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खुफिया एजेंसियों ने आईएस आतंकी अब्दुलनासीर अल- किर्दाश को गिरफ्तार किया

किदार्श की गिरफ्तारी इराक के पूर्व खुफिया प्रमुख मुस्तफा अल-कादिमी के प्रधानमंत्री बनने के एक महीने बाद हुई
किर्दाश आईएस की वार्ता कमेटी का प्रमुख था, उसने अबू मुसाब अल-जरकावी के साथ भी इस आतंकी संगठन में काम किया था
जयपुर टाइम्स
बगदाद(एजेंसी)। इराकी खुफिया एजेंसी ने आतंकी अब्दुलनासीर अल- किर्दाश को गिरफ्तार किया है। वह आईएसआईएस के पूर्व नेता अबू बक्र अल-बगदादी के अगला उत्तराधिकारी बन सकता था। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक इराक की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है। खुफिया एजेंसी ने बुधवार को कहा,''आज आतंकी अब्दुलनासीर अल-किर्दाश को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर हुई। वह बगदादी का अगला उत्तराधिकारी माना जा रहा था।ÓÓ किदार्श की गिरफ्तारी इराक के पूर्व खुफिया प्रमुख मुस्तफा अल-कादिमी के प्रधानमंत्री बनने के एक महीने बाद हुई है। किर्दाश आईएसएस की वार्ता कमेटी का प्रमुख था। उसने आईएसआईएस में अबू मुसाब अल-जरकावी के समय भी इस आतंकी संगठन में काम किया था।
किर्दाश बगदादी का विश्वस्त माना जाता है किर्दाश ने हाल के दिनों में सिरिया के अल-बगहौज में आतंकियों की अगुवाई की थी। यह इराक की सीमा से सटा एक छोटा सा शहर है। कुछ महीनों पहले तक इसपर आईएसआईएस का कब्जा था। उसने कई मौकों पर रणनीतियां बनाने के लिए बगदादी और आईएस के दूसरे शीर्ष आतंकियों के साथ बैठक करने की भी बात कबूली है। 


बगदादी पिछले साल अमेरिकी सेना के ऑपरेशन में सिरिया के इडलिब शहर में मारा गया था।

अमेरिका ने कहा - रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की संभावना अभी बनी हुई है

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका की शीर्ष राजनयिक एलिस वेल्स ने दी जानकारी
भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए पांच अरब डॉलर की डील की है
जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन(एजेंसी)। अमेरिका ने कहा है कि रूस से अरबों डॉलर के एस -400 मिसाइल सिस्टम खरीदने पर भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिका की एक शीर्ष राजनयिक ने इसकी जानकारी दी है।  
अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस से पांच एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए 5 अरब डॉलर की एक डील साइन की थी। इस डील पर अमेरिका ने भारत को चेतावनी दी थी। अमेरिका ने कहा था कि भारत के खिलाफ काटसा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पिछले साल भारत ने मिसाइल सिस्टम के लिए रूस को पहली किस्त लगभग 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था। एस-400 रूस का सबसे आधुनिक लांग रेंज सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल डिफेंस सिस्टम है।  
दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विदेश विभाग की शीर्ष अधिकारी एलिस वेल्स ने बुधवार को वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक को बताया कि हमारी पॉलिसी में काटसा प्राथमिकता पर है। हम रुस को मिलिट्री हथियार बेचकर रुपये नहीं कमाने दे सकते, क्योंकि रूस इसका इस्तेमाल अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ करेगा।
अमेरिका ने रूस के खिलाफ लगाए हैं प्रतिबंध
अमेरिका ने रूस पर काटसा के तहत प्रतिबंध लगाए थे। कानून में रूस से रक्षा सामान खरीदने वाले देशों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अगस्त 2017 में 'काटसाÓ पर हस्ताक्षर किए थे।
भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए अमेरिका में आए 
एलिस वेल्स ने कहा कि कोविड-19 ने चिंता और अनिश्चितता की स्थिति पैदा की है लेकिन अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि भारतीय छात्र पढऩे के लिए देश में आएं। हालांकि, महामारी के कारण अभी वीजा प्रक्रिया नहीं चालू है। उन्होंने अटलांटिक काउंसिल द्वारा हुई ऑनलाइन चर्चा में भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा से कहा, ''हम खुले दिल से इस ओर आगे बढऩे जा रहे हैं।ÓÓ उन्होंने बताया कि छात्र देशों के बीच राजदूतों की तरह काम करते हैं और उनका लक्ष्य अमेरिका में भारतीय छात्रों को लाना है। भारत के 2 लाख से अधिक छात्र अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं और चीन के बाद अमेरिका में विदेशी छात्रों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है।

