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पानी कम पीने की आदत से बढ़ता है एन्युरिज्म का खतरा -    न्यूरोफेस्ट - 2019 में देश-विदेश के एक्सपट्र्स ने लिया हिस्सा


-    नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से हो रहा आयोजन


जयपुर। बदलती लाइफ स्टाइल के कारण ब्रेन की खतरनाक बीमारी ब्रेन एन्युरिज्म की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। पानी कम पीने की सामान्य सी आदत भी एन्युरिज्म का खतरा बढ़ा देती है। पानी कम पीने के कारण खून गाढ़ा होता है और यदि स्मोकिंग की आदत भी है तो हमारी ब्लड के रेड सेल्स चिपकने लगते हैं और उससे दिमाग की नसों में एन्युरिज्म का खतरा बढ़ जाता है। नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से 22 गोदाम स्थित एक होटल में आयोजित हुए न्यूरोफेस्ट - 2019 में कुछ इसी तरह की जानकारी दी गई। इस कॉन्फ्रेंस मे देश-विदेश से 100 से अधिक न्यूरो सर्जन्स हिस्सा लिया। कार्यक्रम में फिनलैंड से आए प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. जुहा हरनेस्निमी ने ब्रेन एन्युरिज्म के उपचार में काम ली जा रही अत्याधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी। 
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन सभी विशेषज्ञों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों के लिए मौन रख उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कॉन्फ्रेंस के कोर्स डायरेक्टर डॉ. केके बंसल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. जुहा हरनेस्निमी, नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जोनल क्लिनिकल डायरेक्टर माला ऐरन और फैसिलिटी डायरेक्टर कार्तिक रामाकृष्णन ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। डॉ. माला ऐरन ने कहा कि तीन सफल संस्करण के बाद इस बार, देश में ऐन्युरिज्म के बढ़ते केसों को देखते हुए हमारे देश के डॉक्टर्स की ट्रीटमेंट नॉलेज अपडेट हो, इसके लिए न्यूरोफेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन विभिन्न सत्र आयोजित किए गए जिसमें माइक्रो न्यूरो सर्जरी, एन्युरिज्म सर्जरी में इस्तेमाल किए जाने वाली ट्रिक्स, एन्युरिज्म ट्रीटमेंट के भविष्य, एन्युरिज्म में इंटरवेंशनल तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। 
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन आस्क द मास्टर सेशन खास रहा। सेशन में देशभर से आए विशेष चयनित केसों पर चर्चा हुई जिसमें एक्सपट्र्स ने डॉ. जुहा से अपने केस के बारे में बताया और उनसे पूछा कि अगर यह केस उनके पास होता तो वे इसे किस तरह ठीक करते। इस दौरान डॉ. विवेक वैद, डॉ. रशिम कटारिया, डॉ. रंजन जीना और डॉ. कोमल प्रसाद आदि ने अपने केसों की प्रजेंटेशन दी।

काम की बातः खूबसूरती से पकड़ें, संजीदगी से छोड़ें

नई दिल्ली

उगना, डूबना और फिर उग जाना। बढ़ना, घटना और फिर बढ़ने लगना। कुदरत के यही नियम हैं। रूप बदल जाता है। देखने और बनाने वाले हाथ बदल जाते हैं। पर जीवन चलता रहता है। आकाश जानता है कि उसका सूरज फिर लौट आएगा। तभी वह उसे विदा भी पूरी खूबसूरती से करता है।

कल लाखों लोगों ने नम आंखों के साथ गणपति को विदाई दी। उनका आना और जाना दोनों ही बेहद खूबसूरत होते हैं। बावजूद मन तो मन है। विदा की बेला भावुक कर ही देती है। और फिर जिस दुनिया में हम हैं, उसका नियम ही यही है। मिट्टी का घट, पानी में बह जाता है। जिसका श्रीगणेश होता है, उसकी इतिश्री भी होती ही है। एक बार चीज आकार लेती है, तो उससे अलग होने का काउंटडाउन भी शुरू हो जाता है।

