Updated -

mobile_app
liveTv

राज्यपाल ने दो दिन का वक्त देने की हमारी मांग ठुकराई : शिवसेना

कांग्रेस-राकांपा ने समर्थन 
पर चुप्पी साधी
जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। चुनाव नतीजों के 18 दिनों बाद भी महाराष्ट्र में सत्ता की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से न्योता मिलने के बाद शिवसेना ने तय समय सीमा सोमवार 7:30 बजे से पहले सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की। लेकिन, राजभवन के बाहर आकर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमने सरकार बनाने के लिए 2 दिन का वक्त मांगा था, लेकिन वह हमें नहीं मिला। आदित्य ने यह भी कहा कि हमारा दावा अभी खारिज नहीं हुआ है, हालांकि उन्होंने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया कि मुझे नहीं मालूम कि आगे क्या होगा। महाराष्ट्र में सरकार बनेगी या राष्ट्रपति शासन लगेगा। शिवसेना और राकांपा ने सोमवार अपने विधायकों की बैठक बुलाई। शिवसेना विधायक जहां राकांपा और कांग्रेस के सहयोग से सरकार गठन के पक्ष में दिखे। वहीं, राकांपा विधायकों ने भी शिवसेना के विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने पर हामी भरी। हालांकि, राकांपा ने साफ कर दिया कि कांग्रेस की बैठक में जो भी फैसला होगा, उसी के आधार पर हम आगे बढ़ेंगे। शिवसेना को समर्थन देने के लिए रविवार को राकांपा और कांग्रेस ने शर्त रखी थी कि वह एनडीए से बाहर आए। इसी क्रम में मोदी कैबिनेट में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया और शर्त पूरी कर दी। सावंत ने कहा कि दिल्ली में झूठ का माहौल है और ऐसी सरकार में रहने का क्या फायदा।
अरविंद सावंत के इस्तीफे के बाद ही शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सत्ता गठन की कवायद तेज कर दी। 
उन्होंने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से होटल में मुलाकात की और उनसे सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा। महाराष्ट्र के सियासी हालात को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दो बार कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। सोनिया गांधी ने सोमवार शाम दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों से फोन पर बात भी की। कांग्रेस की पहली बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने सोनिया गांधी से फोन पर बातचीत की और उनसे समर्थन मांगा। इसके बाद खबरें आईं कि कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन देने पर हामी भर दी है। सोनिया-उद्धव में बातचीत के बाद आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे राज्यापाल के पास सरकार बनाने की इच्छा जाहिर करने पहुंचे। हालांकि, आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमने सरकार बनाने के लिए राज्यपाल से दो दिन का वक्त मांगा था जो हमें नहीं मिला। हमारा दावा खारिज नहीं हुआ है।
 हालांकि, उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में क्या होगा, यह मैं नहीं जानता। राजभवन ने बताया कि शिवसेना ने समर्थन पत्र दाखिल करने के लिए 3 दिन का वक्त मांगा था और यह समय देने से उन्हें इनकार कर दिया गया। आदित्य की राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि हमने अभी समर्थन पर कोई फैसला नहीं किया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि हमने बयान जारीकर स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र के हालात को लेकर हमने अपने नेताओं से बातचीत की है। हमने शरद पवार से भी बात की। अब सोनिया गांधी मंगलवार को शरद पवार से बातचीत करेंगी। 
भाजपा-शिवसेना के बीच 1989 में गठबंधन हुआ था। 1990 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव दोनों दलों ने साथ लड़ा था। 2014 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल अलग हो गए थे। दोनों दलों ने चुनाव भी अलग लड़ा। हालांकि, बाद में सरकार में दोनों साथ रहे। भाजपा-शिवसेना 30 साल में दूसरी बार अलग हो रहे हैं।
जेडीएस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि अगर कांग्रेस शिवसेना को समर्थन देती है तो 5 साल तक उसे परेशान नहीं करना चाहिए। तभी लोग कांग्रेस पर भरोसा करेंगे। बाला साहेब ने महाराष्ट्र में भाजपा को जगह दी। वायपेयी और आडवाणी ने उनके घर जाकर सीटों के लिए गुहार लगाई थी। भाजपा ये भूल गई, इसीलिए उद्धव ठाकरे ने उसे सबक सिखाने का फैसला किया है। अब कांग्रेस और राकांपा भाजपा से नीचे ले जाने के लिए साथ दे। 

महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों ने जताई शिवसेना को समर्थन देने की सहमति

