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पुराने वीजा पर कोई असर नहीं:्रश्व ने पाकिस्तान सहित 11 देशों के लिए नया वीजा जारी करने पर रोक लगाई

नईदिल्ली(एजेंसी)।
संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान समेत 11 अन्य देशों के यात्रियों के लिए नया वीजा जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। इन 12 देशों में भारत नहीं है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बुधवार को इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि यूएई अधिकारियों द्वारा लिया गया यह निर्णय देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से संबंधित माना जा रहा है। हालांकि जो वीजा पहले जारी किए गए हैं, उन पर कोई रोक नहीं है।
पाक विदेश कार्यालय ने स्वीकार किया
पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हाफिज चौधरी ने कहा है कि यूएई ने पाकिस्तान सहित 12 देशों के लिए आगे की घोषणा तक अस्थायी रूप से नए यात्रा वीजा जारी करने को निलंबित कर दिया है। यूएई सरकार की तरफ से यह निर्णय पाकिस्तान में बढ़ते कोविड-19 मामलों को लेकर आया है।पाकिस्तान के अलावा, ्रश्व सरकार ने तुर्की, ईरान, यमन, सीरिया, इराक, सोमालिया, लीबिया, केन्या, और अफगानिस्तान के अन्य लोगों के लिए यात्रा वीजा जारी करने को निलंबित कर दिया है।
कोरोना के 2000 नए मामले सामने आए हैं
पिछले एक सप्ताह में देश में कोरोना वायरस से 2,000 नए मामले सामने आए हैं। इससे पहले, जून में यूएई ने पाकिस्तान में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यात्री सेवाओं के अस्थायी निलंबन की घोषणा की थी। पाकिस्तान में अभी तक कोविड-19 के कुल 3,63,380 मामले सामने आए हैं। वर्तमान में देश में सक्रिय मामलों की संख्या 30,362 है। हालांकि उधर इसके दूसरे कारण भी बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने यूएई के इजराइल के साथ द्विपक्षीय रिश्ते कायम करने की तीखी आलोचना कायम की थी। 

इससे ्रश्व काफी नाराज है। यही कारण है कि उनसे पाकिस्तानियों को वीजा देने में भी आनाकानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही पाकिस्तानियों के सर पर ्रश्व से भगाए जाने का खतरा भी मंडरा रहा है।

फिलीस्तीन समर्थक पाकिस्तानी हो रहे हैं गिरफ्तार

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ्रश्व में फिलीस्तीन समर्थक पाकिस्तानी एक्टिविस्टों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने ्रश्व में रह रहे आम पाकिस्तानी नागरिकों के प्रति अतिरिक्त सख्ती बरतनी शुरू कर दी है और उन्हें छोटे-छोटे जुर्म के लिए भी गिरफ्तार कर जेल में डाला जा रहा है।एक अनुमान के मुताबिक, ्रश्व की अल स्वेहन जेल (्रड्ढह्व ष्ठद्धड्डड्ढद्ब, स्2द्गद्बद्धड्डठ्ठ छ्वड्डद्बद्य) में करीब 5000 से ज्यादा पाकिस्तानी बंद हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी डरे हुए हैं और यूएई से डिपोर्ट किये जाने का डर भी सता रहा है।

गोल्ड में निवेश से फायदा: सोने ने इस साल 32त्न रिटर्न दिया, 9 साल में सबसे ज्यादा; 10 साल में कुल रिटर्न 85 फीसदी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
इस साल सोने ने निवेशकों को अब तक 32त्न रिटर्न दिया है। पिछले साल दिवाली पर यह आंकड़ा 21त्न था। 2020 में अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर और कोरोना वैक्सीन की उम्मीद से सोने के भाव काफी ऊपर-नीचे हुए। मंगलवार को सोना वायदा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 50,841 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
9 सालों में सबसे बेहतर रिटर्न
रिटर्न के लिहाज से सोने ने इस साल दिवाली पर 9 साल का सबसे बेहतर रिटर्न दिया। 2011 में सोने ने निवेशकों को 38त्न का रिटर्न दिया था। 2011 में दिवाली पर रूष्टङ्ग फ्यूचर पर सोने का भाव 27,359 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो इस साल 50,679 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। इस लिहाज 
इस साल अगस्त में कोरोना वैक्सीन की उम्मीद से सोने का भाव बढ़कर 56,191 पर पहुंच गया था, जो इसका सर्वोच्च स्तर भी है। बाजार के जानकार मानते हैं कि 2020 में कोरोना महामारी, यूएस-चीन ट्रेड वॉर और क्रूड ऑयल के उत्पादन को लेकर टकराव जैसी घटनाओं के चलते सोने के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।


 रूष्टङ्ग पर दिसंबर में डिलीवर होने वाले सोने की कीमत मंगलवार को 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,841 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई, जिसमें 8,460 लॉट के लिए कारोबार हुआ। वहीं, न्यूयॉर्क में सोना 0.17त्न की बढ़त के साथ 1,884.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

