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सबरीमलाः मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला पर सास ने किया हमला, अस्पताल में भर्ती

दो जनवरी को 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने सबरीमला मंदिर में प्रवेश किया था. इसमें से एक महिला कनकदुर्गा पर तथाकथित हमला किया गया है.
वे इस वक़्त केरल के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं. ये हमला उनकी सास ने उनपर तब किया जब वो आज सुबह सबरीमला मंदिर के दर्शन के बाद अपने घर वापस लौटीं.
कनकदुर्गा के साथ मंदिर में प्रवेश करने वाली बिंदु अम्मिनी ने बताया, ''उनकी सास ने उनके सिर पर वार किए. ये हमला तब किया गया जब वह अपने आज सुबह अपने घर पहुंची. ''
पेरिनथलमन्ना की 40 साल की बिंदु और कन्नूर की 39 साल की कनकदुर्गा ने दो जनवरी को मंदिर में प्रवेश करने में सफ़ल हुई थीं. दोनों महिलाओं को प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा प्रदान करते हुए पुलिसकर्मियों ने मंदिर में दाखिल किया था.
28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को स्वामी अयप्पा के मंदिर परिसर में जाने की अनुमति दे दी थी. ऐसी प्रथा है कि स्वामी अयप्पा ब्रह्मचारी हैं और माहवारी की आयु की महिलाएं अंदर नहीं जा सकती हैं. लेकिन इन दो महिलाओं ने सालों पुरानी परंपरा तोड़ी.
कनकदुर्गा नायर समुदाय से हैं. वो आज सुबह साढ़े सात बजे ही अपने घर लौटी थीं. अब तक वो और उनकी साथी बिंदु, सुरक्षा कारणों से अपने रहने की जगह कई बार बदल चुकी थीं. जब उन्होंने सबरीमला में प्रवेश करने की पहली कोशिश की थी तभी से दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठन, उनके घर के बाहर प्रदर्शन करते रहे हैं.
कनकदुर्गा और बिंदु को मिलाने वाले सोशल मीडिया ग्रुप के एक सदस्य ने अपना नाम उजागर ने करने की शर्त पर बीबीसी हिंदी से बात की. उन्होंने कहा, "उसे घर में घुसते ही डंडे से मारा गया. उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन बाद में मलापुरम के सरकारी अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया."
बिंदु कहती हैं, "ये घरेलू मामला है. ये सच है कि उनके पति, कनकदुर्गा के सबरीमला जाने के पक्ष में नहीं थे. लेकिन अब इस घटना के बाद वो पूरी तरह से कनकदुर्गा के साथा हैं. "
इन महिलाओं के सात सबरीमला मंदिर जाने वाले डा. प्रसाद अमोरे कहते हैं, '' उनका परिवार नहीं चागता था कि वो गर वापस आएं. क्योंकि उन्होंने घर की साख को खराब किया है. उनका परिवार सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के ख़िलाफ़ था. ''
उधर बिंदु ने अब दोबारा लॉ कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर दिया है. बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने कहा,"मैं अपने छात्रों और साथी अध्यापकों के बीच बड़े आराम से हूँ. वे सब लोग मुझे पूरा सहयोग दे रहे हैं"


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मायावती ने मुसलमानों को लेकर कही ये बात

नई दिल्ली/लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती आज 15 जनवरी को अपना 63वां जन्मदिन मना रही हैं. इस मौके पर उन्होंने मीडिया को भी संबोधित किया और उनके जन्मदिन पर मिलने वाली शुभकामनाओं पर उन्होंने आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि इस बार मेरा जन्मदिन एक ऐसे मौके पर हो रहा है जब लोकसभा का चुनाव होने जा रहा हैं और हमारी पार्टी ने सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इससे बीजेपी और अन्य पार्टियों की नींद उड़ गई है. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश तय करता है कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा और किसकी सरकार बनेगी. 

इस मौके पर उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी के साथ कांग्रेस एंड कंपनी को भी सबक सिखाने की जरुरत है. मायावती ने कहा बीजेपी को पांच राज्यों के चुनावों के नतीजों ने सबक सिखाया है. कांग्रेस ने भी किसानों का कर्ज माफ करने का घोषणा की है, लेकिन इससे किसानों को कुछ खास फायदा नहीं हुआ है. तीन राज्यों में बनी कांग्रेस की नई सरकार पर अभी से अंगुली उठने लगी है.

इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती नोएडा के एक पार्क में होने वाली नमाज पर लगी रोक का जिक्र किया और कहा कि बीजेपी और आरएसएस धर्म की राजनीति कर रहे हैं. नमाज पर भी रोक लगाने की कोशिश हुई और जुमे की नमाज को रोकने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया. 
जन्मदिन पर अपने तोहफा का जिक्र करते हुए मायावती ने बसपा और सपा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि सभी पुराने गिले शिकवे भुलाकर निजी हितों को भूलकर विरोधियों के साम, दाम से बचकर एकजुट हो. यही मेरे जन्मदिन का तोहफा होगा. मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का गठबंधन होने के बाद से बीजेपी की नींद गायब है. पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह एंड कंपनी परेशान है. हमको अब इनकी परेशानी को और बढ़ाना है. सपा-बसपा दोनों को मिलकर बीजेपी को साफ कर देंगे. 

मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि  वे लगातार रैली कर के जनता से झूठे वादे कर रहे हैं। जनता इनको झूठे वादों का जवाब दे देगी। हमने हमेशा गरीबों और दलितों के लिए काम किया है। सरकार को 100 प्रतिशत कृषि ऋण माफी देनी चाहिए अन्यथा किसान आत्महत्याएं जारी रहेंगी। एक मजबूत कृषि ऋण माफी नीति बनाई जानी चाहिए। मुसलमानों को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण मिले। नौकरी में मुसलमानों का अनुपात दो-तीन प्रतिशत ही हैं। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अखिलेश यादव के खिलाफ सीबीआई का गलत उपयोग कर रही है। इसलिए आप बसपा और सपा के गठबंधन में मिलकर कार्य करें।
चुनाव नतीजों से कांग्रेस को भी सबक मिला है। मायावती ने कहा कि हमारे गठबंधन से विरोधियों की नींद उड़ गई है। भाजपा को हराने के लिए निजी स्वार्थ को भुला दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में जीत हमारे जन्मदिन का तोहफा होगा।
मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि  वे लगातार रैली कर के जनता से झूठे वादे कर रहे हैं। जनता इनको झूठे वादों का जवाब दे देगी। हमने हमेशा गरीबों और दलितों के लिए काम किया है। सरकार को 100 प्रतिशत कृषि ऋण माफी देनी चाहिए अन्यथा किसान आत्महत्याएं जारी रहेंगी। एक मजबूत कृषि ऋण माफी नीति बनाई जानी चाहिए।


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केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी किया कुंभ में स्नान

लखनऊ/प्रयागराज। कुंभ में मंगलवार को मकर संक्रांति पर पहला शाही स्नान शुरू हुआ। शाही स्नान के लिए सबसे पहले संगम तट पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिवार्णी का जुलूस पहुंचा। अखाड़े के देव भगवान कपिल देव तथा नागा संन्यासियों ने अखाड़े की अगुवाई की। पंचायती अखाड़ा महानिवार्णी ने सबसे पहले डुबकी लगाई। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले अखाड़े के भालादेव ने स्नान किया। उसके बाद नागा साधुओं ने फिर आचार्य महामंडलेश्वर और साधु-संतों ने स्नान किया। श्री पंचायती अखाड़ा महानिवार्णी के बाद अटल अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। दोनों अखाड़ों का स्नान पूरा हो चुका है। दोनों अखाड़ों के संत अपने शिविर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। 
-बंदर के बच्चे को साथ लेकर जा रहे शाही स्नान करने जाते हुए स्वामी रामकमल दास वेदांती। c।

श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तोपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़े के संतों का स्नान पूरा हो चुका है। दोनों अखाड़ों के संत अपने शिविर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। वहीं अब शाही स्नान के लिए सबसे बड़ा अखाड़ा श्री पंच दशनाम जूना के साथ अग्नि अखाड़ा और अवाहान अखाड़े के संत संगम तट पर पहुंच रहे हैं। इसके बाद तीनों वैष्णव अणी अखाड़े दिगम्बर, निमोर्ही और निवार्णी अखाड़ा स्नान करेगा। 

