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बजट 2018: कृषि अनुसंधान बजट में सरकार बढ़ौतरी कर सकती है

नई दिल्लीः सरकार 2018-19 के वित्त वर्ष में कृषि शिक्षा, शोध और विस्तार के लिए बजट आबंटन 15 प्रतिशत बढ़ाकर 8,000 करोड़ रुपए कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि कृषि क्षेत्र की आय दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के मद्देनजर सरकार कई कदम उठा रही है। कृषि अनुसंधान बजट में वृद्धि भी इसी के तहत की जाएगी।
सूत्रों ने कहा, ‘‘कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार के उद्देश्य से पिछले कुछ वर्षों से बजट आबंटन में सालाना 10 प्रतिशत की बढ़ौतरी की जाती है। हमें उम्मीद है कि कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर) को अगले वित्त वर्ष में 15 प्रतिशत अधिक बजट आबंटन किया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में होगा। इससे कृषि क्षेत्र के समक्ष प्रमुख समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा।

कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने की व्यापक नीति तैयार कर रही सरकार
वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय चाय, कॉफी, फल और सब्जियों जैसे कृषि जिंसों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए लाजिस्टिक्स (उपस्कर) जैसे तमाम मुद्दों पर एक व्यापक नीति तैयार कर रही है। भारत कृषि जिसों का बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है तथा देश से कृषि उपजों का निर्यात करने की भारी संभावना बरकार है। अधिकारी ने कहा, ‘‘इसलिए भारत के मूल्यवर्धन और वैश्विक मूल्य शृंखला में ऊपर जाने की संभावना व्यापक है। उपस्कर, प्रमाणीकरण, वस्तुओं के स्रोत का पता लगाने की सुविधा नई नीति का हिस्सा होगी।’’ अधिकारियों का मानना है कि निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए उपयुक्त आधारभूत ढांचे का होना महत्वपूर्ण है। यह पहल किसानों की आय को दोगुना करने और नियार्त बढ़ाने के उद्येश्य को पूरा करने में मदद करेगी।

वैश्विक संकेतों से सोना सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर

नई दिल्लीI  विदेशी बाजारों से तेजी के संकेत मिलने और स्थानीय खरीदारी बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में आज लगातार तीसरे दिन सोना मजबूत हुआ। सोने का भाव 100 रुपए बढ़कर सात सप्ताह के उच्चतम स्तर 30,750 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग बढ़ने से चांदी भी 100 रुपए बढ़कर 39,900 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। सर्राफा कारोबारियों ने कहा, मजबूत वैश्विक संकेतों के अतिरिक्त डॉलर में नरमी तथा घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण निर्माताओं की जारी मांग से सोना मजबूत हुआ। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में कल सोना 1.17 प्रतिशत चढ़कर 1,337.40 डॉलर प्रति औंस तथा चांदी 1.44 प्रतिशत मजबूत होकर 17.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत तथा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 100-100 रुपए बढ़कर क्रमश: 30,750 रुपए तथा 30,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी सत्र में सोने का भाव 175 रुपए बढ़ चुका है। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,700 रुपए प्रति इकाई पर टिकी रही। इसी तरह चांदी हाजिर 100 रुपए बढ़कर 39,900 रुपए प्रति किलोग्राम तथा साप्ताहिक आपूर्ति वाली चांदी 40 रुपए मजबूत होकर 39,120 रुपए प्रति किलो हो गई। चांदी सिक्का एक-एक हजार रुपए की मजबूती के साथ क्रमश: 74 हजार रुपए व 75 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर पहुंच गए।

हरित वाहनों पर घटा सकती है दरें, GST परिषद करेगी फैसला

नई दिल्लीः वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद अगले हफ्ते होने वाली अपनी बैठक में बायो-डीजल बसों, इलेक्ट्रिक वाहनों और सिंचाई के कुछ उपकरणों जैसे कुछ वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती कर सकती है। इस कदम का मकसद कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले संभवत: यह जीएसटी परिषद की अंतिम बैठक होगी। दरों में कटौती के लिए अपेक्षाकृत छोटी सूची को इस हफ्ते फिटमेंट समिति द्वारा अंतिम रूप दिया गया था जिस पर केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है।
मामले के जानकार राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा, 'ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली वस्तुओं को ही परिषद की आगामी बैठक में दरें घटाने के लिए चुना गया है। 28 फीसदी कर दायरे वाली अन्य वस्तुओं पर इस बार विचार नहीं किया जाएगा क्योंकि राजस्व संग्रह में अभी स्थिरता नहीं आई है।' सिंचाई उपकरणों की दरें 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी की जा सकती है, वहीं बायो-डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों पर दरें 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी की जा सकती है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अग्रिम अनुमान में वित्त वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र की विकास दर घटकर 2.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। रबी फसलों के उत्पादन में गिरावट की उम्मीद और खरीफ की पैदावर करीब 3 फीसदी घटने की वजह से कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन पर असर पडऩे का अनुमान लगाया गया है।

