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मुन्नाभाई प्लास्टिक की उंगली में अंगुठी पहनकर कर रहा था नकल

नई दिल्ली।

राजधानी दिल्ली में आयोजित एसएससी एक्जाम में नकली अंगुली में अंगुठी के साथ पहुंचे एक कैंडिडेट को नकल करते दबोच लिया गया। डमी कैंडिडेट की पोल तब खुल गई, जब जांच-पड़ताल के बाद सभी की बायॉमीट्रिक हाजिरी ली जा रही थी। इस दौरान सभी के सामने उसकी प्लास्टिक की अंगुली नीचे गिर गई।
 
इसके बाद आरोपी परीक्षार्थी को तुरंत मौके पर ही दबोच लिया गया। सूचना के बाद अलीपुर थाने की पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक आर्टिफिशल अंगुली, प्रवेश कार्ड और दूसरे सभी सामान बरामद कर लिए गए।


पुलिस के मुताबिक उसकी पहचान गाजियाबाद के मोदीनगर में रहने वाले विक्रांत डागर के रूप में हुई है। जिस केंद्र पर परीक्षा चल रही थी, वह जितेंद्र सिंह राणा का इंस्टिट्यूट है। जहां करीब 400 कंप्यूटर हैं। संस्थान का सिफी टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एसएससी एग्जाम के लिए अनुबंध है। 

क्या विश्वविद्यालयों में अब केवल अध्यक्ष का होगा मतदान?

जयपुर।

राजनीति की पहली सीढ़ी भारी बदलाव किया जा रहा है। राज्य सरकार की मंशा के अनुसार चार पदों के बजाए केवल विवि में छात्रसंघ अध्यक्ष के पद के लिए ही मतदान करवाया जाएगा। राजस्थान के उच्च शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। संभावत: इस निर्णय को अगस्त में होने वाले छात्रसंघ चुनावों में लागू किया जाएगा।

विभाग ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया है। उच्च स्तरीय कमेटी में राज्य के 7 विश्वविद्यालयों के वीसी को शामिल किया गया है। समिति का अध्यक्ष बनाया गया है उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विवि के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा को। इसके अलावा इस कमेटी में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, कोटा और शेखावाटी विश्वविद्यालय के वीसी भी सदस्य हैं। कमेटी को अपनी अनुषंशा एक माह के भीतर सौंपने के निर्दश दिए हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार के इस निर्णय हां नहीं मिलाई है। एबीवीपी की ओर से 4 से 9 जुलाई तक प्रदेशभर में 'संवाद कार्यक्रम' के नाम से सर्वे करवाया जाना प्रस्तावित है। पहले चरण में संगठन 10 जिलों में छात्रों के बीच इसके लिए 'हां' या 'ना' का सर्वे करवाएगा। माना जा रहा है कि राजस्थान विवि​ में लगातार तीन बार छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव हारने के बाद अंदरखाने एबीवीपी जीत के लिए जी जान से जुटा हुआ है।
 
सभी विश्वविद्यालयों में अगस्त में छात्रसंघ चुनाव प्रस्तावित हैं। साल 2006 से 2010 तक छात्रसंघ चुनाव बैन कर दिए गए थे। इसके बाद कोर्ट की निगरानी में लिंगदोह कमेटी की 16 सिफारिशों के आधार पर हर साल चुनाव होते आए हैं। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में कठोर नियम होने के कारण छात्रनेता खुले तौर पर पैसे खर्च नहीं कर पाते हैं। वे पहले की तरह शहरभर में हंगामा, पोस्टर, बैनर और प्रदर्शन कर अपने पक्ष में माहौल बनाने से वंचित हो जाते हैं। इधर, सरकार का मानना है कि अलग—अलग संगठनों के प्रतिनिधि जब छात्रसंघ में चुनकर पहुंचते हैं तो विवाद हो जाता है। कभी एबीवीपी और एनएसयूआई या एसएफआई के छात्रनेता एक साथ बैठना पसंद नहीं करते। जिसके चलते छात्रसंघ के सालभर चलने वाले कार्यक्रमों में भी व्यवधान उत्पन्न होता है। कार्यालयों के उद्घाटन में विवि परिसर राजनीतिक पार्टियों के अखाड़ों में तब्दील हो जाते हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है। कई बार देखा गया है कि छात्रसंघ अध्यक्ष अपने कार्यालय का उद्घाटन करवा लेते हैं, लेकिन पार्टी विवादों के चलते उसी विवि या कॉलेज में उपाध्यक्ष, महासचिव या सचिव के आॅफिस का पूरे साल इनोग्रेशन नहीं हो पाता है।

एबीवीपी के ही पदाधिकारी सरकार के इस फैसले को लेकर एकमत नहीं हैं। संगठन के प्रदेश मंत्री संजय क्षोत्रिय के अनुसार वे सर्वे के बाद कोई बात करने की स्थिति में होंगे। लिंगदोह कमेटी की शिफारिशों में छात्रसंघ पदाधिकारी चुनने के दो वैकल्पिक सुझाव दिए गए थे। जिसमें से एक कक्षा प्रतिनिधि के चुनाव के माध्यम से छात्रसंघ चुनाव करवाया जाना बताया था। चर्चा है कि सरकार यही फॉर्मूला लागू करने जा रही है। विवि के शिक्षकों के साथ ही छात्रनेताओं का मानना है कि सरकार छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से राज्य के करीब 10 लाख वोटर्स पर नजर गढ़ाए हुए है। 

किसी भी विवि में सैकड़ों की संख्या में यूजी, पीजी और डिप्लोमा कक्षाएं होती हैं। जयपुर स्थित राजस्थान विवि जैसे बड़े संस्थानों में करीब 500 के कक्षाएं लगती हैं। प्रतिनिधि फॉर्मूले के तहत सभी कक्षाओं में पहले कक्षा के प्रतिनिधि का चुनाव होगा। उसका चुनाव कक्षा के छात्र—छात्राएं करेंगे। इसके बाद जो छात्र प्रतिनिधि चुना जाएगा, वह छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव के लिए मतदान करेगा। 

इसके अलावा जैसे की प्रचारित किया जा रहा है कि केवल छात्रसंघ अध्यक्ष का ही चुनाव होगा। इसमें अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। जो अध्यक्ष चुना जाएगा, वह उसी की च्वाइस के अनुसार उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव का चुनाव कर लेगा।

इधर, सरकार के इस निर्णय की एनएसयूआई और एसएफआई ने घोर अलोकतांत्रिक करार दिया है। एनएसयूआई का कहना है कि यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में एबीवीपी अध्यक्ष पद का चुनाव हारने के कारण यह निर्णय लेने पर सरकार को विवश कर रही है। उनका यह भी कहना है कि प्रदेश की छात्र राजनीति में दो या तीन समुदायों का अहम रोल होता है, जो अधिकांश एनएसयूआई के साथ रहते हैं। इसके चलते एबीवीपी अध्यक्ष का चुनाव हार जाती है। एनएसयूआई की ओर से राजस्थान विवि के पूर्व अध्यक्ष अनिल चौपड़ा के अनुसार चूंकि कक्षाओं में जा​तीय प्रभुत्व कम हो जाता है, जिसके चलते एबीवीपी छात्र प्रतिनिधि के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उनके मुताबिक जातियों को लड़ाने में असफल हो रही सरकार अब यह फॉर्मूला लागू कर कैसे भी जीत हासिल करना चाहती है।

नाम की कभी भी घोषणा संभव, आरयू कुलपति के लिए कयासों का दौर जारी

जयपुर।

प्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विवि, राजस्थान यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के नाम को लेकर कयासों का दौर जारी है। विवि के तमाम शिक्षक और कर्मचारियों के साथ ही छात्रों की जुबान पर भी आने वाले कुलपति को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

इस बीच राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति डाॅ. बी. आर. छीपा को सौंप दिया गया। इसको लेकर राजस्थान के कुलाधिपति और राज्यपाल कल्याण सिंह की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

बीकानेर के अलावा राजस्थान विवि, मोहनलाल सुखाड़िया विवि, जोधपुर के कुलपति का भी चयन होना है। राजस्थान विवि के कुलपति के लिए पांच सदस्यों का नाम राज्यपाल के पास भेजे जा चुके हैं। जिनमें से एक का चयन कर हस्ताक्षर के बाद नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि विवि के कुलपति की दोड़ में राजस्थान विवि के लिए एक पूर्व प्रो. आरके कोठारी का सबसे आगे है। इसके साथ ही दिल्ली विवि की प्रो. कुसुम यादव का नाम भी रेस में माना जा रहा है।

हालांकि राजभवन की ओर से अभी कुलपति के नाम की घोषणा होने के संकेत नहीं मिले हैंं, लेकिन जिस तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ रखा है, उससे साफ जाहिर है कि कभी भी नए वीसी के नाम की घोषणा हो सकती है। इधर, राजस्थान विवि में शिक्षकों के बीच आने वाले कुलपति को लेकर उत्सुकता के साथ चर्चाओं का बाजार गर्म है। छात्र नेताओं के बीच भी नए कुलपति को लेकर खू​ब चर्चा हो रही है।

