हैं। 

सरकार की नई व्यवस्था: बैंक में ही बनवा सकते हैं आधार कार्ड


नई दिल्ली


सरकार ने आधार कार्ड को लेकर नई व्यवस्था 
लागू करने जा रही हैं। आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करवाने में लोगों को काफी परेशानिया हो रही हैं। किसी के फिंगरप्रिंट मैच नहीं कर रहे हैं तो किसी के नाम और पते में सही मिलान नही हो पा रहे हैं। सरकार ​की नई नीति के मुताबिक आप किसी भी सरकारी या निजी बैंक में जा कर अपना आधार कार्ड बनावायें यां कार्ड की गलतियों में सुधार करवा सकते हैं।

सरकार ने सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को ही आधार संबंधी सेवाएं प्रदान करने का आदेश दिया हैं। अब बैंक के ग्राहकों को आधार कार्ड बनवाने या किसी भी तरह गलती को सही कराने के लिये किसी भी सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। 

वित्त मंत्रालय ने 1 जून को आदेश जारी किया था कि सभी बैंक खातों से आधार नंबर लिंक होना जरूरी हैं। युआईटी आॅफ इंडिया के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा कि कई बैंकों ने 
खातें से आधार को जोड़ने की प्रकिया को ऑनलाइन भी कर दिया हैं। परन्तु कई लोगों के आधार होने के बावजुद खातें से लिंक नही हो पाये हैं। सरकार ने लोगों की इस परेशानी को देखते हुए ही यह नियम बनाया हैं कि सभी बैंकों को अपने परिसर में आधार कार्ड बनवाने या अपडेट करवाने की सुविधा देना होगी।


 

फ्लिपकार्ट ने स्नैपडील को दिया 5,500 करोड़ का आॅफर


नई दिल्ली

ईकॉमर्स कंपनी स्नैपडील को फ्लिपकार्ट ने अधिग्रहण के लिए एक बड़ा आॅफर दिया हैं। लेकिन स्नैपडील ने इस आॅफर को ठुकरा दिया हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देश की सबसे बड़ी ईकॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने स्नैपडील को 5,500 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। स्नैपडील कंपनी के अधिकारीयों ने इस ऑफर को एक स्मॉल आॅफर के रूप में आंका हैं। हालांकि दोनों कंपनीयों मेंं इस बारें में बातचीत जारी हैं। 

स्नैपडील में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी जापानी टेक्नोलॉजी कंपनी सॉफ्टबैंक की हैं। अधिग्रहण के बारे में फैसला सॉफ्टबैंक ही लेगी। सूत्र ने बताया कि फ्लिपकार्ट ने अर्न्स्ट एंड यंग को स्नैपडील के कारोबारी आकलन करने के लिए नियुक्त किया था। नियुक्त किये गये सलाहकारों ने कंपनी को कुछ दिनों पहले अपनी रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के आधार पर ही फ्लिपकार्ट ने ऑफर दिया था। 

पंजाब नेशनल बैंक 31 जुलाई से ब्लॉक कर देगा डेबिट कार्ड


नई दिल्ली

पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों के लिए एक आवश्यक सूचना प्रसारित की गई हैं। जो ग्राहक मायस्त्रो डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं उनके कार्ड 31 जुलाई के बाद बन्द हो जाएंगे। बैंक ने यह फैसला सुरक्षा के मद्देनजर लिया हैं। बैंक के मुताबिक ग्राहकों को अपने पुराने मायस्त्रो डेबिट कार्ड को नए EMV चिप वाले कार्ड से बदलवाना होगा। अगर ऐसा नही किया तो आपका पुराना कार्ड स्वत ही ब्लॉक हो जाएगा और जिसके पास EMV चिप वाला कार्ड 
हैं वही कार्ड से पैसे ले सकता हैं। 

बैंक कार्डों को बदलने का कोई चार्ज नहीं लेगा। कार्ड बदलने का कार्य आरबीआई सलाह के अनुसार किया जा रहा हैं। आरबीआई ने सभी बैंकों को EMV चिप वाले कार्ड जारी करने को कहा था। आरबीआई के मुताबिक EMV चिप वाले कार्ड अत्यधिक सुरक्षित हैं। 
सभी बैंक यह सूचना ग्राहकों को एसएमएस भेजकर बता रहे हैं।

पीएनबी के पास लगभग 5.65 करोड़ कार्ड धारक होने का अनुमान हैं। एक बैंक अधिकारी ने बताया यह नियम उन ग्राहकों 
के लिए नही हैं जिन्होने एक वर्ष मेंं एक बार भी अपने पुराने मायस्त्रो डेबिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया हैं। चिप वाले कार्ड को बनाने में काफी लागत आती है ऐसे में जिन्होंने सालभर में कोई एक ट्रांसैक्शन भी कार्ड से नहीं की है उन्हें इस फैसले से दूर रखा जाएगा।

