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होंठों की शेप और कलर से जाने लड़कियों के नेचर से जुड़े कई राज

महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी में कई ऐसे राज होते है, जिसे वो किसी खास के साथ ही शेयर करते है। इनकी लाइफ में कुछ बातें ऐसी भी होती है जिन्हें वो किसी के साथ शेयर करना पसंद नहीं करती है। हाल ही में एक सर्वे में बताया गया है कि महिलाओं के होंठों की शेप और कलर से उनसे जुड़ी कई सीक्रेट बातें जान सकते है। वैसे तो राशि से हर व्यक्ति के पर्सनैलिटी के बारे में पता लगाया जा सकता है लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह महिलाओं के होंठों की शेप और कलर उनके कई सीक्रेट खोलते है। तो चलिए जानते है महिलाओं से जुड़ी कुछ बातें।
 

लड़कियों के होंठों से जाने उनका नेचर
1. आकर्षक होंठ
आकर्षक और सुदंर होंठों वाली लड़कियां मेहनती, बुद्धिमान, ईमानदार, दयालु और दूसरों की इज्जत करने वाली होती है।

2. पतले होंठ
पतले होंठों वाली लड़कियां अपने परिवार और पार्टनर से प्यार करने वाली होती है। महत्वाकांशी किस्म की यह लड़कियां पारिवारिक नहीं होती लेकिन यह अपने पार्टनर का साथ भी कभी नहीं छोड़ती।

3. मोटे होंठ
मोटे होंठों वाली लड़कियां थोड़ी झगड़ालू और तुनकमिजाज किस्म की होती है। इनके इसी नेचर के कारण इनकी अपने पार्टनर से भी नहीं बनती। इसके साथ ही इन्हें दूसरों के साथ घुलने मिलने में भी समय लगता है।

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4. ज्यादा पतले होंठ
जिन लड़कियों के होंठ बेहद पतले होते है वो थोड़ी रहस्यमयी स्वभाव की होती है। अपने तेज दिमाग के कारण यह लड़कियां हर प्रॉब्लम को सुलझा लेती है। इसके अलावा यह पार्टनर को जिंदगी में बहुत ज्यादा अहमियत देती है।

5. काले होंठ
पढ़ाई में तेज और होशियार होने के साथ यह लड़कियां ज्यादा बातचीत करने और अपने पति की सेवा करने वाली होती है। तेज तर्रार इन लड़कियों से बहस में जीतना बेहद मुश्किल होता है।

 

6. गुलाबी होंठ
अपने व्यवहार से हर किसी का दिल जीतने वाली यह लड़कियां उदार, बुद्धिमान और ईमानदार किस्म की होती है। इसके अलावा जिन लड़कियों के होंठ ज्यादा गुलाबी या लाल होते है वो अंहकारी किस्म की होती है।

7. अपर लिप पर हल्के बाल
बेहद जिद्दी स्वभाव की यह लड़कियां किसी की बात सुनना पसंद नहीं करती है। इसके अलावा यह लड़कियां अपने पार्टनर को शादी के बाद अपने कंट्रोल में रखना पसंद करती है।

8. लोअर लिप पर हल्के बाल
इस तरह की लड़कियां अपने पार्टनर और परिवार से बेहद प्यार करने वाली होती है। यह बिना किसी कारण अपने परिवार की सेवा करने में विश्वास रखती है।

पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन भी खोलता है Personality से जुड़े कई राज

घूमना-फिरना तो हर किसी को पसंद होता है लेकिन कुछ लोग सिर्फ एक ही तरह की जगहों पर घूमना पसंद करते है। जहां कुछ लोग तो ब्रेफिक होकर कहीं भी घूमने निकल जाते है, वहीं कुछ लोगों को पहाड़, नदी और झरने जैसी जगहों पर ही जाना पसंद होता है। अपनी पसंद की जगहें पर जाकर आप भी ओर ज्यादा एक्टिव हो जाते है लेकिन क्या आप जानते है पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन आपकी पर्सनैलिटी के बारे में बहुत से राज खोलती है। आज हम आपको पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन से जुड़े आपकी पर्सनैलिटी और स्वभाव के बारे में बताएंगे। अगर आपको भी कुछ खास जगहों पर ही जाना पसंद है तो जानिए क्या है आपकी पर्सनैलटी।
1. पहाड़ घूमने के शौकिन
जिन लोगों को पहाड़ और हिल स्टेशन पपर घूमना पसंद होता है वो लोग उत्साही तरह के होते है। इन लोगों को हमेशा आगे बढ़ने की इच्छा रहती है। गंभीर स्वभाव के इस तरह के लोग किसी से ज्यादा घुलते मिलते नहीं।

लड़ाई से तंग थे अमिताभ, मरने से पहले उठा लिया यह कदम!

एक्टर अमिताभ बच्चन दुनियाभर में अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर के साथ-साथ परिवार को भी बहुत अच्छे तरीके से संभाला है लेकिन हाल में एक एेसी बात सामने आई है जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। खबरों के मुताबिक अभिषेक और एेश्वर्या जल्द ही अमिताभ का घर छोड़कर मुंबई में अपने लग्जरी अपार्टमेंट में शिफ्ट हो जाएंगे। जी हां, कहा जा रहा है कि अभिषेक और एेश्वर्या 'जलसा' को छोड़कर दूसरे घर में जा सकते है। सालों से एक-साथ रह रहे परिवार की अलग होने की वजह क्या है इसका पता नहीं चल सका लेकिन सूत्रों के हिसाब से इसका कारण एेश्वर्या और उनकी ननद श्वेता नंदा के बीच की लड़ाई है। आपको बता दें कि इससे पहले भी श्वेता और एेश्वर्या के झगड़े की खबरें सामने आई थी। एेश्वर्या और श्वेता कहीं भी एक साथ दिखाई नहीं देती। इसके अलावा विराट-अनुष्का के मुंबई रिसेप्शन में भी उन दोनों ने एक-दूसरे से बात नहीं की। यही नहीं वह एेश्वर्या-अभिषेक की बेटी अाराध्या के जन्मदिन पर भी नजर नहीं आईं। 

जिंदा बेटी को कब्र में सुलाने ले जाता है ये पिता, क्या है कारण

कोई पेरेंट्स नहीं चाहते कि उसके बच्चे को एक खरोंच तक भी आएं। माता-पिता की हर संभव कोशिश करते है कि उनका बच्चा स्वस्थ रहें। अगर किसी पेरेंट्स को यह पता चले कि उनके बच्चे को कोई गंभीर बीमारी है तो ऐसे में उनका दिल ही टूट जाता है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे है जिसने मौत से पहले ही अपनी बेटी की क्रब खोद कर रखी है। ये शख्स अपनी बेटी की कब्र खोदकर उसकी मौत का इंतजार कर रहा है।

दरअसल चीन के सिचुआन प्रांत में रहने वाले झांग और डिंग लियाओंग की बेटी जिनली थैलेसीमिया नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। अब तक वो अपनी बेटी पर 10 लाख रूपए तक खर्च कर चुके है लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि वो ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह पाएगी। इस बीमारी के कारण जिनली के शरीर के ब्लड सेल्स धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहे हैं और उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो रही है। जिसकी वजह से यह जिसके कारण यह बच्ची मुश्किल से एक और साल ही जी सकेगी।

डिंग और झांग ने अपनी बेटी के मन से मौत का डर निकालने के लिये एक अनोखा तरीका निकाला है। झांग ने घर के आंगन में ही एक कब्र खोदी है। झांग अपनी बेटी के साथ उसी कब्र में खेलते और सोते हैं। झांग अपनी दो साल की बेटी को कब्र से परिचित करवाने के लिए उसे रोज कब्र के पास लेकर आते है। ऐसा वो इसलिए करते है ताकि उनकी बेटी को मरते समय उसे डर न लगे।

एेतिहासिक फैसला, अकेलापल दूर करने का बनाया मंत्रालय

ब्रिटेनः यूरोपियन यूनियन से अलग होकर अकेलापन से जूझ रहे ब्रिटेन के लोगों के लिए ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे ने एक एेतिहासिक फैसला लिया है। थेरेसा मे ने बुधवार को अपनी सरकार में एक और मंत्रालय जोड़ा जो लोगों के अकेलेपन को दूर करेगा। ब्रिटेन को इस मंत्रालय की जरूरत क्यों पड़ी इसका बड़ा रोचक इतिहास है। दरअसल ब्रिटेन को यूरोपियन यूनियन से निकले हुए एक साल से भी ज्यादा हो चुका है। इस दौरान ब्रिटेन में अकेलापन चर्चा का विषय बना रहा। 
कम से कम यूरोप के बाशिंदों का तो यही मानना है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने इस पर मुहर भी लगा दी। इसके बाद ब्रिटेन  पीएम  मे ने आनन-फानन में minister for loneliness नियुक्त करने की घोषणा कर दी। संस्कृति मंत्री ट्रेसी क्राउच इस विभाग को संभालेंगी।  नियुक्ति की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री मे ने कहा कि आधुनिक जिंदगी का खामियाजा बहुत से लोग अकेलेपन के रूप में भुगत रहे हैं। हम मिलकर इस चुनौती का सामना कर सकते हैं और ऐसे लोगों की मदद कर सकते हैं, जो किसी भी वजह से खुद को अकेला मान बैठे हैं।
2017 की कमिशन ऑन लोनलिनैस की रिसर्च के अनुसार पाया गया कि ब्रिटेन में 90 लाख से ज्यादा लोग सबसे ज्यादा या हमेशा अकेलापन महसूस करते हैं। रिसर्च में ये भी सामने आया कि लगभग 2 लाख बुजुर्गों ने महीनेभर से भी ज्यादा वक्त से किसी दोस्त या करीबी से बात नहीं की। और ऐसा अक्सर होता रहता है, जिसका नतीजा कई गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आता है। रिपोर्ट के अनुसार, अकेलापन लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालती है।  और यह एक दिन में 15 सिगरेट पीने जितना खतरनाक है।  

क्या काम करेगा ये मंत्रिमंडल?
प्रधानमंत्री  मे ने अकेलेपन के मंत्रालय का ऐलान करते हुए कहा कि अकेलापन इस मॉडर्न लाइफ की दुखद वास्तविकता है।. मैं इस कड़वे सच का सामना करना चाहती हूं, अपने समाज के लिए और उनके लिए जिन्होंने हमारा ध्यान इस परेशानी की ओर डाला है। वो व्यक्ति जो अपनों को खो चुके हैं, वो जिनके पास बात करने को कोई नहीं हैं, वो अपने अनुभवों और अपने मन में आने वाली बातों को इनके साथ बांट सकते हैं। 

फिट रहने के लिए ये अपनाएं टिप्स

किस्मत वाले होते है 'S' नाम के लोग

वैसे तो आजकल राशि और नाम के पहले अक्षर से स्वभाव के बारे में जानना आम बात हो गई है। नाम के पहले अक्षर से लोग अपने स्वभाव और लव लाइफ के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते है। आज हम आपको 'S'  नाम के लोगों का स्वभाव और उनकी लव लाइफ से जुड़ी कुछ बातों के बारे में बताने जा रहें है। प्यार के मामले लक्की होने के साथ-साथ इस अक्षर के लोग सबका दिल जीतने वाले होते है। तो चलिए जानते है 'S' नाम के लोगों का स्वभाव और उनकी लव लाइफ के बारे में ऐसी ही कुछ दिलचस्प बातें।
 

ऐसे होते है 'S' नाम के लोग
1. इस अक्षर से शुरू होने वाले लोग प्यार के मामले में थोड़े गंभीर होते है। यह लोग किसी के प्यार में जल्दी पड़ने के साथ-साथ काफी सीरियस भी होते है।

2. यह लोग जिनसे प्यार करते हैं उनसे बहुत अधिक लगाव रखते हैं। इनके इसी नेचर के कारण इस अक्षर के लोगों को सच्चा प्यार मिलता है।

क्यों नहीं करता हमारा देश 'कॉस्मेटिक सर्जरी' को स्वीकार?

भारत एक ऐसा देश है जहां पर सुदंरता ही स्वीकारा जाता है। इसलिए ग्लैमर इंडस्ट्री में कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट का चलन बढ़ रहा है लेकिन यह एक विडंबना है कि तमाम तरह के लोकप्रियता के बाद भी लोग (विशेष तौर पर अभिनेता) इससे के बारे में बोलने से कतराते है। 

