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कोटक महिंद्रा बनेगा पांचवां सबसे बड़ा फंड: तीन सालों में ष्ठस्क्क, फ्रैंकलिन टेंपल्टन और निप्पोन म्यूचुअल फंड के ्ररू में भारी गिरावट

नईदिल्ली(एजेंसी)।
पिछले तीन सालों में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की तस्वीर ही बदल गई है। पूरी इंडस्ट्री का असेट अंडर मैनेजमेंट (्ररू) जहां 23.40 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 26.60 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हालांकि इस दौरान ञ्जढ्ढ, ष्ठस्क्क, फ्रैंकलिन टेंपल्टन और निप्पोन म्यूचुअल फंड के ्ररू में भारी गिरावट दिखी है। जबकि स्क्चढ्ढ, ॥ष्ठस्नष्ट ढ्ढष्टढ्ढष्टढ्ढ प्रूडेंशियल के एयूएम में अच्छी खासी बढ़त दिखी है। इसी कड़ी में अब कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड पांचवें नंबर का सबसे बड़ा फंड बनने के करीब पहुंच गया है। कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने तीन सालों में बहुत ही बेहतरीन ग्रोथ हासिल किया है। इसका ्ररू 1.27 लाख करोड़ रुपए से 64 हजार करोड़ रुपए बढ़कर 1.91 लाख करोड़ रुपए हो गया है। जबकि इसी दौरान निप्पोन का एयूएम 40 हजार करोड़ घटकर 2 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उस समय निप्पोन से कोटक 1.13 लाख करोड़ रुपए पीछे था। लेकिन अब यह निप्पोन से महज 9 हजार करोड़ पीछे है। फंड जानकारों का मानना है कि अगली कुछ तिमाही में कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड देश में पांचवां सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड बन जाएगा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एंफी) के आंकड़े बताते हैं कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में तीन सालों में अच्छी बढ़त दिखी है। आदित्य बिरला म्यूचुअल फंड का ्ररू इसी अवधि में 11 हजार करोड़ घटकर 2.38 करोड़ रुपए रह गया है। आंकड़ों के मुताबिक, फ्रैंकलिन टेंपल्टन का ्ररू तीन सालों में करीबन 24 हजार करोड़ घट कर 79 हजार 197 करोड़ रुपए रह गया है। हालांकि पिछले साल की तुलना में इसमें करीबन 34 हजार करोड़ की गिरावट एयूएम में आई है। डीएसपी म्यूचुअल फंड के ्ररू में 7 हजार करोड़ की कमी आई है और यह 82 हजार 285 करोड़ रुपए रहा है। हाल में आईपीओ लाने वाले यूटीआई म्यूचुअल फंड के ्ररू में कोई बढ़त नहीं हुई है। यह 1.55 लाख करोड़ रुपए पर ही स्थिर है। 

जिन फंड हाउस के एयूएम में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी दिखी है उसमें एसबीआई म्यूचुअल फंड का एयूएम 2.33 लाख करोड़ से 1.87 लाख करोड़ बढ़कर 4.20 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

ढ्ढष्ठस्नष्ट का ्ररू 44 हजार करोड़ बढ़ा

आईडीएफसी म्यूचुअल फंड का ्ररू इसी दौरान करीबन 44 हजार करोड़ रुपए बढ़कर 1.14 लाख करोड़ रुपए हो गया है। तीन साल पहले इसका एयूएम 69 हजार 590 करोड़ रुपए था। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का एयूएम 3.06 लाख करोड़ से 69 हजार करोड़ बढ़कर 3.75 लाख करोड़ रुपए हो गया है। जबकि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का एयूएम इसी अवधि में 3.10 लाख करोड़ से 50 हजार करोड़ रुपए बढ़कर 3.60 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

फ्रैंकलिन टेंपल्टन को सबसे बड़ा झटका उसकी हाल में डेट की 6 स्कीम बंद होने से हुई है। इस घटना के बाद निवेशकों ने पैसे निकालने शुरू कर दिए थे।

डाटा प्रोटेक्शन: संसदीय समिति ने जियो, एयरटेल, उबर, ओला और ट्रूकॉलर को डाटा सुरक्षा के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया

नईदिल्ली(एजेंसी)।
एक संयुक्त संसदीय समिति ने बुधवार को रिलायंस जियो, एयरटेल, ओला, उबर और ट्रूकॉलर के प्रतिनिधियों को डाटा सुरक्षा के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने के लिए एक नोटिस भेजा। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता वाली समिति पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल-2019 की समीक्षा कर रही है। नोटिस के मुताबिक रिलायंस जिया इंफोकॉम और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधियों को 4 नवंबर को अलग-अलग समय में बुलाया गया है। ओला, उबर के प्रतिनिधियों को 5 नवंबर को बुलाया गया है। एयरटेल और ट्र्रूकॉलर के प्रतिनिधियों को 6 नवंबर को बुलाया गया है। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक और ट्विटर और ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। गूगल और पेटीएम को 29 अक्टूबर को समिति के सामने उपस्थित होना है। पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल को इलेक्ट्रॉनिकी और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 11 दिसंबर 2019 को लोकसभा में पेश किया था। इस विधेयक में पर्सनल डाटा की सुरक्षा और इसके लिए एक डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी स्थापित करने का प्रावधान है। बाद में इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त प्रवर समिति के पास भेज दिया गया। विधेयक में किसी व्यक्ति की स्पष्ट अनुमति लिए बिना किसी भी संस्थान द्वारा उससे संबंधित डाटा को स्टोर और प्रोसेस किए जाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।

