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भारत में सबसे ज्यादा बिकती हैं ये 11 कारें

नई दिल्ली। भारत का वाहन उद्योग दुनिया में सबसे बड़ा है, जिसकी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 7.1 फीसदी हिस्सेदारी है। बढ़ते मध्यम वर्ग और युवाओं की बढ़ती आबादी के कारण यह उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और पिछले साल देश में लगभग 2.5 करोड़ वाहनों (पीवी) की बिक्री हुई, जिसमें 30,46,727 यात्री वाहनों (कार, वैन, एसयूवी, जीप) की बिक्री हुई।

इसके अलावा भारत वाहनों का प्रमुख निर्यातक है, जिसमें अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद है। देश के वाहन निर्यात की वृद्धि दर साल-दर-साल आधार पर अप्रैल-दिसंबर (2017) अवधि में 13.01 फीसदी रही है। 

तो आइए देखते हैं कि पिछले साल (2017) देश में कौन से कारों की सबसे ज्यादा बिक्री हुई। 

देश में सबसे ज्यादा मारुति सुजुकी की गाडिय़ां बिकती हैं और हरेक 10 कारों में से 7 कारें इसी कंपनी की बिकती हैं। साल 2017 में सबसे ज्यादा बिकनेवाली कार मारुति सुजुकी ऑल्टो रही। पिछले साल कुल 2,57,732 ऑल्टो कारों की बिक्री हुई, जो कि औसतन 21,478 वाहन प्रति माह और 716 कारें रोजाना है। हालांकि जून में सबसे कम 14,856 ऑल्टो कारों की बिक्री हुई है। इसकी बिक्री में पिछले साल साल-दर-साल आधार पर 13 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया।

देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में दूसरे नंबर पर पिछले साल मारुति सुजुकी की ही स्विफ्ट डिजायर कार रही, जिसकी कुल 2,25,043 इकाइयों की बिक्री हुई। कंपनी ने मई में डिजायर का नया संस्करण लांच किया था, जिसे ग्राहकों ने हाथों हाथ लिया और लांच होने के पहले दो महीनों में ही क्रमश: 30,934 और 34,305 स्विफ्ट डिजायर कारों की बिक्री हुई। पिछले साल औसतन 18754 स्विफ्ट डिजायर की हर महीने बिक्री हुई। 

देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में तीसरे नंबर पर भी मारुति सुुजुकी की कार बलेनो रही। साल 2017 में कुल 1,77,209 बलेनो कार की बिक्री हुई। साल 2016 में कुल 97,580 बलेनो कार की बिक्री हुई और एक साल बाद इसमें 81 फीसदी की विशाल वृद्धि दर देखी गई। एक साल पहले की तुलना 2017 में बलेनो की बिक्री लगभग दोगुनी बढ़ गई। पिछले साल औसतन हर महीने 14,767 बलेनो कार की बिक्री हुई। 

देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में चौथे नंबर पर मारुति सुजुकी की स्विफ्ट रही। साल 2017 में कुल 1,67,371 स्विफ्ट कारों की बिक्री हुई, जोकि औसतन 13,948 कारों की हर महीने बिक्री रही। इस कार की इतनी मांग है कि बाजार में नया मॉडल लांच होने के बावजूद दिसंबर तक पुराने मॉडल का उत्पादन होता रहा। 

सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में पांचवे नंबर पर भी मारुति सुजुकी की ही वैगन आर रही। 2017 में कुल 1,66,814 वैगन आर कारों की बिक्री हुई। यह कार कई साल से मध्य वर्ग की पसंदीदा कार है और दिल्ली, मुबंई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों की सडक़ों पर शायद सबसे ज्यादा वैगन आर कारें ही दिखती हैं। मारुति सुजुकी ने साल 2017 में औसतन हर महीने 14,000 वैगन आर की बिक्री की। यह एक भरोसेमंद, कुशल और कम रखरखाव वाली कार है, जिसने सितंबर (2017) में 20 लाख कारों की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया। 

