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अफगानिस्तान : मोर्टार हमले में 5 लोगों की मौत, 45 घायल

काबुल। अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत में एक स्थानीय बाजार में आतंकियों द्वारा मोर्टार से किए गए हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई। इसके अलावा 45 अन्य घायल हो गए।  समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह घटना सुबह में हुई। आतंकियों ने फरयाब प्रांत के ख्वाजा सब्ज पोश जिले के बाजार में तीन राउंड मोर्टार दागे। पुलिस ने कहा कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने से मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। पुलिस ने कहा कि घायलों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। हमले की किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन तालिबान व इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकवादी फरयाब के कुछ हिस्सों में मौजूद हैं। प्रांत में बीते महीनों में सुरक्षा बलों व आतंकवादियों के बीच भारी संघर्ष हुआ है। अफगानिस्तान के संयुक्त राष्ट्र मिशन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 के पहले नौ महीनों में संघर्ष से जुड़ी घटनाओं में 2,640 से ज्यादा नागरिक मारे गए हैं और 5370 से ज्यादा घायल हुए है।


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नए अमेरिकी प्रतिबंधों का उचित जवाब देगा ईरान

तेहरान। ईरान के न्यायिक प्रमुख अयातुल्ला सादिक अमोली लारिजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान की कंपनियों और ईरानी लोगों पर अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाने का समुचित जवाब दिया जाएगा। लारिजनी के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाया गया है।  समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, लारिजनी ने कहा कि किसी देश के न्यायिक प्रमुख के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जाना सभी अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखाओं का उल्लंघन है। लारिजानी ने कहा कि ईरान ऐसे कदमों पर चुप नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि प्रतिबंध के खिलाफ ईरान क्या कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि वह अपने खिलाफ लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों की परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, "अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि उसके हर शत्रुतापूर्ण कदम का ईरान माकूल जवाब देगा।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि, शुक्रवार को ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील की समय सीमा बढ़ा दी थी, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान द्वारा कथित तौर पर मानवाधिकार के उल्लंघन और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर ईरान की कंपनियों और 14 लोगों पर प्रतिबंध लगाया था लारिजानी ने कहा कि 2015 का ईरान परमाणु समझौता, जिसे संयुक्त व्यापक कार्ययोजना के नाम से जाना जाता है, उसे किसी भी सूरत में बदला नहीं जा सकता और न ही उसे किसी अन्य मुद्दे से जोड़ा जा सकता है।


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भारत-इजरायल: दोस्ती पर भडक़ा पाक, दोनों देशों को बताया इस्लाम विरोधी

इस्लामाबाद। भारत और इजरायल की दोस्ती पर पाकिस्तानी बुरी तरह भडक़ गया है। पाकिस्तान ने दोनों देशों को इस्लाम विरोधी करार दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत और इजरायल के गठजोड़ के बावजूद पाकिस्तान अपनी रक्षा कर सकता है। इजरायल पर हमला बोलते हुए आसिफ ने कहा कि इजरायल उस बड़े इलाके पर कब्जे की कोशिश में लगा है, जो मुस्लिमों का है। वहीं भारत पर आरोप लगाते हुए कहा, वैसे ही भारत कश्मीर में मुस्लिमों की जमीन कब्जा कर रहा है। इजरायल और भारत का समान उद्देश्य है।
आसिफ ने अपने इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी इजरायल को मान्यता नहीं दी और भारत और इजरायल का यह गठजोड़ दोनों के इस्लाम के विरोध के कारण है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का फिलिस्तीन के लोगों के साथ भावनात्मक संबंध है, जबकि कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान के अस्तित्व से संबंधित है। आसिफ ने कहा, हम भारत और इजरायल के गठजोड़ के बावजूद अपनी रक्षा कर सकते हैं। न तो सरकार को और न ही देश को इससे घबराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आम्र्ड फोर्स पूरी तरह से आतंक के खिलाफ लड़ रही है और देश की रक्षात्मक क्षमता भी बढ़ी है। 
पाक विदेश मंत्री ने कहा, हमने बड़ी संख्या में बलिदान के बाद आतंक के खिलाफ सफलता हासिल की है। इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था, इस्लामाबाद भारत और इजरायल के बढ़ते गठजोड़ पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है। आपको बता दें कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत के दौरे पर भारत के साथ फ्री ट्रेड पैक्ट की शुरुआत करेंगे। अपने दौरे के दौरान नेतन्याहू ने कहा था, हमारे राजनयिक संबंधों को 25 साल हो गए हैं, लेकिन अब कुछ अलग हो रहा है।