कॉर्पोरेट कर्जदारों का मामला अब एक जगह होगा: अनिल अंबानी के सभी मामलों को एक जगह ट्रांसफर करने के बाद सुनाया जाएगा फैसला

नईदिल्ली(एजेंसी)।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी जैसे कॉर्पोरेट कर्जदारों के व्यक्तिगत गारंटर के मामलों को एक जगह ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद ही इस पर फैसला सुनाया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि जो भी दिवालियापन की कार्यवाही को चुनौती देने वाले विभिन्न हाई कोर्ट में मामले दर्ज हैं, उन्हें एक जगह ट्रांसफर करने की जरूरत है।
सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग
जज एल नागेश्वर राव की अगुवाई वाली बेंच ने ऐसे सभी मामलों को टॉप कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड विकास मेहता के माध्यम से भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड  की ओर से दायर याचिका पर यह फैसला लिया है। संकट के दौर से गुजर रहे कॉर्पोरेट देनदारों के व्यक्तिगत गारंटर के रूप में दिवालियापन की कार्यवाही का सामना कर रहे हाई-प्रोफाइल लोगों में ललित जैन, योगेश मेहरा, अतुल पुंज, बाला छाबड़ा, राम मेहर गर्ग, महेंद्र कुमार राजपाल, अजय मेहरा, संजय और आरती सिंघल शामिल हैं ।
मध्यप्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली हाई कोर्ट में हैं मामले
बता दें कि कॉर्पोरेट देनदारों को व्यक्तिगत गारंटर से संबंधित आईबीसी का पार्ट 3 लागू हो गया है। उनके खिलाफ मध्य प्रदेश, तेलंगाना और दिल्ली के हाई कोर्ट में मामले लंबित हैं। हाई कोर्ट ने अंतिम सुनवाई लंबित होने तक आईबीसी की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये अंतरिम आदेश फिलहाल जारी रहेंगे। दिवालियापन बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान ने बेंच को बताया कि इन मामलों को एक जगह लाया जाना चाहिए।
सॉलिसिटर जनरल ने कहा हाई कोर्ट में जल्दी फैसला होने की उम्मीद कम
आरकॉम को कर्ज देनेवाले प्रमुख भारतीय स्टेट बैंक का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चिंता इस बात की है कि इस मुद्दे पर हाई कोर्ट में जल्दी फैसला नहीं किया जाएगा। अधिकांश व्यक्तिगत गारंटर्स के लिए वकीलों ने तबादले का विरोध किया। आज इस मामले में कोई आदेश आ सकता है।

चीन से टक्कर: अमेरिका-चीन ट्रेड वार से भारत को फायदा, लेकिन अभी भी बराबरी करने में भारत को लगेगा लंबा वक्त

नईदिल्ली(एजेंसी)।
बीते एक साल से जारी अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार से चीन को भारी नुकसान हुआ है। ग्लोबल मार्केट में चीनी समानों के आयात और निर्यात दोनों प्रभावित हुए हैं। इससे भारत सहित अन्य देशों को फायदा हुआ है। लेकिन, भारत के लिए चीन के साथ कंपीट करना अभी आसान नहीं है। आंकड़ों को देखें तो भारत और चीन दोनों के बीच व्यापार के लिहाज से बड़ा अंतर है।
ग्लोबल मार्केट में चीन की घटती हिस्सेदारी
ट्रेड वार के कारण चीन को वैश्विक बाजारों में भारी नुकसान हो रहा है। सेक्टर आधारित आंकड़ों को देखें तो चीनी सामानों का मार्केट में भागीदारी कम हुई है। इसका फायदा भारत समेत दुनिया अन्य उत्पादक देशों को हुआ है। उदाहरण के तौर पर फुटवियर सेक्टर में ग्लोबल मार्केट शेयर में चीन की हिस्सेदारी 7.5त्न कम हुई है। इससे फुटवियर मार्केट में वियतनाम क हिस्सेदारी 5.9त्न और जर्मनी की हिस्सेदारी 1.4त्न बढ़ी है। इसके अलावा भारत की भी हिस्सेदारी 0.1त्न बढ़ी है। पर्ल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में चीन का मार्केट शेयर 2.3त्न कम हुआ है। भारत का मार्केट शेयर 3.5त्न बढ़ा है। इस सेक्टर में इजराइल और अमेरिकी भागीदारी भी बढ़ी है। इसी प्रकार लेदर, आयरन और स्टील, कपड़ा और सिरेमिक सेक्टर में चीन की घटती हिस्सेदारी का फायदा भारत और अन्य देशों के हुआ है।


चीन के साथ भारत का कंपटीशन

यूं तो भारत 1990 के दशक से ही चीन के साथ कंपीट करने का सपना देख रहा है। चीन की जीडीपी भारत के मुकाबले 4 गुना बड़ी है। लेकिन, अभी भी कुछ सेक्टर्स में भारत, चीन से काफी पीछे है, जिससे भारत का वर्ल्ड लीडर बनने और चीन को पछाडऩे में काफी समय लग सकता है। उदाहरण के तौर पर स्टील के उत्पादन में चीन और भारत के बीच का अनुपात 10:1 का है।