कंपनी मार्च (2018) में वैगन आर का नया संस्करण लांच करने जा रही है जो सुजुकी के नए हार्टेक प्लेटफार्म पर आधारित है। इस प्लेटफार्म पर बनने वाली कारों का वजन कम होता है तथा मजबूती और ईंधन दक्षता अधिक होती है। चर्चा है कि साल 2018 में मारुति सुजुकी इस कार को डीजल इंजन के साथ भी बाजार में उतारेगी।

देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में छठे पर दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई की ग्रैंड आई10 रही। पिछले साल कुल 1,54,787 ग्रैंड आई10 की बिक्री हुई थी। कोरियाई कारें अपने प्रीमियम इंटीरियर और फिट और फिनिश के लिए जानी जाती हैं। पिछले साल हुंडई भारतीय बाजार में हर माह औसतन 12,900 ग्रैंड आई10 की बिक्री करने में सफल रही। हुंडई ने फरवरी (2017) में आई10 का नया संस्करण लांच किया था, जो ज्यादा क्षमता की डीजल इंजन के साथ था। 
 

IMF ने दी चेतावनी, ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से अमेरिका को होगा नुकसान

वाशिंगटनः अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के इस्पात आयात पर 25 फीसदी और एल्यूमीनियम पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाने के प्रस्‍ताव का अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आई.एम.एफ.) ने विरोध किया है। आई.एम.एफ. ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह का कदम अमेरिका के साथ-साथ कई दूसरे देशों को नुकसान पहुंचा सकता है। 

दूसरे देशों को भी होगा नुकसान 
आई.एम.एफ. के प्रवक्ता गेरी राइस ने कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा घोषित आयात प्रतिबंध से न केवल अमेरिकी के बाहर नुकसान होगा बल्कि अमेरिका में विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र समेत उसकी अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित होगी।’’ अमेरिका का विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र एल्यूमीनियम और इस्पात का सबसे बड़ा खपतकर्ता है।

राइस ने कहा, ‘‘हम अमेरिका तथा उसके कारोबारी सहयोगियों को व्यापार बाधाएं कम करने तथा व्यापार को लेकर असहमति को दूर करने को लेकर साथ मिलकर रचनात्मक तरीके से काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।’’   

कनाडा ने किया विरोध 
अमेरिका की इस घोषणा को लेकर प्रमुख सहयोगी देशों कनाडा, यूरोपीय संघ, आस्ट्रेलिया तथा मेक्सिको ने नाराजगी जताई है। कनाडा तथा जर्मनी दोनों ने शुल्क को अस्वीकार्य करार दिया है। हालांकि, ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ‘‘व्यापार युद्ध बेहतर होते हैं।’’ उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘अमेरिका को व्यापार में अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है और वह व्यापार की लड़ाई में आसानी से जीत हासिल करेगा।’’  

भारत- प्रशांत क्षेत्र को खुला रखने का भारत, वियतनाम का संकल्प

नई दिल्लीः भारत और वियतनाम ने नियम आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था का आह्वान करते हुए भारत- प्रशांत क्षेत्र को खुला रखने का संयुक्त रूप से आज संकल्प व्यक्त किया और परमाणु सहयोग सहित तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांग ने आपसी बातचीत में रक्षा, तेल एवं गैस और कृषि सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वियतनाम के राष्ट्रपति की उपस्थिति में मोदी ने मीडिया को जारी वक्तव्य में कहा, ‘‘हम मिलकर एक ऐसे खुले, स्वतंत्र और प्रगति वाले भारत- प्रशांत क्षेत्र के लिए काम करेंगे जिसमें संप्रभुत्ता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान होगा और जहां मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दोनों ही पक्ष एक खुले, सक्षम और नियम आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था के लिए और द्विपक्षीय समुद्री क्षेत्र सहयोग का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ भारत, वियतनाम के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब समूचे क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ रहा है। रक्षा सहयोग के मामले में प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा उत्पादन में गठजोड़ करने और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में अवसर तलाशने का फैसला किया है।

