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वायुसेना के जंगी बेड़े में 8 अत्याधुनिक अपाचे हेलिकॉप्टर शामिल

पंजाब और जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर पाक हमले की स्थिति में तुरंत बड़ा एक्शन लिया जा सकेगा
अमेरिका से मिल रहे अपाचे हेलिकॉप्टर आधुनिक तकनीक और मारक क्षमता वाले हैं
22 अपाचे हेलिकॉप्टर आएंगे, 11 पाक और 11 चीन सीमा के पास तैनात किए जाएंगे
जयपुर टाइम्स
पठानकोट (एजेंसी)। अमेरिका से मिले आधुनिक तकनीक और मारक क्षमता वाले 8 अपाचे हेलिकॉप्टर मंगलवार को भारतीय वायुसेना के जंगी बेड़े में शामिल हो गए हैं। 
हेलिकॉप्टर्स को पठानकोट एयरबेस पर तैनात किया गया। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी पठानकोट में इंडक्शन सेरेमनी में मौजूद रहे। अमेरिका से 22 अपाचे हेलिकॉप्टर की डील हुई है, जिसमें 11 पाक सीमा के साथ पठानकोट और 11 चीन सीमा के साथ असम के जोरहाट में तैनात होंगे। इनमें से 8 अपाचे की पहली फ्लीट पठानकोट पहुंच चुकी है। इससे पाकिस्तान और चीन की हरकतों पर नजर रखने में आसानी होगी। 
एयरफोर्स में अपाचे की तैनाती ऐसे समय की जा रही है जब धनोआ ने बयान दिया है कि हम 40 साल पुराने फाइटर उड़ा रहे हैं। खुद वायुसेना प्रमुख रविवार से ही यहां पहुंचे हैं।

बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा- 5 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ आर्थिक आपात काल की निशानी

जयपुर टाइम्स
बेंगलुरु (एजेंसी)। बायो फार्मा कंपनी बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ का कहना है कि 5 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ आर्थिक आपात काल को दर्शाती है। सरकार को सतर्क हो जाना चाहिए और ग्रोथ में तेजी के लिए ज्यादा कदम उठाने चाहिए। एक कॉन्क्लेव में बोलते हुए शॉ ने ऐसा कहा। सरकार ने जीडीपी ग्रोथ के आंकडे जारी किए। अप्रैल-जून में ग्रोथ घटकर 5 प्रतिशत रह गई। 
यह 6 साल में सबसे कम है। इस साल जनवरी-मार्च में 5.8  प्रतिशत थी। शॉ ने कहा कि जीडीपी में इतनी गिरावट की किसी ने उम्मीद नहीं की थी। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा- आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि अर्थव्यवस्था में न सिर्फ धीमापन है बल्कि यह ठहराव की स्थिति में पहुंच चुकी है। किरण ने कहा कि 28 प्रतिशत जीएसटी का स्लैब हटा देना चाहिए। इससे ऑटो और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इससे रोजगार पर असर पड़ रहा है। टैक्स घटाकर सरकार मांग बढ़ाने में मदद कर सकती है। खरीद बढ़ेगी तो राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा। 
शॉ ने कहा कि आर्थिक विकास दर को पटरी पर लाने के लिए सरकार को सबसे पहले सेंटीमेंट पर ध्यान देने की जरूरत है। इसमें निवेश भी शामिल है। किरण ने बैंकों के विलय के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इंडस्ट्री के लोगों से वित्त मंत्री की मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अब ज्यादा ध्यान देने लगी है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ में सुधार के लिए सरकार अब तक आशावादी थी लेकिन, खराब स्थिति को समझ भी रही थी। वह इनकार नहीं कर सकती। शॉ के मुताबिक दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भी विकास दर में धीमापन आएगा।
किरण ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर तक हम 3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की उम्मीद कर रहे थे लेकिन, समझ नहीं आता कि 5त्न ग्रोथ के साथ यह कैसे संभव होगा। 