राजनीतिक विज्ञापन लेने पर लगाया रोक: राष्ट्रपति चुनाव से पहले फेसबुक, ट्विटर और गूगल के सीईओ अमेरिकी सिनेट में होंगे तलब

नईदिल्ली(एजेंसी)।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। इससे पहले ही सोशल मीडिया कंपनियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खबर है कि ट्विटर, फेसबुक और गूगल के सीईओ से पूछताछ की जाने वाली है। इन्हें सिनेट में बुलाया गया है।
रिपब्लिकन सांसदों का आरोप
जानकारी के मुताबिक, रिपब्लिकन सांसदों द्वारा आरोप लगाया गया है कि टेक कंपनियाँ कंजर्वेटिव विरोध की ओर झुकाव दिखाते हैं। अब उनसे पूछताछ की जाने वाली है। डेमोक्रेट पार्टी स्थानीय समाचारों पर कंपनियों के प्रभाव जैसे मुद्दों को शामिल करना चाहते हैं और इस पर चर्चा को आगे बढ़ाना चाहते हैं।सीनेट की कॉमर्स कमिटी ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी, फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग और गूगल के सुंदर पिचाई को बुधवार को सुनवाई के लिए गवाही देने के लिए बुलाया है। समन के साथ धमकी दिए जाने के बाद अधिकारी दूर से अपीयर होने के लिए सहमत हो गए हैं।
टेक कंपनियों के खिलाफ शिकायतों की बौछार
चुनाव के माहौल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में रिपब्लिकन ने बड़ी टेक कंपनियों के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायतों की बौछार कर दी है, जिस पर वे जानबूझकर रूढि़वादी, धार्मिक और गर्भपात विरोधी विचारों को दबाने के सबूत के बिना आरोप लगाते हैं। विरोध तब शुरू हुआ जब इसी महीने फेसबुक और ट्विटर ने कंजर्वेटिव की ओर झुके हुए न्यूयॉर्क पोस्ट से डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन के खिलाफ एक राजनीतिक स्टोरी के प्रसार को सीमित कर दिया।
कहते हैं कि यह एक ऐसी स्टोरी थी जिसे किसी अन्य पब्लिकेशन ने प्रकाशित नहीं किया। इसे बाइडिंग के बेटे हंटर ने ई-मेल किया था। इसके बारे में कहा जाता है कि ट्रंप के सहयोगियों ने यह ईमेल कराया था। जब इस बारे में ट्रंप से मंगलवार को पत्रकारों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके विरोधी जो बाइडेन के 'भ्रष्टाचार' के खुलासे को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। वे भ्रष्टाचार नहीं दिखाना चाहते हैं। ऐसा लगता है जैसे आप बाइडेन के साथ है। ट्रंप ने कहा कि यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार है और हर कोई इसे जानता है। यह बहुत अनुचित है।


 क्या किसी ने भी कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। यह प्रेस की स्वतंत्रता नहीं है, यह इसके विपरीत है।

सोशल मीडिया के दिग्गज जांच के घेरे में

चुनाव के बारे में गलत सूचना फैलाने के प्रयासों के लिए सोशल मीडिया के दिग्गज भी जांच के घेरे में हैं। ट्विटर और फेसबुक ने राष्ट्रपति के कंटेंट पर एक गलत सूचना लेबल लगाया है, जिसके करीब 8 करोड़ फॉलोअर्स हैं। ट्रंप ने वोट-बाय-मेल प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की संभावना जताई है। मंगलवार से फेसबुक किसी भी नए राजनीतिक विज्ञापन को स्वीकार नहीं कर रहा है। हालांकि पहले बुक किए गए राजनीतिक विज्ञापन अगले मंगलवार को चुनाव बंद होने तक चल सकेंगे।

गूगल ने भी नए विज्ञापन बंद किए

यूट्यूब का मालिक गूगल भी चुनाव बंद होने के बाद राजनीतिक विज्ञापनों को रोक रहा है। ट्विटर ने चुनाव बंद होने के बाद सभी राजनीतिक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। ट्विटर ने पिछले साल भी सभी राजनीतिक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से पूछताछ के अलावा सांसद ऑनलाइन भाषण के लिए लंबे समय से लंबित पड़े कानूनी सुरक्षा की भी जांच करेंगे।

कंपनियों को जिम्मेदारी से भागने का मौका मिलता है

इसके बारे में दोनों दलों में आलोचकों का कहना है कि कंपनियों को निष्पक्ष रूप से उदारवादी सामग्री के लिए अपनी जिम्मेदारी से भागने का मौका मिल जाता है। टेक प्लेटफॉर्म ऑनलाइन न्यूज के गेटवे होते हैं। आलोचकों का कहना है कि विज्ञापन बाजार में टेक प्लेटफॉर्म की जबरदस्त उपस्थिति ने अमेरिकी समाचार उद्योग को कुचल कर रख दिया है।

