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रिलायंस कैपिटल कर्ज देने के कारोबार से निकलेगी, एडीएजी की कंपनियों के शेयर 14 प्रतिशत तक गिरे

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। रिलायंस कैपिटल कर्ज देने के कारोबार से बाहर निकलेगी। रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी गु्रप (एडीएजी) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने रिलायंस कैपिटल की एजीएम में सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के संकट, ऑडिटर और रेटिंग एजेंसियों की तर्कहीन कार्रवाईयों और मौजूदा मंदी की वजह से जो नुकसान हुआ उसकी वजह से फैसला लेना पड़ा। उम्मीद है कि दिसंबर तक कर्ज देने के कारोबार से निकल जाएंगे। अंबानी की इस घोषणा से एडीएजी की कंपनियों के शेयर 14 प्रतिशत तक लुढ़क गए। रिलायंस कैपिटल का शेयर एनएसई पर 12.5 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। रिलायंस होम फाइनेंस 5 प्रतिशत नुकसान में रहा। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर 14 प्रतिशत लुढ़क गया। रिलायंस पावर 8  प्रतिशत  और रिलायंस निप्पन एसेट मैनेजमेंट 1.4  प्रतिशत टूट गया।  अनिल अंबानी ने कहा कि एडीएजी ग्रुप ने पिछले 15 महीने में 35,000 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया। किसी बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी या वित्तीय संस्थान से कर्ज लिए बिना मार्च 2020 तक 15,000 करोड़ और चुकाए जाएंगे। समूह की 60,000 करोड़ रुपए लेनदारी रेग्युलेटरी और आर्बिट्रेशन की कार्रवाईयों में पिछले 5-10 से साल अटकी हुई है। हम रिलायंस कैपिटल का कायाकल्प कर रहे हैं। रिलायंस कैपिटल देश की प्रमुख फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों में शामिल है। इसके दो क्रेडिट वर्टिकल- रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस हैं। कंपनी के 18 हजार कर्मचारी हैं। रिलायंस कैपिटल कर्ज देने के अलावा जनरल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, असेट रिकंस्ट्रक्शन, सिक्योरिटी ब्रोकिंग और कमोडिटी एक्सचेंज के बिजनेस में भी है। टेलीकॉम बिजनेस से 2 साल पहले बाहर होने के बाद एडीएजी ग्रुप ने दूसरे बड़े कारोबार से निकलने का फैसला किया है। ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी आरकॉम फिलहाल दिवालिया प्रक्रिया में है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक और कंपनी रिलायंस नेवल भी वित्तीय संकट में है। 

मारुति ने बलेनो आरएस की कीमत 1 लाख रुपए तक घटाई

25 सितंबर को भी 10 गाडि़य़ों की कीमतों में 5000 रुपए की कटौती की थी
कंपनी कॉर्पोरेट टैक्स में कमी का फायदा ग्राहकों से शेयर कर रही
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। मारुति ने बलेनो आरएस कार की एक्स-शोरूम कीमत 1 लाख रुपए तक घटा दी। कंपनी ने यह जानकारी दी। 
बलेनो आरएस मारुति की प्रीमियम और लग्जरी कारों वाली नेक्सा सीरीज में शामिल है।
नेक्सा की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में बलेनो (सिग्मा पेट्रोल) की एक्स-शोरूम कीमत 5 लाख 58 हजार 602 रुपए है। मारुति ने 25 सितंबर को ऑल्टो 800 समेत 10 गाडि़य़ों की कीमतें 5 हजार रुपए घटाई थीं। कंपनी ने कहा था कि कॉर्पोरेट टैक्स में कमी का फायदा ग्राहकों के साथ शेयर करने के लिए गाडिय़ां सस्ती करने का फैसला लिया।
मारुति के फैसले से यह उम्मीद बढ़ गई है कि ऑटो और अन्य सेक्टर की कंपनियां भी कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का फायदा ग्राहकों को दे सकती हैं। सरकार ने पिछले हफ्ते घरेलू कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने का ऐलान किया था। इससे कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा। 

