Updated -

mobile_app
liveTv

'स्‍टील बुलेट' से बचाव का जवानों के पास क्‍या है कोई विकल्‍प

 दिल्‍ली । कश्‍मीर में आतंकियों ने अपनी रणनीति बदल ली है। इस रणनीति में उनकी मदद पाक आर्मी कर रही है। यह मदद आतंकियों की सिर्फ रणनीति बनाने तक ही सीमित नहीं है बलिक उन्‍हें हाईटैक वैपन और बुलेट मुहैया करवाने तक है। इसी मदद के चलते अब इन आतंकियों के पास घातक स्‍टील बुलेट पहुंच गई हैं। आतंकियों द्वारा इस्‍तेमाल की जा रही स्‍टील बुलेट (Armour Piercing, AP)अब भारतीय सुरक्षाबलों के लिए घातक साबित हो रही है। यह बुलेट जवानों द्वारा इस्‍तेमाल की जाने वाली बुलेट प्रूफ शील्ड को भेदने में कारगर हैं। यह इसलिए भी बेहद खतरनाक हैं क्‍योंकि देश के जवानों के अलावा देश के गणमान्‍य लोग भी बचाव के लिए बुलेट प्रूफ शील्‍ड का ही इस्‍तेमाल करते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि इससे बचाव के लिए भारत के पास मौजूदा समय में क्‍या विकल्‍प हैं।

जवानों की बुलेट प्रूफ शील्‍ड चीरकर पार हुई बुलेट

आपको बता दें कि 31 दिसंबर 2017 को आतंकियों से मुकाबले के दौरान सीआरपीएफ के जो पांच जवान शहीद हुए थे उनके शरीर से यही बुलेट बरामद हुई हैं। ये बुलेट उनके द्वारा इस्‍तेमाल की गई बुलेट प्रूफ शील्‍ड को पार करती हुई उनके शरीर में घुस गई थी। यह इसलिए भी खास है क्‍योंकि इस तरह की बुलेट का सेनाओं के पास भी होना कोई आम बात नहीं है। ऐसा पहली बार हुआ है कि आतंकियों ने इस तरह की बुलेट का इस्‍तेमाल किया हो।एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक इन बुलेट को बनाने में जिस स्‍टील का इस्तेमाल किया गया वह चीन द्वारा पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी को दिया गया था।

आतंकियों के पास कहां से आई स्‍टील बुलेट

स्‍टील बुलेट की बात सामने आने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आतंकियों के पास इस तरह की बुलेट पाकिस्‍तान आर्मी की तरफ से आई होंगी। मुमकिन है कि चीन की तरफ से इस तरह की बुलेट की सप्‍लाई की गई हो। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल राज काद्यान भी इससे इत्तफाक रखते हैं। दैनिक जागरण से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि बहुत हद तक इस तरह की बुलेट की सप्‍लाई चीन ने पाकिस्‍तान आर्मी को की होगी। इसके बाद ही यह आतंकियों के पास पहुंची होगी।

दो करोड आबादी, एक करोड़ वाहनों ने छुटाए पुलिस के पसीने

नई दिल्ली: दिल्ली में दो करोड़ आबादी और एक करोड़ वाहनों के कारण ट्रैफिक की गंभीर समस्या पैदा हो गई है जिसे सुलझाने में ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट रहे हैं और इस समस्या से निजात पाने के लिए वह जल्दी ही एक सख्त ट्रैफिक नीति बनाने जा रही है।   दिल्ली यातायात पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेन्द्र पाठक ने आज यहां पुलिस के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यहां यातायात की गंभीर होती समस्या के बारे में पत्रकारों के सवाल पर कहा कि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में यह दो करोड़ के करीब है। वहीं दूसरी ओर शहर में वाहनों की संख्यां बढ़कर एक करोड पर पहुंच गयी है। इसके अलावा पडोसी राज्यों से 15-20 लाख वाहन हर रोज राजधानी में आते जाते हैं ऐसे में ट्रैफिक को नियंत्रित कर पाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है।
 पाठक ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की कमी,यातायात नियमों की अनदेखी और अवसंरचना निमार्ण संबंधी खामियों को यातायात की समस्या का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इनमें से किसी एक समस्या के निदान से काम नहीं चलेगा यातायात को नियंत्रित और सुचारित करने के लिए सभी का समाधान करना होगा।  हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी एक चलन बनता जा रहा है। ये नियम सिर्फ सड़कों पर वाहनों के चलने के लिए नहीं बनाए गए बल्कि सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों तथा वाहन चलाने वालों की सुरक्षा भी इससे जुड़ी है ऐसे में इनका सख्ती से पालन होना जरुरी है इसलिए यातायात की नयी नीति तैयार की जा रही है जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों और पार्किंग माफियाओं के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। 
पाठक ने कहा कि वैसे यातायात पुलिस अपनी तरफ से ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी के हर संभव प्रयास कर रही है। शहर में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां यातायात नियंत्रण के विशेष उपाय किए गए हैं। भीड़-भाड़ वाले चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से वाहनों पर नजर रखी जा रही है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ हर संभव कार्रवाई की जा रही है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरुक बनाने के लिए स्कूलों ,कालेजों और सार्वजनिक स्थलों पर समय समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