रिकॉर्ड 35 अरब डॉलर जुटा सकता है चीन का एंट ग्रुप; निर्धारित की गई शेयर की कीमत

नईदिल्ली(एजेंसी)।
चीन का एंट ग्रुप शंघाई और हांगकांग में इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के जरिए 35 अरब अमेरिकी डॉलर यानी की 2.56 लाख करोड़ रुपए जुटा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। चीन के दिग्गज ई-कॉमर्स ग्रुप की फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी एंट ने हॉन्गकॉन्ग और शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग के लिए आवेदन किया है। सोमवार को शेयर की कीमत निर्धारित की गई है।
एंट चीन की सबसे बड़ी पेमेंट ऐप अली पे का संचालन करता है। चीन की दो ऑनलाइन पेमेंट सर्विसेज में से यह एक है। कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी मनी मार्केट चलाने के साथ ही अपने यूजर्स के लिए क्रेडिट रेटिंग सिस्टम और सीसेम क्रेडिट चलाता है। शंघाई में एंट का शेयर सोमवार को को 68.8 युआन (10.26 डॉलर) और हांगकांग में 80 हांगकांग डॉलर या 10.32 अमेरिकी डॉलर रहा।  कंपनी आईपीओ के जरिए 34.5 अरब डॉलर जुटाएगी। यह पेट्रोलियम कंपनी सऊदी अरामको की पिछले साल की 29 अरब डॉलर की शेयर बिक्री पेशकश से अधिक है। इस तरह एंट का आईपीओ दुनिया की सबसे बड़ी शेयर बिक्री पेशकश बन जाएगा। एंट ग्रुप की कुल वैल्यू कम से कम 150 अरब डॉलर है। 

यह दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली यूनिकॉर्न है। चीनी कंपनी एंट में अलीबाबा ग्रुप की 33 फीसदी होल्डिंग है।

चीन को घेरने की तैयारी: क्रक्चढ्ढ की डॉलर खरीदी, सेबी निवेश की जांच कर रहा और कस्टम सामानों की चेकिंग कर रहा है

नईदिल्ली(एजेंसी)।
चीन को घेरने की तैयारी भारत की अभी भी जारी है। चीनी ऐप पर बैन लगाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक, शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी और कस्टम विभाग अलग-अलग तरीके से अपना काम कर रहे हैं। रिजर्व बैंक जहां लगातार डॉलर खरीद रहा है, वहीं सेबी और कस्टम लगातार चेकिंग में लगे हुए हैं।
लगातार डॉलर की खरीदी
जानकारी के मुताबिक क्रक्चढ्ढ लगातार डॉलर की धुआंधार खरीदी कर रहा है। इसके पीछे जो कारण हैं और जो सबसे ज्यादा भरोसे मंद बात है, वह यह कि यह एक तरह से सस्ते चीनी आयात को हतोत्साहित करने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का प्रयास हो सकता है। इस बात को थोड़ा और आगे बढ़ाने के लिए रुपए को कमजोर करने की चाल भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए चीन पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
कस्टम हर कन्साइनमेंट की जांच कर रहा है
सीमा शुल्क (कस्टम) चीन से आने वाले हर कन्साइनमेंट की पूरी जांच कर रहा है। एक भी आइटम इस दौरान छोड़े नहीं जा रहे हैं। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने भी इसी हफ्ते चीन से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का फायदा कमा रहे मालिकों के बारे में जानकारी मांगी थी। आने वाले सप्ताह में, अमेरिकी चुनाव का डॉलर पर असर कितना होगा, यह राष्ट्रपति चुनाव के करीब पहुंचने पर पता चल पाएगा। डेमोक्रेट और व्हाइट हाउस के बीच राजकोषीय प्रोत्साहन पर चुनाव पूर्व समझौते की संभावना अब दूर की कौड़ी लग रही है। पिछले कुछ दिनों में ठीक ठाक प्रदर्शन के बाद इस सप्ताह रुपया 73.30 से 73.50 रेंज में बंद हुआ। इसमें आश्चर्य वाली बात यह रही कि डॉलर के मार्केट में आई वैश्विक कमजोरी के बावजूद सरकारी बैंकों ने डॉलर की आक्रामक खरीदारी जारी रखी। 

घरेलू इक्विटी और बॉंड्स मार्केट्स में बढ़त दर्ज करने के बावजूद भी रुपया कमजोर रहा।

डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ युआन

हालांकि डॉलर के मुकाबले चीन का युआन मजबूत हुआ, लेकिन रुपया कमजोर हुआ। इसके परिणामस्वरूप सितंबर 2013 के बाद पहली बार युआन के मुकाबले रुपए में 11 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि सट्टेबाज और जनमत सर्वेक्षण बाइडेन की जीत का संकेत दे रहे हैं, पर सीनेट में मुकाबला कांटे की टक्कर जैसा दिखाई दे रहा है। यदि रिपब्लिकन सीनेट पर नियंत्रण बनाए रखने में कामयाब हो जाता है तो यह अमेरिकी डॉलर के लिए सकारात्मक हो सकता है।

रुपया 74.30 तक जा सकता है

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 74.30 के स्तर तक जा सकता है। जबकि नीचे की ओर यह 72.50 का एक बहुत ही क्रिटिकल सपोर्ट देख सकता है। इसमें आने वाली कोई भी गिरावट एक बड़ी घटना का संकेत हो सकती है। जिससे यह और नीचे जा सकता है। इस सप्ताह रुपया 73.50 से 74.30 के बीच रह सकता है।