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168 यात्रियों से भरा विमान, रनवे पर उतरा समुद्र किनारे जा लुढ़का

इस्तांबुल । तुर्की एयरपोर्ट पर उस वक्त खलबली मच गई, जब यात्रियों से भरा विमान रनवे से उतरकर समुद्र के किनारे लटक गया। विमान में मौजूद 168 यात्रियों की सांसें अटक गई, वे डर से चिल्लाने लगे और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि विमान समुद्र में नहीं गया और न ही उसमें आग लगी। जिस कारण बाल-बाल विमान यात्रियों की जान बची। यह हादसा ट्रेबजॉन शहर स्थित काला सागर के नजदीक हुआ।बोइंग-737-800 विमान में 162 यात्रियों के साथ दो पायलट व चार क्रू मेंबर सवार थे। अंकारा से यह शनिवार रात काला सागर के नजदीक रनवे पर उतरने वाली थी, लेकिन विमान समुद्र की तरफ चला गया। विमान में सवार फात्मा गॉर्दू का कहना है कि विमान आगे की तरफ झुक गया। यात्री एक तरफ गिरने लगे। ऐसा लगा या तो विमान में विस्फोट हो जाएगा या फिर ये समुद्र में समा जाएगा, लेकिन कीचड़ में घिसटने के बाद यह रुक गया।


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कार हवा में उड़ती हुई इमारत की मंजिल में जा घुसी, ड्राइवर फंसा

सांता एना, प्रोफेशनल स्‍टंटमैन गाडि़यों को कई फीट ऊपर तक उछाल देते हैं। आमतौर पर स्‍टंट करते हुए आपने मोटरसाइकिल को कई फीट ऊपर तक उछलते हुए देखा गया। हॉलीवुड की फिल्‍मों में भी कारों को खूब उछाला जाता है। कारें एक इमारत से दूसरी इमारत में कांच तोड़ते हुए निकल जाती है। हालांकि ये सब सुरक्षा के इंतेजाम के बाद होता है। कई बार स्‍पेशल इफैक्‍ट्स की मदद से भी दृश्‍यों को खतरनाक बनाया जाता है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक कार हादसे ने हॉलीवुड के एक्‍शन सीन की याद दिला दी। यहां कार डिवाइड से टकराने के बाद इतनी ऊंची उछली की एक इमारत की दूसरी मंजिल में जा घुसी।

कैलिफोर्निया में तेज रफ्तार कार से ड्राइवर का नियंत्रिण खो गया, जिसके बाद ये डिवाइडर के ऊपर चढ़ी और हवा में उड़ने लगी। हवा में उड़ते हुए ये कार एक इमारत की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़ते हुए उसमें घुस गई। इस हादसे का दृश्‍य जिस किसी ने देखा, वो हैरान रह गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी नजारा देख अचंभित रह गए।

ऑरेंज काउंटी फायर अथॉरिटी ने बिल्डिंग में घुसी कार की तस्‍वीरें सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है। सांता एना पुलिस ने बताया कि गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर ने ये बात स्वीकारी है कि वो कार चलाने के दौरान नशे में था। नशा और कार की स्पीड ज्यादा होने के कारण ये हादसा हुआ।

ऑरेंज काउंटी फायर डिपार्टमेंट के प्रवक्‍ता कैप्टन स्टेफिन हॉर्नर ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे उन्हें एक शख्‍स का फोन, जिसने उन्हें सांता एना में हुए कार हादसे की जानकारी दी। शख्‍स ने उन्हें बताया था कि कार हादसे के कारण इमारत में आग लग गई है। मौके पर जब फायर डिपार्टमेंट के लोग पहुंचे तो उन्हें दुर्घटनाग्रस्त सफेद रंग की सिडान बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से आधी झूलती हुई मिली। दमकलकर्मियों ने तुरंत आग बुझाई, जिसके बाद रेस्क्यू का काम शुरू किया गया।


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ट्रंप की अभद्र टिप्पणी से दुनिया में बवाल

वॉशिंगटनः अपनी विवादित टिप्णियों की वजह से चर्चा में रहने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फिर अपनी एक कथित अभद्र टिप्पणी से दुनिया में बवाल मता दिया है जिजसे वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के निशाने पर हैं। अफ़्रीकी देशों के प्रतिनिधि संगठनों ने अमरीकी राष्ट्रपति से माफी मांगने को कहा है. इन संगठनों ने इस पर हैरत और ग़ुस्सा जताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अफ्रीकियों को ग़लत समझा है।

