Updated -

mobile_app
liveTv

मुझे खुश रखने के लिए व्यापारिक समझौता करना चाहता है भारत: डोनाल्ड ट्रम्प

वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्हें खुश रखने के लिए भारत अमेरिका के साथ तुरंत व्यापारिक समझौता करना चाहता है। यह बात ट्रम्प ने सोमवार को मैक्सिको और कनाडा के साथ हुए व्यापारिक समझौते की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। उन्होंने भारत को ‘टैरिफ किंग’ भी कहा।

‘टैरिफ के मुद्दों पर बात ही नहीं हुई’

1.ट्रम्प बोले, ‘‘व्यापारिक समझौतों के लिए मैंने ब्राजील और भारत जैसे देशों से कभी बात नहीं की। पिछली सरकारों ने टैरिफ के मुद्दे पर मेरी तरह विचार ही नहीं किया, जिसकी वजह से अमेरिका इस दिक्कत का सामना कर रहा है।’’

2.ट्रम्प ने कहा कि भारत ने हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर काफी ज्यादा टैरिफ लगाया है। यह 100% से भी ज्यादा है। ट्रम्प ने कहा कि भारत से रिश्ते काफी अच्छे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई थी। उन्होंने डील को लेकर हमसे बात की, लेकिन हमने कोई चर्चा ही नहीं की।

3.ट्रम्प ने कहा कि वॉशिंगटन नए व्यापारिक समझौतों के लिए यूरोपियन संघ, चीन, जापान और भारत से बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने भारतीयों से पूछा कि वे वॉशिंगटन के साथ व्यापार क्यों करना चाहते हैं। जवाब मिला कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए है।

पिछले हफ्ते भी ट्रम्प ने कहा था कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करना चाहता है, क्योंकि वह अपने उत्पादों पर आयात शुल्क नहीं चाहता। ट्रम्प पहले भी भारत पर अमेरिकी उत्पादों में 100% आयात शुल्क लगाने का आरोप लगाकर व्यापार युद्ध शुरू करने की धमकी दे चुके हैं।

रघुराम राजन के बाद IMF की मुख्य अर्थशास्त्री बनी भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ

संयुक्त राष्ट्र। जानीमानी शिक्षाविद और केरल सरकार की आर्थिक सलाहकार गीता गोपीनाथ को सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया. आईएमएफ में इस पद पर पहुंचने वाली गीता दूसरी भारतीय हैं. उनसे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी आईएमएफ में प्रमुख अर्थशास्त्री रह चुके हैं।

गीता की नियुक्ति की घोषणा करते हुए आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्दे ने कहा कि गोपीनाथ "दुनिया के उत्कृष्ट अर्थशास्त्रियों में से एक है और उनका पिछला रिकॉर्ड बेहद शानदार हैं और उन्हें वृहद अंतर्राष्ट्रीय अनुभव हासिल है।"

लेगार्दे ने एक बयान में कहा, "वह इस महत्वपूर्ण अवसर पर हमारे शोध विभाग की अगुवाई करने के लिए माकूल हैं. मैं उन जैसी प्रतिभाशाली हस्ती का नाम हमारे मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में घोषित करते हुए आनंदित हूं." वह इस पद पर मौरिस ऑस्टफेल्ड की जगह लेंगी, जिन्होंने जुलाई में ही इस साल के अंत तक अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की थी।

गोपीनाथ का परिचय ?

गीता गोपीनाथ ने अपनी एमए की डिग्री दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स से हासिल की है. वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन और अर्थशास्त्र की जॉन ज्वानस्त्रा प्रोफेसर हैं.

गीता गोपीनाथ केरल के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार भी हैं और हार्वर्ड में प्रकाशित उनके जीवन परिचय के मुताबिक, इस मानद पद पर उनकी नियुक्ति साल 2016 में हुई थी और उन्हें मुख्य सचिव का रैंक दिया गया है.

वह भारत के वित्त मंत्रालय के जी-20 सलाहकार समिति में प्रतिष्ठित सदस्य के रूप में शामिल रही हैं. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय व्यापक अर्थशास्त्र और व्यापार पर किए गए शोध से साल 2001 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि हासिल की है.

गीता गोपीनाथ साल 2005 में हार्वर्ड में शामिल हुईं, उससे पहले वह यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं. उन्होंने अपनी बैचलर की डिग्री लेडी श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली से हासिल की है.

पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ISI के नए प्रमुख बन सकते हैं असीम मुनी

लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का नया प्रमुख बनाए जाने की उम्मीद है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी के मौजूदा प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार सोमवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की अध्यक्षता वाले आर्मी प्रमोशन बोर्ड ने सोमवार को सेवानिवृत्त हो रहे पांच जनरलों की जगह छह जनरलों के प्रमोशन पर अपनी मंजूरी दे दी.

द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की संभावना बेहद ज्यादा है कि लेफ्टि. जनरल मुनीर इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक नियुक्त किए जाएंगे. लेफ्टिनेंट जनरल मुख्तार ने दिसंबर 2016 में आईएसआई के महानिदेशक का पद संभाला था.

इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी के बाद अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत

जकार्ता।  इंडोनेशिया में भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में मरने वालों की तादाद करीब 832 तक पहुंच गई। सबसे ज्यादा नुकसान सुलावेसी द्वीप के पालू और दोंगला शहर में हुआ। यहां करीब 10 से 17 फीट तक ऊंची समुद्री लहरों में लोग बह गए। हजारों इमारतें गिर गईं और इनके मलबे में सैकड़ों लोग फंसे हैं। इन लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गयी थी। भूकंप का केंद्र दोंगला से 56 किमी दूरी पर जमीन से 10 किमी नीचे था।

आपदा एजेंसी की लापरवाही से बचने का मौका नहीं मिला
इतनी बड़ी तादाद में लोगों की मौत के पीछे आपादा एजेंसी बीएमकेजी की लापरवाही भी है। एजेंसी ने पहली बार भूकंप आने पर सुनामी की चेतावनी जारी की थी, लेकिन 34 मिनट बाद ही इसे वापस ले लिया। इसके बाद 7.5 तीव्रता के दो भूकंप और आए। 3 घंटे के भीतर ही पालू और दोंगला में सुनामी आ गई। चेतावनी वापस लेने की वजह से लोग सुरक्षित जगहों पर नहीं पहुंच पाए। पालू के बीच पर शुक्रवार शाम को फेस्टिवल चल रहा था। पालू में करीब 3.80 लाख लोगों पर असर पड़ा है। दोंगला भी करीब-करीब तबाह हो गया है। अस्पताल भर गए हैं और खुले में भी लोगों का इलाज किया जा रहा है।

कई परिवार लापता
इंडोनेशिया की डिजास्टर एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो ने बताया कि ऊंची लहरों की वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा और कई परिवार अभी भी लापता हैं। सुतोपो ने कहा कि सुलावेसी में कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। अंधेरे की वजह से राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आईं। पालू एयरपोर्ट बंद हो जाने से इंडोनेशियाई सेना को मदद पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।

हमें गर्व है कि मंडेला को भारत रत्न मानते हैं हम : सुषमा

संयुक्त राष्ट्र। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को यहां कहा कि दक्षिण अफ्रीका के दिवंगत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की विचारधारा दुनिया में पहले से ज्यादा प्रासंगिक हैं। "मदीबा" के नाम से मशहूर मंडेला के साथ भारत के मजबूत रिश्ते का जिक्र करते हुए स्वराज ने कहा कि भारतीय उन्हें अपना मानते हैं।

उन्होंने कहा, "हमें गर्व है कि हम उन्हें भारत रत्न कहते हैं।" मालूम हो कि मंडेला को 1990 में "भारत रत्न" से सम्मानित किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र में बहस की शुरुआत से पहले सोमवार को आयोजित नेल्सन मंडेला शांति सम्मेलन में स्वराज ने कहा, "नेल्सन मंडेला का जीवन सभी के लिए प्रेरणा है। भेदभाव और प्रतिकूल स्थिति के बाद भी उन्होंने निडरता और साहस दिखाया।" स्वराज ने कहा कि मंडेला की ओर से अपनाए गए त्याग, करुणा और सामाजिक समावेश के मूल्यों की अब मौजूदा उथल-पुथल भरी दुनिया में पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है। 