अंतिम फैसला सोनिया गांधी 
पर छोड़ा
जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। गुलाबी नगरी में ठहरे महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायकों ने शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए सहमत दिखाई दे रहे हैं। इस बैठक में विधायक दल का नेता नहीं चुना गया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े विधायकों की इच्छा की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को देंगे। सोनिया गांधी क्या निर्णय लेंगी इस पर महाराष्ट्र की सियासत टिकी हुई है। क्योंकि शिवसेना भाजपा के बीच मुख्यमंत्री बनाने को लेकर तकरार बनी हुई है। एनसीपी और शिवसेना अकेले सरकार बना नहीं सकती है क्योंकि उनको कांग्रेस का समर्थन लेना ही पडेगा इसके बिना सरकार नहीं बन सकती है।
सूत्रों ने बताया कि अगर सोनिया गांधी शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार हो जाती हैं तो महाराष्ट्र ही नहीं, देश की सियासत में एक नया राजनीतिक अध्याय प्रारंभ होगा।
बैठक में यह बात सामने आई कि कांग्रेस विधायक शिवसेना के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाने के इच्छुक हैं। कांग्रेस नई सरकार को बाहर से समर्थन नहीं देना चाहती बल्कि सरकार में शामिल होना चाहती है। कांग्रेस विधायकों से मुलाकात के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बाल थोराट भी मौजूद थे।
मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि वे विधायकों की मंशा सोनिया गांधी को बताएंगे। आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र चुनाव के परिणाम मेंकांग्रेस के 44 विधायक, एनसीपी के 54 विधायक, बीजेपी के 105 और शिवसेना के 56 विधायक विजय होकर आए हैं। 

राम मंदिर में लगेगा बंशी पहाड़पुर का पत्थर, हर माह 10 से 20 ट्रक सेंड स्टोन भेजा जाएगा अयोध्या

जयपुर टाइम्स
भरतपुर (निसं.)। रामलला के पक्ष में फैसला आने के बाद भरतपुर के बयाना और बंशी पहाड़पुर के खनन क्षेत्र से पत्थर की आपूर्ति फिर प्रारंभ हो जाएगी। राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण न्यास की ओर से प्रस्तावित मंदिर में क्षेत्र से निकलने वाले सेंड स्टोन का इस्तेमाल 60 प्रतिशत से अधिक होगा। मंदिर में करीब 4 लाख घन फीट पत्थर इस्तेमाल होगा, जिसमें से करीब 2.5 लाख घन फीट बंशीपहाडपुर का स्टोन लगेगा।
साल 2006 से अयोध्या के कारसेवक पुरम में पत्थर भेजा जा रहा है। अब तक एक लाख घन फीट पत्थर की आपूर्ति हो चुकी है। इसमें 70 हजार घन फीट पत्थर अयोध्या की राम मंदिर कार्यशाला में तथा 30 हजार घन फीट पत्थर पिंडवाड़ा की कार्यशाला में भेजा जा चुका है। यहां पत्थर की नक्काशी की जा रही है। एक खेप महीने भर पहले ही भेजी गई है। पिछले दिनों 10 ट्रोला पत्थर भेजा गया, जिसमें एक में 400 घन फीट माल था। अब डेढ़ लाख घन फीट पत्थर की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए संबंधित खान मालिकों से विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी संपर्क में है। इसकी पुष्टि विहिप के विभाग अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने की है।
महलपुर चूरा, तिर्घरा, छऊआमोड और सिर्रोंध क्षेत्र की खानों के पत्थर को टेस्टिंग के बाद चयनित किया गया है। यहां सहकारी समितियों और खान मालिकों से ब्लॉक निकालकर बयाना भेजने को कहा गया है। यहां रफ माल की कटिंग होने के बाद अयोध्या रवाना किया जाएगा। पत्थर की आपूर्ति 6 माह तक होगी। 10 से 20 ट्रोला पत्थर प्रतिमाह भेजा जाएगा। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा कुछ ट्रोले स्थाई रूप से किराए पर लिए जाएंगे।
बंशी पहाड़पुर के पत्थर की खासियत मजबूती और सुंदरता के कारण सदियों से प्रसिद्ध है। इसमें अन्य पत्थरों के मुकाबले अधिक भार सहने की क्षमता और आसानी से पच्चीकारी होने की खासियत के कारण इसकी मांग रही है।
 संसद, लालकिला, बुलंद दरवाजा सहित अक्षरधाम और इस्कान के अधिकांश मंदिरों में बंशी पहाड़पुर का पत्थर लगा है। पत्थर कारोबारी नेमीचंद ने बताया कि इस पत्थर में रुनी यानी स्टोन कैंसर नहीं होता। बारिश से पत्थर के रंग में निखार आता है।