आपको बता दें कि वर्तमान में राजस्थान विवि के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह के पास है। उनसे पहले नियमित कुलपति जेपी सिंघल को डिग्री संबंधी विवाद न्यायालय में चले जाने के कारण कार्यकाल पूरा किए बगैर ही इस्तीफा देना पड़ा था। तब से विवि में कार्यवाहक वाइस चांसलर के भरोसे काम किया जा रहा है। शिक्षकोें का मत है कि नियमित वीसी नहीं होने के कारण कई जरुरी कार्य रुके हैं। इसके साथ ही छात्रों की समस्याएं भी लंबित बताई जाती हैं।
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आरयू कुलपति के लिए कयासों का दौर जारी, नाम की कभी भी घोषणा संभव

जयपुर।

प्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विवि, राजस्थान यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के नाम को लेकर कयासों का दौर जारी है। विवि के तमाम शिक्षक और कर्मचारियों के साथ ही छात्रों की जुबान पर भी आने वाले कुलपति को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

इस बीच राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति डाॅ. बी. आर. छीपा को सौंप दिया गया। इसको लेकर राजस्थान के कुलाधिपति और राज्यपाल कल्याण सिंह की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

बीकानेर के अलावा राजस्थान विवि, मोहनलाल सुखाड़िया विवि, जोधपुर के कुलपति का भी चयन होना है। राजस्थान विवि के कुलपति के लिए पांच सदस्यों का नाम राज्यपाल के पास भेजे जा चुके हैं। जिनमें से एक का चयन कर हस्ताक्षर के बाद नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि विवि के कुलपति की दोड़ में राजस्थान विवि के लिए एक पूर्व प्रो. आरके कोठारी का सबसे आगे है। इसके साथ ही दिल्ली विवि की प्रो. कुसुम यादव का नाम भी रेस में माना जा रहा है।

हालांकि राजभवन की ओर से अभी कुलपति के नाम की घोषणा होने के संकेत नहीं मिले हैंं, लेकिन जिस तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ रखा है, उससे साफ जाहिर है कि कभी भी नए वीसी के नाम की घोषणा हो सकती है। इधर, राजस्थान विवि में शिक्षकों के बीच आने वाले कुलपति को लेकर उत्सुकता के साथ चर्चाओं का बाजार गर्म है। छात्र नेताओं के बीच भी नए कुलपति को लेकर खू​ब चर्चा हो रही है।

आपको बता दें कि वर्तमान में राजस्थान विवि के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह के पास है। उनसे पहले नियमित कुलपति जेपी सिंघल को डिग्री संबंधी विवाद न्यायालय में चले जाने के कारण कार्यकाल पूरा किए बगैर ही इस्तीफा देना पड़ा था। तब से विवि में कार्यवाहक वाइस चांसलर के भरोसे काम किया जा रहा है। शिक्षकोें का मत है कि नियमित वीसी नहीं होने के कारण कई जरुरी कार्य रुके हैं। इसके साथ ही छात्रों की समस्याएं भी लंबित बताई जाती हैं।
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एनसीईआरटी: मिली शिक्षा नीति बनाने की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार ने तैयार किया ,एनसीईआरटी बिल-17, स्कूलों में आएगी एकरुपता

कार्यालय संवाददाता
जयपुर। एनसीईआरटी की भूमिका अब मात्र किताबों की पब्लिशिंग और टीचर्स को ट्रेनिंग देने तक ही सीमित नहीं रहेगी। अब एनसीईआरटी को अधिक पॉवर देने की तैयारी कर ली है। यह एजेंसी शिक्षा नीति बनाने और इसको लागू करने में भी मुख्य भूमिका निभाने वाली है। सीबीएसई पर बढ़ते काम के दबाव को कम करने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसका बिल सार्वजनिक करते हुए सुझाव भी मांगे हैं। एनसीईआरटी को नेशनल इंस्टीट्यूट का दर्जा दिया गया है। 
अब एनसीईआरटी स्कूल एजुकेशन और टीचर्स पॉलिसी निर्धारण में मानव संसाधन मंत्रालय का सहयोग करेगा। वहीं, राज्य सरकार को भी स्कूल एजुकेशन की पॉलिसी निर्धारित करने के लिए सुझाव देगा। एजुकेशन की सभी ब्रांचों में होने वाली रिसर्च को प्रमोट करने और इन इनोवेशन को लागू करवाने की जिम्मेदारी भी संस्थान की होगी। 
सेकंडरी के प्रधानाध्यापक करेंंगे पंचायतों के प्राथमिक स्कूलों की मॉनिटरिंग
उधर, ग्राम पंचायतों प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की मॉनिटरिंग शैक्षणिक स्तर सुधारने का जिम्मा अब सरकार ने उसी पंचायत के सैकण्डरी हायर सैकण्डरी स्कूलों के संस्था प्रधानों को सौंपा है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पीईईओ के काम करने की गाइड लाइन तय की है। सरकार ने इसके लिए पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी  का नया पद सृजित किया था। लेकिन गाइड लाइन तय नहीं होने से पीईईओ काम नहीं कर पा रहे थे। अब सरकार के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए पीईईओ के नामों की सूची जारी कर दी है। पीईईओ का मुख्यालय सम्बन्धित स्कूल ही होगा। 

शाला दर्पण में भी नहीं मिला 598 शिक्षकों का रिकार्ड,प्रिंसिपल के पदों पर पदोन्नति का मामला

 कार्यालय संवाददाता
जयपुर। शिक्षाविभाग में 598 शिक्षाधिकारियों की पदोन्नति पर संकट खड़ा हो गया है। विभागीय स्तर पर प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नति की तैयारियां शुरू हो गई है लेकिन विभाग को अभी तक पता नहीं चला है कि पदोन्नत होने वाले 521 व्याख्याता और 77 हैडमास्टर वर्तमान में कहां कार्यरत है। पदस्थापन स्थान का समय पर पता नहीं चलने पर यह शिक्षाधिकारी प्रमोट होने से वंचित भी रह सकते हैं। शिक्षा विभाग ने चयन वर्ष 2017-18 की डीपीसी के लिए फरवरी माह में अस्थाई पात्रता सूची जारी की थी। संबंधित कार्मिकों से उनकी आपत्तियां और वर्तमान पदस्थापन स्थान की जानकारी चाही गई थी लेकिन विभाग को अभी तक इन 598 शिक्षाधिकारियों की वर्तमान पोस्टिंग के बारे में सूचना प्राप्त नहीं हुई है। यह हालात भी तब है जब शिक्षा विभाग में स्कूलों और शिक्षकों के सारे रिकॉर्ड शाला दर्पण और शाला दर्शन पर ऑनलाइन करने का दावा किया जा रहा है। रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने के कारण विभाग को इन शिक्षकों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। उधर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक बी एल स्वर्णकार ने एक परिपत्र जारी कर ऐसे शिक्षकों से 14 अप्रैल तक वर्तमान पद और पदस्थापन स्थान की सूचना मांगी है। यदि निर्धारित तिथि तक इन शिक्षकों के बारे में सूचना प्राप्त नहीं हुई तो अस्थाई पात्रता सूची से इनके नाम विलोपित कर दिए जाएंगे और यह पदोन्नत होने से वंचित रह सकते हैं।

शिक्षा विभाग में वरिष्ठ शिक्षकों का रिकॉर्ड अपडेट करने का काम उपनिदेशक कार्यालयों और संस्थापन शाखा का है। शिक्षा विभाग में अनेक ऐसे शिक्षक है जिन्होंने प्रमोट होने के बाद व्याख्याता और हैडमास्टर पदोन्नति पर कार्य ग्रहण नहीं किया है, मगर पदोन्नति आदेशों से वरिष्ठता में उनके नाम अंकित है। कारणए डीईओ और डीडी कार्यालय से ज्वॉइनिंग और फोर गो की स्पष्ट सूचना शिक्षा निदेशालय नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में यह पता करना मुश्किल हो जाता है कि संबंधित शिक्षक कहां से कहा गया।

लापरवाही अधिकारियों की, भुगतेंगे दस लाख परीक्षार्थी,पहली बार कक्षा दस के प्रश्न पत्र के साथ प्रकाशित करवाया ग्राफ, बाद में अलग से भी दे दिया

कार्यालय संवाददाता
जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। बोर्ड अधिकारियों की इस गलती का खामियाजा बोर्ड की कक्षा 10वीं में प्रविष्ट हुए प्रदेश के करीब 10 लाख विद्यार्थी भुगतेंगे। इन अधिकारियों ने इस बार प्रश्नपत्र में भी ग्राफ प्रकाशित करा दिया और परीक्षा केंद्रों पर अलग से भी भेज दिए। दिशा-निर्देश नहीं होने पर परीक्षा केन्द्रों पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई और कौन सा ग्राफ  पेपर हल कराया जाए, इसका निर्णय नहीं हो पाया। कई विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र वाला ग्राफ हल कर दिया और कुछ ने अलग से भेजा ग्राफ  हल कर दिया। अब सवाल यह भी कि अगर किसी परीक्षार्थी ने दोनों ग्राफ  हल कर दिए और उनमें एक गलत है, ऐसी स्थिति में बोर्ड कौन से ग्राफ  का मूल्यांकन करेगा।  बोर्ड ने 14 मार्च को गणित की परीक्षा आयोजित की थी। संभवतया पहली बार गणित के प्रश्नपत्र में ही ग्राफ पेपर भी छपवाया। प्रश्नपत्र के अंत में छपे इस ग्राफ पेपर के ऊपर ही विद्यार्थी को परीक्षा रोल नंबर भरने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्देश यह भी दिए गए कि यहां से काटें। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र में लगे ग्राफ पेपर पर ही सवाल हल कर दिया। 