स्वराज ने कहा कि आज दुनिया "संघर्षों, आतंक और नफरत भरी विचारधारा से भरी है जो सीमाओं से परे हैं और हमारी जिंदगी पर असर डाल रहे हैं।" उन्होंने कहा, "एक वैश्विक परिवार के तौर पर हमारे सामूहिक अस्तित्व को मंडेला जैसे महान नेता की बुद्धिमता की जरूरत है और यह हमारा नैतिक दायरा होना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "भारत, अफ्रीका एवं उसके लोगों के साथ अपने विशेष संबंध और लंबे समय से कायम साझेदारी पर गर्व करता है। मंडेला और गांधी के दर्शन में हमारा करीबी रिश्ता झलकता है।" सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण एवं समृद्ध संसार बनाने की प्रतिज्ञा लेकर मंडेला के प्रति सम्मान प्रकट किया। 

विदेशी समकक्षों के साथ सुषमा ने कीं द्विपक्षीय बैठकें

विदेश मंत्री ने महासभा के उच्चस्तरीय सत्र से इतर अपने महत्वपूर्ण विदेशी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने मोरक्को के विदेश मंत्री नासिर बोरिता, यूरोपीय संघ में विदेशी मामलों की उच्च प्रतिनिधि फेडेरिका मोघेरिनी, लिचटेंस्टीन की विदेश मंत्री ऑरेलिया फ्रिक, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली, स्पेन के विदेश मंत्री जोसफ बोरेल, कोलंबिया के विदेश मंत्री कार्लोस होम्स त्रुजिलो, इक्वाडोर के विदेश मंत्री जोस वालेंसिया, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पायने और मंगोलिया के विदेश मंत्री दामदिन सोग्तबातार से मुलाकात की।

सात साल की उम्र में छेड़खानी और 16 साल में हुआ था रेप : पद्मा लक्ष्मी

वॉशिंगटन। अमेरिकन मॉडल, लेखिका, अभिनेत्री और टीवी पर्सनालिटी पद्मा लक्ष्मी ने हाल ही में खुलासा किया है कि किशोरावस्था में उनके साथ रेप हुआ था। उन्होंने बताया कि महज सात साल की उम्र में उनके साथ छेड़खानी हुई थी और 16 साल की उम्र में उनका रेप हुआ था। मामला तीन दशक पुराना है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे लेख के मुताबिक, पहली बार उनके साथ 7 साल की उम्र में छेड़खानी हुई थी। अपनी व्यथा बताते हुए लक्ष्मी ने कहा कि वह 23 साल के एक चार्मिंग और हेंडसम लड़के को डेट कर रही थीं। वह उस वक्त कॉलेज जाता था। वहीं मेरी उम्र उस वक्त 16 साल थी और मैं लॉस एंजल्स के एक मॉल में पार्ट टाइम जॉब करती थीं। 

वह अक्सर वहां आया करता था और फ्लर्ट करता था। इसके बाद दोनों एक रिलेशनशिप में आ गए। लक्ष्मी बताती हैं कि एक दिन जब मैं सो रही थी, उस वक्त उसने मेरा रेप किया था। तीन दशक पहले एक नए साल का जश्न मनाने के बाद वह अपने बॉयपफ्रेंड के साथ थीं। वह थकी हुई थीं और इसके चलते वह उसके अपार्टमेंट में ही सो गईं।

लक्ष्मी ने कहा कि अगली चीज जो मुझे याद है कि मेरी नींद उस वक्त खुली, जब मुझे लगा कि किसी ने मेरे पैरों में चाकू घुसा दिया है। मुझे तेज दर्द हुआ। वह मेरे ऊपर था। मैंने उससे पूछा कि वह क्या कर रहा है? उसने कहा-यह थोड़ी देर के लिए ही दर्द देगा। मॉडल ने बताया कि हमारे बीच संबंध जब बने, तो वह जानता था कि मैं वर्जिन हूं और अभी शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार नहीं हूं। वह कहती हैं कि उस वक्त मुझे नहीं पता था कि डेट रेप क्या होता है। वह कहती हैं कि मुझे यह भी नहीं पता था कि उस घटना को रेप कहूं या सेक्स। मगर, इसके बाद भी मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड को कहती रही कि मैं वर्जिन हूं, क्योंकि मैं भावनात्मक रूप से वर्जिन थी।

