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डांस बार को SC की मंजूरी, लेकिन नहीं होगा ये सब

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने देश की आर्थिक राजधानी व मायानगरी मुंबई में डांस बार को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के वर्ष 2016 के कानून को वैध माना। हालांकि कुछ नियमों में बदलाव किए हैं।

बार में नोट और सिक्के नहीं उड़ाए जा सकेंगे, लेकिन बार गल्र्स को टिप दी जा सकती है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के कानून में अश्लीलता पर सजा के 3 वर्ष के प्रावधान को इजाजत दी है। अब बार शाम 6 से रात 11.30 बजे तक खुल सकेंगे। शराब परोसने और ऑर्केस्ट्रा को भी इजाजत मिल गई है। कोर्ट ने कहा कि बार में किसी तरह की अश्लीलता नहीं होनी चाहिए। 

हालांकि सीसीटीवी लगाना जरूरी नहीं होगा। इससे लोगों की निजता का उल्लंघन होता है। डांस बार में एरिया और ग्राहकों के बीच दीवार नहीं होगी। मुंबई जैसे क्षेत्र में धार्मिक जगहों से एक किलोमीटर की दूरी पर डांस बार होने का नियम तर्कसंगत नहीं है। 
कोर्ट ने कहा कि डांसर और मालिक के बीच वेतन फिक्स करना सही नहीं। ये अधिकार सरकार का नहीं बल्कि मालिक और डांसर के बीच आपसी कॉन्ट्रैक्ट का मामला है। कोर्ट ने कहा कि साल 2005 से सरकार की ओर से एक भी डांस बार को लाइसेंस नहीं दिया गया। वर्तमान नियमों के आधार पर डांस बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। इससे पहले पिछले साल 30 अगस्त को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

परीक्षा पर छात्रों से बात करेंगे पीएम मोदी 

अलीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के होनहारों से 29 जनवरी को रूबरू होंगे। पीएम छात्रों से परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी शामिल होंगे। 
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को भारत सरकार की वेबसाइट पर ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इसके बाद उनका चयन किया जाएगा। 
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार देश के होनहारों को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस परीक्षा में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई समेत विभिन्न बोर्ड से पढ़ाई करने वाले कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं शामिल हो सकते हैं। उन्हें वेबसाइट 222.द्व4द्दश1.द्बठ्ठ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 16 व 17 जनवरी को विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर उनका चयन दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के लिए किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि निदेशालय का आदेश जाने के बाद सभी विद्यालयों में प्रतियोगिता की सूचना भेजी जा चुकी है। 
जिले के अधिक से अधिक मेधावी इसमें शामिल हों और जिले का नाम रोशन करें, यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।
गुरुजन और अभिभावक भी होंगे शामिल : वेबसाइट पर होने वाली परीक्षा को कैची कैप्शन कांटेस्ट का नाम दिया गया है। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्हें आई एम इंस्पायर्ड कांटेस्ट भी उत्तीर्ण करना होगा। जिसके बाद उनका चयन किया जाएगा। इसके साथ गुरुजनों के लिए अलग से परीक्षा होगी। 
शिक्षकों को टीचर्स थॉट विषय पर पूछे जाने वाले विभिन्न प्रश्नों का जवाब देना होगा। जो माता पिता इस आयोजन में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें लर्निंग फ्रॉम माई एग्जाम वॉरियर विषय पर आधारित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
मुख्य बातें : सरकार की वेबसाइट पर विद्यार्थियों को देनी होगी ऑनलाइन परीक्षा। छात्रों के साथ शिक्षक व अभिभावक भी होंगे प्रतियोगिता में शामिल। दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में 29 को पीएम होंगे रूबरू। 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी 16 व 17 जनवरी दें ऑनलाइन परीक्षा।
प्रवीण अग्रवाल (अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी) ने कहा - हमारे पास शिक्षा विभाग से सूचना आ चुकी है। बुधवार को स्कूल खुलते ही मेधावियों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निजी स्कूलों के ज्यादा से ज्यादा मेधावी इसमें शामिल हों और जिले का नाम रोशन करें। इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। 

शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी को लेकर कही ये बात

नई दिल्ली । पटना साहिब से भारतीय जनता पार्टी के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर अपनी पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अपनाते हुए कहा कि बीजेपी में पहले लोकशाही थी और अब तानाशाही है। अगला लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र से लडऩे का संकेत देते हुए उन्होंने कहा, सिचुएशन चाहे जो भी हो, लोकेशन यही होगा। पटना में एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी को अपनी पार्टी बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के खिलाफ नहीं बोला, अब भी पार्टी के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं, बल्कि पार्टी को आइना दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, सच बोलता रहा हूं और बोलता रहूंगा। बिहारी बाबू के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि राहुल में बहुत कम समय में जो परिपक्वता आई है, उसे अन्य पार्टी के अध्यक्षों को भी सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं शुरू से ही गांधी परिवार का फैन रहा हूं। मैं जवाहरलाल नेहरू से लेकर सोनिया गांधी तक का प्रशंसक रहा हूं और अब राहुल का भी प्रशंसक हूं। बीजेपी में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी में उचित सम्मान न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी में आज वन मैन शो, टू मैन आर्मी चल रही है। उन्होंने बीजेपी पर व्यक्तिवाद चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी अब पहले वाली नहीं रही। टीवी चैनल के कार्यक्रम में शॉटगन का केंद्रीय मंत्री न बनाए जाने का दर्द भी छलका। उन्होंने एक सवाल के जवाब में नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा, मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, मगर क्या किसी टेलीविजन नायिका को सीधे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेवारी देना कहां तक उचित है?

शीला दीक्षित ने संभाली दिल्ली कांग्रेस की कमान, जगदीश टाइटलर भी रहे मौजूद

नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने बुधवार को औपचारिक रूप से दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर जाकर नई अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान पार्टी के जहां तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके पूर्व सहयोगी भी साथ दिखे। वहीं, जगदीश टाइटलर भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शीला के साथ ही नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्षों- देवेंद्र यादव, राजेश लिलोठिया और हारून यूसुफ ने भी कार्यभार संभाला। वैसे, इस मौके पर जगदीश टाइटलर की मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। टाइटलर 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में आरोपी हैं। इस मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने शीला दीक्षित आई है, बदलाव की आंधी आई है के नारे लगाए। शीला के कार्यभार संभालने के मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह, जनार्दन द्विवेदी, अजय माकन, पीसी चाको और संदीप दीक्षित मौजूद थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने से पहले शीला दीक्षित ने कहा कि राजनीति चुनौतियों से भरी है, हम उसके ही आगे की रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों एक चुनौती हैं और हम मिलकर इन चुनौतियों का सामना करेंगे। आप के साथ गठबंधन पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। गौरतलब है कि अजय माकन के इस्तीफा देने के बाद दिल्ली कांग्रेस में नई जान फूंकने के लिए पार्टी आलाकमान द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के साथ पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए हैं। प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने कहा कि पूर्व विधायक हारुन यूसुफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव को प्रदेश में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति को लोकसभा चुनाव से जोडकर देखा जा रहा है। 

नई टीम के जरिए जहां पार्टी ने सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश की है।
शीला के बारे में खास बातें
लगातार 15 साल (1998 से 2013) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित पार्टी के अंदर अपनी दबंग इमेज और फैसलों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहीं। हालांकि, कुछ लोग उनके फैसलों से इत्तेफाक नहीं रखते थे। लेकिन तत्कालीन केंद्र सरकार से उन्हें पूरा सहयोग मिला।
शीला दीक्षित देश की पहली ऐसी महिला रही हैं जिन्होंने लगातार तीन बार मुख्यमंत्री पद संभाला। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। वे दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री थीं। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी कांगेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पद लिए शीला को उम्मीदवार घोषित था।
शीला को राजनीति में प्रशासन व संसदीय कार्यों का अच्छा अनुभव है। वो 1986 से 1989 तक केन्द्र सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। पहले वो, संसदीय कार्यों की राज्य मंत्री रहीं और बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री रहीं। 1984 से 1989 तक वह उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुकी हैं। 
शीला दीक्षित ने 1998 में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष पद पर रहते हुए कांग्रेस को दिल्ली में अभूतपूर्व विजय दिलाई थी। वहीं 2008 में हुए विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीती थीं। 
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद शीला दीक्षित को केरल की राज्यपाल बनाया गया था। केरल के राज्यपाल निखिल कुमार के त्?यागपत्र देने के बद उनकी नियुक्ति इस पद पर की गई थी।
 