 

पर हममें और कुदरत में एक अंतर है। हम पकड़ तो लेते हैं, पर उसी सहजता से छोड़ नहीं पाते। घर-ऑफिस के रिश्ते हों, पद -प्रतिष्ठा हो, वस्तुएं या विचार हों, अपने कदमों को पीछे करना मुश्किल ही होता है। यूं छोड़ने का मतलब ये भी नहीं कि किसी वस्तु या रिश्ते से हमारा लगाव ही न हो। हम मतलबी हो जाएं या फिर अलग होते ही अच्छे और बुरे अनुभव दोनों ही यादों से खट से हटा दें। पर इतना तो हो कि जिसे पकड़ रहे हैं, उसे पूरी खूबसूरती से पकड़ें। उनके साथ अपने समय को पूरे प्यार और भरोसे के साथ जिएं। और कुछअच्छा नहीं है तो भी पूरी शालीनता से छोड़ें। ताकि बाद में यादों के पिटारों में, काश ये, वो, अब, तब, कसक और अफसोस न हो।

लेखक व प्रेरक वक्ता रॉबर्ट शूलर कहते हैं, ‘हम पहले दुख व बुरे हालात से शालीनता से बाहर आएं और फिर नए तरीके से अपनी वापसी करें। शालीनता से छोड़ने का मतलब होता है कि समय पूरा होने या बदलने पर हम बीते पद और सुविधाओं में अटके न रहें। बुरे हालात में भी कड़वाहट के साथ अंत नहीं करें।'

शुक्रिया जरूर कहें
मेरी एक दीदी हैं। वह अपना कारोबार करती हैं। उनकी एक खासियत है। उन्हें अपनी किसी दुकान, कमरे या मशीन को बदलना हो या पुरानी कार को विदा करना हो, तो छोड़ने से पहले वह उनका शुक्रिया जरूर करती हैं। अब तक के उनके साथ के लिए आभार व्यक्त करती हैं। उनका मानना है कि हमें अपनी पुरानी वस्तुओं को साफ-सुथरे ढंग से छोड़ना चाहिए। ताकि जिन्हें बाद में वे मिले, वे भी उनके लिए अच्छा महसूस कर सकें। 

जापान में कहावत है कि अंतत: सब एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। जंगल में खड़े पेड़, दूसरे कमजोर पेड़ों की जड़ों को अपना पोषण देकर जिंदा रखते हैं। तब वे परवाह नहीं करते कि उनका अपना क्या होगा। और बीमार पेड़, जाने से पहले अपना पोषण दूसरे पेड़ों को दे देता है। कुल-मिलाकर एक रूप से मिली ऊर्जा को दूसरे रूप में ले जा पाना ही हमारी जीवन यात्रा को बनाए रखता है।

बीच की खूबसूरत दुनिया
सब कुछ हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन जिस पर गर्व किया जा सकता है, जो वाकई हमारे हाथ में है, वह है आने और जाने के बीच की दुनिया। पकड़ने और छोड़ने के बीच का समय। हम खूब इच्छाएं करें। आगे बढ़ने की हर कोशिश करें। उदास मन से नहीं, जो मिला है, उससे भरपूर जिएं। पर, छोड़ना भी सीख जाएं। जो अच्छा मिला है, उसे दूसरों को देना सीख जाएं। मजबूरी के दिनों में जिस भाव से किसी से लिया था, उसे उसी भाव से लौटा भी पाएं। जो कदम आगे बढ़ाए थे, उन्हें जरूरत पड़ने पर बिना मलाल वापस भी मोड़ सकें। केवल रोएं नहीं, जाने वालों के अच्छे कामों को आगे ले जाएं।

