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फिल्म 'जग्गा जासूस' की अभिनेत्री बिदिशा बेजबरुआ ने की खुदकुशी

नई दिल्ली


इसी माह रिलीज हुई रणबीर कपूर की चर्चित फिल्म 'जग्गा जासूस' की अभिनेत्री बिदिशा बेजबरुआ ने कथित तौर सोमवार को खुदकुशी कर ली। असम की रहने वाली तीस वर्षीय अभिनेत्री बिदिशा एक सिंगर भी थी। गुरुग्राम (गुड़गांव) के पॉश क्षेत्र सुशांत लोक में उनके आवास पर आपत्तिजनक अवस्था में शव मिला।

यह जानकारी पुलिस ने मंगलवार को उजागर की हैं। पुलिस ने कहा कि अभिनेत्री असम की म बताया कि असम की मूल निवासी थी। वह जानी-मानी टीवी सीरियल एक्टर थी, और उन्होंने कई टीवी शो भी किए। वह कुछ समय पहले ही मुंबई से गुरुग्राम आई थीं।


पुलिस उपायुक्त दीपक सहारन ने बताया अभिनेत्री बेजबरुआ ने हाल ही में यह घर किराये पर लिया था और आवास केे ही कमरे में एक पंखे से लटकी हुई पाई गईं। पुलिस अभिनेत्री के परिजनों को सूचित करने का प्रयास कर रही हैं। सहारन ने बताया शायद बिदीशा के पिता को पहले ही अनहोनी की आशंका हो गई थी क्योंकि अभिनेत्री ने सोमवार शाम से ही पिता का फोन नहीं उठा रही थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने मुख्य द्वार को अंदर से बंद पाया। पुलिस अंदर गई तो उसे पंखे से लटका हुआ पाया और वह मृत अवस्था में थी।


पुलिस ने बताया कि अभिनेत्री के पिता ने शिकायत में कहा कि बेजबरुआ ने लव मैरिज किया था लेकिन पति और उसके बीच हमेशा झगड़े होते रहते थे। मृतका के मोबाइल फोन, फेसबुक और सोशल वेबसाइट से जानकारी जुटा जा रही हैं। और कहा कि इसकी कड़ी जांच की जा रही हैं और उसके पति का बयान भी लिया जायेगा। शव के पास से पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला हैं।
 

भारत को चीनी मीडिया की तरफ से धमकी कहा किसी भी तरह के टकराव के लिए तैयार रहे भारत

जयपुर

सिक्किम इलाके में भारत-चीन के बीच सीमा विवाद का मुद्दे पर टकराव कम होने का नाम ही नहीं ले रही है और उसे भड़काने का काम चीन देश का सरकारी मीडिया कर रहा है। चीन की सरकार का मुखपत्र कहे जाने वाले 'ग्लोबल टाइम्स' ने धमकी भरे लहजे में लिखा है कि चीन टकराव के लिए तैयार है और डोकलाम के मुद्दे चीन युद्ध के लिए जाने से भी पीछे नहीं हटेगा अगर ऐसा हुआ तो भारत को यह टकराव अपने सिर पर लेना पड़ सकता है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने भारत पर आरोप जताते हुए यह भी कहा है कि 16 जून को भारतीय सेना ने सिक्किम सेक्‍टर में सीमा पार करते हुए चीनी क्षेत्र में प्रवेश किया। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, 'भारत की यह कार्रवाई प्रत्यक्ष तौर पर चीनी संप्रभुता पर अतिक्रमण है।  चीन को डोकलाम में बिना किसी झिझक के साथ अपने निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने सैनिकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी करनी चाहिए। चीन को आगे बढ़कर लाइन ऑफ कंट्रोल (एलएसी) पर टकराव का मुकाबला करना चाहिए, भारत अगर कई जगहों से मुश्किलों का सामना कर रहा है तो उसे एलएसी पर भी टकराव का सामना करना होगा। चीन एक संप्रभु देश है और वह भारत के साथ किसी भी तरह के टकराव होने से नहीं डरता है और न ही किसी भी तरह के युद्ध से डरता है और खुद को इसके लिए तैयार करता है।'

भारत को चीनी मीडिया की तरफ से धमकी कहा किसी भी तरह के टकराव के लिए तैयार रहे भारत

जयपुर

सिक्किम इलाके में भारत-चीन के बीच सीमा विवाद का मुद्दे पर टकराव कम होने का नाम ही नहीं ले रही है और उसे भड़काने का काम चीन देश का सरकारी मीडिया कर रहा है। चीन की सरकार का मुखपत्र कहे जाने वाले 'ग्लोबल टाइम्स' ने धमकी भरे लहजे में लिखा है कि चीन टकराव के लिए तैयार है और डोकलाम के मुद्दे चीन युद्ध के लिए जाने से भी पीछे नहीं हटेगा अगर ऐसा हुआ तो भारत को यह टकराव अपने सिर पर लेना पड़ सकता है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने भारत पर आरोप जताते हुए यह भी कहा है कि 16 जून को भारतीय सेना ने सिक्किम सेक्‍टर में सीमा पार करते हुए चीनी क्षेत्र में प्रवेश किया। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, 'भारत की यह कार्रवाई प्रत्यक्ष तौर पर चीनी संप्रभुता पर अतिक्रमण है।  चीन को डोकलाम में बिना किसी झिझक के साथ अपने निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने सैनिकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी करनी चाहिए। चीन को आगे बढ़कर लाइन ऑफ कंट्रोल (एलएसी) पर टकराव का मुकाबला करना चाहिए, भारत अगर कई जगहों से मुश्किलों का सामना कर रहा है तो उसे एलएसी पर भी टकराव का सामना करना होगा। चीन एक संप्रभु देश है और वह भारत के साथ किसी भी तरह के टकराव होने से नहीं डरता है और न ही किसी भी तरह के युद्ध से डरता है और खुद को इसके लिए तैयार करता है।'

मोदी-ट्रंप की मुलाकात का असर दिखा, पाकिस्तान को पैसा देने पर अमेरिका ने लगाई कुछ शर्तें

जयपुर

आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बनी रजामंदी और बढ़ी दोस्ती का फायदा दिखने लगा है। अमेरिका में शुक्रवार को पारित नेशनल डिफेंस ऑथोराइज़ेशन एक्ट 2017 में पाकिस्तान पर अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक और सैनिक मदद के लिए जवाबदेही की अधिक सख्त बंदिशें लगा दी गई हैं।

अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेन्टेटिव में पारित नए विधेयक के अनुसार, पाकिस्तान को अब ये प्रमाणित करना होगा कि वो अमेरिकी आतंकी सूची में नामित किसी भी व्यक्ति या संगठन को पाकिस्तान या अफ़ग़ानिस्तान में कोई मदद नहीं दे रहा है। साथ ही एक्ट में यह प्रावधान भी जोड़ा गया है कि अगर अमेरिकी रक्षा सचिव ऐसा प्रमाणित नहीं कर पाते तो पाकिस्तान को हासिल हो रही रिइमबर्समेन्ट फंडिंग रोक दी जायेगी।

नए संशोधनों का सबसे अहम पहलू यह है कि अब तक पाकिस्तान को अमेरिकी आतंकी सूची में मौज़ूद लश्कर-ए-तयैबा, जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों और हाफ़िज़ सईद, मसूद अजहर, सैय्यद सलाहुद्दीन जैसे आतंकवादियों को मदद पर भी अमेरिका के आगे अपना दामन बेदाग साबित करना होगा। पहले इस तरह के प्रमाणन की ज़रूरत केवल और केवल हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान से हासिल होने वाली किसी मदद के संदर्भ में ही थी।