जियो की अतिरिक्त पेशकश नियमों के अनुरूप नहीं: ट्राई

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आर.एस. शर्मा ने आज कहा कि दूरसंचार नियामक ने रिलायंस जियो को उसकी ‘‘अतिरिक्त’’ सेवा पेशकश को बंद करने की सलाह दी है। कंपनी से कहा गया है कि उसकी यह सेवा नियमों के अनुरूप नहीं है। शर्मा ने कहा, ‘‘हमने इसे देखा और पाया कि यह नियमों के अनुरूप नहीं है, इसलिये हमने कंपनी को इस तरह की पेशकश रोकने की सलाह दी है।’’ दूरसंचार नियामक ने गुरुवार को मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो से कहा कि वह तीन महीने की अतिरिक्त पेशकश वाली अपनी योजना को वापस ले ले। इस योजना में रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों को कम से कम 303 रुपये का भुगतान कर तीन महीने के लिये असीमित डाटा और मुफ्त काल सुविधा देने की पेशकश की है। ट्राई की तरफ से यह आदेश जियो की इस घोषणा के एक दिन बाद आया जिसमें कंपनी ने कहा कि उसके भुगतान करने वाले 7.20 करोड़ ग्राहक बन गये हैं। इसके साथ ही कंपनी ने एक बारगी 99 रुपये का भुगतान कर प्राइम सदस्यता पेशकश की अवधि 15 अप्रैल तक बढ़ा दी। रिलायंस जियो ने कहा कि वह ट्राई के फैसले को स्वीकार करता है और जो सुझाव दिया गया है उसका पूरी तरह से पालन करेगा। ट्राई ने हालांकि, इससे पहले रिलायंस जियो की प्रोत्साहन पेशकश में कुछ भी गलत नहीं पाया। रिलायंस ने इससे पहले सेवा की शुरुआत करते समय निःशुल्क डाटा और वॉयस कॉल की पेशकश की थी। इस पेशकश के दौरान 10 करोड़ उपयोक्ता रिलायंस जियो के साथ जुड़े। इनमें से अब 7.20 करोड़ ग्राहकों ने भुगतान के साथ सेवा को अपनाया है।
 

कंपनियों में भ्रष्टाचार के लिहाज से भारत नौंवे स्थान पर

मुंबई। एक सर्वे में कंपनियों के अंदर भ्रष्ट व्यवहार व रिश्वत आदि के लिहाज से भारत को 41 देशों में नौंवे स्थान पर रखा गया है। ईवाई यूरोप, पश्चिम एशिया, भारत व अफ्रीका (ईएमईआईए) धोखाधड़ी सर्वे 2017 में यह निष्कर्ष निकाला गया है। इसके अनुसार इसमें भारत से शामिल लगभग 78 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि कंपनियों के अंदर रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार आम बात है। इस लिहाज से भारत को यूक्रेन, यूनान, स्लोवेनिया, क्रोएशिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका व हंगरी के बाद रखा गया है। हालांकि सर्वे में भारत की स्थिति इस साल कुछ सुधरी है क्योंकि 2015 में उसे छठें स्थान पर रखा गया था। ईवाई इंडिया के पार्टनर अरपिंदर सिंह ने कहा, 'भारतीय कंपनियों में भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी को लेकर सोच में थोड़ा ही लेकिन सकारात्मक बदलाव आता दिख रहा है।’ उन्होंने इस लिहाज से नियामकीय जांच तथा संचालन व पारदर्शिता पर जोर को रेखांकित किया।
 

रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों को कायम रखा, सेंसेक्स गिरा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक की मुख्य ब्याज दर रेपो को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज अपने रिकॉर्ड स्तर से 47 अंक टूटकर 29,927.34 अंक पर आ गया। रिजर्व बैंक ने आज मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया है जिससे बाजार में गिरावट आई। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पूरे दिन नकारात्मक दायरे में रहने के बाद अंत में 46.90 अंक या 0.16 प्रतिशत के नुकसान से 29,927.34 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 29,954.25 से 29,817.59 अंक के दायरे में रहा। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 9,218.85 अंक के निचले स्तर को छूने के बाद आंशिक रूप से सुधरा और अंत में 3.20 अंक या 0.03 प्रतिशत के नुकसान से 9,261.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने दिन का उच्चस्तर 9,267.95 अंक और निचला स्तर 9,218.85 अंक भी छुआ। रिजर्व बैंक ने आज मुख्य नीतिगत दर रेपो रेट को 6.25 प्रतिशत पर कायम रखा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया है। इससे नीति गलियारा संकुचित हुआ है। रेपो दर वह दर है जिस पर बैंक रिजर्व बैंक से एकाध दीन के लिए नकद राशि उधार पर लेते हैं। बैंक अपने पास अतिरिक्त नकदी को जिस दर पर रिजर्व बैंक के पास रखते हैं उस पर वह रिवर्स रेपा के अधार पर ब्याज देता है।
 

एक देश-एक टैक्स की राह हुई आसान, GST पारित

नई दिल्ली(जेएनएन)। राज्यसभा में जीएसटी से जुड़े चार बिलों को बिना किसी संशोधन के पास कर दिया गया है। इन चार बिलों में सी-जीएसटी, आईजीएसटी, यूटीजीएसटी और जीएसटी मुआवजा बिल शामिल है। वहीं आज पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस से अपील की थी कि वो राज्यसभा में जीएसटी पर आम सहमति बनाने में मदद करे। गौरतलब है कि इससे पहले लोकसभा में भी इन चारों बिलों को मंजूरी दे दी गई थी।
क्या बोले मनमोहन सिंह
जीएसटी से जुड़े चार बिलों पर मतदान के ठीक पहले संसद के उच्च सदन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी (कांग्रेस) से कहा कि कांग्रेस इसमें किसी संशोधन की मांग न करे ताकि आम सहमति और संघीय समझौते को बनाए रखा जा सके। इन बिलों पर दो दिनों तक बहस हुई थी।
 

