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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस में भरी उड़ान

जयपुर टाइम्स
बेंगलुरु (एजेंसी)। जंग के मैदान में हथियार गिराने की अचूक क्षमता हो या दुश्मन की मिसाइल से निपटने की कलाबाजी, भारत के स्वदेशी और हल्के लड़ाकू विमान तेजस को महारत हासिल है। दुश्मन के छक्के छुड़ाने की ताकत रखने वाले इसी फाइटर प्लेन में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उड़ान भरी। अधिकारियों ने बताया कि वह तेजस में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री हैं। आपको बता दें कि हवा में उड़ान और युद्ध के लिए हल्के फाइटर प्लेन ज्यादा सफल होते हैं। भारत का तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) ऐसा ही एक दमदार लड़ाकू विमान है, जो अपनी श्रेणी में पाकिस्तान और चीन के लड़ाकू विमानों को कड़ी टक्कर दे रहा है। 
भारतीय वायुसेना तेजस के विमानों की एक खेप पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है। इसे उड़ाने वाले पायलट इसकी खूबियों से काफी संतुष्ट हैं। तेजस को डीआरडीओ की ऐरोनॉटिकल डिवेलपमेंट एजेंसी ने डिजाइन किया है। इस एयरक्राफ्ट की कल्पना 1983 में की गई थी। हालांकि यह प्रॉजेक्ट 10 साल बाद 1993 में सैंक्शन हुआ था। इसे हिंदुस्तान ऐरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) ने तैयार किया है। 
एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ बताते हैं कि तेजस ना सिर्फ लगातार हमले करने में सक्षम है बल्कि यह सही निशाने पर हथियार गिराने की भी अचूक क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि यह एक फाइटर प्लेन है, इसे फाइटर की तरह ही काम करना होगा। इसने हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मोड में अच्छा काम किया है। पायलट्स भी इससे काफी खुश हैं।' 
वैसे तो यह भारतीय ही है लेकिन इसमें थोड़ी मदद विदेशियों की भी है। जैसे इसका इंजन अमेरिकी है, रेडार और हथियार इजरायली हैं और कई अन्य पुर्जे भी विदेश से लाए गए हैं। 
तेजस को हल्का विमान इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका ढांचा कार्बन फाइबर से बना हुआ है। इसका सीधा-सीधा मतलब हुआ कि किसी धातु से बनने वाले विमानों की तुलना में यह काफी हल्का होता है। कमाल की बात है कि हल्का होने के बावजूद भी यह अन्य विमानों की तुलना में ज्यादा मजबूत है। इसका कुल वजन लगभग 6,560 किलोग्राम है, जिसकी वजह से यह 50 हजार फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसके विंग्स 8.2 मीटर चौड़े हैं। तेजस विमान कुल 13.2 मीटर लंबा और 4.4 मीटर ऊंचा है।  विशेषज्ञों के मुताबिक, तेजस को पाकिस्तान और चीन द्वारा बनाए गए लड़ाकू विमान जेएफ-17 थंडर की टक्कर का माना जाता है। तेजस जहां एक बार में 2,300 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। वहीं, थंडर 2,307 किलोमीटर उड़ सकता है। तेजस में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है जबकि थंडर में ऐसी खूबी नहीं है। मलयेशिया समेत कई देश भी इसकी ताकत देख फिदा हो गए हैं। 
तेजस को उड़ान भरने के लिए आधे किलोमीटर से भी कम जगह की जरूरत पड़ती है। हाल ही में तेजस ने अरेस्टेड लैंडिंग टेस्ट पास किया है। इसका मतलब है कि यह विमान युद्धपोत पर भी उतर सकता है। दरअसल, अरेस्ट लैंडिंग के दौरान युद्धपोत या हवाई पट्टी पर लगा एक तार विमान से जुड़ जाता है, जिसके चलते विमान कम से कम दूरी में रुक सकता है। कई बार तार की बजाय छोटे पैराशूट का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें हवा भरने से विमान की स्पीड कम हो जाती है। 
इसमें सेंसर से मिलने वाले डेटा को प्रोसेस करने वाले मिशन कंप्यूटर का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर ओपन आर्किटेक्चर फ्रेमवर्क को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है यानी इसे भविष्य में अपग्रेड भी किया जा सकता है। रखरखाव और तैयारी के लिहाज से तेजस काफी सस्ता और उपयोगी है। इस मामले में यह सुखोई-30 से भी कहीं बेहतर है। बताया जाता है कि सुखोई-30 के बेड़े में 60 फीसदी से भी कम में ही विमान मिशन के लिए मौजूद रहते हैं बाकी विमानों की मरम्मत चलती रहती है। वहीं, तेजस के 70 फीसदी से ज्यादा विमान उड़ान के लिए तैयार रहते हैं।

प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति हुई गंभीर, 5 लाख घरों में घुसा पानी, 3 दिन के अलर्ट के साथ सभी स्कूल किए गए बंद

जयपुर टाइम्स
प्रयागराज (एजेंसी)। यूपी के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों में आई बाढ़ का कहर जारी है। आने वाले दो-तीन दिनों में जिले में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कई टीमों का गठन किया है। सेना को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। स्थिति और गंभीर होने पर सेना को बुलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने 21 सितंबर तक सभी स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है। 
बता दें कि गंगा ने खतरे का निशान मंगलवार को ही पार कर लिया था, बुधवार को यमुना भी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई। गंगा और यमुना के उफनाने से हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। करीब पांच लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है और पांच हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। बाढ़ के चलते गांव से लेकर शहर तक हाहाकार मचा हुआ है। गली-मोहल्लों में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। शहर के दर्जनों मोहल्लों में पिछले चार-पांच दिनों से लोग फंसे हुए हैं। जिन सड़कों पर मोटर गाडयि़ां फर्राटा भरती थी, उन सड़कों पर नावें चल रही हैं। (देखें विडियो) 
जिला प्रशासन के आदेश के बाद जिले के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। डीआईओएस द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि शहरी इलाकों के सभी कक्षा 1 से 12 तक की स्कूलों को 19 सितंबर से 21 सितंबर तक बंद करने का आदेश किया जा रहा है। आदेश में यह भी कहा गया है कि आदेश का पालन न करने वाले किसी भी विषम परिस्थिति में खुद जिम्मेदार होंगे। 
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों में उफान लगातार जारी है। शहर में बाढ़ आ गई है। आने वाले दो-तीन दिनों को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। पांच लाख घरों में पानी भर गया है। लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। स्कूल बंद कर दिए गए हैं। 
शहर में आई बाढ़ के साथ प्लास्टिक और गंदगी बहकर सड़कों पर आ गई है। लोग इसी गंदगी के ऊपर से अपनी नावों से सुरक्षित स्थानों की तरफ जा रहे हैं।
प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति यह है कि मंदिरों, दुकानों और घरों में पानी भर गया है। लोग जान बचाने के लिए घरों की छतों पर पहुंचे लेकिन अब स्थिति यह है कि लोगों के घरों की छत तक पानी पहुंच गया है।
जिन लोगों के घर पानी में डूब गए हैं, वे घरों की छतों पर कैद हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें न तो खाना मिल पा रहा है न ही पीने का पानी।
जिनके पास सरकारी मदद नहीं पहुंच पा रही है, वहां पर लोग खुद ही अपनी और एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। छतों पर कैद लोग सीढयि़ों से नावों पर उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं।
दुकानों में पानी भरे के बाद लोगों का व्यापार भी प्रभावित हुआ है। एक दुकान से अपने सामान को निकालकर ले जाता युवक। इस दौरान उसका रिक्शा मलबे में रुक गया और काफी प्रयास के बाद भी नहीं निकला तो वह मदद के लिए इधर-उधर नजरें दौड़ाने लगा। लोगों के पूरे घर और घर का सामान पानी-पानी हो गया है। लोगों को उनकी छतों से रेस्क्यू कराया जा रहा है।
नैशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स भी लोगों तक पहुंच रही है और उन्हें न घबराने को कह रही है। लोगों को बारी-बारी से रेस्क्यू कराया जा रहा है। तेज बारिश और बाढ़ में कई घर धराशायी हो गए हैं। लोगों के आशियाने टूटने के बाद उन्हें शिविरों में शरण दी गई है। वहीं टूटे घरों की छतों पर कुत्ते और अन्य जानवर शरण ले रहे हैं।
प्रयागराज में मशहूर मंदिर बड़े हनुमान की लेटी हुई प्रतिमा तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मंदिर में बाहर ललगे होर्डिंग बैनर तक पानी में डूब गए हैं। पुलिस ने बाढ़ प्रभावित इलाके में बैरिकेडिंग लगाकर लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

खादी उत्पादों पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक छूट : मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर से आयोजित होने वाले गांधी सप्ताह में राज्य व जिला स्तर पर अधिक से अधिक जनभागीदारी हो। उन्होंने कहा कि गांधीजी के दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हमने जयंती कार्यक्रमों को 2 अक्टूबर, 2020 तक बढ़ाया है। आगामी एक वर्ष तक होने वाले इन कार्यक्रमों सहित गांधी सप्ताह के आयोजनों में विभिन्न विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं सहित आमजन को व्यापक रूप से 
जोड़ा जाए। 
गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले गांधी सप्ताह के आयोजनों की तैयारी की समीक्षा कर रहे थे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के 150वें जयन्ती के इस उपलक्ष्य में राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी संस्थाओं को संबल देने एवं आम जनता में खादी के प्रति आस्था को देखते हुए 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक उनके उत्पादों की बिक्री पर छूट को वर्तमान 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया जाएगा। उन्होंनेे कहा कि बापू का पूरा जीवन खादी एवं स्वच्छता को समर्पित रहा है। ऐसे में सरकार के इस निर्णय से खादी संस्थाओं और इनसे जुड़े बुनकरों एवं कारीगरों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने खादी उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहन देने के लिए गांधी जयंती आयोजनों की श्रृंखला में इनकी बड़ी प्रदर्शनियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में गांधी सप्ताह का आयोजन किया जाएगा।
इनमें राष्ट्रपिता के जीवन दर्शन पर आधारित महिला सशक्तीकरण, स्वच्छता, ग्राम स्वराज, सामाजिक उत्थान, अहिंसा, खादी प्रदर्शनी एवं सर्वधर्म समभाव को प्रोत्साहन देने वाले राज्य स्तरीय तथा सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सप्ताह के तहत 2 से 4 अक्टूबर तक जयपुर में राज्य स्तरीय तथा जिलों में 2 से 9 अक्टूबर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इन आयोजनों की सफलता के लिए सभी विभागों से आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में गृह, कला एवं संस्कृति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, कार्मिक, उद्योग, स्थानीय स्वशासन, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, महिला एवं बाल विकास, जयपुर विकास प्राधिकरण, शिक्षा आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

उद्धव ठाकरे ने कहा- अगर सावरकर देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान का जन्म नहीं होता

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर वह देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते तो पाकिस्तान कभी अस्तित्व में नहीं आता। उन्होंने कहा कि हम गांधी और नेहरू के कामों से इनकार नहीं करते हैं। यह कहना ठीक है कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए योगदान दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी और ने भी राष्ट्र के विकास में योगदान नहीं दिया। ठाकरे ने वीर सावरकर की बायोग्राफी- इकोज फ्रॉम अ फॉरगाटेन पास्ट के विमोचन पर कहा कि  हमारी सरकार आज हिंदुत्व की सरकार है और मैं वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग करता हूं। ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जब राहुल गांधी ने सावरकर के खिलाफ बयान दिया, तो मैं पहला व्यक्ति था, जो यह कहता था कि राहुल गांधी बेकार हैं। 
इस किताब की एक प्रति राहुल को भी दी जानी चाहिए और उन्हें इसे पढऩे के लिए कहा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा था कि नेहरू देश के लिए जेल में रहे थे। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि सावरकर 14 साल तक जेल में रहे और उन्होंने बहुत यातनाएं झेलीं। अगर नेहरू को 14 मिनट के लिए भी यही दर्द होता, तो मैं उन्हें वीर कहता।

भारतीय सेना ने पाक के कमांडो और आतंकियों पर किया ग्रेनेड से हमला

जयपुर टाइम्स
श्रीनगर (एजेंसी)। पाकिस्तान अपने हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर  के लांचिंग पैड से आतंकियों के घुसपैठ का नया वीडियो सामने आया है। भारतीय फौज ने 12 और 13 सितंबर को बॉर्डर एक्शन टास्क की कई घुसपैठ के प्रयासों को नाकाम किया है। इस दौरान पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस गु्रप कमांडो और आतंकियों पर भारतीय सेना ने ग्रेनेड से हमला किया और उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया। इससे पहले पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान सेना की बड़ी साजिश को विफल कर दिया था। सुरक्षा बलों ने घुसपैठ का प्रयास कर रहे बैट के 4 से 5 घुसपैठियों को ढेर कर दिया था। भारतीय सेना घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों का वीडियो भी जारी किया था। 

विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बाद 11 दिन बाद इसरो ने कहा- हमारे साथ खड़े होने के लिए शुक्रिया

7 सितंबर को चांद की सतह छूने से सिर्फ 2.1 किमी पहले लैंडर विक्रम का पृथ्वी से संपर्क टूट गया था
इसरो के पास लैंडर से संपर्क स्थापित करने के लिए तीन दिन शेष, ऑर्बिटर अपनी कक्षा में स्थापित
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने चंद्रयान-2 मिशन को देशवासियों का समर्थन मिलने पर शुक्रिया कहा। एजेंसी ने मंगलवार रात ट्वीट किया, साथ खड़े होने के लिए आप सभी का शुक्रिया। हम दुनियाभर में मौजूद भारतीयों की उम्मीद और सपनों के बल पर आगे बढऩा जारी रखेंगे। इसरो ने पोस्ट में एक फोटो भी शेयर की। इसमें चांद के सामने एक व्यक्ति एक चट्टान से दूसरी ऊंची चट्टान पर छलांग लगाता नजर आ रहा है।  दरअसल, विक्रम से संपर्क के लिए इसरो के पास अब सिर्फ 3 दिन ही शेष रह गए हैं। 20-21 सितंबर को चंद्रमा पर रात होते ही उससे दोबारा संपर्क साधने की उम्मीद लगभग खत्म हो जाएगी। इसरो का यह ट्वीट चंद्रयान-2 की चांद पर लैंडिंग की कोशिश के 11 दिन बाद आया। 7 सितंबर को चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की चांद पर हार्ड लैंडिंग हुई थी। तब सतह को छूने से सिर्फ 2.1 किमी पहले लैंडर का इसरो से संपर्क टूट गया था। इसरो के अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि लैंडिंग के दौरान विक्रम गिरकर तिरछा हो गया है, लेकिन टूटा नहीं है। वह सिंगल पीस में है और उससे संपर्क साधने की पूरी कोशिशें जारी हैं। 

पश्चिम बंगाल के दो जिलों से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद जब्त

जयपुर टाइम्स
कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के दो जिलों से पुलिस ने भारी मात्रा में आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद, जाली नोट और हथियार बनाने की सामग्री व उपकरण बरामद किए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में हथियारों की आपूर्ति करने वाले रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शंकरपुर इलाके में दो बाइक सवार युवकों को संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखने के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से नौ पिस्तौल, पांच पाइप गन, 67 जिंदा कारतूस, छह खाली मैगजीन, 60,000 रुपये के मूल्य वाले जाली नोट बरामद किए गए। दोनों गिरफ्तार शख्स झारखंड के पाकुड़ के रहने वाले हैं। 

कर्नाटक में सिर्फ कन्नड़ ही चलेगी : येदियुरप्पा, ममता बोलीं- मातृभाषा से कोई समझौता नहीं

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था- देश में एक ऐसी भाषा होनी चाहिए, जो दुनियाभर में देश की पहचान को आगे बढ़ाए 
केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा- हिंदी सबको एक करने वाली भाषा, लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं से बड़ी नहीं
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने की अपील पर कई नेताओं ने अपना विरोध जताया है। कर्नाटक में भाजपा के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि कोई कुछ भी कहे, लेकिन राज्य में सिर्फ कन्नड़ ही चलेगी। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि हम अपनी मातृभाषा से कोई समझौता नहीं करेंगे। हिंदी विवाद में फिल्म अभिनेता भी शामिल हो गए हैं। फिल्मों से राजनीति में आए कमल हासन ने कहा कि 1950 में देशवासियों से वादा किया गया था कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी। कोई शाह, सम्राट या सुल्तान इस वादे को अचानक से खत्म नहीं कर सकता।
येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, ''देश में सभी आधिकारिक भाषाएं समान हैं। हालांकि, कर्नाटक की सैद्धांतिक भाषा कन्नड़ है। हम इसके महत्व से कोई समझौता नहीं करेंगे। राज्य में कन्नड़ ही चलेगी। हम अपनी कन्नड़ और राज्य की संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ममता ने कहा कि हमें सभी भाषाओं और संस्कृतियों का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। हम कई भाषाएं सीख सकते हैं, लेकिन हमें अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। दूसरी भाषाओं के सम्मान के लिए हम अपनी मातृभाषा से समझौता नहीं करेंगे।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार-2 में केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने अमित शाह के हिंदी वाले बयान का समर्थन किया। गौड़ा ने कहा, ''हिंदी सभी को एक करने वाली भाषा है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि यह देश की सभी क्षेत्रिए भाषाओं से बड़ी है। हम सभी ने तीन भाषाओं के फॉर्मूला को अपनाया है। प्रधानमंत्री ने भी सदन में कहा था कि सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान होगा।
अमित शाह ने 14 सितंबर को कहा था कि हिंदी हमारी राजभाषा है। हमारे देश में कई भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन एक ऐसी भाषा होनी चाहिए जो दुनियाभर में देश की पहचान को आगे बढ़ाए और हिंदी में ये सभी खूबियां हैं। 

पीएम मोदी ने की नर्मदा नदी की पूजा,101 पंडितों ने किया मंत्रोच्चार

जयपुर टाइम्स
गांधीनगर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन पर आज सरदार सरोवर बांध पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान बांध के पास 'जंगल सफारीÓ का जायजा लिया। 
केवडयि़ा के पास सरदार सरोवर बांध पहुंचे पीएम मोदी ने यहां कई बड़े प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री जब यहां कैक्टस गार्डन में पहुंचे तो एक अलग नज़ारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री को एक बास्केट दी गई, जिसमें कई तितलियां थीं। पीएम ने बास्केट खोली और हजारों तितलियों को आजाद पर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध पर नर्मदा नदी की पूजा की। 101 पंडितों ने मंत्रोच्चार किया।
कभी इसी डैम के लिए उन्होंने अनशन किया और बाद में इसका उद्घाटन भी किया। नर्मदा नदी की पूजा करने के बाद पीएम मोदी गरुड़ेश्वर दत्त मंदिर जाएंगे। इसके साथ ही नमामि नर्मदा महोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम है। 

एसआईटी को 1984 के सिख-विरोधी दंगों की फाइलें कानपुर से गायब मिलीं

जयपुर टाइम्स
कानपुर (एजेंसी)। साल 1984 में सिख-विरोधी दंगों के दौरान हुईं हत्याओं से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें कानपुर में सरकारी रिकॉर्ड से गायब हैं। उत्तर प्रदेश के इस औद्योगिक नगर में 125 से ज्यादा सिखों की हत्या हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को हत्या होने के बाद अल्पसंख्यकों की हत्या दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा कानपुर में ही हुई थी।
साल 1984 के दंगों की फाइलों की दोबारा जांच करने के लिए राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2019 में गठित विशेष जांच टीम  ने पाया कि कथित रूप से उस समय पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से दबा दी गईं हत्या और डकैती संबंधी कई फाइलें अब गायब हैं।
कुछ मामलों में एसआईटी को प्राथमिकी और केस डायरियां तक नहीं मिलीं, जो यहां सिखों की हत्या मामले की जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

मंदसौर में बारिश ने 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

जयपुर टाइम्स
भोपाल/इंदौर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मंदसौर में बारिश ने 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां इस मानसून में अब तक 77.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। इससे पहले यहां 1944 में सबसे अधिक 62 इंच पानी बरसा था।  अब तक 9 इंच बारिश हुई, जिसके कारण 200 गांवों में कमर तक पानी घुस गया। जिला प्रशासन ने 117 गांवों को खाली करा लिया है। अब तक 20 हजार लोगों को 55 राहत कैंपों में पहुंचाया जा चुका है।
 गांधी सागर डैम का पानी मंदसौर और नीमच जिले के 63 गांवों में पानी घुस गया। जब लोग घरों में सोए हुए थे, तब बाढ़ से दहशत फैल गई। आननफानन में गांवों को नावों के जरिए खाली कराया गया, जो रविवार सुबह 9 बजे तक जारी रहा। गांधी सागर बांध के कारण मप्र-राजस्थान में बनी परिस्थितियों की केंद्र सरकार ने समीक्षा की। गांधी सागर में बारिश का 16 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 6.65 लाख क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। इससे बांध ओवरफ्लो है।मंदसौर में इस बार प्रदेश 
में सबसे ज्यादा 77.5 इंच बारिश हुई, 1944 में यहां 62 इंच पानी बरसा था
गांधी सागर बांध ओवरफ्लो, इसमें बारिश का 16 लाख क्यूसेक पानी आ रहा, 5 लाख छोड़ा जा रहा
20 हजार लोगों को 55 राहत कैंपों में भेजा गया, मध्य प्रदेश में आज भी भारी बारिश की चेतावनीबांध का पानी उतरने में वक्त लगेगा
गांधीसागर के एसडीओ ने बताया कि बांध का वॉटर लेवल शनिवार को 1318 फीट पर था। बांध से 6.65 लाख पानी छोड़ा जा रहा है। इससे वॉटर लेवल कम तो हुआ था, लेकिन शनिवार शाम हुई तेज बारिश से रविवार को जलस्तर 2 फीट तक बढ़ गया। इसे सामान्य स्थिति तक पहुंचने में करीब 18 घंटे का वक्त लग सकता है। 
मंदसौर-नीमच में रेड अलर्ट जारी
नीमच का रामपुरा जलमग्न हो गया। यहां लाल बाग, बस स्टैंड सहित अन्य क्षेत्र 12 से 14 फीट पानी में डूब गए। प्रशासन ने रात में ही 35 से अधिक नावों के सहारे करीब 2500 लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मौसम केंद्र ने सोमवार को मंदसौर-नीमच में रेड अलर्ट जारी किया है।