आतंकवादियों की सहायता का शक


अमेरिका की सैन्य तैयारियों और साझेदरी पर जारी होने वाले नये अधिनियम में पाकिस्तान की जवाबदेही मुकम्मल करने वाले संशोधन सांसद टेड पो ने जुड़वाए। अपने संशोधनों के पारित हो जाने पर खुशी जताते हुए पो ने कहा, इससे सुनिश्चित होगा की इस्लामाबाद को यूएस डॉलर देने से पहले पेंटागन को आकलन करना होगा कि पाकिस्तान आतंकियों की सहायता तो नहीं कर रहा है।

पाक को दोमुंहा बताते हुए पो ने बताया कि पाक अमेरिका के हितों और अफ़ग़ानिस्तान में शांति कायम करने की अमेरिकी कोशिशों को लक्ष्य बनाने वाले अनेक आतंकी गुटों की सहायता करता है। नए संशोधनों से अमेरिका के खिलाफ पाकिस्तानी दग़ाबाज़ी खत्म करने में मदद मिलेगी। अमेरिकी कांग्रेस की आतंकवाद संबंधी हाउस सब कमेटी के प्रमुख टेड पो इससे पहले पाकिस्तान को आतंकी मुल्क घोषित करने की मांग भी कर चुके हैं।

ध्यान रहे कि पीएम नरेंद्र मोदी 26-27 जून को अमेरिका के दौरे पर गए थे जहां उनकी शिखरवार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद मीडिया के सामने दिए बयानों में और साझा वक्तव्य में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ साथ मिलकर लड़ने का संकल्प जताया था। इतना ही नहीं पीएम नमो के दौरे में अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सय्यद सलाहुद्दीन को स्पेशल डेज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था।

बीस करोड़ की हेरोइन को पंजाब ले जाते दो तस्करों को पकड़ा

जम्मू 

एक बार फिर पुलिस ने आतंकवादीयों के इरादों पर पानी फैर दिया। पुलिस ने पाकिस्तान से 
बीस करोड़ की हेरोइन लेेकर आये तस्करों को पकड़ लिया गया हैं। एसओजी से मिली सूचना के आधार पर नगरोटा पुलिस ने पाकिस्तान से आई बीस करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की हैं। तस्करी करने और आतंकीयों का साथ देने के कारण दो कश्मीरी तस्करों को दबोचा हैं तस्कर कश्मीर के केरन सेक्टर से सारें माल को एक कार में लादकर पंजाब के अमृतसर पहुंचाने वाले थे।

तस्करों से कड़ी पुछताछ ​करने पर उन्होंने अपनी पहचान निसार अहमद भट्ट निवासी पट्टन बारामूला तथा पीरजादा मोमिन निवासी हंदवाड़ा के रूप में बताई हैं। पुलिस ऐसे तस्करों के पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए जम्मू पुलिस ने कश्मीर तथा पंजाब पुलिस को इस बारे में सूचना दे दी हैं।


इस मामले में आइजीपी एसडी सिंह ने बताया कि हेरोइन तस्करी की सूचना के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने टोल के पास एसपी एसओजी विनय शर्मा तथा एसपी रूरल अरुण कई जवानों के साथ चैकिंग शुरू कर दी। जवानों ने एक कार जिसके नंबर 
जेके01एसी-8515 को जांच के लिए रोका और कार में तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस ने संदेह जताते हुए फिर से कार की डिक्की को चेक किया तो उसके फाइबर कवर के अंदर एक-एक किलो के पंद्रह पैकेट मादक पदार्थ मिले। पुलिस ने कार सवार दोनो लोगों को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ नगरोटा थाने में मामले को दर्ज कर लिया गया हैं।

पाकिस्तान के पीएम ने सत्ता छोड़ी तो ये होंगे अगले पीएम

नई दिल्‍ली

पाकिस्‍तान में इस वक्‍त पनामा पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के राजनीति करियर की धज्जियां उड़ रही हैं। जानकारी के अनुसार पीएम नवाज शरीफ इस दलदल में फंसने से डर रहे हैं। उन्हे पनामा मामले में गलत साबित होने का खतरा लग रहा हैं। पनामा केस की जांच जेआईटी कर रही हैं।जेआईटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कर दी हैं। सूनने में आया हैं कि इस मामले में कोर्ट कभी भी अपना फैसला सुना सकता हैं। 


जानकारी क मुताबिक शरीफ को इस मामले में दौषी पाने पर उनसे पीएम की कुर्सी छिन सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो सत्ता उनके भाई शाहबाज शरीफ को सौंपी जा सकती हैं। 


नवाज शरीफ की राजनीतिक पार्टी पीएमएल ने मसले को एक साजिश करार दिया हैं पूरे देश में इसका प्रचार करने के ​लिए कहा हैं। पार्टी के कुछ सदस्यों का कहना ​है कि जेआईटी के साथ मिलकर विपक्षी नवाज शरीफ को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। 

सत्ता की उत्तराधिकारी कही जाने वाली नवाज की बेटी मरियम शरीफ भी पनामा मामले की दोषी बतायी जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मरियम ने विदेशी संपत्ति और स्वयं की कंपनी की जानकारी छिपाई थी।

एप आधारित कैब बुकिंग को अब दुसरे लोगों के साथ शेयर नही कर सकेंगे आप

नई दिल्ली

मोबाइल फोन के एप से कैब बुक करना अब मंहगा हो गया हैं। आॅनलाईन कैब सुविधा देने वाली कंपनीयों ने नई प्रणाली जारी कर दी हैं। पहले तो एप से गाड़ी बुक करके राइड शेयर कर कुछ लोग पैसा बचा लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि एप आधारित कैब सर्विस देने वाली कंपनी अब अपने ग्राहकों को राइड शेयर करने की सुविधा नहीं दे पाएंगे। कैब कंपनीयों के इस फैसले का कारण दिल्ली सरकार का ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट सिटी टैक्सी स्किम 2017 के अंतर्गत राइड शेयरिंग सर्विसेज को गैरकानूनी मानकर बैन करने से लिया गया हैं।

गौरतलब है कि कैब राइड शेयरिंग करना शहर में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। लेकिन अब नए कानून के तहत टैक्सी ड्राइवर केवल यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह तक ही छोड़ सकते हैं। उनको इस नियम के मुताबिक बीच रास्ते में किसी अन्य यात्री को पिक करने या ड्रॉप करने की इजाजत नहीं होगी।


फिलहाल इस ड्राफ्ट ने अभी केवल अंतिम रूप लिया हैं। लेकिन यह लागू होने पर ट्रांसपोर्ट विभाग का मानना हैं कि इसमें राइड शेयरिंग को परमिशन नहीं मिलेगी। इससे एप आधारित कैब सर्विसेज के ऑपरेशंस को नियंत्रित करने की योजना हैं।
 

पनामा केस मामले में पेश होगी नवाज शरीफ की बेटी मरियन नवाज


इस्‍लामाबाद


पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी पनामा केस मामले में आज कोर्ट में पेश होगी। जेआइटी ने मरियम को 5 जुलाई के पहले पेश होने के लिए कहा था। मरियम ने पेश होने के लिए मंगलवार को रात को ट्वीट कर बताया था।