ताकि फिर कभी पानी के साथ मिलकर मिट्टी जब नया रूप ले तो वह पहले से भी सुंदर बन जाए। कहीं किसी मोड़ पर बिछड़ों से मिलना हो तो खूबसूरती से मिल सकें। बिना शिकायतों के साथ रह सकें। हंसी-ठहाकों के साथ अपनी नईयात्रा शुरू कर सकें।

रेसिपी : कोल्हापुरी मिसल पाव खाकर आएगा मजा

आज हम आपके लिए मिसल पाव रेसिपी लाए हैं। मुंबई की पाव भाजी की तरह मिसल पाव भी बेहद पॉपुलर है। ये एक महाराष्ट्रियन रेसिपी है पर कोल्‍हापुरी मिसल पाव के रूप में खासतौर से जानी जाती है। कुछ जगहों पर इसे उसल पाव के रूप में भी जाना जाता है। कोल्‍हापुरी मिसल खाने में चटपटा और बेहद टेस्‍टी होता है। आप भी मिसल पाव की रेसिपी ट्राई करें। हमें यकीन है कि यह रेसिपी आपको और आपको बच्‍चों को जरूर पसंद आएगी।

सामग्री

  • 02 कप मटकी/मोठ बीन स्‍प्राउट्स 
  • 02 आलू उबले हुए 
  • 01 प्याज कटा हुआ
  • 01 टमाटर कटा हुआ
  • 02 बड़े चम्‍मच अदरक लहुसन का पेस्ट
  • 01 बड़ा चम्‍मच इमली का पल्प
  • 02 बारीक कटी हुई हरी मिर्च 
  • 1/2 छोटा चम्‍मच राई
  • 5-6 करी पत्ता
  • 01 छोटा चम्‍मच धनिया पाउडर,
  • 01 छोटा चम्‍मच जीरा पाउडर 
  • 1/4 छोटा चम्‍मच हल्दी पाउडर
  • 1/4 छोटा चम्‍मच गरम मसाला पाउडर
  • 1/2 छोटा चम्‍मच लाल मिर्च पाउडर,
  • तेल अवश्‍यकतानुसार
  • नमक स्वादानुसार

अन्‍य सामग्री

  • 8-10 पीस पाव ब्रेड 
  • 01 कप चिवड़ा
  • 1–2 कटा हुआ प्याज
  • 1/4 कप दही
  • 01 नींबू
  • 1/4 कप कटी हुई धनिया पत्ती 

विधि 

मिसल पाव बनाने के लिए सबसे पहले मोठ बीन को पानी में रात भर के लिए भिगो दें। इसके बाद इसे धो लें और उसे एक मोटे सूती कपड़े में डाल कर बंद करके गरम जगह पर रख दें। दो दिन बाद दानों में से अंकुर निकल आएंगे।

अब एक कूकर में मटकी (मोठ बीन), थोड़ा सा नमक और पानी मिलाएं और ढक्‍कन बंद करके मीडियम आंच पर दस मिनट तक उबाल लें। उबले हुए आलू को छील कर उसके  छोटे-छोटे पीस कर लें।

अब कढ़ाई में तेल डाल कर गरम करें। तेल गरम होने पर उसमें राई और करी पत्ता डाल कर हल्‍का सा भुन लें। इसके बाद कटा हुआ प्याज डालें और सुनहरा होने तक भून लें।

प्‍याज भुनने पर कटी हुई हरी मिर्च, अदरक लहसुन पेस्ट और कटे हुए टमाटर डालें और चलाते हुए नरम होने तक पकाएं। टमाटर नरम होने पर कढ़ाई में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा पाउडर, गरम मसाला  डालें और अच्‍छी तरह से मिला लें।

इसके बाद कढ़ाई में उबला हुआ मटकी, उबला हुआ आलू, इमली का पल्‍प और नमक डालें और दो मिनट तक पकाएं। इसके बाद कढ़ाई में आधा कप पानी डालें और ढक कर दस मिनट तक पका लें। इसके बाद गैस बंद कर दें। लीजिए, आपकी मिसल पाव बनाने की विधि पूरी हुई। अब आपका कोल्‍हापुरी मिसल पाव तैयार है।