आंगनवाड़ी वर्करों ने किया प्रदर्शन, पैंशन के लाभ की मांग

जम्मू: आंगनवाड़ी वर्करों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंगनवाड़ी वैलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रही वर्करों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है और उन लोगों से काम तो लिया जाता है पर सुविधाओं के नाम पर उनके हिस्से में सिर्फ अनदेखी आ रही है। वर्करों ने मांग की कि हैल्पर और वर्कर की सैलरी बढ़ाई जाए और आर्डर नम्बर 268 को वापिस लिया जाए। एसोसिएशन की प्रधान ने कहा कि सरकार उन्हें भी कर्मचारी घोषित करे और पैंशन लाभ दे। वर्करों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि अब उन्हें निकालने की बातें की जा रही हैं और उसके लिए उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है पर वे लोग अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगी।

‘हुनर हाट’से मिले तीन लाख रोजगार,अब लगेगा‘हुनर हब’: नकवी

नई दिल्ली I देश में लोकप्रिय‘हुनर हाट‘ के जरिए पिछले एक वर्ष में तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराने के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अब कारीगरों और शिल्पकारों को खास प्रशिक्षण देने के लिए हर राज्य में‘हुनर हब‘ स्थापित करने जा रहा है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को बताया कि आने वाले दिनों में देश के सभी राज्यों में हुनर हब स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इसमें कारीगरों को मौजूदा जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘हुनर हाट,‘‘मेक इन इंडिया’और‘स्टैंड अप इंडिया’का विश्वसनीय ब्रांड बन गया है और पिछले एक साल में इससे तीन लाख से ज्यादा कारीगरों को रोजगार मिला है। नकवी ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में पांच हुनर हाटों को मिली लोकप्रियता और सफलता के बाद अब छठां हाट अगले माह फरवरी में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजिति किया जाएगा।
बाबा खड़क सिंह मार्ग पर लगने वाला यह दिल्ली में तीसरा हुनर हाट होगा। आने वाले दिनों में जयपुर, चंडीगढ़, कोलकाता, लखनऊ और भोपाल आदि स्थानों पर भी इसे लगाया जाएगा। नकवी ने कहा कि उनके मंत्रालय द्वारा देश भर में आयोजित किए जा रहे‘हुनर हाट’में जहां एक तरफ लाखों लोगों ने कारीगरों और दस्तकारों के हस्तनिर्मित सामानों की खरीदारी की है वहीं इन कारीगरों को देश-विदेश से बड़े आर्डर भी मिले हैं। ये हाट देश की लुप्त हो रही धरोहर को पुनर्जीवित करने का भी एक मजबूत अभियान साबित हुए हैं।
मुंबई के मरीन लाइन्स के इस्लाम जिमखाना में 4 से 10 जनवरी तक आयोजित पांचवें हुनर हाट को पूरी तरह सफल करार देते हुए उन्होंने बताया कि पांच लाख से भी ज्यादा लोगों ने इसमें कारीगरों और खानसामों के सामान की खरीदारी की। इसमें लगभग सभी राज्यों से आए 130 से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों ने भाग लिया जिनमे बड़ी संख्या में महिला कारीगर भी शामिल थी। पहली बार पारसी शिल्पकार (गारा एम्ब्रोइडरी, लकड़ी की बनी कृतियां तथा रोगन आर्ट) भी इस हुनर हाट में प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए उपलब्ध थे। 

‘मेक इन इंडिया ’बेअसर, मोबाइल में चीन की हिस्सेदारी बढ़ी

नई दिल्ली । 'मेक इन इंडिया के तहत देश में मोबाइल और टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण में तेजी लाने के बावजूद इस क्षेत्र में चीन निर्मित उत्पादों की हिस्सेदारी में बढोतरी का रुख बना हुआ है। देश में मोबाइल हैंडसेट निर्माण क्षेत्र की समस्याओं पर ब्रॉडबैंड इंंडिया फोरम द्वारा गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। आईआईएम कलकत्ता और थॉट आर्बिट्रेेज रिचर्स इंस्टीट्यूट (टारी) ने तैयार की है। भारत में मोबाइल फोन और टेलीकम्युनिकेशन उपकरणों के निर्माण को प्रभावित करने वाले कारकों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मेक इन इंडिया के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहन के बावजूद देश का मोबाइल हैंडसेट और दूरसंचार उपकरण निर्माण उद्योग आयात पर आधारित है। देश के कुल आयात में इस उद्योग की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और अभी यह 26.4 प्रतिशत है। इसमें चीन निर्मित उत्पादों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। वर्ष 2012-13 में चीनी उत्पादों की हिस्सेदारी 64.3 प्रतिशत थी जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 69.4 प्रतिशत पर पहुंच गई।
रिपोर्ट के अनुसार, आयात पर निर्भरता के कारण भारतीय विनिर्माता उत्पादों का मूल्य संवर्धन बहुत कम कर पा रहे हैं। इसमें कहा गया है कि मोबाइल औरटेलीकम्युनिकेशंस उपकरण की'मेक इन इंडियाÓअभियान में भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन देश में मोबाइल फोन के उपयोग में हो रही बढोत्तरी की पूर्ति आयात के जरिए पूरी की जा रही है। इसमें कहा गया है कि मोबाइल प्रौद्योगिकी के खोजकर्ता स्टैंडर्ड इसेंशल पेटेंट (एसईपी) धारक अकसर यह कहते हैं कि शोध एवं विकास पर किए गए निवेश पर उनको पर्याप्त आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि मोबाइल फोन निर्माता कहते हैं कि लाइसेंस प्रौद्योगिकी के लिए उन्हें अधिक रॉयल्टी देनी पड़ रही है। इसके विपरीत रिपोर्ट तैयार करने के दौरान 10 प्रमुख कंपनियों के वित्तीय लेखा जोखा का आंकलन करने पर यह पाया गया है कि वर्ष 2013 से 2016 के दौरान रॉयल्टी में कमी आई है। वर्ष 2013 में कंपनियां 3.35 प्रतिशत रॉयल्टी दे रही थीं जो वर्ष 2016 में घटकर 2.64 प्रतिशत पर आ गई। 

डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन ले सरकार, डाक्टर्स की हड़ताल पर हाईकोर्ट सख्त

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। डाक्टरों की हड़ताल के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने डाक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार डाकटर हड़ताल पर नहीं जा सकते। सरकार इस मामले में चाहे जो कार्रवाई करे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में डाक्टरों की हड़ताल का सोमवार को 10वां दिन है। हड़ताल के कारण सैकड़ों ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। मरीज परेशान हो रहे हैं। वहीं होईकोर्ट के आदेश के बाद चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने डाक्टरों से काम पर लौटने की अपील की। 
डाक्टरों की हड़ताल पर क्रिसमस हॉलिडे पर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की। सीजे प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने सरकार से इस बारे में रिपोर्ट मांगी थी। सरकार ने कहा कि राज्य में रेस्मा लागू है। फिर भी डाक्टर काम पर नहीं लौट रहे हैं। सेवारत चिकित्सको के अधिवक्ताओ की ओर से कहा, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस ने डाक्टरों की धड़पकड़ चालू रखी। इसका महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा ने विरोध करते हुए कहा, हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक भी चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं की गई। इस पर कोर्ट ने कहा कि डाक्टरों से काम पर लौटने के लिए कहा गया था और उनकी गिरफ्तारी पर रोक भी लगाई गई थी। डाक्टर काम पर नहीं लौटे, उन्होंने कोर्ट की अवमानना की है। इसलिए सरकार हड़ताली डाक्टरों के खिलाफ जो एक्शन लेना है ले।

इतनी मौतें, अब तो हठ छोड़े सरकार : सचिन
जयपुर (कासं.)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। पायलट ने कहा कि राज्य सरकार का दिल प्रदेश के अस्पतालों में सैंकड़ों मौतें देख कर भी नहीं पसीज रहा है। अकेले अजमेर जिले में ही अब तक दर्जनों मरीजों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे और चिकित्सा मंत्री की हठधर्मिता के चलते चिकित्सकों से किया समझौता लागू नहीं किया जा रहा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट से चिकित्सकों ने संवाद किया । पायलट ने कहा कि पिछले दिनों जब चिकित्सकों की हड़ताल के बाद उनसे समझौता कर लिया गया था तो उस पर अमल क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चिकित्सकों के खिलाफ द्वेषतार्पूण कार्रवाई क्यों की जा रही है। क्या सिर्फ सरकार के अहम को संतुष्ट करने के लिए चिकित्सकों से बदला लिया जा रहा है।
 पायलट ने कहा कि राज्य सरकार का अहंकार मरीजों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। प्रदेश के अस्पतालों में सैकड़ों मरीजों की मौतें हो चुकी है। अजमेर में ही दर्जनों बच्चे, जवान और बुजुर्ग मरीज समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मौत के मुंह में चले गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इतने संकटपूर्ण हालात के बावजूद सरकार अपने हठ पर अड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह संवदेनहीनता जितनी बढ़ेगी मरीजों की जान पर खतरा उतना ही बढ़ता जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री अपनी हठधर्मिता छोड़े और तुरन्त चिकित्सकों से संवाद कायम करें जिससे मरीजों को राहत मिल सके और चिकित्सा व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सके।
 

जाट महापंचायत में सामाजिक विकास का संकल्प

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। अखिल भारतीय महाराजा सूरजमल जाट महापंचायत की ओर से विश्व केसिरमौर भारत भूमि के अजय महायोद्धा महाराजा सूरजमल का 254वां बलिदान दिवस शौर्य दिवस समारोह के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और सबके साथ लेकर विकास का आह्वान किया। महाराजा सूरजमल शौर्य दिवस समारोह में मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री सी.आर. चौधरी थे और अध्यक्ष बायतु विधायक एवं महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी, उदयपुरवाटी विधायक शुभकरण चौधरी, टोंक जिला प्रमुख 
सत्यनारायण चौधरी, पदमश्री देवेन्द्र झाझडिय़ा, कारगिल हीरो दिगेन्द्र सिंह, सीकर यूआईटी चेयरमैन हरिराम, रामस्वरूप लांबा, श्वेता सिंह समेत गणमान्य जन मौजूद थे।
समारोह में महाराजा सूरजमल जाट महापंचायत के प्रदेशाध्यक्ष ज्ञानाराम रणवां ने स्वागत उद्बोधन दिया और बीजेपी किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष माधोराम चौधरी ने धन्यवाद दिया।
समारोह में महाराजा सूरजमल का जयपुर में स्मारक बनाने, अलीगढ़ (उप्र.) में महाराजा सूरजमल पार्क का नामकरण करने, विद्याधर नगर स्टेडियम का नाम महाराजा सूरजमलके नाम करने, जेडीए की नींदड़ आवासीय योजना का नाम महाराजा सूरजमल के नाम घोषित करने, महाराजा सूरजमल के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्राधिकरण बनाने और राज्य सरकार की योजनाओं में महाराजा सूरजमल का नाम जोडऩे का मांग पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम केन्द्रीय मंत्री सी.आर. चौधरी को दिया और प्रस्ताव पारित किया।
समारोह में तीन बेटियों को आरएएस बनाने वाली मीरा देवी, क्रिकेट आकाश चौधरी, अंतरा4ष्ट्रीय धावक खेताराम लोमरोड, निशानेबाज शानू चौधरी, आशा झाझडिय़ा और नरसाराम को विशेष सम्मान किया गया।

पीएम मोदी ने दिल्ली की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो की शुरुआत की