घर पर हो सकेगी कोरोना की जांच: अमेरिकी स्नष्ठ्र ने पहली सेल्फ कोविड टेस्ट किट को मंजूरी दी, इससे 30 मिनट में रिजल्ट मिल जाता है

नईदिल्ली(एजेंसी)।
अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  ने मंगलवार को कहा कि उसने पहली सेल्फ कोविड टेस्ट किट को मंजूरी दे दी है। इस किट के जरिए घर पर कोरोना का टेस्ट किया जा सकता है। इससे मात्र 30 मिनट में रिजल्ट मिल जाता है।
ल्यूकिरा हेल्थ ने किया निर्माण
स्स्नष्ठ्र की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस सिंगल यूज टेस्ट किट का निर्माण ल्यूकिरी हेल्थ ने किया है। इसका इस्तेमाल एमरजेंसी में किया जा सकता है। इस किट के जरिए खुद नाक से स्वाब सैंपल लेकर टेस्ट किया जा सकता है। स्स्नष्ठ्र के मुताबिक, 14 साल या इससे बड़े लोग इस किट के जरिए कोरोना का टेस्ट कर सकते हैं। स्स्नष्ठ्र के कमिश्नर स्टीफन हान ने कहा कि अभी तक घर जाकर कोविड-19 टेस्ट का सैंपल लिए जाने की अनुमति थी जिसका रिजल्ट बाद में आता था। यह पहली ऐसी किट है जिसका इस्तेमाल खुद किया जा सकता है और यह घर पर ही रिजल्ट दे देती है। स्स्नष्ठ्र ने कहा है कि इस किट का इस्तेमाल अस्पतालों में भी किया जा सकता है। लेकिन 14 साल से कम उम्र के लोगों के टेस्ट के लिए सैंपल किसी हेल्थ वर्कर द्वारा ही लिया जाएगा।
अमेरिका में अगले साल जुलाई तक सबको लग जाएगी कोरोना वैक्सीन
अमेरिका ने अपने सभी नागरिकों के टीकाकरण की योजना पर काम तेज कर दिया है। अगले महीने से यह अभियान शुरू हो जाएगा और उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर अंत तक करीब 2 करोड़ लोगों को टीका लग सकता है। अप्रैल तक वहां वैक्सीन के 70 करोड़ डोज तैयार हो जाएंगे। इस लिहाज से अमेरिका के सभी नागरिकों को टीका दिए जाने का काम अप्रैल से जुलाई के बीच पूरा होगा। मॉडर्ना और फाइजर ने जो वैक्सीन तैयार की है उसकी दो डोज एक व्यक्ति को लगनी है।

कोरोना वैक्सीन की खबर से बाजार सर्वोच्च स्तर पर, निफ्टी इंडेक्स पहली बार 12900 के पार पहुंचा

नईदिल्ली(एजेंसी)।
कोरोना की एक और वैक्सीन के सफल ट्रायल की खबर से दुनियाभर के बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। इसमें भारतीय शेयर बाजार भी शामिल है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स ने 44,161.16 और निफ्टी ने 12,934.05 के सर्वोच्च स्तर को टच किया। कारोबारी सत्र के दौरान दोनों इंडेक्स का यह सर्वोच्च स्तर है। वहीं, बाजार में शानदार बढ़त के चलते पहली बार क्चस्श्व में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 170 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। अभी सेंसेक्स 263.50 अंक ऊपर 43,901.48 पर और निफ्टी 81.05अंक ऊपर 12,861.30 पर कारोबार कर रहा है। बाजार की बढ़त को बैंकिंग और मेटल शेयर लीड कर रहे हैं। जबकि, आईटी शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी में टाटा स्टील के शेयर में 7त्न से अधिक की बढ़त है। टाटा मोटर्स और एचडीएफसी लाइफ के शेयर 5-5 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे हैं। एसबीआई और अदानी पोर्ट के शेयरों में भी 4-4 फीसदी की तेजी है। दूसरी ओर, बीपीसीएल का शेयर 3 फीसदी की गिरावट है। हीरो मोटोकॉर्प और आईओसी के शेयरों में 2-2 फीसदी की गिरावट है। ओएनजीसी और एनटीपीसी के शेयरों में भी 2-2 फीसदी की गिरावट है। 

सुबह क्चस्श्व सेंसेक्स 457.87 अंक ऊपर 44,095.85 पर और निफ्टी 152.25 अंक ऊपर 12,932.50 पर खुला था।

टाटा ग्रुप के शेयरों में तेजी

टाटा स्टील का शेयर क्चस्श्व में 7.49त्न ऊपर 528.95 पर पहुंच कारोबार कर रहा है। आज शेयर ने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर को टच किया, जो 530.80 रुपए प्रति शेयर है। दरअसल, कंपनी नीदरलैंड में स्थित अपने कारोबार को स्वीडेन बेस्ड स्स््रक्च के बचेगी। इसमें इमुइदेन (ढ्ढद्भद्वह्वद्बस्रद्गठ्ठ) स्टील वर्क्स शामिल है। टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स डीवीआर के शेयरों में भी क्रमश: 5त्न और 6त्न की बढ़त है।

