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अमेरिका को हांगकांग की दो टूक, कहा- हमारे मामले में न दे दखल

जयपुर टाइम्स
हांगकांग (एजेंसी)। हांगकांग की नेता कैरी लैम की ओर से अमेरिका के लिए चेतावनी जारी की गई जिसमें देश में चल रहे लोकतंत्र समर्थक गतिविधियों को समर्थन देकर हस्तक्षेप न करने को कहा गया है। उन्होंने अमेरिका को चेताते हुए कहा कि देश में जारी लोकतंत्र समर्थित प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की कार्रवाई में वाशिंगटन दखल न दे। पिछले 14 हफ्ते से अधिक समय से हजारों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जो 1997 में ब्रिटेन द्वारा चीन के हाथों हांगकांग को सौंपे जाने के बाद से अब तक की यह सबसे बड़ी चुनौती है। रविवार को प्रदर्शनकारी फिर से सड़क पर उतर आए और अमेरिकी कंसुलेट तक मार्च किया और मदद की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कंसुलेट के पास पहुंच हांगकांग को आजाद कराने व चीन को रोकने के नारे लगाए। बता दें कि अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने हांगकांग के आंदोलन से निपटने में चीन से संयम बरतने की अपील की। वह इन दिनों पेरिस की यात्रा पर हैं। अगस्त में राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को हांगकांग की समस्या मानवीय तरीके से सुलझाने की सलाह दी थी। बता दें कि हाल में ही अमेरिका ने चीन से हांगकांग में जारी विरोध प्रदर्शनों से निपटने में संयम की अपील की। जिसपर चीन ने इसे अपना आंतरिक मामले बताते हुए मध्यस्थता की संभावना से इंकार कर दिया और हांगकांग में जारी अशांति के लिए अमेरिका और ब्रिटेन को जिम्मेदार बताया।
सन 1997 तक ब्रिटिश उपनिवेश रहा हांगकांग इस शर्त के साथ चीन को दिया गया था कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार बने रहेंगे। चीन ने हांगकांग को स्वायत्तता दी। लेकिन धीरे नागरिक अधिकारों में धीरे-धीरे कटौती शुरू कर दी। इससे हांगकांग की जनता को स्वायत्ता पूरी तरह खत्म होने का खतरा महसूस हुआ और तभी लोकतंत्र की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ। वाशिंगटन ने बीजिंग के उन आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि यह प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहा है और चीन ने अपने इस दावे को सही ठहराने के लिए सबूत भी पेश किए। इन सबूतों में अमेरिकी राजनीतिज्ञों के समर्थन देने वाले बयान हैं। इससे इतर ब्रिटेन में 150 से अधिक सांसदों ने विदेश सचिव डॉमिनिक राब से हांगकांग की जनता के लिए द्वितीय नागरिकता और निवासियों को रहने का अधिकार देने की अपील की। इससे चीन को यह संदेश मिला कि हांगकांग की जनता अकेली नहीं है। 

इमरान के गृह मंत्री ने माना- कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साथ लाने में नाकाम रहे

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के गृह मंत्री ब्रिगेडियर एजाज अहमद शाह ने कहा कि इस्लामाबाद कश्मीर मुद्दे पर अपने रुख से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन पाने में विफल रहा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी सरकार को देश की छवि खराब करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। एजाज ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हम पर भरोसा ही नहीं है। हम कहते हैं कि भारत ने कश्मीर में कर्फ्यू लगाया और वहां के लोगों को दवाएं नहीं दे रहे, तो कोई हमारा विश्वास नहीं करता। लेकिन इंटरनेशनल कम्युनिटी भारत का भरोसा करती है। लोग हमारे देश को गंभीरता से नहीं लेते। एजाज ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, परवेज मुशर्रफ को भी देश की छवि बिगाडऩे के लिए जिम्मेदार बताया।  इससे एक दिन पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) सत्र के दौरान दावा किया था कि भारत ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को इस ग्रह की सबसे बड़ी 'बंदी जेल में बदल दिया है। वहां मानवाधिकारों का सख्ती से हनन किया जा रहा है। हालांकि, इस मुद्दे से जुड़े लोगों ने इससे इनकार किया। 
उन्होंने कहा कि पाक को 57 सदस्यीय संगठन इस्लामिक सहयोग संगठन (आईओसी) और चीन का समर्थन मिला है। हालांकि, इंडोनेशिया जैसे कई ओआईसी सदस्यों ने अपने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत के दौरान इस कदम से खुद को दूर कर लिया। 

