Updated -

mobile_app
liveTv

23 हजार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सितंबर में पृथ्वी के पास से गुजरेगा क्षुद्रग्रह, 53 लाख किमी होगी दूरी

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं)। कोटखावदा क्षेत्र के ग्राम राडोली में विधानसभा चाकसू भाजपा मीडिया प्रभारी शुभम शर्मा राडोली के नेतृत्व में राधेकृष्णा नवयुवक मण्डल के सँयुक्त तत्वाधान में युवाओं द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान शर्मा ने युवाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के मुहिम के बारे में जानकारी दी और पेड़ पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी होना बताया इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति में पर्यावरण के संरक्षण को बहुत महत्त्व दिया गया है। यहाँ मानव जीवन को हमेशा मूर्त या अमूर्त रूप में पृथ्वी,जल, वायु, आकाश, सूर्य, चन्द्र, नदी, वृक्षे एवं पशु-पक्षी आदि के साहचर्य में ही देखा गया है। पर्यावरण शब्द का अर्थ है हमारे चारों और का वातावरण। पर्यावरण संरक्षण का तात्पर्य है कि हम अपने चारों और के वातावरण को संरक्षित करें तथा उसे जीवन के अनुकूल बनाए रखें। पर्यावरण और प्राणी एक-दूसरे पर आश्रित हैं। यही कारण है कि भारतीय चिन्तन में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा उतनी ही प्राचीन है जितना यहाँ मानव जाति का ज्ञात इतिहास है। इस अवसर पर कार्यक्रम के भामाशाह दिनेश बागड़ी ने युवाओं को पर्यावरण के प्रति प्रेरित कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान सुनील शर्मा, अजय भरतड़ा, रवि शर्मा, दीपक बैरवा,दीपक पंडित आदि युवा व ग्रामीण मौजूद रहे।

पाक मूल का नागरिक आतंकी हमले की साजिश में गिरफ्तार

जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन (एजेंसी)। पाकिस्तान मूल के अमेरिकी नागरिक पर इस्लामिक स्टेट  प्रेरित हमले की योजना बनाने का आरोप लगा है। न्यायिक विभाग ने यह जानकारी दी। न्यूयॉर्क सिटी के पुलिस कमिश्नर जेम्स ओ नील ने कहा कि अवैस चौधरी शहर में कई लोगों की हत्या करने की योजना बना रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोषी पाए जाने पर 20 की सजा हो सकती है। जेम्स के मुताबिक, अवैस ने सावधानीपूर्वक घटनास्थल का निरीक्षण किया। उसका टारगेट पैदल मार्ग के नीचे लगने वाला वर्ल्ड फेयर था। 23 अगस्त को चौधरी आईएस के एक अंडरकवर एजेंट से मिला था। अवैस ने कहा था कि वह लोगों पर चाकू से हमला करेगा। अगर उसे (अवैस) विस्फोटक बनाने का तरीका सिखाया जाए, तो मिनी ब्रिज पर बमबारी भी कर सकता है।
को कोर्ट में पेश किया गया था।


कोर्ट ने जेल भेजने का आदेश दिया
कोर्ट ने अवैस को आतंकी संगठन का समर्थन करने और हमले की योजना बनाने के आरोप में जमानत के बिना जेल भेजना का आदेश दिया। वह अमेरिका में क्वींस शहर का रहने वाला है। दोषी पाए जाने पर उसे 20 साल तक की जेल हो सकती है। 

ब्रिटेन की महारानी ने दी ब्रेग्जिट से पहले ब्रिटिश संसद को निलंबित करने की मंजूरी