बाजार में बढ़त की वजह -

1. कोरोना वैक्सीन - अमेरिका की बॉयोटेक कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को कोविड-19 वैक्सीन का ऐलान किया है। कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन कोरोना के मरीजों को बचाने में 94.5त्न तक असरदार है। यह दावा लास्ट स्टेज क्लीनिकल ट्रायल के नतीजों के आधार पर किया गया है।

2. ग्लोबल मार्केट में तेजी - सोमवार को अमेरिकी बाजार में तेजी रही। डाउ जोंस और स्&क्क 500 इंडेक्स में 1-1 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए थे। इसके अलावा यूरोपियन बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली थी। सोमवार को रूस्ष्टढ्ढ इंडेक्स के एशिया पेसिफिक शेयर 33 सालों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, इंडेक्स में जापान नहीं शामिल है। इस इंडेक्स की शुरुआत 1987 से हुआ। मंगलवार को भी यह 0.11त्न की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

कोरोना को हराने का सबसे अच्छा तरीका अर्थव्यवस्था को फिर से खोला जाए, यही एक मात्र रास्ता है

नईदिल्ली(एजेंसी)।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोविड-19 को हराने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अर्थव्यवस्था को फिर से खोला जाए। यही एक मात्र रास्ता है। कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई लडऩे के लिए जीवन और आजीविका के बीच कोई और विकल्प नहीं है।
कोरोना को हराने का सबसे तेज तरीका
डब्लूएचओ के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) टेड्रोस अलोम घेब्रेयसस ने जिनेवा में एक वर्चुअल ब्रीफिंग में बताया कि अर्थव्यवस्थाओं को वापस पटरी पर लाने के लिए सबसे तेज तरीका यही है कि वायरस को हराया जाए। इसके लिए जो भी अर्थव्यवस्था खोलना हो उसे खोला जाए। उन्होंने कहा कि जी-20 देशों के नेता इस सप्ताह के अंत में मिलेंगे। इसमें उन्हें ष्टह्रङ्क्रङ्ग के बारे में वैश्विक सुविधा प्रदान करने के लिए आर्थिक और राजनीतिक रूप से प्रतिबद्ध होने का अवसर मिलेगा। इसे गरीब देशों के लिए ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ-१९ का टीका देने के लिए स्थापित किया गया है। बता दें कि कोविड-19 से लॉकडाउन के बाद ज्यादातर देशों ने अब अपनी अर्थव्यवस्था को खोलना शुरू कर दिया है। 

खासकर भारत, चीन, जापान और अमेरिका जैसे देशों ने तो बड़े पैमाने पर अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खोल दिया है। जिन देशों में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले पाए गए, उन्होंने अपनी अर्थव्यवस्था को पूरा खोल रखा है। सिवाय इसके कि अंतरराष्ट्रीय ट्रैवेल और अन्य कुछ सेक्टर को बंद रखा गया है।

25 मई से एयरलाइंस की शुरुआत

भारत में मई से अर्थव्यवस्था को खोलने की शुरुआत की गई थी। 25 मई से डोमेस्टिक एयर लाइंस शुरू की गई। उसके बाद से अनलॉक के कई चरणों में अलग-अलग सेक्टर खोले गए। अनलॉक के चरणों में हाल में होटल, जिम और धार्मिक स्थलों को खोला गया है। अर्थव्यवस्था को खोलने का ही असर है कि भारत में जीएसटी कलेक्शन, पेट्रोलियम पदार्थों की खपत, बिजली की खपत और अन्य इंडीकेटर्स इस समय कोरोना के पहले के स्तर पर पहुंच गए हैं। यहां तक कि रेलवे और एयरलाइंस से यात्रा करनेवाले यात्रियों की संख्या भी कोरोना के पहले के स्तर पर पहुंच गई है।

जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ के पार

बता दें कि अक्टूबर में सकल घरेलू उत्पाद (त्रस्ञ्ज) का कलेक्शन एक लाख करोड़ को पार कर गया तो वहीं शेयर बाजार मंगलवार को 44 हजार के साथ अपने अब तक के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। लोगों की आवाजाही और अन्य सेक्टर खुलने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। साथ ही जिस तरह से वैक्सीन के जल्द आने का दावा किया जा रहा है इससे आने वाले दिनों में इसमें और सुधार होने की उम्मीद है।

