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फुलेरावासियों के लिए सिरदर्द बना रेल समपार फाटक

जयपुर टाइम्स
फुलेरा (निसं.)।
रेलवे समपार फाटको के बन्द रहने से लोगो को भारी परेशानीयों का सामना करना पडता है। वहीं दैनिक आवागमन करने वाले मजदूर वर्ग, स्कुल के विद्यार्थीयों को शहर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों तक समय पर पहुंचने में ये समपार फाटक बाधा बनी रहती है।
 गौरतलब है कि फुलेरा कस्बे की बसावट के बीचों बीच से रेल लाइनों के गुजर जाने से कस्बा दों भागों में विभक्त हो रखा है जहाँ एक ओर वार्ड संख्या दो से नो तक है जो रेल लाइन के पश्चिमी छोर पर है जहां लोगो का निवास है व दर्जनों मोहल्ले व आस पास के गांव बसे है,जबकि रेल लाइन के दूसरी ओर सभी सरकारी महकमें है जिनमें राजकिय सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, निजी अस्पताल, पुलिस थाना, रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, नगरपालिका कार्यालय, जलदाय व विद्युत विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजकिय सी.से.स्कुल, राजकिय सी.से.बालिका विद्यालय, निजी शिक्षण संस्थान, तथा रेलवे अस्पताल व केन्द्रीय विद्यालय जेसे सरकारी महकमे स्थित है। परन्तु दुसरी ओर पश्चिमी छोर पर बसे पुराना फुलेरा, श्रीरामनगर, मिश्र कॉलोनी, एल बी एस कॉलोनी, जोशी कॉलोनी, आकाश्या टीबा सहित कई कॉलोनियों के लोगो को रेल समपार फाटक संख्या 1 ए/2इ जो सॉभर रोड स्थित है जबकि अजमेरी गेट नम्बर 1 सी है इन दोनों फाटकों के बन्द रहने से इस ओर के मजदूर,रोजमर्रा के काम से आवागमन करने वाले लोगो के लिए ये समपार फाटक अभिशाप बने हुए है। कई बार तो इन गेटो को बन्द कर दो से तीन गाडियों को निकाला जाता है जिससे लोगो को काफी इन्तजार करना पडता है जिससे कई बार तो लोगो की गाडियां ही निकल जाती है। समय रहते इन समपार फाटकों पर आरओबी (पुलिया) या आरयुबी (जमीनी पुल) बनाये बीना जनता की परेशानी ज्यों की त्यों बनी रहेगी। जबकि लगभग एक वर्ष पूर्व इस रेलवे फाटक पर उपरी पुल बनाने की सहमती भी सरकार से मिल चूकि थी,लेकिन एक वर्ष गुजर जाने के बाद भी किसी भी जनप्रतिनिधी ने इस और ध्यान नहीं दिया जिसके कारण आये दिन उक्त फाटक पर जाम की स्थिती बनी रहती है। 


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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही अच्छे नागरिकों का निर्माण संभव: चिटनीस


जयपुर टाइम्स
कोटपूतली (निसं.)।
राजमार्ग स्थित ग्राम पनियाला के पास दिल्ली पब्लिक वल्र्ड स्कूल में रविवार को लोहड़ी व संक्रान्ति उत्सव का आयोजन बड़े ही धूमधाम के साथ किया गया। इस मौके पर आयोजित पतंग प्रतियोगिता का मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनीस पतंग उड़ाकर उद्घाटन किया।उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन करते हुए शैक्षणिक माहौल की सराहना की। चिटनीस ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही अच्छे नागरिकों का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में पहुंचे कोटा सांसद व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि जब तक बच्चों को उचित मंच नहीं मिलेगा।उनकी प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आ सकती। भाजपा दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि किसी भी अच्छे उद्देश्य की बिना जीवन में बेहतर मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता। इस मौके पर बिड़ला व तिवारी ने विधालय परिसर का अवलोकन करते हुए पौधरोपण भी किया।विद्यालय की प्राचार्या सुनीता शर्मा ने गुलदस्ता भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया।स्वागत भाषण पढ़ते हुए भाजपा दिल्ली प्रदेश कोषाध्यक्ष व विद्यालय के निदेशक सीए विष्णु मित्तल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप जिस भी क्षेत्र में जाना चाहतें हैं। उसकी तैयारी बहुत पहले से करनी होती है। मित्तल ने बालकों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही।प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 30 से अधिक बच्चों को पुरुस्कृत भी किया गया।इस दौरान दिल्ली भाजपा के पदाधिकारि सत्यभूषण जैन, दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन, वरिष्ठ आईएएस विष्णु दरबारी, आईआरएस डॉ. शिखा, गृहमंत्री ओएसडी मुकुंद बिहारी, गोपी शर्मा, अमित मिश्रा, राखी मिश्रा, अमिता वशिष्ठ, मुक्ता सिंघवी समेत बड़ी संख्या में विद्यालय स्टॉफ, अभिभावक व विद्यार्थी मौजूद थे।


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अलवर के युवक की स्वाइन फ्लू से मौत


जयपुर टाइम्स
अलवर (विसं.)।
राजस्थान के अलवर के एक युवक की स्वाइन फ्लू से आज मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार अलवर में स्कीम नम्बर दो कॉलोनी निवासी पूर्व मंत्री हरिसिंह के पुत्र भूपेन्द्र यादव (43) की हरियाणा में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मृत्यु हो गई। भूपेन्द्र को चार दिन पहले अलवर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसे मेदांता अस्पताल भेज दिया गया था। भूपेन्द्र की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद चिकित्सा विभाग ने मेडिकल टीमें बनाकर कॉलोनी में भेजी है और आसपास के लोगों को टेमी फ्लू की गोलियां वितरित की गई। अलवर जिले में स्वाइन फ्लू के मद्देनजर तीन टीमों का गठन किया हुआ है और ये टीमें स्कूलों में खांसी जुकाम के लक्षण वाले बच्चों को टेमीफ्लू की गोलियां दे रही है। इसके बाद जरुरत पडऩे पर घर-घर जाकर सर्वे भी किया जायेगा।


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सांस्कृतिक एवं जीवन्त केमल फेस्टिवल कल से बीकानेर में

जयपुर। दो दिवसीय कैमल फेस्टिवल का आयोजन कल 13 जनवरी से बीकानरे में आयोजित किया जा रहा है। इस फेस्टिवल के दौरान ऊंटों की दौड, ऊंटनी दूहना, इसके केशों की आकर्षक कटाई के साथ ही अन्य आमोद-प्रमोद के आयोजन भी होंगे। इसका आयोजन राजस्थान सरकार का पर्यटन विभाग कर रहा है।
बीकानेर में कैमल फेस्टिवल एक वार्षिक मेला है जो कि इस रेगिस्तानी जहाज को समर्पित है। इस दौरान ऊंटों को रंगबिरंगी पोशाक पहनाने के साथ ही उनसे विभिन्न प्रकार की मनोहरी गतिविधियां करवाई जाती है। इस फेस्टिवल में यादगार वस्तुओं की खरीदारी, विशेष व्यंजन एवं फोटोग्राफी के अच्छे अवसर मिलते हैं। दूसरी तरफ इस फेस्टिवल के दौरान अन्य मनोरंजनों में लोक नृत्य, फायर डांसर्स तथा चिताकर्षक आतिशबाजी होती है जिसे इस मरूप्रदेश का आसमान जगमगा उठेगा। 
फेस्टिवल के पहले दिन (13 जनवरी) को पर्यटकों के लिए ऊंट की सवारी एवं कैमल सफारीज का आयोजन ग्राम रायसर (बीकानेर शहर और बीकानेर जयपुर हाइवे पर 15 किलोमीटर दूर) सुबह 8 बजे होगा। इसके बाद जूनागढ से डाॅ. करणीसिंह स्टेडियम तक रंगबिरंगे ऊंटों की शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा स्टेडियम पर ही इस फेस्टिवल का उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह के दौरान बैगपाइपर आर्मी बैंण्ड का आकर्षक प्रदर्शन होगा। इस अवसर विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे ऊंटों की सजावट, ऊंटों की ऊंन की आकर्षक डिजाइन में कटाई, ऊंट नृत्य, मिस मरवन एवं मिस्टर बीकाणा के आयोजन भी होंगे। इस दिन का समापन राजस्थानी कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ होगा।
समापन दिवस यानी 14 जनवरी की शुरूआत रामपुरा हवेली से बीकाजी की टेकरी तक हेरिटेज वाॅक सुबह 9.30 बजे होगी। डाॅ. करणीसिंह स्टेडियम पर आगंतुक विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं जैसे रस्साकशी, ग्रामीण कुश्ती, साफा बंधाई (विदेशी पर्यटकों के लिए), ऊंटनी का दूध निकालने सहित अन्य आयोजन होंगे। इस मौके पर कबड्डी का एक प्रदर्शन मैच भी होगा। दोहपर बाद मटकी दौड़ और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता होगी जिसमें महिलाएं भी भाग ले सकेंगी। इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह एवं राजस्थानी कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। दर्शक इस मौके पर अग्नि नृत्य की प्रस्तुति देख कर सम्मोहित हो जाएंगे। फेस्टिवल के समापन के बाद आकर्षक आतिशबाजी होगी।