मरियम ने ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के तीस वर्ष के राजनीतिक करियर में कई बार ऐसे दौरों से गुजर चुके हैं और वर्तमान में भी ऐसे दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पीएम की आंखों में स्‍पष्‍ट रूप से बैटी की चिंता नजर आ रही हैं। मरियम ने कहा कि 'मैं आपकी बेटी हूं' आपने 
हमेशा मुझे सिखाया है इसलिए न तो झुकेंगे, न ही दबाव में आएंगे और अपराध के खिलाफ के लड़ेंगे। मैं जेआइटी के पास पेशी दूंगी और कानून के नियमों का पालन करूंगी 


मंगलवार को पीएम नवाज के के बड़े बेटे हुसैन नवाज जेआइटी के पास पेश हुए। हुसैन करीब छह बार पेशी पर जा चुके हैं, और वहीं छोटे बेटे हसन नवाज ने सोमवार को जेआइटी के पास पेशी पर गये। वित्‍त मंत्री इशाक डार जो प्रधानमंत्री नवाज के छोटी बेटी के ससुर हैं, वे भी सोमवार को पनामा मामले में पेश हुए।


पनामा पेपर मामले में 20 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक टीम गठित की और चोरी के मामले में जांच के लिये जेआइटी को प्रधानमंत्री समेत उनके बेटों, बेटियों को जरूरत पड़ने पर तलब करने का अधिकार दिया था। पनामा पेपर के अनुसार कर चोरी के जरिये लंदन के रिहाइशी पार्क लाईन क्षेत्र मेें चार अपार्टमेंट खरीदे गये थे।

इजराइल के प्रधानमंत्री नेतयाहू से ये तोहफा लेकर गदगद हुए पीएम मोदी

नई दिल्ली।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इजराइली यात्रा के दौरान एक खास तोहफा पाया है। यहां येरुशलम में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कई दशकों पहले केरल से ले जाए गए ऐतिहासिक अवशेषों के दो सेट मोदी भेंट किए हैं। बताया जाता है कि ये सेट हमारे देश में यहूदी धर्म के काफी लंबे इतिहास से जुड़े अवशेष हैं। 

पीएमओ की ओर से ट्वीट में बताया गया है कि इस भेंट में तांबे की प्लेटों के दो सेट थे। ऐसा कहा जाता है कि इन्हें 9वीं या 10वीं सदी में लिखा गया था। तांबे की प्लेटों का यह सेट भारत के कोचीन में यहूदियों की निशानी है। कहा जाता है कि इसमे हिंदू राजा चेरामन पेरूमल की ओर से यहूदी लीडर जोसेफ रब्बन को अनुवांशिक आधार पर दिए गए अधिकारों का वर्णन है। यहूदियों के पारंपरिक दस्तावेजों के मुताबिक बाद में जोसेफ को शिंगली का राजकुमार बनाया गया था।

शिंगली वह महत्वपूर्ण स्थान है जो कोदन्गुल्लूर के समकक्ष माना जाता है। यह वह स्थान है, जहां पर यहूदी धर्म को मानने वाले सदियों तक अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वतंत्रता का आनंद लेते रहे थे। बाद में वे कोचीन और मालाबार के दूसरे स्थानों पर चले गए। इजराइल के पीएम की ओर से भेंट इन प्लेटों के प्रतिरूप कोच्चि के परदेसी सिनगॉग के सहयोग से हासिल किए गए हैं। तांबे की प्लेटों का यह दूसरा सेट भारत और यहूदियों के व्यापार के स्वर्णिम इतिहास का प्राचीन दस्तावेज है।

कहा जाता है कि ये प्लेट्स यहां के हिन्दू शासक द्वारा चर्च को दी गई जमीन और टैक्स संबंधी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताती हैं। इसके अलावा कोल्लम से पश्चिमी एशिया तक होने वाले व्यापारिक और भारत के व्यापार संगठनों का वर्णन करती हैं। 

भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती का इतना असर की अमेरीका के 53 एयरपोर्ट पर नहीं होगी भारतीयों की जांच

जयपुर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी ही अमेरिका दौरे पर गए थे, वहां उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका की मजबूत दोस्ती का वादा किया था। अब इसका दोस्ती का असर भी दिखना शुरू हो गया है, अमेरिका में भारतीयों को ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम में जगह दे दी गई है, अब भारतीयों को भी अमेरिका में प्री-अप्रूवल, लो-रिस्क यात्री का दर्जा मिलेगा। अमेरिका में भारतीय एंबेसडर नवतेज सरना इसका हिस्सा होने वाले पहले भारतीय नागरिक बने।

भारत अब अमेरिका की इस लिस्ट में शामिल होने वाला 11वां देश हो गया है, यह कस्टम-बॉर्डर प्रोटेक्शन की पहल से हुआ है। अब अमेरिका के कुछ ही चुनिंदा एयरपोर्टों पर भारतीयों को भी प्री-अप्रूवल के बाद सीधे तौर पर एंट्री मिलेगी, उन्हें कस्टम ऑफिसर्स के सवालों का सामना नहीं करना पड़गा। इसके लिए पहले लोगों को अपने फिंगरप्रिंट्स, पासपोर्ट और अन्य कुछ कागजात देने होंगे जिससे वे ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के हिस्सा बनेंगे।

कस्टम-बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की वेबसाइट के अनुसार, भारतीयों को भी अब हमारे भरोसेमंद यात्री बन गए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्लोबल एंट्री के अनुसार अमेरिका में पूरे 53 एयरपोर्ट हैं और 15 प्री-अप्रूवल लोकेशन हैं। भारत के अलावा यह सुविधा अर्जेंटीना, कोलंबिया, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड, पनामा, सिंगापुर, स्विजरलैंड जैसे अनेक देशों को भी मिल रही है।

चीन से तनाव के चलते भारत के समुद्री क्षेत्र में दिखी चीनी की पनडुब्बी


नई दिल्ली

भारत और चीन के मध्य सिक्किम सीमा क्षेत्र के डोका ला में 
तनाव जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक भारत के समुद्री क्षेत्र में चीनी पनडुब्बियां देखी गई हैं। चीन बीते वर्ष से ही एंटी पाइरेसी ऑपेरशन के नाम को लेकर ऐसा कर रहा हैं। सुरक्षाबलों का मानना हैं कि चीन धीरे—धीरे भारत को घेर रहा हैं, हिन्द महासागर में चीन की का कब्जा हमारे लिए चिंता का विषय हैं। चीन अपने आॅपरेशन के माध्यम से पाकिस्तान के ग्वादर, श्रीलंका के हम्बनटोटा, अफ्रीका का जगोती, म्यांमार और बांग्लादेश में अपने पांव फैला रहा हैं।

सूत्रों ने बताया कि चीन के द्वारा छोड़ी गई यह सातंवी पारंपरिक डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बी हैं। चीन की एक पनडुब्बी को हाल में भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश करते देखा गया। भारतीय नौसेना ने चीन और से समुद्री क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने को लेकर नई दिल्ली 
तक सूचना पहूंचा दी गयी हैं।


जानकारी के अनुसार भारतीय सैटेलाइट्स और सर्तक नौसेना ने करीब 14 चीनी नौसेना पोतों को भारतीय समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करते देखा गया। वर्ष 2016 में चीन ने हान कैटेगरी के परमाणु पनडुब्बी और एक पारंपरिक पनडुब्बी को भारतीय सीमा के पास वाले इलाकों में तैनात किया था। ये दोनों चीनी पनडुब्बीया लगभग छह माह तक समुद्री सीमा के आसपास जासूसी करते रहे।

बताया जा रहा कि ये पोत भारतीय समुद्री क्षेत्र इसलिए भेजे जा रहे हैं क्योकि 7 जुलाई को भारत-अमेरिका-जापान के बीच वार्षिक नौसैनिक अभ्यास की जासूसी करें। 
 