सोशल मीडिया पर युवाओं से जुड़ेगा रिजर्व बैंक, फेसबुक-ट्विटर से देगा नीतियों की जानकारी

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही फेसबुक और ट्विटर के जरिए देश की जनता से जुड़ेगा। आरबीआई की जारी हुई वित्त वर्ष 2019 की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक अब तक लोगों से जुडऩे के लिए ऑडियो-विजुअल और टेक्स्ट मैसेज माध्यम का इस्तेमाल करता था। 2019 में आरबीआई की तरफ से करीब 241 करोड़ मैसेज लोगों को भेजे गए। लेकिन युवाओं से जुडऩे के लिए अब आरबीआई सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स का भी इस्तेमाल करेगा। आरबीआई 360 डिग्री मास मीडिया अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। इसके तहत बैंक फेसबुक और ट्विटर से अपनी नीतियों और योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएगा। इसका मकसद टू-वे कम्युनिकेशन को बढ़ावा देना और युवाओं के साथ जुडऩा है, जिससे लोगों को बैंक की पारदर्शिता, सामयिकता और विश्वसनीयता के बारे में जानकारी मिले। इसके अलावा आरबीआई का संचार विभाग देशभर के अपने क्षेत्रीय केंद्रों में मीडिया वर्कशॉप का भी आयोजन करेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पत्रकार उससे जुड़ पाएं। दरअसल, आरबीआई के मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास बैंक की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों से बैंक को जोडऩे के पक्षधर रहे हैं। जबकि इससे पहले गवर्नर रहे उर्जित पटेल की कई बार संचार में खुलापन न रखने के लिए आलोचना भी हो चुकी थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अब 100 रुपए के नोट की लाइफ बढ़ाने के लिए इस पर वार्निश की कोटिंग करेगा। आरबीआई की एनुअल रिपोर्ट में इसका भी जिक्र है। कुछ ही महीनों में ट्रायल के तहत इन नए 100 के नोटों का लॉन्च कर दिया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में सभी 100 रुपए के नोटों को वार्निश कोटिंग वाले नोटों से बदल दिया जाएगा। इसके अलावा आरबीआई दृष्टिबाधित लोगों के लिए करंसी नोटों को और ज्यादा आसान पहचान वाला बनाना चाहता है। इन सब बदलावों और बैंक नोट की क्वालिटी को परखने के लिए आरबीआई ने मुंबई में क्वालिटी एश्योरेंस लैबोरेट्री भी स्थापित की है। यह लैब करंसी नोटों के बदलाव और स्टैंडर्ड बनाने का काम करेगी। 

भारत आतंक मुक्त माहौल में पाक के साथ द्विपक्षीय बातचीत को तैयार : जयशंकर

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में पाकिस्तान के साथ बकाया मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है। यह बात जयशंकर ने यूरोपीय संघ के कमिश्नर क्रिस्टोस स्टायलियनाइड्स के साथ बैठक के दौरान कही। जिसमें यूरोपीय संघ के इस रुख को दोहराया गया कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद को कश्मीर क्षेत्र में तनाव दूर करने के लिए फिर से बातचीत करने की आवश्यकता है। दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रों में बेहतर प्रशासन और अधिक विकास के लिए अपनी उम्मीदों को साझा किया। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान और इरान में स्थिति से संबंधित हाल के घटनाक्रम पर भी बातचीत की। जयशंकर ने ट्वीटर पर लिखा, यूरोपीय संघ के कमिश्नर क्रिस्टोस स्टायलियनाइड्स के साथ अच्छी बैठक हुई। अफगानिस्तान और ईरान पर अपने दृष्टिकोण पर चर्चा की। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बेहतर प्रशासन और विकास पर हमारी अपेक्षाओं के बारे में बताया। आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय रूप से मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारत की उदारता के बारे में बताया। भारत ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया है। इस फैसले के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उसने पहले भारत के साथ व्यापार निलंबित किया, फिर अपना हवाई क्षेत्र आंशिक तौर पर बंद कर दिया और भारतीय सिनेमा, समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस की सेवाएं प्रतिबंधित कर दीं। 