ट्राई ने रिलायंस जियो से कहा, वापस लें समर सरप्राइज ऑफर

नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने रिलायंस जियो को तीन महीने का कंप्लीमेंट्री ऑफर वापस लेने का आदेश दिया है। इस ऑफर में ग्राहकों को 303 रुपये के भुगतान तक अनलिमिटेड डाटा यूसेज और फ्री कॉल्स की सुविधा दी गई है। इस पर कंपनी ने कहा है कि वह जल्द से जल्द ऑफर वापस लेगी लेकिन प्राइम सदस्यता ले चुके ग्राहकों को ऑफर की सुविधाएं मिलती रहेंगी। ट्राई का यह आदेश ऐसे समय आया है जब रिलायंस जियो ने ग्राहकों की संख्या 7.2 करोड़ होने की घोषणा की है। कंपनी ने कंप्लीमेंट्री ऑफर के लिए प्राइम प्रोग्राम 15 दिनों के लिए 15 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की है। प्राइम प्रोग्राम में ग्राहकों को सदस्यता लेने के लिए 99 रुपये का एक बार भुगतान करना है। फैसला आने के बाद रिलायंस जियो ने कहा कि वह आदेश स्वीकार करती है और ट्राई की सलाह का पूरी तरह पालन करेगी। कंपनी के अनुसार वह तीन महीने का कंप्लीमेंट्री ऑफर जियो समर सरप्राइज जल्द से जल्द वापस ले लेगी। तकनीकी रूप से जितने दिनों में संभव होगा, कंपनी ऑफर को वापस लेगी। हालांकि कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि ऑफर बंद होने से पहले जियो समर सरप्राइस की सदस्यता ले चुके ग्राहक ऑफर पाने के पात्र बने रहेंगे। पहले ट्राई को कंपनी के प्रमोशन ऑफर में कुछ भी गलत नहीं मिला था। इस ऑफर के चलते ही कंपनी के ग्राहकों की संख्या दस करोड़ के ऊपर निकल गये। इनमें से पेड सर्विस लेने के लिए 7.2 करोड़ ग्राहकों ने सहमति दी है।

RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू, नीतिगत ब्याज दरें बदलने की संभावना कम

नई दिल्ली। उर्जित पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की दो दिवसीय मौद्रिक नीति समिति बैठक शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2017-18 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई नीतिगत ब्याज दरों को जस का तस रख सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुद्रास्फीति का दबाव है। विशेषज्ञों की मानें तो अमेरिका में ब्याज दर में वृद्धि से यह संकेत साफ है कि आरबीआई की मानक ब्याज दर में कोई कमी नहीं होने जा रही है। वहीं, दूसरी ओर भविष्य में इसमें वृद्धि हो सकती है, जो घरेलू एवं बाह्य कारकों (एक्सटरनल) पर निर्भर करता है। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि आरबीआई देश में नोटबंदी लागू होने के मद्देनजर बैंकों के पास आई भारी मात्रा में नकदी को सोखने के लिए स्थाई जमा सुविधा (एसडीएफ) समेत कुछ उपाय कर सकता है। कई अलग-अलग अनुमानों के तहत बैंकों में विमुद्रीकरण के बाद 14 लाख करोड़ रुपये आए हैं। एचडीएफसी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरूआ का कहना है कि आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को यथावत रख सकता है। यह छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की चौथी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा है। मौद्रिक नीति समिति में सरकार की ओर से नामित सदस्यों में चेतन घाटे, पामी दुआ, रवीन्द्र एच ढोलकिया शामिल हैं। वहीं रिजर्व बैंक की तरफ से गवर्नर, मौद्रिक नीति प्रभारी डिप्टी गवर्नर विरल ए आचार्य और बैंक के कार्यकारी निदेशक इसके सदस्य हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के उपाध्यक्ष उदय कोटक ने कहा, मुझे लगता है कि रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर को बरकरार रख सकती है।

प्री-ओपन सेशन में सेंसेक्स हुआ 30 हजारी, दूसरी बार छुआ 30000 का स्तर

नई दिल्ली। मंगवार को बंद रहने के बाद बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार मामूली कमजोरी के साथ खुले। लेकिन सुबह 9 से 9:15 के बीच (प्री-ओपन) में सेंसेक्स ने 30000 के जादुई आंकड़े को पार कर 30007 का ऊपरी स्तर छुआ। हालांकि ऊपरी स्तर पर टिकने में नाकाम रहने के बाद सेंसेक्स की शुरूआत मामूली कमजोरी के साथ ही हुई। गौरतलब है कि सेंसेक्स का ऑल टाईम हाई 30024 का है जो इसने 4 मार्च 2015 बनाया था।
वित्त वर्ष में निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
वित्त वर्ष 2017 में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन शानदार रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ने बीते एक साल में 16.9 फीसद का रिटर्न दिया, वहीं निफ्टी 18.88 फीसद उछला। वहीं वित्त वर्ष 2018 की शुरुआत भी सकारात्मक रही। 03 अप्रैल को वित्त वर्ष के पहले की कारोबारी सत्र में सेंसेक्स एक फीसद और निफ्टी 0.70 फीसद की बढ़त के साथ बंद हुए।
इन कारणों से बाजार में जारी रहेगी तेजी
बाजार विशेषज्ञ पिशुपति सुब्रामण्यन के मुताबिक डॉलर के मुकाबले रुपए का मजबूत होना अच्छा संकेत हैं। करंसी के मजबूत होने से FIIs को मिलने वाला रिटर्न बढ़ जाता है, जिससे बाजार में नया निवेश आने की उम्मीद बढ़ती है। वहीं दूसरी ओर मजबूत रुपया महंगाई को काबू में रखने का संकेत है जो ब्याज दरों में कमी की संभावना प्रबल करता है। गौरतलब है कि भारतीय रुपया फिलहाल करीब 17 महीने की ऊंचाई पर कारोबार कर रहा है।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स जैसे बड़े कानून का अस्तित्व में आना अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम है। जिसका शेयर बाजार पर भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। सितंबर से जीएसटी का पूरी तरह से चलन में आना लगभग तय है। ऐसे में अगले वित्त वर्ष के लिए यह एक अहम संकेत रहेगा। विदेशी संस्थागत निवेशक और घरेलू निवेशक दोनों ने ही बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त निवेश किया है। बीते एक साल में FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में 50 हजार करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की है, वहीं म्युचुअल फंड्स की ओर से इस साल करीब 45 हजार करोड़ की खरीदारी की गई है। बाजार में यह खरीदारी आगे भी जारी रहने की संभावना है जो बाजार को ऊपर ले जाने में मदद करेगा।
पिशुपति के मुताबिक नोटबंदी के फैसले के बाद कालेधन पर लगाम लगी है। साथ ही सिस्टम में नकदी आने से फॉर्मल इकोनॉमी बढ़ेगी, जिसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सकारात्मक असर शेयर बाजार पर होगा। आज जारी हुए टैक्स कलेक्शन के आंकड़े इसी का एक उदाहरण हैं। गौरतलब है कि कर संग्रह 6 साल की ऊंचाई पर है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपए के मजबूत होने से महंगाई काबू रहने की उम्मीद है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है। ब्याज दरों में कटौती शेयर बाजार के लिहाज से सकारात्मक होगी, जिसका असर रेट सेंसेटिव स्टॉक्स में देखने को मिलेगा।

