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अमेरिका ने भारत को बताया महान सहयोगी

वाशिंगटन, एजेंसी। ट्रंप प्रशासन ने भारत को अमेरिका का 'महान सहयोगी'  बताया है। उसने कहा है कि अमेरिका भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। विदेश विभाग की प्रवक्‍ता मॉर्गन ऑर्टागस ने संवाददाताओं से ऑफ कैमरा बातचीत में कहा कि अमेरिका, भारत में लोकसभा चुनावों की निष्‍पक्षता को लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त था। ऑर्टागस ने कहा कि हम निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम करेंगे। अमेरिकी विदेश सचिव माइक पोंपियो ने भी भारत के अपने समकक्ष से बातचीत की इच्‍छा जताई है। मैं समझती हूं कि पोंपियो अपने भारतीय समकक्ष के साथ कई मुद्दों पर गहन बातचीत करेंगे। भारत अमेरिका का महान सहयोगी है। हमें भारत में लोकसभा चुनावों की निष्‍पक्षता और उसकी सत्‍यता पर पूरा भरोसा है। उल्‍लेखनीय है कि लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड विजय के बाद दुनियाभर के नेताओं ने उन्‍हें बधाइयां दी थी। खुद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उप राष्‍ट्रपति माइक पेंस एवं अमेरिकी विदेश सचिव माइक पोंपियो  ने प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी को बधाई दी थी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, अब तक 50 से अधिक अमेरिकी सांसद और वरिष्‍ठ अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी को जीत की बधाई दे चुके हैं।  

धार्मिक मामलों के मंत्रालय के कर्मचारियों की बस में IED ब्लास्ट, 10 लोग घायल

काबुल (एजेंसी )। अफगानिस्तान के काबुल शहर के PD2 में सोमवार सुबह हज और धार्मिक मामलों के मंत्रालय के कर्मचारियों की एक बस को निशाना बनाकर IED ब्लास्ट किया। इस धमाके में तकरीबन 10 लोगों घायल हो गए है। अधिकारियों ने खुद इस हमले की पुष्टि की है।  वहीं दूसरी ओर टोलो न्यूज के अनुसार, अफगानिस्तान के काबुल शहर के कर्त-ए-साकी इलाके में रविवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने एक ही परिवार के 7 लोगों की हत्या कर दी है। हाल ही में काबुल से सटे शहर-ए-नाव क्षेत्र में धमाका हुआ था।।  धमाके में कई लोग घायल भी हुए थे।  इसके बाद 17 मई को भी अफगानिस्तान के हेरात प्रांत के ओबा जिले में बम धमाका हुआ। जिसमें दो बच्चों और दो लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में 14 लोग भी घायल हो गए हैं। 

अमेरिका ने फ़ारस की खाड़ी में उड़ने वाले विमानों को दी चेतावनी

वाशिंगटन (एजेंसी )। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने फ़ारस की खाड़ी में उड़ान भरने वाले विमानों को चेतावनी जारी की है। अमेरिकी राजनयिकों ने शनिवार को कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव के कारण फ़ारस की खाड़ी में उड़ान भरने वाले विमानों को खतरा पैदा हो सकता है।  अमेरिकी राजनयिकों ने कहा है कि फ़ारस की खाड़ी में पैदा तनाव के दौरान वहां से उड़ने वाले विमानों को दुश्मन का जहाज समझने की गलतफहमी भी हो सकती है। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने वैश्विक हवाई यात्रा के लिए मौजूदा तनाव के जोखिमों को रेखांकित किया है। इससे पहले ईरान से बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने अपने गैर-आपातकालीन अधिकारियों को बगदाद छोड़ने के निर्देश दिए। अमेरिकी विदेश विभाग ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास और एर्बिल में वाणिज्‍य दूतावास के अधिकारियों को स्‍वदेश वापस लौटने को कहा था। इस बीच सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हुए हमले ने भी मौजूदा तनाव को और बढ़ा दिया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की जल सीमा में चार तेल टैंकरों पर हुए हमले के बाद तेल के दाम बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। सऊदी अरब ने सीधे तौर पर इस हमले के लिए ईरान को दोषी ठहराया है। वहीं, यमन में ईरान-गठबंधन के विद्रोहियों ने सऊदी तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध की खबरों को बताया फेक

