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टीसीएस को जुलाई-सितंबर में 8042 करोड़ का मुनाफा, प्रति शेयर 45 रु का डिविडेंड घोषित

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए। इस तिमाही में कंपनी को 8,042 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। यह पिछले साल की जुलाई-सितंबर तिमाही के मुकाबले 1.8 प्रतिशत ज्यादा है। रेवेन्यू 5.8 प्रतिशत बढक़र 38,977 करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मुनाफे में गिरावट आई है। इस साल अप्रैल-जून में कंपनी को 8,131 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए 5 रुपए का अंतरिम और 40 रुपए का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।   यानी इस तारीख तक जिनके पास शेयर होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का भुगतान 24 अक्टूबर को किया जाएगा। टीसीएस के सीईओ और एमडी राजेश गोपीनाथन ने कहा कि फाइनेंशियल सर्विसेज और रिटेल वर्टिकल में अस्थिरता के बावजूद जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी की ग्रोथ स्थिर रही। हम आश्वस्त हैं कि मध्यम और लंबी अवधि में हमारी सेवाओं की मांग मजबूत रहेगी।
 बीती तिमाही की ऑर्डर बुक पिछली 6 तिमाही में सबसे अच्छी रही। 

यात्री वाहनों की बिक्री सितंबर में 23.7 प्रतिशत घट गई, लगातार 11वें महीने गिरावट

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री सितंबर में 23.69 प्रतिशत घटकर 2 लाख 23 हजार 317 यूनिट रह गई। पिछले साल सितंबर में 2 लाख 92 हजार 660 यात्री वाहन बिके थे। इनकी बिक्री में लगातार 11वें महीने गिरावट आई है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) ने सितंबर महीने की बिक्री के आंकड़े जारी किए। सभी श्रेणियों के वाहनों की बिक्री 22.41 प्रतिशत घटकर 20 लाख 04 हजार 932 यूनिट रह गई। पिछले साल सितंबर में 25 लाख 84 हजार 62 वाहन बिके थे।
वित्त मंत्री ने कहा- ऑटोमोबाइल सेक्टर से बातचीत जारी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुणे में कहा कि मैं देशभर में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लोगों से बात कर रही हूं। उनके प्रतिनिधि दो बार दिल्ली में मुलाकात कर चुके हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कंज्यूमर डिमांड नहीं लौट रही। सेक्टर के लोग कुछ विशेष चाहते हैं तो वे कभी भी मुझसे बात कर सकते हैं। 

एयर इंडिया को तेल कंपनियों ने चेताया- 18 अक्टूबर तक पेमेंट नहीं मिला तो सप्लाई रोक देंगे

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।  प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों ने एयर इंडिया को चेतावनी दी है कि 18 अक्टूबर तक एकमुश्त भुगतान नहीं किया तो 6 प्रमुख हवाईअड्डों पर फ्यूल सप्लाई रोक दी जाएगी। आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने गुरुवार को एयर इंडिया को पत्र भेजकर कहा कि हर महीने एकमुश्त भुगतान नहीं होने की वजह से बकाया राशि में ज्यादा कमी नहीं आई। तेल कंपनियों ने 5 अक्टूबर को भी एयर इंडिया से कहा था कि 11 अक्टूबर तक एकमुश्त भुगतान नहीं हुआ तो सप्लाई रोक दी जाएगी। एयर इंडिया ने गुरुवार को पत्र भेजकर फ्यूल सप्लाई नहीं रोकने की अपील की। इसके जवाब में कंपनियों ने कहा कि भुगतान के बारे में आपने कोई समय सीमा नहीं बताई। फिर भी आपकी अपील पर विचार करते हुए 18 अक्टूबर तक का वक्त दे रहे हैं। तीनों कंपनियों ने अगस्त में एयर इंडिया पर फ्यूल के 5,000 करोड़ रुपए बकाया होने की जानकारी दी थी। उनका कहना था कि करीब 8 महीने से भुगतान में देरी हो रही है। 22 अगस्त को तीनों ने 6 हवाई अड्डों- कोच्चि, मोहाली, पुणे, पटना, रांची और विशाखापट्टनम पर एयर इंडिया को फ्यूल देना बंद कर दिया था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दखल के बाद 7 सितंबर को फिर से सप्लाई शुरू की गई।
घाटे में चल रही एयर इंडिया पर 60 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। बीते वित्त वर्ष (2018-19) में एयरलाइन को 8,400 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। सरकार की इसमें विनिवेश की योजना है। अगले महीने से प्रक्रिया शुरू हो सकती है। 

