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गभारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2018 में 7 फीसदी संभव

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सरकारी नीतियां संकटग्रस्त ग्रामीण परि²श्य की ओर झुकती नजर आएंगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की दर नोटबंदी और जीएसटी के सुस्त प्रभावों से उबरते हुए 2018 में सात फीसदी जा सकती है। उद्योग चैंबर एसोचैम ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। औद्योगिक संस्था द्वारा आगामी वर्ष के लिए जारी ‘परिदृश्य’ के मुताबिक, लोकसभा चुनाव से पहले सरकारी नीतियां तनावग्रस्त ग्रामीण परि²श्य की ओर झुकने के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने से पड़े सुस्त प्रभाव से हुई बाधा के बाद सात फीसदी की दर पर पहुंच जाएगी।  परिदृश्य में कहा गया है, ‘‘2017-2018 की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 फीसदी वृद्धि के बावजूद 2018 की सितंबर तिमाही के अंत तक आर्थिक वृद्धि सात फीसदी की महत्वपूर्ण दर को छू लेगी। 
जबकि अगले साल मानसून के हल्के रहने के साथ दूसरी छमाही तक मंहगाई दर 4.5 से पांच फीसदी के बीच बनी रहेगी।’’ एसोचैम के अध्यक्ष संदीप जाजोदिया ने कहा कि यह अनुमान सरकारी नीतियों, अच्छे मानसून, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और क्रेडिट वृद्धि के साथ-साथ विदेशी मुद्रा दरों में स्थिरता के आधार पर लगाया गया है। 
उन्होंने कहा, ‘‘अगर राजनीतिक रूप से कोई बड़ा फेरबदल नहीं होता है तो कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंता कम हो सकती है।’’ औद्योगिक संस्था ने कहा कि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके मद्देनजर राजनीतिक अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र की ओर झुक सकती है, जहां कुछ समय से तनाव देखा जा रहा है। एसोचैम को लगता है कि आगामी केंद्रीय बजट किसानों की तरफ झुका होगा, जबकि उद्योग का ध्यान विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जहां रोजगार पैदा होता है। 

अम्मा की सीट पर दिनकरन की शानदार जीत  पश्चिम बंगाल में टीएमसी जीती

जयपुर टाइम्स
चेन्नई/कोलकाता (एजेंसी)। देश में 4 राज्यों के 5 विधानसभा सीटों पर 21 दिसंबर को हुए उपचुनाव के नतीजे रविवार को आ गए है। तमिलनाडु की बहुचर्चित विधानसभा सीट डॉ. राधाकृष्णन नगर (आरके नगर) पर हुए उपचुनाव में शशिकला के भतीजे और निर्दलीय उम्मीदवार टीटीवी दिनकरन ने शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार मधुसूदनन को करीब 40 हजार मतों के अंतर से हराया। वहीं, पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने सबांग विधानसभा सीट पर 64,192 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार गीता रानी भुनिया को 1,06,179 मत मिले जबकि माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को उम्मीदवार रीता मंडल ने 41,987 वोट ही हासिल कर पाईं। 
अरुणाचल प्रदेश की लिकाबाली और पक्के-केसांग सीट पर हुए बाइपोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जीत मिली है। दो सीटों पर चुनाव जीतने के बाद बीजेपी के 49 विधायक हो गए हैं। पक्के-केसांग सीट पर बीजेपी के बीआर वाघे को 475 वोट से जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व डिप्टी सीएम कमेंग डोलो को हराया। वाघे को 3517 और डोलो को 3042 वोट मिले। दूसरी ओर, लिकाबाली सीट पर बीजेपी के कार्दो नियोग्योर ने पीपीए कैंडिडेट गुमका रिबा को 305 वोट से हराया। यहां बीजेपी 3461 और पीपीए को 3156 वोट मिले। कांग्रेस कैंडिडेट सिर्फ 362 वोट ही हासिल कर पाए।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को सबांग विधानसभा सीट पर 64,192 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार गीता रानी भुनिया को 1,06,179 मत मिले जबकि माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को उम्मीदवार रीता मंडल ने 41,987 वोट ही हासिल कर पाईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अंतरा भट्टाचार्य 37,476 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि इस उपचुनाव में पार्टी का प्रदर्शन सुधरा है जबकि 2016 के विधानसभा चुनावों में उसे केवल 5000 वोट मिले थे। वहीं, एक साल पहले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कब्जा करने वाली कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार काफी खराब है, कांग्रेस उम्मीदवार चिरंजीब भौमिक 18,060 वोटों के साथ चौथे स्थान पर हैं। मानस भुनिया के इस्तीफा देने के बाद 21 दिसंबर को उपचुनाव हुए थे। अब वह अपनी नई पार्टी से राज्यसभा सदस्य हैं। तृणमूल उम्मीदवार गीता रानी मानस भुनिया की पत्नी हैं।
आरके नगर : दिनकरन की ऐतिहासिक जीत
डॉ. राधाकृष्णन नगर (आरके नगर) पर शशिकला के भतीजे और निर्दलीय उम्मीदवार टीटीवी दिनकरन ने शानदार जीत हासिल की है। दिनकरन ने मधुसूदनन को करीब 40 हजार मतों के अंतर से हराया। 10वें राउंड की काउंटिंग के बाद दिनकरन की जीत तय मानी जा रही थी। आरके नगर का यह नतीजा पन्नीरसेल्वम-पलानीस्वामी गुट के लिए बड़ा झटका है। करीब दो दशक के इतिहास में पहली बार है जब सत्तारूढ़ पार्टी को आरके नगर सीट गंवानी पड़ी है। इसी सीट से तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता चुनाव लड़ती थीं। दिनकरन को 86,472 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी  अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार मधुसूदनन को 47,115 मतों से ही संतोष करना पड़ा। तीसरे नंबर पर रहे डीएमएके उम्मीदवार के खाते में 24,078 वोट ही आए।  नोटा के लिए 1926 लोगों ने वोट किया जबकि बीजेपी उम्मीदवार को मात्र 1126 वोट मिले।

