Updated -

mobile_app
liveTv

प्रधानमंत्री ने अफ्रीकी देशों को 'शीर्ष प्राथमिकताÓ में शामिल किया : सुषमा स्वराज

गांधीनगर । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अफ्रीकी देशों को  आश्वस्त किया कि भारत उनका विश्वसनीय साझीदार बना रहेगा और अफ्रीकी देशों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगन के साथ काम करना जारी रखेगा। वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान 'अफ्रीका दिवसÓ के दौरान करीब 50 अफीक्री देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विदेश और आर्थिक नीति में अफ्रीका को 'शीर्ष प्राथमिकताÓ में रखा है। सुषमा स्वराज ने कहा, अफ्रीका की सुरक्षा, पुनरोद्धार और समृद्धि के मार्ग पर भारत एक विश्वसनीय साझीदार बना रहेगा और वहां के लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अफ्रीका के साथ मिलकर काम कर रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत निवेशकों के सम्मेलन में पहली बार किसी महाद्वीप को एक पूरा दिन समर्पित कर रहा है, जिससे पता चलता है कि देश अफ्रीकी अर्थव्यवस्था को कितना महत्व देता है। सुषमा स्वराज से पहले यूगांडा के विदेश मामलों के मंत्री हेनरी ओकेलो ने कहा कि भारत और अफ्रीका के रिश्तों में गतिशीलता के अभाव के कारण चीन ने महाद्वीप की संभावनाओं पर गौर करते हुए बड़ी पहल की। 
ओकेलो ने कहा, सबको पता है अतीत में भारत और अफ्रीका के संबंध काफी मजबूत रहे हैं लेकिन इसमें ठहराव के चलते चीन ने अफ्रीकी क्षेत्र में संभावनाओं को देखा और बड़ी पहल की। अब इसे पटरी पर लाये जाने की जरूरत है। अफ्रीका दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वराज ने कहा कि इसका आयोजन महात्मा गांधी की 150वीं जयंती एवं महान अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला की जन्मशती वर्ष में किया जा रहा है। विदेश मंत्री ने कहा, पिछले चार साल में ? 
अफ्रीका के साथ हमारे लंबे समय से चले आ रहे संबंधों में गतिशीलता आई है। अफ्रीका के साथ हमारा राजनीतिक संपर्क बहुत अधिक बढ़ा है। इस दौरान कई मंत्रियों के अलावा राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अफ्रीकी देशों की 29 यात्राएं की है। सुष्मा स्वराज ने कहा कि अफ्रीका भारत का महत्वपूर्ण व्यापार और निवेश साझीदार बनकर उभरा है।

रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश भेजने के आरोपों से बीएसएफ का इनकार

अगरतला । सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के उन आरोपों को खारिज किया है कि वह जानबूझकर रोहिंग्या मुसलमानों को उनके क्षेत्र में भेज रहा है। ें कहा गया है कि बीएसएफ ब्राह्मनबाड़ी में कस्बा उपजिला के काजिआताली सीमा क्षेत्र से 31 रोहिग्याओं को उनके देश में भेजने की कोशिश कर रहा है। यह क्षेत्र यहां से 32 किलोमीटर दूर त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में कमलासागर में आता है। बीएसएफ त्रिपुरा सीमा क्षेत्र ने इन आरोपों को गलत और आधारहीन बताते हुए एक बयान जारी करके कहा कि 18 जनवरी को रात करीब साढ़े आठ बजे बीजीबी के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल गोमाल कबीर ने बीएसएफ के कमांडेन्ट रत्नेश कुमार से बात की और उन्हें सूचित किया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 31 रोहिंग्या मुसलमानों को हिरासत में लिया है। बयान के अनुसार,  25 बीजीबी के कमांडिंग ऑफीसर ने बीएसएफ कमांडेन्ट से कहा कि वे उन रोहिंग्याओं को भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी)तारबंदी के अंदर ले लें। बीजीबी के कमांडिंग ऑफीसर ने यह भी आरोप लगाया कि बीएसएफ रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश के इलाके में भेज रहा है। बयान में कहा गया कि बीएसएफ इन आरोपों से इनकार करता है।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने पेश की ये योजना

नई दिल्ली: ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने सोमवार को संसद में ब्रेक्जिट पर अपनी 'दूसरी योजना' (प्लान बी) पेश की. ईयू से ब्रिटेन के अलग होने संबंधी समझौते को सांसदों द्वारा खारिज किए जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. इससे पहले समझौता संसद में पारित नहीं हो पाने के कारण ब्रेक्जिट से पहले ब्रिटेन में राजनीति गर्मा गई है.