ट्रंप पर आरोप है कि ओवल दफ़्तर में आव्रजन नीति पर एक बैठक के दौरान उन्होंने अफ्रीकी महाद्वीप, हैती और एल सल्वाडोर जैसे देशों के लिए असभ्य भाषा का प्रयोग किया था।हालांकि, ट्रंप ने इस बात को ख़ारिज़ किया है। उनका कहना है कि उन्होंने हैती के लोगों का अपमान नहीं किया है।लेकिन उस बैठक में मौजूद होने का दावा करने वाले डेमोक्रेटिक सीनेटर डिक डर्बिन ने कहा है कि ट्रंप ने अफ्रीकी देशों को 'शिटहोल्स' कहा था और उनके लिए 'नस्लभेदी' भाषा का प्रयोग किया था।

अफ़्रीकी देशों के प्रतिनिधि संगठनों ने अमरीकी राष्ट्रपति से माफी मांगने को कहा है. इन संगठनों ने इस पर हैरत और ग़ुस्सा जताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अफ्रीकियों को ग़लत समझा है। हालांकि, उस बैठक में मौजूद रहे अन्य दो रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी टिप्पणी के बारे में याद नहीं है। अमरीकी राष्ट्रपति की कथित टिप्पणी कीदुनिया भर में  काफ़ी आलोचना हो रही है।

अफ़्रीकी देश बोत्सवाना की विदेश मंत्री पेइलोनोमी वेंसन मोईतोई ने भी इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा है, "यह आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द नहीं है। यह ऐसा शब्द नहीं है जिसे राष्ट्रपति को इस्तेमाल करना चाहिए। हम जानते हैं कि यह अमरीकी कांग्रेस नहीं है जिसने इस शब्द को इस्तेमाल करने के लिए अधिकार दिया है। इस पूरे विवाद को थामने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्विटर का सहारा लिया और कहा कि उन्होंने ऐसा कोई शब्द नहीं कहा था। उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट किया कि बैठक में उनकी भाषा 'सख़्त' थी लेकिन जिस शब्द को उनसे जोड़ा जा रहा है, 'वैसी भाषा इस्तेमाल नहीं की है।' 


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डिजीटल इंडिया का चीन ने उड़ाया मजाक

बीजिंगः चीन ने अपने मुखपत्र अखबार ग्लोबल टाइम्स के जरिए फिर भारत पर निशाना साधा है। इस बार चीन ने भारत के डिजीटल इंडिया मुहिम की खिल्ली उड़ाई है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि चाइना की तकनीक को बिना इसके मूल के बारे में सोचे-समझे सिर्फ कॉपी कर तकनीक की दुनिया में शक्ति बनना इतना आसान नहीं है। ग्लोबल टाइम्स ने भारत के इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट पर भी एतराज जताया है। कहा है कि रिपोर्ट में चीन के और उसके बाजार के बारे में गलत अंदाजा लगाया गया है।

ग्लोबल टाइम्स ने India can’t copy China’s technology success without understanding its origins शीर्षक से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि अमरीका के मुकाबले तकनीक और इनोवेशन का पॉवर बनकर उभरने पर चीन की वैश्विक स्तर पर सराहना होती है। दुनिया के सभी देश सराहना करते हैं। पड़ोसी देश भारत भी चाइना की तकनीक को अपनाकर पॉवर बनने की कोशिश कर रहा है। मगर यह इतना आसान नहीं है, जितना भारत समझता है।

ग्लोबल टाइम्स ने भारत के इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट को भ्रामक करार दिया है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि यह सही है कि प्रौद्यौगिकी कंपनियों और उत्पादों ने देश के बड़े घरेलू मार्केट पर कब्जा किया है। इसमें वीसैट संदेश, डिजिटल भुगतान संगठन, माइक्रोब्लॉगिंग साइट शामिल हैं। मगर यह किसी भी तरह के संरक्षणवाद के समान नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन डिजीटल संरक्षणवाद पर जोर दे रहा है। मगर ऐसा नहीं है।


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खाने को लेकर वेनेजुएला में दंगे, 4 की मौत