पाक सीमा पर सख्त पहरा, तो अब नदी के रास्ते कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में आतंकी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर  से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही बौखलाए पाकिस्तान हर दर पर गया, लेकिन उसे कुछ हासिल नहीं हुआ। अब पाकिस्तान एक बार फिर अपने छद्म युद्ध के रास्ते पर चलने की कोशिश में है।
आतंकी अब जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने के लिए नई रणनीति अपना रहे हैं। वे अब नदी के रास्ते भारतीय सुरक्षाबलों को चकमा देने की फिराक में हैं। खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अगर आतंकी गुरेज सेक्टर के जरिए घुसपैठ करने में सफल हो जाते हैं तो वे किश्नगंगा नदी का रास्ता चुन सकते हैं। रिपोर्ट में सामने आया है कि गुरेज सेक्टर के दूसरी ओर पाक अधिकृत कश्मीर स्थित डोमेल और पाकिस्तान की फार्वर्ड पोस्ट्स मस्जिद कॉम्पलेक्स लॉन्च पैड पर आतंकी मौजूद हैं।
बोट और ट्यूब के साथ तैयारी : रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी रबर बोट, ट्यूब के साथ ही हथियार संग घुसपैठ की तैयारी में हैं। पाकिस्तान ऐसी कोशिशें साल 1990 के दशक में करता रहा है। ऐसे में लग रहा है कि वह फिर से अपने पुराने प्लान पर काम कर रहा है। इतना ही नहीं साल 2011 में जब आतंकी ऐसा करने की फिराक में थे तभी उन्हें सेना ने ढेर कर दिया था। इस ऑपरेशन में 11 आतंकी मार गिराए गए थे. उसके बाद से ही पाकिस्तान ने बोट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।
श्रीनगर में हो चुकी हैं वारदातें : बीते दिनों उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में आतंकवादियों ने एक मकान पर हमला कर दिया, जिसमें एक ढाई साल की एक बच्ची समेत परिवार के चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया था।   पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया था कि आतंकवादियों ने गोलीबारी की। भारतीय सेना ने भी इसका मुहतोड़ जवाब दिया। जिसमें एक बच्ची उस्मा जान सहित परिवार के चार लोग घायल हो गए थे। 

ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोल्टन को पद से हटाया, कहा- उनकी कई सलाह से मैं असहमत था

जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन को पद से हटा दिया है। ट्विटर पर इस बात की जानकारी देते हुए ट्रम्प ने कहा,  मैं और मेरे प्रशासन के लोग उनकी कई सलाहों से असहमत थे। इसलिए मैंने उनसे इस्तीफा मांगा था। आज सुबह जॉन ने मुझे अपना इस्तीफा सौंप दिया। मैं उनकी सेवाओं के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। अगले हफ्ते में नए एनएसए के नाम का ऐलान करुंगा। ट्रम्प का यह ट्वीट बोल्टन की एक अहम प्रेस ब्रीफिंग से करीब 90 मिनट पहले आया।
इस ब्रीफिंग में बोल्टन को विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और वित्त मंत्री स्टीवन न्यूकिन के साथ हिस्सा लेना था। इस कार्यक्रम में बोल्टन की मौजूदगी के बारे में खुद व्हाइट हाउस ने ऐलान किया था।

पाक तालिबान का सरगना नूर वली आतंकी घोषित, संगठन ने पेशावर के स्कूल में 132 बच्चों को मारा था

जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका ने पाकिस्तान में पनाह लिए हुए आतंकियों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की। अमेरिका ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान  के सरगना मुफ्ती नूर वली महसूद को आतंकी घोषित किया है। टीटीपी पाक में कई बम और आत्मघाती धमाकों में हजारों लोगों की जान ले चुका है। अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा, नूर वली के नेतृत्व में टीटीपी ने पाक में कई आतंकी हमले किए और उनकी जिम्मेदारी भी ली। इन हमलों में सैकड़ों लोगों ने जान गंवाई। टीटीपी का अलकायदा से काफी करीबी संबंध है। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने टीटीपी संगठन को स्पेशियली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था। टीटीपी के सरगना मुल्ला फजीउल्लाह के मारे जाने के बाद जून 2018 में नूल वली को संगठन का प्रमुख बनाया गया था। टीटीपी ने दिसंबर 2014 में पेशावर स्कूल में हमला किया था। इसमें 149 लोग मारे गए, जिसमें 132 बच्चे थे।
 फिलहाल, पाकिस्तान टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की रडार पर है। इसका बड़ा कारण पाक में पल रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन हैं। अब टीटीपी के सरगना का आतंकी घोषित होना, पाक को एफएटीएफ के हाशिए पर ला सकता है। आतंकी गतिविधियों के चलते एफएटीएफ पाक को ब्लैक लिस्ट कर सकता है। इससे पहले 23 अगस्त को एफएटीएफ की संस्था एशिया पैसिफिक गु्रप ने पाकिस्तान को इनहेन्स्ड एक्सपीडिएट फॉलोअप लिस्ट में डाल दिया था। 

