Updated -

mobile_app
liveTv

जम्मू एवं कश्मीर में भारी बर्फबारी-बारिश के आसार

श्रीनगर। कश्मीर घाटी में सोमवार से ताजी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक जम्मू एवं कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की सर्दी से थोडी राहत मिली है, लेकिन पहाड़ों इलाकों में बफबारी होने से एक बार फिर मैदानी इलाकों में सर्दी वापस लौट सकती है। 

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अगले 24 घंटों तक (मंगलवार तक) बड़े पैमाने पर भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। बुधवार से इसकी तीव्रता घटती जाएगी।’’

श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस नीचे, पहलगाम में शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे और गुलमर्ग में शून्य से चार डिग्री नीचे तापमान दर्ज किया गया।
लेह में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री नीचे और कारगिल में शून्य से 14 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।

जम्मू शहर का तापमान 11.9 डिग्री, कटरा का 10 डिग्री, बटोटे का का 2.1 डिग्री, बनिहाल में 1.1 डिग्री सेल्सियस और भदरवाह में 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
 

मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनावों का ऐलान!

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान मार्च के पहले हफ्ते में हो सकता है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह संकेत दिया। मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि आम चुनाव कितने चरण और किन महीनों में होंगे, अभी इस पर चुनाव आयोग में फैसले की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों ने बताया कि चुनाव कितने चरण में होंगे, यह सुरक्षा बलों की उपलब्धता और अन्य जरूरतों पर निर्भर करेगा। उन्होंने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े चुनाव कार्यक्रम का ऐलान मार्च के पहले ह ते में हो सकता है। ऐसी संभावना है कि चुनाव आयोग पिछली बार की तरह ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव को भी लोकसभा चुनाव के साथ ही कराए। जम्मू और कश्मीर की विधानसभा भंग हो चुकी है, लिहाजा चुनाव आयोग को 6 महीने के भीतर वहां भी चुनाव कराने हैं। ज मू-कश्मीर विधानसभा नवंबर 2018 में भंग हुई थी और वहां मई 2019 तक चुनाव कराने हैं। ऐसे में, चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव के साथ ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा का चुनाव भी करा सकता है। 
कश्मीर में मई से पहले चुनाव संभव
सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में मई से पहले ही चुनाव कराए जा सकते हैं और यह वहां की जटिल सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करता है। सामान्य परिस्थितियों में जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है जो 16 मार्च 2021 को खत्म होता। हालांकि, अन्य विधानसभाओं और लोकसभा का कार्यकाल 5 साल का होता है। सिक्किम विधानसभा का कार्यकाल 27 मई 2019 को खत्म हो रहा है। इसी तरह आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश की विधानसभाओं के कार्यकाल क्रमश: 18 जून, 11 जून और 1 जून को खत्म हो रहे हैं। 
पिछली बार 4 चरणों में हुए थे चुनाव
2004 में चुनाव आयोग ने 29 फरवरी को लोकसभा का चुनाव 4 चरणों में कराने का ऐलान किया। तब पहले चरण का मतदान 20 अप्रैल को और आखिरी चरण का मतदान 10 मई को हुआ था। 2009 में चुनाव आयोग ने 2 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। तब 5 चरणों में आम चुनाव हुए थे जो 16 अप्रैल को शुरू होकर 13 मई को समाप्त हुए थे। इसी तरह, 2014 में चुनाव आयोग ने 5 मार्च को लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया था। पिछली बार के आम चुनाव 9 चरणों में अप्रैल और मई में हुए थे। पहले चरण की वोटिंग 7 अप्रैल को और आखिरी चरण की वोटिंग 12 मई को हुई थी। 

