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फिलीपींस से व्यापार बढ़ाने पीएचडीसीसीआई-फिक्की में करार

 

नई दिल्ली। पीएचडी चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कामर्स इंक ने एक करार पर दस्तखत किए। इसके मुताबिक दोनों संगठनों ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है। इसके तहत, बिजनेस मीट, चर्चा और व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सेवा और अन्य क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं का पता लगाने के लिए मंच मुहैया कराया जाएगा।

इस करार में भारत सरकार और फिलीपींस की सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रावधान है, ताकि लोगों के बीच चर्चा में वृद्धि हो और इससे दोनों देशों के बीच आपस में लाभप्रद मित्रता का विकास होगा। 

पीएचडी चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अनिल खेतान तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स इंक (फिक्की) के रेक्स दरयानानी ने शुक्रवार को इस करार पर दस्तखत किए। इस मौके पर फिलीपींस के राष्ट्रपति, रॉड्रिगो दुतेर्ते मौजूद थे। 

करार की अन्य शर्तों के मुताबिक, दोनों चैम्बर्स इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि मजबूत, संस्थागत व्यापार और कारोबारी संबंध का विकास किया जाएगा, ताकि वार्ता और चर्चा के लिए मंच की एक स्थायी व्यवस्था स्थापित की जा सके, जिससे सामान्य आर्थिक स्थिति, कराधान, निवेश के मौकों, व्यापार नीतियों और दोनों देशों के विधायी परिवर्तन आदि पर सूचना का आदान-प्रदान हो सके। यह सब भारत और फिलीपींस के बीच व्यापार के प्रौद्योगिकीय और संस्थागत गडज़ोड़ को मजबूत करने की कोशिश में है।

इसमें संबंधित देश की सूचना से संबंधित प्रकाशनों और आर्थिक विकास, विदेशी व्यापार और संबंधित देश की निवेश नीतियों से संबंधित सामग्री का नियमित रूप से आदान-प्रदान करने का प्रावधान भी है। इसके अलावा, इस बात पर भी सहमति हुई है कि भारत और फिलीपींस की व्यापार और निवेश नीतियों समेत सदस्य देशों में खास नीति विकास समेत खासतौर से एक प्रभावी और व्यवस्थित विमर्श तथा सहयोग की स्थापना की जाएगी।

इसके अलावा, दोनों चैम्बर्स के बीच व्यापार संवर्धन और भारत व फिलीपींस तथा अन्य आसियान देशों के बीच व्यावसायीकरण पर सहयोग करना भी तय हुआ है। दोनों देश एक दूसरे को निर्धारित क्षेत्र में और आसियान में एमएसएमई क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के विकास में भी सहयोग करेंगे, जिसे पीएचडी चैम्बर और फिक्की द्वारा संयोजित किया जाएगा।

फ्यूचर समूह ने स्नैपडील से वल्कन एक्सप्रेस खरीदा

नई दिल्ली। फ्यूचर समूह ने शुक्रवार को जस्पर इंफोटेक के स्वामित्व वाली स्नैपडील की लॉजिस्टिक इकाई वल्कन एक्सप्रेस को 35 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। 

फ्यूचर समूह ने एक बयान में कहा, ‘‘जस्पर इंफोटेक, जिसके पास स्नैपडील का स्वामित्व है... ने फ्यूचर सप्लाई चेन सोल्यूशंस के साथ वल्कन एक्सप्रेस प्रा. लि. की 100 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए समझौता किया है। यह सौदा 35 करोड़ रुपये में नकद किया गया है।’’

वल्कन एक्सप्रेस स्नैपडील, एयरटेल और यूपीएस की लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने की सेवाएं प्रदान करती है और इसका जोर ई-कॉमर्स और उच्च मूल्य वाले बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) ट्रांजैक्शन पर है। 

फ्यूचर समूह के संस्थापक और अध्यक्ष किशोर बियानी ने कहा, ‘‘वल्कन के माध्यम से हमारी योजना अंतिम मील की कनेक्टिविटी को बढ़ाने की है तथा हमारे ई-कॉमर्स तथा खुदरा ग्राहकों को अत्याधुनिक समाधान प्रदान करना है। यह हमारे रिटेल 3.0 विजन का हिस्सा है।’’