‘यदि परीक्षार्थी ने प्रश्नपत्र में मुद्रित ग्राफ  को भी हल किया है, तो उसे नियमानुसार निर्धारित अंक देय होंगे। ऐसे निर्देश दिए जा चुके हैं। बोर्ड को गणित के ग्राफ  पेपर प्रश्नपत्र में छपवाने पर आर्थिक व्यय हुआ। इधर, अधिकारियों की लापरवाही से प्रदेश भर में करीब 10 लाख ग्राफ पेपर और भेज दिए गए। यदि एक रुपया भी प्रति ग्राफ पर व्यय हुआ तो सीधे करीब 10 लाख रुपए का आर्थिक बोझ बोर्ड पर पड़ा है। 
- मेघना चौधरी
 सचिव राजस्थान शिक्षा बोर्ड

राजस्थान से कम मुस्लिम होने के बाद भी गुजरात में हज की सीटें ज्यादा,राजस्थान से कम मुस्लिम होने के बाद भी गुजरात में हज की सीटें ज्यादा हज कमेटी आफ इंडिया की वेबसाइट पर जारी हुए आंकड़े

कार्यालय संवाददाता
जयपुर। अल्पसंख्यक मामलात विभाग की ओर से हज कमेटी आफ इंडिया ने इस साल 2017 की हज यात्रा के लिए 58.46 लाख की मुस्लिम आबादी वाले गुजरात की सीटें पिछले साल 7044 के मुकाबले बढ़ाकर 10877 कर दी हैं।
 जो कि 62.15 लाख मुस्लिम जनसंख्या वाले राजस्थान के हज कोटे की 4686 सीटों के मुकाबले 132 फीसदी ज्यादा है। हालांकि गत वर्ष के मुकाबले राजस्थान की हज कोटे में 1161 सीटों की वृद्धि की गई है। मुस्लिम आबादी के लिहाज से हज में गुजरात 29 राज्यों में पहले नंबर पर है। कमेटी की ओर से पिछले माह जारी किए गए हज कोटे में देश की सर्वाधिक 3.84 करोड़ मुस्लिम जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश सहित 12 अन्य राज्य भी राजस्थान की तरह ही गुजरात से पीछे हैं। उत्तरप्रदेश में 29017 हज कोटे की सीटें हैं। 121564 मुस्लिम आबादी वाला गोवा 192 सीटों और 239836 मुस्लिम जनसंख्या वाला मणिपुर 388 सीटों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है। तीसरे नंबर पर 8873472 मुस्लिम आबादी वाले केरल के खाते हज कोटे की रिकॉर्ड 11197 सीटें मिली हैं। 
हालांकि हज कमेटी के पदाधिकारी इस भारी वृद्धि को आवेदन संख्या बढऩे के आधार पर भी बढ़ाना बता रहे हैं। इस बार ऑरिजनल हज कोटे में भी गत वर्ष की तुलना में कुल 24800 सीटें बढ़ाई गई हैं। इससे लगभग हर राज्य के हज कोटे में हल्की बढ़ोतरी हुई है। 

गुजरात सरकार ने दिया तोहफा
गुजरात के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी तादात में मुस्लिम हज का फर्ज अदा करने मक्का-मदीना जाएंगे। अल्पसंख्यक मामलात विभाग ने गुजरात की मुस्लिम आवाम को यह तोहफा दिया है। वैसे भी गुजरात से हज के लिए इस बार रिकॉर्ड 57 हजार लोगों ने आवेदन किए हैं। 

सामान्य ओबीसी वर्ग के बच्चों का भी होगा निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला

कार्यालय संवाददाता
जयपुर। बच्चों को बेहतर निजी स्कूलों में पढ़ाने के ख्वाइशमंद सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के गरीब के लोगों के लिए खुश खबरी है। अब सरकार ने आरटीई के तहत इन दोनों वर्गाों के बच्चों को भी सालना आय की शर्त के साथ नि:शुल्क प्रवेश देने का फैसला लिया है। इसके लिए इन दोनों वर्गों के अभिभावक की सालाना आय एक लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। शेष वर्गों के लिए शर्तें यथावत रहेगी। आरटीई के तहत नि:शुल्क पढाने के इच्छुक अभिभावक 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।  गत सत्र आरटीई के तहत सरकार ने मात्र एससी, एसटी, बीपीएल एवं विशेष रोगियों के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिए पात्र माना था। इससे सैकड़ों गरीब तबके के सामान्य, ओबीसी वर्ग के बच्चों को प्रवेश नहीं मिला था। इस बार सरकार ने इस मामले में सामान्य, ओबीसी वर्ग के गरीब लोगों के बच्चों को इसका लाभ देने का निर्णय लिया है। आरटीई के तहत प्रवेश देने के मामले को लेकर डीईओ प्रारंभिक कार्यालय को प्राप्त हुए आदेश में साफ  लिखा है कि एससी, एसटी, बीपीएल एवं शहीद, विशेष रोगी की संतान को छोडकर अन्य किसी भी वर्ग का बच्चा आरटीई के तहत नि:शुल्क पढऩे के लिए पात्र है, जिसके पिता की आय सालाना एक लाख रुपए से अधिक नहीं है। 
 

ये है इंग्लिश सुधारने के 10 मजेदार तरीके

हालांकि यूपीएससी आईएएस की मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों को अपनी पसंद की भाषा व माध्यम चुनने की अनुमति देता है लेकिन योग्यता प्रकृति वाला एक अंग्रेजी भाषा का अनिवार्य पेपर भी होता है। इसके अलावा

इंटरव्यू चरण में अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में और आईएएस के लिए चुने जाने के बाद अंतिम प्रशिक्षण के दौरान भी इंग्लिश पर अच्छी पकड़ जरूरी होती है। आईएएस परीक्षा के लिए इंग्लिश सीखने के कई व्यवहारिक और मजेदार तरीके हैं।

1. संपादकीय पढ़ें

जब बात आईएएस परीक्षा की आती है, तो किसी भी परीक्षार्थी से पूछकर देखिए, वह आपको अखबार के संपादकीय पढ़ने के महत्व के बारे में बता देगा। महत्वपूर्ण जानकारी देने व राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर स्पष्ट विचार प्रदान करने के अलावा संपादकीय का प्रयोग आपकी अंगरेजी में सुधार के लिए भी किया जा सकता है। अखबार के संपादकीयों में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द, प्रारूप, शैली व भाषा न सिर्फ व्याकरण की दृष्टि से सही होती है, बल्कि ये अंग्रेजी भाषा का सही इस्तेमाल करते हुए संदर्भ की समझ भी प्रदान करते हैं। 

2. संपादक को पत्र लिखें

अखबारों के संपादकीय की थीम को बनाए रखते हुए, आईएएस आकांक्षियों के लिए सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक जगत में घट रही घटनाओं के बारे में अपने विचारों को व्यक्त करना भी सीखना बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए संपादक को चिट्टियां लिखने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है? यदि आप अपने लेखन कौशल में सुधार लाने के प्रति गंभीर हैं, तो आपको रोजाना एक पत्र संपादक को जरूर लिखना चाहिए। 

3. इंग्लिश में करें बातचीत

इंटरव्यू प्रक्रिया के दौरान आईएएस आकांक्षियों द्वारा जिन चुनौतियों का सामना किया जाता है, उनमें सबसे आम है अंग्रेजी में बातचीत करने की कला। अंगरेजी पढ़ने व लिखने में अच्छे परीक्षार्थी भी कई बार इंग्लिश बोलने में परेशानी महसूस करते हैं। इंटरव्यू प्रक्रिया के दौरान, जहां पैनल भविष्य में भारत के शीर्ष नौकरशाह की तलाश करने बैठते हैं, वहां इंग्लिश बोलने में कमजोर होना आपके लिए बहुत बड़ी बाधा बन सकती है। इसलिए आपके लिए अंग्रेजी में बोलना शुरू करना बहुत जरूरी है। अपने शिक्षकों, सहयोगियों, मित्रों और यहां तक कि खुद से अकेले में कम से कम एक घंटा बातचीत करने के लिए कोई विषय लें। अलग-अलग संदर्भों में अखबारों और अन्य पठन सामग्री में जिन कठिन शब्दों से आपका सामना हुआ है, उनके इस्तेमाल की कोशिश करें।

4. रोजाना 100 शब्द लिखें

यह तो हम देख ही चुके हैं कि अंग्रेजी में संपादक के नाम पत्र लिखना कितना फायदेमंद है। अपने अंग्रेजी लेखन कौशल को सुधारने का अगला चरण होगा प्रतिदिन कम से कम 100 शब्द लिखना। यानी 100 शब्दों का ऐसा