हिमाचल के नए सीएम जयराम 27 को लेंगे शपथ

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली/शिमला (एजेंसी)। जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। रविवार को उन्हें विधायक दल की मीटिंग में नेता चुना गया। नेता चुने जाने के बाद ठाकुर पार्टी के सीनियर लीडर्स के साथ गवर्नर आचार्य देवव्रत से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथ ग्रहण समारोह 27 दिसंबर को शिमला में होगा। इससे पहले सीएम रेस में जेपी. नड्डा का नाम भी चल रहा था। लेकिन, कास्ट फैक्टर को देखते हुए ठाकुर को नेता चुना गया। हिमाचल में ठाकुर कम्युनिटी ज्यादा है और नड्डा ब्राह्मण हैं। बीजेपी के सामने सीएम की दिक्कत प्रेम कुमार धूमल के हारने की वजह से हुई थी। नरेंद्र सिंह तोमर ने ठाकुर के नाम का एलान किया। प्रेम कुमार धूमल ने ठाकुर के नाम का प्रस्ताव किया था।
विधायक दल की बैठक में बीजेपी के सेंट्रल ऑब्जर्वर निर्मला सीतारमण और नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए। तोमर ने कहा- बैठक में नए नेता के चयन की प्रक्रिया रविवार को पूरी हो रही है। आज हम सब लोगों ने सबसे पहले बीजेपी के कोर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लिया। चर्चा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी और संसदीय बोर्ड ने फैसला किया। विधानमंडल दल की बैठक हुई। इसमें पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल जी ने जयराम ठाकुर को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। जेपी नड्डा और शांता कुमार ने प्रस्ताव का समर्थन किया।कोई दूसरा प्रस्ताव सामने नहीं है इसलिए जयराम ठाकुर जी को विधानमंडल दल का नेता घोषित किया जाता है।
तोमर ने जयराम ठाकुर को आभार प्रकट करने के लिए बुलाया। जयराम ठाकुर ने कहा, मैं नरेंद्र तोमर, निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा जी, प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, हेमंत पांडे, पवन राणा और विधायकों का धन्यवाद करता हूं। हिमाचल एक ऐसा प्रदेश है, जहां बीजेपी की सरकार का हम इंतजार कर रहे थे और ये सपना साकार हुआ। हिमाचल कांग्रेस मुक्त हुआ। मैं नरेंद्र मोदी, अमित शाह को धन्यवाद देता हूं।
 जिस उम्मीद पर जनता ने हमें जनादेश दिया है और राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो हमसे उम्मीद रखी है, हम उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे।
जयराम ठाकुर जब आभार प्रकट करने के लिए सामने आए तो पांच बार पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल का नाम लिया। इसके बाद उन्होंने उनके पैर भी छुए। धूमल पार्टी के सीएम कैंडिडेट थे लेकिन वो सुजानपुर से चुनाव हार गए थे। ठाकुर प्रेम कुमार धूमल सरकार में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। इस बार सेराज से विधायक चुने गए। वो अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं।
जयराम बनाम धूमल गुट की भिड़ंत से केंद्र दुखी
सेंट्रल ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में जिस तरह से पहले जयराम गुट और फिर धूमल गुट ने नारेबाजी की और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई थी, उससे पार्टी हाईकमान काफी खफा है। बीजेपी के बड़े नेताओं ने कहा है कि जिस तरह की चीजें सामने आईं हैं, उन्हें खारिज नहीं किया जा सकता। दोषी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।