स्नैपडील के मुख्य रणनीति और निवेश अधिकारी जेसन कोठारी ने बताया, ‘‘हाल ही में हमारे फ्रीचार्ज की बिक्री की तरह ही, हमारा मानना है कि स्नैपडील के वल्कन एक्सप्रेस को फ्यूचर समूह को की गई बिक्री सभी तीनों पक्षों के लिए एक सफल सौदा है।’’ कोठारी की अगुवाई में ही स्नैपडील ने अपने स्वामित्व वाले फ्रीचार्ज को एक्सिस बैंक को बेचा था। 

मेडटेक स्टार्ट-अप एक्सियो में निवेश करेंगे रतन टाटा

नई दिल्ली। एक्सियो बॉयोसोल्यूशन ने सीरीज बी फंडिंग राउंड में रतन टाटा की अगुवाई वाली आरएनटी कैपिटल के साथ ही वर्तमान निवेशकों -एक्सेल पार्टनर्स और आईडीजी वेंचर्स इंडिया से 74 लाख डॉलर का फंड जुटाने में कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कंपनी की योजना इस फंडिंग से नए बाजारों में अपना विस्तार करने की है, जबकि वह हाई-इंपैक्ट मेडिकल उत्पादों पर भी काम जारी रखेगी। 

इस सौदे में मास्टरकी होल्डिंग्स ने सलाहकार की भूमिका निभाई। 

एक्सियो ने इससे पहले ट्रामा केयर के लिए आपातकालीन हेइमोस्टेट लांच किया था। 

एक्सियो बॉयोसोल्यूशन का मुख्यालय बॉस्टन में है और इसका कॉरपोरेट कार्यालय बेंगलुरू में है और इसकी जीएमपी सर्टिफाइड विनिर्माण संयंत्र गुजरात में है।
 

आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध होने से जनता रख सकती है नजरः जेटली

 

नई दिल्लीः वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि कंपनियों के आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध होने से अब कॉरपोरेट गतिविधियों पर जनता नजर रख सकती है और उनका अवलोकन कर सकती है। इससे यदि कुछ अनुचित दिखाई देता है तो उसके पकड़े जाने की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि इस सुविधा ने सभी पर दबाव बनाया है कि वे नियम-कानूनों का अनुपालन ठीक से करें और पारर्दिशता बनाए रखें। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे जेटली ने कहा, ‘‘अब यह सब (कॉरपोरेट गतिविधियां) जनता के अवलोकन के लिए सुलभ है, इसलिए इसके अपने लाभ हैं। इसका प्रमुख लाभ यह है कि इसने सभी पर दबाव बनाया है कि वे नियम-कानूनों का अनुपालन ठीक से करें। हर कोई अब यह जानता है कि यदि कुछ भी अनुचित हुआ तो उसके पकड़े जाने की संभावना बहुत बढ़ गई है।’’ जेटली ने यह बात कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के राष्ट्रीय सीएसआर डेटा पोर्टल और कॉरपोरेट डेटा पोर्टल के उद्घाटन के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि डाटा के ऑनलाइन उपलब्ध होने से किसी भी अनियमिता पर विरोध करना आसान हो गया है। इसमें मुखौटा कंपनियों के माध्यम से कोष को इधर-उधर करना भी शामिल है।
जेटली ने कहा, ‘‘इसलिए यह पारर्दिशता पूरे तंत्र के लिए अच्छी है,  भारतीय कॉरपोरेट के लिए भी अच्छी है। यह अच्छा है कि आपकी जितनी जानकारी जनता को मिलनी चाहिए वह जानकारी सार्वजनिक हो रही है।’’ कंपनियों के सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) पर जेटली ने कहा कि कंपनी अधिनियम 2013 में किए गए संशोधन ने भारत में कंपनियों के कल्याणकारी कार्य को औपचारिक बना दिया है। उल्लेखनीय है कि कंपनी अधिनियम-2013 के तहत एक खास वर्ग की कंपनियों को अपने पिछले तीन साल के मुनाफे का दो प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करना अनिवार्य बनाया गया है। जेटली ने कहा कि भारत में धर्मार्थ कार्य पश्चिम की तरह नहीं है। यहां यह ज्यादा परिवार और समुदाय केंद्रित है। धार्मिक समूह, जाति समूह और सामाजिक समूह इसे करते रहे हैं