वॉशिंगटन (एजेंसी )। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशा जताई है कि ईरान जल्द ही बात करने की कोशिश करेगा। साथ ही ट्रंप ने उन सब खबरों को खारिज भी कर दिया है। जिनमें ईरान के खिलाफ युद्ध की तैयारियों की बात कही गई थी। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव चल रहा है। इस बीच मीडिया में खबरें थी कि अमेरिका के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ईरान से मुकाबला करने के लिए मध्य पूर्व में लगभग एक लाख 20 हजार सैनिकों को भेजने की योजना पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने मीडिया की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि हमें आशा है कि ईरान बात करने की कोशिश करेगा। और युद्ध की सभी खबरें गलत हैं। हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है। साथ ही बुधवार को इराक में मौजूद अधिकारियों को अमेरिका वापस बुला लिया है। कल गैर-आपातकालीन अमेरिकी अधिकारियों को ट्रंप प्रशासन ने वापस लौटने का आदेश जारी किया था। उन्होंने कहा है कि ईरान से जुड़े इराकी मिलिशिया से उसके अधिकारियों को खतरा है। 

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने बगदाद स्थित दूतावास से अधिकारी बुलाए

वाशिंगटन (एजेंसी )। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने अपने गैर-आपातकालीन अधिकारियों को बगदाद छोड़ने के निर्देश दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास और एर्बिल में वाणिज्‍य दूतावास के अधिकारियों को स्‍वदेश वापस लौटने को कहा है। विभाग की ओर से बताया गया है कि दोनों पोस्‍टों से सामान्‍य वीजा सेवाएं अस्‍थाई रूप से निलंबित रहेंगी। हालांकि अभी यह निश्चित नहीं है कि कुल कितने कर्मचारियों को वापस बुलाया जाएगा। बता दें कि ट्रंप ने पिछले साल आठ मई को ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने का एलान किया था। इसके बाद उसके तेल निर्यात को रोकने के साथ ही उस पर कई कठोर प्रतिबंध लगा दिए। ट्रंप ने ईरान पर यह कार्रवाई उसके परमाणु कार्यक्रम और आतंकी गतिविधियों को लेकर की थी। इन प्रतिबंधों के कारण भारत और चीन जैसे देशों को दी गई रियायत खत्म हो गई जिसकी वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस बीच ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने प्रमुख सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले किए हैं। इस तरह सऊदी के दो तेल टैंकरों पर यूएई तट पर हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। हालांकि, ईरान ने इन हमलों में अपना हाथ होने से इनकार करते हुए इन्‍हें एक साजिश करार दिया है। दोनों देशों में बढ़े तनाव के बाद ऐसी खबरें आईं कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस क्षेत्र में एक लाख 20 हजार सैनिकों की तैनाती कर रहे हैं। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध की तैयारी के बारे में रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। वहीं बीती रात ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई युद्ध नहीं होने जा रहा है। कोई भी युद्ध नहीं करना चाहता है।  

बलूचिस्तान में एक और बड़ा आतंकी हमला, 4 पुलिसकर्मियों की मौत

करांची (एजेंसी )। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सोमवार को एक बड़े आतंकी हमले में 4 पुलिसकर्मियों को मौत हो गई है, जबकि 11 घायल हुए हैं। यह हमला उस वक्त हुआ जब बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में लोग एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिसकर्मी यहां नमाज पढ़ने वालों की सुरक्षा में लगे थे, तभी यहां एक बम ब्लास्ट हुआ। बताया जा रहा है कि यह एक रिमोट कंट्रोल के द्वारा किया गया ब्लास्ट था। पिछले तीन दिनों में यहां दूसरा बड़ा आतंकी हमला हुआ है। क्वेटा के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल(डीआईजी) रज्जाक चीमा ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि हमारे पुलिसकर्मी यहां मस्जिद की सुरक्षा में तैनात थे। हमले में हमारी रेपिड रिस्‍पॉन्‍स ग्रुप के चार कर्मियों की मौत हो गई है, जबकि घायलों की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। यहां के गृहमंत्री जियाउल्लाह लंगोव ने बताया कि इस हमले में 11 लोग घायल हो गए हैं। यह बलूचिस्तान में पिछले तीन दिनों में दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले शनिवार को ग्वादर में आतंकियों ने एक लग्जरी होटल को अपना निशाना बनाया था। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में पाकिस्तानी जल सेना का एक सैनिक और तीन आतंकी शामिल थे। 