हाउस रेंट की फर्जी रसीद पर आयकर विभाग की नजर


आपसे मांगा जा सकता है किराएदार होने का सबूत
नई दिल्ली। इनकम टैक्स बचाने के लिए नकली रसीद का इस्तेमाल करने वालों पर आयकर विभाग सख्ती बरतेगा। टैक्सपेयर से विभाग से इस बात का सबूत मांग सकता है कि वह संबंधित प्रॉपर्टी का वैध किराएदार है। कंपनी के इंप्लॉयर से 'हाउस रेंट अलाउंस' पाने वाला सैलरीड कर्मचारी इस रकम के कम से कम 60 फीसद हिस्से पर टैक्स देने से बच सकता है अगर वह किराए की रसीद दे। यह जानकारी इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार सामने आई है।
ट्राइब्यूनल की एक हालिया रूलिंग के अनुसार, असेसिंग ऑफिसर अब सैलरीड कर्मचारी की ओर से दिखाई गई करयोग्य आय का आंकड़ा मंजूर करते समय साक्ष्य की मांग कर सकता है। वह लीज ऐंड लाइसेंस अग्रीमेंट, किराएदारी के बारे में हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी को जानकारी देने वाले लेटर, बिजली और पानी का बिल बिल जैसे सबूत मांग सकता है। आईटीएटी मुंबई ने ऐसे सैलरीड एंप्लॉयी का एचआरए छूट क्लेम खारिज किया था, जिसने दावा किया था कि वह अपनी मां को रेंट पेमेंट कर रहा है। डेलॉयट हास्किंस एंड सेल्स एलएलपी के वरिष्ठ टैक्स अडवाइजर दिलीप लखानी ने कहा, 'आयकर अपीलेट ट्राइब्यूनल की रूलिंग ने सैलरीड कर्मचारी के क्लेम पर विचार करने और जरूरी होने पर उस पर सवाल करने के लिए असेसिंग ऑफिसर के सामने एक मानक रख दिया है। इससे सैलरीड क्लास पर यह जिम्मेदारी आएगी कि वह कर छूट पाने के लिए नियमों का पालन करे।'

SBI ने बदले फिक्स्ड डिपॉजिट से निकासी से नियम, जानिए क्या हैं अब नए नियम

नई दिल्ली। देश के दिग्गज भारतीय स्टेट बैंक ने एफडी से निकासी करने वाले नियमों में बदलाव किया है। बैंक ने एक करोड़ तक की एफडी पर दो कैटेगरी बनाई हैं। एक में कस्टमर्स को आधे फीसद और दूसरे में एक फीसद जुर्माना देना होगा। आपको बता दें कि मौजूदा समय में बैंक सभी तरह की एफडी पर एक फीसदी पेनल्टी लेता था। बैंक का यह नया नियम एक अप्रैल से प्रभावी है।
जानिए क्या है नया नियम 
एसबीआई के नए नियम के तहत यदि कोई व्यक्ति पांच लाख रुपए तक की एफडी कराता है, तो एफडी के मेच्योर होने से पहले निकासी करने पर आधे फीसद तक पेनल्टी देनी पड़ेगी। इसी तरह 5 लाख से अधिक और एक करोड़ से कम की एफडी से निकासी करने पर एक फीसद पेनल्टी देनी होगी। यह नए नियम नई एफडी और उसकी रिन्युअल पर लागू होंगे।
 

जून में रिजर्व बैंक जारी कर सकता है 200 रुपये का नोट

नई दिल्ली: 8 नवंबर को पीएम मोदी द्वारा नोटबंदी के ऐलान के बाद 500 रुपये के नए नोट जारी किए गए और 2000 रुपये का नोट पेश किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 200 रुपये के नोट जारी करने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक इस साल जून के बाद इन नोटों को जारी कर सकता है. कहा जा रहा है कि पिछले महीने हुई एक मीटिंग में ही आरबीआई ने 200 के नोटों को लागू करने का फैसला ले लिया था. यदि 200 रुपये के नोट जारी किए जाते हैं तो हाल के दिनों में 2,000 रुपये के नोटों के बाद जारी की जाने वाली यह दूसरी नई करेंसी होगी. पिछले ही दिनों कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरबीआई की ओर से एक बार फिर से नए फीचर्स के साथ 1,000 रुपये के नोटों को जारी किए जाने की बात कही गई थी. हालांकि उस वक्त आरबीआई ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था. इस बाबत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोई पुष्टि, खबर लिखे जाने तक नहीं की है.

