Updated -

mobile_app
liveTv

देश में अगले साल 9.2 प्रतिशत सैलरी बढऩे की संभावना, लेकिन महंगाई से ग्रोथ प्रभावित हो सकती है

यपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। नए साल में देश में कर्मचारियों की सैलरी 9.2 फीसदी बढऩे की संभावना है। यह ग्रोथ एशिया में सबसे ज्यादा होगी लेकिन महंगाई बढऩे के चलते खेल बिगड़ सकता है। कॉर्न फेरी ग्लोबल सैलरी फोरकास्ट के मुताबिक, महंगाई से एडजस्ट करने के बाद सैलरी में असल में सिर्फ 5 प्रतिशत वृद्धि रहने की उम्मीद है। अगले साल होने वाली 9.2 प्रतिशत  की यह ग्रोथ पिछले साल की 10 प्रतिशत  वृद्धि से कम है। कॉर्न फेरी इंडिया के चेयरमैन और रीजनल मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत सिंह ने कहा कि वैश्विक मंच पर सैलरी में भारी गिरावटों के बावजूद भारत ने मजबूत ग्रोथ दर्ज कराई है।  वैश्विक स्तर पर 2020 में 4.9 प्रतिशत  की दर से सैलरी बढऩे की उम्मीद है। 2.8 प्रतिशत के ग्लोबल इंफ्लेशन रेट के अंदाजे के बाद रियल-वेज सैलरी 2.1 प्रतिशत  की दर से बढऩे की उम्मीद है। सबसे ज्यादा रियल वेज ग्रोथ एशिया में होने की उम्मीद है यहां सैलरी 5.3 प्रतिशत से बढऩे की संभावना है, रियल वेज सैलरी 3.1 प्रतिशत और महंगाई दर 2.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इंडोनेशिया में 8.1 प्रतिशत सैलरी ग्रोथ की उम्मीद है। मलेशिया में 5 प्रतिशत, चीन में 6 प्रतिशत  और कोरिया में 4.1 प्रतिशत वृद्धि हो सकती है। सबसे कम सैलरी ग्रोथ में जापान आगे है। यहां पर 2 प्रतिशत  ग्रोथ रहने की संभावना है। 

मारुति की गाडि़य़ां अगले महीने महंगी होंगी, कहा- लागत बढऩे की वजह से कीमतें बढ़ाना जरूरी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। मारुति की गाडिय़ां अगले महीने  से महंगी हो जाएंगी। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने मंगलवार को बताया कि बीते एक साल में लागत खर्च बढऩे की वजह से वाहनों की कीमतें प्रभावित हुईं। अब ये जरूरी हो गया है कि ग्राहकों पर भी कुछ बोझ डाला जाए। हालांकि, कंपनी ने ये स्पष्ट नहीं बताया कि किन-किन मॉडल के रेट में कितना-कितना इजाफा होगा। सिर्फ इतना कहा कि अलग-अलग मॉडल्स पर कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग होगी। मारुति एंट्री लेवल की कार अल्टो से लेकर मल्टीपर्पज वाहन एक्सएल6 तक बेचती है। कंपनी के वाहनों की मौजूदा कीमतें (एक्स-शोरूम, दिल्ली) 2.89 लाख रुपए से 11.47 लाख रुपए तक हैं। मारुति की बिक्री नवंबर में 1.9  प्रतिशत घटकर 1 लाख 50 हजार 630 यूनिट रही। जुलाई-सितंबर तिमाही में मुनाफा 39.4  प्रतिशत घटकर 1358.6 करोड़ रुपए रह गया। यह पिछले चार साल में सबसे कम है। पिछले साल सितंबर तिमाही में 2240.4 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। रेवेन्यू 24.3 प्रतिशत घटकर 16,985 करोड़ रुपए रह गया। मारुति ने पिछले महीने तिमाही नतीजों का ऐलान किया था। 

यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री अक्टूबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख 48 हजार 36 यूनिट रही