बहुत बुरा होगा Bitcoin का अंत: वॉरेन बफे

नई दिल्लीः वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन को लेकर अमेरीकी बिजनेसमैन और दुनिया के मशहूर निवेश गुरू वॉरेन बफे ने निवेशकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बिटक्वाइन  के मायाजाल का बबल जरूर फूटेगा, निवेशक सचेत रहें। डिजिटल करेंसी लंबे समय तक नहीं टिकेंगी। साथ ही, उन्होंने ये भी साफ किया है कि वो खुद कभी किसी डिजिटल करेंसी में निवेश नहीं करेंगे। आपको बता दें कि भारत सरकार भी लगातार इसको लेकर चेतावनी जारी करती रही है और इसके खरीदने वालों को इसके नुकसान बताती रही है। आभाषीय करेंसी बिटक्वाइन  और इस तरह की दूसरी आभाषीय मुद्राओं को लेकर फिर से सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। दक्षिणी पूर्वी देश दक्षिण कोरिया ने बिटक्वाइन  जैसी तमाम आभाषीय मुद्राओं पर रोक लगाने के बारे में बयान दिया है। दक्षिण कोरिया सरकार की तरफ से कहा गया कि उनका देश आभाषीय मुद्राओं पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बिटक्वाइन  की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है।
दक्षिण कोरिया सरकार का मानना है कि टैक्स देनदारी से बचने के लिए बिटक्वाइन और दूसरी आभाषीय मुद्राओं में लोग पैसा लगा रहे हैं जिसे देखते हुए उनकी सरकार सभी तरह की आभाषीय मुद्राओं पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है. गुरुवार को दक्षिण कोरिया में बिटक्वाइन  का कारोबार करने वाली कई एक्सचेंजों पर छापेमारी भी हुई है। वैश्विक बाजार में बिटक्वाइन  का भाव करीब 12 प्रतिशत घटकर 12751 डॉलर तक आ गया है, बुधवार को इसका भाव 14542 डॉलर पर बंद हुआ था। भारतीय करेंसी रुपए में कहें तो गुरुवार को बिटक्वाइन  की कीमतों में 1.13 लाख रुपए की गिरावट आ चुकी है।

2225 मामलों की हुई जांच, कर चोरों के विरूद्ध कार्रवाई

नई दिल्लीः आयकर विभाग ने कालेधन और कर चोरी करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई में तेजी लाते हुए कई मामलों में आपराधिक अभियोग शुरू किया है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर के दौरान विभाग ने कुल 2225 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई की, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 784 मामलों की तुलना में 184 प्रतिशत अधिक है। विभाग ने आज यहां बताया कि कालेधन के विरूद्ध कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है और इसके तहत कर चोरी करने वालों के विरूद्ध आपराधिक कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही जानबूझकर कर नहीं चुकाने,जानबूझकर आयकर रिटर्न नहीं भरने, वेरिफिकेशन के दौरान गलत जानकारी देने, स्रोत पर कर संग्रह कर जमा नहीं कराने सहित कई तरह के मामलों में ये कार्रवाई की है।  उसने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर के दौरान आठ महीने में कुल 2225 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई की गयी है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की यह संख्या 784 रही थी। इस तरह से इसमें 184 प्रतिशत की तेजी आयी है। इसी तरह से इस अवधि में विभाग ने 1052 मामलों में जांच पूरी की है, जो पिछले वित्त वर्ष के पहले आठ महीने में 575 मामलों की तुलना में 83 प्रतिशत अधिक है। 
मामलों की जांच तब पूरी मानी जाती है तब डिफाल्टर अपना अपराध स्वीकार करता है और नियम के तहत शुल्कों का भुगतान कर देता है। विभाग द्वारा की गयी कार्रवाई के तहत अदालतों ने अप्रैल से नवंबर के दौरान कुल 48 कर चोरों को सजा सुनायी, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 13 थी। इस तरह से इसमें 269 फीसदी की वृद्धि हुयी है। 

सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त

नई दिल्लीः वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के बल पर आज दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 30 रुपए चमक कर 30,650 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया और चांदी 120 रुपए की उछाल लेकर 39,800 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में तेजी का रूख बना हुआ है।
इस दौरान सोना हाजिर 0.55 प्रतिशत उछलकर 1329.66 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। अमरीका सोना वायदा 0.63 फीसदी की उछाल लेकर 1329 डॉलर प्रति औंस बोला गया है।  विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर में नरमी के साथ ही कच्चे तेल पर बने दबाव की वजह से पीली धातु में तेजी आई है। हालांकि बाजार में निवेशक नहीं है लेकिन कमजोर मांग के बावजूद कीमती धातुओं में तेजी बनी हुयी है।  इस दौरान चांदी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 17.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।