बातचीत के दौरान, मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम तेल और गैस खोज, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और कपड़ा जैसे क्षेत्रों में व्यापार और निवेश संबंधों को और गहरा करने पर भी सहमत हुए हैं। इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि उनके बीच बातचीत सभी क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करते हुए देश के वृहद रणनीतिक भागीदारी के आधार पर मजबूती के लिये कदम उठाये जाने चाहिए। 

IRCTC ने किया टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव

मुंबई: भारतीय रेलवे ने आई.आर.सी.टी.सी. वैबसाइट के जरिए टिकट बुक करने को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। एक मार्च से आप मुंबई सबअर्बन सीजन टिकट (MSST) आई.आर.सी.टी.सी. वैबसाइट के जरिए बुक नहीं कर पाएंगे।

हालांकि इसका मतलब ये कतई नहीं है कि अब आप घर बैठे यह काम नहीं कर सकेंगे। भारतीय रेलवे ने वैबसाइट की बजाय अब यह काम एप्प के जरिए करने की सुविधा दी है। रेलवे के अनुसार अब मुंबई सबअर्बन सीजन टिकट 'UTS' मोबाइल एप्प के जरिए बुक किया जा सकता है। यह एप्प गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

UTS एप्प
भारतीय रेलवे ने 'यूटीएस ऐप-अनरिजर्व्ड टिकट थ्रू मोबाइल एप्ल‍िकेशन' लांच किया है। इससे आप आसानी से सभी तरह के अनारक्ष‍ित टिकट बुक कर सकते हैं। इस एप्प के जरिए आप नया सीजन टिकट बनाने के साथ ही रिन्यू भी करवा सकते हैं।

ऐसे करें इस्तेमाल
इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको खुद को रजिस्टर करना होगा। जैसे ही आप खुद को रजिस्टर करेंगे, वैसे ही इसमें 'आर-वॉलेट' बन जाएगा। इस वॉलेट को आप यूटीएस काउंटर के जरिए रिचार्ज कर सकते हैं या फिर https://www.utsonmobile.indianrail.gov.in पर जाकर भी इसे रिचार्ज किया जा सकता है.

प्याज निर्यात 2 साल के निचले स्तर पर

नई दिल्लीः प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आई है। प्याज का निर्यात करीब 2 साल के निचले स्तर तक लुढ़क गया है। दिवाली के बाद देश में जब प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी तो सरकार ने प्याज निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य की शर्त लगाई थी जिस वजह से प्याज का मासिक निर्यात 2 साल के निचले स्तर तक लुढ़क गया है।

आंकड़ों के मुताबिक नवंबर के दौरान देश से सिर्फ 92944 टन प्याज का निर्यात हो पाया है, नवंबर 2015 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि मासिक निर्यात 1 लाख टन से नीचे फिसला हो। नवंबर से पहले अक्टूबर के दौरान देश से 1.75 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ था। आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले 8 महीने यानि अप्रैल से नवंबर 2017 के दौरान देश से 17.72 लाख टन प्याज का निर्यात हो पाया है।

PNB scam: घबराए विदेशी निवेशक, FPI ने फरवरी में 10 हजार करोड़ निकाले

नई दिल्लीः पंजाब नैशनल बैंक (पी.एन.बी.) घोटाले के असर से विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक शेयर बाजारों से करीब 10 हजार करोड़ रुपए (1.5 अरब डॉलर) निकाले। पी.एन.बी. ने 14 फरवरी को आभूषण कारोबारियों नीरव मोदी और मेहुल चौकसी समूह की कंपनियों द्वारा बैंक से धोखाधड़ी का खुलासा किया था। यह घोटाला 11,400 करोड़ रुपए का है।  

डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टपोलियो निवेशकों (एफ.पी.आई.) ने एक फरवरी से 23 फरवरी के बीच कुल 9,899 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की है। हालांकि इस दौरान उन्होंने ऋण बाजार में 1,500 करोड़ रुपए का निवेश किया है। जनवरी में एफ.पी.आई. ने 13,780 करोड़ रुपए का निवेश किया था।       