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री अक्टूबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख 48 हजार 36 यूनिट रही। पिछले साल अक्टूबर में 2 लाख 23 हजार 498 यूनिट थी। त्योहारी सीजन में मांग बढऩे से पिछले महीने बिक्री में इजाफा हुआ। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबिल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) ने आंकड़े जारी किए। दोपहिया वाहनों की बिक्री अक्टूबर में 5 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख 34 हजार 941 यूनिट रही। हालांकि, कमर्शियल वाहनों की बिक्री में कमी आई। यह 23 प्रतिशत घटकर 67 हजार 60 यूनिट रह गई। तिपहिया वाहनों की बिक्री 4 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 59 हजार 573 यूनिट रही। एफएडीए के प्रेसिडेंट आशीष हर्षराज काले ने कहा कि अक्टूबर में रिटेल बिक्री बढऩा सकारात्मक है। 
कई महीनों की गिरावट के बाद यह राहत ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी थी। ऑटो इंडस्ट्री बीएस-6 उत्सर्जन मानकों की दिशा में बढ़ रही है, ऐसे में डीलरों की इन्वेंट्री कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें घाटा नहीं हो। 

एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के बाद रिलायंस जियो भी अगले कुछ सप्ताह में टैरिफ बढ़ाएगा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। रिलायंस जियो भी अगले कुछ हफ्ते में मोबाइल टैरिफ बढ़ाएगा। कंपनी ने  इसकी घोषणा की। इससे पहले एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया दिसंबर से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं। जियो ने कहा- टैरिफ बढ़ाने से डाटा की खपत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।  टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने सितंबर महीने में कुल 49 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स खो दिए।
वहीं, रिलायंस जियो ने इस दौरान 69.83 लाख नए उपभोक्ता जोड़े। डाटा के अनुसार, एयरटेल ने इस दौरान 23.8 लाख, वोडाफोन-आइडिया ने 25.7 लाख उपभोक्ता खो दिए। इसके बाद एयरटेल यूजर्स की संख्या 32.55 करोड़ जबकि वोडाफोन-आइडिया के ग्राहकों की संख्या 37.24 करोड़ पर आ गई। जियो के ग्राहकों की संख्या 35.52 करोड़ है। इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमटीएनएल को 8,717 यूजर्स ने छोड़ दिया।
 उसके कुल ग्राहकों की संख्या 33.93 लाख हो गई। वहीं, बीएसएनएल से 7.37 लाख नए यूजर्स जुड़े, जिससे उसके यूजर्स की संख्या 11.69 करोड़ हो गई। टेलीकॉम विभाग ने सभी कंपनियों को सार्वजनिक स्थानों पर नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर को साझा करने की अनुमति दी है। इससे कॉल ड्रॉप में कमी और मोबाइल के डाटा स्पीड में बढ़ोतरी होगी। 
देश में मोबाइल डाटा और कॉल टैरिफ में  गिरावट : टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के मुताबिक, जून 2016 से दिसंबर, 2017 के बीच देश में मोबाइल डाटा की दरों में 95 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई है। अब मोबाइल डाटा 11.78 रुपए प्रति गीगाबाइट (जीबी) के औसत दाम में उपलब्ध है। मोबाइल कॉल की दरें भी 60 प्रतिशत गिरकर करीब 19 पैसे प्रति मिनट हो गई हैं। 

गूगल ने वियर ओएस के लिए प्ले स्टोर रिडिजाइन किया

जयपुर टाइम्स
सैन फ्रांसिस्को  (एजेंसी)। टेक दिग्गज कंपनी गूगल ने वियर ओएस के लिए प्ले स्टोर प्को रिडिजाइन किया है, जिसके चलते अब यह थोड़ा बेहतर कार्य कर रहा है। वियर ओएस और वियर ओएस गूगल के द्वारा को पहले एंड्रॉइड वियर के नाम से जाना जाता था। इसे अब नया डिजाइन देकर गूगल ने इसे और अधिक बेहतर करने का प्रयास किया है। रेडिट पर देखा गया है कि गूगल सभी वियर ओएस यूजर्स के लिए प्ले स्टोर अपडेट लेकर आया है। पहली नजर में, यह एक रेडिकल नया स्वरूप नहीं है, लेकिन यह बेहतर के लिए बहुत सारे बदलाव करता है। 9 टू 5 गूगल के अनुसरा, सबसे पहले पुल-डाउन मेनू को हटाया गया है, जो काफी समय से परेशान कर रहा था। पिछले डिजाइन में मेनू इंडिकेटर अक्सर सर्च बटन को कवर करता रहा है। वियर ओएस यूजर्स शायद इस अंतर को पहचान सकें। उन्हें अब छिपे हुए पुलडउन मेनू के अलावा मुख्य पेज के नीचे माई एप, अकाउंट्स और सेटिंग्स सेक्शन मिले।

वियर ओएस के लिए बाकी बचा हुआ प्ले स्टोर अधिक बदला हुआ नजर नहीं आता है।   

ब्लैकस्टोन ने फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस में 1750 करोड़ रुपए का निवेश किया

