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ओडिशा में 11 किलोवाट की बिजली के तार की चपेट में आई बस, 9 की मौत, 22 घायल

जयपुर टाइम्स
भुवनेश्वर (एजेंसी)। ओडिशा के गंजाम जिले में एक यात्री बस ऊपर से गुजर रही 11 किलोवाट बिजली के तार की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 22 लोग घायल हुए हैं।  
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। राज्य के परिवहन मंत्री पद्मनाभ बेहरा ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय पेट्रोलियम व स्टील मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। घायल यात्रियों को एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। कुछ की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि जंगलपाडु से चिकरादा जा रही यह बस 11 किलोवॉट की बिजली की ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आ गई। इस वजह से बस में आग लग गई।
दरअसल लोग पास के गांव में एक सगाई समारोह में भाग लेने के लिए जा रहे थे। स्थानीय लोगों ने बस के अंदर फंसे हुए लोगों को बमुश्किल निकाला गया। घायलों को ब्रह्मपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  मुख्य दमकल अधिकारी सुकंत सेठी ने बताया कि बिजली की आपूर्ति को काटा गया और उसके बाद आग को बुझाया गया। तब जाकर यात्रियों को बस से निकाला जा सका।  

दिल्ली में वुहान से लौटे 406 भारतीयों की रिपोर्ट निगेटिव

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। चीन के वुहान शहर से लौटे भारतीयों में दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी सेंटर में भर्ती सभी 406 मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। 1-2 फरवरी को वुहान से लौटे सभी 647 भारतीयों समेत सात मालदीव के नागरिकों को दिल्ली के आईटीबीपी सेंटर और मानेसर स्थित सेंटर भेजा गया था। आईटीबीपी ने रविवार को कहा कि छावला स्थित सेंटर पर वुहान से लौटे सभी मरीजों की जांच हो गई है। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को चि_ी लिखकर सहानुभूति जताई है और कहा कि इस चुनौति से निपटने में भारत के लोग चीन के साथ हैं। आईटीबीपी ने कहा- इससे पहले सफदरजंग अस्पताल में भेजे गए सात युवक भी आईटीबीपी सेंटर वापस आ गए हैं। मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार समय-समय पर सभी का चेकअप किया जा रहा है। किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए चार आइसोलेशन बेड्स तैयार रखे गए हैं। इसके साथ ही चार क्रिटिकल केयर लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं।

जिनका बेटा कभी बंदूक लेकर घूमता था, आज वो माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही हैं : मोदी

जयपुर टाइम्स
गुवाहाटी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोडो समझौते और सीएए के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बाद शुक्रवार को पहली बार असम के दौरे पर पहुंचे। वे बोडो बाहुल्य कोकराझार में समझौते के जश्न में शामिल हुए। उन्होंने रैली में कहा कि यहां की माताओं का प्यार मुझे डंडे मारने की बात करने वाले से सुरक्षा कवच देगा। दरअसल, पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में हुई चुनावी रैली में मोदी को डंडे मारने वाला बयान दिया था। इसी पर मोदी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा-  कभी-कभी लोग मुझे डंडा मारने की बातें करते हैं। लेकिन जिस मोदी को इतनी बड़ी मात्रा में माताओं-बहनों का सुरक्षा कवच मिला हो, उस पर कितने ही डंडे गिर जाएं उसे कुछ नहीं हो सकता। 

संसद में हंगामा : केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा- राहुल डंडे मारने वाले बयान पर माफी मांगें

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा में शुक्रवार को बजट सत्र शुरू होने के कुछ देर बाद हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल, लोकसभा में राहुल गांधी ने वायनाड को लेकर सवाल पूछा था। इसके बाद जवाब देने के लिए खड़े हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा- इससे पहले कि राहुल गांधी के प्रश्न का उत्तर दिया जाए, उन्हें बिना शर्त सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, पूरे सदन को एक स्वर में प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी भाषा की निंदा करनी चाहिए। इस बात को लेकर भाजपा और कांग्रेस के सदस्य आपस में भिड़ गए। बता दें कि संसद में 1 फरवरी से बजट सत्र शुरू हुआ है। पहले सत्र का समापन 11 फरवरी को होगा। इसके बाद अगला सत्र 2 मार्च से शुरू होगा जो कि 3 अप्रैल तक चलेगा। कांग्रेस सांसद मानिकम टैगोर ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को सदन में हुई घटना को लेकर पत्र लिखा। उन्होंने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज देखे जाएं और जिन लोगों ने मेरे साथ बुरा बर्ताव किया, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। 
इस बीच, संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी के चेंबर में मीटिंग हुई। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी मौजूद थे। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से इस मामले पर बातचीत की।