दुनियाभर में अब तक 51.06 लाख संक्रमित

पाकिस्तान में मरने वालों की संख्या 1 हजार के पार; जापान ने ओसाका, क्योटो और ह्योगो से इमरजेंसी हटाई
पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने जापान के 48 में से 39 प्रांतों से इमरजेंसी हटाई थी
पाकिस्तान में एक दिन में 40 लोगों की मौत हुई है, यहां 48 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं
       जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन। दुनिया में अब तक 51 लाख 6 हजार 166 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। 20 लाख 35 हजार 787 ठीक हुए हैं। मौतों का आंकड़ा 3 लाख 30 हजार 6 हो गया है। पाकिस्तान में एक दिन में 40 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही देश में मरने वालों की संख्या 1 हजार से ज्यादा हो गई है। वहीं, जापान ने संक्रमण की धीमी रफ्तार को देखते हुए तीन राज्य ओसाका, क्योटो और ह्योगो से इमरजेंसी हटा दी है।
स्पेन में कोरोनावायरस के चलते लॉकडाउन बढ़ाने के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने लॉकडाउन को अगले दो हफ्ते तक बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने संसद में भी इसके प्रस्ताव की मंजूरी ली है। मैड्रिड में नाराज लोगों ने देश के राष्ट्रीय ध्वज के साथ सड़कों पर रैलियां निकालीं। वहीं लोगों ने घरेलू बर्तन बजाकर भी विरोध जताया। 


कोरोनावायरस : 10 सबसे ज्यादा प्रभावित देश

देश

कितने संक्रमित    कितनी मौतें    कितने ठीक हुए
अमेरिका    15,93,039    94,941    3,70,812
रूस    3,17,554    3,099     92,681
ब्राजील    2,93,357    18,894    1,16,683
स्पेन    2,79,524    27,888     1,96,958
ब्रिटेन    2,48,293    35,704    उपलब्ध नहीं
इटली    2,27,364    32,320    1,32,282
फ्रांस    1,81,575    28,132    63,354
जर्मनी    1,78,531    8,270    1,56,900
तुर्की    1,52,587    4,222    1,13,987
ईरान    1,26,949    7,183    98,808
ये आंकड़े द्धह्लह्लश्चह्य://222.2शह्म्द्यस्रशद्वद्गह्लद्गह्म्ह्य.द्बठ्ठद्घश/ष्शह्म्शठ्ठड्ड1द्बह्म्ह्वह्य/ से लिए गए हैं।
हॉन्गकॉन्ग: 8 नए केस मिले
हॉन्गकॉग के सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन (सीएचपी) ने गुरुवार को आठ नए मामलों की पुष्टि की। इसके साथ ही देश में कुल 1,063 मामले हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी मरीज पाकिस्तान से आए थे। यहां अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

रूस: 3099 मौतें
रूस में 24 घंटे में संक्रमण के 8849 मामले सामने आए हैं और 127 लोगों की जान गई है। पिछले दिन के मुकाबले मामले बढ़े हैं। बुधवार को यहां 8764 केस सामने आए थे। देश में अब 3 लाख 17 हजार 554 संक्रमित हो गए हैं, जबकि 3099 लोगों की मौत हो चुकी है।

ग्रीस: 15 जून से पर्यटन शुरू

ग्रीस में पर्यटन को फिर से खोला जाएगा। 15 जून से एथेंस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, देश के सभी हवाई अड्डों पर विमानों का संचालन एक जुलाई से होगा। प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने कहा, "रेस्तरां 25 मई को फिर खुलेंगे। बीच पर आने से बैन हटा लिया जाएगा।" पर्यटक बिना जांच और क्वारैंटाइन में रहे देश में आ सकेंगे। लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी जरूरत पडऩे पर किसी की अचानक जांच कर सकेंगे। देश में 2,850 संक्रमित हैं, जबकि 166 लोगों की मौत हुई है।


ग्रीस में लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद सोमवार को लोग घूमने निकले। देश में 2850 लोग संक्रमित हैं।
वैक्सीन इतनी जल्दी नहीं आने वाली: एचआईवी वैज्ञानिक
एचआईवी पर रिसर्च करने वाले एक वैज्ञानिक विलियम हेसेनटाइल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोरोना की वैक्सीन इतनी जल्दी आने वाली है। वे इसका इंतजार नहीं करना चाहेंगे। संक्रमण को रोकने के लिए मरीजों का अच्छी तरह इलाज किया जाना चाहिए। जहां भी संक्रमण फैलता दिखे, वहां लोगों को आइसोलेट किया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी सरकार को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें टीके के इंतजार में बैठे नहीं रहना चाहिए। साथ ही कहा कि चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान महामारी को फैलने से रोकने में सफल रहे। वहीं, अमेरिका, रूस और ब्राजील नाकाम रहे।