जियो ने 4जी डाउनलोड स्पीड में सभी को पछाड़ा: ट्राई

नई दिल्ली टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलांयस जियो की ऐंट्री के बाद से ही दूसरी कंपनियों के लिए मुश्किलें शुरू हो गईं थीं। फ्री में सर्विसेज देकर तेजी से बढ़ने वाला जियो ने अब स्पीड के मामले में भी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को पटखनी दे दी है।
टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई के डेटा के मुताबिक स्पीड के मामले में रिलांयस जियो सबको पछाड़ कर सबसे ऊपर है। ट्राई का कहना है कि रिलायंस जियो की डेटा डाउनलोड स्पीड अन्य कंपनियों आइडिया और एयरटेल की तुलना में लगभग दोगुनी है। ट्राई ने फरवरी महीने के लिए अपने मासिक औसत मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड डेटा में कहा है कि जियो नेटवर्क की डाउनलोड स्पीड फरवरी महीने में घटकर 16.48 एमबीपीएस रही जो कि जनवरी में 17.42 एमबीपीएस थी। फरवरी महीने में जियो सबसे तेज नेटवर्क बना रहा। अगर इस स्पीड से डाउनलोड की बात की जाए तो एक मूवी 5 मिनट से भी कम समय में डाउनलोड की जा सकती है। डाउनलोड स्पीड के लिहजा से प्रतिस्पर्धी आइडिया 8.33 एमबीपीएस के साथ दूसरे और एयरटेल 7.66 एमबीपीएस के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं, वोडाफोन के लिए यह स्पीड 5.66 एमबीपीएस और बीएसएनएल के लिए 2.89 एमबीपीएस आंकी गई है।
 

SBI ने मिनिमम बैलेंस की लिमिट बढ़ाई; चेकबुक, लॉकर पर देना होगा ज्यादा पैसा

नई दिल्ली.भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने वाले कस्टमर्स से ज्यादा चार्ज लेना शुरू कर दिया है। अब चेक बुक और लॉकर्स जैसी सर्विस के लिए भी ज्यादा पैसे का भुगतान करना पड़ेगा। बैंक के इस फैसले का असर उन पांच बैंक के कस्टमर्स पर भी पड़ेगा, जिनका मर्जर हाल में एसबीआई के साथ हुआ।ये नए चार्ज 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं
- एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक, ये नए चार्ज 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं।
- 6 मेट्रो सिटी में मंथली एवरेज बैलेंस (एमएबी) को बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया है। सेविंग्स अकाउंट होल्डर को मंथली बैलेंस को बनाए रखना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो पेनल्टी देनी होगी। इससे पहले 31 मार्च तक सेविंग्स बैंक अकाउंट के लिए चेक बुक फैसिलिटी न होने की स्थिति में एमएबी 500 रुपए थी। वहीं, चेक बुक के साथ 1000 रुपए थी।

रिजर्व बैंक गवर्नर को दिया तोहफा, फरवरी में ही दोगुना कर दिया गया वेतन

नयी दिल्ली : देश में पिछले साल 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रचलन से बाहर किये जाने के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की ओर से दिये गये साथ के एवज में सरकार ने उन्हें तोहफा प्रदान किया है. सरकार ने उर्जित पटेल और उनके अधीनस्थ कार्यरत अधिकारियों के वेतन को दोगुने से भी अधिक कर दिया है. सरकार की ओर से वेतन बढ़ाये जाने के बाद अब उनकी बेसिक तनख्वाह क्रमश: 2.5 लाख और 2.25 लाख रुपये हो गयी है। गवर्नर और डिप्टी गवर्नर की बेसिक तनख्वाह में यह परिवर्तन एक जनवरी, 2016 से लागू होगा. उनका वेतन बढ़ाने की अधिसूचना वित्त मंत्रालय की ओर से फरवरी में ही जारी कर दी गयी थी. यह खुलासा सूचना अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत मांगी गयी जानकारी में हुआ है.
गवर्नर की बेसिक तनख्वाह में 90,000 रुपये और डिप्टी गवर्नर की तनख्वाह में 80,000 रुपये की वृद्धि की गयी है. हालांकि, अब भी इनकी तनख्वाह आरबीआई की ओर से रेग्युलेट किये जा रहे कई बैंकों के शीर्षस्थ कार्यकारियों से काफी कम है. रिजर्व बैंक के इन अधिकारियों के वेतन में बेसिक पे, महंगाई भत्ता और अन्य भुगतान शामिल है, जो करीब 2,09,500 रुपये के आसपास बैठती थी.
सूचना के अधिकारी (आरटीआई) के तहत केंद्रीय बैंक ने जानकारी दी है कि वित्त मंत्रालय की ओर से 21 फरवरी को जारी की गयी सूचना के अनुसार, गवर्नर और डिप्टी गवर्नर की बेसिक तनख्वाह में परिवर्तन किया गया है. परिवर्तन के बाद गवर्नर की बेसिक तनख्वाह बढ़कर 2,50,000 और डिप्टी गवर्नर की 2,25,000 रुपये हो गयी है. महंगाई भत्ता समय-समय पर केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाया जाता है.
हालांकि, केंद्रीय बैंक ने आवेदक को दी गयी जानकारी में यह नहीं बताया है कि वेतन वृद्धि के बाद इन अधिकारियों को कुल कितना वेतन मिल रहा है. पहले 90,000 बेसिक तनख्वाह के साथ पटेल को 1,12,500 रुपये डीए और अन्य भत्तों के तहत 7000 रुपये मिलते थे. यानी कुल 2,09,500 रुपये प्रति महीना. केवल डीए में वृद्धि के बाद अब उनकी तनख्वाह करीब 3.70 लाख रुपये हो गयी है.
 