बारीनासः वेनेजुएला के पश्चिमी राज्य ऐंडिएन में भूख से परेशान भीड़ ने एक फूड कलेक्शन सेंटर और एक सुपरमार्केट में हमला बोल दिया और तोड़फोड़ मचा दी।   इस उपद्रव में 4 लोगों के मारे जाने की खबर है। यही नहीं इन लोगों ने पास में घास चर रहे एक पशु को भी मार डाला। खाने की कमी के चलते पूरे देश में दंगे की स्थिति है। एक विपक्षी सांसद ने बताया कि खाने की कमी के चलते बीते दो दिनों में 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं।

करीब 4 साल की मंदी और दुनिया की सबसे अधिक महंगाई दर के चलते वेनेजुएला में लाखों लोग गरीबी के संकट में घिर गए हैं। इसके चलते निकोलस मादुरो का साम्यवादी शासन संकट में है। खबरों के मुताबिक खाने की कमी के चलते उपद्रवियों ने एक ट्रक लूट लिया, जिसमें मक्का लदा हुआ था। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भी यह दिख रहा है कि किस तरह से लोग एक गाय का पीछा करते हैं और उसे मार डालते हैं। विडियो के नैरेटर ने बताया, 'वे शिकार कर रहे हैं। लोग भूख से परेशान हैं।' सांसद पापारोनी ने बताया कि भूख से परेशान लोगों ने अब तक 300 से ज्यादा पशुओं को मार डाला है। 


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राजनाथ ने जिस इलाके में दौरा किया, वहीं हेलिकॉप्टर से चीन ने की घुसपैठ

नई दिल्ली: भारत भले ही डोकलाम विवाद सुलझाने में कामयाब रहा हो लेकिन फिर भी चीन की चालाकियां कम नहीं हुई हैं। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक चीन ने भारतीय सीमा पर  73 बार घुसपैठ की है। यह घुसपैठ डोकलाम विवाद सुलझाने के बाद भी हुई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 30 सितंबर, 2017 को बाराहोती में के ITBP की 2 बीएओपी (रिमखिम और लपथल) का दौरा किया था। राजनाथ के इस दौरे के बाद उसी इलाको में 11 अक्तूबर, 2017 को चीन भारत की सीमा के अंदर 2 हेलिकॉप्टर से तुंजुन ला के रास्ते 4.5 किमी सीमा के अंदर घुस आया था। ये दोनों हेलिकॉप्टर MI-17 थे, जो भारतीय क्षेत्र में यानी रिमखिम और लपथल के इस इलाके में 1200 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। इसके बाद 7 नवंबर को लद्दाख क्षेत्र में 4 चीनी हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा में घुस आए थे। एक हेलि‍कॉप्टर करीब 30 मिनट तक हवा में मंडराता रहा था. हेलिकॉप्टर से घुसपैठ के अलावा अक्तूबर और नवंबर में ट्रिंग हाईट, रिमखिम और डेप्संग में भी चीन ने कई बार घुसपैठ की।
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2017 में बढ़ीं घुसपैठ की घटनाएं
2016 के मुकाबले 2017 में घुसपैठ की घटनाएं काफी बढ़ीं हैं। 2016 में चीन ने जहां सिर्फ 270 बार घुसपैठ की कोशिश की वहीं 2017 में यह संख्या बढ़कर 400 हो गई। 2015 में 350 घुसपैठ की घटनाएं सामने आई थीं। अखबार के पास मौजूद जानकारी के अनुसार अक्तूबर में लद्दाख क्षेत्र में ट्रिंग हाईट के पास 6 बार घुसपैठ की घटनाएं हुई। वहीं 3 नवंबर और 14 अक्तूबर को चीनी सेना भारतीय सीमा के अंदर 7 किलोमीटर भारत के अंदर घुस आई थी।


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हाफिज को लेकर पाक ने साधी चुप्पी, दबाव बना रहा अमेरिका

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान ने चुप्पी साध ली है। हालांकि उसका कहना है कि वह अंतरर्राष्ट्रीय दायित्व के प्रति पूरी तरह से गंभीर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि पाकिस्तान सईद समेत संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रतिबंधित सभी लोगों और समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जहां तक हाफिज सईद का संबंध है, पाकिस्तान अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को बेहद गंभीरता से लेता है। 

पाकिस्तान ने सईद के संगठनों पर लगाया प्रतिबंध
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूचीबद्ध लोगों और संगठनों की संपत्तियों को फ्रीज करने, हथियारों के निषेध और यात्रा प्रतिबंध से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रतिबंधों को लागू किया जा रहा है। पाकिस्तान ने हाफिज सईद के मुखौटा संगठन जमाद उद दावा को मिलने वाले सभी फंड पर रोक लगा रखी है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंधित सूची में शामिल सभी संगठनों की फंडिंग पर रोक लगाई गई है। इस दौरान फैसल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ बात करने के लिए तैयार है लेकिन इस दिशा में इसलिए भी बहुत कुछ नहीं' किया जा सकता क्योंकि भारत बात करने के लिए तैयार नहीं है।