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। अमेरिकी कंपनी ब्लैकस्टोन ने फ्यूचर गु्रप की फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस लिमिटेड (एफएलएफ) और इसकी होल्डिंग फर्म रायका कमर्शियल वेंचर्स में 1,750 करोड़ रुपए का निवेश किया है। एफएलएफ ने ये जानकारी दी। इस डील के बाद ब्लैकस्टोन रायका में अकेली फाइनेंशियल पार्टनर होगी। इसी डील के तहत ब्लैकस्टोन ने एफएलएफ में 6 प्रतिशत हिस्सेदारी भी खरीदी है। ब्लैकस्टोन के एमडी लव पारेख ने बताया कि फैशन सेक्टर में उनकी कंपनी का पहला निवेश है। एफएलएफ सेंट्रल, ब्रांड फैक्ट्री और प्लेनेट स्पोर्ट्स जैसे स्टोर का संचालन करता है। इनके पोर्टफोलियो में 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फैशन ब्रांड शामिल हैं। 30 सितंबर तक एफएलएफ के स्टोर की संख्या 349 थी। इनमें 48 सेंट्रल, 100 ब्रांड फैक्ट्री और 201 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट शामिल हैं। बीते वित्त वर्ष  में कंपनी का रेवेन्यू 5,377.41 करोड़ रुपए रहा था। एफएलएफ ने कहा है कि ब्लैकस्टोन की पोर्टफोलियो ऑपरेशंस टीम से फ्यूचर ग्रुप को फायदा होगा। डील से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल रायका के वित्तीय दायित्व पूरे करने में किया जाएगा। फ्यूचर गु्रप के सीईओ किशोर बियाणी ने कहा कि फैशन बिजनेस की ग्रोथ में ब्लैकस्टोन हमारी मदद करेगा। उसके अंतरराष्ट्रीय नजरिए से हमें एफएलएफ को अगले स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी।
दूसरी ओर ब्लैकस्टोन टेक्टिकल अपॉर्च्यूनिटीज के एशिया हेड किशोर मूरजानी ने कहा कि हम फ्यूचर ग्रुप के कारोबार से प्रभावित हैं, इससी तरक्की में सहयोगी बनकर खुशी होगी। 

कृषि सांख्यिकी पर 18 नवंबर से होने वाली ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में बिल गेट्स प्रमुख वक्ता होंगे

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि सांख्यिकी पर 18 नवंबर से होने वाली 4 दिन की ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के सबसे बड़े अमीर बिल गेट्स मुख्य वक्ता होंगे। कृषि मंत्रालय की ओर से ये आयोजन किया जा रहा है। यूएन के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर, वल्र्ड बैंक, मिलिंडा एंड गेट्स फाउंडेशन और अन्य एजेंसियों के साथ पार्टनरशिप में हर तीन साल में अलग-अलग देशों में इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है। पहली बार 1998 में वॉशिंगटन में हुई थी।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और दो राज्य मंत्री कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें 108 देशों से 600 डेलीगेट्स के भाग लेने की उम्मीद है। इस बार कॉन्फ्रेंस की थीम सतत विकास के लक्ष्य हासिल करने के लिए कृषि में बदलाव की सांख्यिकी है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के डीजी त्रिलोचन मोहपात्रा ने कहा कि कृषि संबंधी आंकड़े प्रमाण आधारित नीतियां बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। देश में एग्री डेटा बिखरे हुए हैं, इन्हें समेकित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में दुनियाभर के कृषि सांख्यिकीविद और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनके साथ ही कृषि आंकड़ों के प्रोड्यूसर, सप्लायर, यूजर और नीति निर्माता, रिसर्चर एवं एनालिस्ट को भी हिस्सेदारी का अवसर मिलेगा। इस आयोजन में देश के युवा सांख्यिकीविदों को अपना काम दुनिया को दिखाने का मौका मिलेगा। 