सरकारी डाटा: अक्टूबर में घरेलू नेचुरल गैस उत्पादन में 8.6 प्रतिशत की गिरावट, पहली छमाही में 12.9 प्रतिशत की कमी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
घरेलू नेचुरल गैस उत्पादन में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी डाटा के मुताबिक, अक्टूबर 2020 में घरेलू नेचुरल गैस उत्पादन वार्षिक आधार पर 8.6त्न की गिरावट के साथ 2,414 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर रहा है। अक्टूबर में घरेलू क्रूड ऑयल उत्पादन 2.6 मिलियन टन रहा है जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 6.3त्न कम है। घरेलू नेचुरल गैस उत्पादन की देश की कुल आवश्यकता में 51त्न हिस्सेदारी है। वहीं 85त्न क्रूड की आपूर्ति आयात के जरिए होती है। डाटा के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 13,939 रूरूस्ष्टरू नेचुरल गैस का उत्पादन हुआ है। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 12.9त्न कम है। सरकार की ओर से बिक्री प्राइस में कमी करने के कारण कंपनियां उत्पादन में तेजी से अस्थिरता ला रही हैं। केयर रेटिंग्स के एक नोट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में घरेलू नेचुरल गैस के ग्रॉस उत्पादन में 10.6त्न की गिरावट हो सकती है। इसका कारण यह है कि गैस की कम कीमतों के कारण कंपनियां तेजी से उत्पादन नहीं बढ़ा रही हैं। मौजूदा समय में लोकल फील्ड से उत्पादित नेचुरल गैस की कीमत सबसे कम स्तर 1.79 डॉलर प्रति द्वद्वक्चह्लह्व पर है। एजेंसी का कहना है कि यह काफी कम कीमत है।
फर्टिलाइजर सेक्टर में सबसे अधिक है नेचुरल गैस की मांग
देश में नेचुरल गैस की सबसे ज्यादा मांग फर्टिलाइजर सेक्टर (28त्न) से आती है। इसके बाद पावर (23त्न), सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाइयां (16त्न), रिफाइनरीज (12त्न) और पेट्रोकेमिकल्स (8त्न) इंडस्ट्रीज का नंबर आता है। सरकार की योजना 2030 तक कुल एनर्जी डिमांड में नेचुरल गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 15त्न करने की है। मौजूदा समय में देश की कुल एनर्जी डिमांड में नेचुरल गैस की 6त्न हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2020 में वार्षिक आधार पर 2.8त्न की गिरावट के साथ 31,168 रूरूस्ष्टरू नेचुरल गैस का उत्पादन हुआ था। वित्त वर्ष 2018 के बाद घरेलू नेचुरल गैस उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। मौजूदा गैस फील्ड के काफी पुराने होने और नए प्रोजेक्ट से इंडस्ट्री के दूरी बनाए रखने के कारण घरेलू नेचुरल गैस के उत्पादन में गिरावट आ रही है।

 सरकार की संसदीय कमेटी के मुताबिक, खरीदारों की कमी, निकासी का अपर्याप्त बुनियादी ढांचा और अन्य तकनीकी कारणों से वित्त वर्ष 2020 में उत्पादन में कमी आई है।

नवंबर के पहले हाफ में बिजली की खपत 7.8त्न बढ़ी

नवंबर के पहले हाफ में देश में बिजली खपत 7.8त्न बढ़कर 50.15 बिलियन यूनिट (क्च) पर पहुंच गई है। इससे देश में आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत मिलता है। बिजली मंत्रालय के डाटा से यह बात सामने आई है। डाटा के मुताबिक, एक साल पहले समान अवधि में 46.52 क्च बिजली की खपत रही थी। नवंबर 2019 में कुल 93.94 क्च की खपत रही थी।

वालमार्ट और अमेजन से टक्कर: त्यौहारी सीजन में 50 प्रतिशत की छूट के साथ अंबानी ई-कॉमर्स में जमाना चाहते हैं अपना सिक्का

नईदिल्ली(एजेंसी)।
अब इस सप्ताह दिवाली के त्यौहार के चलते खरीदारी का सीजन अपने पीक पर पहुंच रहा है। ऐसे में मुकेश अंबानी की रिटेल वेबसाइट और जियो मार्ट अमेजन और फ्लिपकार्ट से टक्कर लेकर अपना शेयर बढ़ाने में जुट गई है। प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ते हुए अंबानी का पोर्टल चावल, बिरयानी के चावल और अन्य हॉलिडे स्टेपल जैसे मसाला मिक्स पर 50त्न की ब्लॉकबस्टर छूट प्रदान कर रहा है।
सस्ते डेटा प्लान के जरिए टेलीकॉम पर कब्जा
इससे पहले अंबानी ने सस्ते डेटा प्लान और मुफ्त वॉयस कॉल को ऑफर कर भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में बड़े-बड़े प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ दिया है। अब चार साल बाद एक बार फिर से देश के तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स स्पेस में अपना सिक्का जमाने के लिए रणनीति बनाने और उसे अमल में लाने में जुट गए हैं।
 इस बीच उनकी रिलायंस डिजिटल वेबसाइट प्रतिद्वंदियों की तुलना में सस्ते दामों पर सैमसंग के कुछ प्रमुख स्मार्टफोन बेच रही है। इसमें 40त्न तक डिस्काउंट शामिल है। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से लीड लेने वाली एक पहल है। अपनी टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए 20 बिलियन डॉलर जुटाने के बाद अब उनका ध्यान रिटेल पर है। इसमें अब तक 45 हजार करोड़ रुपए हिस्सेदारी बेच कर आ चुके हैं। इसमें प्रमुख निवेशक केकेआर एंड कंपनी और सिल्वर लेक आदि हैं।
काफी बड़ा बाजार है भारत में
भारत जैसे बड़े देश में अब भी काफी मार्केट बचा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि भारत 2026 तक ई-कॉमर्स की बिक्री में 200 अरब डॉलर का कारोबार करेगा। फिर भी, टेलीकॉम सेक्टर में अंबानी की जीत है। जहां उन्होंने शुरुआत की और उन्हें उनके प्रतिद्वंदियों ने कम आँका, उन्होंने अब अमेरिकी दिग्गजों को सतर्क कर दिया है। अब वे कोई चांस नहीं लेना चाहेंगे। रिटेल सेक्टर में अंबानी को बढ़त हासिल है। घरेलू रिटेल विक्रेताओं के पक्ष में सरकार की नीतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिनसे रिलायंस को फायदा होना तय है। 2018 के अंत में भारत के विदेशी निवेश नियमों ने अमेजन और फ्लिपकार्ट को प्रभावित किया है। अब अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को 51त्न से अधिक स्थानीय सुपरमार्केट चेन के मालिक होने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि यह सीमा 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में लागू है। 

अपनी स्थानीय रणनीति, कम लागत वाली खरीद और स्टोर्स के चेन के साथ अंबानी के पास ऑनलाइन रिटेल को प्रभावित करने की क्षमता है। विश्लेषकों के मुताबिक, जिओ मार्ट देश के सबसे बड़े ऑनलाइन ग्रॉसर्स बिग बास्केट और ग्रोफ़र्स जैसे किराने के ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों के भाग्य को उलट सकता है। आने वाले दिनों में अमेजऩ और फ्लिपकार्ट जैसे ई-टेल की बड़ी कंपनियों के ग्रॉसरी, होम एवं पर्सनल केयर सेगमेंट को भी प्रभावित कर सकता है।

टेलीकॉम में सफलता

टेलीकॉम सेक्टर में अंबानी की सफलता मूल्य और नीति से लाभान्वित होने की उनकी क्षमता को दिखाती है। भारत सरकार ने 2013 में एक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) लाइसेंस बनाने के लिए नियम बनाया था, जो एक ब्रॉडबैंड वायरलेस परमिट वाले ऑपरेटर्स को एक बार शुल्क देकर वॉयस कॉल की अनुमति देता था। उस समय राष्ट्रव्यापी स्तर पर केवल एक ऑपरेटर रिलायंस जियो के पास ऐसा परमिट था। नए नियमों ने इसे तेजी से आगे बढऩे में मदद की।

12 प्रमुख राज्यों को कैपिटल एक्सपेंडीचर में 2.5-2.7 लाख करोड़ रुपए की कटौती करनी पड़ सकती है : इक्रा

नईदिल्ली(एजेंसी)।
इक्रा की रिपोर्ट के मुताबिक इस कारोबारी साल में इन 12 राज्यों का कुल कर्ज बढ़कर उनके त्रस्ष्ठक्क के 28.9त्न तक पहुंच सकता है, जो 2018-19 में 21.9त्न और 2019-20 में 22.3त्न था कोरोनावायरस महामारी के कारण रेवेन्यू में रह गई कमी की भरपाई करने के लिए इन राज्यों को खर्च में यह कटौती करनी पड़ सकती है 12 प्रमुख राज्यों में महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात जैसे देश के 12 प्रमुख राज्यों को इस कारोबारी साल में अपने बजटेड कैपिटल एक्सपेंडीचर में कुल 2.5-2.7 लाख करोड़ रुपए की कटौती करनी पड़ सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण रेवेन्यू में रह गई कमी की भरपाई करने के लिए इन राज्यों को खर्च में यह कटौती करनी पड़ सकती है। ऐसे अन्य प्रमुख राज्यों में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन 12 राज्यों के कुल कर्ज में भी भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कारोबारी साल में इन राज्यों का कुल कर्ज बढ़कर ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रॉडक्ट के 28.9 फीसदी तक पहुंच सकता है। इन राज्यों का कर्ज 2018-19 में इनके कुल त्रस्ष्ठक्क का 21.9 फीसदी था। 2019-20 में यह कुल त्रस्ष्ठक्क के अनुमानित 22.3 फीसदी के बराबर था। इक्रा के ग्रुप हेड (कॉरपोरेट सेक्टर रेटिंग्स) जयंत रॉय ने कहा कि महामारी के कारण इस कारोबारी साल में राज्य सरकारों के रेवेन्यू को बड़ा झटका लगा है। त्रस्ञ्ज मुआवजे में रह गई कमी को तो अतिरिक्त कर्ज लेकर पूरा करने का प्रस्ताव है, लेकिन केंद्र सरकार के टैक्स डिवॉल्यूशन में संभावित भारी कमी के कारण इस कारोबारी साल में विकास तेजी करने के लिए कैपिटल एक्सपेंडीचर करने की राज्य सरकारों की क्षमता बुरी तरह से घट जाएगी।