अब एक बाउल में दो बड़े चम्मच मटकी डाल कर उसके ऊपर चिवड़ा डालें। फिर उसके ऊपर से कटा हुआ प्याज, हरी धनिया और नींबू का रस डालें और पाव ब्रेड के साथ सर्व करें।

रेसिपी : फरा नाश्ता है और पेट भी भरेगा, आज ही ट्राई करें

आज हम आपके लिए दाल का पीठा या फरा की रेसिपी लेकर आए हैं। यह मूल रूप से चावल के आटे से बनाया जाता है। यहां हम आपको गेहूं के आटे से फरा बनाना बता रहे हैं। आप चाहें तो इसकी जगह चावल का आटा ले सकती हैं। एक मजेदार बात यह है कि स्टफ्ड दाल के इस नाश्ते को कई नामों से जाना जाता है। कहीं इसे पीठा कहते हैं, तो कहीं फरा, गोझा या भकोसा भी कहते हैं। खैर जनाब नाम में क्या रखा है। अगर यह डिश आपके टेस्ट को सूट करती है, इससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती है। यह ऐसा नाश्ता है कि इससे आपको मजा भी आएगा और पेट भी भर जाएगा। तो आइए जानते हैं फरा की रेसिपी

  • सामग्री 
  • 125 ग्राम भीगी हुई चना दाल
  • 50 ग्राम भीगी हुई उड़द दाल
  • 1.5 बड़ी कटोरी गेहूं का आटा
  • 8 कली लहसुन  
  • 3-4 या स्वादानुसार हरी मिर्च
  • 1 इंच अदरक का टुकड़ा
  • 1 चुटकी हींग
  • नमक स्वादानुसार
  • 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1/2 चम्मच जीरा पाउडर
  • 1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर
  • आटा गूंदनें के लिए पानी
    फरा

विधि
सबसे पहले एक गहरे बर्तन में गेहूं का आटा लें और रोटी के लिए गूंदे जाने वाले आटा की तरह गूंद लें। इस आटा को अलग रख दें और आटा का फरा या पीठा बनाने के लिए स्टफिंग तैयार करें। अब स्टफिंग तैयार करने के लिए भीगी हुई चना दाल, उड़द दाल साफ पानी से धोकर मिक्सर में अदरक, लहसुन और हरी मिर्च, नमक और हींग डालकर दरदरा पीस लें। इस पेस्ट को प्लेट में निकाल लें और इसमें हल्दी पाउडर, जीरा और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

अब एक गहरे बर्तन या बड़ी कढ़ाई लें और उसमें पानी भरें। पानी की मात्रा इतनी हो कि उबालते समय पिठा पूरी तरह से पानी में डूबा रहे। पानी को उबलने के लिए गैस पर रख दें। इसमें आधा चम्मच नमक और दो चम्मच सरसों का तेल डाल दें, ताकी फरा बर्तनी की तली में और एक-दूसरे से चिपकेे नहीं।

फरा

अब गूंदे हुए आटे की छोटी-छोटी लोई बना लें। इन्हें चपाती की तरह बेल लें। फिर इसके बीच में तैयार स्टफिंग रखें और दोनों किनारों को एक साथ लाकर एक साथ चिपका लें। सभी आटे का पिठा इसी तरह तैयार कर लें। सभी फरा के पीस एक-एक कर उबलते हुए पानी में डालें और कढ़ाई को ढक्कन के साथ ढक दें। फिर आंच को मध्यम स्तर तक कम करें और 12 से 15 मिनट के लिए पानी में फरा को पकने दें। एक या दो बार बीच में ढक्कन को हटा कर कढ़ाई में कल्छी से पीठा को चलाएं जिस्से की पीठा एक दूसरे के साथ न चिपकें।