जयपुर टाइम्स
लंदन (एजेंसी)। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद को अक्टूूबर के मध्य तक निलंबित करने की योजना सार्वजनिक कर दी। इसे साहसिक और महत्वाकांक्षी एजेंडा बताते हुए उन्होंने 31 अक्टूबर को ब्रेग्जिट की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले 14 अक्टूबर तक संसद को निलंबित करने की सिफारिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से की। विपक्षी दलों के तीव्र विरोध के बीच महारानी ने भी जॉनसन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया कि जॉनसन संसद के मौजूदा सत्र को अगले महीने नौ सितंबर से शुरू हो रही दूसरी बैठक में निलंबित करने का अनुरोध करने के लिए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से पहले ही बात कर चुके थे। महारानी की प्रिवि काउंसिल में शामिल कंजरवेटिव पार्टी के तीन सदस्यों ने उनके स्कॉटलैंड स्थित बालामोर राजमहल में पहुंचकर जॉनसन की तरफ से संसद को निलंबित करने का औपचारिक आग्रह किया। इसके बाद महारानी ने सरकार को 9 से 12 सितंबर के बीच कभी भी संसद को 14 अक्टूबर तक के लिए निलंबित करने की मंजूरी दे दी। जॉनसन ने इससे पहले हुई एक बैठक में अपने कैबिनेट को इस योजना की जानकारी दी थी, जिसमें ब्रेग्जिट को शीर्ष विधायी प्राथमिकता बताया गया है। अगर मध्य अक्टूबर में यूरोपीय परिषद के सामने कोई नया सौदा आता है तो वह 'विड्रॉल अग्रीमेंट बिलÓ पेश करेंगे और 31 अक्टूबर तक इसे पारित करने के लिए तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

हालांकि संसद निलंबित करने के कदम का विरोध करते हुए ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष जॉन बर्को ने इसे 'सांविधानिक बलवेÓ का कहकर परिभाषित किया। विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा कि संसद का निलंबन स्वीकार नहीं है।

उन्होंने कहा, जब सांसद अगले मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में लौटेंगे तो सबसे पहले हम प्रधानमंत्री ने जो किया है, उसे रोकने की कोशिश करेंगे। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा।  

हांगकांग पुलिस ने लगाया बैन, आगामी वीकेंड नहीं होगी रैली

जयपुर टाइम्स
हांगकांग (एजेंसी)। अंतिम सप्ताह प्रदर्शनकारियों व सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प के बाद हांगकांग पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फैसला लिया है कि आगामी वीकेंड होने वाले रैलियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में गुरूवार को यह रिपोर्ट दी गई है। रैली के आयोजकों को सिविल ह्यूमन राइट्स फ्रंट को यह सूचना गुरुवार को दी जाएगी। पश्चिमी जिले में चैटर गार्डन से 3 बजे शाम को रैली निकाली जानी थी। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि पिछले सप्ताह के हिंसक प्रदर्शन के बाद इस सप्ताहांत होने वाले रैलियों को रोक दिया जाएगा क्योंकि इनके हिंसक हो जाने का खतरा है। पिछली रैली में प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया था। बता दें कि पिछले रविवार को हुए रैली में शामिल प्रदर्शनकारी अचानक भड़क गए और अफरातफरी मच गई। इसके बाद उन्हें नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को 74 रबर बुलेट और आंसू गैस छोडऩा पड़ा। यह मुठभेड़ देर रात तक चली। उल्लेखनीय है कि लगभग चौदह हफ्तों से जारी आंदोलन चीन सरकार के लिए हांगकांग में बीते 22 सालों की सबसे बड़ी चुनौती है। ब्रिटेन चीन के बीच हुए समझौते के बाद 1997 में हांगकांग चीन को सौंपा 
गया था। 