सांसद यदि समय रहते ऐसी वैकल्पिक योजना तैयार नहीं कर पाते, जिससे ब्रसेल्स खुश हो या ब्रेक्जिट की तय तारीख को स्थगित नहीं किया गया तो ब्रिटेन को बिना किसी समझौते के 29 मार्च को यूरोपीय संघ छोड़ना पड़ सकता है.

गौरतलब है कि मे के समझौते को 'हाउस ऑफ कामन्स' में 432 के मुकाबले 202 मतों से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव में 325 सांसदों ने उनकी सरकार का समर्थन किया जबकि 306 सांसदों ने संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था और मे 19 मतों के अंतर से जीत गईं थी.

मे ने गुरुवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रट, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से बात की. उन्होंने शुक्रवार को ईयू नेता जीन-क्लाउड जंकर और डोनाल्ड टस्क से भी फोन पर ब्रेक्जिट के संबंध में चर्चा की.

ईयू प्रमुखों बहुत पहले ही समझौते पर फिर से बातचीत से इनकार कर चुके हैं. लेकिन उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि मे नागरिकों के मुक्त आवागमन को बाधित करने और ईयू के सीमा शुल्क संघ को छोड़ने पर अपनी 'रेड लाइन' में बदलाव करती हैं तो वापसी की प्रक्रिया को स्थगित किया जा सकता है.

कनाडा के लोक सुरक्षा मंत्री ने चीन को लेकर कही ये बात .

टोरंटो: हुआवेई कंपनी के 5जी नेटवर्क को लेकर बढ़ते विरोध के बीच कनाडा ने कहा है कि चीनी दबाव से वह डरने वाला नहीं है. चीन ने हाल में यह धमकी दी थी कि अगर 5जी नेटवर्क के लिए उपकरण की आपूर्ति को लेकर हुआवेई पर प्रतिबंध लगाया गया तो इसके नतीजे ठीक नहीं होंगे. कनाडा के लोक सुरक्षा मंत्री ने शुक्रवार को यह बात कही.

हालिया घटना ने कनाडा और चीन के बीच बढ़ती तनातनी को रेखांकित किया है. ऐसे आरोप हैं कि टेलीकॉम क्षेत्र की इस बड़ी कंपनी पर चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण है या यह कंपनी चीन के लिये जासूसी में मदद करती है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अन्य देशों ने इसकी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है.

कनाडा के लोक सुरक्षा मंत्री राल्फ गुडेल ने कहा कि कनाडा बेहद स्पष्ट है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा. गुडेल ने कहा, ‘‘यह मुश्किल चुनौती है लेकिन हमें इसका डर नहीं है क्योंकि हम, कनाडा के लिये जो सही है और जो उसके हित में है, उसमें यकीन रखते हैं.’’ 
कनाडा के लिये चीन के राजदूत लू शाये ने बृहस्पतिवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि अगर कनाडा कंपनी को नये 5जी नेटवर्क से दूर रखता है तो इसके परिणाम ठीक नहीं होंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि ऐसे हालात में चिंता की बात यह है कि चीन के वाणिज्यिक हित और उसका राजनीतिक दबदबा तथा धमकियां सबकुछ एकसाथ मिल गये हैं. ‘‘मुझे लगता है कि यह कनाडा वासियों और दुनिया भर के लोगों के लिये चिंता की बात है.’’ 

कनाडा और उसकी सुरक्षा एजेंसियां इस बात का अध्ययन कर रही हैं कि हुआवेई के उपकरण का इस्तेमाल क्या ठीक होगा, क्योंकि फोन निर्माता कंपनी 5जी नेटवर्क प्रौद्योगिकी को शुरू करने वाली है.

बर्फीले तूफान के बाद बर्फ में दबे सैलानी

लद्दाख । जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में हिमस्खलन की चपेट में कई वाहन और लोग फंस गए है। इस हिमस्खलन में चार लोगों मौत होने की खबर है। वहीं 10 लोग लापता बताए जा रहे है। हिमस्खलन के कारण बर्फ की बड़ी चादर वहां खड़ी कार पर गिरी है जिसके कारण कार के अंदर सवार लोग भी फंस गए हैं। वहीं इस घटना के बाद सेना और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। लेकिन मौसम होने वाले बदलाव के कारण सेना को ऑपरेशन के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खबरों के मुताबिक, लद्दाख के खारदुंगला पास में बर्फीला तूफान आया है। जिसके कारण वहां के पर्यटक गाड़ी में फंस गए हैं। वहीं प्रत्यक्षदर्शीयों की माने तो बर्फीले तूफान ने एक स्कॉर्पियों कार को भी अपनी चपेट में लिया है। 
फिलहाल अभी तक कोई अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल इस बर्फीले तूफान में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। डिविजनल एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में न घूमें, पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामान साथ रखें क्योंकि इस अवधि के दौरान हवाई और जमीनी कनेक्टिविटी प्रभावित होने की आशंका है।

अमेरिका में खाने के पड़े लाले! विदेशी संस्था ने पहुंचाई राहत

वॉशिंगटन: अमेरिका में आंशिक संघीय कामबंदी से प्रभावित कर्मचारियों को स्पेन के एक प्रख्यात शेफ की मानवीय सहायता संस्था सूप और सैंडविच वितरित कर रही है. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, शेफ जोस एंद्रेस का वर्ल्ड सेंट्रल किचन अमेरिका के संघीय कर्मचारियों को भोजन मुहैया कर रहा है, जिन्हें कामबंदी की वजह से वेतन नहीं मिला है. एंद्रेस का यह किचन 2010 में हैती में आए भूकंप के बाद और प्यूटरे रिको में 2017 में तूफान मारिया से प्रभावित लोगों को भोजन मुहैया करा चुका है. गौरतलब है कि बुधवार को अमेरिकी कामबंदी का 26वां दिन है.

मिशेलिन स्टार शेफ ने कहा कि वह सरकारी कामबंदी को एक अन्य तरह का आपातकाल मानते हैं. दीवार निर्माण को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस के बीच गतिरोध के बाद से लगभग 800,000 संघीय कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है.

अमेरिका बंद: ट्रंप अपनी जिद पर अड़े, तमाम जोड़-तोड़ के बाद भी नहीं निकल रहा कोई नतीजा
आंशिक सरकारी बंदी से जूझ रहे व्हाइट हाउस ने संघीय कर्मचारियों का वेतन देने की अगली अंतिम तारीख नजदीक आते हुए देख इस गतिरोध को खत्म करने का नया तरीका अपनाया है. वह अब सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी को दरकिनार कर पार्टी के अन्य सदस्यों और सांसदों से सीधी बातचीत करने की कोशिश में लगा हुआ है. लेकिन मुद्दा अभी भी वही है, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए धन देने की अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. वह कई सप्ताह से जारी आंशिक सरकार बंदी को लंबे वक्त तक चलने देना चाहते हैं.
राष्ट्रपति बंद के 25वें दिन भी दीवार के लिए 5.7 अरब डॉलर की मांग पर अड़े हुए हैं. वहीं डेमोक्रैट्स का कहना है कि सरकार का कामकाज पूरी तरह से बहाल होने पर पार्टी सीमा सुरक्षा पर चर्चा करेगी. लेकिन पेलोसी दीवार के लिए पैसे की मांग को अप्रभावी और अनैतिक बताकर उसे खारिज कर रही हैं.

ट्रंप ने समर्थकों के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर अपनी जिद से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए. उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो हम लंबे समय तक बाहर रखेंगे. हम लंबे समय तक बाहर रह सकते हैं.’’ सरकार के आंशिक रूप से ठप पड़े काम के दौरान करीब 8,00,000 सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम कर रहे हैं या उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है.

ट्रंप ने कहा, ‘‘लोग इससे खुश हैं कि ऐसी स्थिति से सरकार कैसे निपट रही है.’’ वहीं प्रशासन को उम्मीद है कि वह अगले सप्ताह मंगलवार को अंतिम तारीख से पहले इस गतिरोध का हल निकाल लेंगे. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता मर्सिडीज श्लैप ने कहा, ‘‘हम सबको समझ आ रहा है कि समय खत्म हो रहा है और हमें उससे पहले इसे सुलझाना है.
इसकी अंतिम तारीख अगले सप्ताह मंगलवार है.’’ व्हाइट हाउस ने मंगलवार को सांसदों को दोपहर के भोजन पर बुलाया था, पेलोसी ने वहां पहुंचने वाले सांसदों को अपनी शुभकामनाएं दी. दूसरी ओर आंतरिक राजस्व सेवा बंद के कारण छुट्टी पर भेजे गए लगभग 46,000 कर्मचारियों को वापस बुला रही है ताकि आयकर टैक्स रिटर्न और रिफंड (आईटीआर) का काम पूरा किया जा सके.इन कमर्चारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा. लोगों को आयकर रिफंड का काम आधिकारिक तौर पर 28 जनवरी से शुरू होना है. ट्रंप प्रशासन ने लोगों से समय पर रिफंड देने का वादा किया है.