रिपोर्ट रिलायंस के साथ डील नहीं हुई तो लिक्विडेशन में जाएगी फ्यूचर रिटेल, बंद करने पड़ेंगे 1500 से ज्यादा आउटलेट

नईदिल्ली(एजेंसी)। यदि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (क्रढ्ढरु) के साथ डील नहीं हो पाती है फ्यूचर रिटेल लिमिटेड लिक्विडेशन में जाएगी। अमेजन डॉट कॉम की याचिका पर सिंगापुर में मध्यस्थता अदालत में सुनवाई के दौरान फ्यूचर रिटेल ने यह बात कही है। मध्यस्थता अदालत ने फ्यूचर ग्रुप-रिलायंस सौदे पर लगाई रोक अमेजन डॉट कॉम ने फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस सौदे के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। रविवार को मध्यस्थता अदालत ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इस डील पर रोक लगा दी थी। रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच अगस्त में 24,713 करोड़ रुपए की डील हुई थी। इसके तहत फ्यूचर ग्रुप ने अपना रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स कारोबार रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड को बेच दिया था। अमेजन की आपत्ति अगस्त 2019 में अमेजन ने फ्यूचर कूपंस में 49त्न हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके लिए अमेजन ने 1,500 करोड़ रुपए का पेमेंट किया था। इस डील में शर्त थी कि अमेजन को तीन से 10 साल की अवधि के बाद फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की हिस्सेदारी खरीदने का अधिकार होगा। अमेजन के मुताबिक, इस डील में एक शर्त यह भी थी कि फ्यूचर ग्रुप मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप की किसी भी कंपनी को अपने रिटेल असेट्स नहीं बेचेगा। जेफ बेजोस की कंपनी अमेजन ने मध्यस्थता अदालत में कहा कि फ्यूचर ग्रुप ने रिटेल असेट्स की रिलायंस को बिक्री करके समझौते का उल्लंघन किया है। उधर, फ्यूचर ग्रुप ने मध्यस्थता अदालत में कहा कि यदि रिलायंस के साथ डील नहीं हो पाती है तो उसे अपने 1500 से आउटलेट्स को बंद करना पड़ेगा। इससे फ्यूचर ग्रुप और वेंडर्स फर्म के करीब 29 हजार कर्मचारियों की नौकरी पर संकट पैदा होगा। कोविड-19 से कई कारोबार प्रभावित फ्यूचर ग्रुप ने मध्यस्थता अदालत में कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण कई भारतीय कारोबार प्रभावित हुए हैं। खासतौर पर इसका असर रिटेल सेक्टर में पड़ा है। फ्यूचर ग्रुप का कहना है कि स्नक्ररु-रिलायंस सौदे का मकसद फंड इंफ्यूजन के जरिए सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करना था। हालांकि, एकमात्र मध्यस्थ वीके राजा ने कहा कि आर्थिक समस्या कानूनी औपचारिकताओं के पालन नहीं करने का कानूनी आधार नहीं है। पूरी होगी स्नक्ररु-रिलायंस डील उधर, फ्यूचर ग्रुप का कहना है रिलायंस रिटेल के साथ डील भारतीय कानूनों के अनुरूप है। कंपनी ने कहा कि यह उस समझौते की पार्टी नहीं है, जिसके तहत अमेजन ने मध्यस्थता की कार्यवाही शुरू की है। कंपनी ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उचित कदम उठाएगी कि प्रस्तावित लेनदेन बिना किसी देरी के आगे बढ़े। वहीं, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने एक बयान में कहा कि उसने उचित कानूनी सलाह के तहत फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की संपत्ति और व्यवसाय के अधिग्रहण के लिए लेनदेन में प्रवेश किया है और भारतीय कानून के तहत अधिकार और दायित्व पूरी तरह से लागू हैं। अंतिम फैसले से साफ होगी स्थिति मध्यस्थता अदालत के एकमात्र मध्यस्थ वीके राजा ने फिलहाल इस सौदे को रोकने के लिए कहा है। राजा का कहना है कि जब तक इस मामले में मध्यस्थ का अंतिम फैसला नहीं आ जाता है, तब तक यह सौदा पूरा नहीं हो सकता है। अब इस मामले में अंतिम फैसला करने के लिए तीन सदस्यीय मध्यस्थता पीठ का गठन किया जाएगा। यह पीठ 90 दिनों में अंतिम निर्णय लेगी। इस पीठ में फ्यूचर और अमेजन की ओर से एक-एक नामित सदस्य होंगे। एक सदस्य तटस्थ होगा। भारत में पकड़ मजबूत करना चाहती है अमेजन रिलायंस की नजर भारत में ऑनलाइन रिटेल स्पेस पर है, जिसे अमेजन और फ्लिपकार्ट लीड कर रहे हैं। वहीं, अमेजन भारत में मजबूत ऑनलाइन मौजूदगी के चलते ऑफलाइन रिटेल बिजनेस में अपनी पकड़ मजबूत करने पर काम कर रही है। इसके लिए अमेजन ने प्राइवेट इक्विटी फंड समारा कैपिटल के साथ 2018 में आदित्य बिरला ग्रुप के सुपरमार्केट चेन का अधिग्रहण किया था। जानकारों का कहना है कि अमेजन, आरआईएल और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए इस डील चिंतित हुई है। क्योंकि इससे भारत में कंपनी को कड़ी टक्कर मिल सकती है। रिटेल में बड़ा दांव खेल रही है रिलायंस इस समय रिलायंस रिटेल देश में करीब 12 हजार स्टोर चलाती है और मुकेश अंबानी रिटेल पर बड़ा दांव खेल रहे हैं। रिलायंस रिटेल का इक्विटी वैल्यूएशन इस समय 4.28 लाख करोड़ रुपए है। इसमें लगातार हिस्सेदारी बेची जा रही है। अब तक करीबन 8 कंपनियों ने इसमें पैसे लगाए हैं। इसकी हिस्सेदारी बेचकर मुकेश अंबानी अब तक 37 हजार करोड़ रुपए जुटा चुके हैं। रिलायंस रिटेल, जियोमार्ट के साथ डिजिटल डिलिवरी भी कर रही है।

