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वाहन उद्योग के समक्ष संरचनात्मक मुद्दे : किर्लोस्कर

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपाध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा कि भारतीय वाहन उद्योग संरचनात्मक मसलों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से उत्पन्न चुनौतियों समेत कई कारणों से लागत को कम बनाये रखना एक गंभीर चुनौती बन गयी है। 
किर्लोस्कर ने कहा कि अप्रैल 2020 से बीएस-चार मानकों की जगह बीएस-6 मानकों वाले वाहनों को लाने से उत्पादन लागत बढऩे के कारण कीमतें चढ़ेंगी। 
इससे ग्राहकों को मासिक किस्त के रूप में अधिक राशि चुकानी होगी। वाहन उद्योग को गति देने के लिये सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बड़ा संरचनात्मक मुद्दा है वाहनों को सस्ता बनाए रखना एक चुनौती है।ÓÓ
किर्लोस्कर ने कहा कि वाहन क्षेत्र में जब मांग कम है, लोग कारें नहीं खरीद रहे, ऐसे में सरकार कितना कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़कों में सुधार समेत अनके चीजें की हैं कि लेकिन कुछ ऐसा भी किया है जिससे मेरे हिसाब से चुनौतियां बढ़ी हैं। किर्लोस्कर ने कहा कि इससे वाहनों की लागत बढ़ती है, ईएमआई (मासिक किस्त) चढ़ी हैं। कार लेने वाले व्यक्ति के वेतन के प्रतिशित के रूप में ईएमआई बढ़ी है। वाहनों की कीमतों को दायरे में रखने का मसला है। अगले साल के परिदृश्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए इसके बारे में अनुमान जताना मुश्किल है। किर्लोस्कर ने कहा कि अगले साल वाहनों के दाम बढऩे जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार-पांच साल हमारे लिये अच्छे रहे। एक साल की समस्या से हम पार पा लेंगे। 
वाहन उद्योग नरमी के दौर से गुजर रहा है। अगस्त महीने में कुल वाहनों की बिक्री में सर्वाधिक 23.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।आलोच्य महीने में वाहनों की बिक्री 18,21,490 इकाइयां रही जबकि अगस्त 2018 में यह 23,82,436 इकाई थी।  

सॉफ्ट ड्रिंक्स से सेहत बिगड़ी, पानी से सुधारी

जयपुर टाइम्स
न्यूयॉर्क (एजेंसी)। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में ऊंची तनख्वाह पाने वाली महत्वाकांक्षी कारा गोल्डिन का वजन लगातार बढ़ रहा था। सुस्ती, थकान ज्यादा और जल्दी होने लगी थी।
 तब एक डॉक्टर दोस्त ने कारा से कहा कि अगर वह अपनी पीने की डाइट सही कर ले, तो स्वास्थ्य से संबंधित ज्यादातर चीजें अपने आप सही हो सकती हैं। 
तब कारा ने सॉफ्ट डिंक छोड़ पानी पीना शुरू किया, लेकिन लगातार सादा पानी पीकर बोर हो गईं। इसके बाद वह पानी में कुछ फल के टुकड़े काट के रखने लगी। इससे पानी ज्यादा स्वादिष्ट हो गया। इस अनुभव से कारा को बिजनेस आईडिया आया। साल 2005 में कारा ने नेचुरल फू्रट के साथ फ्लेवर्ड पानी की बॉटल का काम शुरू किया। बिना कोई प्रिजरवेटिव, शुगर या स्वीटनर इस्तेमाल किए कारा ने फ्लेवर्ड पानी की सप्लाई शुरू की। आज उनकी कंपनी हिन्ट की सालाना बिक्री 10 करोड़ डॉलर (700 करोड़ रुपए) से ज्यादा है। हिन्ट 26 फ्लेवर में ड्रिंक बना रही है। गूगल, फेसबुक सहित सिलिकॉन वैली की सैकड़ों कंपनियां अपने ऑफिस में इन ड्रिंक्स का इस्तेमाल करती हैं। परेशानी के दिनों में कारा ने देखा था, वह हर दिन डाइट कोला की लगभग 10 केन पी रही थीं। यानि हर दिन 3 से 4 लीटर कैफीनयुक्त, कृत्रिम रूप से मीठा किया हुआ लिक्विड। इसी वजह से उन्हें सुस्ती और थकान ज्यादा हो रही थी। वजन और मुंहासे बढ़ रहे थे। इसके बाद कारा ने एओएल टेक गु्रप की अपनी शीर्ष स्तर की नौकरी छोड़ दी। पूरी लाइफस्टाइल को बदला। तब एक महीने के अंदर उसका वजन 9 किलो कम हो गया, मुंहासे साफ हो गए। वह खुद को फिर से ऊर्जावान महसूस करने लगीं। 
कई विशेषज्ञों और हेल्थ रिपोर्ट का दावा है कि ये ड्रिंक्स हेल्थ के लिए नुकसानदायक हैं। यह दांत से लेकर हमारी हड्डियों तक को नुकसान पहुंचाते हैं। सितंबर 2019 में आई वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार अर्ली डेथ के लिए भी ये ड्रिंक्स जिम्मेदार हैं। इसमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड हड्डियों को कमजोर बनाता है। इसमें मौजूद आर्टिफिशियल शुगर और प्रिजर्वेटिव भी हानिकारक है। हालांकि कंपनियां इससे इनकार करती रही हैं। 

माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए कर्ज देने की सीमा 1 लाख रु से बढ़ाकर 1.25 लाख की

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। आरबीआई ने ग्रामीण और उप-शहरी इलाकों में नकदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए कर्ज देने की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए कर दी। नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी-माइक्रोफाइनेंस संस्थानों से कर्ज लेने की योग्यता का दायरा भी बढ़ा दिया।  ग्रामीण इलाकों में 1.25 लाख रुपए तक सालाना आय वाले भी कर्ज ले सकेंगे। पहले यह लिमिट 1 लाख रुपए तक थी। शहरी और उप-शहरी इलाकों में एनबीएफसी-माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के ग्राहकों के लिए आय की लिमिट 1.60 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई। आरबीआई ने कहा कि छोटी जगहों पर नकदी की उपलब्धता के मामले में माइक्रोफाइनेंस संस्थानों की अहम भूमिका और अर्थव्यवस्था में उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए यह फैसला लिया गया। इस बारे में जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। 

एचडीआईएल के प्रोजेक्ट में फंसे 450 ग्राहकों ने सरकार से दखल की मांग की

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। दिवालिया रिएलिटी फर्म एचडीआईएल के मुलुंड वाले प्रोजेक्ट में फंसे लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है। 450 ग्राहकों के प्रतिनिधित्व वाली द व्हिसपरिंग टावर्ट फ्लैट ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 1 सितंबर को पत्र लिखा था। इसके मुताबिक घर खरीदार 350 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुके हैं लेकिन, 9 साल से प्रोजेक्ट अटका हुआ है। ग्राहकों का कहना है कि एचडीआईएल ने 46 मंजिला टावर का प्रोजेक्ट 2010 में लॉन्च किया था। लेकिन, अब तक सिर्फ 18 फ्लोर ही बने हैं। दूसरे चरण का काम शुरू ही नहीं हो पाया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रधानमंत्री को लिखा पत्र एसोसिएशन के एक सदस्य ने ट्विटर पर पोस्ट कर दिया। ग्राहकों का कहना है कि एचडीआईएल ने प्रोजेक्ट के लिए इलाहाबाद बैंक, जेएंडके बैंक और सिंडीकेट बैंक से 175 करोड़ का कर्ज लिया था। 525 करोड़ रुपए अलग से जुटाए। लेकिन, हमें लगता है कि राशि का हेर-फेर कर दिया गया।
पीएमसी बैंक घोटाले में भी एचडीआईएल फंसी है। इसके प्रमोटरों राकेश वाधवान और बेटे सारंग वाधवान को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 3 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों 9 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। एचडीआईएल पर पीएमसी बैंक का 6,500 करोड़ का कर्ज है। 

हुंडई ने 'न्यू 2019 इलेंट्रा लॉन्च की

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रमुख ऑटो कंपनी हुंडई मोटर इंडिया ने प्रीमियम सेडान न्यू 2019 इलेंट्रा लॉन्च की। इसकी कीमत 15.89 लाख रुपये से 20.39 लाख रुपये के बीच रखी गई है। कंपनी के अनुसार, यह वाहन भारत का पहला कनेक्टेड सेडान है जो कनेक्टिविटी सोल्यूशन हुंडई ब्ल्यू लिंक के साथ आता है। इसमें वोडाफोन-आइडिया ई-सिम की इन-बिल्ट और टेंपर प्रूफ डिवाइस तथा एआई की वैश्विक कंपनी साउंड हाउंड का क्लाउड आधारित वॉइस रिकग्निशन प्लेटफॉर्म दिया गया है। इसके अलावा वाहन में 34 फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें 10 फीचर्स भारत के लिए विशेष फीचर्स शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षा, रक्षा, रिमोट संचालन, व्हीकल रिलेशनशिप मैनेजमेंट, जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सर्विसेज, अलर्ट सर्विसेज और वॉइस रिकग्निशन के रूप में सात विभागों में बांटा गया है। न्यू 2019 इलेंट्रा बीएस फोर पेट्रोल इंजन से लैस है जो छह गियर मैनुअल या ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के विकल्प में आता है।