कांग्रेस-भाजपा के नेता माफी की बात पर आपस में भिड़ गए

भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा- केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन भाषण में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री मोदी पर दिए गए बयान की निंदा कर रहे थे, इसी दौरान कांग्रेस सांसद मानिकम टैगोर उनकी ओर दौड़ पड़े। लोकतंत्र के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण। हालांकि, राहुल गांधी ने कहा- सदन में हमें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कांग्रेस सांसद द्वारा हमला किए जाने की बात से भी इनकार किया। 


कांग्रेस सांसद ने हमला नहीं किया- राहुल गांधी 

सदन में हुए घटनाक्रम पर राहुल गांधी ने कहा- वायनाड में मेडिकल कॉलेज नहीं है। मैं यह मुद्दा उठाना चाहता था। यदि मैं बोलता तो निश्चित रूप से भाजपा इस मुद्दे को नापसंद करती। यही वजह रही कि हमें सदन में बोलने नहीं दिया गया। आप विजुअल देखिए। कांग्रेस सांसद मानिकम टैगोर ने किसी पर भी हमला नहीं किया बल्कि उन पर हमला किया गया। 

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान आज

केजरीवाल ने ज्यादातर रोड शो ही किए, उन्होंने मुफ्त बिजली-पानी और मोहल्ला क्लीनिक की उपलब्धियां गिनाईं
राहुल और प्रियंका गांधी ने चुनिंदा रैलियां कीं, इसमें केजरीवाल कम और मोदी ज्यादा निशाने पर रहे 
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। नई दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शनिवार को होगा। नतीजे 11 फरवरी को आएंगे। प्रचार के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) ने पूरी ताकत झोंक दी। वहीं, कांग्रेस इस मामले में पीछे दिखाई दी। कैंपेन के दौरान भाजपा ने करीब 5 हजार इवेंट किए। इनमें रैली, नुक्कड़ सभाएं और रोड शो के अलावा डोर-टू-डोर कैंपेन शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल ने अकेले 68 रोड शो और रैलियों में हिस्सा लिया। कांग्रेस के लिए राहुल ने 4 और प्रियंका ने 2 रैलियां कीं। एक रैली में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। जहां तक मुद्दों की बात है तो भाजपा ने शाहीन बाग का जिक्र खूब किया। आप का फोकस केजरीवाल की मुफ्त योजनाओं पर रहा। कांग्रेस ने स्थानीय चुनाव में देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार की बात कही। 

भारत-मेडागास्कर की बैठक में उठा समुद्री सुरक्षा का मुद्दा

जयपुर टाइम्स
लखनऊ (एजेंसी)। डिफेंस एक्सपो में सजे रक्षा बाजार में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अलग-अलग कम्पनियों से 23 एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इससे 50 हजार करोड़ रुपए के निवेश की राह खुलेगी। सरकार की योजना सफल हुई तो 3 लाख से अधिक नौकरियों के सृजित होंगी। वहीं, पूर्वी अफ्रीकी देश मेडागास्कर और भारत के रक्षामंत्रियों की बैठक में समुद्री सुरक्षा का खाका खींचा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। यूपी इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पीएम मोदी ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की थी। इस कॉरिडोर में हथियार और रक्षा उपकरणों के कारखाने स्थापित किए जाएंगे। 
इससे करीब 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। पहले चरण में बुंदेलखंड के चित्रकूट, जालौन, झांसी और अलीगढ़ में कॉरिडोर का काम शुरू किया जाएगा। यह कॉरिडोर भारत सरकार के मेक इन इंडिया प्रॉजेक्ट के तहत बनाया जाएगा। यहां ड्रोन, वायुयान और हेलीकॉप्टर असेंबलिंग सेंटर, डिफेंस पार्क, बुलेट प्रूफ जैकेट, रक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने के उपकरण, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, डिफेंस इनोवेटिव हब आदि होंगे। मेडागास्कर के रक्षामंत्री लेफ्टिनेंट जनरल रोकोटोनिरीना रिचर्ड ने कहा कि भारतीय महासागर के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ाने में भारत की बड़ी भूमिका है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग में संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया।