एक दिन में 1.06 लाख केस मिले: डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, 24 घंटे में संक्रमण के 1 लाख 6 हजार मामले दर्ज किए गए हैं। यह एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहोनम गेब्रियेसियस ने चेतावनी दी है कि महामारी अभी लंबे समय तक हमारे बीच रहने वाली है। 24 घंटे में जो नए मामले आए, उनमें से करीब दो तिहाई (66त्न) मामले अमेरिका, रूस, ब्राजील और भारत में बढ़े। टेड्रोस ने कम और मध्यम आय वाले देशों में इस संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संक्रमितों की वास्तविक संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि ज्यादातर देशों में अभी टेस्टिंग कम हो रही है।

इराक: बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास रॉकेट दागे गए, अक्टूबर के बाद से यह 21वां हमला

किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, अमेरिका हमेशा से ईरान समर्थित गु्रप हशद अल-शाबी को दोषी ठहराता रहा है
जयपुर टाइम्स
बगदाद(एजेंसी)। इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास के पास मंगलवार तड़के रॉकेट से हमला हुआ। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, रॉकेट उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र ग्रीन जोन में गिराया गया था। यहां सरकारी इमारतें और कई देशों के दूतावास स्थित हैं। इराक में अक्टूबर के बाद से अमेरिकी ठिकानों पर यह 21वां हमला है।
अब तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इसके लिए अमेरिका हमेशा ईरान समर्थित ग्रुप हशद अल-शाबी को दोषी ठहराता रहा है। इससे पहले मार्च में बगदाद के उत्तर में ताजी एयर बेस पर हुए हमले में एक अमेरिका और एक ब्रिटेन के सैनिक समेत एक कॉन्ट्रेक्टर की मौत हो गई। अमेरिका ने दावा किया था कि यह हमला बेस पर मौजूद सैनिकों पर किया गया था।
सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिका-ईरान में तनाव बढ़ा
अमेरिका ने 3 जनवरी को बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला कर ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी थी। इसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गए हैं। सुलेमानी की मौत के बाद बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर 7 और 8 जनवरी को हमले किए गए थे। 7 जनवरी को ईरान ने इराक स्थित दो अमेरिकी सैन्य बेसों पर 22 मिसाइलें दागी थीं। ईरान ने दावा किया था कि अनबर प्रांत में ऐन अल-असद एयर बेस और इरबिल के एक ग्रीन जोन पर हमले में अमेरिका के 80 सैनिक मारे गए थे।
हमले में इराकी कमांडर भी मारा गया 
3 जनवरी को इराक के एयरपोर्ट पर हुए हमले में इराकी कमांडर अबु हदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई थी। इराक के पूर्व प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी ने कहा था कि हमले के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस वजह से अमेरिकी सैनिकों को देश छोडऩे के लिए कहा गया है। 


वहीं, ट्रम्प ने कहा था कि अगर वे देश छोडऩे के लिए कहते हैं, तो हम इसे दोस्ताना तरीके से नहीं लेंगे। हम उन पर ऐसा प्रतिबंध लगाएंगे जैसा कि उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा। वहां हमारा बेहद महंगा एयर बेस है।
इराक-अमेरिका के संबंधों में सुधार की संभावनाएं
इराक में नई सरकार बनने के बाद अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की संभावनाएं दिख रही हैं। प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कधीमी जून में अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं। बातचीत में इराक में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर बात हो सकती है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से लडऩे के लिए वे 2014 से वहां तैनात हैं। हालांकि, कधीमी ने रविवार को कहा था कि अमेरिकी सैनिकों को इराक या सीरिया में नहीं रहने दिया जाएगा। उन्हें यहां से वापस जाना होगा।
  

