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GST कलैक्शन का नया रिकॉर्ड, पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा

नई दिल्लीः देश में पहली बार गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जी.एस.टी.) ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अप्रैल 2018 में जी.एस.टी. कलाकशन एक लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में कुल जी.एस.टी. कलैक्‍शन 1,03,458 करोड़ रुपए रहा। बता दें, देशभर में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स 1 जुलाई 2017 से लागू हो गया है।  वित्त मंत्रालय ने कहा है कि अप्रैल महीने में समायोजन के बाद केंद्र और राज्य सरकारों से प्राप्त कुल राजस्व में 32,493 करोड़ रुपए सीजीएसटी और 40,257 करोड़ रुपए एसजीएसटी के तहत कलेक्ट हुए हैं। सरकार ने कहा कि अप्रैल में कंपोजिशन डीलर्स को तिमाही रिटर्न भी दाखिल करना था। 19.31 लाख कंपोजिशन डीलर्स में से 11.47 लाख डीलर्स ने तिमाही रिटर्न (जीएसटीआर 4) दाखिल किया, जोकि 59.40 फीसदी है और 579 करोड़ रुपए टैक्स दिया। यह कुल प्राप्त 1.03 लाख करोड़ जीएसटी में शामिल है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जीएसटी रेवेन्यू में उछाल अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी और बेहतर स्थिति को दर्शाता है। 
 

NCLAT ने गूगल पर 136 करोड़ रुपए के जुर्माने के आदेश पर लगाई रोक

नई दिल्लीः राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एन.सी.एल.ए.टी. ) ने आज भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सी.सी.आई.) के गूगल पर जुर्माने के आदेश पर रोक लगा दी। सी.सी.आई. ने ऑनलाइन सर्च बाजार में अनुचित कारोबारी प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए गूगल पर 136 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।
28 मई को होगी सुनवाई
न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली एन.सी.एल.ए.टी. पीठ ने सी.सी.आई. के आदेश के खिलाफ गूगल की याचिका स्वीकार करते हुए दिग्गज सर्च इंजन कंपनी को जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि 4 हफ्ते में जमा करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सुनवाई 28 मई को होगी।
यह है मामला
गूगल के प्रवक्ता ने कहा, 'न्यायाधिकरण ने सी.सी.आई. के आदेश और उससे जुड़े निष्कर्षों के पहलुओं की समीक्षा के लिए हमारी अपील स्वीकार कर ली है।' उल्लेखनीय है कि इस वर्ष फरवरी में आयोग ने गूगल पर भारतीय बाजार में ऑनलाइन सर्च में अनुचित कारोबारी प्रक्रियाओं को अपनाने के चलते 136 करोड़ रुपए के जुर्माने का आदेश दिया था। आयोग ने गूगल के खिलाफ 135.86 करोड़ रुपए का यह जुर्माना 2012 में उसके विरुद्ध दायर की गई‘ अविश्वासी आचरण की शिकायतों के आधार पर लगाया था। यह कंपनी के भारतीय परिचालन से विभिन्न कारोबारों से 2013, 2014 और 2015 में हुई कुल औसत आय के 5 प्रतिशत के बराबर है। इस संबंध में गूगल के खिलाफ मैट्रिमोनी डॉट कॉम और कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसायटी ने शिकायत दायर की थी। 
 

रुपए में कमजोरी से आपकी जेब पर पड़ेगा असर, महंगी होंगी ये चीजें

नई दिल्लीः 2018 की शुरुआत से ही रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। पिछले एक हफ्ते में रुपया 14 महीने के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। खबरों की मानें तो रुपए का मूल्य अभी और गिर सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो रुपया 68 प्रति डॉलर के पार जा सकता है। ऐसे में साफ संकेत हैं कि रुपए की कमजोरी से सरकार के साथ-साथ आम आदमी की जेब पर भी असर पड़ेगा। आइए जानें रुपए में गिरावट से आप पर क्अया होगा असर? 