श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में से आठ प्राचीन हीरें चोरी

केरल

भगवान के मंदिर में लोग अपनी आस्था और भक्ति की भेंट चढ़ाने जाते हैं। भारत के प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में केरल का श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर हैं। दरअसल, भगवान पद्मनाभस्वामी की मूर्ति के मस्तक पर लगे आठ प्राचीन हीरे गायब हो गयें हैं।

जानकारी के अनुसार एक सरकारी वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मंदिर में भगवान पद्मनाभस्वामी की मूर्ति पर ​तिलक के रूप में काम आने वाले आठ प्राचीनतम् हीरे 
गायब हो गये हैं।

मंदिर से मिली जानकारी के मुुताबिक मूर्ति के तिलक में काम आने वाले हीरों को गर्भगृह में स्थित तिजोरियों में रखा जाता था। मंदिर समि​ति के जांच करने के दौरान इस घटना का पता चला था। सुब्रमण्यम ने कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुसार इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दिया हैं।

पाक अधिकृत कश्मीर में खुलेआम फंड जुटा रहा हैं आतंकी हाफिज सईद

रावलकोट।


भारत और अमेरिका के दबाव में आकर पाक सिर्फ दिखावें के लिए आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के कमांडर हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हैं। लेकिन संगठन के लोग पाक के अधिकृत कश्मीर में खुलेआम फंड के लिए डोनेशन कैंप चला रखा हैं। पाकिस्तान ने हाफिज को हिरासत में ले रखा हैं। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन की शाखा फलह-ए-इंसानियत ने यह कैंप लगाया हैं।


कैंप में जो पोस्टर लगे हुए थे उनमें हाफिज सईद की तस्वीरें थीं और बैनर पर लिखा था कि पीड़ित कश्मीरियों को आपकी मदद की तलाश हैं। कुछ बैनरों पर हाफिज सईद के अलावा सैयद अली शाह गिलानी, आसिया अंद्राबी जैसे कश्मीरी अलगाववादियों की भी तस्वीरें हैं। ऐसा मामला कई दफा सामने आ चुका हैं। जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत दोनों ही संगठन पाकिस्तान की समय सारणी में शामिल हैं। इस वर्ष ही जनवरी में पंजाब की प्रांतीय सरकार ने हाफिज सईद और उसके 4 साथियों को शांति और सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए गिरफ्तार किया था।

2008 के मुंबई हमलें के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद की  भारत और अमेरिका को तलाश हैं। मुंबई हमले में लगभग 166 लोगों की मौत हुई थी। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने हाफिज पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी करीब 66 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा हैं।

आतंकी सलाहुद्दीन ने कहा: मैं भारत में कही भी हमला करवा सकता हूं

नई दिल्ली


अमेरिका द्वारा आतंकी घोषित होने के बाद हिज्बुल मुजाहिद्दीन सरगना सैय्यद सलाहुद्दीन ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल को एक साक्षात्कार में कहा कि उसने भारत में कई बार आतंकी हमलें कराए हैं, और कहा कि मैं वर्तमान में भी हिंदुस्तान के किसी भी शहर या राज्य में हमला करा सकता हूं।

सलाहुद्दीन के मुताबिक अमेरिका के प्रतिबंध से आतंकी संगठन से कोई फर्क नही पड़ेगा। मैं आज भी इंटरनेशनल बाजार से हथियार खरीद सकता हूं। उन्होने यह भी कबूला कि पाकिस्तान से हिज्बुल मुजाहिद्दीन को सहायता के रूप में रुपये और आत्मघाती सामग्री मिलती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे पर आने से पहले अमेरिका ने सलाहुद्दीन को अंतर्रराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया था।


सूत्रों के अनुसार आतंकी सलाउद्दीन पर अमेरिका द्वारा लगे प्रतिबंध के कारण संकट में हैं। उन्होंने कहा​ कि हमारा संघर्ष कश्मीर को आजादी दिलाना हैं, और यह कोशिशे जारी रहेगी। आतंकी ने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं, हम सिर्फ भारत से आजादी चाहते हैं। उसने कहा अमेरिका कमजोर होने के कारण कोई मिसाल नही दे सकता, जिससे पता लगता हैं कि मैं और दूसरे कश्मीरी लड़ाकों ने आतंकवाद की किसी वारदात को अंजाम दिया हैं।


सलाहुद्दीन कभी पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में रहता है तो कभी पाकिस्तान में। इसी का फायदा उठाकर वह जम्मू और कश्मीर के युवाओं में आतंक की आग भड़काता रहता हैं। वो हिंदुस्तान के खिलाफ जहर उगलता हैं। जानकारी के मुताबिक आतंकी का पुरा परिवार भारत में ही रहता हैं और उसके बच्चे नौकरी कर र​हे हैं।

अमेरिका की चाहत: उत्तर कोरिया मामले पर कुछ विशेष करें चीन

 

नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया के लगातार परमाणु परीक्षण के विषय में व्हाइट हाउस का कहना है कि कोरिया परमाणु व मिसाइल परीक्षण करके लगातार इंटरनेशनल रुलस को नहीं मान रहा है। इसके साथ ही चीन भी इस मामले में आवश्यक कार्य नहीं कर रहा है।

जानकारी के अनुसार अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच आर मैकमास्टर का कहना है कि हमें नहीं लगता कि चीन के द्वारा आवश्यक कार्य नहीं कर रहा है। ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि यह परेशानी हल होने के बजाय बढ़ती जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या इस परेशानी को खत्म करने लिए हमें एक साथ मिल कितना कुछ करना चाहिए। हम इस विषय में चीन से बिना कोई दबाव बनाए बातचीत करते रहेंगे।
 

बुजुर्ग औरत ने हवाई जहाज के इंजन में ड़ाले पैसे, कारण सुन रह जाएंगे दंग

जयपुर

 चीन में एक वहमी बुजुर्ग औरत की वजह से शंघाई से उड़ान भरने वाली एक हवाई जहाज कई घंटों के लिए लेट हो गई। दरअसल कहानी यह है कि 80 वर्ष कि बुढ़ी औरत ने अपनी यात्रा को शुभ बनाने के लिए हवाई जहाज के इंजन में खुब सारे पैसे फेंक दिए। यह घटना शंघाई पुडॉन्‍ग इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है।

बुजु्र्ग औरत को तुरंत पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसकी इस हरकत के कारण से फ्लाइट में बठे करीबन 150 यात्रियों को बाहर निकालना पड़ा।

हवाई अड्ड़े की पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग महिला जब विमान में जा रही थी, तभी चाइना सदर्न एयरलाइंस फ्लाइट CZ380 के इंजन में ​करीबन 9 सिक्‍के फेंके। हालांकि इन 9 सिक्को में से केवल आठ सिक्‍के इंजन तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन एक भीतर चला गया। एक यात्री ने औरत को ऐसा करते हुए देखकर अधिकारियों को इस बारे में तुरन्त सूचना दि।

बता दें कि बुजुर्ग महिला अपने पति, बेटी और दामाद के साथ थी, जिन्होनें बताया कि सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हुए उसने ऐसा किया।
 

भारत के प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के दौरान डोनाल्ड़ ट्रंप की पत्नी ने पहनी थी इतनी महंगी ड्रेस,सुनोगे तो उड़ जायेगें आपके तोते 

नई दिल्ली

अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ​कुछ दिनों पहले जनवरी में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी की प्रथम अमेरिका दौरा है। मोदी के स्वागत में अमरीकन राष्ट्रपति डोनाल्ड़ ट्रंप और उनकी धर्म पत्नी मेलानिया ने व्हाइट हाउस के साउथ पोटर्किो तक आ कर मोदी का जोरदार स्वागत किया था। 

राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने तन—मन के साथ मोदी का स्वागत किया और व्हाइट हाउस के अन्दर जाने से पहले एक दूसरे से पहले खुब परिचय और बातचीत की। ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने इस मौके पर अपनी एक पीचर भी अपने ट्विटर अकाउंट पर सेयर की है। आपको बता दें कि उनकी पत्नी मेलानिया की ड्रेस की जो कीमत है उस कीमत को सुनकर आपके तोते उड़ जायेगे, आपको बता देें कि उनकी ड्रेस कि कीमत $2,160 है।


 

कतर को लेकर अरब देशों में तनातनी, क्या होगा लाखों भारतीय कामगारों का

कतर को लेकर अरब देशों में तनातनी, क्या होगा लाखों भारतीय कामगारों का
नई दिल्ली (एजेंसी) । अंतरराष्ट्रीय संबंध कभी भी एक जैसे नहीं रहते। तात्कालिक और दीर्घकालीन जरूरतों के मुताबिक देश आपसी रिश्तों को तवज्जों देते हैं। कुवैत और इराक के आपसी खींचतान के असर को दुनिया देख चुकी है। आज एक बार फिर अरब देशों में कुछ वैसा ही माहौल बन रहा है। आतंकी संगठनों के साथ कतर के रिश्ते को लेकर छह अरब देशों ने उसपर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन अरब देशों की जो तस्वीर सामने आ रही है वो भारत के लिए चिंताजनक है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए जहां सऊदी अरब से कच्चा तेल मंगाता है, वहीं कतर से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है। लेकिन विदेश मंंत्री सुषमा स्वराज का कहना है कि अरब देशों के बीच तनाव से भारत अछूता रहेगा। 
कतर ने कहा फैसला गलत
कतर ने पांच बड़े खाड़ी देशों के फैसले को आधारहीन और न्याय के विरुद्ध करार किया है।दोहा की ओर से कई बार कहा जा चुका है कि वह आतंकी संगठनों को किसी तरह की मदद मुहैया नहीं कराता है।ईरान के अनुसार इसकी साजिश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सऊदी दौरे के समय ही तैयार कर ली गई थी। अमेरिका ने कहा है कि अरब देशों को मिलजुलकर मामले को सुलझाने के लिए आगे आना चाहिए। कतर में अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अड्डा है जिसमें 10 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि पांच देशों के फैसले से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
खाड़ी देशों में भारतीय कामगारों की एक बड़ी संख्या
खाड़ी के देशों में सबसे ज्यादा भारतीय कामगार हैं। संयुक्त अरब अमीरात में करीब 26 लाख और सऊदी अरब में करीब 30 लाख कामगार हैं। कतर में पांच लाख से ज्यादा भारतीय काम करते हैं। खाडी देशों में काम करने वाले भारतीय बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भेजते हैं। अगर खाड़ी के देशों में तनाव बढ़ता है तो भारतीय कामगारों पर असर पड़ेगा जिससे अर्थव्यस्था भी प्रभावित होगी। हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का कहना है कि ये पहला मौका नहीं है जब खाड़ी देशों में इस तरह के माहौल का निर्माण हुआ हो।
कच्चे तेल और गैस के महंगा होने का डर
भारत सबसे ज्यादा कच्चा तेल जहां सऊदी अरब से लेता है, वहीं सबसे ज्यादा प्राकृतिक गैस कतर से लेता है। तनाव बढऩे की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने की वजह से आम भारतीय ग्राहक समेत पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। पिछले तीन वर्षों से कच्चे तेल के दामों में स्थिरता की वजह से भारत को फायदा मिला है।मोदी सरकार ने अरब देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में व्यापक पहल की है। ईरान के साथ साथ भारत सऊदी अरब से अपने संबंधों को प्रगाढ़ करने में जुटा हुआ है।

महाराष्ट्र: किसानों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सड़कों पर बहाए दूध 

 

महाराष्ट्र के किसानों ने गुरुवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। किसान लंबे समय से अटके कर्जमाफी पैकेज सहित विभिन्न मांगों के लिए हड़ताल पर हैं। हड़ताल कर रहे किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती वे कृषि संबंधी गतिविधियों से दूर रहेंगे। महाराष्ट्र के नासिक, सतारा और पुणे सहित कुछ हिस्सों में छिटपुट हिंसा क घटनाएं सामने आई हैं जिसमें गुस्साए किसानों ने विभिन्न शहरों की ओर जा रहे दूध के टैंकर को रोककर कई टन दूध बहा दिया और सब्जियों एवं फलों की आपूर्ति बाधित की। सतारा के पास हुई एक अन्य घटना में दूध टैंकर के चालक को कुछ किसानों ने हमला कर दिया। नासिक के पास कुछ पुलिस वाहनों पर पथराव भी किया गया। किसानों के इस हड़ताल की वजह से फल, सब्जियों की आपूर्ति आधीरात से ही बाधित है।

चक्रवाती तूफान मोरा से बढ़ा संकट, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित

ढाका (एजेंसी)। चक्रवाती तूफान मोरा का संकट लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते बांग्लादेश के कुछ तटीय क्षेत्रों के निकट रहने वाले लोगों को चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर कहा है कि चक्रवात तूफान मोरा मंगलवार की सुबह कॉक्स बाजार और चटगांव के बीच के तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले सकता है। डिप्टी कमिश्नर जिल्लुर रहमान चौधरी ने कहा है कि चटगांव में भारी वर्षा की सूचना दी गई है, जिसके बाद लगभग 30,000 लोगों ने रिफ्यूजी शिविर में शरण ली है। बांग्लादेश की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने चटगांव और कॉक्स बाजार की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद कर दिया है। इसके साथ ही दक्षिणी तटीय इलाकों से लगभग तीन लाख लोगों को निकालने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सशस्त्र बलों और अन्य एजेंसियों को बचाव दल के लिए तैनात किया गया है और मेडिकल टीम सतर्क है।
स्केल की चेतावनी जारी 
मौसम विभाग ने  कुछ जिलों के लिए 8 के स्केल की चेतावनी जारी की है, जिसमें भोला, बोरगुना, पटुखाली, बरीएसल, पिरोजपुर, झलाकाठी, बगहार, खुल्लना, सतखरा और दो तटीय बंदरगाह मोंगला और परा शामिल हैं। बांग्लादेश मौसम विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया कि सोमवार को करीब सुबह 7 बजे के दौरान मोरा चटगांव बंदरगाह के करीब 385 किमी दक्षिण और कॉक्स बाजार बंदरगाह के 305 किमी दक्षिण में केन्द्रित था।  बंगाल की पूर्वोत्तर की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मोरा 11 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर की ओर बढ़ गया है।
सुरक्षित इमारतों में आश्रय की मांग
आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यवाहक महानिदेशक, अबू सईद मोहम्मद हाशिम ने कहा कि लोग 17 तटीय जिलों के स्कूलों और अन्य सुरक्षित इमारतों में आश्रय की मांग रहे हैं। उन्होंने कहा अधिकारियों ने तूफान से पहले 3,800 राहत केंद्रों का इंतजाम किया था।
बांग्लादेश में मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों के लिए 10 के स्केल पर सर्वोच्च स्तर की चेतावनी जारी की है। इसमें चटगांव, कॉक्स बाजार, नवाली, लक्ष्मीपुर, फेनी और चंदपुर के तटीय़ इलाके शामिल हैं। विभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान के उत्तरी दिशा में बढऩे और मंगलवार सुबह चटगांव तथा कॉक्स बाजार में पहुंचने से भयावह तूफान का खतरा है।