पंजाब में आप पार्टी को लगा झटका,इस विधायक का इस्तीफा

चंडीगढ़। पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के एक और विधायक बलदेव सिंह ने बुधवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 'निरंकुश कार्यप्रणाली', 'दोयम दर्जा' होने और पार्टी की 'मूल विचारधारा और सिद्धांतों' का पालन नहीं किए जाने का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। 

जैतो विधानसभा सीट से आप के विधायक बलदेव सिंह ने बुधवार को अपना इस्तीफा आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेज दिया। उन्होंने अपने त्याग पत्र में लिखा कि आप की प्राथमिक सदस्यता से अपने इस्तीफे को आगे बढ़ाने पर मैं दुखी हूं क्योंकि पार्टी ने अपनी बुनियादी विचारधारा और सिद्धांतों का पूरी तरह से त्याग कर दिया है।
इससे पहले, आप के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के तानाशाही रवैये का हवाला देते हुए विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने छह जनवरी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वकील व एक्टिविस्ट एच.एस. फुल्का ने भी हाल ही में आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पहले पंजाब विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। वह दखा विधानसभा सीट से आप के विधायक थे। 

भाजपा मंत्री और नेता अब देशभर में करेंगे पत्रकार वार्ता

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को ऐलान किया कि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा अन्य प्रतिष्ठित नेता अगले चार दिन समूचे देश में अलग-अलग स्थानों पर करीब 50 पत्रकार वार्ता करेंगे.

बीजेपी ने एक बयान जारी कर कहा,‘ इन संवाददाता सम्मेलनों के जरिए दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दिए गए संदेशों को लोगों और कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया जाएगा.’ बयान में कहा गया है कि बीजेपी नीत सरकार की ओर से हाल में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किये गए विधेयकों के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जाएगा. 

बीजेपी ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, थारवरचंद गहलोत, डॉ जितेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर, स्मृति ईरानी, जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, पूनम महाजन, समेत अन्य मंत्री एवं नेता विभिन्न स्थानों पर संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित करेंगे.

योगी ने SP- BSP गठबंधन को लेकर कही ये बात

गोरखपुर (उप्र): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सपा-बसपा गठबंधन अराजकता और असुरक्षा को बढ़ावा देगा. गोरखनाथ मंदिर में बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद संवाददाताओं से कहा कि ये गठबंधन भय वश किया गया है और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी. योगी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि यह गठबंधन लंबा नहीं चलेगा. 1993 में सपा की ज्यादा सीटें थीं, बसपा की कम और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे. बसपा ने समर्थन जारी रखा लेकिन गठबंधन लंबा नहीं चला.’’

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता इस गठबंधन को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि यह आत्म सम्मान को परे रखकर बनाया गया है.’’ सपा बसपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों को कुंभ में आमंत्रित करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ सब के लिए है और हमने सभी को आमंत्रित किया है .  उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के लोग कुंभ समिति में हैं और यह उन पर है कि वह कुंभ मेले में आएं.

आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा के गठबंधन का राज्य की राजनीति पर कोई असर नहीं होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि अच्छा है कि दोनों दल एक हो गये हैं. अब भाजपा को इन्हें कायदे से ‘निपटाने‘ में मदद मिलेगी. योगी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘सपा-बसपा के गठबंधन का मतलब, भ्रष्टाचारी, जातिवादी मानसिकता वाले अराजक और गुंडों को सीधे-सीधे सत्ता देकर जनता को उसके भाग्य पर छोड़ देने जैसा है.

मैं कह सकता हूं कि इस गठबंधन का प्रदेश की राजनीति पर कोई असर नहीं होने वाला है.  अच्छा हुआ दोनों एक हो गये हैं.  हमें मदद मिलेगी कायदे से इनको निपटाने के लिये.’’दिल्ली में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में महागठबंधन का बार-बार जिक्र किये जाने के औचित्य के बारे में योगी ने कहा ‘‘गठबंधन कोई चुनौती नहीं है. मैं सपा मुखिया अखिलेश यादव से पूछना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री के रूप में पिछली बार वह (सपा संस्थापक) मुलायम सिंह यादव को आगे कर रहे थे.