एनआरसी की अंतिम लिस्ट जारी

जयपुर टाइम्स
गुवाहाटी (एजेंसी)। एनआरसी की सूची आज जारी कर दी गई है। राज्य प्रशासन ने गुवाहाटी सहित संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यालयों में सामान्य कामकाज, आमजनों और यातायात की सामान्य आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि जिन लोगों का नाम लिस्ट में शामिल नहीं होगा, वे फॉर्नर ट्रिब्यूनल में 120 दिनों के भीतर अप्लाई कर सकते हैं। सुरक्षा -व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 51 कंपनियां तैनात कर दी गई है।  गृह मंत्रालय ने फाइनल लिस्ट की सूची जारी कर दी। सुरक्षा-व्यवस्था के लिए 51 कंपनियां तैनात की गई हैं। एनआरसी के स्टेट कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने बताया कि 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार लोगों का एनआरसी की फाइनल लिस्ट में जगह मिली और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया। जो लोग इससे संतुष्ट नहीं है, वे फॉरनर्स ट्रिब्यूनल के आगे अपील दाखिल कर सकते हैं।  वहीं, असम में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हिंसा और सांप्रदायिक झड़पों की आशंकाओं को देखते हुए राज्य सरकार और गृह मंत्रालय ने लोगों से शांति की 
अपील की है। 

एनआरसी की अंतिम सूची कल जारी होगी

जयपुर टाइम्स
गुवाहाटी (एजेंसी)। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप (एनआरसी) की अंतिम सूची का प्रकाशन शनिवार को किया जाएगा। इसके बाद ही असम में 41 लाख लोगों के भाग्य का फैसला होगा कि वे देश के नागरिक हैं या नहीं। असम पुलिस और सरकार ने राज्य में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से कहा है कि कुछ असामाजिक लोग एनआरसी को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, उन पर ध्यान न दें। केंद्र और राज्य सरकार ने राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले असम से केंद्रीय सुरक्षा बलों की 55 कंपनियों को हटाया गया था। हालांकि अब सरकार के अनुरोध पर 51 कंपनियों को तैनात किया गया है। यह फाइनल एनआरसी लिस्ट 31 जुलाई को प्रकाशित होनी थी, लेकिन राज्य में बाढ़ के कारण एनआरसी अथॉरिटी ने इसे 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया था। इससे पहले 2018 में 30 जुलाई को एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट आया था। 
 

 

अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद सेना प्रमुख का आज पहला श्रीनगर दौरा, घाटी में सुरक्षा का जायजा लेंगे

जयपुर टाइम्स
श्रीनगर (एजेंसी)। सेना प्रमुख बिपिन रावत जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद आज पहली बार श्रीनगर पहुंचेंगे। इस दौरान सेना प्रमुख कश्मीर घाटी में भी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। यहां सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है या नहीं, यह भी समीक्षा करेंगे।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और केंद्र सरकार ने कहा था कि राज्य में हालात सामान्य हैं। यहां जनजीवन फिर से पटरी पर लौटा है। बुधवार को राज्यपाल ने कहा था कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से अब तक कोई जनहानि नहीं हुई। हर एक कश्मीरी की जान हमारे लिए अहम है। हम नहीं चाहते यहां एक भी व्यक्ति अपनी जान गंवाए।

मौसम विभाग का अलर्ट, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसी ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गुजरात, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में बारिश में गिरावट होने की बात कही है। झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में कहा कि तेज हवाएं, जिनकी रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, बंगाल के पूर्व-मध्य खाड़ी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक इन हवाओं का असर दिखने वाला है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक इन इलाकों में ना जाने की सलाह दी है। 