बम विस्फोट से दहली कोलंबिया ,इतने लोगों के मौत की पुष्टि

बोगोटा : बोगोटा में एक पुलिस कैडेट प्रशिक्षण अकादमी में गुरुवार को एक वाहन बम हमले में 10 लोगों की मौत हो गई और 65 अन्य घायल हो गए. यह कोलंबिया की राजधानी में पिछले 16 साल में हुआ सबसे भीषण हमला है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विस्फोटकों से भरे एक वाहन का इस्तेमाल करके ‘‘आतंकवादी हमला’’ किया गया. वाहन में 80 किलोग्राम विस्फोटक था.

राष्ट्रपति इवान ने किया ट्वीट
कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान डुक ने ट्वीट किया, ‘‘सभी कोलंबियाई आतंकवाद के खिलाफ हैं और इसके विरुद्ध लड़ाई में एकजुट हैं.’’ हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाने का संकल्प लेते हुए डुक ने कहा, ‘‘कोलंबिया दु:खी है, लेकिन हिंसा के आगे सिर नहीं झुकाएगा.’’ अधिकारियों ने हमलावर के मारे जाने की पुष्टि की है. उसने जनरल फ्रांसिस्को डी पाउला सेंटेंडर ऑफिसर स्कूल में कैडेट के प्रोन्नति समारोह के दौरान हमला किया.
स्कूल परिसर में वाहन लेकर घुसे संदिग्ध
अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सरकारी अभियोजक नेस्टर हमबर्तो मार्टिनेज ने संदिग्ध के तौर पर जोस अल्दामेर रोजस रोड्रिगेज का नाम लिया है. मार्टिनेस ने कहा कि रोजस रोड्रिगेज सुबह साढ़े नौ बजे स्कूल परिसर में वाहन लेकर घुसा. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘‘इस आतंकवादी कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने’’ के लिए जांच शुरू की गई है.

अमेरिका ने की हमले की निंदा
इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने बताया कि मृतकों में उनके देश का भी एक कैडेट है और एक अन्य कैडेट मामूली रूप से घायल हुआ है. लातिन अमेरिकी मामलों के लिए अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री किमबर्ली ब्रीएर ने हमले की निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की. बोगोटा में अमेरिका के दूतावास ने हमले की जांच में मदद करने की पेशकश की है. 

रोबोट्स की नौकरी भी खतरे में ,एक होटल से 123 रोबोट्स को किया बर्खास्त

नई दिल्ली: इस समय दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बहस छिड़ी है. ज्यादातर लोग मानते हैं कि कोई भी टेक्नोलॉजी, इंसानों को पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर पाएगी. इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां जापान के एक होटल ने सही काम न करने पर अपने होटल के 123 रोबोट्स को नौकरी से निकाल दिया. जापान का 'हेन ना' दुनिया का पहला होटल है जहां लोगों की सुविधा के लिए 243 रोबोट रखे गए थे. इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है. लेकिन होटल को लगा कि रोबोट्स अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे. यानी जहां माना जा रहा था कि रोबोट्स के आ जाने के बाद इंसानों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है, वहीं खुद रोबोट्स की नौकरी भी सुरक्षित नहीं. 

खर्राटे आते ही गेस्ट को जगा देते हैं
एजेंसी के मुताबिक होटल में आने वाले गेस्ट को शिकायत थी कि खर्राटे लेते ही रोबोट उन्हें जगा देते हैं. गेस्ट के साथ ऐसा रात में कई बार होता है. अगर रोबोट रिसेप्शन जैसी जगह बैठा हो तो वह आपके सामान्य सवालों का भी जवाब देने में नाकाम था. गेस्ट की शिकायत थी कि खर्राटे लेते ही रोबोट्स का ऑटो सेंसर काम करने लगता है और रोबोट्स नींद से जगाकर पूछते थे, आपने जो कहा एक बार फिर से कहेंगे?

आसान काम भी नहीं करते रोबोट्स
होटल में रुकने वाले गेस्ट ने बताया कि वहां तैनात रोबोट्स को चुरी बोलते हैं. चुरी छोटे-मोटे काम भी कई बार नहीं कर पाते. रोबोट्स को लाइट या AC बंद करने को कहो, तो भी वो नहीं सुनते. एक गेस्ट ने चुरी से पूछा, 'थीम पार्क किस समय खुलता है?' लेकिन चुरी इस सवाल का सही जवाब नहीं दे पाए. 