सबरीमलाः मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला पर सास ने किया हमला, अस्पताल में भर्ती

दो जनवरी को 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने सबरीमला मंदिर में प्रवेश किया था. इसमें से एक महिला कनकदुर्गा पर तथाकथित हमला किया गया है.
वे इस वक़्त केरल के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं. ये हमला उनकी सास ने उनपर तब किया जब वो आज सुबह सबरीमला मंदिर के दर्शन के बाद अपने घर वापस लौटीं.
कनकदुर्गा के साथ मंदिर में प्रवेश करने वाली बिंदु अम्मिनी ने बताया, ''उनकी सास ने उनके सिर पर वार किए. ये हमला तब किया गया जब वह अपने आज सुबह अपने घर पहुंची. ''
पेरिनथलमन्ना की 40 साल की बिंदु और कन्नूर की 39 साल की कनकदुर्गा ने दो जनवरी को मंदिर में प्रवेश करने में सफ़ल हुई थीं. दोनों महिलाओं को प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा प्रदान करते हुए पुलिसकर्मियों ने मंदिर में दाखिल किया था.
28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को स्वामी अयप्पा के मंदिर परिसर में जाने की अनुमति दे दी थी. ऐसी प्रथा है कि स्वामी अयप्पा ब्रह्मचारी हैं और माहवारी की आयु की महिलाएं अंदर नहीं जा सकती हैं. लेकिन इन दो महिलाओं ने सालों पुरानी परंपरा तोड़ी.
कनकदुर्गा नायर समुदाय से हैं. वो आज सुबह साढ़े सात बजे ही अपने घर लौटी थीं. अब तक वो और उनकी साथी बिंदु, सुरक्षा कारणों से अपने रहने की जगह कई बार बदल चुकी थीं. जब उन्होंने सबरीमला में प्रवेश करने की पहली कोशिश की थी तभी से दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठन, उनके घर के बाहर प्रदर्शन करते रहे हैं.
कनकदुर्गा और बिंदु को मिलाने वाले सोशल मीडिया ग्रुप के एक सदस्य ने अपना नाम उजागर ने करने की शर्त पर बीबीसी हिंदी से बात की. उन्होंने कहा, "उसे घर में घुसते ही डंडे से मारा गया. उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन बाद में मलापुरम के सरकारी अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया."
बिंदु कहती हैं, "ये घरेलू मामला है. ये सच है कि उनके पति, कनकदुर्गा के सबरीमला जाने के पक्ष में नहीं थे. लेकिन अब इस घटना के बाद वो पूरी तरह से कनकदुर्गा के साथा हैं. "
इन महिलाओं के सात सबरीमला मंदिर जाने वाले डा. प्रसाद अमोरे कहते हैं, '' उनका परिवार नहीं चागता था कि वो गर वापस आएं. क्योंकि उन्होंने घर की साख को खराब किया है. उनका परिवार सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के ख़िलाफ़ था. ''
उधर बिंदु ने अब दोबारा लॉ कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर दिया है. बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने कहा,"मैं अपने छात्रों और साथी अध्यापकों के बीच बड़े आराम से हूँ. वे सब लोग मुझे पूरा सहयोग दे रहे हैं"

मायावती ने मुसलमानों को लेकर कही ये बात

नई दिल्ली/लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती आज 15 जनवरी को अपना 63वां जन्मदिन मना रही हैं. इस मौके पर उन्होंने मीडिया को भी संबोधित किया और उनके जन्मदिन पर मिलने वाली शुभकामनाओं पर उन्होंने आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि इस बार मेरा जन्मदिन एक ऐसे मौके पर हो रहा है जब लोकसभा का चुनाव होने जा रहा हैं और हमारी पार्टी ने सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इससे बीजेपी और अन्य पार्टियों की नींद उड़ गई है. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश तय करता है कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा और किसकी सरकार बनेगी. 

इस मौके पर उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी के साथ कांग्रेस एंड कंपनी को भी सबक सिखाने की जरुरत है. मायावती ने कहा बीजेपी को पांच राज्यों के चुनावों के नतीजों ने सबक सिखाया है. कांग्रेस ने भी किसानों का कर्ज माफ करने का घोषणा की है, लेकिन इससे किसानों को कुछ खास फायदा नहीं हुआ है. तीन राज्यों में बनी कांग्रेस की नई सरकार पर अभी से अंगुली उठने लगी है.

इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती नोएडा के एक पार्क में होने वाली नमाज पर लगी रोक का जिक्र किया और कहा कि बीजेपी और आरएसएस धर्म की राजनीति कर रहे हैं. नमाज पर भी रोक लगाने की कोशिश हुई और जुमे की नमाज को रोकने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया. 
जन्मदिन पर अपने तोहफा का जिक्र करते हुए मायावती ने बसपा और सपा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि सभी पुराने गिले शिकवे भुलाकर निजी हितों को भूलकर विरोधियों के साम, दाम से बचकर एकजुट हो. यही मेरे जन्मदिन का तोहफा होगा. मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का गठबंधन होने के बाद से बीजेपी की नींद गायब है. पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह एंड कंपनी परेशान है. हमको अब इनकी परेशानी को और बढ़ाना है. सपा-बसपा दोनों को मिलकर बीजेपी को साफ कर देंगे. 

मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि  वे लगातार रैली कर के जनता से झूठे वादे कर रहे हैं। जनता इनको झूठे वादों का जवाब दे देगी। हमने हमेशा गरीबों और दलितों के लिए काम किया है। सरकार को 100 प्रतिशत कृषि ऋण माफी देनी चाहिए अन्यथा किसान आत्महत्याएं जारी रहेंगी। एक मजबूत कृषि ऋण माफी नीति बनाई जानी चाहिए। मुसलमानों को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण मिले। नौकरी में मुसलमानों का अनुपात दो-तीन प्रतिशत ही हैं। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अखिलेश यादव के खिलाफ सीबीआई का गलत उपयोग कर रही है। इसलिए आप बसपा और सपा के गठबंधन में मिलकर कार्य करें।
चुनाव नतीजों से कांग्रेस को भी सबक मिला है। मायावती ने कहा कि हमारे गठबंधन से विरोधियों की नींद उड़ गई है। भाजपा को हराने के लिए निजी स्वार्थ को भुला दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में जीत हमारे जन्मदिन का तोहफा होगा।
मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि  वे लगातार रैली कर के जनता से झूठे वादे कर रहे हैं। जनता इनको झूठे वादों का जवाब दे देगी। हमने हमेशा गरीबों और दलितों के लिए काम किया है। सरकार को 100 प्रतिशत कृषि ऋण माफी देनी चाहिए अन्यथा किसान आत्महत्याएं जारी रहेंगी। एक मजबूत कृषि ऋण माफी नीति बनाई जानी चाहिए।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी किया कुंभ में स्नान

लखनऊ/प्रयागराज। कुंभ में मंगलवार को मकर संक्रांति पर पहला शाही स्नान शुरू हुआ। शाही स्नान के लिए सबसे पहले संगम तट पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिवार्णी का जुलूस पहुंचा। अखाड़े के देव भगवान कपिल देव तथा नागा संन्यासियों ने अखाड़े की अगुवाई की। पंचायती अखाड़ा महानिवार्णी ने सबसे पहले डुबकी लगाई। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले अखाड़े के भालादेव ने स्नान किया। उसके बाद नागा साधुओं ने फिर आचार्य महामंडलेश्वर और साधु-संतों ने स्नान किया। श्री पंचायती अखाड़ा महानिवार्णी के बाद अटल अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। दोनों अखाड़ों का स्नान पूरा हो चुका है। दोनों अखाड़ों के संत अपने शिविर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। 
-बंदर के बच्चे को साथ लेकर जा रहे शाही स्नान करने जाते हुए स्वामी रामकमल दास वेदांती। c।

श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तोपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़े के संतों का स्नान पूरा हो चुका है। दोनों अखाड़ों के संत अपने शिविर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। वहीं अब शाही स्नान के लिए सबसे बड़ा अखाड़ा श्री पंच दशनाम जूना के साथ अग्नि अखाड़ा और अवाहान अखाड़े के संत संगम तट पर पहुंच रहे हैं। इसके बाद तीनों वैष्णव अणी अखाड़े दिगम्बर, निमोर्ही और निवार्णी अखाड़ा स्नान करेगा। 

इसके बाद दोनों बैरागी अखाड़े नया उदासीन और बड़ा उदासीन अखाड़े स्नान करेंगे। सबसे अंत में निर्मल अखाड़े के संत स्नान करेंगे। आज करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है। 
कुंभ में 6 शाही स्नान हैं जो 55 दिनों तक चलेगा। इस दौरान करीब 15 करोड़ लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाते हुए पुण्य कमाएंगे। 

मकर संक्रांति के मौके पर कुंभ मेले का आगाज होने के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी का मिलन स्थल माने जाने वाले पवित्र संगम में डुबकी लगाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताओं का गवाह बनने के लिए भक्तों से आग्रह किया कि वे इस वर्ष भारी संख्या में इसका हिस्सा बनें। 

संगम में 5 किलोमीटर के स्नान घाट पर आने-जाने के लिए विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पोंटून पुलों का निर्माण किया गया है।

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन पुलों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

मोदी सरकार दे सकती है मध्य वर्ग को राहत ,यहां जानिए ...