लगभग 12 मिनट के बाद एक पिठा को पानी से एक प्लेट में निकालें और चाकू से काटकर देखें। अगर चाकू साफ बाहर आए, तो इसका मतलब है कि पीठा अच्छे से पक चुका है और आप गैस बंद कर सकते हैं। अगर चाकू साफ बाहर नहीं आता है तो पिठा को कुछ और मिनटों के लिए पकने दें।
फिर गरम आटा का पिठा को एक बड़ी प्लेट में निकाल लें। सारे पीठा को बीच से काटकर 2 हिस्सों में कर दें।

गर्म पिठा को हरी चटनी के साथ परोसें। आप चाहें तो इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर राई, करी पत्ता और साबुत लाल मिर्च में फ्राई कर ऊपर से चाट मसाला छिड़क कर भी परोस सकते हैं। फरा पानी में उबालने के स्थान पर स्टीम पर भी बनाया जा सकता है। 

कोई कंगाल तो कोई बनी भिखारी, बुरी कंडीशन में गुजरे इन 4 एक्ट्रैस के आखिरी दिन

बॉलीवुड के बहुत से ऐसे दिग्गज एक्ट्रैस हैं, जिन्होंने कम उम्र में नाम कमाने के बाद इस इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया। बॉलीवुड में सभी स्टार्स के पास किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होती लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। आर्थित रूप से मजबूत होने के बावजूद भी किसी कारण कुछ बॉलीवुड स्टार्स को अपने आखिरी दिनों में कंगाली तो किसी को भीख मांगनी पड़ी। आज हम आपको कुछ ऐसे ही एक्टर्स के बारे में, जिनकी जिंदगी के आखिरी वक्त बेहद मुश्किलों में बीते।
 

1. परवीन बॉबी
बॉलीवुड एक्ट्रैस परवीन बॉबी की मौत 13 साल पहले 20 जनवरी, 2005 को हुई थी। बताया जाता है कि वह सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी के साथ-साथ डायबिटीज और पैर की बीमारी गैंगरीन से भी पीड़ित थीं, जिसके कारण उनकी किडनी और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उनकी मौत के बाद उनके पड़ोसियों ने पुलिस को इन्फॉर्म किया था कि उनके घर के बाहर सामान दो दिन से पड़ा है। इसके बाद पुलिस ने एक नकली चाबी से उनके घर का दरवाजा खोला और उन्हें मृत पाया।

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2. गीतांजलि नागपाल
फेमस मॉडल गीतांजलि नागपाल की मौत 2008 में हुई। वह कई नामी डिजाइनरों और सुष्मिता सेन जैसी हस्तियों के साथ रैंप कैट वॉक कर चुकी हैं। 2007 में उन्हें साउथ दिल्ली के एक पॉश बाजार में भीख मांगते हुए पाया गया था। बताया जाता है कि गीतांजलि नागपाल को ड्रग की लत ने ऐसे जकड़ा कि वो अपनी जरूरत पूरी करने के लिए वह ऐसे काम करने लग गई थी।

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3. निशा नूर
अभिनेत्री निशा नूर 80 के दशक में साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पॉपुलर था। वह इतनी पॉपुलर थी कि रजनीकांत और कमल हासन जैसे बड़े स्टार्स भी उनके साथ काम करना चाहते थे। कहा जाता है कि उन्हें एक प्रोड्यूसर ने धोखे से प्रॉस्टिट्यूशन में धकेल दिया था, जिसके बाद उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ दी। आखिरी दिनों में आर्थिक हालात बिगड़ने के कारण उन्हें सड़क पर पाया गया, जहां वह आखिरी सांसे गिन रही थी। जब उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया तो पता चला कि उन्हें एड्स था और 2007 में निशा जिंदगी की जंग हार गईं।