श्याओमी मीयूआई11 में देगी नई फैमिली शेयरिंग फीचर

जयपुर टाइम्स
बीजिंग (एजेंसी)। चीनी स्मार्टफोन निर्माता श्याओमी जल्द ही अपने मीयूआई 11 अपडेट के साथ फैमिली शेयरिंग फीचर देने वाली है, जिससे यूजर्स अपने परिवार के सदस्यों के डिवाइसों के बीच तेजी और सुरक्षा के साथ जानकारियां साझा कर सकेंगे। समाचार पोर्टल गिज्मोचायना की रिपोर्ट में कहा गया कि फैमिली शेयरिंग फीचर से आप अपने परिवार के सदस्यों का हर वक्त लोकेशन भी ट्रैक कर सकेंगे। यहां तक कि कोई यूजर कितनी देर तर एप्लिकेशन का इस्तेमाल करेगा या वीचैट का कितना इस्तेमाल करेगा, यह भी नियंत्रित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, आगामी फीचर किसी भी स्मार्टफोन पर काम करेगा, चाहे वह एंड्रायड पर चल रहा हो या आईओएस पर। मीयूआई के यूजर्स को जिन अन्य फीचर्स का बेसब्री से इंतजार है, उसमें उन्नत ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले और नया क्रॉस-डिवाइस फाइल शेयरिंग शामिल है, जिसे कंपनी ने ओप्पो और वीवो के साथ मिलकर विकसित किया है। हाल ही में, कंपनी ने भूल से कई डिवाइसों के लिए मीयूआई 11 अपडेट जारी कर दिया था, जिसमें मी मिक्स 2एस और रेडमी के20 प्रो शामिल हैं। कंपनी नया मीयूआई अपडेट 24 सितंबर को चीन में एक आयोजन में जारी करेगी, जहां श्याओमी अपनी बहुप्रतीक्षित मी मिक्स अल्फा और मी 9प्रो 5 जी स्मार्टफोन्स के साथ मी टीवी प्रो 8 के भी लांच करेंगी।

पीएमसी बैंक पर 6 महीने के लिए प्रतिबंध, खाताधारक 1000 रु से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। आरबीआई ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) पर 6 महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिए। इसके मुताबिक पीएमसी बैंक नए लोन नहीं दे सकेगा, ना ही पुराने लोन रिन्यू कर सकेगा। कोई निवेश नहीं कर सकेगा ना ही कर्ज या जमा ले सकेगा। खाताधारक 1000 रुपए से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे। आरबीआई ने मंगलवार को ये निर्देश जारी किए। यह पता नहीं चल पाया कि किस तरह के जोखिम को देखते हुए आरबीआई ने प्रतिबंध लगाए। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया कि पीएमसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। वह अगले आदेश तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार जारी रख सकता है। पीएमसी अरबन को-ऑपरेटिव बैंक है। महाराष्ट्र, नई दिल्ली, कर्नाटक, गोवा, गुजरात, आंध्रप्रदेश और मध्यप्रदेश में इसका कामकाज है। इसकी 137 शाखाएं हैं। यह देश के टॉप-10 को-ऑपरेटिव बैंकों में 
शामिल है। 

किसान अगले हफ्ते से पीएम-किसान पोर्टल पर खुद ही रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे

इस योजना के तहत किसानों को तीन किश्तों में सालाना 6000 रुपए मिलेंगे
पीएम-किसान पोर्टल के जरिए किसानों को भुगतान की जानकारी भी मिलेगी
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान सिद्धि योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपए लेने के लिए किसान अगले हफ्ते से सीधे पीएम-किसान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। भुगतान की जानकारी पता कर सकेंगे। पोर्टल के जरिए आधार सत्यापन भी कर पाएंगे। कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने यह जानकारी दी। अग्रवाल ने बताया कि सरकार अब तक 6.55 लाख किसानों को एक-दो किश्तें जारी कर चुकी है। विभिन्न राज्यों में किसानों को भुगतान मिला है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। राज्य सरकारों से भी क्रॉस चेक करने के लिए कहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान सिद्धि योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपए तीन किश्तों में दिए जाएंगे। यह 87,000 करोड़ रुपए की योजना है। अंतरिम बजट में इसका ऐलान किया था। पहले 2 हेक्टेयर तक जमीन वालों के लिए योजना का लाभ देने की शर्त रखी गई। मई में सभी किसानों को इसमें शामिल कर लिया गया। 

भारत में कारोबारी टैक्स घटने से अमेरिकी कॉर्पोरेट सेक्टर भी खुश, कहा- निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा

जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन (एजेंसी)। भारत में कारोबारी टैक्स घटाने के फैसले की अमेरिका के कॉर्पोरेट सेक्टर ने भी तारीफ की। उनका कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस बढ़ाने का अच्छा विकल्प मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने और शेयर बाजार से जुड़े फैसलों का ऐलान किया था।
यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक एंड पार्टनरशिप फोरम  के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि हम लंबे समय से कॉर्पोरेट टैक्स घटाने की मांग कर रहे थे। यह मांग पूरी करने के सरकार के फैसले से भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगी। अघी के मुताबिक मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (एमएटी) घटाने, शेयर बायबैक पर टैक्स नहीं लगाने और कैपिटल गेन पर बढ़े हुए सरचार्ज लागू नहीं करने के फैसलों से अमेरिका समेत दुनियाभर के निवेशकों का भारत में भरोसा बढ़ेगा। अघी का कहना है कि भारत सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की पहल में शामिल होने के लिए यूएसआईएसपीएफ आगे रहता है।
यूएसआईएसपीएफ ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाली मुलाकात के दौरान अमेरिका-भारत के बीच व्यापार विवाद सुलझा लिए जाएंगे। यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।
अघी ने कहा कि भारत को लेकर अमेरिकी कंपनियों के सेंटीमेंट अब ज्यादा परिपक्व और सुनियोजित हैं। अमेरिकी कंपनियों की भारतीय निवेश प्रक्रिया में कमी नहीं आ रही। बल्कि, वे मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन के अलावा बैकअप स्ट्रैटजी तलाश रहे हैं। भारत इसका विकल्प बन गया है।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी कंपनियों का भारत में मार्केट शेयर बढ़ रहा है। गूगल, फेसबुक, अमेजन, वॉट्सऐप, उबर चीन से कारोबार समेट चुकी हैं। अमेरिका भारत में बड़ा विदेशी निवेशक (एफडीआई) भी है। भारत की ओर से सुधार के सकारात्मक कदमों के चलते यह उत्साह बना रहेगा। 

सेंसेक्स में 1300 अंक का उछाल, निफ्टी 390 प्वाइंट चढ़कर 11650 के ऊपर पहुंचा

विश्लेषकों ने कहा- कॉर्पोरेट टैक्स घटने, शेयर बिक्री पर टैक्स में राहत के ऐलानों का असर जारी
आईटीसी के शेयर में 8.5 प्रतिशत उछाल, ब्रिटानिया में 8 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में 7.5 प्रतिशत बढ़त
जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। शेयर बाजार की शुरूआत आज भी जोरदार बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 1331 अंक की तेजी के साथ 39,346.01 पर पहुंच गया। निफ्टी ने 392 प्वाइंट की बढ़त के साथ 11,666.35 का स्तर छुआ। हालांकि, ऊपरी स्तरों से दोनों इंडेक्स नीचे आ गए। लेकिन, सेंसेक्स में 700 और निफ्टी में 250 अंक की बढ़त बनी हुई है। विश्लेषकों के मुताबिक सरकार द्वारा कॉर्पोरेट टैक्स घटाने और शेयर बाजार में टैक्स संबंधी राहतों के ऐलानों का असर जारी है। इन ऐलानों के बाद शुक्रवार को भी बाजार में रिकॉर्ड उछाल आया था। सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 21 और निफ्टी के 50 में से 36 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। आईटीसी के शेयर में 8.5 प्रतिशत तेजी आई। ब्रिटानिया में 8 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में 7.5 प्रतिशत उछाल आया। लार्सन एंड टूब्रो का शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा।  दूसरी ओर आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। इन्फोसिस 3 प्रतिशत लुढ़क गया। टीसीएस में 2.5 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। टेक महिंद्रा का शेयर 2.2 प्रतिशत और एचसीएल टेक 1.9 प्रतिशत नीचे आ गया। 