सीमा विवाद: नेपाल ने नए राजनीतिक नक्शे को मंजूरी दी

नक्शा वित्त मंत्री युबराज खाटीवाडा ने जारी किया, मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी दी गई
सभी सरकारी दस्तावेजों, प्रतीक चिन्हों और स्कूल-कॉलेज की किताबों में पर अब यही नक्शा होगा
      काठमांडू। नेपाल ने अपने नए राजनीतिक नक्शे को मंजूरी दे दी है। इसमें तिब्बत, चीन और नेपाल से सटी सीमा पर स्थित भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधूरा को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। नए नक्शे में नेपाल के उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को दिखाया गया है। इन सीमाओं से सटे इलाकों की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया गया है। नेपाल के वित्त मंत्री युबराज खाटीवाडा ने नया नक्शा जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अपडेटेड नक्शे को मंत्रिपरिषद की बैठक में रखा गया, जहां इसे मंजूरी दे दी गई। इस नक्शे को सभी सरकारी दस्तावेजों पर इस्तेमाल किया जाएगा। देश के प्रतीक चिन्हों पर भी अब से यही नक्शा होगा। किताबों में यही नक्शा पढ़ाया जाएगा और आम लोग भी इसका ही इस्तेमाल करेंगे।लिपुलेख मार्ग के उद्घाटन के बाद नेपाल ने आपत्ति जताई थी
भारत ने 8 मई को लिपुलेख-धाराचूला मार्ग का उद्घाटन किया था। नेपाल ने इसे एकतरफा फैसला बताते हुए आपत्ति जताई थी। उसका दावा है कि महाकाली नदी के पूर्व का पूरा इलाका नेपाल की सीमा में आता है। जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि लिपुलेख हमारे सीमा क्षेत्र में आता है और लिपुलेख मार्ग से पहले भी मानसरोवर यात्रा होती रही है। हमने अब सिर्फ इसी रास्ते पर निर्माण कर तीर्थ यात्रियों, स्थानीय लोगों और कारोबारियों के लिए आवागमन को सुगम बनाया है।भारत ने नवम्बर 2019 में जारी किया था अपना नक्शा
भारत ने अपना नया राजनीतिक नक्शा 2 नवम्बर 2019 को जारी किया था। इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने सर्वेक्षण विभाग के साथ मिलकर तैयार किया है। इसमें कालापानी, लिंपियधुरा और लिपुलेख इलाके को भारतीय क्षेत्र में बताया गया है। नेपाल ने उस समय भी इस पर ऐतराज जताया था। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने सीमा से किसी प्रकार की छेड़छाड़ से इनकार किया था। विदेश मंत्रालया ने कहा था कि नए नक्शे में नेपाल से सटी सीमा में बदलाव नहीं है। हमारा नक्शा भारत के संप्रभु क्षेत्र को दर्शाता है।

लेकिन ऑक्सफोर्ड का वैक्सीन संकट में, ट्रायल में बंदर फ्लू से बचे लेकिन कोरोना संक्रमित हुए

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ष्टद्ध्रस्रह्र3१ वैक्सीन का जानवरों और इंसानों पर ट्रायल चल रहा है
रीसस मकाऊ बंदरों पर वैक्सीन के अच्छे नतीजे मिले थे, वैक्सीन फ्लू को रोकने में कामयाब रहा
लंदन (एजेंसी)।
दुनिया में कोरोना से लडऩे के लिए एक साथ 8 वैक्सीन पर तेजी से काम चल रहा है। सोमवार को जहां अमेरिका से मॉर्डना कम्पनी के वैक्सीन के इंसानी ट्रायल में सफल होने की खबर है, वहीं ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन पर संकट आ गया है। सबसे ज्यादा चर्चा में रहा ये वैक्सीन बंदरों पर हुए ट्रायल में बहुत अच्छे नतीजे नहीं दे सका है। 
इस वैक्सीन तैयार करने में चिंपांजी से मिले एडिनोवायरस ष्टद्ध्रस्रह्र3१ का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले चरण में रीसस मकाऊ बंदरों पर अच्छे नतीजे मिलने के बाद इसका ह्यूमन ट्रायल भी शुरू हो गया है, लेकिन इस बीच बंदरों के कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है।

बंदरों पर शोध के नतीजे शुरुआती 
13 मई तक करीब 1100 लोगों को यह वैक्सीन दिया जा चुका है और इसके साथ  लगाया जा चुका है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि अगले एक महीने में स्पष्ट नतीजे सामने आएंगे। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के डॉ. स्टीफन इवांस ने कहा कि बंदरों पर शोध के बाद जो नतीजे आए हैं, वह  शुरुआती हैं। लेकिन, आगे यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि वायरस कितना म्यूटेट होता है और महामारी क्या रूप लेती है। 
ब्रिटिश पीएम भी उलझन में
11 मई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ऑक्सफोर्ड कोरोना वैक्सीन को लेकर उलझन में नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि, मैं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैक्सीन तैयार करने बारे में कुछ उत्साहित करने वाली बातें सुन रहा हूं, लेकिन इसकी किसी तरह की गारंटी नहीं है। मुझे यकीन है कि मैं सही कह रहा हूं कि 18 साल के बाद भी हमारे पास सार्स वायरस का वैक्सीन नहीं है। जॉनसन ने कहा मैं आपसे इतना ही कह सकता हूं कि ब्रिटेन वैक्सीन बनाने की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में अग्रिम पंक्ति में है। 
8 अलग-अलग वैक्सिन पर काम चल रहा
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले दिनों स्पष्ट करते हुए कहा था कि कोरोनो के लिए 8 वैक्सिन पर काम चल रहा है।  संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रॉस गेब्रयेसस कहा है कि दो महीने पहले तक ऐसा सोचा जा रहा था वैक्सीन बनाने में 1 साल से 18 महीने लगेंगे। हालांकि, अब इस काम में तेजी लाया जा रहा है। एक हफ्ते पहले दुनिया के 40 देशों के नेताओं ने इसके लिए 8 बिलियन डॉलर(करीब 48 हजार करोड़ रु.) की मदद की है, लेकिन यह इस काम के लिए कम पड़ेगा।

अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक कंपनी मॉर्डना ने जिस द्वक्रहृ्र वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया है उसके अच्छे नतीजें मिले हैं। कंपनी ने सोमवार को बताया कि इस वैक्सीन से शरीर में उम्मीद से अच्छी इम्यूनिटी बढ़ी है और साइड इफेक्ट्स भी मामूली हैं। 
मॉर्डना ने बताया कि वैक्सीन पाने वाले कैंडिडेट्स का इम्यून सिस्टम वायरस से लडऩे में कोविड-19 से रिकवर हो चुके मरीजों के बराबर या उनसे ज्यादा ताकतवर पाया गया। मॉर्डना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा कि वे इससे बेहतर डेटा की उम्मीद नहीं कर सकते थे। 

राष्ट्रपति ट्रम्प ने 10 साल की भारतीय मूल की लड़की को सम्मानित किया

श्रव्या अमेरिका के मैरीलैंड में रहती है, वह मूल रूप आंध्र प्रदेश की रहने वाली है 
श्रव्या कक्षा चार की छात्रा है, उसके साथ की दो और लड़कियों को सम्मानित किया गया
जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन(एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 साल की भारतीय मूल की श्रव्या अन्नापारेड्डी को कोरोना महामारी में योगदान के लिए सम्मानित किया है। श्रव्या कोरोना महामारी से लड़ रहे फ्रंटलाइन योद्धाओं की आगे बढ़कर मदद करती रही है। वह लगातार नर्स, मेडिकल वर्कर और फायर फाइटर को कुकीज और ग्रीटिंग कार्ड भेजती है। राष्ट्रपति ट्रम्प और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने शुक्रवार को कोरोना से लडऩे वाले कई अमेरिकी हीरोज को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने श्रव्या को कोरोना काल में मेडिकल वर्कर्स की हिम्मत बढ़ाने के लिए सम्मानित किया। वाशिंगटन पोस्ट के मुताबक इस दौरान ट्रम्प ने कहा, ''आज हम जिन लोगों को सम्मानित कर रहे हैं, वे हमें वो रिश्ता याद दिलाते हैं जो मुश्किल समय में हमें जोड़े रखता है। इसके साथ ही हम जब दोबारा से शुरुआत करते हैं तो यही एकता हमें फिर से ऊंचाइयों में ले जाती है।ÓÓ श्रव्या मैरीलैंड के हिल्स एलेमेंटरी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है और स्काउट ट्रूप की मेंबर है। वह मूल रूप से आंध्र प्रदेश की रहने वाली है। श्रव्या के साथ उसके स्काउट की दो और लड़कियों लैला खान और लॉरेन मैटनी को सम्मानित किया गया है। सभी की उम्र 10 साल है। 

उन्होंने  अभी तक लोकल डॉक्टर, नर्स और फायरफाइटर को 100 डिब्बे कुकीज दान की। इसके साथ ही  200 ग्रीटिंग कार्ड बनाकर उनको भेंट किए। 
 

अफगान सरकार ने कहा- भारत ने हमें सबसे ज्यादा दान दिया, मदद की

अफगानिस्तान के पॉलिटिकल एनालिस्ट बोले- पाकिस्तान की भाषा बोल रहा तालिबान
तालिबान ने कहा था कि भारत ने पिछले 40 सालों से देश में नकारात्मक भूमिका निभाई
जयपुर टाइम्स
काबुल(एजेंसी)। कुछ दिन पहले तालिबान ने कहा था कि भारत 40 साल से अफगानिस्तान में नकारात्मक भूमिका निभाता आया है। अब अफगानिस्तान सरकार ने इसका जवाब दिया है। अफगानिस्तान सरकार ने कहा- भारत वो देश है, जिसने हमें सबसे ज्यादा दान दिया। सबसे ज्यादा मदद की। दोनों देश एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और ये संबंध अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से हैं।
अफगानिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक खालिद सदत ने तालिबान के बयान पर कहा, "अगर तालिबान ऐसे ही बयान देता रहा तो भविष्य में अफगानिस्तान के राजनयिक संबंधों को नुकसान पहुंचेगा। तालिबान पाकिस्तान की मांग पर इस तरह के बयान दे रहा है। भारत और पाकिस्तान में हमेशा दुश्मनी रही। पाकिस्तान अब तक अफगानिस्तान में तालिबान के जरिए प्रॉक्सी वॉर चला रहा है। तालिबान को सभी देशों के साथ के लिए अच्छे संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए।"