12 राज्यों का रेवेन्यू डिफिसिट 82,200 करोड़ के बजट अनुमान से बढ़कर 5.8 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच सकता है

रॉय ने कहा कि ये राज्य रेवेन्यू खर्च में ज्यादा कटौती नहीं कर सकते हैं, इसलिए एजेंसी का अनुमान है कि इन 12 राज्यों के रेवेन्यू डिफिसिट में इस कारोबारी साल में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। यह रेवेन्यू डिफिसिट बढ़कर 5.8 लाख करोड़ रुपए या अनुमानित त्रस्ष्ठक्क के 3.9 फीसदी पर पहुंच सकता है। जबकि इन राज्यों ने इस कारोबारी साल में कुल 82,200 करोड़ रुपए के बजटीय रेवेन्यू डिफिसिट का अनुमान रखा है।

कैपिटल एक्सपेंडीचर में भारी कटौती के अलावा राज्यों के पास कोई और विकल्प नहीं

रॉय न कहा कि इन राज्यों की कर्ज सीमा में जो बढ़ोतरी की गई है, उसका अधिकांश हिस्सा उनके रेवेन्यू डिफिसिट को फंड करने में खप जाएगा। इसके कारण अपने कैपिटल एक्सपेंडीचर में भारी कटौती करने के अलावा इन राज्यों के पास कोई और विकल्प नहीं रहेगा। इसके कारण इन राज्यों में शुरुआती रिकवरी पर उलटा असर पड़ेगा और आखिरकार निकट अवधि में रेवेन्यू में तेजी की संभावना पर भी उलटा असर पड़ेगा।

रेवेन्यू 19.3त्न घट सकता है, जबकि 14.3त्न ग्रोथ का था बजट अनुमान

एजेंसी का अनुमान है कि त्रस्ञ्ज वसूली, सेल्स टैक्स/वैट और सेंट्रल टैक्स डिवॉल्यूशन में भारी कमी के कारण इन 12 राज्यों का रेवेन्यू कलेक्शन इस कारोबारी साल में 19.3 फीसदी घट सकता है। जबकि इन राज्यों ने कुल 14.3 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का बजटीय अनुमान रखा था। साथ ही इन राज्यों का कुल रेवेन्यू एक्सपेंडीचर ग्रोथ महज 2.8 फीसदी पर सिमट सकता है, जबकि इसके लिए बजटीय अनुमान 10.5 फीसदी का था। एजेंसी ने कहा कि राज्यों के फिस्कल डिफिसिट की फंडिंग के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाला लोन एक बड़ा स्रोत साबित हो सकता है, क्योंकि त्रस्ञ्ज मुआवजे में कमी के बदले में केंद्र सरकार ने सभी 28 राज्यों को 1.1 लाख करोड़ रुपए का लोन देने का फैसला किया है।

अमेजन के खिलाफ मामला: अमेजन पर लग सकता है 1.38 लाख करोड़ रुपए का फाइन, सेलर्स का डाटा उपयोग करने का आरोप

नईदिल्ली(एजेंसी)।
दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर 19 अरब डॉलर (1.38 लाख करोड़ रुपए) का फाइन लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेजन पर सेलर्स के डाटा का गलत तरीके से उपयोग करने का आरोप है। इस मामले में यूरोपीय यूनियन के नियामकों ने अमेजन के खिलाफ व्यापार में अनुचित व्यवहार का मामला दायर किया है।
लाभ लेने के लिए डेटा का इस्तेमाल
नियामकों का आरोप है कि ई-कॉमर्स कंपनी उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले मर्चेंट के खिलाफ अनुचित लाभ लेने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर रही है। ईयू कमीशन ने कहा कि इन आरोपों को कंपनी के पास भेज दिया गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि अमेजन ने अपने मार्केट प्लेस पर अपने खुद के लेबल वाले सामानों की बिक्री बढ़ाने के लिए थर्ड पार्टी सेलर्स के डाटा का उपयोग किया है। कमीशन ने इसी के साथ एक नई जांच भी शुरू की है। यह जांच सेलर्स के उन संभावित प्रिफरेंशियल ट्रीटमेंट में हो रही है जिसमें अमेजन की लॉजिस्टिक सेवाओं के उपयोग करने का मामला है। अमेजन ने इन आरोपों को खारिज किया है। हालांकि अमेजन अगर कंपटीशन के नियमों को तोडऩे का दोषी पाई जाती है तो इस पर इसके कुल वैश्विक टर्नओवर का 10 पर्सेंट फाइन लग सकता है। 