आनलाइन निवेश मंच 'ग्रो' के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी हर्ष जैन ने कहा, "जनवरी में अमेरिका में बेरोजगारी दर 17 साल के निचले स्तर 4.1 फीसदी पर रही। इसके अलावा इस बात की भी काफी आशंकाएं हैं कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दर बढ़ा सकता है। हमने वैश्विक स्तर पर बिकवाली देखी है। भारतीय बाजार से एफ.पी.आई. की निकासी के कारण यही हैं।"

इंटेलिस्टॉक्स की मुख्य निवेश सलाहकार नलिनी जिंदल ने कहा कि अमेरिका में मुद्रास्फीति कई साल के निचले स्तर पर है जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की आशंकाएं बलवती हुई हैं। इसके कारण एफ.पी.आई. सतर्कता बरत रहे हैं। 

जेतली का सरकारी बैंकों के निजीकरण से इनकार

नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेतली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की संभावना से इनकार किया है। पंजाब नैशनल बैंक (पी.एन.बी.) में सामने आए 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले के संदर्भ में वित्त मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण को राजनीतिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

इकनॉमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए जेतली ने कहा कि पी.एन.बी. घोटाले के बाद काफी लोगों ने निजीकरण की बात शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, "इसके लिए बड़ी राजनीतिक सहमति की जरूरत है। साथ ही बैंकिंग नियमन कानून का भी संशोधन करना पड़ेगा। मुझे लगता है कि भारत में राजनीतिक रूप से इस विचार के पक्ष में समर्थन नहीं जुटाया जा सकता। यह काफी चुनौतीपूर्ण फैसला होगा।"

उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष राशेष शाह ने शुक्रवार को वित्त मंत्री से मुलाकात कर चरणबद्ध तरीके से बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह कहा था। शाह ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र में सिर्फ दो-तीन बैंक होने चाहिए। नीरव मोदी द्वारा पी.एन.बी. से घोटाला किए जाने के बाद से निजीकरण की मांग उठने लगी है। उद्योग मंडल एसोचैम ने भी सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 प्रतिशत से कम पर लाने को कहा है। कुछ उद्योगपतियों ने भी बैंकों के निजीकरण का समर्थन किया है।  

बीएसएनएल ने 1GB डाटा प्रति दिन 1 साल के लिए देकर एयरटेल और जियो को दी टक्कर

नई दिल्ली(टेक डेस्क)। टेलिकॉम इंडस्ट्री में चल रही वॉयस कॉल और डाटा वॉर में उतरते हुए बीएसएनएल ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए नए मैक्सिमम प्लान की घोषणा की है। यूजर्स को यह प्लान 999 रुपये का पड़ेगा। इस प्लान को जियो और एयरटेल, वोडाफोन जैसी टेलिकॉम कंपनियों के प्लान्स को टक्कर देने के लिए लाया जा रहा है।

बीएसएनएल 999 रु प्लान डिटेल्स

बीएसएनएल का नया मैक्सिमम प्लान नार्थ-ईस्ट इण्डिया, जम्मू और कश्मीर और असम के अलावा सभी सर्कल्स में उपलब्ध है। इस नए प्लान में फ्री और अनलिमिटेड डाटा के साथ फ्री वॉयस कॉल बेनिफिट्स और एसएमएस मिलेंगे।

यह प्लान 365 दिनों की यानि की एक साल की वैलिडिटी के साथ आता है। हालांकि, टैरिफ में रिचार्ज के बाद शुरू के 181 दिनों के बाद बदलाव होता है। बीएसएनएल अनलिमिटेड फ्री डाटा की सुविधा 1GB प्रति दिन की डाटा सीमा के साथ दे रहा है। सीमा को पूरा कर लेने पर इंटरनेट की स्पीड घाट कर 40Kbps हो जाएगी। दिल्ली और मुंबई को छोड़कर सभी सर्कल्स में लोकल, एसटीडी और रोमिंग कॉल्स फ्री हैं। मुंबई और दिल्ली में वॉयस कॉल्स 60 पैसे प्रति मिनट की दर पर लगेगी।