पाक ने एलओसी पर सक्रिय किए 7 आतंकी लॉन्च पैड, घुसपैठ की फिराक में 275 जिहादी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान एक तरफ यूएनएचआरसी में कश्मीर मुद्दे पर भारत के हाथों मुंह की खा रहा है तो दूसरी ओर सीमा पर बौखलाए पाकिस्तानी सेना की एक और नापाक साजिश का खुलासा हुआ है। 
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने एकबार फिर एलओसी पर आतंकी कैंप सक्रिय कर दिए हैं। पाकिस्तान ने एलओसी के पास 7 आतंकी लॉन्च पैड को सक्रिय कर दिया है। इन 7 आतंकी लॉन्च पैड से पाकिस्तान 275 जिहादियों को सीमापार से घुसपैठ की कोशिश करने वाला है। पाकिस्तान की ओर से ये एक्शन ऐसे वक्त में आया है जब अगले महीने एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान के भविष्य पर फैसला आ सकता है। इस बैठक में पाकिस्तान के आतंकी फंडिंग को लेकर ब्लैकलिस्ट किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है।  टाइम्स ऑफ इंडिया को मिले आधिकारिक दस्तावेजों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुख्ता सुत्रों ने इस बात की जानकारी दी है कि पाकिस्तान सेना और ढ्ढस्ढ्ढ उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर के रास्ते काफी संख्या में घुसपैठ के लिए आतंकी लॉन्च पैड बनाए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक, एलओसी के पास गुरेज सेक्टर के पास 80 आतंकी, मच्छल के पास 60 आतंकी, करनाह के पास 50 आतंकी, केरन के पास 40, उरी में 20 आतंकी, नौगाम सेक्टर में 15 आतंकी  और रामपुर सेक्टर में 10 आतंकी, कैंपों में रह रहे हैं। इस तरह कुल 275 आतंकी इस वक्त सीमापार से आतंकी घुसपैठ की कोशिश में बैठे हुए हैं।
बता दें, पाकिस्तान ने साल 1990 से सीमापार से आतंकी घुसपैठ की शुरुआत की थी। कश्मीर में आतंकी घटनाओं को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान ने घुसपैठ का रास्ता अपनाया। 
लेकिन कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों के काउंटर ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान डर गया है और अब वो पंजाब प्रांत और गुलाम कश्मीर(पीओके) के रास्ते आतंकी घुसपैठ की कोशिशें करता रहता है। 

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में आई है कमी, दोनों देश चाहें तो मदद को तैयार: ट्रंप

जयपुर टाइम्स
वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2 सप्ताह पहले के मुकाबले तनाव में कमी आई है। इसके अलावा उन्होंने एक बार फिर दोहराया है कि यदि दक्षिण एशिया के दोनों पड़ोसी चाहें तो वे मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। ट्रंप का यह बयान 26 अगस्त को फ्रांस में त्र7 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के 2 सप्ताह बाद आया है। इस मुलाकात में पीएम ने ट्रंप के सामने दो टूक कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी मुद्दे पर तीसरे देश के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। 
सोमवार को ट्रंप ने वॉइट हाउस में मीडियाकर्मियों से कहा कि आप जानते हैं कि कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान में टकराव है। मेरा मानना है कि 2 सप्ताह पहले जितना तनाव था उसमें अब कमी आई है। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को भारत सरकार द्वारा निष्प्रभावी किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की कई बार इच्छा जाहिर कर चुके ट्रंप ने एक बार फिर यही दोहराया है। 
भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति के आकलन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि मुझे दोनों देशों का साथ बहुत अच्छा लगता है। मैं उनकी मदद करना चाहता हूं, यदि वे चाहें। वे जानते हैं कि उनके सामने यह प्रस्ताव है।