यह राशि करीबन 19 अरब डॉलर हो सकती है। एक बयान में यूरोपियन यूनियन कंपटीशन कमिश्नर ने कहा कि अगर अमेजन उन सेलर्स के लिए एक कंपटीटर के रूप में है तो थर्ड पार्टी सेलर्स की गतिविधियों के डाटा को वह अपने फायदे के लिए उपयोग नहीं कर सकता है।

किसानों की आय दोगुना करने में मदद: इफको ने हृक्क फर्टिलाइजर की कीमतों में 50 रुपए प्रति बोरी की कमी की

नईदिल्ली(एजेंसी)।
फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव इफको ने हृक्क फर्टिलाइजर की अधिकतम कीमतों पर 50 रुपए प्रति बोरी की कमी की है। इससे अब प्रति बोरी की कीमत 925 रुपए हो गई है। यह कमी तुरंत लागू हो गई है। हृक्क फर्टिलाजर में नाइट्रोजन और सुपर फास्फेट होता है। इसकी कीमतों में कमी से कृषि की इनपुट कास्ट में कमी आएगी।
किसानों को होगा फायदा
दरअसल हृक्क फर्टिलाइजर की कीमतों में कमी से किसानों को फायदा होगा। साथ ही इससे प्रधानमंत्री की उस योजना को भी पूरा करने में मदद मिलेगी, जिसमें उन्होंने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इफको ने कहा है कि वह आगे भी जितना संभव होगा, उतना कीमतों में कमी करने की कोशिश करेगा।
कीमतों की कमी तुरंत लागू होगी
इफको के प्रबंध निदेशक यूएस अवस्थी ने ट्वीट कर कहा कि हम हृक्क फर्टिलाइजर की कीमतों में प्रति बोरी 50 रुपए की कमी कर रहे हैं। यह पूरे देश में और तुरंत लागू होगा। उन्होंने कहा कि प्रति टन एक हजार रुपए की कीमतों में कमी की गई है। कुछ महीने पहले ही इफको ने एनपीके और डीएपी फर्टिलाइजर की कीमतों में भी कमी की थी।
2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत हाल में किसानों को कई तरह की राहत दी गई है। इसमें किसान सम्मान निधी योजना, किसानों के लिए कम ब्याज पर कर्ज, सब्सिडी और साथ ही कई तरह की राहत है। इसके साथ मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) भी बढ़ा दी गई है। फर्टिलाइजर की कीमतों में कमी से किसानों की खेती की कीमतों में कमी होगी। हालांकि खेती किसानी से जुड़े 3 रेगुलेशन से किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देश के कई हिस्सों में सरकार के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। इस रेगुलेशन से किसानों का मानना है कि खेती किसानी कॉर्पोरेट के हाथों में चली जाएगी और उनका अधिकार खेती पर हो जाएगा।

 इसलिए सरकार लगातार इस तरह की योजनाओं पर फोकस कर रही है।

फायदे की बात:1 नवंबर से बदल जाएंगे आपकी जिंदगी से जुड़े ये 7 नियम; इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा

नईदिल्ली(एजेंसी)।
एक नंवबर से देशभर में कई नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इनका सीधा असर आपकी पॉकेट और जिंदगी पर पड़ेगा। जरूरी है कि नियमों की जानकारी पहले ही अपने पास रखें। बता दें कि 1 नवंबर यानी रविवार से रसोई गैस के सिलेंडर से लेकर ट्रेनों के टाइम टेबल तक सबकुछ बदलने वाला है। तो आइए जानते हैं इन नए नियमों के बारे में- एक नवंबर से रुक्कत्र सिलेंडर की डिलिवरी का नियम बदल जाएगा। तेल कंपनियां एक नवंबर से डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (ष्ठ्रष्ट) सिस्टम लागू करेंगी। यानी गैस की डिलिवरी से पहले उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ह्रञ्जक्क भेजा जाएगा। जब सिलेंडर आपके घर आएगा तो उस ह्रञ्जक्क को डिलिवरी ब्वॉय के साथ शेयर करना होगा।जब ह्रञ्जक्क सिस्टम से मैच होगा तभी आपको सिलेंडर की डिलिवरी होगी। अगर आप इंडेन के ग्राहक हैं तो आज से अब आप पुराने नंबर पर गैस बुक नहीं करा पाएंगे। इंडेन ने अपने एलपीजी ग्राहकों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर गैस बुकिंग करने के लिए नया नंबर भेजा है। अब इंडेन गैस के देश भर के ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर बुक कराने के लिए 7718955555 पर कॉल या एसएमएस भेजना होगा। बता दें देश की सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय करती हैं। कीमतों में इजाफा भी हो सकता है और राहत भी मिल सकती है। 

ऐसे में 1 नवंबर को सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हो सकता है। अक्टूबर में ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की थी।