इटली में हुई ईशा अंबानी और आनंद पिरामल की शाही सगाई

रोम। देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की सगाई इटली के लेक कोमो में हुई। शाही अंदाज में हुए इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की हस्तियां मौजूद थीं। इस समारोह से जुड़े कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

एक वीडियो में गोल्डन ड्रेस में सजी ईशा अंबानी किसी राजकुमारी की तरह दिख रही हैं। वह ने पि‍ता मुकेश के साथ हाथ पकड़कर आती हुई दिखती हैं। इस दौरान लोग तालियों से उनका स्वागत करते हैं।

ईशा पिता मुकेश अंबानी का हाथ थामे हुए आती हैं और थोड़ा आगे चलकर मुकेश अंबानी बेटी ईशा का हाथ आनंद पीरामल को थमा देते हैं। इसके बाद वे दोनों आगे बढ़ जाते हैं। इस विला को चारों तरफ से फूलों से सजाया गया है। वायरल हो रही एक तस्वीर में दिख रहा है कि कमरे की खिड़की के मुकेश अंबानी और ईशा अंबानी बाहर खड़े लोगों को देख रही हैं। सगाई की जगह के पीछे झील का खूबसूरत नजारा इस आयोजन को और भी हसीन बना देता है। इस शाही सगाई के गवाह बॉलीवुड एक्टर आमिर खान से लेकर प्रियंका चोपड़ा-निक जोन्स, करण जौहर, अनिल कपूर, जाह्नवी कपूर, मनीष मल्होत्रा, जूही चावला, सोनम कपूर आदि बने।

राफेल डील : फ्रांस को भारत के साथ संबंध खराब होने का डर

पेरिस। फ्रांस सरकार ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के राफेल करार पर बयान से उपजे विवाद के बाद उसे भारत के साथ संबंध खराब होने का डर है। राफेल लड़ाकू जेट विमानों की खरीद को लेकर ओलांद के बयान ने भारत में पहले से चल रहे विवाद को और हवा दे दी है।

ओलांद ने पिछले साल मई में फ्रांस के राष्ट्रपति का पद छोड़ा था। शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि फ्रांस की विमान कंपनी दासौ एविएशन को 2016 में भारतीय प्रशासन के साथ हुए सौदे के तहत भागीदार चुनने में कोई विकल्प नहीं दिया गया था। 

ओलांद के बयान पर रविवार को फ्रांस के जूनियर विदेश मंत्री जीन-बापटिस्ट लीमोयने ने कहा कि यह जो बयान दिया गया है, इससे किसी का भला नहीं होने वाला है। सबसे बड़ी बात है कि इससे फ्रांस को कोई फायदा नहीं होने वाला है।

एक साक्षात्कार में लीमोयने ने कहा कि कोई भी जब पद पर नहीं है और वह ऐसा वक्तव्य देता है, जिससे भारत में विवाद खड़ा होता है और भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक भागीदारी को नुकसान पहुंचाता है, तो यह वास्तव में उचित नहीं है। ओलांद ने यह बयान खुद अपने बचाव में दिया है। उन पर आरोप है कि उनकी गर्लफ्रेंड जूली गाएत ने 2016 में एक फिल्म का निर्माण अंबानी की कंपनी के सहयोग से किया। यह निश्चित तौर पर हितों के टकराव को दिखाता है।

अमेरिकी ने लगाए चीन पर प्रतिबंध, बौखलाहट में उठाया यह कदम

वॉशिंगटन। अमेरिका ने चीन की कई कंपनियों पर रूस से हथियार खरीदने पर प्रत‍िबंध लगा रखा है। दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर पहले से ही चरम पर है। लिहाजा, अमेरिकी प्रतिबंधों से बौखलाए चीन ने भी अमेर‍िका के प्रत‍ि अपने तेवर सख्‍त कर लिए हैं। चीन ने अमेरिकी राजदूत टेरी ब्रांस्‍टैंड और नौसेना प्रमुख को तलब किया है।

साउथ चीन मॉर्निग पोस्‍ट की से मिली जानकारी के तहत, बीजिंग में होने वाली तीन दिवसीय द्व‍िपक्षीय वार्ता भी स्‍थगित कर दी गई है। इसके साथ ही कहा गया है कि यदि अमेरिका चीन पर लगे प्रत‍िबंध को वापस नहीं लेता है, तो चीन आगे सख्‍त कार्रवाई कर सकता है। चीन की सरकार ने अमेरिका को अपनी गलती सही करते हुए उसमें सुधार लाने के साथ ही प्रत‍िबंध हटाने को कहा है। 