अन्ना खोलेंगे मोदी सरकार की पोल, 23 मार्च से दिल्ली में शुरू करेंगे आंदोलन

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम दिलाने, भष्टाचार मुक्त भारत बनाने, लोकपाल के पुराने ड्राफ्ट को मंजूरी दिलाने के लिए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शनिवार को जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मोदी सरकार किसानों की नहीं, उद्योगपतियों की चिंता करती है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को जगाने के लिए वे 23 मार्च से वापस दिल्ली में आंदोलन करने जा रहे हैं, जिसमें हर दिन मोदी सरकार के कारनामों की पोल खोलेंगे। उन्होंने बताया कि वित्त विधेयक में 40 संसोधन कर दिए। बिना चर्चा के पास भी कर दिए। विदेशी कंपनियों को टैक्स में छूट दे दी। इसलिए तय किया है 23 मार्च से रामलीला मैदान में आंदोलन शुरू किया जाएगा। 
उनका कहना था कि गांव को आत्मनिर्भर बनाना होगा। गांधीजी इसीलिए कहते थे गांव का विकास होगा तभी देश का विकास होगा। देश के विभिन्न राज्यों में 15 दिन से घूम रहा हूं। भारत में 22 साल में 22 लाख किसानों ने सुसाइड किया। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। ये सरकार किसानों के बजाय उद्योगपतियों की चिंता करती है।


 

रिज मैदान पर होगी भाजपा के नये मुख्यमंत्री की ताजपोशी

जयपुर टाइम्स
शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने आज कहा कि राज्य के नये मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा पार्टी हाईकमान द्वारा जल्द किये जाने की सम्भावना है और नयी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह रिज मैदान पर भव्य समारोह में होगा। सत्ती ने पार्टी के राज्य में भारी बहुमत से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में आज यहां कहा कि पार्टी भले ही 50 सीटें जीतने के अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी लेकिन उसे करीब दो तिहाई बहुमत तक पहुंचाने के लिये वह जनादेश का सम्मान और जनता का इसके लिये आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में 3679655 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया तथा इसमें से पार्टी को 1846432 यानि 48.8 प्रतिशत मत मिले। 
ऊना विधानसभा क्षेत्र से स्वयं चुनाव हार चुके सत्ती ने दावा किया कि पार्टी के ज्यादा उम्मीदवार बेहद कम मतांतर से हारे। विपक्ष भाजपा को दलित, आदिवासी और महिला विरोधी के रूप में पेश करता रहा लेकिन इन तीनों ही वर्गों ने बढ़-चढक़र पार्टी के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने कहा राज्य की 17 आरक्षित सीटों में 13 पर और तीन आदीवासी सीटों में से दो पर पार्टी जीत दर्ज करने में सफल रही। किन्नौर आदीवासी सीट से पार्टी प्रत्याशी की हार का अंतर महज 120 मतों का रहा। उन्होंने महिलाओं को कम सीटें देने के लिये कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि उनकी पार्टी ने छह महिलाओं को चुनाव में उतारा था जिनमें से शाहपुर से सरवीन चौधरी, इंदौरा से अनीता धीमान और भोरंज से कमलेश कुमार विधानसभा तक पहुंचने में सफल रहीं। सत्ती ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की लहर का ऐसा असर था कि इसमें कांग्रेस तीन प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।
 इसके अलावा कांग्रेस ठियोग, देहरा, जोगिंदरनगर और शाहपुर में तीसरे स्थान पर खिसक गई।