भारत में इसे निषेध क्यों माना जाता है?
मशहूर कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. मोनिका कपूर इस बात से सहमत नहीं है कि कॉस्मेटिक सर्जरी अथवा उपचार के बारे में बात करने से बचा जा रहा है। उनका कहना है कि कॉस्मेटिक सर्जरी हमारे देश में निषेद्ध अथवा टैबू नहीं है। बॉलीवुड और ग्लैमर इंडस्ट्री में तो यह एक फैशन हो गया है। हालांकि इसके बारे में बात करने वह इंकार करते है। क्योंकि कोई नहीं चाहता कि किसी को यह पता चलें कि उन्होंने सुंदर दिखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी का सहारा लिया है। अपनी खूबसूरती और अच्छे फिगर की वजह से जो सेलेब्स इस इंडस्ट्री में छाए हुए हैं, वे कॉस्मेटिक सर्जरी के बारे में मीडिया और अपने प्रशंसको को नहीं बताते। इसके पीछे का कारण यह है कि सर्जरी के बाद अपने शरीर में आए बदलाव के बाद कभी-कभी वे स्वंय संतुष्ट नहीं होते। उनका मजाक न बनाया जाए, इसलिए यह बात सबसे छिपा कर रखते है। डॉ. मोनिका कहती है कि सेलेब्स यदि कॉस्मेटिक सर्जरी भी कराते है वे दुनिया को इस बारे में बताना पंसद नहीं करते।  वे इसे भगवान का आशीर्वाद कहते हुए प्राकृतिक सुदंरता बताते है लेकिन कुछ लोग साहसी होते है और खुलकर इस बारे में बताते है कि उन्होने सर्जरी का सहारा लिया है। ऐसे में उन लोगों को सलाम किया जाना चाहिए और उनकी तारिफ की जानी चाहिए जो अपनी खामियों और उनमें सुधार करने वाली प्रक्रिया के बारे में बात करते हैं।

डॉक्टरों ने दिखाया चमत्कार, 400 ग्राम की बच्ची को मिली जिंदगी

कई बार प्रैग्नेंसी के दौरान एेसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं कि बच्चे की प्रीमैच्योर डिलीवरी करवानी पड़ती हैं। प्रीमैच्चोर बेबी की खास केयर करने की जरूरत होती हैं क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह से विकसित नहीं होता। कई मामलों में तो प्रीमैच्चोर बच्चे जान भी चली जाती है लेकिन अब साइंस ने काफी तरक्की कर ली हैं। हाल में ही दक्षिणी एशिया की अब तक की सबसे छोटी और कम वजन (400 ग्राम) की नन्हीं सी जान को जीवित बचाकर नया करिश्मा कर दिखाया है।
दरअसल, कोटा के रहने वाले एक कपल को शादी के 35 साल बाद मां-बाप बनने का सुख मिला। प्रैग्नेंसी में प्रॉब्लम होने की वजह से 15 जून 2017 को महिला ने सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए नन्ही-सी बच्ची को जन्म दिया। जन्म के समय बच्ची का वजन सिर्फ 400 ग्राम था और लम्बाई 8.6 इंच। बच्ची सही तरह से सांस भी नहीं ले पा रही थी। इसी वजह से उसे उदयपुर के नवजात शिशु गहन चिकित्सा में शिफ्ट कर दिया गया, वहां बच्ची का इलाज शुरू किया गया।  

 

क्यों मनाई जाती हैं लोहड़ी

उत्तरी भारत का प्रसिद्ध त्योहार 'लोहड़ी' पौष महीने के आखिरी दिन बड़ी धूमधूाम से मनाया जाता है। लोहड़ी का मुख्य संबंध पंजाब प्रांत से जुड़ा है जो लोही या लाई के नाम से भी जानी जाती हैं। लोहड़ी शब्द  ल (लकड़ी) +ओह (गोहा = सूखे उपले) +ड़ी (रेवड़ी) से मिलकर बना है इसलिए रात को खुले स्थान में परिवार व आस-पास के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बनाकर बैठते हैं और उसमें मूंगफली, रेवड़ी, गुड़, चिड़वे, तिल आदि का अर्क देते हैं और खाते हैं। वैसे तो हर घर में इस त्योहार की रौनक होती हैं लेकिन नवजन्में बच्चे व नई शादी वाले घर की लोहड़ी का जश्न कुछ खास होता है।  

क्यों मनाई जाती हैं लोहड़ी
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इस त्योहार का संबंध कई ऐतिहासिक कहानियों से जुड़ा हैं लेकिन सबसे प्रमुख लोककथा दूल्ला-भट्टी की है जो मुग़ल शासक के समय का एक बहादुर योद्धा था। कहा जाता हैं कि उस समय लड़कियों को गुलामी के लिए अमीर लोगों को बेच दिया जाता था। उन्हीं में से ही थी दो अनाथ बहनें सुंदरी और मुंदरी। दूल्ला भट्टी ने इन दोनों लड़कियों को छुड़वाया और आग जलाकर सुंदरी और मुंदरी की शादी करवाई और शगुन में शक्कर दी। इसी कथा से जुड़ा गीत लोहड़ी के दिन गाया जाता है जो आज भी लड़के लड़कियां लोहड़ी मांगते हुए इसे गाते हैं।