G-20 सम्मेलन में हो सकती है डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात

वाशिंगटन (एजेंसी )। व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने कहा है कि जापान में अगले महीने होने वाले जी-20 आर्थिक सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की मुलाकात की प्रबल संभावना है। सीएनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कुडलो ने रविवार को एक टीवी पर साक्षात्कार देते हुए कहा कि इस मुलाकात की संभावना अच्छी है लेकिन अमेरिकी और चीनी वार्ताकारों की अगली मुलाकात कब होगी इसके लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं है। शुक्रवार को अमेरिका और चीनी वार्ताकारों की 11वें चरण की वार्ता दोनों देशों के बीच जारी व्यापार युद्ध को खत्म करने का समझौता करने में विफल रही। 2018 में ट्रंप द्वारा चीन से आयातित 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध शुरू हुआ था, इसके बाद चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 60 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों पर कर वसूला था। कुडलो ने कहा कि वार्ता जारी रहेगी। मैं कहूंगा कि अगले महीने जापान में जी-20 सम्मेलन है और राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी की मुलाकात की काफी उम्मीद है।

चिनूक के बाद वायुसेना को मिला पहला अपाचे हेलीकॉप्टर

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय वायुसेना को आज अपना पहला लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे गार्जियन मिल गया है। इसका निर्माण अमेरिका के एरिजोना में हुआ है। भारत ने अमेरिका के साथ 22 ऐसे हेलीकॉप्टर के लिए अनुबंध किया था। इससे पहले वायुसेना को चिकून हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर मिल चुका है। बोइंग एएच-64 ई अपाचे को दुनिया का सबसे घातक हेलीकॉप्टर माना जाता है। पिछले साल अमेरिका ने भारतीय सेना को छह एएच-64 ई हेलीकॉप्टर देने के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इसे चीन और पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किया जाएगा। बोइंग एएच-64ई अमेरिकी सेना और अन्य अतंरराष्ट्रीय रक्षा सेनाओं का सबसे एडवांस हेलीकॉप्टर है। यह एक साथ कई काम करने में सक्षम है। अपाचे हेलीकॉप्टर को अमेरिका ने पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक तक के दुश्मनों से लोहा लेने में प्रयोग किया है। लेबनान और गाजा पट्टी में अपने सैन्य ऑपरेशनों के लिए इजरायल इसी का प्रयोग करता रहा है। अमेरिकी सेना के एडवांस अटैक हेलिकॉप्टर प्रोग्राम के लिए इस हेलीकॉप्टर को बनाया गया था। साल 1975 में इसने पहली उड़ान भरी थी। अमेरिकी सेना में इसे साल 1986 में शामिल किया गया था। इस हेलीकॉप्टर में दो जनरल इलेक्ट्रिक टी700 टर्बोशैफ्ट इंजन लगे हैं। इसमें आगे की तरफ सेंसर फिट है जिसकी वजह से यह रात के अंधेरे में भी उड़ान भर सकता है। अपाचे 365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है। तेज गति के कारण यह दुश्मनों के टैंकरों के आसानी से परखच्चे उड़ा सकता है। इस हेलीकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हैं। जिनके पेलोड इतने तीव्र विस्फोटकों से भरे होते हैं कि दुश्मन का बच निकलना नामुमकिन रहता है। इसके अलावा इसके दोनों तरफ 30एमएम की दो गन लगी हैं। इसका वजन 5,165 किलोग्राम है। इसके अंदर दो पायलटों के बैठने की जगह होती है। इसे इस तरीके से डिजायन किया गया है कि यह युद्ध क्षेत्र में किसी भी परिस्थिति में टिका रह सकता है।

भगोड़े कारोबारी नीरव की जमानत याचिका खारिज

लंदन (एजेंसी )। ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका चौथी बार बुधवार को खारिज कर दी और उसकी न्यायिक हिरासत 30 मई तक बढ़ा दी। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत ने मेट्रोपॉलिटन पुलिस को आदेश दिया कि वह नीरव को अगली सुनवाई की तिथि 30 मई तक अपनी हिरासत में रखे। 48 वर्षीय कारोबारी भारत में 13000 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में वांछित है। उसे 19 मार्च को होलबोर्न से गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से ही वह प्रत्यर्पण कार्यवाही के खिलाफ लड़ रहा है। नीरव को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए दक्षिण पश्चिम लंदन स्थित वैंड्सवर्थ जेल से अदालत में पेश किया गया।  