अमेजन, फ्लिपकार्ट की 6 दिनों हुई 19000 करोड़ रुपये की बिक्री

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। अमेजन और फ्लिपकार्ट की अगुवाई में ई-टेलर्स  ने 29 सितंबर से लेकर चार अक्टूबर के बीच महज छह दिनों में कुल तीन अरब (करीब 19,000 करोड़ रुपये) की कुल बिक्री की है। इस आंकड़े का जिक्र एक रिपोर्ट में किया गया। 
बेंगलुरू की रिसर्च कंपनी रेडसीयर कंसल्टेंसी ने बताया कि इन छह दिनों की बिक्री में वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट और अमेजन की हिस्सेदारी 90 फीसदी रही। त्योहारी सीजन की बिक्री के पहले संस्करण में जोर पकड़ी खरीदारी को देखते हुए उम्मीद की जाती है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट की ऑनलाइन बिक्री छह अरब डॉलर तक जा सकती है। रेडसीयर कंसल्टिंग के संस्थापक व सीईओ अनिल कुमार ने कहा, चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल के बावजूद त्योहारी सीजन के पहले दौर में रिकॉर्ड तीन अरब डॉलर की खरीदारी हुई है, जिससे ऑनलाइन खरीदारी के प्रति उपभोक्ताओं में तेजी के रुझान का संकेत मिलता है।

एमसीएलआर आधारित ब्याज दरों में 0.10 प्रतिशत कटौती, नए रेट 10 अक्टूबर से लागू होंगे

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने सभी अवधियों के मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिग रेट में 0.10 प्रतिशत कटौती की जानकारी दी। इस कटौती के बाद एक साल की एमसीएलआर 8.15 प्रतिशत की बजाय 8.05 प्रतिशत हो जाएगी। नई दरें 10 अक्टूबर से लागू होंगी। यह कटौती आरबीआई के रेपो रेट से जुड़े कर्जों पर लागू नहीं होगी। बैंक का कहना है कि फेस्टिवल सीजन में सभी सेगमेंट के ग्राहकों को फायदा देने के लिए एमसीएलआर में कमी का फैसला लिया। एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष में छठी बार एमसीएलआर घटाया है। आरबीआई ने पिछले हफ्ते रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत कटौती की थी। रेपो रेट घटने से बैंकों पर भी ब्याज दरें घटाने का दबाव बढ़ता है। रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं। हालांकि, आरबीआई के निर्देश के बाद प्रमुख बैंक 1 अक्टूबर से ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ चुके हैं। ऐसे में आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाने पर नए ग्राहकों को तुरंत फायदा मिलेगा। पुराने ग्राहक जिनके लोन एमसीएलआर से लिंक हैं वे चाहें तो अपना लोन रेपो रेट से लिंक करवा सकते हैं।
 इसके लिए बैंक में आवेदन देना पड़ेगा। 