अलीबाबा इस महीने के आखिरी हफ्ते में एक लाख करोड़ रु का आईपीओ ला सकती है

जयपुर टाइम्स
बीजिंग (एजेंसी)। अलीबाबा इस महीने के आखिरी हफ्ते में हॉन्गकॉन्ग के शेयर में बाजार में लिस्टिंग के लिए 10 अरब से 15 अरब डॉलर (1.06 लाख करोड़ रुपए) का आईपीओ ला सकती है। इसके लिए अगले हॉन्गकॉन्ग की शेयर लिस्टिंग कमेटी से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी। अलीबाबा के आईपीओ से हॉन्गकॉन्ग में आर्थिक गतिविधियां बढऩे की उम्मीद है। वहां सरकार विरोधी आंदोलन की वजह से स्थितियां बिगड़ी हुई हैं। अलीबाबा का दूसरा आईपीओ भी दुनिया के सबसे बड़े इश्यू में से एक होगा। अब तक के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड भी अलीबाबा के नाम ही है। उसने 2014 में अमेरिका के शेयर बाजार में लिस्टिंग के वक्त 25 अरब डॉलर जुटाए थे। अलीबाबा की हॉन्गकॉन्ग में लिस्टिंग की योजना अगस्त की थी, लेकिन वहां सरकार विरोधी प्रदर्शनों की वजह से आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं के माहौल के चलते टालनी पड़ी। अब लिस्टिंग करवाने से कंपनी को अपनी सिंगल्स डे की बिक्री के आंकड़े बताने का मौका भी मिल जाएगा। अलीबाबा का सिंगल्स डे चीन का सबसे बड़ा सालाना ऑनलाइन शॉपिंग डे होता है। इस बार यह 11 नवंबर को है। पिछले साल कंपनी की सिंगल्ड डे सेल 30 अरब डॉलर रही थी। अलीबाबा ने पिछले हफ्ते जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी घोषित किए थे। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 40 प्रतिशत बढ़कर 119.02 अरब युआन रहा। पिछले साल सितंबर तिमाही में 85.15 अरब युआन था। 

अनिल अंबानी के खिलाफ चीन के 3 बैंकों ने केस किया, आरकॉम पर 4847 करोड़ बकाया होने का दावा

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। अनिल अंबानी के खिलाफ चीन के तीन बैंकों ने लंदन की अदालत में मुकदमा दायर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक द इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी), चाइना डेवलपमेंट बैंक और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना का दावा है कि उन्होंने अनिल अंबानी की निजी गारंटी की शर्त पर उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस को 2012 में 92.52 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया था। आरकॉम ने फरवरी 2017 में लोन चुकाने में डिफॉल्ट कर दिया। उस पर 68 करोड़ डॉलर बकाया हैं। दूसरी ओर अनिल अंबानी के वकील रॉबर्ट हॉव ने कोर्ट में कहा कि अंबानी ने निजी गारंटी कभी नहीं दी, बल्कि बिना शर्त का पर्सनल कम्फर्ट लैटर देने की सहमति जताई थी। आईसीबीसी अंबानी और कर्जधारक कंपनी के बीच फर्क समझने में लगातार विफल रहा। बता दें कम्फर्ट लैटर के जरिए यह भरोसा दिया जाता है कि कंपनी वित्तीय या अनुबंध से जुड़ी जिम्मेदारियां पूरी करेगी, लेकिन इस लैटर में कानूनी बाध्यता नहीं होती।


रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीन के बैंकों की ओर से कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक अनिल अंबानी 2011 में बीजिंग गए थे। उन्होंने आईसीबीसी के पूर्व चेयरमैन जिआंग जिआनक्विंग से कर्ज संबंधी बातचीत की थी। आईसीबीसी के वकील बंकिम थांकी का दावा है कि अनिल अंबानी की ओर से रिलायंस के कमर्शियल एवं ट्रेजरी हेड हसित शुक्ला ने निजी गारंटी पर दस्तखत किए थे। जबकि, दूसरे पक्ष के वकील हॉव का कहना है कि अंबानी ने अपनी ओर से शुक्ला को हस्ताक्षर का अधिकार नहीं दिया था। इस मामले में गुरुवार को हुई सुनवाई में आईसीबीसी के वकीलों ने कोर्ट से जल्द फैसला दे 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- हम चुनौतीपूर्ण दौर का सामना कर रहे

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में कहा कि हम चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने द राइज ऑफ फाइनेंस: कॉजेज, कन्सीक्वेंसेज एंड क्योर टाइटल वाली किताब के लॉन्च के मौके पर ऐसा कहा। सीतारमण ने कहा कि यह पुस्तक हमारे जैसे नीति निर्माताओं के लिए काफी प्रासंगिक होगी। सीतारमण ने कहा- यह पुस्तक ऐसे समय आई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं, देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वैश्विक और भारतीय इकोनॉमी जिन चुनौतियों से गुजर रही हैं, उनके सराहनीय समाधान पुस्तक में दिए गए हैं। पुस्तक को वी अनंता नागेश्वरण और गुलजार नटराजन ने लिखा है। नागेश्वरण क्रे यूनिवर्सिटी के आईएमएफआर स्कूल और बिजनेस के डीन हैं। नटराजन ग्लोबल इनोवेशन फंड के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। देश की जीडीपी ग्रोथ अप्रैल-जून तिमाही में घटकर 5 प्रतिशत रह गई। यह पिछले 6 साल में सबसे कम है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमान में लगातार कटौती कर रही हैं। आरबीआई ने भी अक्टूबर में 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया था। सरकार ने अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए पिछले कुछ महीनों में कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती और अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 25000 करोड़ रुपए का फंड बनाने जैसे कई कदम उठाए हैं। 