पाक ने किया राजनयिक मदद देने से इनकार

इस्लामाबाद (एजेंसी)। भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना अफसर कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा को रद्द किए जाने के अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) के फैसले से पाकिस्तान बौखला गया है। कोर्ट के आदेश के बाद भी पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक मदद देने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहार सरताज अजीज ने कहा कि आईसीजे ने जाधव को राजनयिक मदद देने के मामले में कोई आदेश नहीं दिया है। अजीज का दावा है कि आईसीजे में पाकिस्तान को भारत का जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। कथित तौर पर जासूसी के मामले में फांसी की सजा पाने वाले कुलभूषण जाधव के मामले को देखने के लिए पाकिस्तान नई लीगल टीम की नियुक्ति करेगा। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक अजीज ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद प्रदान किए जाने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया है। इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि पाकिस्तान आईसीजे में हार गया। कोर्ट ने फांसी पर रोक लगाया है। जाधव को राजनयिक मदद का आदेश नहीं दिया है। अजीज ने दावा किया पाकिस्तान के पास जाधव के खिलाफ पर्याप्त सबूत है। वहीं, पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री चौधरी निसार अली खान ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव के मामले में देश के कानून के अनुसार बर्ताव करेगा, जिसे सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। जियो टीवी के अनुसार, मंत्री ने कहा कि उनका देश जाधव मुद्दे को जासूसी मामले के रूप में देखेगा और इसमें पाकिस्तान के कानून के अनुसार ही बर्ताव किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि जाधव की गिरफ्तारी से पाकिस्तान में कई आतंकी घटनाओं को रोकने में मदद मिली।

जाधव की फांसी पर अड़ा पाक, विश्व अदालत में जाने के लिए बनाया खुफिया प्लान

इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान की सैन्य अदालत की ओर से भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के स्टे को लेकर पड़ोसी मुल्क जवाबी तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान अपना बचाव मजबूती से करने के लिए रणनीति बना ली है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कदम को ठीक ठहराया जाए। इस मामले में आईसीजे में 15 को सुनवाई होनी है, और पाकिस्तान भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को 'जासूसीÓ के आरोप में मौत की सजा देने पर अड़ा है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने देश के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ के हवाले से शनिवार को बताया, हमने अपनी सिफारिशें प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश कार्यालय को भेज दी हैं। सिफारिशों में इस बारे में रणनीति को रेखांकित किया गया है कि हेग स्थित आईसीजे में पाकिस्तान किस तरह अपने मामले को रख सकता है। औसाफ ने कहा कि सभी कदमों और विकल्पों को गोपनीय रखना आवश्यक है, जिससे कि दूसरे पक्ष को हमारी रणनीति का पता न लग सके। उधर, पाकिस्तानी मीडिया में खबरें चल रही हैं कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय  न्याय अदालत का अंतिम फैसला मानने के लिए पाकिस्तान बाध्य नहीं है। पाकिस्तान बचाव के लिए भारत के 1999 वाले कदम को रणनीति के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है।
पाकिस्तानी विदेश विभाग और कानूनी विभाग के अधिकारियों के साथ दो दिन से मैराथन बैठकें कर रहे औसाफ द्वारा आईसीजे में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने इस मामले में विदेश से किसी की सेवा लिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। उन्होंने माना कि समय कम है, क्योंकि सुनवाई 15 मई से शुरू होगी। औसाफ ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से मजबूत तरीके से जवाब दिया जाएगा। 

पीएम ने किया वाराणसी-कोलंबो के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करने का एलान

कोलंबो(एजेंसी) । भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलंबो में बौद्ध धर्म के एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। वह बौद्ध धर्म के सबसे बड़े पर्व इंटरनेशनल बैसाख डे में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं। श्रीलंका में बौद्ध महोत्सव में पीएम मोदी मुख्य अतिथि हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत से बौद्ध धर्म श्रीलंका पहुंचा है। श्रीलंका से भारत का पुराना रिश्ता है। पीएम ने वाराणसी और कोलंबो के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करने का एलान भी किया।  पीएम ने कहा कि बुद्ध की धरती से सवा करोड़ लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं।  हमारा क्षेत्र सौभाग्यशाली है कि उसने दुनिया को बुद्ध और उनके उपदेश जैसे अमूल्य उपहार दिये।Ó बैसाख दिवस भगवान बुद्ध के जन्म, उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति तथा उनके महापरिनिर्वाण के संदर्भ में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां 14वें अंतर्राष्ट्रीय  बैसाख दिवस समारोह में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह समारोह स्थल पहुंचे, जहां उनके श्रीलंका के  प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पारंपरिक तरीके से उनकी अगवानी की। श्रीलंका के राष्ट्रपति  मैत्रीपाला सिरिसेना भी मौजूद थे। बता दें कि दो साल में मोदी की श्रीलंका के लिए यह दूसरी यात्रा है। उनका यह दौरा श्रीलंका के राष्ट्रपति  सिरिसेना के निमंत्रण पर हो रहा है। यह मार्च 2015 के बाद प्रधानमंत्री के रूप में मोदी का दूसरा श्रीलंका दौरा है। यह पहली बार है, जब श्रीलंका अंतर्राष्ट्रीय वेसक दिवस की मेजबानी कर रहा है। इसे संयुक्त राष्ट्र से मान्यता प्राप्त है। इस समारोह का थीम 'समाज कल्याण और विश्व शांति के लिए बुद्ध के संदेशÓ है।

चीन ने किया बोहाई सागर में मिसाइल परीक्षण

पेइचिंग (एजेंसी)। चीन ने कहा कि  सशस्त्र बलों की क्षमता में वृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कोरियाई प्रायद्वीप के पास बोहाई सागर में नए निर्देशित मिसाइल का परीक्षण किया है। हालांकि चीन के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि मिसाइल का परीक्षण कब किया गया था।  बयान में कहा गया है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के रॉकेट बल ने हाल के दिनों में नए मिसाइलों और हथियारों का परीक्षण किया था। सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लक्ष्य के साथ इन मिसाइलों और हथियारों को विकसित किया गया है।

दुनिया में पहली बार डाक्टरों ने रोबोट से करवाए 6 आप्रेशन !

लंदन (एजेंसी)। ब्रिटेन में एक रोबोट ने सफलतापूर्वक 6 मरीजों की आंख का ऑपरेशन किया है। दुनिया में पहली बार हुए इस तरह के परीक्षण में वैज्ञानिकों ने रोबोट को किसी कुशल शल्य चिकित्सक से भी ज्यादा सटीक पाया। परीक्षण के दौरान ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 12 मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया। इनमें से 6 मरीजों पर पारंपरिक तरीका अपनाया गया और 6 पर नया रोबोटिक तरीका इस्तेमाल हुआ। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों का ऑपरेशन रोबोट के जरिए किया गया, उनका खून कम बहा। उन लोगों के रेटिना को भी कम नुकसान पहुंचा। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह रोबोट सात मोटर की मदद से मशीनी हाथ की तरह काम करता है। यह एक माइक्रोन (मीटर का 10 लाखवां हिस्सा) तक के बारीक अंतर को परख कर काम करने में सक्षम है।
यह एक मिलीमीटर से भी छोटे छेद से पूरी प्रक्रिया को अंजाम देता है। इस पूरी प्रक्रिया में एक सर्जन ने रोबोट को नियंत्रित किया। प्रोफेसर रॉबर्ट ई मैलारेन ने कहा, रोबोटिक तकनीक बेहद रोमांचित करने वाली है। रेटिना के नीचे ऑपरेशन करने की इसकी क्षमता का प्रयोग कर आंखों से जुड़ी कई आनुवांशिक और स्टेम सेल संबंधी बीमारियों का इलाज संभव हो सकता है।