पीएमसी बैंक मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया, मुंबई में 6 जगह छापेमारी

मुंबई पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने केस दर्ज किया
डिफॉल्टर एचडीआईएल पर पीएमसी बैंक का 6500 करोड़ रुपए का कर्ज
जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमसी बैंक मामले में कुछ बैंक अधिकारियों और रिएलिटी फर्म एचडीआईएल के निदेशकों राकेश और सारंग वाधवान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लिया। ईडी ने मुंबई में 6 ठिकानों पर छापे भी मारे। राकेश और सारंग वाधवान को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया। (ईओडब्ल्यू) की एफआईआर के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया। एनपीए कम बताने और कुछ कंपनियों के कर्ज की वास्तविक रकम छिपाने की वजह के आरबीआई ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक पर पिछले हफ्ते 6 महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। शुरुआती जांच में पचा चला है कि अनियमितताओं की वजह से पीएमसी बैंक को 4,355.46 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। 
आरबीआई की कार्रवाई के बाद पीएमसी के निलंबित एमडी जॉय थॉमस ने आरबीआई को पत्र लिखकर बताया था कि एचडीआईएल पर पीएमसी का 6,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। यह बैंक के कुल लोन का 73 प्रतिशत है। एचडीआईएल ने कर्ज नहीं चुकाया।


एचडीआईएल के निदेशकों राकेश और सारंग वाधवान के खिलाफ पिछले सोमवार को इमिग्रेशन ब्यूरो ने लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था। पीएमसी मामले में कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री एचडीआईएल के खिलाफ जांच कर रही है। 

लासलगांव मंडी में प्याज की थोक कीमत घटकर 30 रुपए प्रति किलो रह गई

सितंबर मध्य में थोक कीमत 51 रुपए प्रति किलो तक पहुंची थी 
सरकार ने पिछले हफ्ते प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी, स्टॉक लिमिट भी तय की
जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र के नासिक जिले की लासलगांव मंडी में प्याज की थोक कीमत घटकर गुरुवार को 30 रुपए प्रति किलो पर आ गईं। सितंबर के मध्य में 51 रुपए तक पहुंची थीं। 
सरकार द्वारा प्याज के निर्यात पर रोक लगाने और स्टॉक लिमिट तय करने से रेट कम हुए। लासलगांव एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी है। यहां कीमतों में उतार-चढ़ाव से देश भर की मंडियों में भाव प्रभावित होते हैं। गुरुवार को प्याज की औसत कीमत 26 रुपए प्रति किलो रही। अधिकतम कीमत 30.20 रुपए और न्यूनतम 15 रुपए रही। प्याज की कीमतों में अगस्त से इजाफा हो रहा था। क्योंकि, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई इलाकों में बाढ़ की वजह से सप्लाई बाधित हुई थी। नई फसल की बुआई कम रहने की आशंका से भी रेट बढ़े। दिल्ली और कुछ अन्य इलाकों में प्याज की खुदरा (रिटेल) कीमतें पिछले दिनों 60-70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गईं। लोगों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 23.90 रुपए किलो तक प्याज बेचा था। 

नीति आयोग के सीईओ ने कहा- सरकार आने वाले दिनों में कई और सुधारों का ऐलान करेगी

कहा- ग्रोथ बढ़ाने के लिए आरबीआई और सरकार ने कई कदम उठाए
आरबीआई इस साल रेपो रेट में 1.10 प्रतिशत कटौती कर चुका
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का कहना है कि इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए सरकार आने वाले दिनों में कई और ढांचागत सुधारों का ऐलान करेगी। कांत ने दिल्ली में हो रहे इंडिया इकोनॉमिक समिट में गुरुवार को ऐसा कहा। कांत ने कहा कि अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए आरबीआई और सरकार ने पिछले दिनों कई फैसले लिए। आरबीआई इस साल रेपो रेट में 1.10 प्रतिशत कटौती कर चुका। लेकिन, मौद्रिक नीति की सीमाएं हैं। इसलिए, सरकार ने भी कई कदम उठाए। कांत ने बताया कि सरकार विनिवेश बढ़ाने पर फोकस कर रही है। हम बड़े स्तर पर संपत्तियां बेचने पर ध्यान दे रहे हैं। हमें लगता है कि निवेशकों को ग्रीन-फील्ड प्रोजेक्ट्स की बजाय ब्राउन-फील्ड प्रोजेक्ट्स में आना चाहिए। 