दुनिया के अरबपतियों की संपत्ति पिछले साल 27.55 लाख करोड़ रु घटी, 3 साल में पहली बार गिरावट

जयपुर टाइम्स
ज्यूरिख (एजेंसी)। दुनिया के अरबपतियों की संपत्ति पिछले साल 388 अरब डॉलर (27.55 लाख करोड़ रुपए) घटकर 8.53 ट्रिलियन डॉलर (606 लाख करोड़ रुपए) रह गई। 2015 के बाद पहली बार इसमें गिरावट आई। वैश्विक राजनीति में उठापटक और शेयर बाजारों में अस्थिरता की वजह से ऐसा हुआ। मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट बैंक यूबीएस और प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म पीडब्ल्यूसी ने ये रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक अरबपतियों की संख्या के मामले में दूसरे बड़े देश ग्रेटर चाइना के अमीरों की संपत्ति में तेज गिरावट आई। उनकी नेटवर्थ 12.3 प्रतियशत घट गई। वहां के शेयर बाजार, करंसी और विकास दर में गिरावट की वजह से अमीरों को नुकसान हुआ। वहां 48 लोग अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हो गए। इसके बावजूद चीन में हर दूसरे दिन एक नया व्यक्ति अरबपति बन रहा है। चीन और भारत समेत पूरे एशिया पैसिफिक क्षेत्र के अरबपतियों की संपत्ति में पिछले साल काफी कमी दर्ज की गई। यूबीएस समेत दुनियाभर के निजी बैंकों का मानना है कि अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर और वैश्विक राजनीति में अस्थिरता की वजह से निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनाए रखी, उन्होंने पैसे जमा करने पर ज्यादा फोकस किया। अमेरिका को छोड़ बाकी देशों में पिछले साल अरबपतियों की संख्या में कमी आई। अमेरिका में टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबारी अमीरों की लिस्ट में लगातार जगह बना रहे हैं। 2018 के आखिर तक वहां अरबपतियों की संख्या 749 थी। 

एमसीएलआर आधारित लोन 0.05 प्रतिशत सस्ते, लेकिन जमा की दरों में भी 0.15 प्रतिशत से 0.75 प्रतिशत तक कमी

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एमसीएलआर आधारित कर्ज की ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत कटौती की है। एक साल का एमसीएलआर अब 8.05 प्रतिशत से घटकर 8 प्रतिशत हो जाएगा। नई दरें 10 नवंबर से लागू होंगी। एसबीआई ने  ये जानकारी दी। उसका कहना है कि ज्यादातर लोन की ब्याज दरें एक साल के एमसीएलआर से लिंक हैं। बैंक ने कर्ज सस्ता करने के साथ ही जमा की ब्याज दरें भी घटाई हैं। इनमें 0.15 प्रतिशत से 0.75 प्रतिशत तक कटौती की गई है। हालांकि, ज्यादातर कटौती 2 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा की सावधि जमा दरों में की गई है। एसबाई ने 2 करोड़ रुपए से कम के जमा पर सिर्फ 1 साल से 2 साल की अवधि के लिए ब्याज दर घटाई है। यह 6.40 प्रतिशत की बजाय 6.25 प्रतिशत हो जाएगी। सीनियर सिटीजन के लिए यह दर 6.90 प्रतिशत की बजाय 6.75 प्रतिशत होगी। एमसीएलआर पर आधारित कर्ज लेने वाले नए ग्राहकों को तुरंत फायदा मिलेगा, लेकिन पुराने ग्राहकों के लिए ब्याज दरें उनके लोन की रीसेट डेट पर ही बदलेंगी। एसबीआई एमसीएलआर के अलावा आरबीआई के रेपो रेट के आधार पर भी कर्ज देता। इससे लिंक कर्ज लेने वाले सभी ग्राहकों को आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाने का फायदा तुरंत मिलता है।