बता दें क‍ि चीन ने रूस से एस 400 विमान खरीदने की स्वीकृति दी है। इसके बाद गुरुवार को अमेरिका ने चीन के केंद्रीय सैन्‍य आयोग के उपकरण व‍िकास विभाग और उसके निदेशक ली शांगफू पर अपने सीएएटीएसए एक्‍ट के उल्‍लंघन करने के आरोप में आपत्‍ति‍ जताई है।

इसके बाद ही चीन के रक्षा मंत्री ने इस प्रतिबंध पर आपत्‍ति‍ जताते हुए इस पर सख्‍त विरोध दर्ज कराया है। चीन के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चीनी सैन्य नेतृत्व ने पहले से अमेरिकी के इस पक्ष का विरोध किया है।

भारत पाकिस्तान के बीच वार्ता से अमेरिका खुश, कहा उम्मीद है कि बेहतर होंगे रिश्ते

वॉशिंगटन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच संवाद की बहाली के लिए पत्र लिखा है। सबसे महत्वपूर्ण वह चाहते हैं कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और शाह महमूद कुरैशी के बीच वार्ता हो। खासतौर से यह वार्ता इसी महीने न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा (यूएनजीए) के दौरान हो। दोनों देशों के बीच वार्ता आगे बढ़ने का अमेरिका ने स्वागत किया है।

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा कि यह अच्छी खबर है कि भारत और पाकिस्तान एक साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। हमें रिपोर्ट्स मिली हैं कि पाकिस्तानी पीएम और भारतीय पीएम के बीच सकारात्मक संदेश भेजे गए हैं।

नोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भविष्य में स्थितियां सुधरेंगे, संबंध मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध बनेंगे। बताते चलें कि इमरान खान का यह पत्र पीएम मोदी के उस पत्र के जवाब में था, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच सार्थक और रचनात्मक बातचीत की बात कही थी।

पाकिस्तान चुनाव में जीत मिलने के बाद इमरान खान ने कहा था कि यदि भारत रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएगा, तो वह दो कदम आगे बढ़ाएंगे। पिछले कुछ हफ्तों से इस बात को लेकर अटकलें जताई जा रही थी कि यूएनजीए में स्वराज और कुरैशी मुलाकात करेंगे या नहीं। खान का यह पत्र दोनों देशों के बीच मौलिक बातचीत का आधिकारिक प्रस्ताव है। 

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अपने पत्र में खान ने दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय वार्ता बहाली की बात कही है। द्वीपक्षीय वार्ता 2015 में होने वाली थी, लेकिन पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले की वजह से यह रद्द हो गई थी। इस संदर्भ में खान का कहना है कि भारत और पाकिस्तान मिलकर बातचीत से सभी मुद्दों को हल कर लेंगे, जिसमें आतंकवाद और कश्मीर का मसला शामिल है।

भारत सरकार चाहती है कि पाकिस्तान बातचीत के लिए एक अर्थपूर्ण माहौल बनाए और उन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, जो उसकी धरती से भारत को अपना निशाना बनाते हैं। खान का पत्र ऐसे समय में आया है जब कुछ मंत्रियों का कहना है कि खान के नेतृत्व में पड़ोसी देश में कुछ भी बदलने वाला नहीं है क्योंकि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन प्राप्त है।

सऊदी की महिला ने किया पिता के खिलाफ केस, मेल गार्जियनशिप पर शुरू हुई बहस

रियाद। सऊदी अदालत ने एक महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है। महिला के पिता ने फैसले किया था कि उसका पासपोर्ट नहीं बनेगा, जिसे महिला ने कोर्ट में चुनौती दी थी। इस फैसले के बाद देश में विवादास्पद मेल गार्डियनशिप सिस्टम (पुरुष अभिभावक प्रणाली) को लेकर बहस शुरू हो गई।