रिलायंस टॉप गेनर सेंसेक्स में 100 अंक से ज्यादा की तेजी

नई दिल्ली। सोमवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ देखने को मिल रही है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 132 अंक की तेजी के साथ 29753 के स्तर पर और निफ्टी 31 अंक की तेजी के साथ 9205 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शुरुआती मिनटों में निफ्टी 9200 के अहम स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है. नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.34 फीसद और 0.36 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही है। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी ऑटो सेक्टर में देखने को मिल रही है। निफ्टी बैंक (0.44 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.47 फीसद), एफएमसीजी (0.42 फीसद), आईटी (0.24 फीसद), मेटल (0.23 फीसद), फार्मा (0.27 फीसद), पीएसयू बैंक (0.54 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.47 फीसद) की बढ़त देखने को मिल रही है। दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 37 हरे निशान में और 14 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी रिलायंस, अंबूजा सीमेंट, एसीसी, अल्ट्रासेमको और टाटा मोटर्स के शेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं, गिरावट भारतीय एयरटेल, इंफ्राटेल, बीपीसीएल, आईओसी और विप्रो के शेयर्स में देखने को मिल रही है।

सब्सिडीमुक्त रसोई गैस सस्ती, हुई सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े 


नई दिल्ली: सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं जबकि सब्सिडीमुक्त रसोई गैस सस्ती हुई है. विमान ईंधन (ATF) के दाम में लगभग पांच प्रतिशत की कटौती की गई है जबकि सब्सिडी वाली रसोई गैस (LPG) के दाम 5.57 रुपये प्रति सिलेंडर बढाए गए हैं. सब्सिडीवाली रसोई गैस (एलपीजी) के दाम में 14.50 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की गई है.
तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय रुख के मद्देनजर यह कदम उठाया है. विमान ईंधन या एटीएफ का दाम 5.1 प्रतिशत या 2,811.38 रुपये प्रति किलोलीटर घटाकर 51,428 रुपये प्रति किलोलीटर किया गया है. नये दाम एक अप्रैल से प्रभावी हो गए. इससे पहले एक मार्च व एक फरवरी को एटीएफ के दाम बढ़ाए गए थे. इसी तरह बिना सब्सिडी वाली एलपीजी के दाम 737.50 रुपये से घटाकर 723 रपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलो) किए गए हैं. वहीं तेल कंपनियों ने सब्सिडी वाली रसोई गैस के दाम 5.57 रुपये बढ़ाकर 440.5 रपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलो) किए गए हैं.

फंसे कर्ज का हल करने की शीघ्र हो पहल : अरुंधती

मुंबई गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के मसले के समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने के बावजूद यह लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र को परेशान कर रहा है। भारतीय स्टेट बैंक की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा कि इस साल ठोस उपाय किए जाएंगे। अनूप रॉय, अभिजित लेले और विशाल छाबड़िया के साथ बातचीत में उन्होंने भविष्य की रणनीतियों और एसबीआई को दुनिया के शीर्ष 30 बैंकों में शामिल करने के लक्ष्य और फंसे कर्ज के निपटान पर चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश : सहायक बैंकों के साथ विलय होने से एसबीआई दुनिया का 45वां सबसे बड़ा बैंक बन गया है। ऐसे में अगला कदम क्या होगा? हमारी आकांक्षा अगले तीन साल में दुनिया के शीर्ष 30 बैंकों में शुमार होना है। बैंक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में संभावनाएं तलाशते हुए अपना विस्तार करेगा। मैं केवल आय में वृद्धि की ही संभावना नहीं देख रही हूं। मैं दक्षता, उत्पादकता और अनुपात में सुधार की बात कर रही हूं जो व्यापक बदलाव लाएगा। मुझे नहीं लगता कि बैंक के विकास के लिए हमें दूसरे बैंकों के अधिग्रहण पर विचार करना चाहिए। हम विलय के बाद अपनी बढ़ी हुई क्षमता का लाभ उठाएंगे और विस्तार के लिए व्यापक तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल करेंगे। एक साल पहले दबाव वाली संपत्तियों के निपटान की दिशा में बात आगे बढऩे की उम्मीद थी। लेकिन बहुत कुछ नहीं हो पाया। नए वित्त वर्ष में क्या उम्मीद है? मैं चीजों के दुरुस्त होने को लेकर आश्वस्त हूं। लेकिन हमें थोड़ा इंतजार करना होगा। इस साल हम इस बारे में कोई निर्णय लेंगे। मुझे नहीं लगता कि हमें इसमें और देरी करनी चाहिए।

Jio ने 15 अप्रैल तक बढ़ाई प्राइम मेंबरशिप स्कीम, रिचार्ज करने पर 3 महीने फ्री सर्विस