सरकार लाएगी 33 फीसदी महिला आरक्षण का प्रस्ताव

जयपुर । लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस सरकार राजस्थान में आधी आबादी को मैसेज देने के लिए 33 फीसदी महिला आरक्षण का दांव खेलने जा रही है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए महिला आरक्षण का प्रस्ताव विधानसभा में लाकर इसे पारित करवाया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव लाने का फैसला किया गया, कैबिनेट में इस संकल्प पर विस्तार से चर्चा हुई। अब विधानसभा के मौजूदा सत्र में ही महिला आरक्षण के प्रस्ताव को पारित करवाने की तैयारी है। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने के लिए लोकसभा में बिल पारित हो चुका है, महिला आरक्षण का बिल राज्यसभा में अटका हुआ है। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी इसे लेकर अभियान चलाती रही हैं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले महीने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिटी  लिखकर 33 फीसदी महिला आरक्षण का प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर केंद्र को भिजवाने को कहा था।  पंजाब की कांग्रेस सरकार प्रस्ताव पारित भेज चुकी है।कांग्रेस हाईकमान के आदेशों को अब राजस्थान की कांग्रेस सरकार भी अमली जामा पहनाने जा रही है। लोकसभा चुनावों से पहले 33 फीसदी महिला आरक्षण का प्रस्ताव पारित करने की सियसासी वजह भी है, कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि इस कदम से महिलाओं के वोट पार्टी की तरफ करने में मदद मिलेगी।
राहुल-सोनिया की भी मंशा
इस मसले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी चाहते हैं कि कांग्रेस शासित प्रदेशों में विधानसभा में महिला आरक्षण का प्रस्ताव पारित हो,  इस बारे में नीतिगत फैसला लिया गया है, विधानसभा में जल्द महिला आरक्षण का प्रस्ताव पारित करवाया जाएगा। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने महिला आरक्षण पर उठाई थी, संघर्ष के बाद आखिरकार लोकसभा में बिल पास हो गया था।

करें कश्मीर का रुख, खुशनुमा हुआ मौसम

नई दिल्ली: देश की राजनीति का मौसम जहां, गर्म हो चला है, वहीं, कश्मीर घाटी में हो रही भारी बर्फबारी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है, इसलिए अगर आप कश्मीर में स्नोफॉल के मजे लेना चाहते हैं, तो ये सबसे अच्छा समय है, क्योंकि मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में अगले तीन दिनों तक और ज्यादा बर्फबारी होने की बात कही है. 
मौसम विभाग ने वहीं 21 और 22 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में और उत्तराखंड में 22 जनवरी को बारिश बर्फबारी के आसार हैं. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (डब्ल्यूडी) वर्तमान में राज्य में सक्रिय है, जिसके प्रभाव के चलते 23 जनवरी तक घाटी में सामान्य से लेकर भारी बर्फबारी होने की संभावना है, इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कम होने लगेगी.

भारी बर्फबारी के कारण किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में मदद के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन की स्थापना की है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि रात में बादल छाए रहने से शनिवार को पूरी घाटी में न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई, अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है.

श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे, पहलगाम में शून्य से 4.4 डिग्री नीचे और गुलमर्ग में शून्य से सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लेह में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 9.2 डिग्री नीचे और कारगिल में शून्य से 18.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया.

जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री, कटरा में 9.1 डिग्री, बटोटे में 3.9 डिग्री, बनिहाल में 2.3 डिग्री और भदरवाह में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

उत्तर प्रदेश सरकार ने दी इस बात की मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के सन्दर्भ में निर्देश जारी कर दिया गया है। 

राष्ट्रपति द्वारा सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर 10 फीसद आरक्षण देने का अनुपालन सबसे पहले गुजरात ने दिया। गुजरात सरकार ने इस कानून को अधिसूचित कर दिया है। गुजरात के बाद झारखंड इसे लागू करने वाला दूसरा प्रदेश बन गया है। इसके बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे लागू कर दिया है। 
 

शनिवार को ममता बनर्जी की रैली,आएंगे ये नेता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शनिवार को ममता बनर्जी की रैली होने जा रही है। कोलकाता हवाई अड्डे से लेकर ब्रिगेड ग्राउंड तक इसको लेकर तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। यहां आने वाले सभी नेताओं के बैनर, कट आउट, फेसटून बड़ी संख्या में देखने को मिल रहे हैं। 
ये सभी  वीवीआईपी 19 जनवरी यानी कल होने वाली ब्रिगेड सभा में शरीक होने आ रहे हैं। राजनीतिक माहौल की मानें तो ममता बनर्जी ठीक इसी तर्ज पर 19 जनवरी की ब्रिगेड सभा में इन नेताओं का स्वागत होगा 
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की तरफ से विपक्ष की 19 जनवरी को कोलकाता में आयोजित हो रही विशाल रैली लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए ‘ताबूत की कील’ साबित होगी और चुनावों में क्षेत्रीय दल निर्णायक की भूमिका में होंगे। 

बनर्जी ने दावा किया कि आम चुनावों में बीजेपी को 125 से अधिक सीटें नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों को बीजेपी से कहीं अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा कि चुनावों के बाद क्षेत्रीय दल निर्णायक की भूमिका में होंगे।

वहीं कोलकाता में शनिवार को होने जा रही इस रैली में तृणमूल कांग्रेस के अलावा कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल सेकुल, एनसीपी, डीएमके, नेशनल कांफ्रेंस, आम आदमी पार्टी आदि दलों के नेताओं के नजर आने की संभावना है।

इस रैली में जो नेता मौजूद रहेंगे, उनमें आरजेडी के तेजस्वी यादव, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और जेडीएस के नेता पूर्व प्रधानमंत्री एचडी. देवेगौड़ा शामिल हैं।

शनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला, द्रमुक केएम. के स्टालिन और कई अन्य महत्वपूर्ण नेता भी रैली में उपस्थित रहेंगे।
कांग्रेस का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडग़े करेंगे
ली में मंच पर साथ नजर आने वाले ये दल आगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र की बीजेपी के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार को हटाने का स्पष्ट आह्वान करेंगे।

डांस बार को SC की मंजूरी, लेकिन नहीं होगा ये सब

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने देश की आर्थिक राजधानी व मायानगरी मुंबई में डांस बार को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के वर्ष 2016 के कानून को वैध माना। हालांकि कुछ नियमों में बदलाव किए हैं।

बार में नोट और सिक्के नहीं उड़ाए जा सकेंगे, लेकिन बार गल्र्स को टिप दी जा सकती है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के कानून में अश्लीलता पर सजा के 3 वर्ष के प्रावधान को इजाजत दी है। अब बार शाम 6 से रात 11.30 बजे तक खुल सकेंगे। शराब परोसने और ऑर्केस्ट्रा को भी इजाजत मिल गई है। कोर्ट ने कहा कि बार में किसी तरह की अश्लीलता नहीं होनी चाहिए। 

हालांकि सीसीटीवी लगाना जरूरी नहीं होगा। इससे लोगों की निजता का उल्लंघन होता है। डांस बार में एरिया और ग्राहकों के बीच दीवार नहीं होगी। मुंबई जैसे क्षेत्र में धार्मिक जगहों से एक किलोमीटर की दूरी पर डांस बार होने का नियम तर्कसंगत नहीं है। 
कोर्ट ने कहा कि डांसर और मालिक के बीच वेतन फिक्स करना सही नहीं। ये अधिकार सरकार का नहीं बल्कि मालिक और डांसर के बीच आपसी कॉन्ट्रैक्ट का मामला है। कोर्ट ने कहा कि साल 2005 से सरकार की ओर से एक भी डांस बार को लाइसेंस नहीं दिया गया। वर्तमान नियमों के आधार पर डांस बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। इससे पहले पिछले साल 30 अगस्त को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

परीक्षा पर छात्रों से बात करेंगे पीएम मोदी 

अलीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के होनहारों से 29 जनवरी को रूबरू होंगे। पीएम छात्रों से परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी शामिल होंगे। 
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को भारत सरकार की वेबसाइट पर ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इसके बाद उनका चयन किया जाएगा। 
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार देश के होनहारों को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस परीक्षा में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई समेत विभिन्न बोर्ड से पढ़ाई करने वाले कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं शामिल हो सकते हैं। उन्हें वेबसाइट 222.द्व4द्दश1.द्बठ्ठ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 16 व 17 जनवरी को विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर उनका चयन दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के लिए किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि निदेशालय का आदेश जाने के बाद सभी विद्यालयों में प्रतियोगिता की सूचना भेजी जा चुकी है। 
जिले के अधिक से अधिक मेधावी इसमें शामिल हों और जिले का नाम रोशन करें, यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।
गुरुजन और अभिभावक भी होंगे शामिल : वेबसाइट पर होने वाली परीक्षा को कैची कैप्शन कांटेस्ट का नाम दिया गया है। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्हें आई एम इंस्पायर्ड कांटेस्ट भी उत्तीर्ण करना होगा। जिसके बाद उनका चयन किया जाएगा। इसके साथ गुरुजनों के लिए अलग से परीक्षा होगी। 
शिक्षकों को टीचर्स थॉट विषय पर पूछे जाने वाले विभिन्न प्रश्नों का जवाब देना होगा। जो माता पिता इस आयोजन में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें लर्निंग फ्रॉम माई एग्जाम वॉरियर विषय पर आधारित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
मुख्य बातें : सरकार की वेबसाइट पर विद्यार्थियों को देनी होगी ऑनलाइन परीक्षा। छात्रों के साथ शिक्षक व अभिभावक भी होंगे प्रतियोगिता में शामिल। दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में 29 को पीएम होंगे रूबरू। 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी 16 व 17 जनवरी दें ऑनलाइन परीक्षा।
प्रवीण अग्रवाल (अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी) ने कहा - हमारे पास शिक्षा विभाग से सूचना आ चुकी है। बुधवार को स्कूल खुलते ही मेधावियों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निजी स्कूलों के ज्यादा से ज्यादा मेधावी इसमें शामिल हों और जिले का नाम रोशन करें। इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। 

शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी को लेकर कही ये बात

नई दिल्ली । पटना साहिब से भारतीय जनता पार्टी के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर अपनी पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अपनाते हुए कहा कि बीजेपी में पहले लोकशाही थी और अब तानाशाही है। अगला लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र से लडऩे का संकेत देते हुए उन्होंने कहा, सिचुएशन चाहे जो भी हो, लोकेशन यही होगा। पटना में एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी को अपनी पार्टी बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के खिलाफ नहीं बोला, अब भी पार्टी के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं, बल्कि पार्टी को आइना दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, सच बोलता रहा हूं और बोलता रहूंगा। बिहारी बाबू के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि राहुल में बहुत कम समय में जो परिपक्वता आई है, उसे अन्य पार्टी के अध्यक्षों को भी सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं शुरू से ही गांधी परिवार का फैन रहा हूं। मैं जवाहरलाल नेहरू से लेकर सोनिया गांधी तक का प्रशंसक रहा हूं और अब राहुल का भी प्रशंसक हूं। बीजेपी में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी में उचित सम्मान न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी में आज वन मैन शो, टू मैन आर्मी चल रही है। उन्होंने बीजेपी पर व्यक्तिवाद चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी अब पहले वाली नहीं रही। टीवी चैनल के कार्यक्रम में शॉटगन का केंद्रीय मंत्री न बनाए जाने का दर्द भी छलका। उन्होंने एक सवाल के जवाब में नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा, मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, मगर क्या किसी टेलीविजन नायिका को सीधे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेवारी देना कहां तक उचित है?

शीला दीक्षित ने संभाली दिल्ली कांग्रेस की कमान, जगदीश टाइटलर भी रहे मौजूद

नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने बुधवार को औपचारिक रूप से दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर जाकर नई अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान पार्टी के जहां तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके पूर्व सहयोगी भी साथ दिखे। वहीं, जगदीश टाइटलर भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शीला के साथ ही नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्षों- देवेंद्र यादव, राजेश लिलोठिया और हारून यूसुफ ने भी कार्यभार संभाला। वैसे, इस मौके पर जगदीश टाइटलर की मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। टाइटलर 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में आरोपी हैं। इस मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने शीला दीक्षित आई है, बदलाव की आंधी आई है के नारे लगाए। शीला के कार्यभार संभालने के मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह, जनार्दन द्विवेदी, अजय माकन, पीसी चाको और संदीप दीक्षित मौजूद थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने से पहले शीला दीक्षित ने कहा कि राजनीति चुनौतियों से भरी है, हम उसके ही आगे की रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों एक चुनौती हैं और हम मिलकर इन चुनौतियों का सामना करेंगे। आप के साथ गठबंधन पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। गौरतलब है कि अजय माकन के इस्तीफा देने के बाद दिल्ली कांग्रेस में नई जान फूंकने के लिए पार्टी आलाकमान द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के साथ पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए हैं। प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने कहा कि पूर्व विधायक हारुन यूसुफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव को प्रदेश में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति को लोकसभा चुनाव से जोडकर देखा जा रहा है। 

नई टीम के जरिए जहां पार्टी ने सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश की है।
शीला के बारे में खास बातें
लगातार 15 साल (1998 से 2013) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित पार्टी के अंदर अपनी दबंग इमेज और फैसलों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहीं। हालांकि, कुछ लोग उनके फैसलों से इत्तेफाक नहीं रखते थे। लेकिन तत्कालीन केंद्र सरकार से उन्हें पूरा सहयोग मिला।
शीला दीक्षित देश की पहली ऐसी महिला रही हैं जिन्होंने लगातार तीन बार मुख्यमंत्री पद संभाला। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। वे दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री थीं। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी कांगेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पद लिए शीला को उम्मीदवार घोषित था।
शीला को राजनीति में प्रशासन व संसदीय कार्यों का अच्छा अनुभव है। वो 1986 से 1989 तक केन्द्र सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। पहले वो, संसदीय कार्यों की राज्य मंत्री रहीं और बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री रहीं। 1984 से 1989 तक वह उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुकी हैं। 
शीला दीक्षित ने 1998 में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष पद पर रहते हुए कांग्रेस को दिल्ली में अभूतपूर्व विजय दिलाई थी। वहीं 2008 में हुए विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीती थीं। 
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद शीला दीक्षित को केरल की राज्यपाल बनाया गया था। केरल के राज्यपाल निखिल कुमार के त्?यागपत्र देने के बद उनकी नियुक्ति इस पद पर की गई थी।
 

पंजाब में आप पार्टी को लगा झटका,इस विधायक का इस्तीफा

चंडीगढ़। पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के एक और विधायक बलदेव सिंह ने बुधवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 'निरंकुश कार्यप्रणाली', 'दोयम दर्जा' होने और पार्टी की 'मूल विचारधारा और सिद्धांतों' का पालन नहीं किए जाने का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। 

जैतो विधानसभा सीट से आप के विधायक बलदेव सिंह ने बुधवार को अपना इस्तीफा आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेज दिया। उन्होंने अपने त्याग पत्र में लिखा कि आप की प्राथमिक सदस्यता से अपने इस्तीफे को आगे बढ़ाने पर मैं दुखी हूं क्योंकि पार्टी ने अपनी बुनियादी विचारधारा और सिद्धांतों का पूरी तरह से त्याग कर दिया है।
इससे पहले, आप के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के तानाशाही रवैये का हवाला देते हुए विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने छह जनवरी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वकील व एक्टिविस्ट एच.एस. फुल्का ने भी हाल ही में आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पहले पंजाब विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। वह दखा विधानसभा सीट से आप के विधायक थे। 

भाजपा मंत्री और नेता अब देशभर में करेंगे पत्रकार वार्ता

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को ऐलान किया कि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा अन्य प्रतिष्ठित नेता अगले चार दिन समूचे देश में अलग-अलग स्थानों पर करीब 50 पत्रकार वार्ता करेंगे.

बीजेपी ने एक बयान जारी कर कहा,‘ इन संवाददाता सम्मेलनों के जरिए दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दिए गए संदेशों को लोगों और कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया जाएगा.’ बयान में कहा गया है कि बीजेपी नीत सरकार की ओर से हाल में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किये गए विधेयकों के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जाएगा. 

बीजेपी ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, थारवरचंद गहलोत, डॉ जितेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर, स्मृति ईरानी, जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, पूनम महाजन, समेत अन्य मंत्री एवं नेता विभिन्न स्थानों पर संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित करेंगे.