इसके बाद दोनों बैरागी अखाड़े नया उदासीन और बड़ा उदासीन अखाड़े स्नान करेंगे। सबसे अंत में निर्मल अखाड़े के संत स्नान करेंगे। आज करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है। 
कुंभ में 6 शाही स्नान हैं जो 55 दिनों तक चलेगा। इस दौरान करीब 15 करोड़ लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाते हुए पुण्य कमाएंगे। 

मकर संक्रांति के मौके पर कुंभ मेले का आगाज होने के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी का मिलन स्थल माने जाने वाले पवित्र संगम में डुबकी लगाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताओं का गवाह बनने के लिए भक्तों से आग्रह किया कि वे इस वर्ष भारी संख्या में इसका हिस्सा बनें। 

संगम में 5 किलोमीटर के स्नान घाट पर आने-जाने के लिए विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पोंटून पुलों का निर्माण किया गया है।

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन पुलों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।


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मोदी सरकार दे सकती है मध्य वर्ग को राहत ,यहां जानिए ...

नई दिल्ली । मध्य वर्ग को राहत देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर सकते हैं, जो वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 5 लाख रुपये हो सकता है, जबकि मेडिकल खर्चो और परिवहन भत्ते को भी फिर से बहाल कर सकते हैं। इससे नोटबंदी के कारण बेहाल मध्य वर्ग को थोड़ी राहत मिलेगी। अंतरिम बजट में हालांकि बहुत अधिक मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनावों को देखते हुए मध्य वर्ग को खुश करने की कोशिश करेगी। 

सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसलिए करों के स्लैब को सुव्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है, जो किसी भी स्थिति में आगामी प्रत्यक्ष कर संहिता के अनुरूप होंगे। इसमें यह समस्या आ सकती है कि प्रत्यक्ष कर संहिता रिपोर्ट के आने से पहले आम बजट 28 फरवरी को आ जाएगा, जिससे रिपोर्ट जारी होने से पहले दरों से छेड़छाड़ इसे विवादास्पद बना देगा। 

नए प्रत्यक्ष कर संहिता के दायरे में ज्यादा से ज्यादा कर निर्धारती (एसेसी) को कर के दायरे में लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि अलग-अलग वर्गो के करदाताओं के लिए अधिक न्यायसंगत प्रणाली बनाई जाए, कॉर्पोरेट कर में कमी की जाए और व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी बनाई जाए। वर्तमान में, 2.5 लाख रुपये की आय को निजी आयकर से छूट प्राप्त है, जबकि 2.5-5 लाख रुपये के बीच की सालाना आय पर 5 फीसदी कर लगता है, जबकि 5-10 लाख रुपये की सालाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसदी कर लगता है। जबकि 80 साल के अधिक की उम्र के नागरिकों को 5 लाख रुपये सालाना की आय पर कर छूट प्राप्त है। 

इसके अलावा पिछले साल 5 लाख रुपये की आय वालों के लिए सालाना 15,000 रुपये तक के मेडिकल खर्चो और 19,200 रुपये तक के परिवहन भत्तों को हटाकर उसकी जगह 20,000 रुपये की मानक कटौती लाया था। इसे भी वापस बहाल किया जा सकता है। हालांकि इससे बहुत अधिक फायदा तो नहीं होगा, लेकिन मध्य वर्ग का उत्साह बढ़ेगा। -


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यूएई में बोले राहुल गांधी: मन की बात नहीं करूंगा, आपकी सुनूंगा