4. ट्रेनों का बदलेगा टाइम टेबल

ट्रेन से सफर करने वालों के लिए यह जरूरी खबर है। 1 नवंबर से भारतीय रेल पूरे देश की ट्रेनों के टाइम टेबल को बदलने जा रही है। 1 नवंबर से ट्रेनों का नया टाइम टेबल जारी हो जाएगा। इस कदम से 13 हजार यात्री और 7 हजार मालभाड़ा ट्रेनों के टाइम बदल जाएंगे। देश की 30 राजधानी ट्रेनों के टाइम टेबल भी 1 नवंबर से बदल जाएंगे। वहीं, 1 नंवबर से प्रत्येक बुधवार को छोड़कर चंडीगढ़ से न्यू दिल्ली के बीच तेजस एक्सप्रेस चलेगी।

5. स्क्चढ्ढ बचत खातों पर कम ब्याज मिलेगा

1 नवंबर से स्क्चढ्ढ के भी कुछ अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है। स्क्चढ्ढ के बचत खातों पर कम ब्याज मिलेगा। अब 1 नवंबर से जिन सेविंग्स बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपए तक की राशि जमा है उस पर ब्याज की दर 0.25 परसेंट घटकर 3.25 परसेटं रह जाएगी. जबकि 1 लाख रुपए से ज्यादा की जमा पर अब रेपो रेट के अनुसार ब्याज मिलेगा।

6. क्चह्रक्च में पैसा जमा करने पर लगेगा एक्सट्रा चार्ज

1 नवंबर से बैंक ऑफ बड़ौदा (क्चशक्च) में तय सीमा से ज्यादा बैंकिंग करने पर अलग से शुल्क लगेगा। इस दिन से ग्राहकों को लोन खाते के लिए महीने में तीन बार के बाद जितनी बार भी पैसा निकालेंगे, उन्हें 150 रुपए देने होंगे। बचत खाते की बात करें, तो ऐसे खाताधारकों के लिए तीन बार तक जमा करना फ्री होगा, लेकिन अगर ग्राहकों ने चौथी बार पैसे जमा किए, तो उन्हें 40 रुपए देने होंगे। वहीं, जनधन अकाउंट वालों को इसमें थोड़ी राहत मिली है उन्हें जमा करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा, हालांकि निकालने पर 100 रुपए चार्ज देने होंगे।

7. केरल में लागू होगी रूस्क्क योजना

केरल सरकार ने सब्जियों के लिए आधार मूल्य तय कर दिया है। इसी के साथ केरल सब्जियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (रूस्क्क) तय करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सब्जियों का यह न्यूनतम या आधार मूल्य उत्पादन लागत से 20 फीसदी अधिक होगा। राज्?य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि यह योजना 1 नवंबर से लागू कर दी जाएगी।

नमस्ते भारत प्रदर्शनी: एमएसएमई अर्थव्यवस्था की रीढ़, इससे निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी: नितिन गडकरी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे निर्यात बढ़ाने में मदद मिल सकती है। 10 दिवसीय नमस्ते भारत भारत प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम आयात को घटाने और निर्यात को बढ़ाने पर प्राथमिकता दे रहे हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक खुला प्लेटफॉर्म है जहां पर उत्पाद की क्वालिटी, लागत और मार्केटिंग का पैमाना काफी महत्वपूर्ण फैक्टर हैं। 1 नवंबर से बदल जाएंगे आपकी जिंदगी से जुड़े ये 7 नियम; इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा पिछड़े और आदिवासी क्षेत्र में ज्यादा रोजगार पैदा करना चाहती है सरकार नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार पिछड़े और आदिवासी क्षेत्र में ज्यादा रोजगार पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम वूमन एंटरप्रिन्योर की पहचान, सम्मान, सहायता और सुविधा देना चाहते हैं। साथ ही उनको इन्सेंटिव भी दे रहे हैं। गडकरी ने कहा कि खादी ग्राम उद्योग के जरिए सरकार गांवों में इंडस्ट्री पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक तौर पर पिछड़े इलाकों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं जहां पर रोजगार पैदा करने और ग्रोथ की काफी संभावनाएं है। गरीबी को हटाने का यही सही रास्ता है और यही हमारा मिशन है।
अमेरिका ने आर्थिक विकास का नया इतिहास रचा, तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड 33.1त्न के एनुअलाइज्ड रेट से बढ़ी
मेड इन इंडिया प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए शुरू हुई है प्रदर्शनी मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के लिए पहली बार 10 दिवसीय नमस्ते भारत प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। सिंगापुर की प्रमुख इवेंट एंड मार्केटिंग कंपनी डी आइडियाज के सहयोग से इस प्रदर्शनी की आयोजन हो रहा है। इस प्रदर्शनी में 300 से ज्यादा भारतीय एक्जीबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह एक्जीबिटर 1 लाख से ज्यादा मेड इन इंडिया प्रोडक्ट पेश करेंगे।