पैराग्राफ लिखना, जिसका कोई अर्थ निकले। इसके लिए आप अपनी पसंद के किसी भी विषय को चुन सकते हैं।

5. इंग्लिश फिल्म व सीरियल देखें

इंग्लिश सीखने का एक मजेदार और व्यवहारिक तरीका है फिल्म व टीवी। डिस्कवरी और नेशनल ज्योग्राफिक जैसे इंग्लिश चैनल देखें। साथ ही बीबीसी या सीएनएन जैसे अच्छे इंग्लिश चैनलों पर खबरें देखें। फिल्में व

सीरियल भी इंग्लिश सुधारने में आपकी मदद कर सकते हैं। इनमें आने वाले कठिन शब्दों को याद रखें। एक विषय पर किस प्रकार वाक्य बनाना है, इसे भी सीखें।

6. अंग्रेजी में सोचें

अंग्रेजी कैसे पढ़ें, लिखें, बोलें, यह सीखने के अलावा आईएएस परीक्षा के लिए यह भी जरूरी है कि आप अंग्रेजी में सोचना सीखें। कई भाषा विशेषज्ञों ने देखा है कि युवा किसी वाक्य को अपने मन में अपनी भाषा में तैयार करते हैं और फिर उसका अंग्रेजी में अनुवाद करते हैं। इससे न सिर्फ दिमाग पर अनावश्यक बोझ पड़ता है, बल्कि वे अक्सर अंग्रेजी का गलत रूप में इस्तेमाल कर बैठते हैं। इसलिए अंग्रेजी में ही सोचने की आदत डालें।

7. अपना शब्द संग्रह बढ़ाएं

किसी भी आईएएस आकांक्षी के लिए शब्द संग्रह का महत्व छिपा नहीं है। रोज जिन कठिन शब्दों से आपका सामना होता है, उन्हें एक जगह लिख लें। ये शब्द आपको अखबार पढ़ने के दौरान या किसी से बातचीत के दौरान मिल सकते हैं। रोज रात तक आपके पास ऐसे 10 से 15 शब्द जमा हो जाने चाहिए। इन शब्दों के आप अर्थ ढूंढें और अपनी दैनिक बातचीत में इन्हें शामिल करना शुरू कर दें। इस प्रकार आप एक माह में करीब 300 नए शब्दों को जान पाएंगे।

8. सरकारी योजनाओं व नीतिगत दस्तावेजों को पढ़ें

कई परीक्षार्थियों की अंगरेजी यूं तो अच्छी होती है लेकिन वे सरकारी योजनाओं और नीतिगत दस्तावेजों में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों, शैली, प्रारूप और शब्दावलियों से अनजान होते हैं। केंद्र या राज्य, किसी भी

सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले सरकारी दस्तावेजों की अपनी शैली व प्रारूप होता है। आईएएस परीक्षा की तैयारी करने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए इनकी जानकारी होना बहुत लाभदायक होता है।

9. पिछले वर्षों के पेपर हल करें

दूसरी परीक्षाओं और विषयों की तरह ही आईएएस मेन्स में अंगरेजी में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना लाभदायक होता है। इससे आपको प्रश्नों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को समझने में भी मदद मिलेगी।

10. धैर्य बनाए रखें

हालांकि इस सूची में इसे अंतिम स्थान पर रखा गया है लेकिन जब बात आईएएस मेन्स के लिए इंग्लिश सीखने की हो, तो संभवत: यह सबसे महत्वपूर्ण बात होगी। किसी भाषा पर महारथ हासिल करना बहुत मुश्किल काम है और यह रातो-रात नहीं किया जा सकता। सफलता हेतु पूरी प्रक्रिया में आपका धैर्य और समर्पण बहुत जरूरी होगा।

 

होटल से पकड़े 3.25 करोड़ के पुराने नोट


विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के करोल बाग में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और क्राइम ब्रांच की टीम ने एक होटल से 3.25 करोड़ के 500 और 1000 रुपए के नोट जब्त किए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच में सामने आया कि ये पैसा मुंबई के एक हवाला कारोबारी का है। इसे मुंबई से दिल्ली लाया गया था। इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इन नोट की पैकिंग अलग तरह से की गई थी। ताकि एयरपोर्ट पर लगी स्कैनिंग मशीन भी धोखा खा जाएं और ये पकड़ में न आ पाएंं। इस काम के लिए बकायदा स्पेशलिस्ट की मदद ली गई थी। क्राइम ब्रांच के अफसरों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा विभाग ने बैंगलुरु से 2.25 करोड़ तथा पणजी से 68 लाख रुपए के नए नोट भी बरामद किए हैं। 

अग्नि-5 का परीक्षण करेगा भारत, जद में चीन


विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। भारत अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) ‘अग्नि-5’ का पांचवा परीक्षण करने जा रहा है। इस संबंध में तैयारियां पूरी हो गई हैं और इस महीने के अंतिम सप्ताह में अथवा जनवरी में ओडिशा के व्हीलर आइलैंड से इसका परीक्षण किया जाएगा। 
परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम ‘अग्नि-5’ 5500 किलोमीटर तक मार कर सकती है। मिसाइल का चौथा परीक्षण जनवरी 2015 में किया गया था। इस मिसाइल की जद में पूरा चीन आ रहा है। 
सूत्रों के मुताबिक, 48 देशों के एनएसजी ग्रुप में शामिल होने के लिए भारत को कुछ रणनीति बनानी होगी। ये टेस्ट इसी का हिस्सा हो सकता है। अफसरों की मानें तो अग्नि-5 के टेस्ट के लिए कुछ टेक्नीकल चीजें मसलन इंटरनल बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फिगरेशन बाकी रह गया है, जिसे पूरा कर लिया जाएगा।

सफलता मिलते ही सेना को जिम्मा
अग्नि-5 मिसाइल उत्तरी चीन तक मार कर सकती है। 2015 में किए चौथे टेस्ट में मिसाइल ने ये कैपेबिलिटी हासिल कर ली थी। 
सूत्रों के मुताबिक, मिसाइल को टारगेट तक ले जाने के लिए 3 स्टेज हैं। स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) को दिए जाने से पहले मिसाइल का ये अंतिम टेस्ट बताया जा रहा है। 2003 में एसएफसी की स्थापना हुई थी। यह देश के एटमी हथियारों को कंट्रोल करती है। मिसाइल के प्रोडक्शन से पहले ये संस्था कम से कम दो बार टेस्ट करती है।
क्या होंगे फायदे
अग्नि-5 के 2012, 2013 और 2015 में सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। इसे और आधुनिक बनाते हुए अब इसका अगला परीक्षण करने की तैयारी है। इसकी मारक क्षमता में भी इजाफा किया गया है। 
इसे आसानी से कहीं भी ले जाया और दागा जा सकता है। अग्नि-5 का उत्पादन शुरू होते ही 5 हजार किमी की मिसाइल रखने वाला भारत, अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के बाद छठा देश होगा।
 

6 रुपए महंगा हो सकता है डीजल-पेट्रोल


विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 6 रुपए तक की भारी बढ़ोत्तरी हो सकती है। दरअसल, पिछले दो हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके साथ ही तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक में भी 16 साल बाद क्रूड का उत्पादन घटाने पर सहमति बन गई है। इस कारण भावों में और तेजी आने की संभावना है। 
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल के दाम में 6 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करनी पड़ सकती है। कंपनियां कल तेल की कीमतों की समीक्षा करेंगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि सरकार एक बार में जनता पर इतना बोझ डालने की जगह इसे बढ़ोत्तरी को दो किस्तों में लागू कर सकती है। दरअसल, भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी क्रूड ऑयल आयाता करता है। जून 2014 में क्रूड ऑयल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल थी, जो इस साल फरवरी में 30 डॉलर रह गई थीं। ऑयल के दाम में गिरावट से भारत को काफी फायदा हुआ है। इसकी कम कीमत से उसे महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट को नियंत्रण में रखने में मदद मिली है। 
 

इन शार्ट कोर्स को कर दे सकते है करियर को नई राह

नई दिल्ली : कई बार एेसा होता है कि आप 12वीं के बाद तीन साल या पांच साल की पढ़ाई नहीं करना चाहते और चाहते है कि कोई  शॉर्ट टर्म  कोर्स कर  लिया जाए जिसके जरिए कोई अच्छी सी नौकरी मिल जाए । अगर आप इन शार्ट  कोर्सेस के जरिए जॉब चाहते हैं तो आपके पास कई ऑपशन्स हैं।  आज हम  आपको बता रहे है ऐसे 5 कोर्सेस के बारे में जिनके जरिए आप शॉर्ट टर्म यानि 6 माह या 1 साल की पढ़ाई से ही नौकरी पा सकते हैं। अपने इंटरेस्ट के हिसाब से आप कोर्स चुनेंगे तो आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

वेब डिजाइनिंग
वेब डिजाइनिंग एक ऐसी फील्ड है, जिसमें जॉब की कोई कमी नहीं। इस कोर्स में कोडिंग लैंग्वेज जैसे- HTML, PHP, JavaScript आदि सिखाई जाती हैं।
प्रोफेशनल वेब डिजाइनिंग का कोर्स 1 साल का होता है। इसके अलावा 3 से 6 महीने के शॉर्ट टर्म कोर्सेस भी ऑफर किए जा रहे हैं। 12वीं के बाद भी आप इसे कर सकते हैं। 

वीएफएक्स एंड एनिमेशन
इस कोर्स में विजुअल इफेक्ट्स, एनिमेशन, 3डी टेक्नोलॉजी, ग्राफिक्स आदि के बारे में नॉलेज दिया जाता है। वीएफएक्स और एनिमेशन प्रोफेशनल की डिमांड बढ़ने के कारण यह कोर्स बहुत पॉपुलर हो चुका है।
फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही इंडीपेंडेंटली काम करने करने का इसमें बड़ा स्कोप है।

हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग कोर्सेस
यदि आप आईटी फील्ड में जॉब करना चाहते हैं तो हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग से जुड़े कोर्सेस कर सकते हैं।
इसमें डिप्लोमा इन सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर परिफ्रल रिपेयरिंग, डिप्लोमा इन नेटवर्किंग एंड कम्यूनिकेशन, इंटरनेट मार्केटिंग एंड सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जैसे कोर्स किए जा सकते हैं।

सॉफ्टवेयर एंड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कोर्स
 सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में भी जॉब की कोई कमी नहीं। इसमें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे Java, C++ आदि सीखना होता है।
  इन लैंग्वेज में परफेक्ट होने पर आईटी कंपनियों में जॉब के ढेरों ऑप्शन स्टूडेंट्स को मिलते हैं। 

टैली
टैली एक अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है। इसमें आपको यह सिखाया जाता है कि आप टैली का इफिशिएंटली यूज कैसे कर सकते हैं।
कंपनियां, गवर्नमेंट अपने फाइनेंसियल डाटा को स्टोर, ट्रांसफर करने के लिए टैली का यूज करते हैं। इसमें आप डिप्लोमा कोर्स करके आसानी से जॉब पा सकते हैं। 
 
कहां से कर सकते हैं कोर्स
एरिना एनिमेशन एकेडमी
मैक
फ्रेमबॉक्स एनिमेशन एंड विजुअल इफेक्ट्स इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हार्डवेयर एंड टेक्नोलॉजी
जेटकिंग इंफ्रोट्रेन लिमिटेड

कहां मिलेगी जॉब
इन कोर्सेस को करने के बाद आप फिल्म, सीरियल इंडस्ट्री, गेम इंडस्ट्री, आईटी कंपनी के साथ ही दूसरी प्राइवेट कंपनियों में जॉब कर सकते हैं। 
इंस्टीट्यूट्स कैंपस प्लेसमेंट करवाते हैं। आप सीधे भी कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कंपनियां खुद भी समय-समय पर वैकेंसी निकालती हैं। 

दिल्ली में 1,51,100/ की नौकरी करना चाहते हैं तो फौरन करें अप्लाई

नई दिल्ली : अगर आपने इस साल या इससे पहले एमबीए या सीए की परीक्षा पास की है और नौकरी की तलाश में हैं तो यह खबर आपको सुकून देने वाली है। क्योंकि राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ इंडिया लिमिटेड (नेफेड), नई दिल्ली ने युवा, प्रोफेशनल और अनुभवी उम्मीदवारों से विभिन्न विभागों में असिस्टेंट मैनेजर के कुल रिक्त 08 पदों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार 10 दिसंबर 2016 से पहले आवेदन कर सकते हैं।

कुल- 8 पद

एेज-  35 वर्ष

पोस्ट- असिस्टेंट मैनेजर

नौकरी स्थान- नई दिल्ली

सैलरी- 47,600-1,51,100/- रूपए प्रति माह

चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर

शैणक्षिक योग्यता-  मान्यता प्राप्त संस्थान से मास्टर्स डिग्री के साथ मार्केटिंग मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा या मार्केटिंग मैनेजमेंट में एमबीए डिग्री या फोरेन/ इंटरनेशनल ट्रेड में मास्टर्स डिग्री या फोरेन/ इंटरनेशनल ट्रेड में एमबीए डिग्री या एमसीए/ बी.टेक या फाइनेंस में एमबीए या सीए/ आईसीडब्ल्यूए कोर्स धारक होना चाहिए।
 
कैसे करें आवेदन - इच्छुक उम्मीदवार अपना संपूर्ण सीवी, 02 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और सभी शैक्षणिक, अनुभव प्रमाण पत्रों,के साथ 10 दिसंबर 2016 से पहले आवेदन कर सकते हैं।

अंतिम तिथि- 10 दिसंबर 2016

सावधान! ऑफिस में हों ये 5 चीजें तो समझें आपकी नौकरी खतरे में

नई दिल्ली :  हर कोई ऑफिस में अपना बेस्‍ट देने की कोशिश करता है क्‍योंकि कोई भी कर्मचारी नहीं चाहता की उसको ऑफिस से निकाला जाए। कई बार ऐसा होता है कि ऑफिस में छटनी शुरू हो जाती है। ऐसे में इस बात को जान लेना बहुत जरूरी है की कहीं आपको भी तो नौकरी से नहीं निकाला जा रहा है। अगर आपके ऑफिस में यहां बताई जा रही 5 चीजे हों रहीं हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है।

मीटिंग में न बुलाया जाना- 
अगर आपको अहम मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया जा रहा है, या फिर महत्वपूर्ण मेल में लूप में नहीं रखा जा रहा है तो यह आपके लिए बुरे संकेत हैं. इसका मतलब है कि आपकी अहमियत अब बॉस की नजरों में कम हो गई है. उसे नहीं लगता कि मीटिंग में आपकी मौजूदगी से कोई फायदा या अच्छा नतीजा निकलकर आने वाला है।

अचानक से बॉस से रिलेशनशिप बिगड़ जाना-
अगर बॉस आपके सुझाव की अनदेखी कर रहा है वह आपको हर काम की जरूरत से ज्यादा निगरानी रखने लगा है, बार-बार टोकने लगा है, आपके अभिवादन का भी सही से जवाब नहीं देता है, तो समझ जाएं कि आपकी नौकरी खतरे में है।

आपसे आपका काम छीन लिया गया हो- 
अगर आपसे आपकी जिम्मेदारियां बेवजह छीन ली गई हो, आपके प्रोजेक्ट कम दिए गए हों तो समझ जाएं ये अच्छे संकेत नहीं है। कई बार ऐसा भी होता है कि  जिम्मेदारियां बहुत अधिक बढ़ा दी जाती है और रिसोर्स छीनकर किसी और मैनेजर को दे दिए जाते हैं। हैंड न होने पर आप अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते। इससे आपका रिव्यू खुद ब खुद खराब चला जाता है।

टारगेट नहीं पूरा कर पा रहे हैं-
अगर आपका डिपार्टमेंट, विभाग या पूरी कंपनी लगातार अपने सेल्स या प्रोडक्शन टारगेट पूरे नहीं कर पा रही है तो याद रखें कि कभी भी आपके हाथ में पिंक स्लिप थमाई जा सकती है. ऐसी स्थिति में आप चाहे कितना ही अच्छा परफॉर्म क्यों न कर रहे हों आपकी जॉब कभी भी जा सकती है।

आपके काम की कभी तारीफ नहीं होती-
अगर आपने कोई ऐसा काम किया है जिसे पहले टीम के किसी सदस्य ने नहीं किया और उसके लिए आपको सहारा नहीं जा रहा है तो समझिए आपके लिए माहौल नेगेटिव है। बॉस आपके काम व मेहनत को बिल्कुल नोटिस नहीं कर रहा है। 

पढ़िए, YouTube पर वीडियो डालने से कैसे होती है कमाई?