सेंसेक्स में 87 और निफ्टी में 26 अंकों से ज्यादा की गिरावट, मेटल शेयरों में भी बिकवाली, जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर 3त्न नीचे

नईदिल्ली(एजेंसी)।
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बाजार में हल्की बिकवाली है। बीएसई 87.97 अंक नीचे 40,597.53 पर और निफ्टी 26.60 अंक नीचे 11,903.75 स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में ऑटो, मेटल, आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली है। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2त्न और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 1त्न की गिरावट है। निफ्टी में जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर 3त्न नीचे कारोबार कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और हीरो माटो कॉर्प के शेयरों में भी 2-2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है। यूपीएल का शेयर भी 2त्न नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि इंडसइंड बैंक और नेस्ले इंडिया के शेयरों में 2-2 फीसदी की तेजी है। इसके अलावा एचडीएफसी लाइफ का शेयर भी 2त्न ऊपर कारोबार कर रहा है। सुबह बीएसई 35.74 अंक नीचे 40,649.76 पर और निफ्टी 7.05 अंक ऊपर 11,937.40 स्तर पर खुलाथा। तिमाही नतीजे - सोमवार को कोटक महिंद्रा बैंक, टोरेंट फार्मा, एंजल ब्रोकिंग, एसबीआई लाइफ और मैक्स वेंचर्स अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। इंडसइंड बैंक - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक का अधिग्रहण कर सकता है।

3. वेदांता - वेदांता लिमिटेड के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2021 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 9.50 रुपए प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड देने की घोषणा की है। इस पर कंपनी 3500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। डिविडेंड के लिए योग्य निवेशकों का चयन करने के लिए 31 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है।

4. यस बैंक - बैंक ने शुक्रवार को अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए। सितंबर तिमाही में बैंक को 129.37 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है।

5. नेस्ले इंडिया - एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनी नेस्ले इंडिया ने देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए अगले 3-4 सालों में 2,600 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई है।

शुक्रवार को बाजार का हाल

शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 127.01 अंक ऊपर 40,685.50 पर और निफ्टी 33.90 अंक ऊपर 11,930.35 पर बंद हुआ था। बाजार में आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में तेजी रही थी। इसमें निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.93त्न की बढ़त के साथ बंद हुआ था। जबकि बैंकिंग इंडेक्स में हल्की गिरावट देखने को मिली थी। निफ्टी में मारुति का शेयर 4त्न ऊपर बंद हुआ था। । जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2त्न नीचे बंद हुआ था।
दुनियाभर के बाजारों में रही तेजी
शुक्रवार को ग्लोबल मार्केट में बढ़त देखने को मिली। अमेरिकी बाजार नैस्डैक 0.25त्न की बढ़त के साथ 29.66 अंक ऊपर 11,692.60 पर बंद हुआ था। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.52त्न की बढ़त के साथ 3,453.49 के स्तर पर बंद हुआ था। जबकि डाउ जोंस 0.10त्न नीचे 28,335.60 पर बंद हुआ था।

यूरोपियन शेयर मार्केट में शुक्रवार को ब्रिटेन का स्नञ्जस्श्व इंडेक्स 1.29त्न, फ्रांस का ष्ट्रष्ट इंडेक्स 1.20त्न और जर्मनी का ष्ठ्रङ्ग इंडेक्स 0.82त्न की गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं, एशियाई बाजारों में आज गिरावट है। इसमें जापान का निक्केई इंडेक्स 0.11त्न और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.72त्न नीचे कारोबार कर रहे हैं।
 