सैमसंग के वाइस चेयरमैन भारत दौरे पर, यहां नए निवेश का ऐलान कर सकते हैं

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी) सैमसंग के वाइस चेयरमैन ली जे-यॉन्ग भारत दौरे पर हैं। कोरियाई न्यूज एजेंसी योनहेप के मुताबिक यॉन्ग भारत में कारोबारी विस्तार के लिए नए निवेश का ऐलान कर सकते हैं। यॉन्ग भारत पहुंचे है। मुंबई में कंपनी के अधिकारियों ने उनसे मोबाइल बिजनेस के संबंध में चर्चा की। 
सैमसंग देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो की प्रमुख सप्लायर है। वह जियो के साथ 5जी नेटवर्क की योजना से भी जुडऩा चाहती है। सैमसंग भारत में दूसरी बड़ी स्मार्टफोन कंपनी है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर में सैमसंग के स्मार्टफोन शिपमेंट में 20 प्रतिशत और इस साल अप्रैल-जून में 25 प्रतिशत  इजाफा हुआ। सैमसंग को मौजूदा फेस्टिवल सीजन में 20 लाख मोबाइल की ऑनलाइन बिक्री से 3,000 करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद है। जून 2017 में सैमसंग ने नोएडा प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए 4,915 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान किया था। पिछले साल जुलाई में कहा था कि 2020 तक सालाना हैंडसेट प्रोडक्शन दोगुना कर 12 करोड़ यूनिट करने का लक्ष्य है। सैमसंग की कॉम्पिटीटर कंपनियां वीवो और ओप्पो पहले ही भारत में बड़े निवेश का ऐलान कर चुकी हैं। निवेश और ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पिछले महीने घरेलू कंपनियों और नई मैन्युफैक्चरिंग फर्मों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का ऐलान भी किया था।

टाटा मोटर्स : पिछले 9 महीने में एक भी नैनो का प्रोडक्शन नहीं, इस दौरान सिर्फ एक कार बिकी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। टाटा मोटर्स ने इस साल सितंबर तक एक भी नैनो कार का प्रोडक्शन नहीं किया। फरवरी में एक नैनो की बिक्री जरूर हुई थी। 
हालांकि, कंपनी ने नैनो का प्रोडक्शन स्थायी तौर पर बंद करने की घोषणा नहीं की है। लेकिन, कंपनी के अधिकारी यह संकेत दे चुके हैं कि अप्रैल 2020 से नैनो का उत्पादन और बिक्री पूरी तरह बंद की जा सकती है। उन्होंने कहा था कि बीएस-6 उत्सर्जन मानकों और नए सुरक्षा नियम पूरे करने लिए नैनो में आगे निवेश की योजना नहीं है।
टाटा मोटर्स ने जनवरी 2008 में दिल्ली में हुए ऑटो एक्सपो में आम आदमी की लखटकिया कार के रूप में नैनो को पेश किया था। मार्च 2009 में शुरुआती कीमत 1 लाख रुपए (बेसिक मॉडल) के साथ नैनो बाजार में आई। लेकिन, यह गाड़ी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। पिछले कई सालों से बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल जनवरी से सितंबर तक टाटा मोटर्स ने 297 नैनो का प्रोडक्शन किया और घरेलू बाजार में 299 कारें बेची थीं। नैनो को शुरुआत से ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले पश्चिम बंगाल के सिंगूर में प्लांट लगना था। लेकिन, जमीन अधिग्रहण में राजनीतिक और किसानों के विरोध की वजह से गुजरात के साणंद में शिफ्ट करना पड़ा। लॉन्च के बाद कार के आग पकडऩे की घटनाएं भी सामने आईं। कंपनी ने कहा था कि इसे सबसे सस्ती कार के तौर पर प्रमोट करना गलती थी। 

वाहन उद्योग के समक्ष संरचनात्मक मुद्दे : किर्लोस्कर

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपाध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा कि भारतीय वाहन उद्योग संरचनात्मक मसलों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से उत्पन्न चुनौतियों समेत कई कारणों से लागत को कम बनाये रखना एक गंभीर चुनौती बन गयी है। 
किर्लोस्कर ने कहा कि अप्रैल 2020 से बीएस-चार मानकों की जगह बीएस-6 मानकों वाले वाहनों को लाने से उत्पादन लागत बढऩे के कारण कीमतें चढ़ेंगी। 
इससे ग्राहकों को मासिक किस्त के रूप में अधिक राशि चुकानी होगी। वाहन उद्योग को गति देने के लिये सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बड़ा संरचनात्मक मुद्दा है वाहनों को सस्ता बनाए रखना एक चुनौती है।ÓÓ
किर्लोस्कर ने कहा कि वाहन क्षेत्र में जब मांग कम है, लोग कारें नहीं खरीद रहे, ऐसे में सरकार कितना कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़कों में सुधार समेत अनके चीजें की हैं कि लेकिन कुछ ऐसा भी किया है जिससे मेरे हिसाब से चुनौतियां बढ़ी हैं। किर्लोस्कर ने कहा कि इससे वाहनों की लागत बढ़ती है, ईएमआई (मासिक किस्त) चढ़ी हैं। कार लेने वाले व्यक्ति के वेतन के प्रतिशित के रूप में ईएमआई बढ़ी है। वाहनों की कीमतों को दायरे में रखने का मसला है। अगले साल के परिदृश्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए इसके बारे में अनुमान जताना मुश्किल है। किर्लोस्कर ने कहा कि अगले साल वाहनों के दाम बढऩे जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार-पांच साल हमारे लिये अच्छे रहे। एक साल की समस्या से हम पार पा लेंगे। 
वाहन उद्योग नरमी के दौर से गुजर रहा है। अगस्त महीने में कुल वाहनों की बिक्री में सर्वाधिक 23.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।आलोच्य महीने में वाहनों की बिक्री 18,21,490 इकाइयां रही जबकि अगस्त 2018 में यह 23,82,436 इकाई थी।  