 कहा, ''समुद्री पड़ोसियों के रूप में दोनों देशों की जिम्मेदारी है। वे सुरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करें ताकि व्यापार और वाणिज्य का विकास हो सके। मार्च 2018 में मेडागास्कर में भारत के राष्ट्रपति की राजकीय यात्रा को रेखांकित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐतिहासिक यात्रा से दोनों देशों के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आई।'' 

दोनों देशों के बीच हुआ एमओयू संबंधेां को और मजबूती प्रदान करेगा- राजनाथ 
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) से दोनों देशों को रक्षा सहयोग के लिए समर्थकारी ढांचा मिला। रक्षामंत्री ने कहा कि डिफेंस एकस्पो 2020 दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने और आपसी व्यवसाय के विभिन्न क्षेत्रों का अन्वेषण करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।


मेडागास्कर के रक्षामंत्री लेफ्टिनेंट जनरल रोकोटोनिरीना रिचर्ड ने कहा कि भारतीय महासागर के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ाने में भारत की बड़ी भूमिका है। उन्होंने 'ऑपरेशन वेनिलाÓके लिए अपनी सरकार की ओर से आभार व्यक्त किया, जिसमें भारतीय नौसेना ने साइक्लोन डयाने की वजह से मेडागास्कर के बाद की तबाही से प्रभावित आबादी को सहायता प्रदान की। 

अधिकारी ने कहा- ट्रस्ट बिना किसी शर्त के किसी भी रूप में कोई दान ले सकता है

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा में राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के गठन की घोषणा के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने इसके लिए एक रुपए का चंदा दिया है। यह ट्रस्ट को मिला पहला दान है। केंद्र सरकार की तरफ से गृह मंत्रालय में अंडर सक्रेेटरी डी. मुर्मू ने यह चंदा दिया। अधिकारी ने बताया कि ट्रस्ट अचल संपत्ति समेत, बिना किसी शर्त के किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में दान, अनुदान ले सकता है। इसी बीच, राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत कमल नयन दास ने कहा- इस साल रामनवमी से मंदिर निर्माण का काम शुरू हो सकता है। इधर, राम जन्मभूमि न्यास के मुख्य ट्रस्टी महंत नृत्य गोपाल दास को नए ट्रस्ट में जगह न दिए जाने पर त्रिलोकी नाथ पांडेय ने कहा- उन्हें शायद इसलिए जगह नहीं मिली, क्योंकि वह और विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय बाबरी मस्जिद ढहाने के केस में आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पांडे को राम जन्मभूमि की डिक्री दी गई है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि मार्च में यह मामला खत्म हो जाने के बाद गोपाल दास को नए ट्रस्ट में शामिल कर लिया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी गुरुवार को जल्द से जल्द मंदिर निर्माण का कार्य शुरू करने की बात कही है। उन्होंने हिंदुओं से मंदिर निर्माण के लिए 25 मार्च से 8 अप्रैल के बीच सामूहिक जुलूस निकालने का आग्रह किया है। 
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन के ऐलान के एक दिन बाद शिवसेना ने 'सामनाÓ के जरिए उन पर निशाना साधा। 
अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिवसेना ने गुरुवार को लिखा दिल्ली चुनाव से पहले मंदिर निर्माण के ट्रस्ट का ऐलान करना राजनीति से प्रेरित है। मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से चार दिन पहले 'जय श्री राम' का नारा दिया। श्रीराम की मदद से अगर दो-चार सीटें बढ़ गईं तो खुश होंगे। इसमें लिखा गया है, उम्मीद थी कि राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति नहीं की जाएगी, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इसकी नींव रख दी गई है और 2024 लोकसभा चुनाव के मौके पर इसे पूरा किया जाएगा।  

प्रधानमंत्री ने लोकसभा में ट्रस्ट के गठन का ऐलान किया था
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। अयोध्या विवाद में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 वर्षीय के. पाराशरण को 15 सदस्यीय ट्रस्ट को ट्रस्टी बनाया गया है। उनके अलावा एक शंकराचार्य समेत 5 धर्मगुरु ट्रस्ट में शामिल हैं। अयोध्या के पूर्व शाही परिवार के राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्रा, अयोध्या के ही होम्योपैथी डॉक्टर अनिल मिश्रा और कलेक्टर को भी ट्रस्टी बनाया गया।

शुरू में तो राम मंदिर ट्रस्ट हिंदू पक्ष की तरफ से पैरवी करने वाले वकील के.पाराशरण के दिल्ली स्थित घर से काम करेगा। लेकिन बाद में स्थायी कार्यालय से इसका कामकाज चलेगा। इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर स्वतंत्र रूप से फैसला लेने का अधिकार होगा। 
 

लोकसभा में पीएम मोदी ने राहुल की तुलना ट्यूब लाइट से की

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर कई तंज कसे। भाषण के बीच जब राहुल खड़े होकर कुछ बोलने लगे तो मोदी ने उनकी तुलना ट्यूब लाइट से की। प्रधानमंत्री ने कहा- मैं पिछले 30-40 मिनट से बोल रहा हूं। इन तक (राहुल) करंट पहुंचने में इतना वक्त लग गया। बहुत सी ट्यूब लाइट ऐसी ही होती हैं। इस पर राहुल ने कहा कि मोदी लोगों को असली मुद्दों से भटकाते हैं। वे कांग्रेस और पाकिस्तान की बात करते हैं, लेकिन बेरोजगारी पर एक शब्द नहीं बोलते। दिल्ली की एक रैली में बुधवार को अपने ऊपर की गई राहुल गांधी की टिप्पणी पर मोदी ने 20 घंटे बाद करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा- मैं मानता हूं कि कांग्रेस ने 70 साल में कभी आत्मसंतुष्टि महसूस नहीं की। कल एक कांग्रेस नेता (राहुल गांधी) ने कहा कि युवा मोदी को डंडे मारेंगे, 6 महीने बाद वे घर से नहीं निकल पाएंगे। मैं अगले 6 महीने सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा और पीठ का साइज (मजबूती) इतना बढ़ा दूंगा कि कोई भी डंडा मार सके। मैंने पहले भी गंदी गालियां झेली हैं। खुशी है कि कांग्रेस तक करंट तो पहुंचा।
मोदी की टिप्पणी पर राहुल ने कहा, देश को असल मुद्दों से भटकाना प्रधानमंत्री मोदी की शैली है। वे कांग्रेस की बात करते हैं, जवाहरलाल नेहरू की बात करतें है, पाकिस्तान पर बोलते हैं, लेकिन मुख्य मुद्दों पर नहीं बोलते। 


आज सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी और नौकरियों का है। हमने प्रधानमंत्री से कई बार पूछा, लेकिन उन्होंने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। इससे पहले वित्त मंत्री ने लंबा भाषण दिया, लेकिन वे भी इस पर कुछ नहीं बोलीं।"

अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद रिहा हुए सज्जाद लोन समेत दो नेता, महबूबा-उमर अभी भी हिरासत में

जयपुर टाइम्स
श्रीनगर (एजेंसी)। पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन और पीडीपी नेता वाहीद पारा को अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद हिरासत से रिहा कर दिया गया है। दोनों नेताओं को हिरासत से बुधवार को रिहा कर हाउस अरेस्ट में रखा जाएगा। दोनों ही नेता अभी तक एमएलए हॉस्टल में कैद थे। इसके बाद अब विधायक हॉस्टल में एहतियातन हिरासत में 13 लोग शेष बचे हैं। उधर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को पीडीपी के एक पूर्व विधायक और एक व्यापारी नेता को हिरासत से रिहा किया था। इससे पहले रविवार को विधायक हॉस्टल से चार नेताओं को रिहा किया गया था। कलिंदर कश्मीर फेडरेशन चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष हैं। रविवार को जिन्हें रिहा किया गया था उनमें तीन पीडीपी व एक नेशनल कांफ्रेंस के नेता शामिल थे। ये सभी नेता पांच अगस्त 2019 से बंद चल रहे हैं। पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। इसके मद्देनजर तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों- फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित बुनियादी ढांचा के कारोबारी नेताओं को एहतियाती हिरासत में ले लिया गया था।

जिन प्रमुख नेताओं को अभी भी हिरासत में रखा गया है उनमें नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। फारूक अब्दुल्ला पर 17 दिसंबर को पीएसए के तहत भी कार्रवाई की गई है। 

निर्भया केस : हाईकोर्ट ने कहा- चारों दोषियों को एक साथ फांसी दी जाएगी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि निर्भया के चारों दुष्कर्मियों को एक साथ फांसी दी जी सकती है, अलग-अलग नहीं। लेकिन, अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि दोषी अब जो भी याचिका दाखिल करना चाहते हैं, 7 दिन के भीतर ही दाखिल करें और अधिकारियों को इस पर तुरंत एक्शन लेना चाहिए। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। केंद्र और तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस फैसले के लिए खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। रविवार को विशेष सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। निर्भया के माता-पिता ने दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका पर जल्द फैसला लेने की अपील की थी।
हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फांसी पर रोक के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र की याचिका खारिज कर दी। लेकिन, अदालत ने यह भी कहा, "इस बात में कोई शक नहीं है कि दोषियों ने देरी की तरकीबों का इस्तेमाल कर प्रक्रिया को हताश किया है। दूसरी ओर मई 2017 में जब सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की अपील खारिज कर दी, तब किसी ने भी उनके खिलाफ डेथ वॉरंट जारी करने के लिए कदम नहीं उठाया। हाईकोर्ट में रविवार को हुई विशेष सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा था कि दुष्कर्मी जानबूझकर और सोचे-समझे तरीके से दया याचिका और क्यूरेटिव पिटीशन नहीं दाखिल कर रहे हैं और यह कानूनी आदेश को कुंठित करने का मंसूबा है। उन्होंने फांसी में जरा सी भी देर न किए जाने की अपील की थी और कहा- तेलंगाना में लोगों ने दुष्कर्म के दोषियों के एनकाउंटर का जश्न मनाया था।
 दोषियों की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलील दी थी कि अगर दोषियों को मौत की सजा एकसाथ दी गई है, तो उन्हें फांसी भी एकसाथ दी जानी चाहिए। 

ट्रायल कोर्ट ने 31 जनवरी को चारों दोषियों की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगाई थी
ट्रायल कोर्ट ने पिछले महीने 7 जनवरी को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में सभी चार दोषियों को फांसी देने के लिए ब्लैक वॉरंट जारी किया था। हालांकि, एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित रहने की वजह से उन्हें फांसी नहीं दी जा सकी। बाद में ट्रायल कोर्ट ने 17 जनवरी को दोषियों की फांसी की तारीख 1 फरवरी तय की। लेकिन 31 जनवरी को फिर से पटियाला हाउस कोर्ट ने यह कहते हुए कि तीन दोषियों पवन, विनय और अक्षय की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी कि अभी भी इनके कानूनी विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।  

दिल्ली चुनाव कुछ दिन पहले केंद्र ने मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाया

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के 88 दिन बाद सरकार ने राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी। इसमें 15 सदस्य होंगे। बुधवार को दिल्ली चुनाव से ठीक 3 दिन पहले और कैबिनेट के फैसले के फौरन बाद प्रधानामंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे। वहां लोकसभा में उन्होंने प्रश्नकाल से पहले ट्रस्ट बनाए जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का नाम 'श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्रÓ होगा। इसी के साथ केंद्र सरकार ने अपने कब्जे की 67.703 एकड़ जमीन भी ट्रस्ट को सौंप दी है। यह पूरा इलाका मंदिर क्षेत्र होगा। 
संसद में कश्मीर से जुड़ा अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लाने की घोषणा गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। लेकिन इस बार मंदिर ट्रस्ट की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। 

इकबाल अंसारी ने कहा- जल्द मंदिर निर्माण हो, ताकि राजनीति न हो सके 
यहां राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 'श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्टÓका ऐलान कर दिया। इसके बाद अयोध्या में महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम मणिराम दास छावनी में सुरक्षा घेरा बड़ा दिया गया है। आश्रम की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। महंत की सुरक्षा भी बढ़ाई है। माना जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को नवगठित ट्रस्ट में अहम जगह मिल सकती है। वहीं, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने ट्रस्ट गठन से जुड़े केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने ट्रस्ट का ऐलान समय से कर दिया है। अब मंदिर निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए, जिससे इस पर राजनीतिक दल राजनीति अब न कर सकें। 
हम चाहते हैं कि मस्जिद के लिए जो जमीन मिले उसमें अस्पताल व स्कूल भी बने। मस्जिद भव्य न बने केवल लोकल उपयोग के लिए ही इसे बनाया जाएगा।' 

निर्मोही अखाड़ा महंत बोले- प्रभु राम के काम में विरोध का सवाल नहीं
निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि ट्रस्ट का ऐलान हो गया है। सब संतुष्ट हैं कोई विवाद नहीं। राम का काम है। मंदिर निर्माण भी सब चाहते हैं, इस पर सब एक हैं। प्रभु राम के काम में विरोध का सवाल ही नहीं।

9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला

पिछले साल 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आयोध्या विवाद पर फैसला दिया था। इसमें केंद्र सरकार को तीन माह के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया था। प्रधानमंत्री ने संसद में यह भी कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एक? भूमि देने का केंद्र का अनुरोध राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण के सभी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा।

दिल्ली चुनाव : आप का घोषणापत्र जारी राशन की डोर स्टेप डिलीवरी और स्वराज बिल लाने का वादा

केजरीवाल बोले- जनता को जानना चाहिए कि हम क्या वादे कर रहे हैं और वो क्या वादे कर रहे हैं
दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होगा जबकि 11 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली विधानसभा चुनाव से चार दिन पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को घोषणा-पत्र जारी किया। आप ने घोषणापत्र में साफ-सुथरी दिल्ली और स्वच्छ यमुना की गारंटी ली है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा- जनतंत्र में जरूरी है बहस। जनता को जानना चाहिए कि हम क्या वादे कर रहे हैं और वो क्या वादे कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि भाजपा अपना सीएम कैंडिडेट तय करें। ताकि मैं उससे ठीक तरह से बहस कर सकूं।  केजरीवाल ने कहा- बहस में दो एंकर होने चाहिए। यह जनता के सामने होनी चाहिए। अगर जनता को यह नहीं पता कि उनका सीएम फेस कौन है तो वो वोट किसे देंगे। जनतंत्र में सीएम जनता तय करती है। अमित शाह इसका फैसला नहीं करेंगे। अमित शाह कह रहे हैं कि दिल्ली की जनता उन्हें ब्लैंक चेक दे दे, बाद में वो सीएम का फैसला करेंगे। केजरीवाल बोले कि दिल्ली में मैं कह चुका हूं कि आप को दिया एक-एक वोट केजरीवाल के पास जाएगा। लेकिन, भाजपा के पास चेहरा नहीं है तो उनको दिया वोट किसके पास जाएगा। असल में उनका वोट गड्ढे में जाएगा। हम उन्हें 1 बजे तक का समय देते हैं। 

अगर वे 1 बजे तक सीएम कैंडिडेट घोषित कर देते हैं तो मैं बहस के लिए तैयार हूं। बहस की मोडैलिटीज पर बाद में चर्चा करेंगे। हम कल दोपहर 1 बजे मिलेंगे। कांग्रेस और भाजपा पहले ही घोषणापत्र जारी कर चुकी हैं। दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होगा और 11 फरवरी को नतीजे आएंगे।

स्वराज बिल की घोषणा 2015 में भी की गई थी

आम आदमी पार्टी स्वराज बिल लेकर आएगी। इसकी घोषणा 2015 में भी की गई थी। इसका मतलब स्व-शासन और सबसे अच्छा प्रशासन होता है। इसमें नौकरशाहों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की बजाए फैसले लेने की राजनीतिक क्षमता आम लोगों के हाथों में होगी।