चारों दोषियों को उम्रकैद

जयपुर टाइम्स
भोपाल (एजेंसी)। पीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से 31 अक्टूबर को हुए गैंगरेप के चर्चित मामले में सभी चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। स्पेशल जज सविता दुबे ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता और आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को देखते हुए सरकारी वकील रीना वर्मा और पीएन सिंह ने कोर्ट से उम्रकैद की अपील की थी। मामले में करीब 28 गवाहों के बयान दर्ज हुए।
फांसी चाहते थे विक्टिम के पेरेंट्स
कोर्ट के फैसले पर विक्टिम के पेरेंट्स ने कहा वे दोषियों के लिए फांसी चाहते थे, लेकिन इस फैसले से भी संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम दोषी जिंदा रहने तक जेल में तो रहेंगे। इससे वे फिर ऐसा गुनाह कभी नहीं कर पाएंगे।
लोगों का कानून भर भरोसा 
बढ़ेगा : सरकारी वकील
सरकारी वकील रीना वर्मा ने कहा इस तरह के फैसले से कानून पर लोगों का भरोसा और बढ़ेगा। गैंगरेप को कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर क्राइम माना है। इसके तहत चारों दोषी नैचुरल डेथ तक जेल में ही रहेंगे। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं के तहत चारों दोषियों पर 3 से 5 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
विक्टिम ने ही आरोपियों को ढूंढा
पुलिस जब थानों के सीमा विवाद में उलझी थी, तभी विक्टिम और उसके पेरेंट्स आरोपियों को ढूंढने निकल गए। इस बीच, विक्टिम ने दो आरोपियों की पहचान की। पेरेंट्स ने उन्हें पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया। 
दोनों आरोपियों ने जुर्म कबूल किया और फरार आरोपियों के नाम भी बता दिए।
पुलिस ने 11 घंटे सीमा विवाद में उलझा रखा था केस
31 अक्टूबर की शाम को विदिशा निवासी छात्रा के साथ हबीबगंज रेलवे ट्रैक के पास पुलिया के नीचे चार लोगों ने गैंगरेप और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था।
वारदात वाली रात विक्टिम ने हबीबगंज आरपीएफ ऑफिस पहुंचकर एक अनजान नंबर से पिता को फोन किया था। ऑफिस में एक कोने में सहमी-सी खड़ी बेटी की हालत देख पिता उसे घर ले आए थे।
लडख़ड़ाते शब्दों में विक्टिम ने पिता को घटना के बारे में बताया था। उन्होंने बेटी को दिलासा दिया और 1 नवंबर को सुबह 9.30 बजे पत्नी और बेटी के साथ एमपी नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। ड्यूटी पर तैनात एसआई आरएम टेकाम ने उनकी पूरी बात सुने बगैर ही विक्टिम और उसके पेरेंट्स को हबीबगंज थाने भेज दिया था। 
विक्टिम की बात सुनते ही हबीबगंज टीआई उनके साथ दोपहर करीब 11.30 बजे घटनास्थल पर गए थे। उन्होंने घटनास्थल से ही जीआरपी हबीबगंज को फोन किया, लेकिन वहां से कोई भी स्टाफ मौके पर नहीं गया। हबीबगंज टीआई के कहने पर रात 8.30 बजे जीआरपी हबीबगंज ने मामला दर्ज किया।

राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा की

जयपुर टाइम्स
अहमदाबाद (एजेंसी)। गुजरात के नतीजों के बाद पहली बार यहां पहुंचे राहुल गांधी ने पार्टी वर्कर्स को बधाई दी। अगर कांग्रेस एकजुट हो तो हारती नहीं है। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में नई लीडरशिप नजर आई है और वह 2022 के चुनाव में यहां 135 सीटें जीतेगी। चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने वाले वर्कर्स पर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस एकजुट होती है तो हारती नहीं
- राहुल ने कहा, "तीन-चार महीने पहले बीजेपी के लोग कह रहे थे कि कांग्रेस की 20-25 सीटें आएंगी और उनकी 150। गुजरात की कांग्रेस ने दिखा दिया कि अगर कांग्रेस पार्टी एकसाथ खड़ी हो जाती है, अपनी आइडियोलॉजी पर लड़ती है तो वो हारती नहीं है। हमारी चुनाव में हार हुई, लेकिन हम जीते। हम जीते क्योंकि वो गुस्से से लड़े, उनके पास सारे साधन थे, पैसा था, पुलिस और अलग प्रदेशों के चीफ मिनिस्टर थे। हमारे पास सच था। हम खड़े हुए और हमने पूरे देश को दिखा दिया कि कांग्रेस पार्टी प्यार से लड़ती है और जीत सकती है।"