मून जे बने दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति कंजरवेटिव शासन का अंत

सियोल (एजेेंसी)। अमेरिका व उत्तर कोरिया के बीच चल रही तनातनी के बीच फंसे दक्षिण कोरिया में सत्ता परिवर्तन हो गया है। दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ कोरिया के उम्मीदवार और उदारवादी विचारधारा के 'मून जे इन ' नए राष्ट्रपति बन गए । बता दें कि उत्तर कोरिया के साथ तनाव के माहौल में संपन्न हुए इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया के उम्मीदवार और उदारवादी विचारधारा के 'मून जे इन ' को मध्यमार्गी विचारधारा के आह्न चेओल-सू से कड़ी टक्कर रही। मून जे इन उत्तर कोरिया के साथ अच्छे संबंध बनाने के पक्षधर हैं। जबकि पूर्व राष्ट्रपति पार्क गून हे ने उत्तर कोरिया के साथ सभी संबंधों को खत्म करना चाहते थे। 64 वर्षीय मून इससे पूर्व 2012 में भी राष्ट्रपति चुनाव लड़े थे। लेकिन तब वे पार्क गून हे से पराजित हो गए थे। राष्ट्रीय चुनाव आयोग के अनुसार मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी के मून को 42.2 प्रतिशत मत का समर्थन दिया। जबकि मून के प्रतिद्वंद्वी होंग जून-प्यो को सिर्फ 25.2 प्रतिशत मत मिले और आह्न चेओल-सू को 21.5 प्रतिशत मत मिले। इस बार यहां पर कुल 77.2 फीसदी मतदान हुआ है जो पिछले बीस सालों में सर्वाधिक रहा है। दक्षिण कोरिया में बीते साल के दिसंबर माह से राजनीतिक तौर पर एक शून्य दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपति पार्क ग्यून हेय भ्रष्टाचार व घोटालों के आरोप के चलते सत्ता गंवा बैठी और अब वह जेल में हैं। पिछले दस साल से यहां पर कंजरवेटिव पार्टी शासन थी। हाल के दिनों में देखा जाए तो यह राष्ट्र अस्थिरता का सामना कर रहा है। 
एक तरफ राष्ट्रपति को जेल जाना पड़ा तो दूसरी ओर पड़ोसी राष्ट्र उत्तर कोरिया एक के बाद एक करके परमाणु परीक्षण करता जा रहा है। पिछले दिनों अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में थाड मिसाइलें तैनात की, जिसका वहां पर काफी विरोध भी हुआ। माना जा रहा है कि मून जे इन के राष्ट्रपति बनने के बाद अनिश्चितता के इस दौर का अंत होगा। चुनाव आयोग की तरफ से आधिकारिक तौर पर घोषणा होने के बाद नए राष्ट्रपति बुधवार को शपथ लेंगे। एक्जिट पोल के मुताबिक मून को विजयी बनाने में युवाओं का समर्थन अहम रहने वाला है। गौरतलब है कि बीते साल से हाल के कुछ महीनों तक मून पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन की अगुआई करते दिख रहे थे। विश्लेषषकों का मानना है कि मून अमेरिका के विरोध में काम करेंगे। अपनी एक किताब में उन्होंने जिक्र किया है कि दक्षिण कोरिया अब अमेरिका को न कहना सीख ले। वह उत्तर कोरिया के साथ नए स्तर से संबंध बनाने के हिमायती हैं। इस मसले पर उन्होंने पूर्ववर्ती कंजरवेटिव सरकारों की आलोचना भी की है। उनका मानना है कि उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का दौर शुरू करने के साथ दबाव व प्रतिबंध का दांव भी खेलना जरूरी है। पिछले चुनाव में वह पार्क ग्यून से पराजित हो गए थे। उधर, कंजरवेटिव लोगों की चिंता है कि मून की उदारवादी नीतियां उत्तर कोरिया के साथ व्यापार को बढ़ावा देने की रहेंगी। इससे पड़ोसी देश को आर्थिक लाभ होगा। वह परमाणु कार्यक्रम और तेज कर देगा।

ऐमनिस्टी इंटरनेशनल की एक ताजा रिपोर्ट में हुआ खलासा, मौत की सजा देने में चीन सबसे आगे

 इसके बाद ईरान और सऊदी अरब
पेइचिंग, (एजेंसी) लंदन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ऐमनिस्टी इंटरनेशनल की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 के दौरान दुनियाभर में सजा-ए-मौत के मामलों में 37 फीसदी तक की कमी आई। एक ओर जहां 2015 के मुकाबले 2016 में फांसी के मामलों में 37 प्रतिशत तक की कमी आई, वहीं चीन ने दुनिया के बाकी सभी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा संख्या में लोगों को मौत की सजा दी। आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के बाकी सभी देशों को मिलाकर फांसी के जितने मामले हुए, उनसे ज्यादा लोगों को चीन ने अकेले ही फांसी दी। ईरान में मौत की सजा दिए जाने के चलन में थोड़ी कमी देखी गई। ऐमनिस्टी इंटरनेशनल ने मौत की सजा पर 2016 के लिए अपनी वैश्विक समीक्षा रिपोर्ट जारी की। दुनिया में इसका प्रतिशत गिरा है और इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि ईरान ने पिछले साल कम लोगों को यह सजा दी।
चीन के बारे में स्पष्ट आंकड़े हासिल करना काफी मुश्किल है। कई मामलों को तो पेइचिंग इतना गुप्त रखता है कि उनसे जुड़ी कोई जानकारी बाहर नहीं आती। फांसी के मामलों से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां चीन में स्टेट सीक्रिट्स रखी जाती हैं। माना जाता है कि चीन में हर साल हजार से भी ज्यादा लोगों को फांसी दी जाती है। ऐमनिस्टी इंटरनेशनल के सेक्रेटरी जनरल सलिल शेट्टी ने कहा चीन वैश्विक मंच पर लीडर बनना चाहता है, लेकिन जब बात फांसी की सजा की होती है, तो यह सबसे बुरी हालत में है। चीन में हर साल दुनिया के किसी भी और देश के मुकाबले सबसे ज्यादा लोगों को फांसी दी जाती है। चीन की सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि स्पष्टता और न्यायिक पारदर्शिता के मामले में वह धीमा है, लेकिन इसके बावजूद वहां इतने बड़े स्तर पर फांसी की सजा दी जाती है। अब समय आ गया है कि चीन अपने इन खूनी रहस्यों से पर्दा उठाए और फांसी की सजा पर अपना रेकॉर्ड सुधारे। चीन के आंकड़ों को हटा दें, तो 2016 में दुनिया भर में करीब 1032 लोगों को फांसी की सजा हुई। इनमें से सबसे ज्यादा, यानी करीब 856 फांसियां मध्यपूर्वी और उत्तरी अफ्रीका के देशों में हुईं। अमेरिका के अंदर पिछले साल फांसी की सजा के मामले ऐतिहासिक रूप से सबसे कम पाए गए। पिछले एक दशक में पहली बार अमेरिका फांसी देने के मामले में दुनिया के सबसे टॉप 5 देशों में शामिल नहीं था। इससे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आगे के लिए काफी उम्मीद दिख रही है।