गंभीर बीमारी से जूझ रहा है मसूद अजहर, भाई देख रहा जैश का कामकाज


जयपुर  टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बारे में रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गुपचुप तरीके से उसे जेल से निकाल दिया गया है। टॉप इंटेलिजेंस सूत्रों ने बताया कि जैश सरगना का स्वास्थ्य काफी खराब है। खराब सेहत के कारण मसूद इन दिनों संगठन के काम से दूर है और उसका भाई ही संगठन का काम देख रहा है। मसूद का भाई अब्दुल रऊफ असगर ही इन दिनों उसकी 'आतंक की फैक्ट्रीÓ चला रहा है। 
ंमसूद अजहर को इसी साल संयुक्त राष्ट्र ने ग्लोबल आतंकी घोषित किया है। भारत सरकार ने भी नए यूएपीए कानून के तहत मसूद को आतंकी घोषित किया है। सूत्रों के अनुसार, मसूद अजहर किडनी खराब होने की बीमारी से जूझ रहा है और ज्यादातर वक्त वह अपने क्वॉर्टर में ही आराम करते हुए बिताता है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश के अभी दो प्रमुख ठिकाने हैं मरकज उस्मान-ओ-अली और मरकज सुभान अल्लाह।  इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि जैश सरगना काफी बीमार है और वह रोजमर्रा की संगठन गतिविधियों की निगरानी नहीं 
कर सकता। 
एक सूत्र ने बताया कि संगठन के रोजमर्रा के कामों के संचालन मसूद अजहर नहीं कर रहा। वह बहुत अधिक बीमार है। बहावलपुर में उसके ठिकाने पर बहुत सख्त सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। उसकी खराब सेहत को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फरवरी में जैश ठिकानों पर बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के बाद खास तौर पर सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि अजहर कभी भी ऑपरेशन का संचलान नहीं करता था, लेकिन वह युवाओं को 'जिहादीÓ बनने के लिए उकसाने का काम जरूर करता था। सूत्रों के अनुसार अपने भड़काऊ भाषणों के जरिए वह युवाओं को संगठन में शामिल होकर निष्ठावान फिदायीन बनने के लिए उकसाता था। अभी युवाओं की भर्ती और ऑपरेशन का जिम्मा उसके भाई पर जरूर है, लेकिन जैश सरगना के रिकॉर्डेड भाषणों का प्रयोग युवाओं को भड़काने के लिए किया जा रहा है। हर शुक्रवार को भी उसके भाषणों को सुनाया जाता है।
मसूद अजहर की लोकप्रियता को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उसे खतरा मानती हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि असगर ही वह आदमी है जिस पर हमें खास तौर पर नजर रखने की जरूरत है। वह सिर्फ 45 साल का था जब उसे जैश की कमान सौंप दी गई। उसके बारे में कहा जाता है कि वह खुद जैश कैंप का दौरा करता था। बालाकोट में एयर स्ट्राइक से पहले भी उसने कई बार आतंकियों से कैंप में जाकर मुलाकात की थी ताकि उन्हें प्रोत्साहित कर सके। इस साल मार्च में मसूद अजहर को पाकिस्तान में हिरासत में लिया गया। 
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने यह कदम बस आंख में धूल झोंकने के इरादे से ही उठाया था। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बलों के घेरे के बीच असगर खुले आम घूमता था। एक सूत्र ने बताया कि जैश के दूसरे प्रमुख संगठनकर्ताओं से वह नियमति तौर पर मिलता था। ऐसे भी संकेत मिले हैं कि आर्टिकल 370 को समाप्त किए जाने के बाद वह ढ्ढस्ढ्ढ के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है।

पायलटों की हड़ताल के कारण ब्रिटिश एयरवेज की 1500 उड़ानें रद्द

जयपुर टाइम्स
लंदन, मॉस्को (एजेंसी)। ब्रिटिश एयरवेज ने पायलटों की हड़ताल के कारण अपनी 1500 से ज्यादा उड़ानों को रद्द कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को वेतन विवाद को लेकर पायलट हड़ताल पर रहेंगे। एयरलाइन के 100 साल के इतिहास की यह सबसे बड़ी हड़ताल मानी जा रही है। द टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक, इस हड़ताल से लगभग 2 लाख 80 हजार लोग प्रभावित होंगे। इससे करीब 80 मिलियन पाउंड (704 करोड़ रु.) का नुकसान होगा। न्यूयॉर्क, दिल्ली, हॉन्गकॉन्ग और जोहानेसबर्ग की सभी उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कंपनी ने यात्रियों से कहा है कि अगर आपकी फ्लाइट रद्द हो गई है तो एयरपोर्ट पर न जाएं। वेतन और भत्तों में कटौती के विवादों के बाद ब्रिटिश एयरलाइन पायलट एसोसिएशन (बीएएलपीए) ने 23 अगस्त को हड़ताल की घोषणा की थी। इसमें कहा गया था कि 9 और 10 सितंबर को पायलट हड़ताल पर रहेंगे। बीएएलपीए ने एयरलाइन के व्यवहार को गैर-जिम्मेदराना बताया।
 वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने भी हड़ताल और उड़ानों के रद्द होने के बाद अपने नागरिकों को सचेत किया है। 