पार्टी विरोधी वर्कर्स को दी नसीहत
- राहुल ने चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ करने वाले वर्कर्स को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, "अगर आप कांग्रेस के साथ चुनाव में नहीं खड़े होंगे, तो कांग्रेस में आपका भविष्य नहीं बन सकता है। फिर वो चाहे कितने ही बड़े क्यों ना हों। बहुत सारे लोगों ने पूरे दम से काम किया है। वो सबको दिखा। उनको संगठन में आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। जिन्होंने पूरा सपोर्ट नहीं किया है। प्यार से.. गुस्से से नहीं... प्यार से हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। विधानसभा में इस बार एक नई लीडरशिप दिखी। ये लीडरशिप अगले चुनाव में गुजरात की सरकार को चलाएगी। अगले चुनाव में कांग्रेस 135 सीटें आएंगी।"
 

एलओसी पर पाक की फायरिंग में मेजर सहित तीन शहीद

जयपुर टाइम्स
श्रीनगर (एजेंसी)। पाकिस्तान ने शनिवार को फिर से सीजफायर उल्लंघन किया। जम्मू-कश्मीर के केरी बटैलियन एरिया में पाकिस्तान की तरफ से की गई भारी गोलाबारी में भारत के 3 जवान शहीद हो गए। वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों के मुताबिक पाक ने सीजफायर तोड़ा और गश्ती में जुटे भारतीय आर्मी के जवानों पर हमला कर दिया।
सरकार ने संसद में दी थी सीजफायर की रिपोर्ट
इसी हफ्ते लोकसभा में गृह-राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने सीजफायर उल्लंघन के बारे में लोकसभा को जानकारी दी थी। 10 दिसंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर स्थित लाइन ऑफ कंट्रोल पर 771 बार और इंटरनेशनल बॉर्डर पर 110 बार सीजफायर तोड़ चुका है। वहीं पाकिस्तान से लगे जम्मू-कश्मीर बॉर्डर के अलावा और किसी भी बॉर्डर पर क्रॉस फायरिंग के मामला सामने नहीं आया है।
2017 में मारे गए 200 से ज्यादा आतंकी
जम्मू-कश्मीर में इस साल सेक्युरिटी फोर्सेज ने ऑपरेशन ऑल आउट में 203 आतंकियों को मार गिराया। वहीं मुठभेड़ में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के भी 75 जवान शहीद हुए।
कश्मीर से पकड़े 91 आतंकी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने बताया कि जनवरी, 2017 से 14 दिसंबर तक जम्मू-कश्मीर में हुई 337 आतंकी घटनाओं में कुल 318 लोगों की मौत हुई। एनकाउंटर में 203 आतंकी ढेर हुए। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के 75 जवान शहीद हुए, जबकि आतंकी हमले के दौरान 40 आम नागरिकों की भी जान गई। 91 आतंकियों को घाटी से पकड़ा गया।

राजस्थान में दर्दनाक हादसा: बस नदी में गिरी, बिहार के तीन सहित 20 की मौत

जयपुर टाइम्स जयपुर / सवाई माधोपुर (विसं.)। राजस्थान के सवाई माधोपुर के पास शनिवार को एक मिनी बस नदी में गिर गई। इस हादसे में 33 की मौत हो गई। वहीं, 8 लोग जख्मी हैं। मरने वालों में महिलाएंं और बच्चे भी शामिल हैं। जो लोग जख्मी हुए हैं, उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मरने वालों में मध्य प्रदेश के लोग भी शामिल हैं। इस घटना पर पीएम मोदी और राहुल ने ट्वीट कर दुख जताया है। हादसा कहां हुआ ठ्ठ हादसा सुबह 6.15 बजे हुआ। सवाई माधोपुर के पास दुब्बी इलाके में बनास नदी पर बने पुल पर हुआ। बस पुल से नदी में गिर गई। ठ्ठ जिस जगह पर हादसा हुआ, वह सवाई माधोपुर से करीब 20 किमी. दूर है। नाबालिग चला रहा था मिनी बस ठ्ठ स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्राइवर ने अपने नाबालिग कंडक्टर को बस चलाने को दी थी। पुल पर बस कंट्रोल से बाहर हो गई और वह रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। कंडक्टर की उम्र 16 साल बताई जा रही है। ओवरटेक करने के दौरान हुआ हादसा ठ्ठ सवाई माधोपुर के सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने बताया कि हादसा ड्राइवर की वजह से हुआ। वह पुल पर ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। कितना नुकसान हुआ ठ्ठ दुब्बी के पुलिस अफसर सुभाष मिश्रा ने बताया कि अब तक 26 लोगों की बॉडी नदी से निकाली जा चुकी थी। मरने वालों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार के हैं। अभी तक जिन लोगों की पहचान हुई, उनमें 7 लोग सवाई माधोपुर के हैं।