रूढ़िवादी साम्राज्य में महिलाओं को यात्रा करने, शादी करने और अन्य कार्यों को करने के लिए पुरुष अभिभावकों यानी अपने पिता, पति या अन्य पुरुष रिश्तेदारों की इजाजत चाहिए होती है। इस दुर्लभ मामले में पश्चिमी जेद्दाह शहर में रहने वाली एक अज्ञात 24 वर्षीय महिला विदेश में अध्ययन करने के लिए पासपोर्ट चाहती थी। मगर, उसके पिता ने उसे पासपोर्ट बनवाने की इजाजत नहीं दी। 

स्थानीय सरकार के ओकाज समाचार पत्र सहित स्थानीय मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इस सप्ताह एक सिविल कोर्ट ने महिला के पिता को आदेश दिया है कि वह महिला के लिए पासपोर्ट हासिल करवाए। समाचार पत्र ने यह भी कहा कि एक विश्वविद्यालय के छात्रा बीते 10 साल तक अपनी मां के साथ रह रही थी और उसने बीते छह साल से अपने पिता को देखा तक नहीं था।

सऊदी अरब में बड़े पैमाने पर सामाजिक सुधार हो रहे हैं। इनमें महिलाओं को ड्राइव करने, फुटबॉल खेलों में भाग लेने और पारंपरिक रूप से पुरुषों की भूमिका वाले माने जाने वाले काम करने की इजाजत देने वाले ऐतिहासिक निर्णय शामिल हैं। 

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 रिफॉर्म प्लान में तेल के युग के बाद महिलाओं को अगले दशक के अंत तक एक तिहाई कामकाजी आबादी में शामिल करना है। हालांकि, देश में पुरुष अभिभावक प्रणाली की भी लंबे समय से आलोचना हो रही है। इस व्यवस्था को लंबे समय से महिलाओं के दमन का प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। जहां, महिला रिश्तेदारों की तरफ से फैसला लेने का मनमाना अधिकार उनके घर के पुरुषों को मिला हुआ है।

सऊदी अरब की शूरा काउंसिल के सदस्य लतीफाह असहालन ने ट्वीट किया कि यदि पुरुषों की तरह किसी महिला अपना पासपोर्ट प्राप्त करने का अधिकार है, तो हमें इस मामले में फैसला करने के लिए कोर्ट की जरूरत नहीं है। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया में भी कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।

रिपोर्ट : कैम्ब्रिज एनालिटिका के रिसर्चर को TWITTER ने भी बेचा था डेटा

लंदन। फेसबुक के बाद अब बड़ा सोशल मीडिया आउटलेट ट्विटर भी कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़े डेटा लीक मामले में फंसता नजर आ रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2015 में ट्विटर ने कैंब्रिज एनालिटिका को डेटा बेचा था। गौरतलब है कि कैंब्रिज एनालिटिका पहले करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डाटा का इस्तेमाल बिना उसकी जानकारी के करने के कारण विवादों में आई थी।

संडे टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंब्रिज एनालिटिका के लिए टूल्स बनाने वाले एलेक्जेंडर कोगन ने 2015 में माइक्रोब्लागिंग वेबसाइट से डाटा खरीदा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोगन ने दिसंबर 2014 से अप्रैल 2015 के दौरान ट्विटर से ट्वीट, प्रयोगकर्ता के नाम, फोटो, प्रोफाइल तस्वीर और गंतव्य संबंधी डेटा खरीदे थे। ज्यादातर ट्वीट सार्वजनिक थे। ट्विटर कंपनियों और संगठनों से उन्हें सामूहिक रूप से जुटाने के लिए शुल्क वसूलती है।

एलेक्जेंडर कोगन ने ग्लोबल साइंस रिसर्च (जीएसआर) की स्थापना की थी। इस इकाई को ट्विटर के आंकड़े मिल जाते थे। कोगन का कहना है कि उन्होंने इस सूचना का इस्तेमाल सिर्फ ‘ब्रैंड रिपोर्ट’ बनाने और ‘सर्वे एक्सटेंडर टूल्स’ के लिए किया और ट्विटर की नीतियों का उल्लंघन नहीं किया।

इससे पहले इसी महीने फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने अपनी गलती मानते हुए कहा था कि 8.7 करोड़ यूजर्स का डाटा अनुचित तरीके से कैंब्रिज एनालिटिका को दिया गया। फेसबुक के अपने यूजर्स की गोपनीयता (प्राइवेसी) को सुरक्षित रखने में विफल रहने के बाद सोशल मीडिया कंपनियां जांच के घेरे में हैं।