हफ्ते का स्टॉक: इन शेयरों में मिल सकता है 27 पर्सेंट का रिटर्न, बाजार में कुछ दिन तक रहेगी अच्छी तेजी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
शेयर बाजार में अगले कुछ समय तक तेजी रहने का अनुमान है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दिवाली के बाद बाजार में गिरावट आ सकती है। हालांकि कुछ चुनिंदा स्टॉक में 27 पर्सेंट तक का रिटर्न अभी भी मिल सकता है।
गेन्यूएल्स इंडिया को 455 के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह
आनंद राठी फाइनेंशियल सर्विसेस ने ग्रेन्यूएल्स इंडिया के शेयर को 455 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। कंपनी का फॉर्मूलेशन वित्त वर्ष 2020-23 के दौरान 24 पर्सेंट बढऩे की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2021 में इसने अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से 4 अप्रूवल हासिल किया है। इसमें से एक प्रोडक्ट लांच हो गया है। साथ ही 8 प्रोडक्ट अभी अप्रूवल के लिए लंबित है।11 प्रोडक्ट को कंपनी ने डेवलप किया है। दूसरी छमाही में यह 2 और प्रोडक्ट लांच करने की योजना बना रही है। जी इंटरटेनमेंट के शेयर को इस ब्रोकरेज हाउस ने 220 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। हिंदी जनरल इंटरटेनमेंट चैनल (जीईसी) में यह लीडिंग कंपनी है और इसके तमाम सब सेगमेंट भी हैं। खासकर क्षेत्रीय बाजार में इसके पास ढेर सारे सेगमेंट हैं। साथ ही दूसरी छमाही में यह उम्मीद है कि कंपनी का विज्ञापन रेवेन्यू बढ़ेगा।

अमार राजा बैटरी को 907 पर खरीदने की सलाह

अमार राजा बैटरी को 907 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी गई है। कंपनी दो पहिया वाहनों में अच्छा बिजनेस कर रही है। ब्रोकरेज हाउस का अनुमान है कि इसके ओईएम और रिप्लेसमेंट बिजनेस की बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी। यह टॉवर मॉनिटरिंग सिस्टम में भी प्रवेश कर रही है। इसका रेवेन्यू वित्त वर्ष 2020 से 2022 तक 29 पर्सेंट तक बढ़ सकता है।

एसएमसी ग्लोबल की सलाह

एसएमसी ग्लोबल के सौरभ जैन ने टाटा पावर कंपनी के शेयर को 69 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 26 पर्सेंट का रिटर्न मिल सकता है। यह शेयर अभी 55 रुपए पर कारोबार कर रहा है। टाटा पावर देश की लीडिंग पावर कंपनी है। इसके पास 12,742 मेगावाट की क्षमता है। टाटा पावर ने ढेर सारे कदम ग्रोथ रणनीति के लिए उठाए हैं। कंपनी इनविट को स्थापित करने पर काम कर रही है।

जे के लक्ष्मी में 27 पर्सेंट का रिटर्न

इसी ब्रोकरेज हाउस ने जे के लक्ष्मी सीमेंट के शेयर को 368 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 27 पर्सेंट का रिटर्न मिल सकता है। इसकी ज्यादातर बिक्री उत्तरी राज्यों मे होती है। इसके प्लांट काफी कम लागत वाले हैं। यह कंपनी जे के ग्रुप की कंपनी है। यह सीमेंट सेक्टर की अग्रणी कंपनी है। इसके पास सिरोही, उदयपुर (राजस्थान), छत्तीसगढ़ और हरियाणा, उड़ीसा, गुजरात में इंटीग्रेटेड सीमेंट कैपासिटी है।

पर्सनल फाइनेंस: अपने बच्चे के नाम पर पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में शुरू करें निवेश, उसके बड़े होने तक तैयार हो जाएगा बड़ा फंड

नईदिल्ली(एजेंसी)।
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड निवेश के लिए सही विकल्प माना जाता है। इस स्कीम के तहत फिलहाल 7.1त्न सालाना ब्याज दिया जा रहा है जो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से काफी ज्यादा है। आप अपने बच्चे के लिए क्कक्कस्न अकाउंट खोलकर उसके भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूती दे सकते हैं। आप अपने बच्चे के नाम पर इस स्कीम में 15 के लिए निवेश करके बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। अगर आप अपने बच्चे के नाम पर 10 साल की उम्र से क्कक्कस्न में निवेश करना शुरू करते हैं तो उसके 25 का होने पर क्कक्कस्न मैच्योर हो जाएगा। इसके बाद अगर वो चाहे तो उन पैसों को निकाल सकता है और अगर उसे जरूरत नहीं है तो उसे 5 साल के लिए आगे बढ़ा सकता है। आगे बढ़ाने पर निवेश करना जरूरी नहीं इसमें ऐसा जरूरी नहीं है कि 5 साल के लिए आगे बढ़ाने पर आपको इसने निवेश करना जरूरी है। आप चाहे तो इसमें कुछ भी निवेश न करें। लेकिन आपको आपके जमा पर 7.1 फी मिलता रहेगा। बच्चे के 30 का होने पर वो पैसा निकाल सकता है, और अगर उसे अब भी पैसों की जरूरत नहीं है तो उसे फिर से 5 साल के लिए आगे बढ़ा सकता है। पीपीएफ खाता खोलने के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि 500 रुपए है। किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपए जमा करने की जरूरत है, जबकि अधिकतम निवेश सीमा 1.5 लाख रुपए प्रति वर्ष तय की गई है। पीपीएफ खाते पर जमा पर आप लोन भी ले सकते हैं। आपने जिस वित्त वर्ष में पीपीएफ खाता खुलवाया है, उस वित्त वर्ष की समाप्ति के एक वित्त वर्ष बाद से लेकर पांचवें वित्त वर्ष की समाप्ति तक आप पीपीएफ से लोन लेने के हकदार हैं। अगर आपने जनवरी 2017 में पीपीएफ खाता खुलवाया है तो आप 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 तक लोन ले सकते हैं। जमा पर अधिकतम 25 फीसदी का लोन ले सकते हैं। पीपीएफ श्वश्वश्व की श्रेणी में आती है। यानी योजना में किए गए पूरे निवेश पर आपको टैक्स छूट का लाभ मिलता है। साथ ही इस योजना में निवेश से मिलने वाले ब्याज और निवेश की संपूर्ण राशि पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं देना होता। पीपीएफ इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाले इंटरेस्ट की दर हर तीन महीने में बदलती रहती है। पीपीएफ अकाउंट को किसी भी कोर्ट या आदेश द्वारा कर्ज या अन्य लायबिलिटी के समय जब्त नहीं किया जा सकता है।