ट्रंप ने दी थी चेतावनी
बता दें कि ट्रंप ने 2018 के पहले दिन अपने पहले ट्वीट में पाकिस्तान पर धोखे और विश्वासघात का आरोप लगाते हुए सभी सैन्य मदद पर रोक लगा रखी है, जिसके बाद पाकिस्तान ने यह कार्रवाई की। ट्रंप ने कहा था कि पिछले 15 सालों के दौरान अमेरिका ने पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की मदद दी और बदले में उसे आतंक की लड़ाई के नाम पर केवल झूठ ही मिला। 


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जापान में बर्फबारी, 15 घंटे तक ट्रेन में फंसे रहे 430 लोग

जापान में पिछले कुछ दिनों से भारी बर्फबारी हो रही है। जिसके चलते वीरवार  को करीब 430 लोग रातभर एक ट्रेन में फंसे रहे। जेआर ईस्ट रेलवे कंपनी की निगाता शाखा के प्रवक्ता शिनिची सेकी ने बताया कि करीब 15 घंटे तक ट्रेन को रोक कर रखा गया जिसके बाद शुक्रवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर ट्रेन को फिर से रवाना किया गया।
सेकी ने बताया कि रास्ते में भारी बर्फबारी होने से पटरी पर बर्फ जम गई जिसके कारण ट्रेन के पहिये मुड़ नहीं पा रहे थे। ट्रेन स्टेशन से पहले ही 7 बजे रेलवे क्रॉसिंग पर रुक गई। सेकी ने यात्रियों से 15 घंटे हुई इस परेशानी के लिए मांफी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि अगर ट्रेन रेलवे क्रॉसिंग पर ना रुकी होती तो वह यात्रियों के लिए कुछ चीजों का इंतजाम कर सकते थे। 
गौरतलब है कि जापान में हर साल इस महीने में बर्फबारी होती है, जिसके कारण जन-जीवन ठप्प हो जाता है। वर्ष 2016 में राजधानी टोक्यो और पूर्वी हिस्से में बर्फबारी के कारण 12 लोगों की मौत हो गई थी। इस वक्त रिपोर्ट आई थी कि जापान में 27 सेंटीमीटर हिमपात हुआ था, जिसने 45 वर्षों को रिकार्ड तोड़ था। एक सप्ताह तक बर्फबारी के कारण देश के कई हिस्सों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। लाखों लोगों को ना सिर्फ अपने घरों में कैद रहना पड़ा था बल्कि कई दिनों तक बिना बिजली के गुजारा करना पड़ा था। 


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रोहिंग्या संकट : म्यांमार सेना ने कबूला कड़वा सच

म्यांमारI रोहिंग्या संकट को लेकर म्यांमार सेना ने पहली बार कड़वा सच कबूल करते माना है कि उसके सैनिक रखाइन प्रांत में भड़की हिंसा के दौरान रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या में शामिल थे। हालांकि सेना ने सिर्फ़ एक मामले में यह संलिप्तता स्वीकार की है। सेना के मुताबिक़, जांच में पाया गया है कि म्यांगदो के इन दीन गांव में 10 लोगों की हत्या में सुरक्षा बलों के चार जवान शामिल थे। सेना रोहिंग्या चरमपंथियों के लिए 'बंगाली आतंकवादी' शब्द का इस्तेमाल करती है। पिछले साल अगस्त में भड़की हिंसा के बाद से साढ़े 6 लाख से ज़्यादा रोहिंग्या मुसलमान रखाइन से भागकर पड़ोस के बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं। हिंसा के दौरान सामूहिक हत्याओं, बलात्कार और अत्याचार की दर्दनाक कहानियां सामने आई थीं। रोहिंग्या मुसलमानों का आरोप है कि सेना और स्थानीय बौद्धों ने मिलकर उनके गांव जला दिए और उन पर हमले किए। सेना ने आम लोगों पर हमले करने के आरोपों से इंकार करते हुए कहा था कि उसने सिर्फ़ रोहिंग्या चरमपंथियों को निशाना बनाया था। म्यांमार ने पत्रकारों और बाहरी जांचकर्ताओं को रखाइन प्रांत में स्वतंत्र रूप से घूमकर पड़ताल की इजाज़त नहीं दी थी।