1500 की रिश्वत लेते एएसआई गिरफ्तार

जयपुर टाइम्स
धौलपुर (निसं)। गुरुवार सुबह जिले के सैपऊ थाने के सहायक उपनिरीक्षक बाबूलाल जाटव को 1500 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मामले में एंटी करप्शन ब्यूरों भरतपुर और धोलपुर द्वारा संयुक्त कार्यवाई को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि परिवादी से एक मामले में रिश्वत मांगी गई थी। जिसकी शिकायत उसने एसीबी में की। फिल्हाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। 
जानकारी अनुसार, परिवादी मुकेश लोधा ने दो दिन पहले एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई की सैपऊ थाने के सहायक उनिरिक्षक बाबूलाल जाटव ने उन पर चल रहे एक मामले में रिश्वत की मांग की है। जिस पर एसीबी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले का सत्यापन करवाया। सत्यापन में पुष्टि होने के बाद आज कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जहां बाबूलाल जाटव को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।  

सीबीआई ने अदालत से नीरव मोदी और उसके भाई की संपत्ति जब्त करने की मांगी इजाजत

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पीएनबी घोटाले के अभियुक्त नीरव मोदी, उसके भाई नीशाल मोदी और एक सहयोगी सुभाष परब समेत अन्य आरोपियों को लेकर सीबीआई की विशेष अदालत में एक अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी में उसने इनकी संपत्ति कुर्क करने की अनुमति मांगी है। साथ एजेंसी ने इन्हें घोषित अपराधी घोषित करने की भी मांग की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में पिछले साल तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर करते वक्त वांछित बताया था। एजेंसी ने सीबीआई न्यायाधीश वी सी बारडे के समक्ष याचिका में सीबीआई ने दावा किया कि आरोपी मामला दर्ज होने से पहले देश छोड़कर जा चुके थे। ऐसे में उनके खिलाफ वारंट पर तामील नहीं की जा सकी। 
नीरव मोदी को जहां लंदन में गिरफ्तार किया गया है। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया लंबित है। वहीं उसका भाई नीशाल और सहयोगी परब के ठिकाने का अभी भी पता नहीं चल सका है। भारत में नीरव मोदी की प्रत्यर्पण प्रक्रिया लंदन की एक स्थानीय अदालत के समक्ष लंबित है। इस आवेदन में कहा गया कि परब, नीरव मोदी की कंपनी में अधिकारी था। आवेदन के मुताबिक, आरोपी अदालत द्वारा जारी वारंट की तामील से बचने के लिए देश छोड़कर भाग गया है। इसलिए अनुरोध किया जाता है कि कृपया आरोपी की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया जाए।

राजनाथ सिंह ने पाक पर किया वार, बोले- कश्मीर तुम्हारा था ही कब जो रोते रहते हो

जयपुर टाइम्स
जम्मू (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को लद्दाख पहुंचे। इस दौरान लेह में उन्होंने 26वें किसान-जवान- विज्ञान मेले का उद्घाटन किया। बता दें कि सिंह का यह दौरा काफी खास है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह उनका पहला दौरा है। उद्घाटन समारोह में काफी संख्या में स्थानीय लोगों से साथ ही जवान भी मौजूद रहे। सिंह ने इस दौरान किसानों, जवानों और विज्ञान के क्षेत्र में सराहनीय काम करने वाले लोगों को संबोधित किया। सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम का आयोजन लद्दाख के स्थानीय लोगों के साथ शोध जनित कृषि प्रौद्योगिकी को साझा करने के लिए किया जा रहा है। जिसमें रक्षा अनुसंधान विकास संगठन द्वारा विकसित कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी शामिल है। साथ ही वह बीज, अनाज, फल और सब्जियां शामिल हैं जोकि ऊंचाई वाले इलाके में उगाई जाती हैं। 
इस विज्ञान मेले का आयोजन डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टीट्यूड रिसर्च द्वारा किया गया है। संबोधन के दौरान राजनाथ ने कश्मीर मामले पर पाक को दो टूक जवाब दिया।


 उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से पूछना चाहता हूं कि कश्मीर कब पाकिस्तान का था जोकि उसको लेकर रोते रहते हो। पाकिस्तान बन गया तो हम आपके वजूद का सम्मान करते हैं। सिंह ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान का कोई स्थान नहीं है। 
 

नौकरशाही को जनमुखी बनाने के लिए सक्षम और प्रतिभावान अधिकारियों का प्रोत्साहन है जरूरी

रस्कार और दंड देने की प्रक्रिया नौकरशाही के लिए भी उतनी ही जरूरी है जितनी जीवन के दूसरे पक्षों में। हाल में कर्मठ, ईमानदार और नवोन्मेषी 16 जिला अधिकारियों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके बाद यह खबर आई कि कई टैक्स अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, क्योंकि वे कारोबारियों को अनावश्यक रूप से तंग कर रहे थे। यह सिलसिला कायम रहना चाहिए। बीते दिनों जिन अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया वे देश के अलग-अलग हिस्सों में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। डॉक्टर अयाज फकीर भाई ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन को सुलभ बना दिया तो संदीप नंदूरी ने पानी की कमी से जूझते तमिलनाडु के कई गांवों में बर्बाद पानी को इक_ा कर फिर उपयोग में लाने की विधि ईजाद कर दी। वहीं राकेश कंवर ने हिमाचल प्रदेश में कूढ़े के ढेर को एक खूबसूरत पार्क में बदल दिया। इसी तरह राजकुमार यादव, माधवी खोडे, कार्तिकेय मिश्रा आदि को जब शिक्षा, कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा और मेहनत का फल मिला। जब ऐसा होता है तो पूरी नौकरशाही में नई जान पड़ जाती है और अन्य अधिकारी भी कुछ बेहतर करने को प्रेरित होते हैं। पिछले कुछ दिनों में सरकार की कोशिश बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने की रही है। 2006 में शुरू किए गए सिविल सेवा अवार्ड ने भी इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सिविल सेवा अवॉर्ड हर वर्ष सिविल सेवा दिवस यानी 21 अप्रैल को देश के अलग-अलग क्षेत्रों में शासन-प्रशासन से जुड़े हर स्तर के अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कामों के लिए दिए जाते हैं। राजस्थान के जिलाधिकारी द्वारा जेनरिक दवाओं की शुरुआत हो या फिर बदायूं के जिलाधिकारी द्वारा मल मुक्ति अभियान, कर्नाटक में भूमि रिकॉर्ड का कंप्यूटरीकरण करना हो अथवा रेलवे में ई टिकटिंग की व्यवस्था, इसी के चंद उदाहरण हैं। नि:संदेह संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित एक कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजर कर देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं प्रशासनिक सेवाओं में आती हैं। यदि उन्हें लगातार इसी तरह प्रोत्साहन मिलता रहे तो नौकरशाही का चेहरा बदल सकता है। अभी तक के ज्यादातर अनुभव यही बताते हैं कि आजादी के बाद नौकरशाही की कार्यक्षमता में लगातार गिरावट आती गई है और भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, फिजूलखर्ची में बढ़ावा देखने को मिला है। हम सब के निजी अनुभव भी यही बताते हैं और एनएन वोहरा से लेकर प्रशासनिक सुधार आयोग की तमाम रपटें और दूसरे तमाम सर्वे भी इसी ओर इंगित करते हैं, लेकिन कर्मठ अफसरों को प्रोत्साहन के प्रचार-प्रसार से हालात बदले जा सकते हैं। भारतीय नौकरशाही की बहुत बड़ी कमी यह महसूस की जाती रही है कि आप एक बार