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4. अचला सचदेव
बॉलीवुड एक्ट्रैस अचला सचदेव कई फिल्मों में अहम किरदार निभा चुकी थी। उनका निधन अप्रैल 2012 में हुआ। वह अपने पति की मौत के बाद अकेली पुणे में रह रही थी, जहां उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। बताया जाता है कि पैर फिसलने के कारण उनकी जांघ की हड्डी टूट गई लेकिन उनकी खोज-खबर लेने कोई नहीं आया। अचला का बेटा अमेरिका में और बेटी मुंबई में रहती थी, लेकिन वे भी मां के संपर्क में नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट की जज बनेंगी इंदु मल्होत्रा, जाने उनके बारे में कुछ बातें

ऐसा शायद कोई ही क्षेत्र होगा जिस मेें महिलाओं न अपना भागीदारी न दिखाई हो। राजनीति से लेकर न्यायालय की बात करें तो औरतों ने अपनी काबलियत से हर क्षेत्र में अपना नाम कमाया है। आज हम जिस महिला की बात कर रहे हैं उनका नाम इंदु लेखा है। जो सुप्रीम कोर्ट में सीधे जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होंगी। उनके  सर्वोच्च अदालत में जज बनने के प्रस्ताव को कानून मंत्रालय से मंजूरी भी मिल गई है। वह सीधे वकील से जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होगी। 
 

सुप्रीम कोर्ट की शुरुआत के 39 सालो में कोई महिला जज नहीं रही और साल 1989 में पहली बार फातिमा बीबी को इस कोर्ट को जज बनाया गया था। इनसे पहले जस्टिस एम फातिमा बीवी, जस्टिस सुजाता वी मनोहर, जस्टिस रूमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की जज बन चुकी हैं। वर्तमान में जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की अकेली महिला जज हैं।
 

आइए जानें उनके बारे में खास बातें


1.इनसे पहले जस्टिस एम फातिमा बीवी, जस्टिस सुजाता वी मनोहर, जस्टिस रूमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की जज बन चुकी हैं। वर्तमान में जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की अकेली महिला जज हैं।


2. उनका जन्म बंगलुरू में 1965 में हुआ। इसके बाद वह दिल्ली आ गई। 

3.  वकीलों के परिवार से संबंध रखती हैं इंदु मल्होत्रा।  उनके पिता ओपी मल्होत्रा और    बड़े भाई और बहन भी वकील हैं।

4. 1988 में इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड चुनी गईं। 

5. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में उन्हें वरिष्ठ वकील नियुक्त किया। इनसे पहले जस्टिस लीला सेठ को सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील नियुक्त किया।

जॉन से लेकर अनिल कपूर तक इन 4 सुपरस्टार्स की पत्नियां हैं बेहद स्टाइलिश

बॉलीवुड के कई सितारे एेसे हैं जिन्होंने  फिल्मी हिरोइनों की बजाएं आम लड़कियों को अपना जीवन साथी चुना। यह स्टार खुद बहुत फेमस हैं पर उन्होंने नॉन फेमस लड़कियों के साथ अपना जीवन बिताने के बारे में सोचा। यहीं कारण है कि उनको ज्यादातर लोग नहीं जानते है। ग्लैमर की दुनिया से दूर रहने के बावजूद उनके फैशन स्टाइल का हर कोई कायल है। आज हम आपको एेसी ही 7 सुपरस्टार्स की वाइफ सुंदर तस्वीरे दिखाएंगे। 

 

1. जॉन- प्रिया 

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जॉन से प्रिया की मुलाकात मुंबई में 2010 में हुई थी।इन मुलाकतों के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। कुछ समय बाद ही जॉन से प्रिया रूंचाल के साथ एक बेहद निजी समारोह में शादी कर ली। शादी के बाद बहुत कम बार जॉन और प्रिया एक साथ पब्लिक पलेस में दिखाई दिए हैं। 

 