नई दिल्ली । मध्य वर्ग को राहत देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर सकते हैं, जो वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 5 लाख रुपये हो सकता है, जबकि मेडिकल खर्चो और परिवहन भत्ते को भी फिर से बहाल कर सकते हैं। इससे नोटबंदी के कारण बेहाल मध्य वर्ग को थोड़ी राहत मिलेगी। अंतरिम बजट में हालांकि बहुत अधिक मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनावों को देखते हुए मध्य वर्ग को खुश करने की कोशिश करेगी। 

सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसलिए करों के स्लैब को सुव्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है, जो किसी भी स्थिति में आगामी प्रत्यक्ष कर संहिता के अनुरूप होंगे। इसमें यह समस्या आ सकती है कि प्रत्यक्ष कर संहिता रिपोर्ट के आने से पहले आम बजट 28 फरवरी को आ जाएगा, जिससे रिपोर्ट जारी होने से पहले दरों से छेड़छाड़ इसे विवादास्पद बना देगा। 

नए प्रत्यक्ष कर संहिता के दायरे में ज्यादा से ज्यादा कर निर्धारती (एसेसी) को कर के दायरे में लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि अलग-अलग वर्गो के करदाताओं के लिए अधिक न्यायसंगत प्रणाली बनाई जाए, कॉर्पोरेट कर में कमी की जाए और व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी बनाई जाए। वर्तमान में, 2.5 लाख रुपये की आय को निजी आयकर से छूट प्राप्त है, जबकि 2.5-5 लाख रुपये के बीच की सालाना आय पर 5 फीसदी कर लगता है, जबकि 5-10 लाख रुपये की सालाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसदी कर लगता है। जबकि 80 साल के अधिक की उम्र के नागरिकों को 5 लाख रुपये सालाना की आय पर कर छूट प्राप्त है। 

इसके अलावा पिछले साल 5 लाख रुपये की आय वालों के लिए सालाना 15,000 रुपये तक के मेडिकल खर्चो और 19,200 रुपये तक के परिवहन भत्तों को हटाकर उसकी जगह 20,000 रुपये की मानक कटौती लाया था। इसे भी वापस बहाल किया जा सकता है। हालांकि इससे बहुत अधिक फायदा तो नहीं होगा, लेकिन मध्य वर्ग का उत्साह बढ़ेगा। -

यूएई में बोले राहुल गांधी: मन की बात नहीं करूंगा, आपकी सुनूंगा

दुबई । संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर दुबई पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह यहां अपने मन की बात करने नहीं आए हैं, बल्कि लोगों की सुनने आए हैं। राहुल ने यहां भारतीय कामगारों को संबोधित किया और भारत के विकास में उनके योगदान की सराहना की। आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले कामगारों से मुखातिब राहुल ने कहा कि जैसे ही हमारी सरकार आएगी, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे। 
उन्होंने कहा, हम आपसे बातचीत करना चाहते हैं। मैं यहां अपनी मन की बात करने नहीं आया, मैं आपकी मन की बात सुनने आया हूं। किसी ने यहां कहा कि वह बड़ा आदमी हमसे मिलने आया है। कोई बड़ा आदमी नहीं होता। मैं बिलकुल आप जैसा हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं आपको कहना चाहता हूं कि हम आपके साथ खड़े हैं। जो भी आपको चाहिए, जो भी आपकी मुश्किलें हैं, जहां भी हम आपकी मदद कर सकते हैं...हम आपकी मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, आपने अपना खून, पसीना और समय इस शहर को, इस देश को बनाने के लिए दिया और आपने हिंदुस्तान की जनता का नाम रौशन किया है। हर धर्म, हर प्रदेश, हर जाति का नाम आपने रौशन किया है। भारतीय कामगारों से राहुल ने कहा, आपने हिंदुस्तान, हिंदुस्तान के प्रदेशों और गरीब जनता की मदद की और आपने इस शहर, जो पूरी दुनिया में महान है, दुबई को बनाने का काम किया। मैं आपको दिल से धन्यवाद कहना चाहता हूं। राहुल दुबई और अबूधाबी के दौरे पर आए हैं। वह यहां  शनिवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे तथा यूएई के मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। वह गुरुवार को दुबई पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भारतीय मूल के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।