दुनियाभर में अब तक 48.01 लाख संक्रमित और 3.16 लाख मौतें

ब्राजील संक्रमण के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे प्रभावित देश बन गया है, यहां अब तक 16 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है
वॉशिंगटन। 
दुनिया में कोरोनावायरस से अब तक 48 लाख 1 हजार 532 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 18 लाख 58 हजार 108 ठीक हुए हैं। वहीं, मौतों का आंकड़ा 3 लाख 16 हजार 663 हो गया है। ब्राजील के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां इमरजेंसी बेड की कमी हो गई है। देश में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित साओ पाउलो के मेयर ने कहा है कि सरकारी अस्पताल अपनी क्षमता के हिसाब से 90त्न भर चुके हैं। न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने पत्रकारों के सामने लाइव ब्रीफिंग के दौरान कोरोनोवायरस का टेस्ट करवाया। क्यूमो ने कहा कि वे यह दिखाना चाहते थे कि टेस्ट कितना तेज और आसान है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर दिन करीब 40 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। न्यूयॉर्क अमेरिका में महामारी का एपिसेंटर रहा है। 

यहां 24 घंटे में 139 लोगों की जान गई है। मौतों का आंकड़ा 28 हजार 325 हो गया है।

पत्रकारों के सामने लाइव ब्रीफिंग के दौरान कोरोनोवायरस का टेस्ट करवाते न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो।
अमेरिका: 90 हजार से ज्यादा मौतें
अमेरिका में 24 घंटे में 820 लोगों की जान गई है। मरने वालों का आंकड़ा 90 हजार से ज्यादा हो गया है। यहां हर दिन होने वाली मौतों में कमी आई है। देश में 15 लाख 27 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी सबसे ज्यादा प्रभावित है। अकेले न्यूयॉर्क में संक्रमण के तीन लाख से ज्यादा केस हैं। न्यूजर्सी में एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि 10 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को 10 वर्षीय भारतवंशी बच्ची को सम्मानित किया। बच्ची ने कोरोना से लडऩे वाले फायर फाइटर्स और नर्सों को कुकीज डोनेट की थी। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को ग्रीटिंग कार्ड भेजा था।

न्यूयॉर्क में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करते हुए पार्क में बैठे लोग। मामले कम होने के बाद यहां पार्कों में जाने की इजाजत दी गई है।
हो सकता है कभी वैक्सीन तैयार न हो: ब्रिटिश अधिकारी

लंदन के व्यापार सचिव आलोक शर्मा ने कहा है कि हो सकता है कि ब्रिटेन में कभी कोरोना का वैक्सीन तैयार न हो। उन्होंने रविवार को लंदन में एक प्रेस ब्रीफ में कहा हमारे वैज्ञानिकों के बिना थके कोशिश करने के बाद भी ऐसा संभव है कि हम कभी कोरोना का सफल वैक्सीन न बना सकें। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुनिया के दो शीर्ष वैक्सीन निर्माता ब्रिटेन में हैं। ये ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और इंपेरियल कॉलेज ऑफ लंदन हैं। अब तक सरकार दोनों संस्थानों के वैक्सीन तैयार करने पर 47 मिलियन पाउंड (करीब 431.46 करोड़) रु. निवेश कर चुकी है।
फ्रांस: 28 हजार लोगों की मौत
फ्रांस में 24 घंटे में 483 लोगों की मौत हुई है। मृतकों की संख्या 28 हजार 108 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार बताया कि रविवार को अस्पतालों में 54 लोगों की मौत हुई जबकि वृद्धाश्रमों में 429 जान गई। देश में 1 लाख 79 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं। फ्रांस ने अपनी सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दो महीने से लागू लॉकडाउन के नियमों में ढील दी है। यहां कुछ आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत है। स्वास्थ्य मंत्री ओलिवर वीरन ने कहा है कि 10 से 15 दिनों के दौरान स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

लॉकडाउन में ढील के बाद सीन नदी के किनारे टहलते लोग। देश में 1.79 लाख लोग संक्रमित हैं।
नेपाल: लॉकडाउन 2 जून तक बढ़ा