बढ़ सकती है महंगाई
भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी पैट्रोलियम प्रोडक्‍ट आयात करता है। रुपए में गिरावट से पैट्रोलियम प्रोडक्ट्स का आयात महंगा हो जाएगा। तेल कंपनियां पैट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों में बढ़ोत्‍तरी कर सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई में तेजी आ सकती है। इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है। रुपए के कमजोर होने से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

महंगा होगा पैट्रोल-डीजल
एक अनुमान के मुताबिक डॉलर के मूल्य में एक रुपए की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों पर 8,000 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ जाता है। इससे उन्हें पैट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ता है। पैट्रोलियम उत्पाद की कीमतों में 10 फीसदी बढ़ोतरी से महंगाई करीब 0.8 फीसदी बढ़ जाती है। इसका सीधा असर आपने खाने-पीने और परिवहन लागत पर पड़ता है।



दवाओं के दाम पर असर
देश में कई जरूरी दवाएं बाहर से आती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट की वजह से दवाओं के आयात के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है, जिससे वह महंगी हो जाती हैं। घरेलू बाजार में पहले ही दवाओं की कालाबाजारी की वजह से महंगी दवाएं मिलती हैं। ऐसे में रुपए की कमजोरी से दोहरी मार पड़ सकती है।



विदेश में पढ़ाई होगी महंगी
रुपए की गिरावट से विदेश में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। रुपए की गिरावट के साथ-साथ यह खर्च भी बढ़ जाता है। भारतीय छात्रों के लिए यूएस, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसी देशों में पढ़ाई के लिहाज से सबसे ज्यादा ऑप्शन हैं। विदेश की यूनिवर्सिटीज में ज्यादा ट्यूशन फीस होती है और अब रुपए की कमजोरी से इन देशों की करेंसी के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। इससे पढ़ाई का खर्चा बढ़ जाता है।



महंगा होगा सफर 
रुपए की कमजोरी से विदेश यात्रा भी महंगी हो जाती है। दरअसल, रुपए के मुकाबले किसी भी देश की करेंसी एक्सचेंज में आपको ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है। इसके अलावा अन्य चीजों के लिए भी भुगतान ज्यादा करना पड़ता है। हालांकि, फ्लाइट और होटल बुकिंग रुपए में हो सकती है लेकिन विदेश में होने वाले खर्च पर आपको अतिरिक्त पैसे चुकाने पड़ते हैं। ऐसे में अगर आप भी विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे हैं तो निश्चित तौर पर रुपए की गिरावट चिंता की बात है।



रुपया गिरने से इनको फायदा
रुपए में कमजोरी से जहां इतनी चीजें महंगी हो जाती हैं। वहीं, कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं जिन्हें इससे फायदा मिलता है। सबसे पहले तो देश के एक्सपोर्ट्स को इसका फायदा होता है। वहीं, आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल, डायमंड, जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर को इसका फायदा मिलता है। देश से निर्यात होने वाले उत्पाद जैसे चाय, कॉफी, चावल, गेहूं, कपास, चीनी और मसाले से जुड़ी कंपनियो या एक्सपोर्ट्स को फायदा मिलता है। कृषि और इससे जुड़ उत्पाद के निर्यातकों को रुपए में गिरावट का लाभ होता है।

सरकार ने फर्टिलाइजर कंपनियों को दी बड़ी राहत

 

नई दिल्लीः फर्टिलाइजर कंपनियों को सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत फर्टिलाइजर कंपनियों को महज 15 दिन के भीतर सब्सिडी का भुगतान मिलेगा। जानकारी के मुताबिक वर्ष के अंत तक पूरे देश में डीबीटी लागू करने की योजना है।
गौरतलब है कि फर्टिलाइजर सेक्टर में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) बाकी सेक्टर से अलग है। बाकी सेक्टर में लाभार्थी को सब्सिडी दी जाती है, जबकि फर्टिलाइजर सेक्टर में कंपनियों को सब्सिडी दी जाती है। फर्टिलाइजर कंपनियों को बिक्री आंकड़ों के आधार पर सब्सिडी मिलेगी। अभी फर्टिलाइजर कंपनियों को सब्सिडी के भुगतान में साल भर लग जाते हैं। 