सॉफ्ट ड्रिंक्स से सेहत बिगड़ी, पानी से सुधारी

जयपुर टाइम्स
न्यूयॉर्क (एजेंसी)। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में ऊंची तनख्वाह पाने वाली महत्वाकांक्षी कारा गोल्डिन का वजन लगातार बढ़ रहा था। सुस्ती, थकान ज्यादा और जल्दी होने लगी थी।
 तब एक डॉक्टर दोस्त ने कारा से कहा कि अगर वह अपनी पीने की डाइट सही कर ले, तो स्वास्थ्य से संबंधित ज्यादातर चीजें अपने आप सही हो सकती हैं। 
तब कारा ने सॉफ्ट डिंक छोड़ पानी पीना शुरू किया, लेकिन लगातार सादा पानी पीकर बोर हो गईं। इसके बाद वह पानी में कुछ फल के टुकड़े काट के रखने लगी। इससे पानी ज्यादा स्वादिष्ट हो गया। इस अनुभव से कारा को बिजनेस आईडिया आया। साल 2005 में कारा ने नेचुरल फू्रट के साथ फ्लेवर्ड पानी की बॉटल का काम शुरू किया। बिना कोई प्रिजरवेटिव, शुगर या स्वीटनर इस्तेमाल किए कारा ने फ्लेवर्ड पानी की सप्लाई शुरू की। आज उनकी कंपनी हिन्ट की सालाना बिक्री 10 करोड़ डॉलर (700 करोड़ रुपए) से ज्यादा है। हिन्ट 26 फ्लेवर में ड्रिंक बना रही है। गूगल, फेसबुक सहित सिलिकॉन वैली की सैकड़ों कंपनियां अपने ऑफिस में इन ड्रिंक्स का इस्तेमाल करती हैं। परेशानी के दिनों में कारा ने देखा था, वह हर दिन डाइट कोला की लगभग 10 केन पी रही थीं। यानि हर दिन 3 से 4 लीटर कैफीनयुक्त, कृत्रिम रूप से मीठा किया हुआ लिक्विड। इसी वजह से उन्हें सुस्ती और थकान ज्यादा हो रही थी। वजन और मुंहासे बढ़ रहे थे। इसके बाद कारा ने एओएल टेक गु्रप की अपनी शीर्ष स्तर की नौकरी छोड़ दी। पूरी लाइफस्टाइल को बदला। तब एक महीने के अंदर उसका वजन 9 किलो कम हो गया, मुंहासे साफ हो गए। वह खुद को फिर से ऊर्जावान महसूस करने लगीं। 
कई विशेषज्ञों और हेल्थ रिपोर्ट का दावा है कि ये ड्रिंक्स हेल्थ के लिए नुकसानदायक हैं। यह दांत से लेकर हमारी हड्डियों तक को नुकसान पहुंचाते हैं। सितंबर 2019 में आई वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार अर्ली डेथ के लिए भी ये ड्रिंक्स जिम्मेदार हैं। इसमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड हड्डियों को कमजोर बनाता है। इसमें मौजूद आर्टिफिशियल शुगर और प्रिजर्वेटिव भी हानिकारक है। हालांकि कंपनियां इससे इनकार करती रही हैं। 

माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए कर्ज देने की सीमा 1 लाख रु से बढ़ाकर 1.25 लाख की

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। आरबीआई ने ग्रामीण और उप-शहरी इलाकों में नकदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए कर्ज देने की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए कर दी। नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी-माइक्रोफाइनेंस संस्थानों से कर्ज लेने की योग्यता का दायरा भी बढ़ा दिया।  ग्रामीण इलाकों में 1.25 लाख रुपए तक सालाना आय वाले भी कर्ज ले सकेंगे। पहले यह लिमिट 1 लाख रुपए तक थी। शहरी और उप-शहरी इलाकों में एनबीएफसी-माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के ग्राहकों के लिए आय की लिमिट 1.60 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई। आरबीआई ने कहा कि छोटी जगहों पर नकदी की उपलब्धता के मामले में माइक्रोफाइनेंस संस्थानों की अहम भूमिका और अर्थव्यवस्था में उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए यह फैसला लिया गया। इस बारे में जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। 

एचडीआईएल के प्रोजेक्ट में फंसे 450 ग्राहकों ने सरकार से दखल की मांग की

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। दिवालिया रिएलिटी फर्म एचडीआईएल के मुलुंड वाले प्रोजेक्ट में फंसे लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है। 450 ग्राहकों के प्रतिनिधित्व वाली द व्हिसपरिंग टावर्ट फ्लैट ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 1 सितंबर को पत्र लिखा था। इसके मुताबिक घर खरीदार 350 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुके हैं लेकिन, 9 साल से प्रोजेक्ट अटका हुआ है। ग्राहकों का कहना है कि एचडीआईएल ने 46 मंजिला टावर का प्रोजेक्ट 2010 में लॉन्च किया था। लेकिन, अब तक सिर्फ 18 फ्लोर ही बने हैं। दूसरे चरण का काम शुरू ही नहीं हो पाया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रधानमंत्री को लिखा पत्र एसोसिएशन के एक सदस्य ने ट्विटर पर पोस्ट कर दिया। ग्राहकों का कहना है कि एचडीआईएल ने प्रोजेक्ट के लिए इलाहाबाद बैंक, जेएंडके बैंक और सिंडीकेट बैंक से 175 करोड़ का कर्ज लिया था। 525 करोड़ रुपए अलग से जुटाए। लेकिन, हमें लगता है कि राशि का हेर-फेर कर दिया गया।
पीएमसी बैंक घोटाले में भी एचडीआईएल फंसी है। इसके प्रमोटरों राकेश वाधवान और बेटे सारंग वाधवान को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 3 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों 9 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। एचडीआईएल पर पीएमसी बैंक का 6,500 करोड़ का कर्ज है। 

हुंडई ने 'न्यू 2019 इलेंट्रा लॉन्च की

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रमुख ऑटो कंपनी हुंडई मोटर इंडिया ने प्रीमियम सेडान न्यू 2019 इलेंट्रा लॉन्च की। इसकी कीमत 15.89 लाख रुपये से 20.39 लाख रुपये के बीच रखी गई है। कंपनी के अनुसार, यह वाहन भारत का पहला कनेक्टेड सेडान है जो कनेक्टिविटी सोल्यूशन हुंडई ब्ल्यू लिंक के साथ आता है। इसमें वोडाफोन-आइडिया ई-सिम की इन-बिल्ट और टेंपर प्रूफ डिवाइस तथा एआई की वैश्विक कंपनी साउंड हाउंड का क्लाउड आधारित वॉइस रिकग्निशन प्लेटफॉर्म दिया गया है। इसके अलावा वाहन में 34 फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें 10 फीचर्स भारत के लिए विशेष फीचर्स शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षा, रक्षा, रिमोट संचालन, व्हीकल रिलेशनशिप मैनेजमेंट, जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सर्विसेज, अलर्ट सर्विसेज और वॉइस रिकग्निशन के रूप में सात विभागों में बांटा गया है। न्यू 2019 इलेंट्रा बीएस फोर पेट्रोल इंजन से लैस है जो छह गियर मैनुअल या ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के विकल्प में आता है।