सरकार ने ओपन सेल एलईडी पैनल पर 5 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्रालय ने ओपन सेल एलईडी टीवी पैनल पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म कर दी।  इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ। पहले 5 प्रतिशत ड्यूटी लगती थी। इसे खत्म करने के फैसले से देश में बनने वाले एलईडी टीवी 3 प्रतिशत तक सस्ते होंगे। एलईडी टीवी मैन्युफैक्चरिंग में पैनल एक अहम हिस्सा है। प्रोडक्शन की कुल लागत में इसकी 65 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक हिस्सेदारी होती है। टीवी में इस्तेमाल से पहले इन पैनल में और असेंबलिंग करनी पड़ती है। जबकि, रेडी टू यूज पैनल में इसकी जरूरत नहीं पड़ती लेकिन उन पर 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश का टेलिविजन मार्केट 22,000 करोड़ रुपए का है। जुलाई और अगस्त में इसमें 2-3 प्रतिशत गिरावट आई। विश्लेषकों के मुताबिक कीमतें ज्यादा होने, सेंटीमेंट कमजोर होने और स्मार्टफोन पर ऑडियो-विजुअल कंटेंट का इस्तेमाल बढऩे जैसी वजहों से लोग टीवी खरीदना कम पसंद कर रहे हैं। इंडस्ट्री के विश्लेषकों का कहना है कि ओपन सेल पैनल पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म होने से देश में एलईडी टीवी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से सैमसंग ने पिछले साल अक्टूबर में भारत में टीवी प्रोडक्शन बंद कर दिया था। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ाने के लिए बड़ी स्क्रीन वाले एलईडी पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की मांग भी उठ रही है। इंडस्ट्री को 20 सितंबर को गोवा में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक का इंतजार है। 32 इंच तक के टीवी पर फिलहाल 18 प्रतिशत लेकिन, इससे ज्यादा आकार वाले पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है। 

मेट्रो शहरों में पेट्रोल-डीजल 24 से 27 पैसे तक महंगे

मुंबई में 2 दिन में पेट्रोल 39 पैसे, डीजल 42 पैसे महंगा हुआ
तेल कंपनियां कू्रड के रेट के आधार पर कीमतें तय करती हैं
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। मेट्रो शहरों में पेट्रोल के रेट 25 पैसे से 27 पैसे तक बढ़े। मुंबई में कीमत 25 पैसे बढ़कर 78.10 रुपए प्रति लीटर हो गई। 
डीजल के रेट में 24 से 26 पैसे तक इजाफा हुआ। मुंबई में डीजल का रेट 26 पैसे बढ़कर 69.04 रुपए प्रति लीटर हो गया।              पेट्रोल-डीजल के रेट में लगातार दूसरे दिन इजाफा हुआ है। पेट्रोल 13-14 पैसे और डीजल 15-16 पैसे तक महंगा हुआ था। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर हर दिन पेट्रोल-डीजल के रेट तय करती हैं। नई कीमतें सुबह 6 बजे से लागू होती हैं। 

मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- एपल की भारत में बड़ी कारोबारी योजनाएं

सरकार एपल से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, यहां से एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए भी कह चुकी
एपल भारत में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के जरिए फिलहाल आईफोन 6एस, 
7 का प्रोडक्शन कर रही
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम में कहा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां भारतीय बाजार के प्रति आशावान हैं और आईफोन कंपनी एपल की देश में बड़ी कारोबारी योजनाएं हैं। प्रसाद ने बताया कि उन्होंने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। प्रसाद ने एपल को इस बात के लिए प्रेरित किया था कि वह भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाए और देश को एक्सपोर्ट हब की तरह इस्तेमाल करे। क्योंकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और फोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लिए अगले 2-3 महीने में कदम उठाए जाएंगे। एपल फिलहाल भारत में ताइवान की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर कंपनी विस्ट्रॉन के जरिए आईफोन 6एस और 7 का प्रोडक्शन कर रही है। प्रसाद के मुताबिक मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में कंपोनेंट निर्माताओं समेत मोबाइल फैक्ट्रियों की संख्या 2 से बढ़कर 268 पहुंच गई। अब उनका फोकस स्ट्रैटजिक, डिफेंस और मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स पर है। उन्होंने इंडस्ट्री से अपील करते हुए कहा कि मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में भी शामिल हों। एमआरआई, पैथोलॉजी, एक्स-रे और अन्य जांच मशीनों के बिजनेस में बड़े अवसर हैं। 

जनरल मोटर्स के 49 हजार संविदा कर्मचारी हड़ताल पर, 33 प्लांट, 22 वेयरहाउस में काम बंद