नौ तिमाही के बाद टेलीकॉम इंडस्ट्री के राजस्व में हुई बढ़ोत्तरी

जयपुर टाइम्स
नौ तिमाही में राजस्व गिरने के बाद टेलीकॉम इंडस्ट्री के राजस्व में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। अप्रैल-जून 2019 तिमाही में टेलिकॉम कंपनियों के ग्रॉस रेवेन्यू और एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यु में वृद्धि हुई है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान, रेवेन्यू 61,535 करोड़ रुपये रहा है। इसमें 5.37 फीसदी की तेजी आई है। साल 2018 की समान अवधि में यह 58,401 करोड़ रुपये था। एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू में भी इजाफा हुआ है। पहले यह 36,552 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 39,124 करोड़ रुपये हो गया है। खास बात ये है कि नौ तिमाही बाद राजस्व में इतनी बढ़ोतरी आई है। इससे पहले साल 2016 में इसमें वृद्धि हुई थी। सितंबर 2016 में मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने कॉमर्शियल सेवाएं शुरू की थीं, जिसके बाद टेलिकॉम इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड का राजस्व 27.94 फीसदी बढ़ा है। मार्च 2019 में यह 2,031.07 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 2,598.61 करोड़ रुपये हो गया है। बीएसएनएल के एजीआर में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने बीएसएनएल और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड के 74 हजार करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज के प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी थी। दोनों कंपनियों के लिए रिवाइवल प्लान को प्रधानमंत्री कार्यालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी। प्लान के मुताबिक दोनों कंपनियों को पूरे देश में 4जी सेवाओं को शुरू करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। इससे दोनों कंपनियों की खराब वित्तीय हालत को सुधारने का मौका मिलेगा।
 ट्राई ओटीटी के लिए नियमों को अंतिम रूप देने में एक महीने का और समय लेगा। बता दें कि ओटीटी इंटरनेट के सहारे विविध सेवाएं देने वाली कंपनियां हैं। ट्राई का ध्यान सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर है। साल 2018 में ट्राई ने ओटीटी कंपनियों को नियामकीय ढांचे के दायरे में लाने के लिए एक परिचर्चा पत्र पेश किया था। 

आरबीआई द्वारा लक्ष्मी विलास बैंक पर लगे प्रतिबंध का विलय पर कोई असर नहीं : इंडियाबुल्स

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने  कहा कि देश के प्रमुख निजी बैंकों में शुमार लक्ष्मी विलास बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का असर उसकी विलय प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। इंडियाबुल्स ने लक्ष्मी विलास बैंक के साथ विलय की घोषणा की है। इंडियाबुल्स के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गगन बंगा ने निवेशकों से एक साझा कॉल पर कहा कि तथ्य यह है कि लक्ष्मी विलास बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के तहत रखा गया है लेकिन उनके हिसाब से यह एक अवसर है और यह रिजर्व बैंक को भी थोड़ा समय देगा कि वह अन्य नियामकों से प्रतिक्रिया ले सके और फिर अंतिम फैसला ले कि इस विलय पर आगे बढऩा चाहिए या नहीं। बंगा ने कहा कि यह आखिरी बिंदु नहीं है और जहां तक बैंक के प्रस्ताव की बात है तो मैं इसे लेकर बहुत सकारात्मक हूं। लक्ष्मी विलास बैंक ने शेयरधारकों को पब्लिक नोटिस जारी किया है, जिसमें लिखा है कि आरबीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का इकोनॉमिक ऑफेंसिस विंग में रेलिगेयर फिन्वेस्ट लिमिटेड द्वारा फाइल की गई एफआईआर से कुछ लेना-देना नहीं है। बता दें कि हाल ही में लक्ष्मी विलास बैंक के निदेशकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 790 करोड़ रुपये का गबन करने केआरोप में मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा पुलिस ने वित्तीय सेवा कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए किया था। 
दिल्ली पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में रेलिगेयर ने कहा है कि उसने 790 करोड़ रुपये की एक एफडी बैंक में की थी, जिसमें से हेरा-फेरी की गई है। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि पैसों में हेराफेरी पूरी योजना बद्ध तरीके से की गई है। फिलहाल पुलिस ने बैंक के निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, हेराफेरी व साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।  