नई दिल्ली :  घर बैठे ऑनलाइन पैसे कमाने के बहुत से आसान तरीके हैं। जिनमें से एक यह तरीका है जिसे शायद कम ही लोग जानते हैं। इनमें से एक आसान तरीका है यूट्यूब के जरिए। शहर में एक कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को यहां आए यू-ट्यूब के एंटरटेनमेंट हैड सत्या राघवन ने इसके बारे में जानकारी दी। 

कमाई का तरीका
-बिजनेस व्यूज से नहीं, बल्कि अपलोडर की वीडियो में दिखाए जाने वाले विज्ञापन से होता है। 
-कमाई का 55 प्रतिशत हिस्सा वीडियो अपलोडर का होता है बाकी 45 प्रतिशत कंपनी रखती है। हालांकि उन्होंने इस बात की जानकारी नहीं दी कि कितने व्यूज पर कितनी कमाई होती है। 
-छोटे शहरों से 2014 में 27 प्रतिशत और साल 2015 में 33 प्रतिशत व्यूअर की बढोतरी हुई है। 

अपलोडर ही हटा सकता है वीडियो
सत्या राघवन ने कहा कि अगर कोई घर बैठे यूटयूब पर वीडियो अपलोड करता है और वो हिट हो जाता है। इसका आकलन उसकी वीडियो पर आए व्यूज से पता चलता है। यह एक अलग प्लेटफॉर्म है, जिससे कलाकारों को आगे बढऩे का प्रोत्साहन मिलता है। यदि किसी अपलोडर द्वारा कोई आपत्तिजनक या विवादास्पद वीडियो अपलोड की जाती है, तो यह कानूनन उसकी जिम्मेदारी होती है। यू-ट्यूब उस वीडियो को नहीं हटा सकता, सिर्फ वही अपलोडर उसे हटा सकता है जिसने उसे अपलोड किया है।

कॉपीराइट से बचने के लिए दें इस बात का ध्यान
राघवन ने कहा कि यू-ट्यूब से वीडियो का कॉपी होना आम है। ऐसे में हमने अपलोडर को हिदायत पहले ही दी होती है कि वो अपनी वीडियो को कॉपीराइट करवा सके। अगर उसकी वीडियो पर कॉपीराइट्स है तो उस वीडियो को दूसरा अपलोडर अपडेट नहीं कर सकता। यू-ट्यूब में अपलोड होने वाली सभी वीडियो को लेकर हम चैनल वालों को कोड ऑफ कंडक्ट की जानकारी देते हैं। जिसे मानते हुए अपनी वीडियो अपलोड करनी पड़ती है।

आंगनबाड़ी में नौकरी के लिए जल्द करें अप्लाई, कहीं छूट न जाए मौका

नादौन: महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय हमीरपुर के तहत आने वाले 13 आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं तथा सहायिकाओं के 13 खाली पदों के लिए साक्षात्कार 29 नवंबर सुबह 10 बजे होंगे। 

जानकारी के मुताबिक बाल विकास परियोजना अधिकारी बलवीर सिंह विरला ने बताया कि इसके लिए इच्छुक महिला उम्मीदवार अपने आवेदन सत्यापित दस्तावेजों सहित उनके कार्यालय में जमा करवा सकती हैं। परियोजना कार्यालय नादौन के तहत आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत पुतड़ियाल के रक्कड़, पंचायत चौडू के चौआ चुकराला, दंगड़ी के सैलां दी बाहल व बेला-चार में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं के पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए उम्मीदवार की उम्र 21 से 45 वर्ष होनी चाहिए, जबकि उसका नाम उसी आंगनबाड़ी केंद्र के परिवारों की सूची में शामिल होना जरूरी है। 

प्रार्थी के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार से अधिक न हो तथा आय प्रमाण पत्र तहसीलदार, नायब तहसीलदार या कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा जारी किया गया हो, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए प्रार्थी दस जमा दो कक्षा पास, वहीं सहायिका के लिए आठवीं पास होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यदि प्रार्थी का अलग परिवार है, तो पंचायत परिवार रजिस्टर में उसका नाम पहली जनवरी, 2016 से पहले पंजीकृत होना आवश्यक है और इस आशय का प्रमाण पत्र परिवार नकल पर दर्ज होना चाहिए। 

CISF ने निकाली हैं वैकेंसियां , 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई

नई दिल्ली : सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) ने 485 पदों पर वैकेंसी निकाली है। सभी बैकलॉग वैकेंसी हैं। अनरिजर्व कैटेगरी के 10वीं पास कैंडिडेट्स के लिए सरकारी नौकरी का अच्छा मौका है।

कहां 
सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ)

पोस्ट 
कॉन्स्टेबल / ड्राइवर के 485 पद

एलिजिबिलिटी 
10वीं पास होना चाहिए

एज लिमिट 
21 से 27 साल

अप्लाई करने की आखिरी तारीख 
19 नवंबर

नॉर्थ ईस्ट रीजन के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख
 26 नवंबर

पोस्ट डिस्क्रिप्शन 
बैकलॉग वैकेंसी

एससी: 364 पद
एसटी: 77 पद
भूतपूर्व कर्मचारी: 44 पद

सिलेक्शन प्रोसेस 
उम्मीदवारों का चयन योग्यता परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, ट्रेड परीक्षा, लिखित परीक्षा व मेडिकल परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।

कैसे करें अप्लाई 
विभाग की वेबसाइट www.cisf.gov.in के जरिए 19 नवंबर तक अप्लाई करें।

घर बैठे कमा सकते हैं 10 से 15 हजार रुपए महीना, जाने कैसे

नई दिल्ली :  अक्सर एेसा होता है कि हम पढाई के साथ साथ जॉब करने की सोचते हैं । लेकिन पढा़ई के साथ साथ बाहर जाकर या अॉफिस में बैठ कर काम करना मुश्किल हो जाता है । लेकिन  यदि आप घर बैठे-बैठे एक्सट्रा अर्निंग करना चाहते हैं तो पार्ट टाइम जॉब के ऑपशन्स की कमी नहीं। रोजाना सिर्फ 3 से 4 घंटे देकर आप पार्ट टाइम जॉब के जरिए महीने में 10 से 15 हजार रुपए की कमाई आसानी से कर सकते हैं। यदि आप ज्यादा टाइम देते हैं तो हफ्ते में 5 हजार रुपए महीने तक की इनकम इस तरह की जॉब्स से की जा सकती है।  आज हम आपको बता रहे है कि कौन सी पार्ट टाइम जॉब्स आप घर बैठ कर सकते हैं और इन  कामों को आपको कैसे करना हैं  । इसके इलावा कौन सी कपनियां है जो आपको यह जॉब्स देती हैं । 

डाटा एंट्री जॉब 
पार्ट टाइम में ऑफलाइन डाटा एंट्री की जॉब आप कर सकते हैं। इसमें कंपनियां आपको ऑनलाइन डाटा प्रोवाइड करवाती हैं। इस डाटा को एमएस वर्ल्ड में टाइप करके वापिस कंपनियों के पास भेजना होता है।
यह काम करने के लिए आपको इंग्लिश टाइपिंग आना चाहिए। इसके अलावा एमएस वर्ल्ड, कम्प्यूटर का बेसिक नॉलेज भी होना चाहिए। 

फॉर्म फिलिंग
आप घर बैठे-बैठे फॉर्म फिलिंग का जॉब भी कर सकते हैं। इसमें आपको फॉर्म में डिटेल फिल करना होगी। यह डिटेल और फॉर्म ऑनलाइन ही सेंड किए जाते हैं।
इस जॉब को करने के लिए आपको कम्प्यूटर का बेसिक नॉलेज, इंटरनेट सर्फिंग व वेबसाइट्स को ओपन करते आना चाहिए।

एड पोस्टिंग जॉब
 इसमें आपको कंपनियों के एड अलग-अलग क्लासिफाइड वेबसाइट्स पर पोस्ट करना होते हैं। आप जितने ज्यादा एड पोस्ट करते हैं, उतना ज्यादा पेमेंट आपको मिलता है। यह कहीं से भी कभी भी किया जा सकता है।
 इसके लिए सिर्फ आपके पास कम्प्यूटर या लैपटॉप होना चाहिए जिसमें इंटरनेट कनेक्शन हो। सायबर कैफे में भी कुछ घंटे जाकर आप यह काम कर सकते हैं।

SMS सेंड करने की जॉब 
कंपनियां अपने विज्ञापन मैसेज के जरिए भी करवाती हैं। अपने प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के मकसद से मोबाइल यूजर्स को संबंधित प्रोडक्ट के मैसेज करवाए जाते हैं।
इसके लिए ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो प्रोडक्ट के मैसेज यूजर्स को सेंड करें। पार्ट टाइम इनकम के लिए फ्री टाइम में आप यह काम भी कर सकते हैं।

कॉपी पेस्ट करने की जॉब 
 इसमें कंपनियों के लिए आपको एड पोस्ट करना होंगे। अलग-अलग क्लासिफाइड में आप जितने ज्यादा एड पेस्ट करेंगे, उतनी इनकम आपकी होगी। इसके जॉब के लिए किसी तरह की स्किल्स की जरूरत नहीं।
आपको सिर्फ इंटरनेट सर्फिंग आना चाहिए। आपके कम्प्यूटर या लैपटॉप में इंटरनेट कनेक्शन होना भी जरूरी है। 

इन वेबसाइट्स के जरिए मिल सकती है जॉब
 www.hkmsolution.com
www.akgsoftech.com
 www.dataconversionjobs.com
www.vivastreet.co.in
 
ऐसे और भी कई वेबसाइट्स हैं जो इस तरह की जॉब कर रही हैं। जॉब ढूंढने के लिए आप इंटरनेट पर भी और वेबसाइट्स खोज सकते हैं। 

सब इंस्पेक्टर के लिए यहां निकली हैं वैकेसियां एेेसे करें आवेदन

नई दिल्ली : कर्नाटक राज्य पुलिस (KSP) द्वारा पुलिस सब इंस्पेक्टर के 46 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन  जारी किया गया है।  इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 7 दिसम्बर 2016 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट www.ksp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन जमा करवाए जा सकते हैं।

पद विवरण
पुलिस सब इंस्पेक्टर- 46 पद

शैक्षणिक योग्यता
 ग्रेजुएशन डिग्री

आयु सीमा
 21 से 28 वर्ष 

वेतन
20000- 36300/-

चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा/ साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।