नए बाजारों की तलाश कर रही केंद्र सरकारः प्रभु

नई दिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि केंद्र सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दुनिया में नए बाजारों की तलाश कर रही है और इसके लिए निजी क्षेत्रों का भी सहयोग ले रही है। प्रभु ने कहा कि किसानों को उनकी उपज तथा उद्यमियों के उत्पादन को उचित बाजार मिल सके इसके लिए सरकार प्रयासरत है। केंद्रीय मंत्री ने यह बात आज इंडियन एक्सपो मार्ट में ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टी.पी.सी.आई.) द्वारा आयोजित ‘इंडस फूड’ प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर कही। इसमें लगभग 43 देशों के 40 से ज्यादा कारोबारी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं देश के 12 राज्यों के कारोबारी भी इस मेगा ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने इस शो के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह शुरूआत है। इससे निर्यातकों को एक अच्छा प्लेटफार्म मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार एक्सपोर्ट मार्केटिंग को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इसके लिए सरकार नए बाजार तलाश रही है। भारत के निर्यात नीति के बारे में किसानों व उद्यमियों को जानकारी मिल सके इसके लिए सरकार एग्रो एक्सपर्ट पॉलिसी बना रही है।

सोने में गिरावट, चांदी भी निचले स्तर पर

नई दिल्लीः वैश्विक स्तर पर पीली धातु में गिरावट के दबाव में दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोना 150 रुपए टूटकर 30,950 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। सोने में छह कारोबारी दिवस की तेजी के बाद नरमी आई है। चांदी लगातार दूसरे दिन लुढ़की है। यह 270 रुपए कमजोर होकर एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर 39,800 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना हाजिर 0.10 डॉलर फिसलकर 1,328.35 डॉलर प्रति औंस के भाव बिका। इससे पहले कारोबार के दौरान एक समय यह 1,323.70 डॉलर प्रति औंस के 12 जनवरी के बाद के निचले स्तर तक भी उतरा था। फरवरी का अमरीकी सोना वायदा भी 11.50 डॉलर लुढ़ककर 1,327.70 डॉलर प्रति औंस बोला गया। अमरीका में दिसंबर के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के कारण डॉलर आज मजबूत हुआ। इसका दबाव सोने पर पड़ा है। विदेशों में चांदी हाजिर 0.05 डॉलर प्रति औंस चढ़कर 17.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

फेसबुक के सीओओ, ट्विटर के सीईओ डिजनी बोर्ड से होंगे अलग

सैन फ्रांसिस्को। फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग और ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे अपनी संबंधित कंपनियों के मंचों पर वीडियो सामग्री को आगे ले जाने के लिए वॉल्ट डिजनी बोर्ड से अलग होने जा रहे हैं। एक नियामक फाइलिंग में इस बात का खुलासा हुआ है। 
डिजनी के एक प्रवक्ता के हवाले से फॉर्चून ने शुक्रवार रात कहा, ‘‘हमारे विकसित होते कारोबार, और जिन व्यवसायों में सैंडबर्ग और डोरसे हैं, उसे देखते हुए, बोर्ड मामलों से संबंधित टकरावों से बचना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया था।’’
सैंडबर्ग और डोरसे की डिजनी बोर्ड से विदाई ऐसे वक्त पर हो रही है, जब फेसबुक और ट्विटर दोनों ही अपने सोशल नेटवर्क और संदेश सेवा पर वीडियो सामग्री का प्रसार करने पर जोर दे रहे हैं। इस क्षेत्र में डिजनी की एक मुख्य भूमिका है। डोरसी डिजिटल भुगतान कंपनी स्क्वेर के भी सीईओ हैं। 
पिछले कुछ सालों में, ट्विटर ने एनएफएल और एमएलबी के अलावा अन्य स्पोर्टस लीग के साथ सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि इन खेलों का सीधा प्रसारण देखा जा सके।  इस बीच, डिजनी के भी अपने ऑनलाइन कंटेंट को आगे बढ़ाने की खबरें आ रही हैं।
 रपट में कहा गया है कि डिजनी इस साल से अपनी ईएसपीएन प्लस सेवा की स्ट्रीमिंग शुरू करने जा रही है। इसके अलावा कंपनी की 2019 में अपनी वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा बनाने की भी योजना है, जो फिल्में और टेलीविजन शो के लिए समर्पित है। 
डिजनी ने कहा कि स्टारबक्स के पूर्व सीईओ ओरिन स्मिथ और निजी निवेशक रॉबर्ट मैट्सकूलैट एंटरटेनमेंट के विशाल बोर्ड को छोड़ चुके हैं। 