इंडिया इकोनॉमिक समिट में 40 देशों के 800 दिग्गज जुटेंगे, इनोवेशन-तकनीक पर चर्चा होगी

वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम का ये समिट 3 और 4 अक्टूबर को दिल्ली में होगा
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा शामिल होंगी
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम के 33वें इंडिया इकोनॉमिक समिट की शुरूआत 3 अक्टूबर को होगी। दो दिन के समिट में 40 देशों के 800 नेता जुटेंगे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य देशों के सरकारी और निजी क्षेत्र के दिग्गज, शैक्षणिक क्षेत्र के लोग और आम लोग भी शामिल होंगे। समिट की थीम इनोवेटिंग फॉर इंडिया: स्ट्रेन्दिंग साउथ एशिया, इम्पैक्टिंग द वल्र्ड है। समिट का उद्देश्य दक्षिण एशिया में चौथी औद्योगिक क्रांति की तकनीकों को तेजी से अपनाने और इसे क्षेत्र में विशिष्ट बनाना है। 
आयोजन में विदेश मंत्री एस जयशंकर, सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं, एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान हिस्सा लेंगे। समिट में स्टार्ट-अप्स और इनोवेटिव पॉलिसी से जुड़े लोग शामिल होंगे। इसमें दक्षिण एशिया के आर्थिक नजरिए, उभरती तकनीकों (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और ड्रोन्स), भारत के पर्यावरण सुधारों, इन्फ्रास्ट्रक्चर, महिला-पुरुष बराबरी, स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न, शिक्षा और स्किल्स पर फोकस रहेगा। 

मारुति ने माइक्रो एसयूवी एस-प्रेसो लॉन्च की

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। मारुति सुजुकी ने अपनी मोस्ट अवेटेड माइक्रो एसयूवी एस-प्रेसो भारतीय बाजार में लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती कीमत 3.69 लाख रुपए है। कंपनी ने इसे दो ट्रांसमिशन और चार वैरिएंट में लॉन्च किया है। ये 6 कलर्स में मिलेगी। इस कार को सुजुकी के हार्टेक्ट प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है।  एस-प्रेसो में 1.0 लीटर का नया बीएस-6 पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 68 पीएस पावर और 90 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। यह 5 स्पीड मैन्युअल और 5 स्पीड ऑटो गियर शिफ्ट के साथ आती है। कंपनी का दावा है कि एस-प्रेसो एक लीटर पेट्रोल में 21.7 किलोमीटर का माइलेज देगी। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला रेनो क्विड, हुंडई सेंट्रो, टाटा टियागो जैसी कारों से हो सकता है। एस-प्रेसो सामने से काफी हैवी और बोल्ड लुक में नजर आ रही है। इसका फ्रंट लुक महिंद्रा टीयूवी जैसा है। फ्रंट और रियर बंपर भारी दिख रहा है। प्रोजेक्टर हैडलैम्प दिए हैं, तो ग्राउंड क्लियरेंस भी हैचबैक से ज्यादा दिख रहा है। कार का लुक एसयूवी जैसा है। एस-प्रेसो को मारुति सुजुकी के हार्टेक्ट प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जो हल्का होने के साथ अपडेटेड क्रैश टेस्ट नॉर्म्स पर खरा उतरता है। डैशबोर्ड को डुअल कलर टोन दी गई है। ये मैटेलिक ब्लैक और ऑरेंज कलर थीम में है। ऐसा माना जा रहा है कि कार जिस कलर में होगी, कार का इंटीरियर उसी डुअल टोन में मिलेगा। खास बात है कि इसमें डायनामिक सेंट्रल कंट्रोल दिया है। यानी स्पीडोमीटर स्टीयरिंग के सामने नहीं, बल्कि सेंटर में इन्फोटेनमेंट सिस्टम के ऊपर दिया है। एसी विंग्स और स्पीडोमीटर के ऊपर ऑरेंज कलर के बैंड दिए हैं।
 जिससे ये ज्यादा खूबसूरत नजर आ रही है। डैशबोर्ट में एक बॉक्स और ओपन ट्रे दी गई है। इसमें स्ट्रीयरिंग माउंटेड कंट्रोल सिस्टम मिलेगा। एसी कंट्रोल के लिए नॉर्मल बटन दिए गए हैं।