जयपुर टाइम्स
डेट्रॉइट (एजेंसी)। यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स  के 49 हजार सदस्यों ने जनरल मोटर्स की फैक्ट्रियों में हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने अमेरिका के 9 राज्यों में स्थित 33 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और 22 वेयरहाउस में काम बंद कर दिया। कॉन्ट्रैक्ट को लेकर वार्ता सफल नहीं रहने की वजह से कर्मचारियों ने यह फैसला लिया। कर्मचारी यूनियन का कहना है कि कई महीनों की वार्ता में जीएम का रुख काफी धीमा रहा। जबकि, कंपनी का कहना है कि उसने ज्यादा मेहनताने समेत कई प्रस्ताव रखे। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हड़ताल कब तक चलेगी। 2007 के बाद यूएडब्ल्यू ने पहली बार हड़ताल की है। उस वक्त 2 दिन की हड़ताल से जनरल मोटर्स को 60 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। यूएडब्ल्यू के वाइस प्रेसिडेंट टेरी डिट्स का कहना है कि हड़ताल का फैसला आखिरी विकल्प के तौर पर लिया गया। क्योंकि, चार साल के नए कॉन्ट्रैक्ट को लेकर दोनों पक्षों में सहमति के आसार काफी कम हैं। स्वास्थ्य और भत्तों को लेकर आपत्तियां हैं। जीएम का कहना है कि उसने वेतन बढ़ाने समेत अमेरिका की फैक्ट्रियों में 7 अरब डॉलर के निवेश के जरिए 5,400 नई नौकरियां देने का प्रस्ताव रखा। इनमें से कुछ जगह मौजूदा कर्मचारियों से ही भरी जाएंगी। ज्यादा प्रॉफिट शेयरिंग, बेहतर स्वास्थ्य लाभ और हर कर्मचारी को 8 हजार डॉलर के भुगतान का प्रस्ताव दिया गया। 

एक करोड़ से ज्यादा कैश पेमेंट पर अब नहीं लगेगा 2 फीसदी टीडीएस

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने कृषि क्षेत्र को एक बड़ी राहत दी है। अब कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) के जरिए एक करोड़ रुपए से अधिक राशि के नकद भुगतान पर स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) नहीं की जाएगी। किसानों को उपज का भुगतान मिलने में दिक्कतें सामने आने के बाद सरकार इस नियम में राहत देने का फैसला किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी। सरकार ने नकद लेन-देन को हतोत्साहित करने और कैशलेस इकोनॉमी की तरफ बढऩे के लिए आम बजट में एक करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी निकालने पर 2 प्रतिशत टीडीएस लगाने का प्रस्ताव किया था। यह नियम एक सितंबर से अमल में आया था। एपीएमसी के सदस्य व्यापारी किसानों से उपज खरीदते हैं और उन्हें भुगतान करते हैं। लेकिन देशभर की मंडियों में इसका विरोध होने लगा। मंडी व्यापारियों का कहना था कि किसानों की आय पर वैसे भी आयकर नहीं है। ऐसे में व्यापारियों पर बेवजह टैक्स का भार आ सकता है। 
कई मंडियों में व्यापारियों को इस नियम के लागू होने की तारीख को लेकर भी भ्रम था। इस मामले में और भी कई समस्याएं थीं। कई मंडियों में व्यापारियों ने एक सितंबर से किसानों से उपज खरीद करना ही बंद करने का ऐलान कर दिया था। जीरा की प्रमुख ऊंझा मंडी में व्यापारियों ने किसानों से माल खरीदना बंद करने का फैसला किया था और सरकार से स्पष्टीकरण देने की मांग की थी। कुछ मंडियों में एपीएमसी किसानों को डिजिटल पेमेंट करने पर भी विचार करने लगे थे। सितंबर मध्य से कृषि उपज मंडियों में खरीफ फसलों की आवक शुरू हो जाती है। अभी भी मंडियों में बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज का भुगतान नकद लेना ही पसंद करते हैं। मंडियों में चिंता व्यक्त की जा रही थी कि जैसे ही खरीफ फसलों की आवक तेज होगी। किसानों को भुगतान लेने में दिक्कतें आने लगेंगी। इसी को ध्यान रखते हुए सरकार ने मंडियों में टीडीएस का नियम वापस लेने का फैसला किया है।