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजधानी की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो का इनॉगरेशन किया। इस दौरान उन्होंने नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से ओखला बर्ड सेंचुरी स्टेशन तक मेजेंटा लाइन मेट्रो में सफर भी किया। उनके साथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और गवर्नर राम नाइक मौजूद थे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने नोएडा से साउथ दिल्ली के बीच करीब 13 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन तैयार की है। अब नोएडा से कालकाजी और फरीदाबाद जाना आसान हो गया है। उधर, इनॉगरेशन में अरविंद केजरीवाल को नहीं बुलाने पर दिल्ली सरकार खफा है। नोएडा में पीएम मोदी ने कहा आज अटल जी के जन्मदिवस को गुड गवर्नेंस के तौर पर मनाया जाता है। अटल जी का सपना था कि देश का हर गांव सडक़ से जुड़े। पिछली सरकारों ने इसे भुलाने की पूरी कोशिश की। अब हमने तय किया है कि 2019 तक इसे पूरा करेंगे। आज मेरा क्या और मुझे क्या, इस स्थिति ने देश को तबाह कर दिया है। मैंने सुशासन के लिए इसे बदलने का जिम्मा उठाया है।
डीएमआरसी ने नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से साउथ दिल्ली के कालकाजी मंदिर के बीच 13 किलोमीटर लंबी नई लाइन तैयार की है। इसे मेजेंटा मेट्रो लाइन नाम दिया गया है। मेजेंटा लाइन की लंबाई नोएडा से जनकपुरी वेस्ट तक करीब 38 किलोमीटर है। कालकाजी से आगे कंस्ट्रक्शन चल रहा है। हौज खास स्टेशन पर मेट्रो बदलकर यलो लाइन से गुडग़ांव तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।
नई मेजेंटा लाइन पर 13 किलोमीटर दूरी में बॉटनिकल गार्डन, ओखला बर्ड सैंक्चुअरी, कालिंदी कुंज, जसोला विहार, शाहीन बाग, ओखला विहार, सुखदेव विहार, ओखला एनएसआइसी, कालकाजी मेट्रो स्टेशन पड़ेंगे।
इनॉगरेशन के बाद शाम 5 बजे से आम लोग मेजेंटा मेट्रो में सफर कर सकते हैं। अभी तक सडक़ के रास्ते कालकाजी जाने में 25 किलोमीटर दूरी तय करने में 52 मिनट लगते थे और 50 रुपए खर्च होते जाते थे। फिलहाल, ब्लू लाइन मेट्रो के जरिए नोएडा से मंडी हाउस और वहां से कालकाजी पहुंचने में करीब 41 मिनट लगते हैं। 
अब सीधे मेजेंटा लाइन से सिर्फ 19 मिनट में 13 किलोमीटर का सफर पूरा होगा।
ठ्ठ    मेजेंटा लाइन के इनॉगरेशन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नहीं बुलाने पर आम आदमी पार्टी ने नाराजगी जाहिर की। ट्वीट में कहा कि मेजेंटा लाइन के 9 में से 7 स्टेशन तो दिल्ली के अंदर आते हैं। पैसा भी दिल्ली सरकार ने दिया है।
ठ्ठ    डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि डीएमआरसी के प्रोग्राम में दिल्ली के सीएम को इनविटेशन नहीं देना जनता की बेइज्जती है। शायद आयोजकों को डर था कि कहीं केजरीवाल सबके सामने मेट्रो किराया बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग ना कर दें।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड तीन तलाक पर बिल के खिलाफ