आसानी से तैयार होगा बड़ा फंड
इस स्कीम के तहत सिर्फ 1 हजार रुपए महीना निवेश करके 15 साल में लगभग 3.20 लाख रुपए का फंड तैयार कर सकते हैं। वहीं अगर आप 2 हजार रुपए महीना निवेश करते हैं तो आप 15 साल में लगभग 6.40 लाख रुपए का फंड तैयार कर सकते हैं।

पोस्ट ऑफिस या बैंक में खोल सकते हैं अकाउंट
एक पीपीएफ खाता किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपने नाम से और नाबालिग की तरफ से किसी और व्यक्ति द्वारा खोला जा सकता है। हालांकि, नियमों के अनुसार, एक हिंदू अविभाजित परिवार(॥स्न) के नाम पर एक पीपीएफ खाता खोला नहीं जा सकता है।

तीन बाद शुरू होगी फ्लिपकार्ट की बिग दिवाली सेल, 1 रुपए में मिलेगा मोबाइल प्रोटेक्शन, टीवी और होम अप्लायंसेस पर 80त्न तक की छूट

नईदिल्ली(एजेंसी)।
फ्लिपकार्ट पर बिग दिवाली सेल 29 अक्टूबर से शुरू हो रही है और 4 नवंबर तक चलेगी। कुछ दिन पहले ही प्लेटफार्म पर बिग बिलियन डेड सेल समाप्त हुई है, जो 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चली थी। फिलहाल प्लेटफार्म पर दशहरा सेल चल रही है जो 28 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी। बिग बिलियन डेज सेल की तरह ही, फ्लिपकार्ट प्लस मेंबर्स के लिए बिग दिवाली सेल जल्दी शुरू होगी। सेल के दौरान कई बैंक ऑफर, नो-कॉस्ट ईएमआई ऑप्शन और प्रोडक्ट्स पर कई प्रकार के डिस्काउंट प्रदान किए जाएंगे। फ्लिपकार्ट बिग दिवाली सेल फ्लिपकार्ट प्लस मेंबर्स के लिए 29 अक्टूबर मिडनाइट से शुरू होगी और इसी दिन कुछ समय बाद रेगुलर ग्राहकों के लिए भी शुरू होगी। सेल सात दिनों तक चलेगा और 4 नवंबर को समाप्त होगा, इस दौरान ग्राहक एक्सिस बैंक के क्रेडिट और डेबिट कार्ड और ईएमआई ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत का इंस्टेंट डिस्काउंट का लाभ उठा सकते हैं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई जैसे प्रमुख बैंकों के डेबिट कार्ड के साथ-साथ बजाज फिनसर्व पर भी ग्राहकों को नो-कॉस्ट ईएमआई की सुविधा मिलेगी। 

फ्लिपकार्ट बिग दिवाली सेल में सैमसंग गैलेक्सी स्न41, सैमसंग गैलेक्सी स्20+, सैमसंग गैलेक्सी ्र50ह्य समेत अन्य सैमसंग स्मार्टफोन पर डिस्काउंट मिलेगा। पोको एम 2, पोको एम 2 प्रो, और पोको सी 3 पर भी डिस्काउंट और ऑफर्स का लाभ लिया जा सकेगा।
इसी तरह, ओप्पो रेनो 2स्न, ओप्पो ्र52, ओप्पो स्न15 समेत अन्य ओप्पो स्मार्टफोन के साथ ही रियलमी नारजो 20 सीरीज पर भी ऑफर दिए जाएंगे। सेल के दौरान, फ्लिपकार्ट सिर्फ 1 रुपए में मोबाइल प्रोटेक्शन प्रदान करेगा।
फ्लिपकार्ट ने कहा कि- ग्राहक फ्लिपकार्ट बिग दिवाली सेल के दौरान कैमरा, लैपटॉप, स्मार्टवॉच, हेडफोन सहित इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज पर 80 प्रतिशत तक की छूट की उम्मीद कर सकते हैं।
लैपटॉप पर 50 प्रतिशत तक और टैबलेट पर 45 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। हेडफोन और स्पीकर पर 80 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। सेल में तीन करोड़ से अधिक प्रोडक्ट शामिल होंगे और हर दिन नए डील दी जाएगी।
रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव, वाशिंग मशीन और अन्य किचन अप्लायंसेस जैसे टीवी और अप्लायंसेस पर भी 80 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। ग्राहक अतिरिक्त छूट पाने के लिए एक्सचेंज ऑफर का उपयोग कर सकते हैं। चुनिंदा फ्लिपकार्ट ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर भी 80 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।