डेस्क.रिलायंस Jio ने प्राइम सब्सक्रिप्शन लेने की आखिरी तारीख को 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया। 31 मार्च की डेडलाइन से परेशान यूजर्स अब 15 अप्रैल तक जियो प्राइम सब्सक्रिप्शन ले सकेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चीफ मुकेश अंबानी ने बताया कि अब तक करीब 7.20 करोड़ कस्टमर्स ने जियो प्राइम सब्सक्रिप्शन लिया है। अंबानी ने नए समर सरप्राइज ऑफर का भी एलान किया। इसमें सभी Jio Prime यूजर्स जुलाई तक फ्री सर्विस का फायदा उठा सकेंगे। रिलायंस जियो के इस फैसले को ऐसे समझें...
1) अब तक Jio का ऐसा था प्लान
- मुकेश अंबानी ने 21 फरवरी को Jio के 10 करोड़ यूजर्स होने का एलान किया था। इसी के साथ Jio प्राइम मेंबरशिप प्लान पेश किया था।
- इसमें Jio के वेलकम ऑफर और न्यू ईयर ऑफर को एक साल यानी 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने के लिए 99 रुपए में प्राइम मेंबरशिप ऑफर की गई थी। 31 मार्च 2017 की डेडलाइन थी और 1 अप्रैल से जियो की सर्विसेज पेड करने की बात कही गई थी।
2) अब क्या होगा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपने बयान में कहा कि जो कस्टमर्स 31 मार्च तक Jio Prime में एनरोल नहीं करा पाए थे, उनके पास 15 अप्रैल तक का मौका है। वे 99 रुपए में Jio की 303 प्लान वाली सिम खरीद सकते हैं।
3)15 अप्रैल तक एनरोल कराया तो क्या फायदा मिलेगा?
- Jio समर सरप्राइज एक्सक्लूसिवली प्राइम कस्टमर्स के लिए है। ऐसे प्राइम कस्टमर्स जो 15 अप्रैल से पहले 303 रुपए या उससे ज्यादा अमाउंट का फर्स्ट रिचार्ज करा लेंगे उन्हें पहले तीन महीने के लिए कॉम्प्लिमेंट्री सर्विसेस मिलेंगी।
- अंबानी ने कहा कि 15 अप्रैल तक एक्टेंशन देने से फ्री से पेड सर्विस पर जाने वाले यूजर्स को परेशानी नहीं होगी।
4) 4G LTE का नेटवर्क कितना मजबूत?
- अंबानी ने कहा कि Jio ने दुनिया का सबसे बड़ा 4G LTE वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क बना लिया है। इसके एक लाख से ज्यादा मोबाइल टॉवर्स हैं। आने वाले महीनों में कंपनी एक लाख टॉवर्स और जोड़ेगी। इसमें कंपनी 2 लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करेगी। यह दुनिया में किसी भी वायरलेस नेटवर्क में सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट होगा।

 

रिलायंस जियो के लिए बुरी खबर? लगभग 17 रु प्रति माह की कीमत पर मोबाइल डाटा देगी यह कंपनी

रिलायंस जियो के लिए बुरी खबर? लगभग 17 रु प्रति माह की कीमत पर मोबाइल डाटा देगी यह कंपनी रिलायंस जियो के लिए बुरी खबर? एक महीने में लगभग 17 रुपये में इंटरनेट देगी यह कंपनी
डाटाविंड (Datawind) 200 रुपये में साल भर के लिए डाटा पेश कर सकती है
एक महीने में लगभग 17 रुपये में आप पूरा महीना मोबाइल डाटा इस्तेमाल कर पाएं
रिलायंस जियो से टक्कर के लिए टेलिकॉम कंपनियों में छिड़ी हुई है जंग
नई दिल्ली: अब इसे रिलायंस जियो (Jio) से टक्कर लेने वाला एक जोरदार कदम कहिए या फिर भारत जैसे विशालकाय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का कदम, एक के बाद एक टेलिकॉम कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को कम से कम कीमत पर मोबाइल डाटा, मुफ्त कॉलिंग (रोमिंग समेत) देने की पेशकश कर रही हैं. इसी बीच कनाडा की मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनी डाटाविंड (Datawind) 200 रुपये में साल भर के लिए डाटा (इंटरनेट) की पेशकश कर सकती है. अब अगर 200 रुपये को 12 महीने के लिए बांटें तो एक महीने में लगभग 17 रुपये में आप पूरा महीना मोबाइल डाटा इस्तेमाल कर पाएंगे.
कंपनी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीत सिंह तुली ने कहा है कि कंपनी की योजना ऐसे डाटा प्लान पेश करने की है जो 20 रुपये महीना या उससे कम कीमत के होंगे. इसके लिए कंपनी की अपने दूरसंचार सेवा कारोबार में 100 करोड़ रुपये निवेश की योजना है जिसे वह लाइसेंस मिलने के बाद पहले छह महीनों में निवेश करेगी.
सस्ते स्मार्टफोन और टैबलेट बनाने वाली कंपनी ने पूरे देश में वर्चुअल नेटवर्क सेवाएं देने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. यह लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी डाटा सेवाएं और मोबाइल टेलीफोनी सेवाओं को पेशकश करने में सक्षम होगी लेकिन वह यह सेवा केवल किसी मौजूदा दूरसंचार सेवाप्रदाता के साथ साझेदारी करने के बाद ही दे पाएगी.

