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सीरिया वाले बयान पर श्री श्री रविशंकर ने दी सफाई, ओवैसी पर भी पलटवार

नई दिल्ली। भारत को सीरिया बनाने वाले बयान पर मचे बवाल के बाद आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के मुखिया श्री श्री रविशंकर ने मंगलवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि वो धमकी थोड़ी ना है, वो सतर्कता है। यहां शांति रहने दीजिए। हमारे देश को सीरिया जैसे नहीं बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि मैं किसी को धमकी दूं। जो हमने कहा कि हमारे देश में ऐसी हिंसा नहीं होनी चाहिए। जैसी मिडिल ईस्ट में हुई, इससे हमें डर लगता है। श्री श्री ने ओवैसी पर भी पलटवार करते हुए कहा कि सावधानी को धमकी मानना और सौहार्द को हमला मानना विकृत मन की पहचान है। श्री श्री ने कहा था कि अयोध्या विवाद नही सुलझा तो देश सीरिया बन जाएगा। 

एआईएमआईएम नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस बयान को भडक़ाऊ बताते हुए श्री श्री पर केस दर्ज करने की मांग की। ओवैसी ने कहा, इससे स्पष्ट होता है कि इन्हें संविधान पर भरोसा ही नहीं है। संविधान, कोर्ट और कानून पर भरोसा ना करने वाले ऐसे इंसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल में बंद कर देना चाहिए। वह खुलेआम लोगों को हिंसा के लिए उकसा रहे हैं और डर और हिंसा का माहौल बना रहे हैं। अगर इनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया जाता तो यह बहुत दुर्भाग्यशाली होगा। 

आपको बता दें कि कोर्ट से बाहर अयोध्या विवाद का हल तलाशने की कोशिश में जुटे आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने सोमवार को कहा था कि अगर अयोध्या विवाद नहीं सुलझा, तो सीरिया में भारत बदल जाएगा। उन्होंने कहा था कि इस देश के भविष्य को ऐसे चंद लोग, जो संघर्ष पर ही अपना अस्तित्व समझते हैं, उनके हवाले मत करिये. यहां शांति रहने दीजिए। हमारे देश को सीरिया जैसा नहीं बनना चाहिए। ऐसी हरकत यहां हो जाए, तो सत्यानाश हो जाएगा।

आंगनबाड़ी केन्द्रों की कार्मिकों का मानदेय 37 फीसदी तक बढ़ाया- चतुर्वेदी

जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत कार्मिकों का समय-समय पर मानदेय बढ़ाया है। इस वर्ष के बजट में सभी कार्मिकों के मानदेय में लगभग 26 से 37 फीसदी तक वृद्धि की गई है। 

चतुर्वेदी ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री की ओर से जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में पिछले तीन साल से लगातार बढ़ोतरी की है। इस वर्ष की बजट घोषणा में इनके मानदेय में 26.84 से 37.50 प्रतिशत वृद्धि की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 6 हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का 4 हजार 500, सहायिका का 3 हजार 500, आशा सहयोगिनी का 2 हजार 500 एवं ग्राम साथिन का 3 हजार 300 रुपए किया गया है।

चतुर्वेदी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने इन कार्मिकों को अनिवार्य रूप से न्यूनतम मजदूरी एवं स्थाई सेवा के समकक्ष नहीं माना है। उन्होंने बताया कि इन कार्मिकों के काम की प्रकृति अलग-अलग है। उसी के अनुसार इनका मानदेय तय किया गया है। इसलिए अलग-अलग पदों पर कार्यरत कार्मिकों का मानदेय समान नहीं किया जा सकता है। 

चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग ने आंगनबाड़ी कार्मिकों के पारदर्शी चयन के लिए नवम्बर, 2016 में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अनुसार विभिन्न श्रेणियों का भार निर्धारित करते हुए कुल 10 अंक तय किए गए हैं। इस फॉर्मूले का पालन करते हुए एक समिति के माध्यम से इनका चयन किया जाता है जिसे ग्राम सभा में पढ़कर सुनाया जाता है। 
 

पंचायत उपचुनाव के लिए शांतिपूर्ण तरीके से मतदान

करौली। पंचायतीराज संस्थाओं में 31 दिसंबर 2017 तक रिक्त सरपंच पद के लिए सपोटरा की ग्राम पंचायत खेड़ला,जीरोता व जाखौदा में शांतिपूर्वक ढंग से ईवीएम द्वारा मतदान हो रहा है। प्रात: 8 बजे से शुरू मतदान में युवाओं, दिव्यांगजनों के साथ मतदाताओं में भारी जोश देखने को मिला। मतदान केन्द्र के बाहर मतदाताओं की भीड़ लगी होने के साथ शांति व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।। 

आपको बता दें कि ग्राम पंचायत जीरोता में सामान्य महिला वर्ग तथा खेड़ला व जाखौदा में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सरपंच पद के लिए 10 हजार 980 मतदाता हैं, जो मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं खेड़ला के 4 तथा जाखौदा व जीरोता के 3-3 मतदान केन्द्रों पर पुलिस जाप्ते व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्वक ढंग से मतदान चल रहा है। 

पुर्वोत्तर चुनाव नतीजों पर राहुल गांधी ने पहली बार तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली। पुर्वोत्तर में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट कर जनता के फैसले का स्वागत किया। राहुल गांधी ने कहा कि जनता के फैसले का वह सम्मान करते हैं और भविष्य में भी कांग्रेस पार्टी लगातार नॉर्थ ईस्ट की जनता के लिए काम करती रहेगी।

राहुल ने सोमवार को ट्वीट किया, कांग्रेस पार्टी त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड की जनता के फैसले का सम्मान करती है। हम नॉर्थ ईस्ट में अपनी पार्टी को मजबूत करने और फिर से जना का विश्वास हासिल करने के लिए काम करते रहेंगे। मैं पूरी गंभीरता से कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने पार्टी के लिए लगातार काम किया।

हिमाचल की ऊंची पहाडिय़ां बर्फ से ढकी, वापस आ गई ठंड

 

शिमला। हिमाचल प्रदेश में ठंड वापस आ गई है। रविवार को राज्य के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में और ज्यादा बर्फबारी हुई, जबकि मध्य और निचले पहाड़ी इलाकों में काफी बारिश हुई। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई स्थानों पर तापमान हिमांक बिन्दु से नीचे दर्ज किया गया। शिमला में भारी बारिश हुई और तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा, जबकि यहां से करीब 250 किलोमीटर दूर कल्पा में नौ सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। लाहौल एवं स्पीति जिले के मुख्यालय केलांग में भी नौ सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। 

धर्मशाला, पालमपुर, सोलन, नाहन, उना, बिलासपुर, हमीरपुर सहित राज्य के निचले इलाकों में मध्यम दर्जे की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आ गई है। केलांग में तापमान शून्य से 2.1 डिग्री नीचे, कल्पा में शून्य से 0.6 डिग्री नीचे, मनाली में शून्य से 1.6 डिग्री कम, डलहौजी में 3.8 डिग्री, कुफरी में 2.4 डिग्री और धर्मशाला में 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 

राज्य में मनाली में सबसे ज्यादा, 45.66 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लाहौल एवं स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और चंबा जिलों के ऊंचे पहाड़ी इलाके में मध्यम बर्फबारी हुई है।’’ उन्होंने कहा कि आगामी सप्ताह में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। 

पूर्वोत्तर में लहराया भगवा,BJP की जीत से आसान हुई 2019 की राह

नेशनल डेस्कः 2014 के आम चुनाव में केंद्र में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में लगातार पूर्वी भारत का बार-बार जिक्र किया जिसका नतीजा त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में देखने को मिला। पूर्वोत्तर में भाजपा को मिली इस जीत से 2019 की उसकी राह आसान होगी। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं और 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा को पूर्वोत्तर राज्यों में 8 सीटों पर जीत हासिल हुई थी तो वहीं कांग्रेस को भी 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था और सी.पी.एम. को 4 सीटें मिलीं। बाकी सीटें स्थानीय दलों के खाते में चली गईं। 2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस किया और लगातार पूर्वी भारत की बात करते नजर आए।
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देश में है मोदी लहर
 2019 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि इस वक्त भाजपा के अधिकतर राज्यों में भाजपा सत्ता पर काबिज है। पी.एम. मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए यह अच्छा है। 2014 में सरकार बनाने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती आई है। त्रिपुरा व नागालैंड में मिली जीत के बाद भाजपा आलाकमान संतुष्ट नजर आ रहा है। भाजपा के लिए एक और अच्छी बात यह है कि देश में अभी मोदी लहर का असर बाकी है। वहीं 2009 के आम चुनाव में पूर्वी राज्यों में भाजपा को निराशा हाथ लगी थी। 2009 में पूर्वोत्तर में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी और सी.पी.एम. के हाथ यहां से 16 सीटें लगी थीं, वहीं सी.पी.आई. को 4 सीटों पर ही जीत मिली थी। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार केंद्र में होने के बावजूद पूर्वोत्तर में पार्टी को ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई थी।
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किस राज्य में किसे फायदा और किसे नुक्सान हुआ
त्रिपुरा
कांग्रेस को हुआ ज्यादा नुक्सान

सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हुआ। 25 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस यहां मुख्य विपक्षी दल था। इस बार उसके हाथ एक भी सीट नहीं लगी जबकि पिछले चुनावों में उसे 10 सीटें मिली थीं। नार्थ ईस्ट में भाजपा की लगातार बढ़ती सक्रियता और वहां हो रही राजनीतिक उठा-पठक का सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हो रहा है। त्रिपुरा में 2013 में उसके भले ही सिर्फ 10 विधायक थे लेकिन पार्टी का वोट शेयर 36.5 फीसदी था जो अब घटकर 2 फीसदी से कम हो गया है।

लैफ्ट ने क्या खोया
पिछले 40 साल के दौरान त्रिपुरा में हुए 8 चुनावों में लैफ्ट का वोट शेयर कभी भी 45 प्रतिशत से कम नहीं था। इस बार यह घटता दिख रहा है। बंगाल में सत्ता जाने के बाद त्रिपुरा लैफ्ट का सबसे मजबूत गढ़ था। त्रिपुरा से भी सत्ता जाने के बाद लैफ्ट अब केवल केरल में ही सत्ता में रह गया है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कई पदों पर वैकेंसी, जल्दी करें आवेदन

नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), पटना ने विभिन्न पदों के लिए वैकेंसी निकाली है। आईआईटी पटना ने विभिन 16 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथि से पहले आवेदन कर सकते है। यह भर्तियां सीधी की जानी है। 

असिस्टेंट रजिस्ट्रार, पद : 02
योग्यता : 55 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्टग्रेजुएट डिग्री प्राप्त की हो। इसके साथ कार्यक्षेत्र में पांच साल का अनुभव हो। 
वेतनमान : 9300 - 34,800 के साथ ग्रेड पे 4,200 रुपए। 

मेडिकल ऑफिसर, पद : 01 
योग्यता : 55 प्रतिशत अंकों के साथ एमबीबीएस डिग्री हो। 
वेतनमान : 15,600-39,100 रुपये के साथ ग्रेड पे 5,400 रुपए। 

जूनियर सुप्रीटेंडट, पद : 01
योग्यता : 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री हो। सरकारी या गैर सरकारी संस्थाओं में काम करने का अनुभव हो। या स्नातक के साथ सरकारी/ केंद्र सरकार के आधीन संस्थाओं में चार साल काम का अनुभव हो। 
वेतनमान : 9300-34,800 रुपये के साथ ग्रेड पे 4,200 रुपए। 

जूनियर असिस्टेंट, पद : 04
योग्यता : बैचलर डिग्री के साथ पर्चेज/ अकाउंट/ ऑडिट/ हॉस्पिटेल्टी में एक साल का अनुभव हो। 

फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर , पद : 02 
योग्यता : फिजिकल एजुकेशन/ स्पोर्ट्स साइंस में 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री हो। इसके साथ कार्यक्षेत्र में एक साल का अनुभव हो। 
वेतनमान : 9,300 से 34,800 रुपये के साथ 2400 रुपऐ का ग्रेड पे। 

सीनियर लाइब्रेरी इंफॉर्मेशन असिस्टेंट , पद : 01
योग्यता : लाइब्रेरी साइंस में बैचलर डिग्री हो। इसके साथ तीन साल कार्यनुभव हो। या 55 प्रतिशत अंकों के साथ लाइब्रेरी साइंस में मास्टर डिग्री हो। इसके साथ एक साल का कार्यनुभव हो। 
वेतनमान : 9,300 से 34,800 रुपये के साथ 4200 रुपए का ग्रेड पे। 

जूनियर टेक्निकल सुप्रीटेंडेंट (केमेस्ट्री), पद : 01 
योग्यता : केमेस्ट्री में बैचलर डिग्री की हो। इसके साथ लैबोरेट्री में दो साल काम करने का अनुभव हो। या केमेस्ट्री में मास्टर डिग्री हो। 
वेतनमान : 9,300 से 34,800 रुपये के साथ 4,200 रुपए का ग्रेड पे। 

वैज्ञानिकों ने शनि के आकार के एक ग्रह पर खोजा पानी

वाशिंगटन। खगोल वैज्ञानिकों ने सौरमंडल के बाहर करीब 700 प्रकाशवर्ष दूर शनि ग्रह के आकार के एक ग्रह के बारे में पता लगाया है जिस पर पानी होने के संकेत मिले हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, नासा ने कहा कि इस ग्रह को डल्यूएएसपी-39बी नाम दिया गया है। इस पर शनिग्रह की तुलना में तीन गुना ज्यादा पानी है।

खोजकर्ताओं ने कहा कि यह सौरमंडल के ग्रहों के जैसा नहीं है, लेकिन डल्यूएएसपी-39बी से यह जानने को मिल सकता है कि किसी तारे के इर्द-गिर्द ग्रह कैसे बनते हैं। कन्याराशि के तारामंडल स्थित डल्यूएएसपी-39बी सूर्य की तरह के स्थिर तारे का चार दिन में एक चक्कर लगाता है। इस तारे का नाम डल्यूएएसपी-39 है। 

सौरमंडल से बाहर का यह ग्रह अपने तारे से काफी निकट है, जोकि पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी का महज 20वां हिस्सा है। नासा के अंतरिक्ष का अवलोकन करने वाले हब्बल और स्पिट्जर दूरबीन का इस्तेमाल कर खगोल शास्त्रियों ने इस ग्रह की आवोहवा का विश्लेषण किया और उसकी पूरी तस्वीर ग्रहण की। 

लीबिया में दोबारा कार्यालय खोलेगा संयुक्त राष्ट्र

त्रिपोली। लीबिया में संयुक्त राष्ट्र सहयोग मिशन (यूएनएसएमआईएल) के प्रमुख ने ऐलान किया है कि वह कई वर्षों बाद पहली बार लीबिया के पूर्वी शहर बेनगाजी में दोबारा कार्यालय खोलने जा रहा है। यूएनएसएमआईएल ने देश की बिगड़ रही सुरक्षा स्थिति की वजह से जुलाई 2014 में लीबिया में अपने कार्यालय से कर्मचारियों को वापस बुला लिया था। यूएनएसएमआईएल के प्रमुख घसन सलामे ने शुक्रवार को पूर्वी लीबिया के 60 से अधिक जनजातीय नेताओं के साथ बैठक के दौरान कहा, ‘‘हम बेनगाजी में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को दोबारा खोलने की तैयारियां कर रहे हैं और मैं आपसे बरका के लोगों के साथ दोबारा संबंध स्थापित करने का वादा करता हूं।’’

अधिकारी ने बताया कि बरका ने लीबिया के इतिहास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने समानता पर जोर  देते हुए कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र असमानता का पक्ष नहीं ले सकता।’’सिन्हुआ के मुताबिक, बेनगाजी बैठक में नेताओं ने संसाधनों के निष्पक्ष बंटवारे का आह्वान करते हुए विकेंद्रीकरण पर जोर दिया और संवैधानिक ढांचे की जरूरत को लेकर अपने विचारों को साझा किया। 

भगवा रंग में रंगने जा रहा है त्रिपुरा, लेफ्ट के गढ़ में बीजेपी ने यूं लगाई सेंध

अगरतला। त्रिपुरा विधानसभा के लिए शनिवार को हो रही मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शानदार प्रदर्शन करते हुए गठबंधन पार्टी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए तैयार दिख रही है। इसके साथ ही वाममोर्चे का गढ़ त्रिपुरा भगवा रंग में रंगने जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा सिर्फ 1.5 फीसदी वोट ही बटोरने में कामयाब रही थी। लेकिन इस बार स्पष्ट बहुमत की ओर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है और पार्टी के उम्मीदवार 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से 32 सीटों पर आगे चल रहे हैं। 

हालांकि, चुनाव 59 सीटों पर ही हुए थे। माकर््सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के चारीलाम सीट से उम्मीदवार का 18 फरवरी को मतदान से एक सप्ताह पूर्व निधन होने की वजह से इस सीट पर चुनाव स्थगित हो गए थे। भाजपा की गठबंधन सहयोगी आईपीएफटी आठ सीटों पर आगे है। राज्य में बीते 25 वर्षो से सत्तारूढ़ वाममोर्चा 19 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। रुझानों के मुताबिक, भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन 40 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है, जो बहुमत की 31 सीटों से नौ ज्यादा है।
इस बार बीजेपी गठबंधन ने वोट शेयर में बड़ी बढ़त हासिल करते हुए 49.6 प्रतिशत वोट हासिल किए है। बीजेपी को खुद 42 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा को 8.5 फीसदी वोट मिले हैं। इस तरह दोनों दलों के गठबंधन को सूबे के करीब आधे वोटरों ने समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस को 2013 के असेंबली इलेक्शन में 36 फीसदी वोट मिले थे, जो इस बार घटकर सिर्फ 2 फीसदी रह गया। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में वाममोर्चे ने 50 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि बाकी बची 10 सीटों पर कांग्रेस जीती थी लेकिन इस बार कांग्रेस का खाता भी खुलता नहीं दिख रहा है।

राज्य में भाजपा की पहली जीत की संभावना को देखते हुए जश्न का माहौल है। अपनी सहयोगी आईपीएफटी के साथ मिलकर भाजपा पूर्वोत्तर भारत में असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के बाद एक और राज्य पर कब्जा करने की ओर बढ़ रही है। राज्य में सत्तारूढ़ माकर््सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भाकपा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और निर्दलीयों सहित कुल 290 उम्मीदवार चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। इनमें कुल 23 महिलाएं भी हैं। राज्य में मतदान से एक सप्ताह पहले माकपा के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबबर्मा के निधन के कारण चारीलाम सीट (जनजातियों के लिए आरक्षित) पर मतदान स्थगित कर दिया गया था, जहां 12 मार्च को मतदान होगा।

पुलिसकर्मियों ने मनाई होली, लेकिन SP, ASP व अन्य अफसर इसलिए नहीं खेले?

करौली। हमेशा आमजन की सुरक्षा में तैनात रहने वाली पुलिस ने आज भाई दूज के दिन जिले के पुलिस कर्मियों द्वारा जिले के सपोटरा, मंडरायल, टोडाभीम, महावीर जी, नादोती, हिंडौन सिटी, सहित करौली के थानों और पुलिस लाइन में होली का आयोजन किया गया। बैंड और DJ कि धुन पर पुलिसकर्मियों ने जमकर रंग अबीर गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली की बधाई दी।

करौली के हिण्डौन दरवाजा क्षेत्र से 7 दिन पूर्व गायब बालक के नहीं मिलने के कारण पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश यादव सहित अन्य अधिकारियों ने दूरी बनाई और होली नहीं खेली एवं बालक के नहीं मिलने तक किसी प्रकार के जश्न मनाने से परहेज की बात कही।