फेक्साई तूफान से जापान में मची तबाही

जयपुर टाइम्स
टोक्यो (एजेंसी)। जापान की राजधानी टोक्यो के पास आज तड़के तूफान फेक्साई के पहुंचने के बाद दर्जनों लोग घायल हो गए और लगभग नौ लाख घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स ने यह जानकारी दी। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, प्रशांत महासागरीय तूफान सोमवार तड़के लगभग पांच बजे टोक्यो के उत्तर-पूर्व स्थित शीबा पहुंचा। एजेंसी ने कहा कि फेक्साई इस मौसम का 15वां तूफान है और इसमें 144 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और उत्तर-पूर्व दिशा में 216 किलोमीटर प्रतिघंटा के प्रचंड वेग से आंधी चली और यह जापान के सबसे बड़े द्वीप होंसू के पूर्वी तट से होते हुए 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से प्रशांत महासागर की तरफ बढ़ रहा है। 

खटाई में पड़ा अमेरिका-तालिबान शांति समझौता

ट्रंप का एलान अब नहीं होगी कोई वार्ता

वाशिंगटन (एजेंसी )। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान के साथ शांति वार्ता को रद करने का फैसला लिया है। ट्रंप ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने ये फैसला काबुल कार बम बलास्ट की वजह से लिया है, जिसकी जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी। इस ब्लास्ट में एक अमेरिकी सैनिक समेत 12 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि तालिबान के प्रमुख नेता और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी रविवार को कैंप डेविड में उनसे अलग-अलग बैठक में मिलने वाले थे, जिसके लिए वे आज रात को ही अमेरिका पहुंचने वाले थे, लेकिन उन्होंने अब यह बैठक भी रद कर दिया है। 

ब्राजील के राष्ट्रपति के बाद अब वित्तमंत्री ने कहा, 'फ्रांस की प्रथम महिला वास्तव में हैं कुरूपÓ

जयपुर टाइम्स
रियो डि जेनेरो (एजेंसी)। ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो के बाद अब ब्राजील के वित्त मंत्री ने फ्रांस की फस्र्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रोन के लुक पर कमेंट किया है। ब्राजील के वित्त मंत्री पाओलो गुएडेस ने गुरुवार को कहा कि ब्रिगिट मैक्रोन के लुक पर दिए गए राष्ट्रपति बोल्सोनारो के बयान से सहमत हैं कि फ्रांस की फस्र्ट लेडी वास्तव में कुरूप है। एक इकोनॉमिक फोरम के दौरान उन्होंने बताया, 'राष्ट्रपति ने यह कहा और यह सच है। वह महिला सच में कुरूप हैं।Ó हालांकि बाद में उनके एक सहयोगी ने कहा, 'गुएडस ने सार्वजनिक इवेंट में किए गए मजाक के लिए माफी मांगी है जिसमें उन्होंने फ्रांस की फस्र्ट लेडी पर कमेंट किया।
पिछले हफ्त्े बोल्सोनारो की निंदा हुई थी जब उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पत्नी के लुक के बारे में एक फेसबुक पोस्ट का समर्थन किया था। इस पोस्ट में लिखा गया था कि फ्रांस की प्रथम महिला ब्राजील की प्रथम महिला मिशेल बोल्सनारो जितनी आकर्षक नहीं है। 
बोल्सनारो ने फेसबुक पर इस कमेंट के जवाब में लिखा, 'लड़के को अपमानित न करें, हा हा।Ó फ्रांस के राष्ट्रपति ने ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सनारो के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई और ब्राजील के राष्ट्रपति ने बाद में कमेंट हटा दिया। हाल में अमेजन के वर्षावन में लगी आग के मुद्दे पर ब्राजील और फ्रांस के बीच तनातनी शुरू हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो द्वारा अपनी पत्नी ब्रिगिट पर किए गए कमेंट पर नाराजगी जाहिर की और कहा, 'उन्होंने मेरी पत्नी के लिए असभ्य टिप्पणियां की।