2. इमरान खान-अवंतिका

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इमरान खान ने अवंतिका को अपने जीवन साथी के रूप में चुना। अवंतिका मलिक कैमरों से दूर रहती हैं पर इनके स्टाइल के चर्चे भी काफी हैं।

 

3. बॉबी देओल-तान्या देओल

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बॉबी देओल ने बिजनेसमैन की बेटी तान्या से शादी की थी। इनकी लव स्टोर काफी दिलचस्प है। तान्या को पहली बार देखते बॉबी को उनसे प्यार हो गया था। इसके बाद धर्मेंद्र जी ने जल्द ही तान्या और बॉबी की शादी करवा दी। ये दोनों को भी एक साथ बहुत कम बार देखा गया है।

 

4. अनिल कपूर-सुनीता कपूर

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अनिल कपूर और सुनीता कपूर की भी लव मैरिज हुई थी। सुनीता स्टाइल के मामले में अपनी बेटियों से कम नहीं है। मगर वह ज्यादातर कैमरों के सामने आने से बचती रहती हैं। 


5. सुनील शेट्टी-माना शेट्टी

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सुनील शेट्टी ने माना शेट्टी को अपना जीवन साथी चुना। शादी के बाद माना ने अपना सारा समय बच्चों और पति को दे दिया। वह बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी पार्टियों में कम ही दिखती हो पर इनके ड्रेसिंग स्टाइल के चर्चे पूरे बॉलीवुड में है।
 


6. संजय कपूर-महीप संधू

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संजय कपूर की पत्नी महीप संधू वास्तव में ऑस्ट्रेलिया की निवासी रही हैं। ये गजब की खूबसूरत दिखती हैं।

क्यूट अंदाज में अमृता के घर स्पॉट हुए तैमूर, देखें तस्वीरें

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान और करीना कपूर खान के बेटे तैमूर अली खान रोज कही न कही स्पॉट हो ही जाते है। इस बार वह एक्ट्रेस अमृता अरोड़ा के घर के बाहर नैनी के साथ दिखाई दिए। अमृता अरोड़ा करीना कपूर खान की बेस्ट फ्रैंड है। 
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तैमूर ने रेड और व्हाइट स्ट्राइप्ड शर्ट के साथ ब्लैक शॉर्ट्स पहने थे, जिसमें वह बहुत ही क्यूट लग रहे थे। इसी के साथ उन्होंने ग्रे क्रॉक्स फुटवियर पहने थे। हमेशा की तरह इस बार भी तैमूर मैसी हेयर में नजर आए। तैमूर बॉलीवुड के फेमस स्टार किर्ड्स में से एक है। तैमूर की हर तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है।
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करीना और सैफ के बेटे तैमूर अभी से स्टार बन चुके है। तैमूर आजकल नैनी के साथ ही आउटिंग करते नजर आ रहे है। दरअसल, करीना अपनी फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' को लेकर बिजी है। चलिए हम आपको तैमूर की कुछ लेटेस्ट तस्वीरें दिखाते हैं जिनमें वह बेहद क्यूट लग रहे है। 

लिविंग एरिया से लेकर बेडरूम तक, इतना मॉडर्न है वरुण के घर का इंटीरियर

बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन आज 31 साल हो चुके है। जी हां, आज यानी 24 अप्रैस1987 को उनका जन्म हुआ। वरुण धवन को अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाना जाता है। साल 2012 में करण जौहर निर्देशित फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। वरुण धवन के फैंस अक्सर उनकी लाइफस्टाइल और उनके घर के बारे में जानने को उत्सुक रहता है। तो चलिए आज हम आपको उनके जन्मदिन के मौके पर उनके घर की खूबसूरत लोकेशन दिखाते है। 

 

पिछले साल वरुण धवन ने नया घर खरीदा था। उनके घर उद्घाटन में सभी करीबी शामिल हुए। वहीं वरुण को बधाई देने अभिनेता अनुपम खेर भी पहुंचे थे, जिन्होंने वरुण धवन के नए घर की पूरी झलक एक वीडियो के जरिए दिखाई थी।