जयपुर टाइम्स
लखनऊ (एजेंसी)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को लखनऊ में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। इसमें असदउद्दीन ओवैसी और जफरयाब जिलानी समेत तमाम बड़े नेता शामिल हुए। मीटिंग के बाद बोर्ड के सज्जाद नोमानी ने कहा- ट्रिपल तलाक पर लाए जाने वाले कानून के मसौदे पर हमसे कोई सलाह-मश्विरा नहीं किया गया। प्रेसिडेंट प्रधानमंत्री से मिलेंगे और उनसे अपील करेंगे कि इस बिल को संसद में पेश ना किया जाए। बता दें कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक बार में ट्रिपल तलाक को गैर कानूनी करार दिए जाने के बाद अब इस पर कानून बनाने का फैसला किया है। यह बिल जल्द ही संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार ने बिल तैयार करने के पहले मुस्लिम समाज की राय नहीं ली है।
 मीटिंग के लिए के चेयरमैन मौलाना राबे हसन नदवी, मौलाना सईद मोहम्मद वली रहमानी, मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, ख़लीलुल रहमान सज्जाद नौमानी, मौलाना फजलुर रहीम , मौलाना सलमान हुसैनी नदवी, हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन औवैसी और जफरयाब जिलानी पहुंचे हैं। वर्किग कमेटी के 51 मेंबर को बुलाया गया था।
ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शइस्ता अंबर ने कहा- केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल का हम समर्थन करते हैं। हम पीएम मोदी को विशेष धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के बारे में सोचा और कानून लेकर आए हैं। शइस्ता अंबर ने कहा- ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में मुस्लिम महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं है। इस्लाम में भी तीन तलाक का कोई जिक्र नहीं है। कानून आने के बाद ही तीन तलाक पर पाबंदी लग सकेगी और यह बिल किसी भी मुस्लिम महिला के खिलाफ नहीं बल्कि उनके हित में है।
ा एक साथ तीन बार तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) कहना गैरकानूनी होगा।
ा ऐसा करने वाले पति को तीन साल के कारावास की सजा हो सकती है। यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना जाएगा।
ा यह कानून सिर्फ तलाक ए बिद्दत यानी एक साथ तीन बार तलाक बोलने पर लागू होगा।
ा तलाक की पीडि़ता अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से अपील कर सकेगी।
ा पीडि़त महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है। मजिस्ट्रेट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करेंगे।
ा यह प्रस्तावित कानून जम्मू-कश्मीर को छोडकऱ पूरे देश में लागू होगा है।

गुरु गोविन्द सिंह जयंती पर मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं

भारत ने पाकिस्तान को सिखाया सबक, कई बंकर तबाह, एक पाक सैनिक ढेर

जयपुर टाइम्स
जम्मू/नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय सेना ने एलोसी के पास पाकिस्तान द्वारा अपने जवानों पर किए गए कायराना हमले का बदला ले लिया है। शनिवार को किए गए हमले के कुछ घंटों के भीतर ही भारतीय सेना ने पाक के एक स्नाइपर को ढेर कर दिया। सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के झांगर सेक्टर में भारतीय सैनिकों की जवाबी फायरिंग में एक पाक सैनिक मारा गया है। बताया जा रहा है कि गश्ती दल को निशाना बनाने वाले पाक सैनिकों को सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। शनिवार दोपहर में पाकिस्तानी सैनिकों ने रुशष्ट के पास भारतीय सेना के एक गश्ती दल पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मेजर और तीन सैनिक शहीद हो गए थे। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाए गए सफल ऑपरेशन से आतंकियों के पैर उखड़ गए हैं। पाकिस्तानी फौज और सीमापार बैठे आतंकियों के आका भी बौखलाए हुए हैं। यह हमला पाक सेना की उसी बौखलाहट को दर्शाता है।
 उधर, मुंबई हमले का गुनहगार हाफिज सईद आए दिन भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है। उसे सीमापार पाक के कब्जे वाले कश्मीर में अक्सर देखा जाता है। हालांकि सेना ने साफ कर दिया है कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा। 
जम्मू-कश्मीर के केरी सेक्टर में सैनिकों को निशाना बनाया गया था। यह हमला ऐसे समय किया गया था जब प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती रजौरी जिला मुख्यालय में ही थीं और जन शिकायतों की सुनवाई कर रही थीं। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है, वह दिन दूर नहीं जब इसे दुनिया में आतंकवादी देश घोषित कर दिया जाएगा। पाकिस्तान की ओर से साल 2017 में 780 बार नियंत्रण रेखा पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया है।  पाकिस्तान ने यह कायराना हरकत ऐसे समय में की है जब दोनों देशों के बीच काफी समय से बातचीत बंद है। अमेरिका समेत दुनिया के कई देश भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से शांति वार्ता तभी हो सकती है जब वह जम्मू और कश्मीर में आतंकियों को समर्थन देना बंद कर दे। 
देश की उत्तरी और पश्चिमी सीमा पर बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए थार के रेगिस्तान में सेना और वायु सेना ने मिलकर 'हमेशा विजयी  नामक बड़ा युद्धाभ्यास भी किया है।  शनिवार को हमला दोपहर करीब सवा 12 बजे हुआ था। हमले में शहीद हुए मेजर मोहारकर प्रफुल्ल अंबादास (32) महाराष्ट्र के भंडारा जिले के रहने वाले थे। वहीं, लांस नायक गुरमेल सिंह (34) अमृतसर से और सिपाही परगट सिंह (30) हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले थे। रविवार को गुरमेल सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा।