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सैलरी देने में असमर्थ कंपनियों पर नहीं होगी कोई कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली(एजेंसी)। भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन का ऐलान कर रखा है। ऐसे में सभी उद्योग धंधे बंद हैं। इस मुश्किल घड़ी में कई कंपनियां ऐसी भी हैं, जो अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रही हैं। जिसको लेकर कई जगहों पर हंगामा और मुकदमे दर्ज करने जैसी बातें सामने आईं थी। जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
 मामले में सुनवाई के दौरान निजी कंपनियों ने कोर्ट को बताया कि लॉकडाउन की वजह से उनका काम बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में अब उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए फंड नहीं है। जिस पर जस्टिस नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में जब तक केंद्र सरकार जवाब दाखिल नहीं कर देती, तब तक कंपनियों पर मुकदमा ना दर्ज किया जाए और ना ही उन पर कोई कार्रवाई की जाए।
आपको बता दें कि देश में अब तक 82 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। जिस वजह से तीन चरण का लॉकडाउन अब तक लागू हो चुका है, जबकि 18 मई से चौथे चरण का लॉकडाउन शुरू होगा। इस दौरान केंद्र सरकार ने जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा है। ऑरेंज और ग्रीन जोन में तो थोड़ी बहुत ढील दी जा रही है, जबकि रेड जोन में सख्ती बरकरार है। ऐसे में अभी भी ज्यादातर उद्योग और कंपनियां बंद पड़ी हैं। वहीं जो कंपनियां खुली भी हैं वहां भी उत्पादन या काम पहले जैसा नहीं हो पा रहा है। जिस वजह से निजी कंपनियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

हॉटस्पॉट वाले जिलों में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा, आधिकारिक ऐलान जल्द

राज्य में 27 हजार 524 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं
मरने वालों की संख्या एक हजार पार, 1019 लोगों की अब तक जान गई
जयपुर टाइम्स
मुंबई(एजेंसी)। महाराष्ट्र में कोरोनावायरस कहर बरपा रहा है। यहां अब कोरोना से हर 2 दिनों में 100 लोगों की मौत हो रही है। राज्य में 27 हजार 524 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि मरने वालों की संख्या एक हजार को पार कर गई। अब तक कुल 1019 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले मुंबई में संक्रमण के 16 हजार 738 मामले हैं और 621 मौतें हुई हैं।
इस बीच सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, पुणे, सोलापुर, औरंगाबाद और मालेगांव जैसे हॉटस्पॉट इलाकों में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला इन इलाकों में बढ़ रहे संक्रमण और मृत्यु के आंकड़ों को देखते हुए लिया गया है। इससे एक दिन पहले ही गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक के दौरान इन जगहों पर प्रतिबंधों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की गई थी। इसका आधिकारिक ऐलान आज मुख्यमंत्री कर सकते हैं। 
गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी डेट 5 दिन के आसपास है तो उनकी कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। डॉक्टरों को भी सिर्फ उन्हीं लोगों को कोरोना जांच की सलाह देनी है, जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आएं। इसके अलावा, कोरोना पॉजिटिव मरीज के क्लोज कॉन्टेक्ट में आए परिवार के सदस्य और क्वारैंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों की कोरोना जांच 5वें या फिर 14वें दिन एक ही बार करानी है। अगर उनमें कोरोना के लक्षण नही पाए जाते तो उनको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि कोरोना बीमारी के चलते अस्पताल में मरीज की मौत होने पर शव को घर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मृतक के अंतिम संस्कार के लिए उसके परिजन को श्मशान बुलाकर शव सौंपा जाएगा।
नए उद्योगों के स्वागत के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 40 हजार हेक्टेयर जमीन देगी। नए उद्योगों को कई सहूलियतें भी दी जाएंगी। उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा, 'राज्य में नए उद्योग लगाने के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में करीब 40 हजार हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। इससे महाराष्ट्र में देशी और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।Ó 


लातूर में स?कों पर भी? कम करने के लिए ट्रैफिक विभाग ने स?कों पर ख?ी गा?ियों को लॉक करने का काम शुरू किया है। 

महारष्ट्र के नांदे? में फंसे सिख श्रद्धालुओं को गुरुद्वारों की ओर से राशन दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 9 पुलिसकर्मियों की मौत हुई

पिछले 48 घंटे के दौरान कोरोना संक्रमण के चलते दो और पुलिसकर्मियों की मौत हुई है। इनमें एक एएसआई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल है। जानकारी के अनुसार, कोरोना से मरने वाले एएसआई सेवरी पुलिस थाने में तैनात थे, जबकि अन्य पुलिसकर्मी शिवाजी नगर पुलिस थाने से संबंधित थे।
महाराष्ट्र में अभी तक 9 पुलिसकर्मियों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इनमें 6 मुंबई में तैनात थे। इसके अलावा पुणे, सोलापुर और नासिक ग्रामीण में भी एक-एक पुलिसकर्मी की कोरोना से मौत हुई है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित पुलिस वालों की संख्या एक हजार के आसपास है।  

भारत को जुलाई में मिल जाएंगे पहले 4 राफेल लड़ाकू विमान, अंबाला एयरबेस पर तैनात होंगे

विमानों को फ्रांस से मई में ही आना था, कोरोनावायरस संकट के चलते फ्रांस और भारत ने इसे दो महीने के लिए टाल दिया था
2022 तक सभी 36 राफेल विमान भारत को मिल जाएंगे, पहले 18 राफेल जेट अंबाला एयरबेस में रखे जाएंगे
नई दिल्ली (एजेंसी)। इस साल जुलाई के अंत तक भारत को पहले चार राफेल फाइटर प्लेन मिल जाएंगे। फ्रांस से सीधा ये हरियाणा के अंबाला स्थित एयरबेस में उतारे जाएंगे। इसमें तीन दो सीटों वाला ट्रेनिंग प्लेन होगा जबकि एक फाइटर प्लेन। पहले ये प्लेन मई में ही आने वाले थे लेकिन कोरोना संकट के चलते इसे दो माह के लिए टाल दिया गया था। न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी रक्षा सूत्रों के हवाले से दी। राफेल मिलने से भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। हवा से हवा में और हवा से जमीन पर वार करने की क्षमता पाकिस्तान और चीन के मुकाबले भारत की काफी बढ़ जाएगी।

एडवांस तकनीक से लैस है राफेल
भारत के लिए राफेल काफी जरूरी है। अभी तक मिस्र और फ्रांस में राफेल जेट का प्रयोग होता रहा है। हालांकि, भारत को मिलने वाला राफेल ज्यादा एडवांस बताया जा रहा है। भारत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ अतिरिक्त फीचर्स भी जोड़े गए हैं। पहला राफेल भारत की तरफ से 17 गोल्डन एरो के स्क्वॉड्रन कमांडिंग ऑफिसर उड़ाएंगे। उनके साथ एक फ्रेंच पायलट भी रहेगा। 2022 तक सभी 36 राफेल विमान भारत को मिल जाएंगे। पहले 18 राफेल जेट अंबाला एयरबेस में रखे जाएंगे, जबकि बाकी के 18 विमान पूर्वोत्तर के हाशीमारा में तैनात किए जाएंगे। सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट की तुलना में राफेल ज्यादा एडवांस है। 

 सुखोई के मुकाबले राफेल 1.5 गुना अधिक कार्यक्षमता से लैस है।


राफेल की रेंज 780 से 1055 किमी प्रति घंटा है, जबकि सुखोई की 400 से 550 किमी प्रति घंटे।
राफेल प्रति घंटे 5 सोर्टीज लगा सकता है, जबकि सुखोई की क्षमता महज 3 की है।
राफेल का विवादों से नाता
राफेल लड़ाकू विमान के सौदे पर देश के विपक्षी दल लंबे समय से सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने इसमे घोटाला किया है और अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए उन्हें दसॉल्ट एविएशन का ऑफसेट ठेका दिया गया। हालांकि केंद्र सरकार इस आरोप को सिरे से खारिज करती आ रही है। सरकार का दावा है कि वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए इस सौदे को जल्दी पूरा करना जरूरी था। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, जहां 14 दिसंबर 2018 को अदालत ने इस मामले में मोदी सरकार को क्लीन चिट दी थी। 

एग्रीकल्चर में प्रशासकीय सुधार; अनाज, तेल, तिलहन, दालें आदि डी-रेगुलेट होंगे और स्टॉक करने की सीमा भी हटेगी

मुंबई (एजेंसी)। 
20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के तीसरे दिन वित्तमंत्री ने एग्रीकल्चर से जुड़े कई सेक्टर पर फोकस किया। इसके तहत इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को एक लाख करोड़ रुपए देने का ऐलान किया गया। इस पैसे से स्थानीय बाजारों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा। इसको हम समझने की कोशिश करते हैं
क्या मिला?
एक लाख करोड़ रुपए का इंफ्रा का फंड उन लोगों को मिलेगा, जो लोग मूलरूप से कृषि से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में जुड़े हैं। यानी कृषि आधारित इंफ्रा के लिए यह राशि दी जाएगी।
किसे मिलेगा?
यह एक लाख करोड़ रुपए की राशि संस्थाओं के जरिए मिलेगी। जैसे किसान उत्पादित संघ, स्टार्टअप, एग्रीगेटर, एग्री के आंतरप्रेन्योर आदि के माध्यम से यह पैसा दिया जाएगा। ताकि ये लोग किसानों के लिए इस तरह की सुविधाओं को तैयार कर सकें।    
क्यों मिलेगा?
कृषि इंफ्रा के जरिए स्थानीय बाजार और किसानों को वैश्विक बाजारों में मुकाबला करने के लिए यह राशि मिलेगी। जब देश में गोदाम, कोल्ड स्टोरेज बेहतर होंगे तो इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और मांग पूरी करने के साथ-साथ एक्सपोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा। हार्वेस्ट मैनेजमेंट इंफ्रा के बाद सस्ते और फाइनेंशियल रूप से एग्रीगेशन प्वाइंट को सक्षम बनाने के लिए फोकस किया गया है।
कब और कैसे मिलेगा?
इस पर दिशा निर्देश आने के बाद मिलेगा। हालांकि इस फंड का निर्माण तुरंत किया जाएगा। यह पैसा कोल्ड स्टोरेज चेन को बनाने के लिए, गोदामों की संख्या बढ़ाने के लिए, भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए संस्थाओं को दिया जाएगा।दरअसल इस राहत पैकेज के पीछे उद्देश्य यह है कि देश में कृषि आधारित लॉजिस्टिक और स्टोरेज को बढ़ावा दिया जाए। इसे प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी के जरिए इंफ्रा को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। खासकर प्राइवेट और स्टार्टअप को किसान की इंफ्रा को मजबूत करने के लिए शामिल किया जाएगा।  वित्तमंत्री के 8 एलान में कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक के निर्माण से संबंधित थे।
 जबकि 3 एलान प्रशासनिक सुधारों से जुड़े रहे। कृषि इंफ्रा के क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने वित्त मंत्री ने फार्म गेट के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का एलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा- भारत दाल, दूध, जूट का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। छोटे और मझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती है।

उत्पाद के ई-व्यापार को आसान बनाए बनाये जाने की जरूरत पर जोर
जयपुर टाइम्स।
 नई दिल्ली (एजेंसी)केंद्र सरकार ने सबसे बड़ा कदम एग्रीकल्चर में प्रशासकीय सुधारों को लेकर उठाया है।  इसमें आवश्यक वस्तु अधिनियम (1955) में संशोधन करने का एलान किया गया है। सरकार ने कहा कि इसके तहत कृषि उत्पादों में अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालें, प्याज और आलू को डी-रेगुलेट किया जाएगा।
किसे मिला
इस सुधार से फसलों की अधिकता से निपटने में मदद मिलेगी। अनाज, खाद्य तेल, बीज, आलू और प्याज को नियंत्रण मुक्त किया जाएगा। भंडारण के लिए कोई स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी। इससे किसानों को फायदा होगा। वे सीजन में सस्ते कीमत पर अनाज खरीदकर या अपना अनाज स्टोर कर उसे बाद में बेच सकते हैं।
क्यों मिला
किसानों को खुले बाजार में फसलों की सही कीमत मिले, स्टॉक की कमी के कारण अनाज नुकसान न हो। इससे किसान अपने हिसाब से तय कर सकेंगे।
क्या मिला
किसानों के लिए उचित मूल्य मिलना संभव होगा। किसानों को आकर्षक कीमतों पर बेचने के लिए विकल्प प्रदान करने के लिए सेंट्रल लॉ बनाया जाएगा। अंतरराज्यीय व्यापार को बाधा मुक्त बनाया जाएगा। उत्पाद के ई-व्यापार को आसान बनाए बनाये जाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
कैसे मिलेगा
किसानों की उम्मीद के मुताबिक मूल्य निर्धारण के लिए स्टैण्डर्ड मैकेनिज्म होगा। इससे किसानों को अपनी कीमत तय करने में मदद करने के लिए लीगल फ्रेमवर्क मिलेगा। बुवाई से पहले किसानों के लिए सुनिश्चित मूल्य और गुणवत्ता भी तय होगी। फार्मिंग टेक्नोलॉजी की उपलब्धता बढ़ाने और बिक्री के अवसरों को बेचने के लिए भी जोर दिया गया है। 

चिदंबरम ने कहा- प्रधानमंत्री ने सिर्फ हेडलाइन और ब्लैंक पेज दिया, अब देखते हैं वित्त मंत्री उसे कैसे भरती हैं

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली(कासं.)। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज पर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें हेडलाइन और ब्लैंक पेज (कोरा कागज) दिया है। अब देखना होगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उस ब्लैंक पेज को कैसे भरती हैं। हम हर उस अतिरिक्त रुपए पर नजर रख रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था में डाला जाएगा।  
प्रधानमंत्री मोदी लॉकडाउन के दौरान मंगलवार को 54 दिन में पांचवीं बार देश के सामने आए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा था कि देश को आत्मनिर्भर बनना होगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया जाएगा। इसके तहत बुधवार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण घोषणाओं की शुरुआत करेंगी। आत्मनिर्भर बनने की राह में हमें लोकल प्रोडक्ट्स को अपनाना होगा। लॉकडाउन का चौथा फेज आएगा, पर यह नए रंग-रूप और नए नियमों वाला होगा। 18 मई से पहले इस बारे में बताया जाएगा।
चिदंबरम ने कहा- हम देखेंगे कि किसे क्या मिलता है?
चिदंबरम ने बुधवार को दो ट्वीट किए। उन्होंने बताया कि खाली पेज की वजह से मेरी प्रतिक्रिया भी खाली थी। हम देखेंगे किसे क्या मिलता है?

केंद्रीय पुलिस बलों के सभी कैंटीन में 10 लाख जवानों के लिए 1 जून से सिर्फ स्वदेशी प्रोडक्ट बिकेंगे

अमित शाह ने कहा कि अगर हर भारतीय स्वदेशी उत्पादों का संकल्प ले तो देश 5 साल में आत्मनिर्भर बन जाएगा
मोदी ने कल देश के नाम संबोधन में कहा था कि हमें लोकल के लिए वोकल होना पड़ेगा
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली(एजेंसी)। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के सभी कैंटीन में 10 लाख जवानों के लिए 1 जून से सिर्फ स्वदेशी प्रोडक्ट बिकेंगे। हर साल इन कैंटीन से 2800 करोड़ का सामान खरीदा जाता है। उन्होंने बताया कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद लिया गया। दरअसल, मोदी ने कल देश के नाम संबोधन में कहा था कि हमें लोकल के लिए वोकल होना पड़ेगा। यानी आज से हर भारतवासी को न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है। 
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं जनता से भी अपील करता हूं कि आप देश में बने उत्पादों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। हर भारतीय अगर भारत में बने उत्पादों (स्वदेशी) का इस्तेमाल करने का संकल्प ले तो पांच सालों में देश का लोकतंत्र आत्मनिर्भर बन सकता है। 
इसी दिशा में आज गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कैंटीनों पर अब सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी। 01 जून 2020 से देशभर की सभी कैंटीनों पर यह लागू होगा। इससे लगभग 10 लाख कर्मियों के 50 लाख परिजन स्वदेशी उपयोग करेंगे।
 202010 लाख जवानों के परिवार स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करेंगे
अमित शाह ने बताया, 'केंद्रीय पुलिस बलों में काम करने वाले 10 लाख जवानों के 50 लाख फैमिली मेंबर इन स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करेंगे।' केंद्रीय पुलिसबलों में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल्स शामिल हैं। इनकी कैंटींस में 2,800 करोड़ रुपए का सालाना सामान बिकता है।'

एमएसएमई को 3 लाख करोड़ का लोन; यह 4 साल के लिए और गारंटी फ्री होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए विशेष पैकेज का ऐलान किया था
मोदी ने अपनी स्पीच में चार एल यानी लैंड, लेबर, लॉ और लिक्विडिटी पर फोकस किया था
मुंबई (एजेंसी)।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोविड-19 के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के ब्रेकअप की जानकारी दे रही हैं।  सीतारमण ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के कई हिस्सों से विस्तार से चर्चा के बाद इस पैकेज का विजन रखा था और हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत है। यह पैकेज देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। वित्त मंत्री ने कहा कि स्पेशल पैकेज में से लघु एवं मध्यम उद्योगों यानी एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह गारंटी फ्री लोन 4 साल के लिए होगा और पहले साल मूलधन नहीं चुकाना होगा।
20 लाख करोड़ के पैकेज का ब्रेकअप
1) एमएसएमई को 3 लाख करोड़ का लोन
 लोन 4 साल के लिए और 100 फीसदी गारंटी फ्री है।
 उन उद्योगों को मिलेगा, जिनका बकाया लोन 25 करोड़ से कम हो और टर्नओवर 100 करोड़ से ज्यादा ना हो।
 10 महीने तक लोन चुकाने में छूट मिलती रहेगी।
 31 अक्टूबर 2020 तक ही इस लोन के लिए अप्लाई किया जा सकेगा।
 किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। 45 लाख एमएसएमई को मिलेगा फायदा। 
 20 हजार करोड़ रुपए स्ट्रेस्ड एमएसएमई को दिया।
 अच्छी एमएसएमई के लिए 50 हजार करोड़ का फंड ऑफ फंड बनेगा। सभी छोटे उद्योगों को शामिल किया जाएगा।
 माइक्रो इंडस्ट्री के लिए 25 लाख से बढ़ाकर निवेश एक करोड़ किया गया।
 स्माल इंडस्ट्री के लिए 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक का कारोबार, मध्यम के लिए 20 करोड़ निवेश और 100 करोड़ के कारोबार को मंजूरी।
 लोकल उद्योगों को ग्लोबल करने के लिए 200 करोड़ रुपए से कम के ग्लोबल टेंडर के नियम को खत्म कर दिया गया यानी अब 200 करोड़ रुपए से कम का कोई टेंडर नहीं होगा।
 आंशिक ऋण गारंटी योजाना में 45 लाख करोड़ रुपए का प्रावधन किया जाएगा। इसमें सरकार को 20 फीसदी का नुकसान होगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों और आम आदमी को लोन देने में सहूलियत होगी।

पैकेज का ऐलान आत्मनिर्भर भारत के लिए- वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण ने कहा- पैकेज का ऐलान आत्मनिर्भर भारत के विजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके पांच स्तंभ इकोनॉमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह कतई नहीं है कि हम पृथकतावादी सोच रखते हैं। हमारा फोकस लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना है। लघु उद्योगों के लिए हमने 6 बड़े कदम उठाए हैं। 
डिमांड और सप्लाई चेन में समन्वय पर फोकस- अनुराग ठाकुर
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- कोविड-19 के तहत प्रधानमंत्री ने पहला कदम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के तहत उठाया जो 1.70 लाख करोड़ रुपए का था। आरबीआई के जरिए लिक्विडिटी दी गई। भारत दुनिया भर के देशों में की तुलना में कोविड से बेहतर तरीके से लड़ रहा है। हम इस पर गहराई से विचार कर रहे हैं कि डिमांड और सप्लाई की चेन में समन्वय बना रहे।
टीडीएस रेट में 25 फीसदी की कमी, 55 हजार करोड़ का फायदा होगा
टीडीएस की दरों में 25त्न की कमी की जाएगी। यह सभी पेमेंट पर लागू होगा चाहे वह कमीशन हो, ब्रोकरेज हो या कोई अन्य पेमेंट। दरों में कमी 13 मई से लागू होगी और मार्च 2021 तक रहेगी। टीडीएस कटौती से 55 हजार करोड़ रुपए का लाभ होगा।
जिनके भी रिफंड लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा। छोटे उद्योग हों, पार्टनरशिप वाले उद्योग हों, एलएलपी हों, या कोई अन्य उद्योग, सभी को जल्द से जल्द भुगतान होगा।
रिफंड की गति को तेज किया जाएगा। टैक्स ऑडिट अब अक्टूबर से आगे बढेगा।

 अब 30 नवंबर तक आयकर रिटर्न भरा जा सकता है। 

कोरोना का कहर: महाराष्ट्र की जेलों से रिहा किये जाएंगे 50 प्रतिशत कैदी

जयपुर टाइम्स
मुंबई(एजेंसी)। महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त उच्चस्तरीय समिति ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए राज्य भर में जेलों में बंद 50 फीसदी कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का फैसला किया है। आर्थर रोड जेल में कोविड-19 पॉजिटिव मामलों की लगातार बढ़ती संख्या (185) , बाइकुला महिला जेल और सतारा जिला जेल में सामने आए नए कोरोना पॉजिटिव मामलों को देखते हुए उच्च शक्ति समिति ने राज्य के कुल 35,239 कैदियों में से 17,000 से अधिक विचाराधीन कैदियों/ कैदियों को रिहा करने जा रही है।


इन कैदियों को किया जाएगा रिहा
उच्च स्तरीय समिति ने यह निर्णय लिया है कि केवल 7 वर्ष से कम कारावास की सजा वाले अपराधियों / कैदियों को आपातकालीन पैरोल पर रिहा किया जाएगा, जबकि उन अभियुक्तों को जो मकोका, एमपीआईडी, पीएमएलए, हृष्ठक्कस्,्रक्क्र जैसे विशेष अधिनियम के तहत जेल में बंद हैं, उन्हें इससे बाहर रखा गया है। जेल अधिकारियों को इन कैदियों को रिहा करने के लिए कोई समय सीमा नहीं बताई गई है। समिति ने कहा कि इससे जेलों में कैदियों की संख्या में काफी कमी आएगी इससे 35,239 कैदियों में से लगभग 50 प्रतिशत कैदियों को रिहा करने की उम्मीद है।
 

देश में 71 हजार 474 केस

24 घंटे में संक्रमण के 3591 मामले सामने आए, 1579 ठीक हुए और 81 की मौत हुई
ममता बनर्जी ने कहा- प. बंगाल में रेड जोन 3 कैटेगरी में बांटे जाएंगे, लेकिन कंटेनमेंट जोन में कोई बदलाव नहीं
जयपुर टाइम्स ।
नई दिल्ली (एजेन्सी)केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि हमारे यहां कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर हर दिन बेहतर हो रही है।  यह 31.7प्रतिशत पर है। कोरोना से मृत्यु की दर हमारे यहां दुनिया में सबसे कम 3.2प्रतिशत है। कई राज्यों में तो यह इससे भी कम है। दुनिया में यह दर 7 से 7.5प्रतिशत है। 
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 71 हजार 474 हो गई है। इनमें से दिल्ली में 406, बिहार में 81, राजस्थान में 68, कर्नाटक में 63, आंध्रप्रदेश में 33, ओडिशा में 22, चंडीगढ़ में 6 और झारखंड में 2 मरीज मिले। ये आंकड़े राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 70 हजार 756 संक्रमित हैं। 46 हजार 8 का इलाज चल रहा है। 22 हजार 454 ठीक हो चुके हैं, जबकि 2293 मरीजों की मौत हुई है।
नर्स डे पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल नर्स डे पर ट्वीट किया- नर्सें हमारे ग्रह को सेहतमंद बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। फिलहाल वे कोविड-19 को हराने के लिए जबर्दस्त काम कर रही हैं। हम नर्स और उनके परिवारों के प्रति आभारी हैं। फ्लोरेंस नाइटिंगेल से प्रेरित, हमारे मेहनती नर्सिंग कर्मचारियों में बहुत करुणा भाव है। हम नर्सों के कल्याण के लिए काम करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं। 
पिछले 24 घंटे में बीएसएफ में संक्रमण के 9 मामले सामने आए। इनमें दिल्ली से 6 जवान, त्रिपुरा से 2 और एक जवान कोलकाता का शामिल है।
पश्चिम बंगाल ने रेड जोन को तीन कैटेगरी में बांटने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जल्द ही रेड जोन में और छूट मिलेगी। पुलिस इस पर काम करेगी। हालांकि, कंटेनमेंट जोन में कोई बदलाव नहीं होगा।
बंगाल के गर्वनर जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य सचिव विवेक कुमार को उनके पद से हटा दिया। अब यह जिम्मेदारी नारायण स्वरूप निगम को सौंपी गई है। प. बंगाल में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां संक्रमितों की मृत्यु दर 9त्न से ज्यादा है। केरल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने से जुड़ी एक याचिका पर केरल हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, राज्य सरकार ने लॉकडाउन के तीसरे चरण में केंद्र की गाइडनाइन के मुताबिक, कुछ जगहों पर यातायात के साधन शुरू किए हैं।
5 दिन जब संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आए

दिन

मामले
10 मई    4311
04 मई

3656
06 मई    3602
11 मई    3591
07 मई    3344
26 राज्य, 7 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला संक्रमण

कोरोनावायरस का संक्रमण देश के 26 राज्यों में फैला है। 7 केंद्र शासित प्रदेश भी इसकी चपेट में हैं। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और दादर एंड नगर हवेली शामिल हैं।

राज्य

कितने संक्रमित    कितने ठीक हुए    कितनी मौत
महाराष्ट्र    23401    4786    868
गुजरात

8542    2780    513
तमिलनाडु    8002    2051    53
दिल्ली    7639    2512    86
राजस्थान

4056    2362    115
मध्यप्रदेश    3785    1747    221
उत्तरप्रदेश    3573    1758    80
पश्चिम बंगाल    2063    499    190
आंध्रप्रदेश    2051    1056    46
पंजाब    1877    
168

31
तेलंगाना    1275    801    30
जम्मू-कश्मीर    879    427    10
कर्नाटक    904    426    31
बिहार    830    382    6
हरियाणा    741    340    11
केरल

525    
489

4
ओडिशा    437    85    3
चंडीगढ़    187    28    3
झारखंड

164    78    3
त्रिपुरा    152    2    0
उत्तराखंड    69    46    1
असम    65    40    1
छत्तीसगढ़    59    53    0
हिमाचल प्रदेश

65    35    3
लद्दाख    42    22    0
अंडमान-निकोबार

33    33    0
मेघालय    13    10    1
पुडुचेरी

12    9    0
गोवा    7    7    0
मणिपुर    2    2    0
अरुणाचल प्रदेश    1    1    0
दादर एंड नगर हवेली    1    0    0
मिजोरम    1    1    0
ये आंकड़े ष्श1द्बस्र19द्बठ्ठस्रद्बड्ड.शह्म्द्द और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में 70 हजार 756 संक्रमित हैं। 46 हजार 8 का इलाज चल रहा है। 22 हजार 454 ठीक हो चुके हैं, जबकि 2293 मरीजों की मौत हुई है।

5 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश का हाल

मध्यप्रदेश, संक्रमित- 3785: देश में कोरोना संक्रमण जून-जुलाई के बीच पीक पर होने का अनुमान है। माना जा रहा है तब मध्यप्रदेश में 80 हजार से ज्यादा मरीज हो सकते हैं। इंदौर में संक्रमितों की संख्या 13 हजार 400 के करीब होगी। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने जिले के आला अफसरों को अस्पतालों में बिस्तर, वेंटिलेटर और आईसीयू की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से 14 मई तक इसका पूरा प्लान मांगा है।

रीवा के चाक घाट से गुजरते हुए प्रवासी मजदूर। ये मुंबई से लौटै हैं और मध्यप्रदेश स्थित अपने गांव जा रहे हैं। सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई हैं, लेकिन हालात ये हो चले हैं कि जिसे जो साधन मिल रहा है उससे वह अपने घर के लिए निकल पड़ा है।
उत्तरप्रदेश, संक्रमित- 3573: यहां कोरोनावायरस का असर 74 जिलों में फैल गया है। सिर्फ चंदौली ही इससे बचा हुआ है। राज्य में बीते 24 घंटे में 109 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। अब तक कुल 3573 मरीजों की कोराना रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी हैं। इनमें 1184 जमाती हैं। 1758 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। 80 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में 1735 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।

महाराष्ट्र, संक्रमित- 23401: ऑर्थर रोड जेल में 100 कैदियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार की कमेटी ने फैसला किया है कि राज्य में 50त्न कैदियों को टेम्परेरी बेल या पैरोल पर रिहा किया जाएगा। कमेटी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि कितने समय के लिए इन कैदियों को रिहा किया जाएगा। राज्य की जेलों में 35 हजार 239 कैदी हैं।

उड़ानें शुरू करने से पहले हिदायत केंद्र ने एयरलाइंस से कहा- 80 साल से ज्यादा उम्र वाले यात्रा नहीं करेंगे, चेक-इन के वक्त केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेंगे

उड्डयन ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद उड़ानें शुरू होने के पहले चरण के लिए एसओपी जारी की
स्टाफर या यात्री को विमान में यात्रा के लिए आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल का दिखना जरूरी होगा
       जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब उड़ानें शुरू की जाएंगी तो यात्रियों और एयरलाइंस को कुछ विशेष सावधानियां बरतनी होंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले फेज में 80 साल से ऊपर के व्यक्ति को यात्रा की इजाजत ना दी जाए।
एसओपी में कहा गया कि शुरुआती चरण में केबिन में बैग ले जाने की इजाजत ना दी जाए। अगर किसी यात्री या स्टाफ में कोई लक्षण दिखाई दे रहा है और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल नहीं आ रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
एसओपी में ये सुझाव दिए गए हैं
80 साल से अधिक उम्र के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी।  केबिन बैगेज ले जाने पर पहले चरण में पाबंदी रहेगी।   यात्री अपने साथ केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेगा। अगर किसी भी यात्री में संक्रमण का कोई लक्षण दिखेगा तो उसे यात्रा की अनुमति नहीं होगी।   यात्रियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। एप में ग्रीन सिग्नल मिलने पर ही यात्रा करने दी जाएगी।  फ्लाइट में सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगा। हालांकि इसके लिए दो सीटों के बीच एक सीट खाली रखने की बात अभी ड्राफ्ट में स्पष्ट नहीं है।   लाइन लगते समय भी दूरी रखनी  होगी।  ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना होगा। केवल वेब चेक-इन होगा। बहुत जरूरत पडऩे पर ही प्रिंटेड बोर्डिंग पास और चेक-इन बैगेज दिए जाएंगे। यात्रियों को मास्क, ग्लोव्स, जूते, पीपीई किट आदि पहनना होगा। यात्रा के समय से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होगा।  फ्लाइट में आगे की तीन सीट मेडिकल इमरजेंसी वाले यात्रियों के लिए आरक्षित की जाए।  केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले दिनों देश में जल्द ही फ्लाइट सेवाएं शुरू करने की बात कही थी। 

उन्होंने कहा था कि सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही फ्लाइट सेवा शुरू की जा सकती है। इसके लिए गाइडलाइन तैयार की जा रही है। विशेषज्ञों की राय ली जा रही है ताकि फ्लाइट सेवा शुरू होने के बाद संक्रमण ज्यादा न फैल सके।  

अभी वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को बाहर निकाला जा रहा

मौजूदा समय कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए मिशन वंदे भारत चलाया जा रहा है। 13 मई को इसका पहला फेज पूरा हो जाएगा। दूसरा फेज 16 मई से शुरू होगा। यह फेज सात दिन यानी 22 मई तक चलेगा। इस दौरान 31 देशों से 149 फ्लाइट्स आएंगी। सबसे ज्यादा 13 फ्लाइट अमेरिका से आएंगी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। वंदे भारत मिशन का पहला फेज 7 मई को शुरू हुआ था।

दूसरे फेज में किन-किन देशों से भारतीय लाए जाएंगे?
अमेरिका, यूएई, कनाडा, सऊदी अरब, ब्रिटेन, मलेशिया, ओमान, कजाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, कतर, इंडोनेशिया, रूस, फिलीपींस, फ्रांस, सिंगापुर, आयरलैंड, किर्गिस्तान, कुवैत, जापान, जॉर्जिया, जर्मनी, तजाकिस्तान, बहरीन, अर्मेनिया, थाईलैंड, इटली, नेपाल, बेलारूस, नाइजीरिया, बांग्लादेश।

अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 20 लाख करोड़ का स्पेशल पैकेज देंगे पीएम मोदी

मोदी ने कहा- करोना संकट से बचने के लिए आत्मनिर्भर भारत ही एकमात्र रास्ता, हमें बचना भी है और बढऩा भी है
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने कभी ऐसा संकट नहीं देखा है। मोदी ने कहा कि कोरोना का संकट अभूतपूर्व है। हमें इस संकट से बचना भी है और आगे बढऩा भी है। इस दौरान नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के विशेष आर्थिक पैकेज का ऐलान किया और कहा कि यह आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देगा। देश में लॉकडाउन के 54 दिन में यह उनका पांचवां संदेश है। इस संदेश से पहले सोमवार को मोदी ने मुख्यमंत्रियों से करीब 6 घंटे बातचीत की थी।
मोदी का राष्ट्र के नाम 5वां संदेश
भारत में लोगों ने अपने स्वजन खोए: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ''सभी देशवासियों को आदरपूर्वक नमस्कार। कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से सक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है। भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं। मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस किय
 ''साथियो! एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं। सारी दुनिया जिंदगी बचाने में एक प्रकार से जंग में जुटी है। हमने ऐसा संकट न देखा है, न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए यह सब कुछ अकल्पनीय है। यह क्राइसिस अभूतपूर्व है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है। सतर्क रहते हुए ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढऩा भी है।1. आत्मनिर्भर भारत: 
मोदी ने कहा- ''मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं। हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा। सबकुछ ध्वस्त हो गया था। ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था। उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालत बदल पाएगी। लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ। कच्छ बढ़ चला। यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।ÓÓ
2. आत्मनिर्भर भारत के 5 स्तंभ: 
''भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है। पहला पिलर- इकोनॉमी। एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं, बल्कि क्वांटम जम्प लाए। दूसरा पिलर- इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने। तीसरा पिलर- सिस्टम। ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो। चौथा पिलर- डेमोग्राफी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है। पांचवां पिलर- डिमांड। इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।
3. विशेष आर्थिक पैकेज: 
''देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है। हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे, जिसमें मेरे देश की मिट्टी की महक हो। हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो। कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।
 

सुप्रीम कोर्ट में अर्णब की याचिका पर सुनवाई, वकील की दलील- मुवक्किल के खिलाफ दायर एफआईआर पर ठीक से जांच नहीं की गई

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली(एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई हुई। अर्णब ने याचिका में मुंबई में 2 मई को दायर नई एफआईआर को खारिज करने की मांग की है। अर्णब की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दायर एफआईआर पर ठीक से जांच नहीं की गई।
अर्णब पर पालघर मॉब लिंचिंग मामले में सोनिया गांधी के खिलाफ टिप्पणी कर उनकी मानहानि करने का आरोप है। अर्णब के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में शिकायतें दर्ज हुई थीं।
अर्णब ने सोनिया के खिलाफ क्या कहा था?
महाराष्ट्र के पालघर जिले में दो संतों और उनके ड्राइवर की हत्या के मामले में अर्णब ने 16 अप्रैल को टीवी शो में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन से कहा था कि अगर किसी पादरी की हत्या होती तो आपकी पार्टी और आपकी पार्टी की 'रोम से आई हुई इटली वालीÓ सोनिया गांधी बिलकुल चुप नहीं रहतीं। अर्णब ने कहा, ''सोनिया गांधी तो खुश हैं। वे इटली में रिपोर्ट भेजेंगी कि देखो, जहां पर मैंने सरकार बनाई है, वहां पर हिंदू संतों को मरवा रही हूं। वहां से उन्हें वाहवाही मिलेगी। लोग कहेंगे कि वाह, सोनिया गांधी ने अच्छा किया। इन लोगों को शर्म आनी चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि हिन्दू चुप रहेंगे? आज प्रमोद कृष्णन को बता दिया जाना चाहिए कि क्या हिंदू चुप रहेंगे? पूरा भारत भी यही पूछ रहा है। बोलने का समय आ गया है।ÓÓ
पुलिस पूछताछ के बाद अर्णब ने कहा कि मैंने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा, पुलिस इससे संतुष्ट थी। तथ्य और सबूत पेश कर दिए हैं, हकीकत सामने आ जाएगी। हम पर कोई दबाव नहीं है।
अर्णब की गिरफ्तारी पर 3 हफ्ते की रोक
शीर्ष अदालत 24 अप्रैल को अर्णब की गिरफ्तारी पर 3 हफ्ते की रोक लगाई थी। उनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी मामले दर्ज हुए हैं।