मलाला को मिली कनाडा की मानद नागरिकता

ओटावा (एजेंसी)। नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई को कनाडा सरकार की ओर से मानद नागरिकता प्रदान की गई है।
कनाडा की संसद को संबोधित करते हुए मलाला ने कहा कनाडा में आपका स्वागत है। यह केवल एक हैशटैग या हेडलाईन नहीं है। यह इससे बढक़र है
मृत मिली अमेरिका की पहली महिला मुस्लिम जज 
न्यूयार्क (एजेंसी)। अमेरिका में न्यूयार्क की हडसन नदी में देश की पहली मुस्लिम महिला जज मृत पाई गई है। पुलिस ने बताया कि न्यूयार्क की सबसे बड़ी अदालत की एसोसिएट जज शीइला अब्दुस सलाम उम्र 65 को हडसन नदी के पश्चिमी किनारे पर मृत पाया गया। अब्दुस सलाम के शव को नदी से बाहर निकाला गया।
ट्रंप करेंगे पुतिन से बात
वाशिंगटन (एजेंसी)।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संबंधों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वह इंतजार करेंगे और भविष्य में रूस के साथ संबंधों के बारे में विचार करेंगे।
व्हाईट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में हालांकि उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की मास्को में होने वाली बैठक शानदार होगी और खासकर पुतिन के साथ मुलाकात उम्मीद से बेहतर होगी।
उल्लेखनीय है कि सीरिया में हाल में हुये रासायनिक हमले और उसके बाद अमेरिका की ओर से वहां 59 मिसाइल दागे जाने के बाद से अमेरिका और रूस के संबंधों में तनाव बढ़ गया है।
 

सीरिया पर नहीं बनी एक राय

नई दिल्ली, (एजेंसी) । युद्धग्रस्त सीरिया में पिछले हफ्ते हुए घातक केमिकल हमले के बाद से ही सीरिया की असद सरकार और रूस की लगातार आलोचना हो रही है। सीरिया के खिलाफ  एक प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए हुई बैठक में भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद किसी एक मसौदा संकल्प पर पहुंचने में विफल रही। अमेरिका सहित तमाम पश्चिमी देश घातक केमिकल हमले के बाद सीरिया में असद सरकार की निंदा के साथ ही उस पर मामले की जांच के लिए जांचकर्ताओं से सहयोग के लिए दबाव बनाना चाहते हैं। लेकिन रूस ने सुरक्षा परिषद में अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए ढाल की तरह खड़ा हो गया।
पिछले छह साल से चले आ रहे सीरिया के गृहयुद्ध के मामले में चीन भी 6 प्रस्तावों पर वीटो लगा चुका है। लेकिन इस बार उसने ऐसा नहीं किया। इथोपिया और कजाकिस्तान सहित 10 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि बोलीविया ने रूस का साथ दिया। 
पश्चिमी देश सीरिया की असद सरकार पर विद्रोही गुट के कब्जे वाले क्षेत्र में केमिकल हमले का आरोप लगा रही हैं, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोगों की जान चली गई। सीरिया सरकार का कहना है कि उसने ऐसा कोई हमला नहीं किया, जिसके बाद अमेरिका ने पिछले हफ्ते उसके एयर बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं।
किया सरीन गैस का इस्तेमाल: संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के राजदूत बशर जाफरी ने कहा कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र को दर्जनों चि_ियां लिखी हैं, जिसमें बताया गया है कि लीबिया से तुर्की के रास्ते सीरियाई नागरिकों का इस्तेमाल करके नागरिक विमान के जरिए सरीन गैस की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा, लीबिया से तुर्की के रास्ते सीरिया के आतंकी गुटों को 2 लीटर सरीन गैस की तस्करी हुई है। उन्होंने कहा, उनकी सरकार के पास ऐसे हथियार नहीं हैं।
पुतिन ने कहा हमारे पास स्पष्टीकरण: दूसरी तरफ  सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले इडलिब में केमिकल हमले पर पुतिन ने कहा, इस बारे में उनके पास दो मुख्य स्पष्टीकरण हैं। उन्होंने कहा, पहला स्पष्टीकरण तो यह है कि सीरिया सरकार ने विद्रोहियों के कब्जे वाले जिस इलाके में हमला किया, वहां विद्रोहियों का केमिकल हथियारों के डिपो होगा। दूसरा स्पष्टीकरण यह है कि ऐसा कोई गैस हमला हुआ ही नहीं।
रूस-अमरीका संबंध निचले स्तर पर: रूस
अमेरिका के साथ संबंधों पर बोलते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के शासन में अमेरिका और रूस के बीच संबंध बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा केमिकल हथियारों के खात्मे के लिए सीरिया ने अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है।

नई दिल्ली, (एजेंसी) । युद्धग्रस्त सीरिया में पिछले हफ्ते हुए घातक केमिकल हमले के बाद से ही सीरिया की असद सरकार और रूस की लगातार आलोचना हो रही है। सीरिया के खिलाफ  एक प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए हुई बैठक में भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद किसी एक मसौदा संकल्प पर पहुंचने में विफल रही। अमेरिका सहित तमाम पश्चिमी देश घातक केमिकल हमले के बाद सीरिया में असद सरकार की निंदा के साथ ही उस पर मामले की जांच के लिए जांचकर्ताओं से सहयोग के लिए दबाव बनाना चाहते हैं। लेकिन रूस ने सुरक्षा परिषद में अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए ढाल की तरह खड़ा हो गया।
पिछले छह साल से चले आ रहे सीरिया के गृहयुद्ध के मामले में चीन भी 6 प्रस्तावों पर वीटो लगा चुका है। लेकिन इस बार उसने ऐसा नहीं किया। इथोपिया और कजाकिस्तान सहित 10 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि बोलीविया ने रूस का साथ दिया। 
पश्चिमी देश सीरिया की असद सरकार पर विद्रोही गुट के कब्जे वाले क्षेत्र में केमिकल हमले का आरोप लगा रही हैं, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोगों की जान चली गई। सीरिया सरकार का कहना है कि उसने ऐसा कोई हमला नहीं किया, जिसके बाद अमेरिका ने पिछले हफ्ते उसके एयर बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं।
किया सरीन गैस का इस्तेमाल: संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के राजदूत बशर जाफरी ने कहा कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र को दर्जनों चि_ियां लिखी हैं, जिसमें बताया गया है कि लीबिया से तुर्की के रास्ते सीरियाई नागरिकों का इस्तेमाल करके नागरिक विमान के जरिए सरीन गैस की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा, लीबिया से तुर्की के रास्ते सीरिया के आतंकी गुटों को 2 लीटर सरीन गैस की तस्करी हुई है। उन्होंने कहा, उनकी सरकार के पास ऐसे हथियार नहीं हैं।
पुतिन ने कहा हमारे पास स्पष्टीकरण: दूसरी तरफ  सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले इडलिब में केमिकल हमले पर पुतिन ने कहा, इस बारे में उनके पास दो मुख्य स्पष्टीकरण हैं। उन्होंने कहा, पहला स्पष्टीकरण तो यह है कि सीरिया सरकार ने विद्रोहियों के कब्जे वाले जिस इलाके में हमला किया, वहां विद्रोहियों का केमिकल हथियारों के डिपो होगा। दूसरा स्पष्टीकरण यह है कि ऐसा कोई गैस हमला हुआ ही नहीं।
रूस-अमरीका संबंध निचले स्तर पर: रूस
अमेरिका के साथ संबंधों पर बोलते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के शासन में अमेरिका और रूस के बीच संबंध बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा केमिकल हथियारों के खात्मे के लिए सीरिया ने अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है।