दुबई । संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर दुबई पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह यहां अपने मन की बात करने नहीं आए हैं, बल्कि लोगों की सुनने आए हैं। राहुल ने यहां भारतीय कामगारों को संबोधित किया और भारत के विकास में उनके योगदान की सराहना की। आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले कामगारों से मुखातिब राहुल ने कहा कि जैसे ही हमारी सरकार आएगी, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे। 
उन्होंने कहा, हम आपसे बातचीत करना चाहते हैं। मैं यहां अपनी मन की बात करने नहीं आया, मैं आपकी मन की बात सुनने आया हूं। किसी ने यहां कहा कि वह बड़ा आदमी हमसे मिलने आया है। कोई बड़ा आदमी नहीं होता। मैं बिलकुल आप जैसा हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मैं आपको कहना चाहता हूं कि हम आपके साथ खड़े हैं। जो भी आपको चाहिए, जो भी आपकी मुश्किलें हैं, जहां भी हम आपकी मदद कर सकते हैं...हम आपकी मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, आपने अपना खून, पसीना और समय इस शहर को, इस देश को बनाने के लिए दिया और आपने हिंदुस्तान की जनता का नाम रौशन किया है। हर धर्म, हर प्रदेश, हर जाति का नाम आपने रौशन किया है। भारतीय कामगारों से राहुल ने कहा, आपने हिंदुस्तान, हिंदुस्तान के प्रदेशों और गरीब जनता की मदद की और आपने इस शहर, जो पूरी दुनिया में महान है, दुबई को बनाने का काम किया। मैं आपको दिल से धन्यवाद कहना चाहता हूं। राहुल दुबई और अबूधाबी के दौरे पर आए हैं। वह यहां  शनिवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे तथा यूएई के मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। वह गुरुवार को दुबई पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भारतीय मूल के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

 


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पत्रकार हत्या केस में गुरमीत राम रहीम दोषी करार, 17 जनवरी को सजा का ऐलान

चंडीगढ़ । पत्रकार हत्या केस में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट 17 जनवरी को सजा का ऐलान करेगी।  कोर्ट ने राम रहीम के साथ ही कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल सिंह को भी दोषी करार दिया है। बता दें कि पत्रकार  की हत्या के मामले में पंचकूला अदालत द्वारा शुक्रवार को फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर हरियाणा और पंजाब के कई क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हरियाणा विशेषकर पंचकूला, सिरसा (डेरा मुख्यालय) और रोहतक जिलों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सशस्त्र पुलिस, दंगा रोधी पुलिस और पुलिस बल की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंचकूला अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हरियाणा पुलिस ने अदालत जाने वाले मार्ग पर अवरोधक लगाए हैं। जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि लोगों को अनावश्यक रूप से एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जाए और अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। पुलिस ने बताया कि हरियाणा में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के निकट अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। उल्लेखनीय है कि राम रहीम की दोषसिद्धि के बाद अगस्त 2017 में हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। 51 वर्षीय राम रहीम अपनी दो महिला अनुयायियों के बलात्कार के मामले में इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है।


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मुंबई में अभी तक बेस्‍ट बसों की हड़ताल जारी, लाखों लोग परेशान

मुंबई : मुंबई में शनिवार को बेस्ट बस कर्मियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही. निकाय चालित इस परिवहन व्यवस्था के प्रबंधन और कर्मियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. लाखों यात्रियों को ऑटो रिक्शा, टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है और इतनी बड़ी संख्या में सेवा में लगाई गई निजी बसें यात्रियों को सेवा देने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हो रही है.

बीएमसी शिवसेना शासित है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महापौर विश्वनाथ महादेश्वर, बीएमसी आयुक्त अजय मेहता और बेस्ट के महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार की उपस्थिति में बेस्ट के यूनियन नेताओं से कई चरणों में वार्ता की लेकिन इसके बादल भी हड़ताल खत्म नहीं हो पाई.

बेस्ट के करीब 32,000 से ज्यादा कर्मचारी मंगलवार को अपनी कई मांगों की पूर्ति के लिए हड़ताल पर चले गए थे. वे वेतन बढ़ाने, बेस्ट और बीएमसी के बजट को साथ करने की मांग कर रहे हैं.


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अखिलेश-मायावती आज कर सकते है गठबंधन का ऐलान

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी (एसपी) प्रमुख अखिलेश यादव आज लखनऊ में साझा प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। उत्तर प्रदेश में बीजेपी से मुकाबले के लिए गठबंधन का एलान कर सकते है। एसपी-बीएसपी ने कांग्रेस को गठबंधन में जगह नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक, बीएसपी-एसपी दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव में 37-37 सीटों पर लड़ सकती है। सूबे में लोकसभा की 80 सीटें है।
बाकी छह सीटें छोटे दलों के लिए छोड़ी गई है। हालांकि छोटे दल कम सीटों की संभावना से नाराज हैं। अजित सिंह की पार्टी कम से कम चार सीटों की मांग पर अड़ी है और एसपी-बीएसपी गठबंधन तीन सीटों से ज्यादा देने के लिए तैयार नहीं है। वहीं दोनों दलों ने अमेठी और रायबरेली सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। आपको बता दें कि अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से सोनिया गांधी सांसद हैं।
हमारा काम बोलता है, भाजपा का झूठ बोलता है--समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के महागठबंधन के ऐलान से पहले पूरा लखनऊ शहर पोस्टरों से पट गया है। जगह-जगह सपा और बसपा के समर्थकों ने पोस्टर लगाया है। इन पोस्टर में कई नारे लिखे है, जैसे - हमारा काम बोलता है, भाजपा का झूठ बोलता है।
मायावती को रिसीव करने उनके घर जाएंगे अखिलेश
लखनऊ में महागठबंधन के प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती के घर के बाहर और समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोनों नेताओं के मिलन से नए युग की शुरुआत हो रही है। सबकी सहमति और सबके सहयोग से हमें बीजेपी को उखाड़ फेंकेगे। दोपहर करीब 11.30 बजे खुद अखिलेश यादव, मायावती के घर उन्हें रिसीव करने जाएंगे। इसके बाद दोनों नेता होटल ताज पहुंचेंगे। 

सीट बंटवारे पर रालोद में नाराजगी - सूत्र
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से रालोद दूरी बना सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अजित सिंह की पार्टी रालोद नाराज है। उसकी नाराजगी की वजह सीट बंटवारा है। बताया जा रहा है कि रालोद को 3 सीट देने का प्रस्ताव है, जबकि उसकी 6 सीटों पर चुनाव लडऩे की मांग है।

कांग्रेस ने इसे बताया बेहद खतरनाक गलती 
कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी के साथ महागठबंधन बनाकर लडऩे की उम्मीद में थी। लेकिन तमाम सिसायी नफा-नुकसान के आंकलन के बाद दोनों दलों ने कांग्रेस को जगह नहीं दी। कांग्रेस ने इसे बेहद खतरनाक गलती बताया है।


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सीबीआई मामला : आलोक वर्मा को फिर पद से हटया

नई दिल्ली। सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को 36 घंटे भी कार्यभार संभाले नहीं हुए थे कि सेलेक्शन कमेटी ने उन्हें डायरेक्टर पद से हटा दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दो दिन बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर सलेक्टन कमेटी ने आलोक वर्मा को भ्रष्टाचार और ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर सीबीआई डायरेक्टर पद से हटा दिया। कमेटी की बैठक में 2:1 से ये फैसला लिया गया। पैनल में मौजूद पीएम मोदी और चीफ जस्टिस के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद जस्टिस एके सीकरी आलोक वर्मा को हटाने के पक्ष में थे। 

वहीं, तीसरे सदस्य के तौर पर लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े आलोक वर्मा को हटाने के विरोध में थे। इसके विरोध में उन्होंने चिट्ठी भी सौंपी। वहीं सेलेक्शन कमेटी के जरिए हटाए जाने के लिए आलोक वर्मा खुद ही जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने 77 दिन बाद अपना कार्यभार बुधवार को संभाला था। केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर 2018 को देर रात आदेश जारी कर वर्मा के अधिकार वापस लेकर उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया था। इस कदम की व्यापक स्तर पर आलोचना हुई थी। 

2-1 के फैसले से विदाई... 
दरअसल, बुधवार और गुरुवार शाम तक आलोक वर्मा के जरिए सीबीआई के अधिकारियों के तबादले से संबंधित लिए गए फैसले से हलचल मच गई थी। इसके बाद ही कयास लगाए जा रहे थे वर्मा की विदाई तय है। आखिरकार सेलेक्शन कमेटी ने 2-1 के फैसले से वर्मा की विदाई तय कर दी। सीवीसी रिपोर्ट भी वर्मा के खिलाफ थी। कमेटी ने भ्रष्टाचार मामलों में दोषी पाते हुए आलोक वर्मा को हटाने का फैसला किया। आलोक वर्मा को अब फायर डिपार्टमेंट के डीजी का पद दिया है। इस पूरे मामले में अब यह साफ होता जा रहा है कि आलोक वर्मा की विदाई के बाद नागेश्वर राव फिर से अंतरिम डायरेक्टर का पद संभाल सकते हैं। 

आलोक वर्मा के तबादले के साथ ही सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सेलेक्शन कमेटी की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शामिल नहीं हुए थे। उनकी जगह सुप्रीम कोर्ट के जज एके सीकरी बैठक में गए थे। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गगोई ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के पिटिशन पर फैसला दिया था, इसलिए उन्होंने सलेक्ट कमेटी के फैसले में भाग लेने से मना कर दिया था।

सीबीआई के नए निदेशक की बहाली में अब चीफ जस्टिस रंजन गगोई की भूमिका महत्वपूर्ण होने जा रही है, क्योंकि वो निदेशक बहाली को लेकर होने वाले पैनल की बैठक में भाग लेंगे। 
वहीं आलोक वर्मा ने बहाली के साथ ही डायरेक्टर नागेश्वर राव के जरिए लिए गए कुछ फैसले को बदल दिया। नागेश्वर राव के जरिए बदले गए अधिकारियों को उन्हें पुराने स्थानों पर लाने का फैसला लिया। नागेश्वर राव ने आते ही वर्मा के खास अधिकारियों को बदल दिए थे। इसमें सीबीआई के एक प्रमुख अधिकारी आईपीएस अरुण कुमार शर्मा भी थे। जो गुजरात कैडर के अधिकारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने के बाद आलोक वर्मा के करीबी अधिकारियों ने सीबीआई मुख्यालय आना शुरू कर दिया था। लेकिन पिछले 36 घंटे के अंदर सीबीआई में काफी हलचल मच गई थी। आईबी ने सरकार को रिपोर्ट दी कि आलोक वर्मा बदले की भावना से काम करना शुरू कर दिया है। राकेश अस्थाना केस की जांच करने वाले अधिकारी का अंडमान से मंगलवार शाम को दिल्ली बुला लिया गया। अगले दिन वर्मा ने चार्ज संभालते ही बस्सी को दोबारा से सीबीआई में वापसी करा लिया।


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बसपा और सपा कल कर सकते हैं गठबंधन का एलान

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लखनऊ में दोपहर बारह बजे साझा प्रेस को सम्बोधित करेंगे। यह माना जा रहा है कि दोनों आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर दोनों के गठबंधन की घोषणा भी कर सकते हैं। इस दौरान सीटों के बंटवारे को लेकर ऐलान भी संभव है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया अध्याय जुड देगा।  ऐसा पहली बार होगा जब उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज मायावती और अखिलेश यादव साथ-साथ मीडिया को सम्बोधित करेंगे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लखनऊ के होटेल ताज में होगी। इसके लिए मीडिया को आमंत्रित किया गया है। 
आमंत्रण पत्र एसपी के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी और बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की ओर से भेजा गया है। आपको बताते जाए कि इससे पहले सन 1993 मेंं समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और बीजेपी को शिकस्त देते हुए राज्य में गठबंधन सरकार बनाई थी।दोनों दलों के बीच खाका तैयार होने के साथ शीर्ष नेता आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। इसके साथ ही सीटों का ऐलान भी हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि खनन घोटाले और गठबंधन पर इसके प्रभाव को आंका जाना बाकी है। यह समझौता लगभग पूरा हो चुका है।पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि एसपी और बीएसपी 37-37 सीटों को साझा करेंगे, जबकि वे अजीत सिंह के राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के लिए दो सीटें छोड़ देंगे।
यह गठबंधन कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली इन दो सीटें को भी छोड़ सकता है।उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटें हैं। केन्द्र में सत्ता का रास्ता इसी प्रदेश से होकर जाता है। आरएलडी के भी इस गठबंधन में शामिल होने की संभावना है।


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शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशना , और कही ये बात

मुंबई। शिव सेना ने कहा है कि सवर्ण वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतशित आरक्षण तो दे दिया है लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार से पूछना चाहते हैं नौकरी कहां हैं? 
शिवसेना ने अपने मुख पत्र के माध्यम में छपे लेख में बताया कि यह एक चुनावी चाल है। पार्टी का कहना है कि जब सत्ता में बैठे लोग असफल हो जाते हैं, तब आरक्षण का कार्ड खेलना प्रारंभ कर देते हैं। शिवसेना का कहना है कि भारत में 15 साल से अधिक उम्र के लोगों की आबादी हर महीने 13 लाख बढ़ती जा रही है।

18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को नौकरी देना अपराध है, लेकिन बाल श्रम लगातार बढता जा रहा है। देश में रोजगार की दर को संतुलित बनाए रखने के लिए हर साल 80 से 90 लाख नए रोजगारों की जरूरत है, लेकिन यह गणित कुछ समय से असंतुलित है।
पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि गत दो सालों में नौकरी के अवसर बढऩे के बजाय कम हुए हैं और नोटबंदी एवं जीएसटी के कारण करीब 1.5 करोड़ से लेकर दो करोड़ नौकरियां चली गई हैं। युवाओं में लाचारी की भावना है।


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अयोध्‍या केस में संवैधानिक बेंच से जस्टिस यूयू ललित हटे , जाने क्या है वजह

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संविधान पीठ के समक्ष राजनीतिक रूप से संवेदनशील अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर सुनवाई शुरू होते ही चीफ जस्टिस रंजन गोगाई ने कहा कि आज सिर्फ सुनवाई की तारीख तय की जाएगी. इस बीच मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने पांच सदस्‍यीय बेंच में जस्टिस यूयू ललित के शामिल होने पर सवाल उठाए. राजीव धवन ने कहा कि जस्टिस ललित 1994 में कल्‍याण सिंह के वकील रह चुके हैं.

राजीव धवन के सवाल उठाने के बाद चीफ जस्टिस ने बाकी जजों के साथ मशविरा किया. इस पर जस्टिस यूयू ललित ने सुनवाई से अपने आप को अलग करने की बात कही. हालांकि इस मुद्दे को उठाते हुए राजीव धवन ने कहा कि मुझे अफसोस है कि यह मसला उठाना पड़ रहा है. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आपको अफसोस करने की कोई जरूरत नहीं है. आपने तो तथ्‍यों को पेश किया अब जस्टिस ललित के खुद ही बेंच से हटने की बात कहने पर अयोध्‍या मसले पर नई संवैधानिक बेंच का गठन होगा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी. उल्‍लेखनीय है कि यह पीठ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.
5 जजों की संवैधानिक बेंच
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली इस पांच सदस्यीय संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ शामिल थे. पांच सदस्यीय पीठ में न केवल मौजूदा प्रधान न्यायाधीश हैं बल्कि इसमें चार अन्य न्यायाधीश जो शामिल थे वे भविष्य में सीजेआई बन सकते हैं. न्यायमूर्ति गोगोई के उत्तराधिकारी न्यायमूर्ति बोबडे होंगे. उनके बाद न्यायमूर्ति रमण, न्यायमूर्ति ललित और न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की बारी आएगी.
मस्जिद, इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं 
शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने गत वर्ष 27 सितंबर को 2 :1 के बहुमत से मामले को शीर्ष अदालत के 1994 के एक फैसले में की गई उस टिप्पणी को पुनर्विचार के लिये पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से मना कर दिया था जिसमें कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है. मामला अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था.

हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ 14 अपीेलें
अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से संबंधित 2.77 एकड़ भूमि के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 30 सितंबर, 2010 के 2:1 के बहुमत के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपीलें दायर की गयी हैं. उच्च न्यायालय ने इस फैसले में विवादित भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर- बराबर बांटने का आदेश दिया था.

इस फैसले के खिलाफ अपील दायर होने पर शीर्ष अदालत ने मई 2011 में उच्च न्यायालय के निर्णय पर रोक लगाने के साथ ही विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था.