जीएसटी के दायरे में लाएं पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस को : सीआईआई

नई दिल्ली। उद्योग संगठन, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने मंगलवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस उत्पादों को जल्द से जल्द एकीकृत अप्रत्यक्ष कर शासन जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के दायरे में लाने की मांग की। सीआईआई के मुताबिक, जब तक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस व्युत्पन्न वस्तुएं जीएसटी के अधीन नहीं आतीं, तब तक इन उत्पादों पर उच्च कर से बचने के लिए सी फॉर्म की व्यवस्था जारी रखनी चाहिए।

सी फॉर्म प्रणाली का उपयोग अंतरराज्यीय स्तर पर बेचे जाने वाले माल पर दोहरे कराधान से बचने के लिए किया जाता है। सीआईआई ने बताया, ..जीएसटी की शुरुआत के बाद, प्राकृतिक गैस सहित पेट्रोलियम उत्पादों पर दिए गए वैट पर क्रेडिट उपलब्ध नहीं है और सीएसटी अधिनियम में संशोधन ने उत्पादों की अंतरराज्यीय बिक्री में काफी बदलाव किया है। सीआईआई ने कहा, इसलिए, जीएसटी के बाद से, उत्पादों पर कर की बढ़ोतरी हुई है, जो सरकार का इरादा नहीं था।

चेतावनी, छोटी सी गलती से हैक हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट

नई दिल्‍लीः स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने 17 करोड़ डेबिट कार्ड होल्‍डर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है। बैंक की तरफ से बताया गया है कि आपकी छोटी सी गलती से हैकर आपके खाते में सेंध लगा सकता है। बैंक ने अपने ग्राहकों को आगाह करते हुए कहा है कि वे अपनी मां का सरनेम किसी के साथ शेयर न करें। इसका कारण यह है कि जब यूजर अपने डेबिट कार्ड का पासवर्ड रीसेट करता है तो उससे सिक्युरिटी क्‍वेश्‍चन में मां का सरनेम या आपका पेट नेम पूछा जाता है। समय-समय पर दी जाती है चेतावनी
बैंक की तरफ से कहा गया है ऐसे में यदि आप अपना पेट नेम या मां का सर नेम किसी के साथ शेयर करते हैं तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है और हैकर्स आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं। इससे पहले भी बैंक की तरफ से अपने ग्राहकों को जागरूक करने के लिए मैसेज के जरिए समय-समय पर चेतावनी की जाती है। इन मैसेज में ग्राहकों से अपनी पर्सनल डिटेल किसी के साथ शेयर करने से साफ मना किया जाता है।

कैसा हो पॉसवर्ड
अगर आप इंटरनेट बैंकिंग करते हैं तो इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी और पासवर्ड गोपनीय रखें। हमेशा स्‍ट्रॉग पासवर्ड मेंटेन करें। अक्‍सर लोग सरल पासवर्ड सेलेक्‍ट करते हैं जिससे पासवर्ड याद रखने में आसानी हो। लेकिन इससे अकाउंट हैक करने का खतरा बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि सरल पासवर्ड साइबर क्राइम करने वाले आसानी से क्रैक कर लेते हैं। इसके अलावा यह जरूरी है कि आप समय समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें।

बजट में विनिवेश से 1 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य

ई दिल्ली  चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से रिकॉर्ड धनराशि प्राप्त करने के बाद सरकार अगले वित्त वर्ष में इससे भी बड़ा लक्ष्य रख सकती है। माना जा रहा है कि वित्त मंत्री आम बजट 2018-19 में विनिवेश के जरिये लगभग एक लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रख सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक आम बजट में विनिवेश का लक्ष्य बढ़ना तय माना जा रहा है। इसकी वजह दरअसल यह है कि चालू वित्त वर्ष में जिस तरह केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बेचकर सरकार ने जो धनराशि जुटाई है उससे यह स्पष्ट है कि अगले साल भी खजाना भरने के लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसके अलावा जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद राजस्व संग्रह में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है इसलिए विनिवेश से ही खजाने को भरा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार ने विनिवेश से 72,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था जिसमें से 11 जनवरी 2018 तक 54,337 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। यह पहली बार है जब सरकार ने विनिवेश के जरिये इतनी बड़ी रकम जुटाई है। यह एक रिकॉर्ड है।