उसके हिस्से हो जाएं तो आप कुछ करें या न करें या कितना भी अच्छा करें आपको कोई फल नहीं मिलने वाला और न करने पर भी आपके करियर पर कोई असर नहीं होने वाला। इस धारणा को मूल रूप से समाप्त किए जाने की जरूरत है। इन पुरस्कारों की यही भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल पुरस्कार ही नहीं, सरकार को निकम्मे लोगों से मुक्ति भी पानी होगी। हाल में जिन अधिकारियों की उम्र 55 वर्ष हो चुकी है या जो 25 वर्ष की सेवा कर चुके हैं उनके कार्य निष्पादन का आकलन किया जा रहा है। सरकार के ऐसे कदमों और खासकर नाकारा या भ्रष्ट अधिकारियों की छुट्टी करने पर किसी को हाय तौबा मचाने की जरूरत नहीं है। विशेषकर तब जब एक तरफ तो आप सरकार की, उसकी नौकरशाही की आलोचना करते हैं और उसकी कार्यक्षमता में गिरावट का रोना रोते हैं। इसके अलावा कानून व्यवस्था, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सुविधा के अभाव की बात करते हैं और फिर जैसे ही सरकारी दफ्तरों में बैठे निकम्मे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने की जरूरत होती है तो कुछ लोग उनके बचाव में लग जाते हैं। इस क्रम में लोग कई बार सरकार पर निजीकरण करने का आरोप भी लगाते हैं। शासन या सत्ता समाज के कल्याण के लिए होती है। उसे नौकरशाही करे या निजी क्षेत्र करे, अंतिम आदमी को नागरिक हक, न्याय और सुविधाएं चाहिए, ईमानदारी चाहिए, भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहिए। जो भी सरकार इसे निष्पक्षता से करे उसका साथ देने की जरूरत है। यह उल्लेखनीय है कि 16 आइएस अफसरों को पुरस्कृत करने की चयन प्रक्रिया में देश के नामी-गिरामी लोग जुड़े हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरएम लोढ़ा उस चयन समिति के अध्यक्ष थे और पूर्व नौकरशाह हबीबुल्ला, पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव, पूर्व कैबिनेट सचिव चंद्रशेखर सदस्य थे। उन्होंने पांच मानदंडों पर देशभर से आई संस्तुतियों पर विचार किया और फिर एक्सीलेंस इन गवर्नेंस अवार्ड के लिए उन्हें चुना है। हाल में उठाए गए कई कदम नौकरशाही में बदलाव के संकेत दे रहे हैं। जैसे इन्हें पुरस्कृत किया गया है वैसे ही कुछ दिनों पहले कस्टम, इनकम टैक्स, पुलिस आदि विभाग के दर्जनों अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त भी किया गया है।
 काफी अरसे के बाद उन अधिकारियों को भी नौकरी से निकाल दिया गया है जिन्हें सरकार ने विदेश भेजा तो था प्रशिक्षण के लिए, लेकिन वे वर्षों से बिना बताए गायब थे। ऐसे अधिकारियों को राष्ट्रीय हित में बिना किसी रियायत के तुरंत सबक सिखाने और दूसरों को भी संदेश देने की जरूरत है।

नौकरशाही को बनाया जाए जनमुखी 
ठीक जिस वक्त कुछ कर्मठ अफसरों को पुरस्कृत किया जा रहा था उसी समय नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया में क्या-क्या सुधार अपेक्षित हैं, उस पर दिल्ली में विचार मंथन चल रहा था। मेरा मानना है कि न केवल भर्ती प्रक्रिया, बल्कि सेवाकालीन प्रशिक्षण आदि को भी फिर से परिभाषित करने की जरूरत है जिससे नौकरशाह, मालिक के बजाय जनता के सेवक के रूप में प्रतिष्ठित हो सकें। कस्तूरीरंगन रिपोर्ट ने भी इसी तरफ इशारा करते हुए कहा है कि हमारे नौकरशाह अंग्रेजी के दंभ में भारतीय जनता से लगातार दूर रहने की कोशिश करते हैं और गुमान रखते हैं। अब समय आ गया है कि नौकरशाही को जनमुखी बनाया जाए।