ब्राजील को मिलने वाली जी7 की मदद पर अमेरिका की असहमति

जयपुर टाइम्स
वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका की ओर से अमेजन में लगी आग को बुझाने के लिए जी7 सदस्य राष्ट्रों की ओर से दी जाने वाली मदद पर असहमति जताई गई है। बता दें कि मदद के तौर पर ब्राजील को 20 मिलियन डॉलर का ऑफर दिया गया। व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता गैर्रेट मारक्वीस ने ट्वीटर पोस्ट के जरिए  बताया, 'अमेजन की जंगलों में लगी आग से निपटने के ब्राजील की ओर से किए जा रहे प्रयासों में हम साथ हैं। हम त्र7 की उस पहल से असहमत हैं जो ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो से संपर्क करने में असफल रहा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एलान किया था कि जी7 देशों की ओर से 20 डॉलर मिलियन की मदद ब्राजील को दी जाएगी ताकि वह अमेजन की जंगलों में लगी आग से निपट सके। हालांकि बोल्सोनारो ने कहा कि वह इस मदद को स्वीकार तभी करेंगे जब मैक्रों ब्राजील के नेता को झूठा कहने वाले अपने बयान को वापस लेंगे। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बोल्सोनारो के प्रयासों की प्रशंसा की है जो वे आग के संकट से निपटने के लिए कर रहे हैं। ट्रंप ने ट्वीट में बताया, 'मुझे पता चला कि अमेजन में लगी भीषण आग से निपटने के लिए बोल्सोनारो कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ब्राजील ने अमेजन वर्षावन में लगी भयावह आग को बुझाने के लिए जी7 देशों की ओर से की गई मदद की पेशकश को ठुकरा दिया है। ब्राजील के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ने जी7 देशों की मदद की पेशकश को ठुकराते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से कहा कि वे अपने घर और अपने क्षेत्र पर ध्यान दें। फ्रांस के बिआरित्ज में 26 अगस्त को संपन्न हुए जी-7 शिखर सम्मेलन में इस समूह के नेताओं ने अमेजन वर्षावन में लगी आग से निपटने में ब्राजील की मदद करने का संकल्प व्यक्त किया था। ब्राजील का कहना है कि अमेजन में लगी आग अब नियंत्रण में है और यह हर साल की घटना है। साथ ही ब्राजील ने कुछ देशों पर आरोप लगाया कि कुछ देश इस हालात का फायदा उठा रहे हैं और ब्राजील के साथ व्यापार पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्राजील की सरकार के अनुसार, हर साल अगस्त सितंबर माह में आग लगती है और इससे दुनिया के सबसे बड़े वर्षावन के हजारों हेक्टेयर जमीन बर्बाद हुए जो 2000 के दशक में लगी आग से हुई बर्बादी की तुलना में कम है।  

अब नशीली दवाओं के इस्तेमाल के मामले में जॉनसन एंड जॉनसन पर 4100 करोड़ का जुर्माना

जयपुर टाइम्स
वाशिंगटन (एजेंसी)।  अमेरिका के ओकलाहोमा राज्य के एक जज ने नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े ओपॉयड संकट मामले में दिग्गज अमेरिकी हेल्थ केयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर 57.2 करोड़ डॉलर (करीब 4,100 करोड़ रुपये) का जुर्माना ठोका है। जज ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी ने जानबूझकर ओपॉयड के खतरे को नजरअंदाज किया और अपने फायदे के लिए डॉक्टरों को नशीली दर्दनिवारक दवाएं लिखने के लिए मनाया। जज ने हालांकि राज्य सरकार की ओर से ओपॉयड पीड़ितों के उपचार के लिए मांगी गई राशि के मुकाबले जॉनसन एंड जॉनसन को काफी कम भुगतान करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने 17 अरब डॉलर (करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये) की मांग की थी। ओकलाहोमा की क्लेवलैंड काउंटी की जिला अदालत के जज थाड बाल्कमैन ने अपने फैसले में गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा, जॉनसन एंड जॉनसन ने राज्य के कानून का उल्लंघन किया। 
कंपनी की गलत, भ्रामक और खतरनाक मार्केटिंग के कारण तेजी से नशे की लत बढ़ी और ओवरडोज से मौत के मामले सामने आए। राज्य के प्रमुख अटार्नी ब्राड बैकवर्थ ने कहा, 'हमने यह साबित किया कि इस ओपॉयड संकट का मूल कारण जॉनसन एंड जॉनसन है। इसने 20 साल के दौरान इससे अरबों डॉलर की कमाई की।Ó फैसले पर जॉनसन एंड जॉनसन की वकील सबरीना स्ट्रांग ने कहा, 'हमारे पास अपील करने का मजबूत आधार है और हम पूरे जोश के साथ इसे चुनौती देंगे।Ó जबकि कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष माइकल उल्लमन ने कहा, 'ओकलाहोमा में जानसेन के कारण ओपॉयड संकट खड़ा नहीं हुआ। हमने यह पाया है कि ओपॉयड संकट सार्वजनिक स्वास्थ्य का जटिल मामला है। इससे प्रभावित हर किसी के साथ हमारी गहरी सहानुभूति है।Ó
तस्मानिया में अफीम की खेती करने वाले लोगों से करार करने वाली जॉनसन एंड जॉनसन करीब 60 फीसद मादक पदार्थो की आपूर्ति करती थी।
इसके उपयोग से दवा बनाने वाली कंपनियां ऑक्सीकोडोन जैसी ओपॉयड दवाएं बनाती थीं। जॉनसन एंड जॉनसन की सहयोगी कंपनी जानसेन फार्मास्यूटिकल्स अपनी खुद की ओपॉयड दवा बनाने लगी थी। इस गोली का अधिकार साल 2015 में बेच दिया गया था।
अफीम से बनने वाली दर्द निवारक दवाओं को ओपॉयड कहा जाता है, लेकिन कुछ लोग इसका नशे के लिए प्रयोग करते हैं। अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी के अनुसार, देश में ओपॉयड के चलते साल 1999 से 2017 के दौरान करीब चार लाख लोगों की मौत हुई। जज के फैसले पर ओपॉयड दवा बनाने वाली करीब दो दर्जन कंपनियों की नजर थी क्योंकि इन दवाओं को बनाने वाली कंपनियों, वितरकों और विक्रेताओं पर अमेरिका में इसी तरह के करीब ढाई हजार मुकदमे चल रहे हैं।
जॉनसन एंड जॉनसन मामले में ही आरोपित दो अन्य दवा कंपनियां अमेरिका की पड्यरू फार्मा और इजरायल की टेवा ओकलाहोमा के साथ पहले ही समझौता कर चुकी हैं। पड्यरू 27 करोड़ डॉलर (करीब 1,900 करोड़ रुपये) और टेवा 8.5 करोड़ डॉलर (करीब 600 करोड़ रुपये) का भुगतान करने पर सहमत हुईं।  

जापान में बाढ़-भूस्खलन की आशंका, सरकार ने दिया लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का आदेश

जयपुर टाइम्स
टोक्यो (एजेंसी)। जापान सरकार ने देश के दक्षिण पश्चिम में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के मद्देनजर 2,40,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को लेकर  आदेश दिए। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि भारी बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने उत्तरी क्यूशू क्षेत्र के कई हिस्सों के लिए उच्चतम स्तर का अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट तब जारी किया जाता है जब तब तबाही की आशंका हो। इसके तहत लोगों को अपनी जान बचाने के लिए कदम उठाने के आदेश दिए जाते हैं। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बुधवार सुबह एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम शहरों में भारी बारिश देख रहे हैं और वहां विशेष चेतावनियां जारी की गई हैं। मौसम एजेंसी के अधिकारी यासुशी काजीवारा ने कहा कि इस स्थिति में आपको अपना जीवन बचाने के लिए सर्वश्रेष्ठ कोशिश करनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है उन्हें चेतावनी का स्तर बढ़ाए जाने से पहले ही अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठा लेने चाहिए। यह चेतावनी उत्तरी क्यूशू में जारी की गई है जहां बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यहां खराब मौसम के कारण यातायात भी बाधित हो गया है। कुछ प्रभावित इलाकों में भूस्खलन की भी घटनाएं हुई है। 

गगनयान मिशन में रूस करेगा भारत की मदद, 12 में से 4 अंतरिक्ष यात्रियों को देगा ट्रेनिंग

जयपुर टाइम्स
मॉस्को (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांशी परियोजना गगनयान के लिए चयनित होने वाले 12 संभावित भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों में से चार को रूस अपने यहां ट्रेनिंग देगा। इन सभी अंतरिक्ष यात्रियों को ट्रेनिंग देने का काम नवंबर से शुरू होगा और 15 महीने तक चलेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष के सीवान ने बताया कि भारत 12 अंतरिक्ष यात्रियों को रूस भेजेगा जिसमें से वह खुद चार का चयन करेंगे और उसके बाद उन्हें ट्रेनिंग देंगे। इस मिशन के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मिशन का लक्ष्य है कि भारत कम सम कम अपने तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 5 से 7 दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा जहां वह अलग-अलग तरह के माइक्रो ग्रैविटी टेस्ट को अंजाम देंगे। रसियन स्पेश एजेंसी रॉस्कोमोस के महानिदेशक दिमित्रा रोगोजिन और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की मॉस्को में मीटिंग हुई। इसी दौरान दोनों पक्ष मास्को स्थित यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस मिशन के लिए तैयार करने को लेकर सहमित बनाई गई थी। जैसे ही इन सभी की ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी वैसे ही ये भारत लौट आएंगे और 2022 में लॉन्चिंग से पहले के कुछ महीनों में बाकी की तैयारियां करेंगे। इस अभियान गगनयान के लिए रूस ने भारत को क्रायोजनिक इंजन  देने का प्रस्ताव किया है। रूस की सरकारी एजेंसी स्पेस कारपोरेशन  रोस्कोसमोस ने कहा कि भारत रूस से जल्द अपने गगनयान अभियान को लेकर बात करने वाला है। 
गगनयान के लिए भारत रूस सेकई जरूरी उपकरण खरीदना चाहता है। इनमें गगनयान में लगनेवाली वैज्ञानिकों के लिए सीटें, खिड़कियां तथा वो पोशाक प्रमुख हैं जो अंतरिक्ष यात्रा पर वैज्ञानिक पहनते हैं। रोस्कोसमोस के मुताबिक, इस संबंध में 4 से 6 सितंबर के बीच रूस के ब्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकोनामिक फोरम की बैठक के दौरान उच्च स्तरीय वार्ता हो 
सकती है। 

भारत-यूएई के बीच परवान चढ़ते रिश्ते, क्राउन प्रिंस ने कुछ इस तरह की मोदी की तारीफ

रत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ती प्रगाड़ता कई मायने में महत्वपूर्ण है। ऐतिहासिक, राजनीतिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक व आर्थिक कारणों से अरब देश भारत की विदेश नीति में विशिष्ट महत्व का विषय रहे हैं। यह क्षेत्र भारत के विदेश नीति के रक्षा संबंधी पहलुओं को प्रभावित करता है और इसी को ध्यान में रख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात से निर्णायक संबंध जोडऩे की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर यूएई के दिल में कितना सम्मान है, वह 2018 में मोदी की यूएई की यात्रा के दौरान देखने को मिला जब यूएई ने दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा समेत अनेक भवनों को तिरंगे के रंग से रंग दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी में भारतीय रुपे कार्ड जारी किया। इस तरह पश्चिम एशिया में यूएई पहला देश बन गया है जहां रुपे कार्ड चलेगा। गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान यूएई ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए भारत में 75 अरब डॉलर के निवेश का फैसला लिया। अगर दोनों देश समझौते के मुताबिक अगले पांच वर्षों में आपसी कारोबार बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो नि:संदेह दोनों देशों के सामरिक- आर्थिक बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। यूएई की पूंजी से रेलवे, बंदरगाहों, सड़कों, हवाई अड्डों आदि के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। महत्वपूर्ण यह भी कि यूएई ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को भी अपना समर्थन दिया है। भारत और यूएई के बीच महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा सहयोग बना हुआ है। अरसे से भारत अपनी संस्थाओं में संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा कार्मिकों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करता रहा है और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित रक्षा कार्यक्रमों में बढ़- चढ़कर भाग लेता है। याद होगा गत वर्ष पहले संयुक्त अरब अमीरात के प्रदर्शनी निगम द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतिरक्षा प्रदर्शनी में भारत ने शिरकत की थी। इसी तरह फरवरी 2007 में बंगलुरु में आयोजित 'एयरो इंडिया शोÓ में भाग लेने के लिए यूएई ने भी अपने अधिकारियों को भेजा था। जून 2003 में द्विपक्षीय प्रतिरक्षा आदान-प्रदान के लिए संयुक्त प्रतिरक्षा सहयोग समिति यानी ज्वाइंट डिफेंस कॉपरेशन कमेटी के गठन के लिए एक मसौदे पर हस्ताक्षर भी किए गए। भारतीय नौसेना के पोतों ने संयुक्त अरब अमीरात की अनके सदभावना यात्राएं की। वर्ष 2008 में बतौर विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की और उसी वर्ष यूएई के विदेशी व्यापार मंत्री शेख लुबना अल कासिमी ने भी भारत की यात्रा की। फिक्की ने उन्हें वर्ष की सर्वश्रेष्ठ सफल महिला के खिताब से नवाजकर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक पहलुओं को मजबूती दी। दोनों देशों ने एकदूसरे के हितों को ध्यान में रख ढेरों समझौते किए जो अब फलदायी साबित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, आपराधिक एवं सिविल मामलों में आपसी विधिक सहायता संधि, सिविल एवं वाणिज्यिक मामलों में सहयोग के लिए विधिक एवं न्यायिक समझौता किया जो वर्ष 2000 से ही लागू है। इस संधि के तहत दोनों देश अपराधियों के हस्तांतरण के अलावा आपसी विधिक सहायता को मूर्त रूप दे सकते हैं। चूंकि यह क्षेत्र नशीली दवाओं का अड्डा बनता जा रहा है इसलिए दोनों देशों ने नशीली दवाओं और मस्तिष्क पर खतरनाक असर डालने वाले तत्वों की तस्करी रोकने के लिए 1994 में समझौता किया। इसी तरह 1975 में सांस्कृतिक समझौता और 1989 में नागरिक उड्डयन समझौता हुआ। सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वर्ष 2000 में अमीरात न्यूज एजेंसी तथा प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के बीच समझौता हुआ। सेबी और अमीरात प्रतिभूति एवं पण्य प्राधिकरण के बीच भी समझौता हुआ। दूरदर्शन के ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन महानिदेशालय यानी प्रसार भारती तथा अमीरात केबल टीवी मल्टीमीडिया एलएलसी के बीच चैनल प्रबंधन समझौते को वर्ष 2000 में आकार दिया गया। दोनों देशों के बीच दिसंबर 2006 में मैन पावर सोर्सिंग इनकॉरपोरेशन के एक मसौदे पर भी समझौता हुआ। इतिहास पर दृष्टि डालें तो इस क्षेत्र से भारत का सामाजिक व व्यापारिक संबंध शताब्दियों का रहा है। इतिहास से जानकारी मिलती है कि भारत से मसाले व कपड़े अमीरात क्षेत्र को और अमीरात क्षेत्र से मोती व खजूर भारत को भेजे जाते रहे हैं। आज संयुक्त अरब अमीरात में तकरीबन 25 लाख से अधिक भारतीय कामगार हैं जो न सिर्फ रोजी-रोटी कमा रहे हैं, बल्कि अपनी गाड़ी कमाई का बड़ा हिस्सा भारत भेजकर भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। यूएई, बहरीन, कतर, ओमान, कुवैत और सउदी अरब में करीब तीन करोड़ भारतीय विभिन्न तरह के काम कर रहे हैं जो दुनिया भर में पसरे लगभग सवा सात करोड़ भारतीयों का चौथाई हिस्सा है। अकेले यूएई से ही 12 अरब डॉलर भारत आता है। गौर करें तो अरब देशों में यूएई एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक एवं व्यवसायिक हब है तथा साथ ही सिंगापुर एवं हांगकांग के बाद विश्व में तीसरा प्रमुख पुनर्निर्यातक केंद्र भी। यही वजह है कि यह इराक, ईरान, सीआइएस देशों तथा अफ्रीका आदि बाजारों के लिए स्नोत केंद्र बना हुआ है। दूसरी ओर लगभग सात प्रतिशत जीडीपी की वृद्धि दर से भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है, इसलिए भी दोनों देशों के बीच बेहतर व्यापारिक संबंध होना आवश्यक है। 
संयुक्त अरब अमीरात भारतीय उत्पादों के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत अनेक प्रकार के उत्पादों का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात को करता है। साथ ही संयुक्त अरब अमीरात में निर्मित सामानों के लिए भारत भी एक महत्वपूर्ण निर्यात स्थल बन चुका है। 

कश्मीर पर बौखलाए पाक ने बैलिस्टिक मिसाइल गजनवी का किया परीक्षण, इमरान ने दी बधाई

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले से बौखलाया पाकिस्तान दुनिया का ध्यान खींचने के लिए गुरुवार को बैलिस्टिक मिसाइल गजनवी का परीक्षण किया है। मिसाइल परीक्षण पर इमरान खान ने पाक वैज्ञानिकों और सेना को बधाई दी। बता दें कि बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण को लेकर पाक ने पहले ही नॉटम जारी किया था। यह मिसाइल परीक्षण कराची के पास सोनमियानी उड़ान परीक्षण रेंज में किया गया। पाक ने इसको लेकर अपनी नौसेना को भी अलर्ट जारी किया था। ऐसा माना जा रहा था कि पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र बंद करने का कदम संभावित मिसाइल परीक्षण को देखते हुए उठाया था। बता दें कि पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच अक्टूबर या नवंबर में जंग हो सकती है। 

माना जा रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिए यह कदम उठाने जा रहा है। इस हरकत से पाकिस्तान दोनों देशों के बीच युद्ध का माहौल बनाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान कश्मीर पर केंद्रित करना चाहता है।

बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक हफ्ते पहले न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में दोनों देशों के बीच परमाणु टकराव के संकेत दिए थे। मालूम हो कि पाकिस्तान ने कराची विमानन क्षेत्र के तीन हवाई मार्गों को 28 अगस्त से 31 अगस्त तक बंद कर दिया है।  

नेतन्याहू सितंबर में भारत आएंगे

इजरायल से अवाक्स और डर्बी मिसाइल डील संभव

नई दिल्ली (एजेंसी )।  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सितंबर के दूसरे हफ्ते में भारत आएंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान एयरबॉर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवाक्स) और एयर-टू-एयर डर्बी मिसाइल डील संभव हो सकती है। इजरायल में 17 सितंबर को ही आम चुनाव हैं और इसके लिहाज से नेतन्याहू का भारत दौरा काफी अहम माना जा रहा है। भारतीय वायुसेना डर्बी मिसाइलों की आवश्यकता पहले ही जाहिर कर चुकी है और नेतन्याहू के इस दौरे में अवाक्स और डर्बी के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण रक्षा सौदों की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा कृषि, जल संवर्धन और वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े समझौतों को भी फाइनल किया जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के वरिष्ठ राजनयिकों ने नाम ना जाहिर करने की शर्त पर यह बताया कि वहां की एक एडवांस सिक्युरिटी टीम 2 सितंबर को ही दिल्ली पहुंच जाएगी। वह दोनों नेताओं की मुलाकात के लिए आधार तय करेगी। अभी यह तय नहीं है कि मोदी और नेतन्याहू की मुलाकात किस तारीख को होगी। लेकिन, उम्मीद जाहिर की जा रही है कि 7 या 8 सितंबर को दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हो सकती है। राजनयिकों का मानना है कि इस दौरान नेतन्याहू मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन करेंगे। 

मोदी ने यूएन महासचिव गुटेरेस और ब्रिटिश पीएम से मुलाकात की

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद मोदी पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया के नेताओं से मिले
इससे पहले यूएन में भारत साफ कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करना हमारा आंतरिक मामला
जयपुर टाइम्स
पेरिस (एजेंसी)। फ्रांस के बियारिट्स में जी-7 बैठक हो रही है। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से मुलाकात की। मोदी ने ट्वीट किया, ''महासचिव के साथ बातचीत शानदार रही। उनके साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने जलवायु परिवर्तन रोकने वाले प्रयासों को भी तेज करने पर चर्चा की। जॉनसन के प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी से यह उनकी पहली मुलाकात थी। मोदी ने बताया कि ब्रिटेन के साथ कई मुद्दों व्यापार, रक्षा और नई खोजों को लेकर चर्चा हुई। भारत और ब्रिटेन के रिश्ते आने वाले वक्त में और मजबूत होंगे, जिसका फायदा दोनों देशों के लोगों को मिलेगा। मोदी ने एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की जोरदार जीत पर जॉनसन को बधाई दी। 

गुटेरेस ने तनाव कम करने की अपील की थी : अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद मोदी की अंतररष्ट्रीय नेताओं के साथ यह पहली मुलाकात थी। जम्मू-कश्मीर दो भागों में विभाजन के फैसले के बाद गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान को ज्यादा संयम बरतने के लिए कहा था। गुटेरेस शिमला समझौते का जिक्र कर चुके हैं, जिसके मुताबिक कश्मीर मुद्दा केवल द्विपक्षीय बातचीत से ही हल होगा और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं होगी। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से यही कह रहा है कि अनुच्छेद 370 हटाना उसका आंतरिक मामला है। 
पाकिस्तान इस सच को स्वीकार करे, यही बेहतर होगा।
बहरीन और यूएई के दौरे पर गए थे मोदी
मोदी 23 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर गए थे। न्होंने अबु धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। मोदी को यूएई में सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया गया। 24 अगस्त को मोदी बहरीन पहुंचे। यहां क्रक्राउन प्रिंस सलमान बिन हमाद ने शनिवार को 'द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां से सम्मानित किया। फ्रांस रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने श्रीनाथ मंदिर के दर्शन किए। दोनों नेताओं के बीच भारत और बहरीन की दोस्ती, व्यापारिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर बातचीत हुई। 
मोदी कई नेताओं से मिलेंगे
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया, ''जी-7 समिट में प्रधानमंत्री मोदी को एक खास सहयोगी के तौर पर आमंत्रित किया गया है। मोदी जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता, सामुद्रिक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े कई सत्रों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वे दुनिया के कई नेताओं से मुलाकात भी करेंगे।