नेपाल में लॉकडाउन 2 जून तक बढ़ा दिया गया है। संक्रमण को देखते हुए मंत्रिमंडल ने इसे और 15 दिन बढ़ाने का फैसला किया है। देश में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 295 लोग संक्रमित हैं।
इटली: नए मामले और मौतों में कमी
इटली में प्रतिबंधों में राहत दिए जाने से एक दिन पहले देश में सबसे कम 145 मौतें दर्ज की गई। यह आंकड़ा लॉकडाउन लगाने के बाद सबस कम है। अब यहां हर दिन होने वाली मौतों में कमी आ रही है।  वहीं, 24 घंटे में 675 नए केस मिले हैं। यह आंकड़ा 4 मार्त के बाद सबसे कम है। एक दिन पहले शनिवार को 875 नए केस मिले थे, जबकि 153 मौतें हुी थीं। सोमवार से देश में 10 हफ्ते से जारी लॉकडाउन में सबसे बड़ी राहत दी जाएगी। दुकान, रेस्टोरेंट, सैलून, बीच खोल दिए जाएंगे।

प्रतिबंधों में राहत के बाद इटली के एक पार्क में बैठे लोग। देश में सोमवार से रेस्टोरेंट और सैलून भी खोल दिए जाएंगे।
ब्राजील: 16 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील में 24 घंटे में 485 लोगों की मौत हो गई है। यहां मृतकों की संख्या 16 हजार 118 पहुंच गई है। एक दिन में 7,938 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या 2 लाख 41 हजार 80 हो गई है। ब्राजील में संक्रमण के नए मामलों और मरने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। संक्रमण के मामले में ब्राजील अमेरिका, रूस, स्पेन और ब्रिटेन के बाद पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है।

न्यूजीलैंड के कैफे में पीएम जेसिंडा आर्डर्न को प्रवेश से रोका, मैनेजर ने कहा- सॉरी, जगह नहीं है

न्यूजीलैंड में लॉकडाउन हट गया है, पर सोशल डिस्टेंसिंग का ऐहतियात बरतना जारी है
यही वजह रही कि कैफे में बैठने के लिए पीएम को 45 मिनट का इंतजार करना पड़ा
जयपुर टाइम्स
वेलिंगटन(एजेंसी)। ऐसा कम ही होता है जब किसी देश का प्रधानमंत्री रेस्तरां में सार्वजनिक रूप से कॉफी और स्नैक्स के लिए जाए। और तो और ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा कि कोई रेस्तरां देश के पीएम को बाहर ही खड़ा कर दे। पर न्यूजीलैंड में ऐसा हुआ। प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न अपने पार्टनर क्लॉर्क ग्रेफोर्ड के साथ वेलिंगटन के मशहूर कैफे ओलिव में पहुंची थी। मैनेजर ने उन्हें यह कह कर रोक दिया कि रेस्तरां में बैठने की जगह नहीं है।
दरअसल, कोरोना के दौर में सोशल डिस्टेंसिंग के सख्त नियमों की वजह से उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि, करीब पौन घंटे बाद उनके बैठने की व्यवस्था हो गई। द गार्जियन के मुताबिक, एक व्यक्ति जॉय ने ट्विटर पर इस घटना की जानकारी दी। उसने लिखा- 'ओएमजी (ओह माई गॉड), न्यूजीलैंड की पीएम को ऑलिव रेस्टोरेंट में जगह नहीं होने से वापस लौटा दिया गया।Ó
यूजर के लिए ये बहुत हैरानी वाली बात इसलिए भी थी क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के तहत रेस्टोरेंट में 100 लोगों को इजाजत है और 1 मीटर की दूरी पर समूहों के बैठने की सहूलियत है। इसके बावजूद रेस्तरां पीएम के बैठने की व्यवस्था नहीं कर सका।
हालांकि, इस गड़बड़ी के लिए पीएम आर्डर्न के पार्टनर ने खुद को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि वो पहले से टेबल बुक नहीं कर सके थे। न्यूजीलैंड में लॉकडाउन हट गया है। पर सोशल डिस्टेंसिंग का ऐहतियात बरतना जारी है। यही वजह रही कि कैफे ने पीएम को बाहर ही रोक दिया।
हालांकि, करीब 45 मिनट के इंतजार के बाद पीएम के बैठने के लिए कैफे में व्यवस्था हो गई। मैनेजर खुद ही भाग कर पीएम जसिंदा को बुलाने के लिए बाहर तक गया। इस दौरान, आर्डर्न भी बाकी ग्राहकों की तरह ही टेबल खाली होने का इंतजार करती रहीं।

ब्रिटेन: जाकिर नाइक के पीस टीवी पर हेटस्पीच और आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने का आरोप