नोकिया 6 का 4GB रैम वैरिएंट 16999 रु में लॉन्च

नई दिल्ली। नोकिया के बाजार में कमबैक के पीछे की कंपनी एचएमडी ग्लोबल ने भारत में नोकिया 6 का नया वैरिएंट पेश किया है। इस वैरिएंट में 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फ़ोन की कीमत 16999 रुपये है। नोकिया 6 को पिछले साल नोकिया 3 और नोकिया 5 के साथ लॉन्च किया गया था। इससे पहले नोकिया 6 एक वैरिएंट 3GB रैम और 32GB स्टोरेज में ही उपलब्ध था। इसके 64GB वैरिएंट की टक्कर हॉनर 9 लाइट जैसे स्मार्टफोन्स से होगी।

उपलब्धता और ऑफर्स : फोन का 3GB वैरिएंट एक्सक्लुसिवली अमेजन इण्डिया पर उपलब्ध है। इसके 4GB वैरिएंट की सेल 20 फरवरी से फ्लिपकार्ट पर की जाएगी। लॉन्च ऑफर के तौर पर फिल्पकार्ट इस फोन पर 2000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दे रहा है।

सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, जानें आज के दाम

नई दिल्लीः विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख को देखते हुए स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोने का भाव 350 रुपए की तेजी के साथ 31,650 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी की कीमत भी 720 रुपए की तेजी के साथ 39,970 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई।

बाजार सूत्रों ने सोने की कीमतों में तेजी का कारण डॉलर की कमजोरी की वजह से सर्राफा मांग बढ़ने के कारण विदेशों में मजबूती के रुख को दिया। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.27 प्रतिशत चढ़कर 1,353.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया और चांदी 0.48 प्रतिशत बढ़कर 16.92 डॉलर प्रति औंस हो गया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार में चालू शादी विवाह की मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की सतत लिवाली के कारण भी तेजी के रुख को समर्थन प्राप्त हुआ।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में, 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 350 - 350 रुपए की तेजी के साथ क्रमश: 31,650 रुपए और 31,500 रुपए प्रति दस ग्राम पर बंद हुई। हालांकि गिन्नी की कीमत 24,800 रुपए प्रति किग्रा पर अपरिर्वितत रही। सोने की तरह चांदी हाजिर की कीमत 720 रुपए की भारी तेजी के साथ 39,970 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई जबकि चांदी साप्ताहिक डिलीवरी 385 रुपए बढ़कर 38,670 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। चांदी सिक्का लिवाल और बिकवाल भी क्रमश: 74,000 रुपए और 75,000 रुपए प्रति सैकड़ा के पूर्व स्तर पर बने रहे।

PNB घोटालाः विदेश भागा मोदी, लुकआउट नोटिस जारी

नई दिल्लीः पंजाब नैशनल बैंक में करीब 11 हजार 400 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। घोटाले का आरोप अरबपति हीरा व्यापारी नीरव मोदी पर है। नीरव मोदी इस समय देश में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार नीरव मोदी ने 1 जनवरी को देश छोड़ दिया था। नीरव मोदी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है। सीबीआई ने बैंक की शिकायत पर नीरव मोदी और उनके सहयोगियों समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ धोखाधडी और आपराधिक षडयंत्र और सरकारी पद के दुरूपयोग का मुकदमा दर्ज किया है।

खबरों के अनुसार, नीरव मोदी को लेकर पीएनबी ने सीबीआई को 29 जनवरी 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 31 जनवरी को उसने केस दर्ज किया। फ्रॉड केस में पीएनबी की ओर से एफआईआर दर्ज कराए जाने से पहले ही नीरव मोदी देश से भाग निकला। कहा जा रहा है कि नीरव मोदी स्विट्जरलैंड में है। साथ में यह भी कहा गया गया है कि मोदी ने बैंक को लेटर लिखकर लोन चुकाने के लिए छह माह का समय मांगा है।