अधिकारिक वेबसाइट
www.ksp.gov.in

आवेदन फीस
GM/ 2A/ 2B/ 3A/ 3B- 250/-
ST/ SC/ CAT-01- 100/-

महत्वपूर्ण तिथियाँ
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि- 7 दिसम्बर 2016

 एेेसे करें आवेदन
कर्नाटक राज्य पुलिस में उक्त पदों पर उम्मीदवार वेबसाइट के माध्यम से 7 दिसम्बर 2016 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अन्य किसी भी जानकारी के लिए विभाग द्वारा जारी अधिसूचना देखें। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए विभाग की अधिकारिक वेबसाइट www.ksp.gov.in पर जाएं।

हैदराबाद में नौकरी करने का सुनहरा मौका

नई दिल्ली : हैदराबाद ने युवा, प्रोफेशनल और अनुभवी उम्मीदवारों से विभिन्न विभागों में डीजीएम/ सीनियर मैनेजर, डिप्टी मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर के कुल रिक्त 06 पदों की भर्ती के लिए आॅनलाइन आवेदन मांगे है।

कुल- 6 पद

एेज- 45 वर्ष

सैलरी- 32900-3%-58000/- रूपए प्रति माह

पोस्ट- सीनियर मैनेजर और विभिन्न पद

नौकरी स्थान- हैदराबाद, तेलंगाना

चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा या साक्षात्कार और अनुभव के आधार पर

शैणक्षिक योग्यता- मान्यता प्राप्त संस्थान से मेटालुर्जीकल इंजीनियरिंग में बी.टेक/ बी.ई डिग्री उत्तीर्ण होने के साथ संबंधित क्षेत्रों में 12/ 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।

आवेदन कैसे करें- योग्य और इच्छुक उम्मीदवार इस वेबसाइट के जरिए http://midhani.com/ 03 दिसंबर 2016 तक आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अंतिम तिथि- 03 दिसंबर 2016

नाम न बदलने पर हाई कोर्ट ने CBSE से मांगा जवाब

नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE से यह जवाब मांगा है कि नाम बदल चुकी एक लड़की को नया सर्टिफिकेट क्यों नहीं जारी किया जा रहा, जबकि उसका पासपोर्ट, पैन कार्ड और आधार उसके नए नाम पर जारी किया गया है। लड़की की याचिका पर जस्टिस वी कामेश्वर राव ने एचआरडी मिनिस्ट्री और सीबीएसई को नोटिस जारी करते हुए उनसे 6 जनवरी, 2017 तक जवाब मांगा।

जानकारी के मुताबिक अपनी याचिका में लड़की ने 23 जून के CBSE के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें CBSE ने नए नाम पर 10वीं और 12वीं के नए सर्टिफिकेट जारी करने की ऐप्लिकेशन को खारिज कर दिया था। जून 2015 में CBSE की एग्जाम संबंधी नियमों में किए गए संशोधन को भी उसने चुनौती दी। जिसके बादनेम या सरनेम बदलने पर विचार किया जा सकता है, बशर्ते नाम बदलने के संबंध में दी गई सूचना को कानूनी स्वीकृति मिली हो और उम्मीदवार के नतीजे पब्लिश होने से पहले वह सरकारी रेकॉर्ड में बकायदा दर्ज हो।

वकील सत्य रंजन स्वेन और आकाश वाजपेयी की ओर से दायर याचिका में लड़की ने कहा कि मैं विदेश में आगे पढ़ाई करना चाहती थी और ऐडमिशन के वक्त स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करते समय उसे 10वीं और 12वीं का सर्टिफिकेट जमा कराना था लेकिन इन सर्टिफिकेट में उसके पुराने नाम थे, इसलिए याचिकाकर्ता ने नाम बदलने और परिवर्तित नाम पर नया सर्टिफिकेट जारी करने के लिए सीबीएसई में आवेदन किया था। 

बेरोजगारों के अाए अच्छे दिन, कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड में निकली वैकेंसी, सैलरी 73,000

नई दिल्ली: बहुत सारे लोग अच्छी नौकरी की तलाश में रहते हैं। नौकरी चाहे सरकारी हो या प्राइवेट, लेकिन एक अच्छे सैलरी पैकेज की ख्वाहिश हर किसी को होती है। बता दें कि KMRL ने एक नोटिफिकेशन जारी कर असिसटेंट मैनेजर और डिप्‍टी जनरल मैनेजर पदों पर वैकेंसी निकाली है। इच्छुक उम्मीदवार 25 नवंबर 2016 तक अावेदन कर सकते है।

कुल- 6पद
पोस्ट-
एसिसटेंट मैनेजर
डिप्‍टी जनरल मैनेजर

शैणक्षिक योगता-
एसिसटेंट मैनेजर- संबंधित क्षेत्र में बैचलर डिग्री होनी चाहिए।

डिप्‍टी जनरल मैनेजर- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स इंजीनियरिंग या इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एंड कम्‍युनिकेशन इंजीनियरिंग या इसी के समकक्ष डिग्री मान्‍यता प्राप्‍त विश्‍वविद्यालय या संस्‍थान से बैचलर डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही साथ ही 8 साल का अनुभव भी होना चाहिए।

एेज-
एसिसटेंट मैनेजर-  35 वर्ष 
डिप्‍टी जनरल मैनेजर- 45 वर्ष

सेलेक्‍शन प्रक्रिया- इंटरव्‍यू के आधार पर

कैसे करें अावेदन- ऑफिशियल वेबसाइट www.kochimetro.org पर लॉगइन करें और वहां ऑनलाइन एप्‍लाई करें।

अंतिम तिथि- 25 नवंबर 2016

खुशखबरीः सरकारी विभागों में निकली 6 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती, करें अप्लाई

नई दिल्ली : आज कल सरकारी नौकरी मिलना आसान नहीं है मगर अगर आप नौकरी करने के इच्छुक है तो समय समय पर अलग-अलग विभागों में वैकेंसीयां निकलती रहती है जिनके लिए आप अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते है। बता दें कि मध्यप्रदेश व राजस्थान में अलग-अलग सरकारी विभागों में 6 हजार से ज्यादा पदों पर सरकारी वैकेंसी निकली है। ऑफिसर ग्रेड से लेकर लोअर लेवल तक की पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं। अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से आप इन पदों के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

कहां-
एमपी हाई कोर्ट
कुल- 50 पद
पोस्ट- कुक, प्यून, गार्डनर
एलिजिबिलिटी-  8वीं पास होना चाहिए
एेज - 18 से 37 वर्ष

कैसे करें अप्लाई- एमपी हाई कोर्ट की इस वेबसाइट mphc.mponline.gov.in के तहत 27 नवंबर तक अप्लाई किया जा सकता है।

कहां-
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
पोस्ट- फैकल्टी, ऑफिस असिस्टेंट, अटेंडर आदि
एोज-
फैकल्टी- 65 साल
ऑफिस असिस्टेंट- 35 साल
सब स्टाफ -21 से 35 वर्ष
सैलरी-
फैकल्टी- 12000/- रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। 
ऑफिस असिस्टेंट- 8000/- रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। 
अटेंडर/ सब स्टाफ- 5000/- रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा।
एलिजिबिलिटी- 10वीं/ ग्रेजुएशन डिग्री/ पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।

कैसे करें अप्लाई - बैंक की इस वेबसाइट www.centralbankofindia.co.in के तहत 15 नवंबर तक अप्लाई किया जा सकता है।

कहां-
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
कुल- 610 पद
पोस्ट- असिस्टेंट
एलिजिबिलिटी- कम से कम 50 परसेंट के साथ बैचलर डिग्री होना चाहिए।
सिलेक्शन प्रोसेस- रिटन टेस्ट व इंटरव्यू के आधार पर चयन किया जाएगा
एेज- 20 से 28 वर्ष
सैलरी-14650 रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा।

कैसे करें अप्लाई- रिजर्व बैंक की वेबसाइट  www.rbi.org.in के जरिए 28 नवंबर तक अप्लाई करें।

कहां-
उत्तरप्रदेश सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPSSSC)
पोस्ट- जूनियर लैब असिस्टेंट, हवलदार इंस्ट्रक्टर आदि के 292 पद
एलिजिबिलिटी-
जूनियर लैब असिस्टेंट-  साइंस से हाईस्कूल पास होना चाहिए
हवलदार इंस्ट्रक्टर- 12वीं पास हो
एेज- 18 से 40 वर्ष
सिलेक्शन प्रोसेस- सिलेक्शन रिटन टेस्ट व फिजिकल स्टैंडर्ड्स टेस्ट के आधार पर किया जाएगा।

कैसे करें अप्लाई- कैंडिडेट्स विभाग की इस वेबसाइट upssc.gov.in के तहत 24 नवंबर तक अप्लाई कर सकते हैं।