चारा घोटाले से जुड़े दूसरे मामले में भी लालू दोषी

जयपुर टाइम्स
पटना/रांची (एजेंसी)। बिहार के चारा घोटाला से जुड़े एक और मामले में शनिवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें लालू प्रसाद यादव समेत 15 आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं, 7 को बरी कर दिया। ये सभी 22 आरोपी कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट 3 जनवरी को सजा सुनाएगी। लालू को यहांं से होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल ले जाया गया। बता दें कि इस फैसले के पहले ही रांची पुलिस ने सेंट्रल जेल के आसपास सिक्युरिटी सख्त कर दी थी। फैसले के कुछ मिनट बाद ही लालू के ट्विटर से बीजेपी पर हमला बोला गया। इसमें लिखा बीजेपी विपक्ष का पब्लिक पर्सेप्शन बिगाडऩे के लिए गंदी राजनीति कर रही है।
दोषियों को सजा कब सुनाई जाएगी
सभी दोषियों को 3 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
लालू का कितने केस में नाम है
900 करोड़ के चारा घोटाले में यह 33वां और लालू से जुड़ा दूसरा फैसला है। लालू पर चारा घोटाले के 7 केस दर्ज हैं। एक केस में उन्हें 6 साल की सजा हो चुकी है। लालू के खिलाफ 5 अन्य केस में सुनवाई जारी है।
लालू ने सुनवाई के पहले क्या कहा था
रांची के रेलवे गेस्ट हाउस में लालू ने मीडिया से कहा था, मुझे ज्यूडिशियरी सिस्टम पर पूरा भरोसा है। सभी को इंसाफ मिल रहा है, हमें भी मिलेगा। मैं पिछड़ी जाति से हूं, मुझे भी इंसाफ मिलेगा। एक ही मुर्गी को 9 बार हलाल किया जा रहा है। वकीलों में सभी जरूरी सबूत कोर्ट को दिए हैं, जो बरी होने के लिए काफी हैं।
वहीं, शुक्रवार शाम रांची एयरपोर्ट पर लालू ने कहा था, अगर मैंने किसी से पैसा लिया तो सीबीआई सबूत दे। आखिर किस बात की मुझे सजा दिलाना चाहते हैं। 20 साल से मुझे परेशान किया जा रहा है। ज्यूडीशियरी सिस्टम पर पूरा भरोसा है। टू जी की तरह इसमें भी फैसला आएगा। बीजेपी और सीबीआई मुझे और परिवार को परेशान कर रही है।
फैसला आने के बाद क्या 
था कोर्ट का माहौल
कोर्ट का फैसला आते ही आरजेडी वर्कर्स निराश हो गए। एक शख्स रोने लगा। कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पार्टी के सीनियर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि एक ही मामले में लालू को जेल और जगन्नाथ मिश्रा को बेल मिला है। ये कैसा इंसाफ है। ये कैसा फैसला है। ये बीजेपी की साजिश है। हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
आरजेडी सुप्रीमो पर क्या आरोप था
बिहार के सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इंक्वायरी के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 96 तक अटकाए रखा।
चारा घोटाले में 900 करोड़ रुपए के हेरफेर का आरोप है। इस दौरान देवघर ट्रैजरी (कोषागार) से अवैध तरीके से 1991 से 1994 के बीच 6 फर्जी अलॉटमेंट लेटर से 89 लाख 4 हजार 413 रुपए निकाले गए। जबकि बिहार सरकार की ओर से दवा और चारा की खरीदारी के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए गए थे।
चाईबासा ट्रैजरी से गलत तरीके से पैसा निकालने के मामले में लालू यादव को सजा सुनाई जा चुकी है। 1997 में वह पहली बार जेल गए थे। उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। फिलहाल वो जमानत पर हैं। केस की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में 1996 से चल रही है। सीबीआई ने 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। आरोपियों की ओर से भी बचाव में गवाह पेश किए गए।