Essar Oil बदलेगी अपना नाम, देश में हैं 4500 पेट्रोल पंप

नई दिल्लीः रूसी पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व वाली एस्सार आयल लिमिटेड ने अपनी कॉरपोरेट पहचान बदलकर नायरा एनर्जी लिमिटेड करने का फैसला किया है। कंपनी ने आज यह जानकारी दी। रोसनेफ्ट और उसके भागीदारों ने पिछले साल अगस्त में 12.9 अरब डॉलर के सौदे में एस्सार आयल का अधिग्रहण पूरा किया था, जिससे वह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजार में उतर पाई है। कंपनी ने बयान में कहा कि एस्सार आयल ने अपनी कॉरपोरेट पहचान को बदलकर नायरा एनर्जी लिमिटेड करने के लिए मंजूरी मांगी है। एस्सार आयल के लिए नई कॉरपोरेट पहचान कंपनी को नया ब्रांड और पहचान बनाने की रणनीति के अनुरूप है। रोसनेफ्ट के पास कंपनी की 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं वैश्विक ट्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी ट्रैफिगुरा और रूस की यूसीपी इन्वेस्टमेंट समूह के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एस्सार आयल गुजरात के वाडिनार में सालाना दो करोड़ टन की रिफाइनरी का परिचालन करती है। इसके 4,473 पेट्रोल पंप हैं। एस्सार आयल की नई मालिक कंपनी का पेट्रोल पंप नेटवर्क को 6,000 आउटलेट्स तक पहुंचाने का लक्ष्य है।       

महंगे डीजल से मुश्किल में ट्रांसपोर्टर, दी हड़ताल की धमकी

नई दिल्लीः देश भर में बढ़ते पैट्रोल-डीजल के दामों को लेकर अब आम जनता का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। डीजल ने के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टरों को मुश्किल भी बढ़ गई है जिस कारण सरकार पर दबाव डालने के लिए ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। ट्रांसपोर्टरों ने डीजल की महंगाई से राहत के लिए केंद्र व राज्य सरकारों से कर घटाने की मांग की है।

मुनाफे पर पड़ी चोट
बीते 6 माह के दौरान डीजल के दाम 15 फीसदी बढ़ चुके हैं। मंगलवार को दिल्ली में डीजल की कीमत 65.93 रुपए लीटर रही। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कहा कि आए दिन दाम बढऩे का बोझ माल बुक कराने वालों पर डालना संभव नहीं है क्योंकि बुकिंग सौदे लंबी अवधि के होते हैं। ऐसे में बढ़े हुए दाम का ज्यादातर हिस्सा ट्रांसपोर्टरों को वहन करना पड़ रहा है, जिससे मुनाफे पर चोट पड़ रही है।

साल भर में मुनाफा 5-7 फीसदी से घटकर 3-4 फीसदी रह गया है। इस समय तो ट्रांसपोर्टरों को नुकसान तक उठाना पड़ रहा है। सिंघल ने कहा कि ट्रांसपोर्टर हड़ताल करने पर चर्चा कर रहे हैं। दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि जिस तरह से डीजल के दाम बढ़ रहे हैं और सरकार हस्तक्षेप नहीं कर रही है, ऐसे में ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर जा सकते हैं।

42 साल पुरानी इस कंपनी को बेचेगी मोदी सरकार, जानिए क्या है वजह?

केंद्र की मोदी सरकार ने 42 साल पुरानी मिनी रत्न कंपनी ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन को बेचने का फैसला ले लिया है। माना जा रहा है कंपनी की हिस्सेदारी बेचने के बाद सरकारी खजाने में लगभग 1400 करोड़ रुपए आएगा। सरकार की ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन में 73.46 फीसदी हिस्सेदारी है। यह कंपनी शिपिंग मिनिस्ट्री के अधीन है इस​की स्थापना 1976 में विशाखापटनम में हुई थी। 
यह कंपनी मेंटेनेंस ड्रेजिंग, कैपिटल ड्रेजिंग, बीच नरिशमेंट, लैंड रिक्लेमेशन, शैलो वाटर ड्रेजिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टैंसी और मरीन कंस्ट्रक्शन से जुड़ी हुई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन का प्रदर्शन पिछले काफी समय से निराशाजनक रहा। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा बिना बदलाव के 3.97 करोड़ रुपए रहा था। वहीं, इस दौरान कंपनी की आय 10.8 फीसदी बढ़कर 157.9 करोड़ रुपए रही थी। कैबिनेट कमिटी ऑन इकनॉमिक अफेयर्स पहले ही इसे बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। 
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ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन में करीब 500 कर्मचारी हैं। शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक कंपनी के मालिक ही कर्मचारियों पर फैसला लेंगे। सूत्रों के अनुसार कंपनी ने पिछली तिमाही में वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर डिविडेंड देने में असमर्थता जताई थी। ड्रेजिंग कॉर्प ने खराब वित्तीय हालात का हवाला दिसा था जिसका कंपनियों से जुड़े मंत्रालय ने समर्थन किया।

एक तस्वीर जो बदल देगी आपकी जिंदगी

वास्तु शास्त्रियों के अनुसार पक्षी शुभता के प्रतीक हैं। माना जाता है कि इनमें अनिष्ट करने वाले तत्वों को काबू करने की शक्तियां होती हैं, इसलिए इनकी दृष्टि को बहुत शुभ माना जाता है। घर व दुकान में पक्षियों के चित्र आदि लगाने से सफलता के मार्ग में आने वाली सभी परेशानियां खत्म होने लगती हैं। इससे निश्चित ही सकारात्मकता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है। इन्हें लगाने से पूर्व सही दिशा का चयन करना भी अति आवश्यक है। जैसे हमेशा पक्षियों की तस्वीरें या मूर्ति एेसी जगह पर लगाएं जहां बार-बार आपकी नज़र पड़े। 


 
किसी भी पक्षी की तस्वीर या मूर्ति लगाने के विभिन्न शुभ-अशुभ प्रभाव होते हैं। फिनिक्स पक्षी सफलता प्रदान करने वाली ऊर्जा, प्रसिद्धि और विकास का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी तस्वीर को घर के दक्षिणी भाग में रखने से सफलता के रास्ते में आ रही कठिनाईयों से बाहर निकलने में आसानी होती है। यह व्यक्ति को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। जिससे उस व्यक्ति में अपने काम के प्रति एक नई उमंग उत्पन्न होने लगती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वास्तव में फिनिक्स नाम का कोई पक्षी नहीं है, बल्कि यह एक कल्पानाकृति है, जिसे सफलता का रूप माना जाता है।   

 

असली पक्षियों को पालना भी घर में शुभता लेकर आता है। सुबह शाम घर की छत पर पानी से भरा कटोरा रखें और सतनाजा डालें। जब पक्षी आपके घर की छत पर चहकेंगे तो घर के इिर्द-गिर्द फैली नकारत्मकता का नाश होगा और सकारात्मकता का संचार होगा। वास्तु के अनुसार जब पक्षी भोजन करके उड़ेगे तो घर की नकारात्मकता भी साथ ले जाएंगे। रूपए-पैसे से संबंधित समस्याएं भी खत्म होती हैं।

बाजार में तेजी, सैंसेक्स 166 अंक चढ़ा और निफ्टी 10610 के पार बंद

नई दिल्लीः ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में आज सैंसेक्स 165.87 अंक यानि 0.48 फीसदी बढ़कर 34,616.64 पर और निफ्टी 29.65 अंक यानि 0.28 फीसदी बढ़कर 10,614.35 पर बंद हुआ।

मिड-स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट दिखी है। बीएसई के मिडकैप इंडेक्स में 0.02 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स 0.05 फीसदी तक गिरकर बंद हुआ है।

बैंक निफ्टी में तेजी
बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में आज तेजी देखने को मिली है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.38 फीसदी, एफएमसीजी शेयर 0.20 फीसदी, ऑटो शेयर 0.22 फीसदी, फार्मा शेयर 0.38 फीसदी बढ़े हैं। मेटल शेयरों में 1.92 फीसदी और आईटी शेयरों में 1.99 फीसदी की गिरावट है।

टॉप गेनर्स
रिलायंस, यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी, अदानी पोर्ट्स

टॉप लूजर्स
हिंडाल्को, विप्रो, इंफोसिस, वेदांता, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, एसबीआई, टीसीएस

8 फ्लोटिंग रेस्टोरेंट मोह लेंगे हर किसी का मन

जब हम किसी जगह घूमने जाते है, वहां के मशहूर जगहें देखने के बाद किसी अच्छे से होटल या रेस्टोरेंट में बैठकर खाना जरूर खाते है। अगर वहीं पानी में तैरते हुए खाने का मौका मिल जाए, तो बात बन जाती है। वैसे तो दुनियां में आपको अनेक रेस्टोंरेंट मिलेंगे, जहां की खूबसूरती और सुविधाएं हर किसी को मोह लेती है लेकिन फ़्लोटिंग रेस्टोरेंट का नजारा ही अलग है। आज हम आपको कुछ Floating Restaurant के बारे में बताएंगे, जहां का खाना और नजारा आपको दोनों ही खूब पसंद आएगा। 

 


1. Veli Lake Floating Restaurant, Kerala 
केरल का यह फ्लोटिंग रेस्टोरेंट दुनियाभर में मशहूर है। यह तिरुअंनतपुरम से 8 कि.मी की दूरी पर पानी में तैरने वाला रेस्टोरेंट झील पर बसे गांव के बीचोंबीच स्थित है। वहीं यहां का खाना भी लाजवाब होता है। 

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2. Jumbo Kingdom Restaurant, Hong Kong
यह दुनिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में शामिल है, जो हांगकांग में स्थित है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस रेस्टोरेंट में लगभग 2300 से अधिक लोग बैठकर खाना खा सकता है। वहीं इस रेस्टोंरेंट में बैठकर खाना खाने का अपना अलग ही नजारा है। 

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3. Sea Palace, Amsterdam, Netherlands
यह यूरोप का सबसे पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट है। सी पैलेस रेस्टोरेंट चाइनीज आर्किटेक्चर का खूबसूरत नमूना पेश करता है, इसकी बनावट हर किसी को मोह लेती है। 

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4. BBQ Donut Restaurant, Germany
जर्मनी के बीबीक्यू डोनट रेस्टोरेन्ट का नाम दो फूड आइटम से बना है। यह पानी में तैरने वाला टेबल रेस्टोरेंट फूड सर्विंस के लिए भी मशहूर है। 

इस देश की खूबसूरती करती है टूरिस्ट को अट्रैक्ट

दुनियाभर में घूमने-फिरने के लिए बहुत सी खूबसूरत जगहे हैं। लॉग वीकेंड के लिए लोग अक्सर सुकून से भरी जगहों पर घूमने का प्लान करते हैं। ऐसे में आप हम आपको ऐसी ही एक खूबसूरत जगहे के बारे में बताने जा रहे हैं। स्विट्जरलैंड के बारे में तो हर कोई जानता है और यहां घूमने के लिए भी हर साल कई टूरिस्ट आते हैं। यहां की खूबसूरती ही नहीं बल्कि संस्कृति भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। फेमस होने के साथ-साथ यह शहर बेहद खूबसूरत भी है। चलिए आपको बताते है इस शहर के बारे में कुछ खास बातें।
 