कहां-
राजस्थान पुलिस
पोस्ट- 233 इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर
एलिजिबिलिटी-
इंस्पेक्टर – टेलीकम्युनिकेशन / इलेक्ट्रॉनिक्स / इलेक्ट्रिकल्स इंजीनियरिंग में बैचलर 
डिग्री या एमएससी फिजिक्स में टेलीकम्यूनिकेशन के साथ किया हो।
सब इंस्पेक्टर- फिजिक्स व मैथ्स के साथ बीएससी किया हो। रेडियो-टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हो।
एेज-
इंस्पेक्टर- 20 से 35 वसालअसिस्टेंट सब इंस्पेक्टर- 20 से 25 साल
सिलेक्शन प्रोसेस- सिलेक्शन रिटन टेस्ट व फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट के आधार पर किया जाएगा।

कैसे करें अप्लाई- कैंडिडेट्स विभाग की वेबसाइट इस www.exampolice.rajasthan.gov.in  के जरिए 21 दिसंबर तक अप्लाई कर सकते हैं।

कुल- 4122 पद
पोस्ट- स्पेशलिस्ट ऑफिसर
पोस्ट डिस्क्रिपशन-
आईटी ऑफिसर - 335 पोस्ट
एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर - 2580 पद
राजभाषा अधिकारी - 65 पद
लॉ ऑफिसर - 115 पद
एचआर / पर्सनल ऑफिसर - 81 पद
मार्केटिंग ऑफिसर- 447 पद
एलिजिबिलिटी-
आईटी ऑफिसर-  कम्प्यूटर / आईटी / टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियिंरग में 4 वर्षीय डिग्री होना चाहिए।
एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर- एग्रीकल्चर / हॉर्टीकल्चर या एग्रीकल्चर से जुड़े अन्य किसी कोर्स में 4 वर्षीय डिग्री हो।
राजभाषा अधिकारी- हिंदी,ख् अंग्रेजी, या संस्कृत में पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री होना चाहिए 
लॉ ऑफिसर – लॉ में ग्रैजुएट होना चाहिए।
एचआर / पर्सनल ऑफिसर – मैनेजमेंट में फुल टाइम डिग्री होना चाहिए। पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा भी मान्य।
मार्केटिंग ऑफिसर-  मार्केटिंग से एमबीए होना चाहिए।
एेज-- 30 वर्ष
अप्लाई करने की अंतिम तिथि- 2 दिसंबर 2016

कैसे करें अप्लाई- आईबीपीएस की इस वेबसाइट http://www.ibps.in के तहत अप्लाई किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए भी वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है। 

सेना में भर्ती की उम्मीद छोड़ चुके युवाओं के लिए राहत भरी खबर

नई दिल्ली: भारतीय सेना में जाने का सपना तो हर कोई देखता है लेकिन सपना किसी किसी का पूरा होता है। अब जल्द पूरा करें अपना सपना क्योंकि भारतीय सेना ने निकाली है। आर्मी ने प्रोफेशनल व अनुभवी उम्मीदवारों के लिए टेक्निकल एंट्री स्कीम के रिक्त 90 पदों पर भर्ती के लिए अावेदन मांगे है।

कुल- 90 पद

पोस्ट- टेक्निकल एंट्री स्कीम

नौकरी स्तान- इंडिया में कहीं भी

एेज-
पहले दिन के रूप में 16 साल के बीच 1/2 और 1/2 19 वर्ष से अधिक उम्र वाले उम्मीदवार

सैलरी - 21000 रुपए ग्रेड वेतन 5400 रुपए प्रतिमाह

शैणक्षिक योग्यता- मान्यता प्राप्त संस्थान से 12 वीं (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित) में कम से कम 70% अंक पारित किया हुआ होना चाहिए। विभिन्न राज्य / केंद्रीय बोर्ड के पीसीएम% की गणना के लिए पात्रता शर्त केवल बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।

चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा के अाधार पर

आवेदन कैसे करें - योग्य और इच्छुक उम्मीदवार, सभी शैक्षणिक, अनुभव प्रमाण पत्रों के साथ व हाल ही की फोटो का सलग्न करके अॉन-लाइन फॉर्म भर कर अतिंम तिथि से पहले अावेदन कर सकते है।

अंतिम तिथि- 08 नवंबर से 07 दिसंबर 2016 से पहले अावेदन कर सकते है।

RBI बैंक ने इस पोस्ट पर निकाली वैकेंसी, अाज ही करें अप्लाई

नई दिल्ली : बैंकों में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए खुशखबरी है। बता दें कि जर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कुल 610 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे है।

कुल- 610 पद

पोस्ट- असिस्टेंट काडर

एेज- 20-28 वर्ष

चयन प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन प्रीलीमिनरी और मेन एग्जाम के आधार पर होगा।

शैक्षणिक योग्यता-  मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में 50 प्रतिशत अंक के साथ बैचलर्स डिग्री होनी चाहिए।

एेसे करें आवेदन-

1. सबसे पहले rbi.org.in पर लॉग-इन करें।

2. होमपेज पर 'Recruitment for the post of Assistant'लिंक पर क्लिक करें।

3. उसके बाद 'Click here for New Registration' पर क्लिक करें।

4. सारी जरूरी जानकारी भरें।

5. फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें।

6. 'Payment' टैब पर क्लिक करें।

7. सबमिट कर दें।

महत्वपूर्ण तिथियां
 
 रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तारीख- 28 नवंबर

एप्लिकेशन प्रिंट करने की अंतिम तिथि-13 दिसंबर
 
ऑनलाइन प्रीलीमिनरी टेस्ट (टेंनटेटिव)- 23, 24 दिसंबर 2016

ऑनलाइन मेन टेस्ट(टेनटेटिव)- जनवरी 2017

अगर बनना चाहते हैं चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट... तो पढ़े

नई दिल्ली : अक्सर ज्यादातर कॉमर्स के स्टूडेंट्स चार्टेड अकाउंटेंट बनने का सपना देखतें हैं। आर्थिक उदारीकरण के चलते इस क्षेत्र में करियर काफी उज्जवल है। कॉर्पोरेट सेक्टर में चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (सीएफए) मांग बहुत बढ़ गई है। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट ऑफ इंडिया (आईसीएफएआई) द्वारा सीएफए कोर्स का संचालन किया जाता है।

यह कोर्स चार भागों में विभक्त है-
फाउंडेशन, प्रिलिम्स,  इंटरमीडिएट, फाइनल

इन कोर्स को 2 वर्षीय डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन सेंटर के जरिए किया जा सकता है। इन कोर्स के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। देशभर में इसके कुल 90 स्टडी सेंटर हैं। इसका नामांकन वर्ष में चार बार जनवरी, अप्रैल, जुलाई व अक्टूबर में होता है। 

न्यू एजुकेशन पॉलिसी के लिए सांसदों की मांग, जाने क्या?

नई दिल्ली : न्यू एजुकेशन पॉलिसी पर में मबर्स ऑफ पार्लियामेंट ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सुझाव दिया है कि क्लास 12 तक शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए। उन्होंने यह सुझाव दिया है कि शिक्षा अब स्किल पर आधारित होनी चाहिए। ऐसा भी सुनने में आ रहा है कि मंत्रालय और संसदीय सदस्यों के साथ मीटिंग रख सकता है। एक इवेंट में मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा, '40 से ज्यादा सांसदों ने नए एजुकेशन पॉलिसी पर अपनी राय रखी है। कुछ सांसदों ने अपने सुझाव लिखित में भी दिए हैं।

जावेडकर ने सांसदों को बताया है कि टीएसआर सुब्रमनियम के नेतृत्व में बने पैनल का ड्राफ्ट फाइनल नहीं है और सरकार न्यू एजुकेशन पॉलिसी को ड्राफ्ट करने के लिए एक अलग कमिटी बनाएगी। जानकारी के मुताबिक कुछ सदस्यों ने अपनी राय पेश की तो कुछ ने स्कूल-कॉलेजों में खाली जगह पर अपनी चिंता व्यक्त की। सूत्रों ने यह भी बताया कि जावेडकर ने भी इस मामले पर अपनी राय जाहिर की और दूसरों के सुझाव को भी लिया। उन्होंने सबको बताया कि ड्राफ्ट अभी तैयार नहीं है और सबके सुझाव को ध्यान में रखा जाएगा। सदस्यों ने स्कूल और कॉलेजों में सुरक्षा के मदेदेनजर सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी मांग की।

अगर आप है 10वीं पास तो ये खबर हैं आपके लिए खास, जरूर पढ़े

नई दिल्ली : अगर आप 10वीं पास हैं तो आपके पास बेहतरीन मौका है रेलवे में नौकरी पाने का। इस नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक जानकारी नीचें दी गई है। आपको बता दें कि नौकरी उत्तर पूर्व रेलवे ने आप जैसे युवाओं के लिए कुल -133 पदों पर वैकेंसी निकाली है। अगर आप चाहे तो इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कुल- 133 पद

एेज- 24 वर्ष

फिटर- 46

वेल्डर (गैस एवं इलेक्ट्रिक) - 21

इलेक्ट्रीशियन - 23

कारपेंटर - 30

पेंटर - 28

मशीनिस्ट - 5

शैणक्षिक योग्यता- मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य।

सेलेक्शन प्रक्रिया - पर्सनल इंटरव्‍यू के आधार पर।

अधिक जानकारी के लिए इस वैबसाइट पर जाए www.ner.indianrailways.gov.in

अंतिम तिथि- 30 नवंबर 2016