भारत से 2016 में मलेशिया भाग गया था नाइक, मनीलॉन्ड्रिंग और उग्रवाद ब?ाने के केस दर्ज हैं
जयपुर टाइम्स
लंदन(एजेंसी)। ब्रिटेन के मीडिया रेगुलेटर ऑफकॉम ने जाकिर नाइक के पीस टीवी पर तीन लाख पाउंड ( करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। पीस टीवी पर हेट स्पीच और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने का आरोप है। भारत का भगोड़ा जाकिर नाइक इस समय मलेशिया में रह रहा है।
लंदन में संचार सेवाओं के लिए लंदन स्थित रेगुलेटर ने अपने ब्रॉडकास्टिंग नियमों को तोडऩे के लिए पीस टीवी उर्दू  पर 2 लाख पाउंड और पीस टीवी पर एक लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है। ऑफकॉम ने कहा कि जांच में पाया गया कि पीस टीवी के कार्यक्रमों में हेटस्पीट और अत्यधिक आपत्तिजनक कंटेट का प्रसारण हो रहा था। इससे अपराध बढऩे की आशंका थी।पीस टीवी और पीस टीवी उर्दू दो अलग चैनल हैं। पीस टीवी का लाइसेंस लॉर्ड प्रोडक्शन लिमिटेड के पास है और क्लब टीवी के पास पीस टीवी उर्दू का लाइसेंस है। दोनों की पैरेंट कंपनी यूनिवर्सल ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड है, जिसका मालिक जाकिर नाइक है। पीस टीवी दुबई से अंग्रेजी, बंगाली और उर्दू में फ्री में ब्रॉडकास्ट होने वाला एक नॉन-प्रॉफिट टेलीविजन नेटवर्क है।
भारत में नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
भारत में जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और कट्टरता को बढ़ाने के आरोप में केस दर्ज है। गिरफ्तारी की डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया था। उस पर मलेशिया में अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का भी आरोप है। मलेशिया में नाइक ने एक भड़काऊ भाषण दिया था। उसने कहा था कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मुस्लिमों के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं। पिछले हफ्ते ही भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए मलेशिया की सरकार से एक और कोशिश की है। 2010 में ब्रिटेन में भी उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
 

अमेरिका में कोरोना: ओबामा ने महामारी को लेकर ट्रम्प प्रशासन की आलोचना

ओबामा ने कहा- महामारी से काले लोग ज्यादा प्रभावित हुए, ऐसा संकट देश में पहले से मौजूद असमानताओं को उजागर करती है
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन के कई अधिकारी तो ढोंग करने के बहाने भी जिम्मेदारी उठाते नजर नहीं आए 
जयपुर टाइम्स
वांसटिगन(एजेंसी)। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तौर-तरीकों की आलोचना की है। उन्होंने ग्रेजुएट्स छात्रों के दीक्षांत समारोह में शनिवार को कहा कि ट्रम्प प्रशासन के कई अधिकारी तो ढोंग करने के बहाने भी जिम्मेदारी उठाते नजर नहीं आए।
हाल के दिनों में यह दूसरी बार है जब ओबामा ने ट्रम्प पर निशाना साधा है। पिछले हफ्ते भी उन्होंने एक लीक वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा था कि यह एक पूर्ण रूप से अराजक आपदा है।
कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए ओबामा ने छात्रों से कहा कि कोरोनावायरस महामारी ने देश के नेतृत्व में विफलताओं को उजागर किया है। इस संकट ने एक बात तो साफ कर दी है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग जान गए हैं कि वे क्या कर रहे हैं। इनमें कई लोग दिखावा भी नहीं कर रहे कि वे किस चीज के लिए जिम्मेदार हैं।
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अमेरिका में 24 घंटे में 1200 से ज्यादा लोगों की जान गई है। वहीं देश में अब तक 90 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा दुनिया में सबसे ज्यादा है।
काले लोग ज्यादा प्रभावित
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका में महामारी से सबसे ज्यादा काले लोग प्रभावित हुए हैं। काले लोगों पर बीमारी का जिस तरह से प्रभाव पड़ा है, उसने अमेरिकी व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर कर दिया है। इस तरह की महामारी देश में पहले से मौजूद असमानताओं को उजागर करती है। काले लोगों को ऐतिहासिक रूप से जिन हालात का सामना करना पड़ता है, उसका बोझ अलग है।
'दुनिया के बेहतरी आप पर निर्भरÓ
उन्होंने अपने संबोधन के दौरान अहमुद अर्बे की हत्या का भी उल्लेख किया। निहत्थे काले जॉगर की फरवरी में दो गोरे लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर दुनिया बेहतर होने जा रही है, तो यह सब आपके ऊपर निर्भर है। 2017 में पद छोडऩे के बाद से ओबामा ट्रम्प के बारे में शायद ही कभी बात की हो। लेकिन हाल के दिनों में दोनों आमने-सामने नजर आ रहे हैं। हाल में ट्रम्प ने भी ओबामा और उनके प्रशासन पर उनके कार्यकाल के दौरान आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप लगाया था। राष्ट्रपति ने लिखा था- अमेरिकी इतिहास का अब तक सबसे बड़ा राजनीतिक अपराध।