ट्रंप ने गोल्‍फर टाइगर वुड्स को किया सर्वोच्‍च अमेरिकी नागरिक‍ अवार्ड से सम्‍मानित

वाशिंगटन (एजेंसी )। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने गोल्‍फर टाइगर वुड्स को सर्वोच्‍च अमेरिकी नागरिकी अवार्ड से सम्‍मानित किया है। इस दौरान ट्रंप ने कार्यक्रम के दौरान गोल्‍फर वुड्स को विश्‍व खेलों का इतिहास में सच्‍चा लिजेंट (true legend) के रूप में बताया है। वुड्स ने पिछले महीने अपना पांचवां मास्‍टर्स खिताब जीतकर आश्‍चर्यजनक तरीके से वापसी की थी।  अप्रैल में ऑगस्टा में मास्टर्स ट्रॉफी जीतने वाले 43 वर्षीय को व्हाइट हाउस रोज गार्डन के समारोह में प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ़्रीडम से सम्‍मानित किया गया। वहां मौजूद सभी लोगों ने इस मशहूर खिलाड़ी को स्टैंडिंग ओवेशन दिया। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने वुड्स को अमेरिकी उत्कृष्टता, समर्पण और निरंतर चलते जाने का एक वैश्विक प्रतीक बताया।

जलते हुए विमान ने मॉस्को एयरपोर्ट पर की इमरजेंसी लैंडिंग, 41 की मौत

मॉस्को (एजेंसी ) । रूस की एयरोफ्लोट एयरलाइन के सुखोई सुपरजेट-100 यात्री विमान में रविवार को उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही आग लग गई। जलते हुए विमान ने मॉस्को के शेरेमेटयेवो एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की। रूसी जांच एजेंसी के अनुसार हादसे में कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। विमान में 78 यात्री और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। इनमें से पांच लोगों के जख्मी होने की खबर है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, विमान ने मॉस्को से उत्तरी रूस के मरमांस्क शहर के लिए उड़ान भरी थी। रूस के न्यूज चैनल रशिया-24 ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है। इसमें विमान के पीछे के हिस्से में आग लगी दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में एयरपोर्ट के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यह विमान सिर्फ दो साल पुराना था।

सीरियल धमाके करने वाले आतंकी ट्रेनिंग के लिए कश्मीर गए थे - सेना प्रमुख

कोलंबो (एजेंसी )। श्रीलंका के सेना प्रमुख ने कहा है कि देश में सीरियल धमाके करने वाले आतंकियों ने ट्रेनिंग के लिए भारत के कश्मीर का दौरा किया था। लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके पहले सैन्य अधिकारी हैं जिन्होंने हमले से पहले की आतंकी गतिविधियों पर बयान दिया है। सेनानायके ने कहा कि खुफिया जानकारी के मुताबिक आतंकी कश्मीर के अलावा बेंगलुरु और केरल के कुछ हिस्सो में भी गए थे। बीबीसी को दिए इंटरव्यू में सेनानायके ने कहा, “मुझे पूरी जानकारी नहीं है कि आतंकियों के भारत जाने का मुख्य मकसद क्या था। लेकिन यह तय है कि वे किसी तरह की ट्रेनिंग या दूसरे आतंकी संगठनों से संपर्क साधना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि हमले को अंजाम देने के तरीके से लगता है कि आतंकियों ने इसकी साजिश स्थानीय नहीं बल्कि किसी बाहरी की मदद से बनाई। 21 अप्रैल को श्रीलंका में हुए 8 धमाकों में 253 लोग मारे गए थे। उनमें 10 भारतीयों समेत 39 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। भारत की तरफ से खुफिया जानकारी मिलने के सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा कि हमें इंटेलिजेंस इनपुट मिला था। हमारी मिलिट्री इंटेलिजेंस की जानकारी किसी और ही दिशा में थी। जानकारी साझा करने में जो परेशानी थी वो अब सबके सामने है। हालांकि, उन्होंने इस चूक के लिए किसी को भी जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया।