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कुंभ इस बार होगा अलग, CM योगी ने स्वच्छता को लेकर बनाई बड़ी कार्ययोजना

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल 2019 के शुरुआत में कुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है। ये मेला 15 जनवरी से चार मार्च चलेगा जिसमें देश एवं दुनिया की प्रमुख विभूतियां दर्शन और स्नान के लिए यहां आएंगी। कुंभ मेले के आयोजन को लेकर यूपी सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। कुंभ मेले में स्वच्छता को लेकर बड़ी कार्ययोजना बनाई है। 

पूरे मेला क्षेत्र को खुले में शौचमुक्त व कूड़े के प्रबंधन के साथ तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी व्यवस्था के लिए 122500 शौचालयों का निर्माण होगा। इनमें 47500 शौचालय नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा और 75000 शौचालय राज्य सरकार बनाएगी। नमामि गंगे योजना के तहत ये शौचालय सेप्टिक टैंक युक्त होंगे। शर्मा ने बताया कि मेले की स्वच्छता के लिए 292.85 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय में एक आकर्षक पथ विकसित किया जाए और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उसका नामकरण ‘अटल गौरव पथ’ किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पथ इस तरह विकसित किए जाएं कि उन पर प्रत्येक नगरवासी को गौरव की अनुभूति हो। इस पथ के सौन्दर्यीकरण के साथ ही सभी आवश्यक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए। नगर निकायों में साफ-सफाई के साथ खुले नालों को ढकने की व्यवस्था की जाए।

योगी मंगलवार शाम यहां शास्त्री भवन में ‘नमामि गंगे’ परियोजना, ‘अमृत’ योजना और ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ परियोजनाओं के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रयाग कुम्भ-2019 के दौरान 15 जनवरी से चार मार्च तक देश एवं दुनिया की प्रमुख विभूतियां दर्शन और स्नान के लिए यहां आएंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ में ना सिर्फ श्रद्धालु, बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक भी आएंगे। इस दौरान संगम क्षेत्र में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति में कुंभ पर्व के प्रति सहज श्रद्धा उत्पन्न हो जाए। 

प्रयाग कुम्भ-2019 की तैयारियों में इन बातों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। योगी ने कहा कि प्रयाग कुंभ के मद्देनजर यह सुनिश्चित किया जाए कि 15 दिसम्बर, 2018 के बाद कोई भी गंदा नाला और औद्योगिक तरल या ठोस कचरा किसी भी सूरत में गंगा और उसकी सहायक नदियों में ना गिरे। अगले साल 15 जनवरी से बिजनौर से लेकर बलिया तक गंगा को हर हाल में अविरल एवं निर्मल रखा जाना है। नगर विकास एवं सिंचाई विभाग पहले से ही बैठक कर इस बात को सुनिश्चित कर लें कि कुम्भ के दौरान गंगा में पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध रहे और प्रवाह भी अच्छा हो।

बीवी ने चेन स्नेचर पति को दिया टारगेट, रोज तीन गोल्ड चेन लाना

बेंगलुरु। सोमवार को केंगेरी पुलिस ने 29 साल की महादेवी को गिरफ्तार किया जो कि अपने पति अच्युत कुमार को अपराध करने के लिए उकसाती थी। चेन स्नेचिंग के लिए कुख्यात कुमार 100 से ज्यादा घटनाएं कर चुका है। महादेवी ने उसका टारगेट तय कर रखा था। उसे रोजाना कम से कम तीन चेन छिनने का टारगेट दिया था। वह आसानी से पैसा कमाना चाहती थी और जैसे ही कुमार पुलिस की पकड़ में आया, वह मंड्या जिले के नागमंगल में अनाथालय से फरार हो गईं।

पुलिस के मु्ताबिक कुम्बालागुडू के कनमिनाइक का रहने वाला कुमार उर्फ विश्वनाथ कोलीवाड का पुलिस लंबे समय से पीछा कर रही थी और वह इस साल जून में पकड़ाया। 

पूछताछ के दौरान, कुमार ने कहा कि उनकी पत्नी महादेवी उसे अपराध करने के लिए दबाव डालती है और उसने उसके लिए टारगेट भी फिक्स कर रखा है। चेन स्नेचिंग के बाद पत्नी उससे सोने की चेन ले लेती है। कुमार ने पिछले सात महीनों में एक करोड़ की कीमत की चेन छिनी और दावणगेरे, धारवाड़, हावेरी, गडग, तुमाकुरु और बेंगलुरु के मामलों में शामिल था।

जांच से पता चला कि महादेवी को महंगे वैनिटी बैग्स खरीदने की लत थी और वह अकसर गोवा में छुट्टियां मनाने जाती है। यही नहीं उसने सोने की चेन की सटीक मूल्य को मापने के लिए वजन तौलने की मशीन भी खरीदी थी। उसने कुमार को दो एसयूवी खरीदने और पांच बाइक लेने के लिए भी दबाव डाला था। वह अपनी ट्रिप्स के दौरान पॉश होटल्स में समय बिताती थी। पुलिस के मुताबिक इस कपल की पांच साल पहले शादी हुई थी।कॉन्सटेबल चंद्र कुमार ने कुमार का अकेले पीछा किया और उसने उस पर चाकू से हमला कर दिया। इसी वीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कुमार के पैर पर गोली मारकर उसे पकड़ा। सिटी कमिश्नर टी सुनील कुमार ने चंद्र कुमार को एक लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी।

मध्यप्रदेश चुनाव: कौन-कौन हो सकते हैं दावेदार, राकेश सिंह कर रहे ऐसा सर्वे

भोपाल। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने सोमवार को भी छह जिलों के नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की टिकट के लिए रायशुमारी की। आगर मालवा, शाजापुर, सागर, ग्वालियर, ग्वालियर ग्रामीण और दमोह के जिले के सांसद, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, संभाग प्रभारी और दो पूर्व जिलाध्यक्षों के साथ सिंह ने पहले सामूहिक बातचीत की फिर वन टू वन बातचीत की। सिंह ने विधानसभावार सवाल किए कि कौन कौन दावेदार हो सकते हैं।

सागर जिले से सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, प्रहलाद पटेल पूर्व जिलाध्यक्ष जाहर सिंह, हरिराम सिंह मौजूदा अध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल शामिल हुए। संगठनात्मक सर्वे में राकेश सिंह के पास पार्टी, द्वारा कराया गया सर्वे साथ था जिसके आधार पर वे सवाल जवाब कर रहे थे। सिंह ने पूछा कि जिन दावेदारों का नाम बताया जा रहा है उनकी हैसियत क्या है क्षेत्र में? कितने वोट पा सकते हैं? शाजापुर जिले की टीम से मौजूदा विधायकों के बारे में पूछा। विधायक और भाजयुमो अध्यक्ष के बीच विवाद क्यों हुआ था? इससे पार्टी की छवि खराब हुई। क्या 25 तारीख को होने वाले महाकुंभ की आपने तैयारी पूरी कर ली है? ऐसे तमाम सवाल थे जो जिले के नेताओं से किए गए। लगभग आठ घंटे ये बैठकें चली।

बिलासपुर लाठीचार्ज मामले में CM ने दिए जांच के आदेश

बैकुंठपुर/बिलासपुर। बिलासपुर में मंगलवार को हुए लाठीचार्ज के मामले में सीएम डॉ रमन सिंह ने जांच कराए जाने का ऐलान किया है। हालांकि इस जांच के बिंदु में मंत्री के घर कचरा फेंके जाने का मसला भी शामिल है। सीएम डॉ रमन सिंह ने कहा 'मंत्री के घर कचरा फेंकना को उचित नहीं मानता।

कांग्रेस भवन में जो घटना घटी, वह भी उचित नही मानता। छत्तीसगढ़ शान्तिप्रिय राज्य है और यहां सभी राजनैतिक दलों का सम्मान है। मैं दोनों घटनाओं की निंदा करता हूं। मंत्री के घर कचरा फेंकना और कांग्रेस भवन में घटी घटना की दंडाधिकारी जांच की घोषणा करता हूं। जांच के बाद सारी सच्चाई सामने आएगी। 

जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। सीएम डॉ सिंह आज बैकुंठपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान घोषणा की। विदित हो कि, कल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री अमर अग्रवाल के घर कचरा फेंक दिया था।

उसके बाद पुलिस ने कांग्रेस भवन में मौजूद कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज के इस मसले पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है, एक ओर जहां इस लाठीचार्ज की निंदा हुई तो वहीं कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर पूरे प्रदेश में आंदोलन की रूपरेखा बना रही है।

बागियों का भय, टिकट बांटने में सतर्कता बरत रहीं भाजपा-कांग्रेस

भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में जमानत गंवाने वालों में सिर्फ निर्दलीय या छोटे दलों के प्रत्याशी नहीं थे बल्कि कांग्रेस-भाजपा के भी नौ प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए थे। ऐसे प्रत्याशियों के परिणाम देखकर भाजपा और कांग्रेस इस चुनाव में बागियों से बचने के लिए टिकट बांटने में फूंक-फूंककर कदम रख रही हैं। खास बात ये है कि भाजपा के लिए जो स्थिति बनी थी उसका कारण पार्टी का ही बागी प्रत्याशी था। झाबुआ की थांदला सीट से भाजपा ने गौरसिंह वासुनिया को टिकट दिया था, जिसके खिलाफ भाजपा के ही कलसिंह भावर ने ताल ठोक दी। इसका परिणाम यह हुआ कि कलसिंह चुनाव जीत गए और वासुनिया की जमानत जब्त हो गई। वहीं कांग्रेस के चार प्रत्याशियों ने तो 10 हजार से भी कम मत प्राप्त कर अपनी जमानत खो दी।

कांग्रेस भी बारीकी से कर रही छानबीन

पिछले चुनाव में आठ प्रत्याशियों की जमानत न बचा पाने के कारण कांग्रेस इस बार टिकट वितरण में खासी सावधानी बरत रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी कई स्तर पर टिकट के दावेदारों का अध्ययन करा लिया है। इस आधार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी टिकट पर राय मशविरा करेगी।

इसी साल हुए नगरीय निकाय के चुनाव में बागी अशोक जैन के कारण धार से भाजपा हार गई। धाकड़ नेता विक्रम वर्मा और विधायक नीना वर्मा अपने नगर पालिका प्रत्याशी को नहीं जिता पाए। यही हाल सरदारपुर विधायक वेलसिंह भूरिया, मनावर विधायक रंजना बघेल, धरमपुरी विधायक कालूसिंह ठाकुर और खिलचीपुर विधायक कुंवर हजारीलाल दांगी के क्षेत्र में रहा। उपचुनाव हों या निकाय चुनाव, एंटीइंकम्बेंसी के बाद अगर भाजपा को किसी ने नुकसान पहुंचाया तो वो है बागियों की मौजूदगी।

मुख्य सचिव मामले में केजरीवाल समेत 11 को कोर्ट का समन, 25 अक्टूबर तक होना होगा पेश

नई दिल्ली। दिल्ली में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साध बदसलूकी के मामले में केजरीवाल सरकार की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। ताजा मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने समन जारी कर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 11 आरोपियों का समन जारी कर 25 अक्टूबर तक कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कहा है।

यहां पर बता दें कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ बदसलूकी व मारपीट के मामले में तैयार चार्जशीट दिल्ली पुलिस दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। इस चार्जशीट में सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 13 विधायकों को आरोपी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि मारपीट मामले में पुलिस ने सबूतों के आधार पर जिस तरीके से मजबूत चार्जशीट तैयार की है, वह केजरीवाल सरकार के लिए गले की फांस बन सकती है। चार्जशीट में उत्तरी जिला पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तत्कालीन सलाहकार वीके जैन को ही मुख्य चश्मदीद गवाह बनाया है। वीके जैन ने अपने बयान में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खां व प्रकाश जारवाल द्वारा मुख्य सचिव को गला दबाकर सात थप्पड़ व घूसे मारने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अंशु प्रकाश की जब पिटाई की जाने लगी थी, तब उनका चश्मा जमीन पर गिर गया था। बता दें 19 फरवरी की आधी रात 12 बजे केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर मुख्य सचिव के साथ हुई बदसुलूकी व मारपीट की घटना के बाद 21 फरवरी की सुबह सिविल लाइंस थाना पुलिस ने वीके जैन से पूछताछ की थी। पहले तो उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अगले दिन 22 फरवरी को मजिस्ट्रेट के सामने बंद कमरे में उनका धारा-164 के तहत बयान दर्ज करवा दिया था, ताकि वह सबकुछ सच बता सकें। मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में उन्होंने घटना की पूरी घटना उजागर कर दी थी। तभी पुलिस ने उन्हें केस का मुख्य चश्मदीद गवाह बना लिया था।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि केजरीवाल ने वीके जैन के जरिये ही बार-बार फोन करवाकर मुख्य सचिव को देर रात 12 बजे अपने आवास पर बुलवाया था। वीके जैन के सामने सारी घटना घटी थी। पुलिस को लगता है कि घटना का कोई चश्मदीद अगर जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, सच्चाई नहीं बता रहा है तो मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज करवा दिया जाता है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, मुख्य सचिव से केवल मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ही पूछताछ कर सकते हैं और उन्हें बैठक के लिए बुला सकते हैं, लेकिन इस केस में मुख्य सचिव को बुलाने के बाद केजरीवाल ने उन्हें विधायकों के सवालों के जवाब देने के लिए कहा था। विधायकों का उनसे सवाल करना भी नियम के खिलाफ था। उन्हें सोफे पर दो विधायकों के बीच में बैठाना भी गलत था।

 

पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर ठोके 67 मुकदमे, SC ने नए केस पर लगाई रोक

नई दिल्ली। पति-पत्नी के बीच अक्सर छोटे-मोटे झगड़े होते हैं और सुलझ भी जाते हैं। वहीं कई बार यह विवाद तलाक तक की नौबत ले आते हैं। लेकिन एक दंपति ऐसा है जिनके मन में एक दूसरे को लेकर नफरत इस कदर भरी हुई है कि उन्होंने एक-दूसरे पर कुल 67 कोर्ट केस लगा रखे हैं। आलम यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगा दी है कि वो अब वो कोई नया केस नहीं कर पाएंगे।

मामले में सुनवाई कर रहे जस्टिस कुरियन जोसेफ की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि हमने दोनों को लंबित विवादों में कोई नया मुकदमा दायर करने से रोक दिया है। जस्टिस जोसेफ ने कहा कि अब पति-पत्नी कोई भी याचिका दायर नहीं कर पाएंगे चाहे फिर वो एक-दूसरे के खिलाफ हो, परिवार, वकील, उनके बच्चे के स्कूल या कोई अन्य पक्ष के खिलाफ हो। कोर्ट ने कहा ये आपराधिक मामला हो या फिर दीवानी, जब तक हाईकोर्ट की अनुमति नहीं होगी, वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। इस दंपति का विवाह 2002 में हुआ था उसके बाद दोनों अमेरिका रहने चले गए। 7 साल बाद वर्ष 2009 में उनके यहां एक बेटा हुआ, इस दौरान पति-पत्नी के बीच संबंध बिगड़ने लगे। इसके कारण पत्नी अमरिका से बेंगलुरु आ गई और अपने माता-पिता के साथ रहने लगी। यहां से शुरू हुए एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज करवाने का सिलसिला। पति जहां पत्नी के खिलाफ 58 केस दर्ज करवा चुका है वहीं पत्नी ने पति के खिलाफ 9 मामले दर्ज करवाए हैं।

इंद्राणी मुखर्जी और पीटर ने तलाक के लिए लगाई अर्जी

मुंबई। शीना बोरा हत्याकांड की दोषी इंद्राणी मुखर्जी फिलाहल जेल में सजा काट रही है। इस बीच उसने अपने पति पीटर मुखर्जी से तलाक के लिए मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। पीटर मुखर्जी भी शीना हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद से जेल में बंद है।  इंद्राणी के वकील ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि दोनों अपनी मर्जी से शादी को खत्म करना चाहते हैं और उनकी अर्जी पर सुनवाई शुरू करने के लिए कोर्ट की इजाजत चाहते हैं। उल्‍लेखनीय है कि इंद्राणी और पीटर की शादी नवंबर 2002 में हुई थी। जून में इंद्राणी के वकील ने कोर्ट को बताया था कि पीटर ने इंद्राणी के तलाक के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है और कोर्ट के सामने तलाक के लिए साथ में आवेदन करेंगे।

पीटर के पहली शादी से दो बेटे हैं। इंद्राणी के अपने पहले पार्टनर से दो बच्चे शीना और मिखाइल थे। जिनमें से शीना बोरा की हत्या 2012 में कर दी गई थी। इंद्राणी की एक अन्य बेटी विधी उनके पूर्व पति संजीव खन्ना से है। विधी इंद्राणी और पीटर की गिरफ्तारी से पहले उनके साथ ही लंदन में रहती थी।

38 जड़ी-बूटियों से बनाए गणपति, ऐसे दिखाया आयुर्वेद का महत्व

रायपुर। वेद पुराणों में वर्णित है कि भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद चिकित्सा के जनक थे। भारतीय संस्कृति में सभी तरह की बीमारी में जड़ी-बूटियों का ही इस्तेमाल किया जाता था। वर्तमान दौर में आधुनिक चिकित्सा के चलते आयुर्वेद चिकित्सा का महत्व कम हो रहा है, जबकि इस पद्धति से बड़ी से बड़ी बीमारियां ठीक की जा सकती है।

आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के महत्व को दर्शाने के लिए इस बार रामसागरपारा स्थित श्री बाल गजानन गणेशोत्सव समिति ने जड़ी-बूटियों से ही भगवान शंकर रूपी गणेश प्रतिमा का निर्माण करवाया है। गणेश जी के वाहन दो चूहे भी जड़ी-बूटियों से ही बनाए गए हैं।

इन जड़ी-बूटियों का किया इस्तेमाल 

भगवान शंकररूपी गणेश प्रतिमा के पैरों के नाखून से लेकर जटा से निकल रही गंगा तक में लगभग 38 जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। इनमें खश, शंकर जटा, मूंगा, करनफूल, नदी सीप, जटामासी, लालगुंजा, माजूफल, पारस पीपल, ऐठीमुर्री, नागरमोथा, हांथी काकर, जायफल, सेंदुरी बीज, लाल सफेद काला गुंजा, असगंध, पुर्ननवा, निरमली बीज, कमल गट्टा, भसकटैया फल, इमली बीज, गटारन, अर्जुन छाल, भोजपत्र, शिकाकाई, बालहर्रा, कसा सुपारी, सुरंजान, सफेद मुसली, बहेरा, हर्रा, लालगुंजाबड़ा, गरूण फल, सेमरकंद, कपूर कचरी, गोमती चक्र, सतावर, रीठा से प्रतिमा बनाई गई है। प्रतिमा को 'आरोग्य गणपति" का नाम दिया गया है। इस प्रतिमा के जरिए श्रद्धालुओं को संदेश दिया जा रहा है कि हजारों- लाखों साल पहले से इस्तेमाल की जा रही जड़ी-बूटियों का सेवन करें तो बीमारियां पास नहीं फटकेगी और शरीर हमेशा निरोगी रहेगा।

आरोग्य गणपति प्रतिमा की खासियत है कि इसमें मिट्टी और रंगों का इस्तेमाल ही नहीं किया गया है। पूरी प्रतिमा सिर्फ और सिर्फ जड़ी-बूटियों से बनाई गई है। प्रतिमा को इतनी खूबसूरती से बनाया गया है कि बिना रंग के भी प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केन्द्र है 

श्रीबाल गजानन गणेशोत्सव समिति रामसागर पारा का यह 8वां स्थापना वर्ष है। इससे पहले के 7 वर्षों में समिति ने इको फ्रैंडली प्रतिमा ही स्थापित की है। गत 7 वर्षों में अब तक लकड़ी, मोती, रूद्राक्ष, कौड़ी, पेंसिल, ड्रायफ्रूट, अनाज की प्रतिमा स्थापित कर चुके हैं।

समिति में प्रमुख योगदान कन्हाई खंडेलवाल, अभिषेक खंडेलवाल, प्रवीण नानवानी, किशन छंगानी, अभिषेक पांडेय, मोहन देशमुख, साकिब अली, अभिलाश अवचट और जड़ी बूटी दुकान के संचालक सुखनंदन लाल गुप्ता ने दिया है।

मंत्री ललिता यादव ने कहा- मध्यप्रदेश सरकार ने हर वर्ग के लिए काम किया

छतरपुर। सार्थक संवाद की पहल नईदुनिया का 'वार्तालाप' कार्यक्रम का आयोजन छतरपुर में हो रहा है। होटल ला कैपिटल में मप्र शासन की राज्यमंत्री ललिता यादव पिछले पांच साल में सरकारी की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड शहर के प्रबुद्ध लोगों के सामने प्रस्तुत किया।

मंत्री यादव ने कहा हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। फसलों पर ओला-पाल पड़ने पर सरकार ने किसानों की मदद की। इस बार किसान गेहूं बेचकर भूल गए थे कि सरकार हमें बोनस देगी। इस बार हमारी सरकार ने किसानों को बोनस दिया। अगर प्रदेश में उत्पादन नहीं होता तो हमें कृषि कर्मण पुरस्कार नहीं मिलता है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हमेशा कहा कि हम किसानों के लिए कोई कमी नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 68 हजार से ज्यादा किमी लंबी सड़क बनाई और कई ग्रामों को आपस में जोड़ा। मध्यप्रदेश सरकार ने हर वर्ग के लिए काम किया है। कांग्रेस हमेशा कहती रही कि हम गरीबी हटाएंगे, लेकिन गरीबी तो नहीं हटी उन्होंने गरीबों को हटा दिया। आज कांग्रेस ने काम किया होता तो गरीबों के लिए भवन बनाने की योजना नहीं लानी पड़ती। ग्रामीण महिलाओं को चूल्हा फूंकना पड़ता था, इससे उनकी सेहत भी खराब होती थी। इसके लिए भाजपा की सरकार ने काम किया और उज्जवला योजना के तहत उन्हें गैस उपलब्ध कराई। आज हमारे प्रदेश का इंदौर शहर स्वच्छता में नंबर वन आया है। यह प्रदेश सरकार द्वारा किया गया काम ही है। आज आप गांव जाएंगे तो आपको सड़कें मिलेंगी। मंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था के मामले में हमारी कई राज्यों से बेहतर स्थिति है। नक्सलवाद को सिर नहीं उठाने दिया गया। डकैती समस्या को हटाया गया है। मध्यप्रदेश देश में शांति के टापू के रूप में जाना जाने लगा है। पुलिस में 42 हजार नए पदों का सृजन किया गया है, इसके साथ ही नए पुलिस थाने और पुलिस चौकियां भी बनाई गई है। आतंकवाद से निपटने के लिए एटीएस बनाई गई है। 

महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से निपटने के लिए महिला हेल्पलाइन शुरू की गई है। इस पर आई सभी शिकायतों को निराकरा हो चुका है। हम सब जानते हैं मध्यप्रदेश में बीते चार वर्षों फसल बीमा योजना में शामिल किसानों की संख्या बढ़ी है।

मंत्री ने कहा-सिंचाई के क्षेत्र में बीते डेढ़ सालों में बड़ा काम हुआ है। प्रदेश में सिंचित रकबा 40 लाख हेक्टेयर हो गया है। अब 2025 तक सिंचाई का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश कहीं भी ऐसी खेती नहीं है जहां जल स्त्रोत न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में नल-पेयजल योजना के तहत शुद्ध जल की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में सात शहर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किए गए हैं। इनके विकास के लिए 700 करोड़ का बजट का प्रावधान किया गया है। शहरी गरीब परिवारों के लिए इस वर्ष 5 लाख आवास पूरे कर लिए जाएंगे। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में 5 लाख से अधिक शौचालय निर्मित किए गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण की बात करें तो इंदौर देश में पहला और भोपाल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। 

मंत्री यादव ने कहा कि डेढ़ दशक पहले प्रदेश की सड़क ठीक नहीं थी। लेकिन प्रदेश में अब सभी जगह अच्छी सड़के बनीं है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री सड़क योजना में नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 1200 किमी लंबी फोरलेन सड़कों का निर्माण अगले चार वर्षों में किया जाएगा। बीते डेढ़ दशक में परिवहन की सुविधा पर ज्यादा ध्यान दिया गया। मप्र में गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

हमारी सरकार ने चार साल में रोजगार के लिए बहुत तेजी से काम किया है। पंडित दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना के तहत 5 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। महिलाओं के क्षेत्र में भी भाजपा सरकार ने बहुत काम किया। पुलिस विभाग में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। पिछड़ा वर्ग की आय सीमा 75 हजार से 3 लाख किया गया। पिछड़ा वर्ग के 30 हजार बच्चों को कोचिंग दी जा रही है। 

हमारी सरकार ने संबल योजना बनाई, इसमें गरीब लोगों के लिए, जो नौकरी में नहीं है उनके लिए अभूतपूर्व काम किए। छतरपुर में संबल योजना में 5 लाख लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इनका बिजली बिल माफ किया गया है। हमारी सरकार ने तय किया है कि मध्यप्रदेश की धरती पर जिसने जन्म लिया है उसके सिर पर छत होगी। संबल योजना के तहत बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक परिवार को 5 लाख का इलाज मुफ्त कराया जाएगा।

 

छतरपुर में एक जब मैं नगर पालिका अध्यक्ष थी, तब यहां सड़कों को ठीक किया। इसके बाद जब विधायक बनीं तो भी इस क्षेत्र के लिए हर काम किया। शीघ्र ही यहां सीएम मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन के लिए आएंगे।

सेना के जवान ने अपने दो साथियों की हत्या की, बाद में कर ली खुदकुशी

हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला जिले में 18 सिख रेजिमेंट के जवान ने अपने दो साथियों की गोली मारकर हत्या कर दी है। मरने वालों में हवलदार हरदीप, नायक कृपाल हैं। ये दोनों पंजाब के तरनतारन और गुरदासपुर के रहने वाले हैं। वहीं गोली मारने वाले जवान की पहचान जसवीर के रुप में हुई है। वो बरनाला का रहने वाला है।

शुरुआती जांच में ये बात सामने आ रही है कि आरोपी जवान जसवीर रात लगभग दो बजे ड्यूटी पर आया था और आते ही उसने सोते हुए अपने साथियों पर गोली चला दी और उसके बाद खुद को भी गोली मार ली। उसकी भी मौत हो गई है। फिलहाल गोली मारने का कारण नहीं पता चल पाया है। सेना ने अपनी तरफ से जांच शुरू कर दी है।

देश की पहली 'स्मार्ट फेंस' का गृहमंत्री ने किया उद्घाटन, घुसपैठ करना होगा मुश्किल

नई दिल्ली। देश में पहली बार लेजर एक्टिव फेंस यानी बाड़ लगाई गई हैं। इससे दुश्मन का भारतीय सीमा में घुसपैठ करना मुश्किल या कहें नामुमकिन हो जाएगा। इस तकनीक का इस्तेमाल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) करेगा। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान से लगी सीमा पर 5-5 किलोमीटर के दो क्षेत्रों में 'स्मार्ट फेंस' पायलट परियोजना का उद्घाटन किया।

इस दौरान गृह मंत्री के सामने इस अ‌र्द्धसैनिक बल के वरिष्ठ अफसर स्मार्ट फेंस का संचालन करके दिखाया। इसे देखकर राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमाओं की निगरानी में फिजिकल पेट्रोलिंग पर निर्भरता कम होगी। बता दें कि जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा के दो हिस्सों में अपनी तरह का यह पहला हाईटेक सर्विलांस सिस्टम तैयार किया गया है। इसकी मदद से जमीन, पानी और हवा में एक अदृश्य इलेक्ट्रानिक बैरियर होगा, जिससे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को घुसपैठियों को पहचानने और मुश्किल इलाकों में घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी। 

स्मार्ट फेंस में सतर्कता, निगरानी, संचार और डाटा स्टोरेज के लिए कई उपकरणों का इस्तेमाल होता है। सेंसर जैसे थर्मल इमेजर, अंडरग्राउंड सेंसर, फाइबर ऑप्टिकल सेंसर, रडार और सोनार आदि उपकरण स्मार्ट फेंस में विभिन्न स्थानों जैसे एयरोस्टैट, टावर और खंभों पर लगे होते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस नई प्रणाली से चौबीसों घंटे सीमा की निगरानी की जा सकती है। मौसम कैसा भी हो, धूल भरी आंधी, धुंध या बरसात निगरानी में कोई दिक्कत नहीं आएगी। महानिदेशक केके शर्मा ने पहले बताया था कि भविष्य में स्मार्ट फेंस पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी 2,400 किमी तक की भारतीय सीमा को पूर्णत: सुरक्षित करने के लिए लगाई जाएगी। भारत में पाकिस्तान और बांग्लादेश से घुसपैठ और अवैध आव्रजन रोकने के लिए यह पहल एक समग्र एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली (सीआईबीएमएस) का हिस्सा है। मोदी सरकार ने दोनों देशों से लगी भारतीय सीमा को पूरी तरह से सील करने के लिए यह फैसला लिया है। लेजर फेंस में अन्य उपकरण जोड़कर एक अदृश्य इलेक्ट्रानिक दीवार बनाई गई है। इस अत्याधुनिक बाड़ के सीसीटीवी फीड तत्काल बीएसएफ की एक चौकी तक पहुंचेंगी। इससे वे घुसपैठ के किसी भी प्रयास को तत्काल नाकाम कर सकेंगे। इन दो स्मार्ट फेंसों में पहली विदेशी है, जबकि दूसरी भारतीय कंपनी की देन है। 

स्मार्ट फेंस में थर्मल इमेजर, इन्फ्रा-रेड और लेजर बेस्ड इंट्रूडर अलार्म की सुविधा होगी। इससे एक अदृश्य जमीनी बाड़, हवाई निगरानी के लिए एयरशिप, नायाब ग्राउंड सेंसर लगा होगा जो घुसपैठियों की किसी भी हरकत को भांपकर सुरक्षा बलों को सूचित कर देगा।

सुरंग से घुसपैठ होगी नाकाम

सुरंग खोदकर भारतीय सीमा में घुसपैठ अब मुमकिन नहीं होगी। सुरंग, रडार और सोनार सिस्टम से सीमा पर नदी के किनारों को सुरक्षित किया जा सकेगा। कमांड और कंट्रोल सिस्टम सभी सर्विलांस उपकरणों से डाटा को रियल टाइम में रिसीव करेंगे।

सुरक्षा का नया पैमाना

घुसपैठ की पिछली घटनाओं को देखते हुए जम्मू के दो इलाकों को चुना गया है। इन्फ्रा-रेड और लेजर बेस्ड इंट्रूजन डिटेक्टर्स जमीन और नदी के आस-पास के क्षेत्रों में एक अदृश्य दीवार का काम करेंगे जबकि सोनार सिस्टम नदी के रास्ते घुसपैठ की कोशिशों को पकड़ लेगा।

ऐरोस्टेट तकनीक आसमान में किसी भी हरकत पर नजर रखेगी। सुरंग के रास्ते घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए भूमिगत सेंसर लगातार निगरानी करेंगे।