दो देशों को जोड़ता है यह अद्भुत पुल, पानी के नीचे बन जाती है सुरंग

देश-विदेश में बनी बहुत-सी बिल्डिंग, सड़क और ब्रिज टेक्नोलॉजी और आर्किटेक्ट का बढ़िया नमूना हैं। विश्व में बहुत सी बिल्डिंग अपने अद्भुत स्ट्रक्चर और बेहतरीन डिजाइन के कारण जाने जाते है और इन्हें देखने के लिए भी टूरिस्ट भी दूर-दूर से आते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक अद्भुत स्ट्रक्चर के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि समुद्र के उपर पुल और सुरंग दोनों है। आइए जानते है इस पुल के बारे में कुछ ओर दिलचस्प बातें।

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यह पुल स्वीडन शहर को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन शहर से जोड़ता है। समुद्र के ऊपर बना यह पुल नीचे से सुरंग है, जोकि कुछ दूरी के बाद समुद्र में समा जाती है। ओरेसुंद ब्रिज (Øresund) नाम का यह अद्भुत पुल टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

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डैनिश वास्तुकार जॉर्ज द्वारा डिजाइन किए इस पुल पर गाड़ी चलाने का मजा ही कुछ ओर है। यह पुल एक कृत्रिम द्वीप पर 8 किमी तक फैला हुआ है। पुल के नीचे बनी सुरंग करीब 4 किमी लंबी बनी हुई है, जोकि एक द्वीप से जुड़ी हुई है।

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इंजीनियरिंग की अनूठी मिसाल बन चुका 7.8 किमी लंबा यह पुल डबल ट्रैक है, जिसमें से एक हिस्सा ट्रेन और दूसरा मोटर-वे के लिए है। इस अद्भुत पुल को ड्रॉगडेन टनल भी कहा जाता है। इस पुल के साथ डाटा केबल भी कनेक्ट की गई है, जिससे फिनलैंड को इंटरनेट डेटा ट्रांसमिट किया जाता है। इस पुल से रोजाना 17 हजार से अधिक गाड़ियां गुजरती हैं। पुल की लागत 37 हजार करोड़ रुपए थी।

आपके इन फेवरेट स्टार्स की मॉम्स रहती हैं लाइमलाइट से कोसो दूर

बॉलीवुड में आए दिन कोई न कोई इवेंट होता रहता है। इवेंट में सेलेब्स अपनी मॉम्स के साथ दिखते है लेकिन कुछ बॉलीवुड स्टार्स एेसे भी है जिनकी मॉम्स लाइमलाइट से दूर रहती है जैसे कि आमिर खान की मां जीनत हुसैन। आमिर खान अपनी मां के साथ मीडिया के सामने कम ही दिखाई देते है। चलिए आज हम आपको एेसे बॉलीवुड सेलेब्स के बारे में बताते है जिनकी मॉम्स लाइमलाइट से दूर रहती है। 

- कैटरीना कैफ
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कैटरीना कैफ की मां सुजान तुर्कोटे चैरिटी वर्कर है। वह काफी समय से लंबे समय से इंडिया में ही रह रही है। कैट अपनी मां के साथ समय बिताना पसंद करती है। 

- कंगना रनौत
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एक्ट्रेस कंगना रनौत की मां आशा नरौत स्कूल टीचर रह चुकी है। एक इंटरव्यू में कंगना ने बताया था कि उनकी मां ने उन्हें खाना बनाना सिखाया। 

- विद्या बालन
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विद्या बालन की मां का नाम सरस्वती है। वह हाउसवाइफ है। विद्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां नहीं चाहती थी फिल्म डर्टी पिक्चर में वह बोल्ड सीन्स दें। 

पाएं अपनी त्वचा में नई जान