मकान के बढ़े दाम में अपना हिस्सा लेगी सरकार

नई दिल्लीः अगर आपने कहीं प्रॉपर्टी खरीदी है और वहां इन्फ्रस्ट्रक्चर डिवेलप होने से आपकी प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ जाए, आपको तो फायदा होगा ही लेकिन आपके इस फायदे में सरकार अपनी हिस्सेदारी लेगी। प्रॉपर्टी मालिक को हुए फायदे में अपना हिस्सा लेने के बाद सरकार उसी इलाके में इन्फ्रस्ट्रक्चर को और डिवेलप करने पर खर्च करेगी।
इसे यूं समझ सकते हैं जब नोएडा, गुड़गांव और दिल्ली में मेट्रो लाइन के एक किलोमीटर के दायरे में प्लॉट्स पर फ्लोर्स बढ़ाने की इजाजत मिलेगी तो नए निर्माण पर नए टैक्स भी लगेंगे क्योंकि सरकार संपत्ति मालिक को हुए फायदे में अपना हिस्सा लेगी। महाराष्ट्र स्टैंप ड्यूटी पर 1 प्रतिशत का सरचार्ज लगाता है ताकि मेट्रो रेल, मोनो रेल और बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम्स को फंड कर सके। इसी तरह कर्नाटक भी वेंचर कैप्चर फाइनैंसिंग (VCF) के जरिए मास ट्रांजिट सिस्टम्स के लिए फंड जुटाता है।
इस तरह के चार्ज देश भर के सभी 500 'अमृत' (अटल मिशन फॉर रीजुविनेशन ऐंड अर्बन ट्रांसफर्मेशन) शहरों में लगने शुरू हो जाएंगे क्योंकि केंद्र सरकार इस साल 'वैल्यू कैप्चर फाइनैंस पॉलिसी फ्रेमवर्क' लागू करने जा रही है। शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से तैयार हुए नोट के मुताबिक इस तरह का 'बेटरमेंट टैक्स' या 'बेहतरी कर' आपकी प्रॉपर्टी की कीमत में हुई बढ़ोतरी का एक तिहाई तक हो सकता है।
वित्त मंत्रालय ने एक ऑफिस मेमोरैंडम जारी किया है जिसके मुताबिक, 'सरकार ने फैसला लिया है कि VCF (वैल्यू वेंचर कैप्चर फाइनैंसिंग) केंद्र सरकार के सभी प्रॉजेक्ट्स के डीटेल्ड प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (DPR) का अभिन्न हिस्सा होगा।' इसके पीछे आइडिया यह है कि अगर एलिवेटेड रोड, मेट्रो रेल या पावर प्लांट जैसे किसी सरकारी परियोजना से आपके प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है तो बढ़ी हुई कीमत का फायदा डिवेलपिंग एजेंसी को भी मिलना चाहिए। सरकार इस पैसे से शहरों में इन्फ्रस्ट्रक्चर के विकास में तेजी और स्थिति बदलने की उम्मीद कर रही है।

सातवां वेतन आयोग : कर्मचारी नेताओं के साथ आज होगी अलाउंस समिति की अहम बैठक

नई दिल्ली: सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की रिपोर्ट की सिफारिश के बाद अलाउंस को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार द्वारा गठित समिति कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बात कर रही है. पिछले एक महीने में कई बार यह खबर आई की इस समिति ने बातचीत पूरी कर ली है और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. लेकिन बाद में फिर यह बात साफ हुई कि समिति अभी भी कर्मचारी प्रतिनिधियों से बात कर रही है.
सूत्रों का कहना है कि आज भी समिति की एक बैठक कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से होने जा रही है. इस बैठक में क्या निर्णय होगा. इस बारे में बैठक के बाद पता चलेगा. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को एचआरए, टीए-डीए के साथ-साथ कई और अलाउंस के मुद्दे पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आपत्ति है. उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों के शासन काल से चले आ रहे कई भत्तों को सातवें वेतन आयोग ने समाप्त कर दिया है. सातवें वेतन आयोग ने मौजूद 196 अलाउंस में अधिकतर को या तो समाप्त कर दिया या फिर उसे मिलाकर केवल 55 अलाउंस रखे हैं.
सातवें वेतन आयोग (seventh Pay Commission) की सिफारिशों पर केंद्रीय कर्मचारियों की आपत्तियों के निराकरण के लिए सरकार ने सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तीन समितियों को गठन किया था जिनको कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया था. इन  समितियों में एक समिति वित्त सचिव अशोक लवासा के नेतृत्व में बनाई गई थी. इसी समिति के पास अलाउंस का मुद्दा भी था. पहले कहा जा रहा था कि फरवरी की 22 तारीख को इस समिति की अंतिम बैठक हुई जिसमें कर्मचारियों से अंतिम बार अलाउंस के मुद्दे पर चर्चा की गई थी. अलाउंस समिति से बातचीत करने के लिए कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए के प्रतिनिधि शामिल हुए थे.
 

सॉफ्टबैंक कर रहा स्नैपडील के फ्लिपकार्ट में विलय की कोशिश

मुंबईः ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच विलय हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस विलय को कराने के लिए जापान की दिग्गज कंपनी सॉफ्टबैंक कोशिश कर रही है। अगर यह डील फाइनल हुई तो घरेलू ई-कॉमर्स मार्कीट की तस्वीर बदल जाएगी। 
इस विलय के बाद सॉफ्टबैंक नई कंपनी में 1.5 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती है। सॉफ्टबैंक नई कंपनी के प्राइमरी और सेकंडरी शेयरों की अच्छी-खासी तादाद अपने पास रख सकती है। सूत्रों के मुताबिक अगर विलय हुआ तो नई कंपनी का करीब 15 प्रतिशत शेयर सॉफ्टबैंक के पास रहेगा। स्नैपडील के सबसे बड़े निवेशक सॉफ्टबैंक का इस भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी में 30 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा शेयर है जिसका 2016 की शुरूआत में इन शेयरों का मूल्य 6.5 अरब डॉलर था।
संभावित विलय के इस डील में फ्लिपकार्ट के सबसे बड़े निवेशक अमरीका के टाइगर ग्लोबल की 1 अरब डॉलर के शेयरों की बिक्री भी शामिल हो सकती है। फ्लिपकार्ट में टाइगर ग्लोबल की करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अमरीकी कंपनी अपनी हिस्सेदारी का करीब 10 प्रतिशत बेच सकती है। सूत्रों के मुताबिक टाइगर ग्लोबल संभावित विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होगी।
जानकारी के मुताबिक सॉफ्टबैंक ने स्नैपडील के पास 3 विकल्प रखे हैं- फ्लिपकार्ट के साथ विलय, अलीबाबा की अगुवाई वाले पेटीएम के साथ जुड़ना या सॉफ्टबैंक का निवेश शून्य करना। सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल के आखिर तक स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के विलय पर मुहर लग सकती है। विलय को लेकर फरवरी से ही बातचीत चल रही है और पिछले 15 दिनों से तो सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सोन खुद इससे सीधे जुड़े हुए हैं।