स्विट्जरलैंड शहर की खूबसूरत वादियां पर्यटकों के आकर्षक का सबसे मुख्य केंद्र है। यह देश अपने खूबसूरत पहाड़ों, स्पोर्ट्स प्लेस, हरियाली और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के लिए दुनियाभर में फेमस है। इस देश का सफर आपके लिए बेहद रोमांचकारी होगा। अगर आप इस शहर में घूमने के प्लान बना रहे हैं तो स्विट्जरलैंड के इन शहरों को देखना न भूलें। गर्मियों में घूमने के लिए तो स्विट्जरलैंड और इसके ये शहर बिल्कुल परफेक्ट हैं।

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1. इंटरलेकन ओस्ट
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस शहर में आप स्विट्जरलैंड के इतिहास के बारे में अच्छी तरह जान सकते हैं। इस शहर की हाउसिंग स्टोर, स्विस चॉकलेट और वोडका बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं।

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2. जंगफ्रोज
यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत श्रंखला बना स्विट्जरलैंड का यह छोटा सा शहर बेहद खूबसूरत है। गर्मी के मौसम में यहां आइस स्कीइंग का लुफ्त उठाया जा सकता है। यहां की बर्फ पर पड़ती सूरज की किरणों इस शहर की खूबसूरती को बढ़ा देती हैं।

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3. शिल्थॉर्न ग्लेशियर
अगर आप गर्मियों में भी ठंडी-ठंडी बर्फ का मजा लेना चाहते हैं तो शिल्थॉर्न ग्लेशियर बेस्ट जगहें है। यह शहर बर्फीले शहरों के साथ-साथ भव्य रेस्टोरेंट की श्रृंखला के लिए भी फेमस है।

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4. ग्लेशियर ग्रोटो
यहां पर बर्फ में बनी बहुत सी सुदंर गुफाएं हैं, जिनकी दीवारों पर 8,450 लेम्पस जगमगाते हैं। यहां के 'हॉल ऑफ फेम' में स्विट्जरलैंड में आए प्रमुख हस्तियों की तस्वारे लगाई गई हैं, जिनमें से कई भारतीय सेलेब्स भी हैं।

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5. ग्रोरनरग्रेट
इस शहर को स्विट्जरलैंड का स्वर्ग भी कहा जाता है। सर्दियों में बर्फ से ठका रहने वाला यह शहर गर्मियों में फूलों की घाटी में बदल जाता है। इसके अलावा जुलाई के महीने में इस शहर में सरकार की तरह से स्पैशल म्यूजिक प्ले करवाया जाता है। इसमें लगातार 7 घंटे तक लाइव कांसर्ट होते है।

ITR भरने वालों को राहत, छुट्टी के इन 3 दिनों में भी खुले रहेंगे आयकर कार्यालय

नई दिल्लीः आयकर कार्यालय तथा आयकर सेवा केंद्र 29 से 31 मार्च के दौरान छुट्टियों में भी खुले रहेंगे। आयकर दाताओं को वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले कर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है। आकलन वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिए विलंब से भरी जाने वाली रिटर्न और निर्धारण वर्ष 2016-17 के संशोधित रिटर्न 31 मार्च, 2018 तक दाखिल किए जा सकते हैं।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘आयकर रिटर्न तथा अन्य संबंधित कामकाज को पूरा करने के लिए देशभर में सभी आयकर कार्यालय 29 से 31 मार्च, 2018 तक खुले रहेंगे।’’ जहां 29 मार्च को महावीर जयंती तथा 30 मार्च को गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य में अवकाश है। वहीं 31 मार्च को शनिवार है और यह चालू वित्त वर्ष 2017-18 का अंतिम दिन है। बैंक भी 29 और 30 मार्च को बंद रहेंगे।  बयान में कहा गया है कि आयकर सुविधा केंद्र भी इन दिनों में खुले रहेंगे। वक्तव्य में कहा गया है कि आयकर सुविधा केन्द्रों पर करदाताओं को सहायता उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे ताकि वह अपनी रिटर्न दाखिल कर सकें।