शुरुआत में मिली शोहरत
2015 में यह होटल जापान के सासेबो में खोला गया था. इसे काफी शोहरत भी मिली थी. शुरुआत में होटल में 80 रोबोट रखे गए थे. बाद में इनकी संख्या तिगुनी हो गई. होटल की बेवसाइट के जनरल कॉन्सेप्ट में भी इस बार का जिक्र है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके वो अपने लोगों को मदद करते हैं. होटल संचालक हिडियो सवाडा का कहना है कि हमने ये रोबोट्स सिर्फ ख्याति बटोरने के लिए नहीं रखे थे, बल्कि हम टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करना चाहते थे.

अमेरिकी अखबार में छपी डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ऐसी खबर , हर कोई हो रहा Shock!

वॉशिंगटन : दुनिया भर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस्तीफे की फर्जी खबर फैलाई गई. ट्रंप के इस्तीफे की खबर बड़ी ही तेजी से अमेरिका के राजनेताओं समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैली  दरअसल, बुधवार को अमेरिका में ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ न्यूज पेपर के फर्जी संस्करण का व्हाइट हाउस के आस-पास और वॉशिंगटन के व्यस्त इलाके में खुले आम बांटा गया. इसमें दावा किया गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्तीफा दे दिया है.

मुफ्त में बांटे गए अखबार
मूल अखबार के संस्करण की तरह इसे पेश किया गया. इसमें छह कॉलम में बड़ा शीर्षक दिया गया ‘अप्रत्याशित : ट्रंप व्हाइट हाउस से विदा, संकट खत्म’ . खास बात ये थी कि यह अखबार पर प्रकाशित तिथी 16 जनवरी नहीं बल्कि एक मई 2019 लिखी हुई थी.
पेनसिलवेनिया एवेन्यू और व्हाइट हाउस के बाहर एक महिला ने कहा, ‘‘वॉशिंगटन पोस्ट का यह विशेष संस्करण लीजिए. यह मुफ्त है. आपको यह कभी नहीं मिलेगा.’’ 

महिला ने सभी को बांटे अखबार
महिला प्लास्टिक बैग में अखबार का बंडल रखकर वहां से गुजरने वालों को उससे निकालकर अखबार थमा रही थी. ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने एक ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि फर्जी अखबार का वितरण किया गया. हालांकि इस मामले में अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय़ व्हाइट हाउस की ओर से किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए इंद्रा नूई का नाम आगे: रिपोर्ट जयपुर टाइम्स

वॉशिंगटन । वल्र्ड बैंक चीफ बनने की रेस में पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूई का नाम भी शामिल है। वाइट हाउस प्रशासन के एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक इंद्रा के अलावा ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अधिकारी डेविड मालपास और ओवरसीज प्राइवेट इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के सीईओ रे वॉशबर्न का नाम भी आगे है। इन तीनों का नाम तब आया है जब चर्चा चल रही थी कि पहली फरवरी को जिम यॉन्ग किम के पद छोड़ते ही राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप विश्व बैंक का नया अध्यक्ष ढूंढने में अगुवाई कर रही हैं। अक्टूबर में इंद्रा नूई ने पेप्सिको छोड़ी थी। मालपास विदेश मंत्रालय में ट्रेजरी के अंडर सेक्रटरी हैं और वॉशबर्न अगस्त 2017 से के सीईओ हैं। ये उन लोगों में हैं जिनका नाम वर्ल्ड बैंक हेड बनने के लिए सामने आ रहा है। यूनाइटेड स्टेट 1949 से ही वर्ल्ड बैंक के लीडर का चुनाव करता आ रहा है। किम ने कार्यकाल खत्म होने के तीन साल पहले ही विश्व बैंक के अध्यक्ष का पद छोडऩे का फैसला किया है। उनका कार्यकाल साल 2022 में खत्म हो रहा था। माना जा रहा है कि कई मामलों में ट्रंप प्रशासन के साथ मतभेद होने की वजह से यह फैसला लिया गया ह

US में करीब एक तिहाई कर्मचारी इस के शिकार

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के करीब एक तिहाई कर्मचारियों ने पिछले दो वर्षों में विश्व निकाय में यौन शोषण का शिकार होने की जानकारी दी है. इस तरह के दुर्व्यवहार पर पहले सर्वेक्षण के मंगलवार को जारी नतीजों में यह जानकारी दी गई. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कर्मचारियों को एक पत्र में कहा है कि अध्ययन में व्यथित करने वाले कुछ आंकड़े और तथ्य हैं जिन्हें बदलने की जरुरत है ताकि संयुक्त राष्ट्र में कार्यस्थल में सुधार किया जा सके.

सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले दो वर्षों में करीब 33 प्रतिशत कर्मचारियों ने कम से कम एक बार यौन शोषण किए जाने की जानकारी दी. बहरहाल, विश्व निकाय में अपनी कार्य अवधि के दौरान किसी न किसी तरह के यौन उत्पीड़न के शिकार हुए लोगों की संख्या 38.7 फीसदी है.

यौन शोषण की सबसे आम घटनाओं में यौन कहानियां या चुटकुले हैं जिनमें कपड़ों, शरीर या यौन गतिविधियों को लेकर अश्लील टिप्पणियां की जाती हैं. इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि यौन उत्पीड़न करने वाले हर तीन व्यक्तियों में दो पुरुष और हर चार में से एक निरीक्षक या प्रबंधक है.
सर्वेक्षण के अनुसार, यौन शोषण करने वालों में करीब 10 में से एक व्यक्ति वरिष्ठ नेता था. गुतारेस ने कहा कि सर्वेक्षण के नतीजों से पता चलता है कि विश्व निकाय में यौन शोषण के मामले अन्य संगठनों के मुकाबले कम हैं लेकिन समानता, गरिमा और मानवाधिकारों में चैम्पियन संयुक्त राष्ट्र को उच्च मानक तय करने चाहिए.

पाकिस्तान ने बढ़ती जनसंख्या को 'टिकटिक करता टाइमबम'

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को ‘टिकटिक करता टाइमबम’ बताते हुए सुप्रीप कोर्ट ने मंगलवार को धार्मिक विद्वानों, नागरिक संगठनों और सरकार से जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को बढा़वा देने की अपील की है. इन उपायों में प्रति परिवार दो बच्चों का नियम भी शामिल है. मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार के नेतृत्व वाली तीन सदस्यों की एक पीठ ने पाकिस्तान में जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े मामले की सुनवाई करने के दौरान यह बात कही.

पाकिस्तान दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा जनसंख्या वाला देश है. सुप्रीप कोर्ट ने अपने आदेश में धार्मिक विद्वानों, नागरिक संगठनों और सरकार से देश में जनसंख्या नियंत्रण के कदमों का प्रचार के लिए कदम उठाने की अपील की. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक पीठ ने तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को ‘टिकटिक करता टाइमबम’ करार दिया. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘‘पूरे देश को जनसंख्या नियंत्रण के कदम के साथ खड़े होने की जरूरत है.' 

पाकिस्तान: सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने कहा, उनका अगला अभियान बढ़ती जनसंख्या
आपको बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार का कहना था कि उनका अगला अभियान बढ़ती जनसंख्या के खिलाफ होगा. गौरतलब है कि संख्या के लिहाज से पाकिस्तान दुनिया का छठवां सबसे बड़ा देश है. मुसलमान देश में बढ़ती जनसंख्या से जुड़े एक मामले की जुलाई में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा था कि ‘‘जनसंख्या बम’’ को निष्क्रिय करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ संबंधित कानून भी जरूरी है. फिलहाल ब्रिटेन की यात्रा पर गए न्यायमूर्ति निसार ने कहा कि वह पाकिस्तान में जनसंख्या नियंत्रण पर जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान चलाने पर विचार कर रहे हैं.

पाकिस्तान में बांध बनाने के लिए बर्मिंघम में आयोजित फंडरेजर में जियो न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सचिव कैप्टन (अवकाश प्राप्त) जाहिद सईद की अध्यक्षता में परिवार नियोजन पर एक कार्यबल का गठन किया जा चुका है और उन्होंने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है.उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चतम न्यायालय में 12 और 13दिसंबर को एक सम्मेलन का आयोजन होगा और प्रधानमंत्री तथा मैं उस सम्मेलन का हिस्सा होंगे. उन्होंने रेखांकित किया कि पाकिस्तान के संसाधन खत्म हो रहे हैं और अंतत: इससे संसाधनों के असमान वितरण की स्थिति पैदा होगी. यह देश की मौलिक चिंताओं में से एक है जिससे निपटना जरूरी है.