सरकार नहीं बनाएगी बीजेपी

राज्यपाल कोश्यारी 
को दी जानकारी
जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अब 'महा संकटÓ शुरू हो गया है। बीजेपी ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया है। बीजेपी नेताओं ने अपने सीनियर नेताओं के साथ बैठक के बाद राज्यपाल से मुलाकात की। गवर्नर से मीटिंग के बाद बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है। हम सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं। सेना चाहे तो कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बना सकती है। राज्यपाल से मिलने वाले नेताओं में कार्यकारी मुख्यमंत्री देंवेंद्र फडणवीस, चंद्रकांत पाटिल, विनोद तावड़े और पंकजा मुंडे समेत कई बड़े नेता 
मौजूद थे। 
चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि हाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जिसे राज्य की जनता ने बहुत अच्छा जनादेश दिया। यह जनादेश सरकार बनाने के लिए काफी था। कल राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते हमें सरकार बनाने का न्योता दिया। लेकिन जनादेश का अनादर करते हुए सेना ने सरकार नहीं बनाने की इच्छा जाहिर की। हम भी अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं। हमने राज्यपाल को यह सूचित कर दिया है। शिवसेना चाहे तो एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। उन्हें हमारी शुभकामनाएं।
 

अलौलिक शक्ति में हमारी आस्था : राजनाथ अप्रैल-मई तक भारत को 7 राफेल मिलेंगे

8 अगस्त को दशहरे के मौके पर फ्रांस ने भारत को पहला राफेल सौंपा था, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी शस्त्र पूजा की थी
शस्त्र पूजा की कई नेताओं ने आलोचना की, पवार ने कहा- राफेल पर नींबू-मिर्ची लटका दिए गए, ऐसा तो नया ट्रक खरीदने पर ड्राइवर करते हैं 
जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस दौरे से दिल्ली लौटे। यहां उन्होंने कहा कि भारत को अगले साल अप्रैल-मई तक 7 राफेल लड़ाकू विमान मिल जाएंगे। यह विमान 1800 किमी प्रति घंटा की गति पाने में सक्षम है। मैंने इसमें 1300 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर उड़ान भरी। राफेल विमानों को देश में लाने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। फ्रांस में शस्त्र पूजा पर राजनाथ ने कहा कि अलौकिक शक्ति में हमारा विश्वास है।  
राजनाथ ने कहा, ‘‘फ्रांस दौरा कामयाब रहा। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से करीब 35 मिनट मुलाकात हुई। भारत अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने को लेकर किसी का भी दखल बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ राजनाथ ने यह भी कहा कि राफेल के वायुसेना में शामिल होने के बाद हमारी युद्धक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।  राफेल की शस्त्र पूजा पर उन्होंने कहा, ‘‘लोग तो जो चाहते हैं, कहते हैं। मैंने वही किया, जो सही था और आगे भी इसे जारी रखूंगा। ब्रह्मांड में कोई अलौकिक शक्ति है, यह हमारी आस्था है। मेरा इसमें बचपन से भरोसा रहा है।’’ रक्षा मंत्री ने यह भी कहा, ‘‘किसी भी धर्म के लोगों को उनकी मान्यताओं के आधार पर पूजा-प्रार्थना करने का अधिकार है। अगर कोई ऐसा करता है, तो मैं कभी सवाल नहीं उठाऊंगा। हां, कांग्रेस का विचार उस मुद्दे पर विचार थोड़ा अलग है। यह हर व्यक्ति की सोच नहीं है। ’’
‘राफेल पर सवाल उठाने वालों को जवाब मिल चुका है’
रक्षा मंत्री के मुताबिक, ‘‘राफेल डील को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर जो आरोप लगाए गए, वे निराधार हैं। प्रधानमंत्री के खिलाफ भद्दी भाषा का प्रयोग किया गया। मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर देश की जनता ने अपना जवाब दे दिया है।’’
राजनाथ की शस्त्र पूजा के समर्थन में सिंघवी और पाकिस्तान सेना
राजनाथ की फ्रांस में शस्त्र पूजा का कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने समर्थन किया है। सिंघवी ने ट्वीट किया, ‘‘केवल दो चीजें अनंत हैं- ब्रह्मांड और विस्तार। तमाम हल्की बातों को किनारे रख दें। अगर कोई भारतीय हमारी परंपरानुसार पूजा करता है, तो किसी को उसकी आलोचना करने की जरूरत नहीं है। रक्षा मंत्री ने केवल अपनी परंपरा का निर्वहन किया।’’  

बुलदंशहर में सडक़ किनारे सो रहे श्रद्धालुओं को बस ने रौंदा, एक ही परिवार के 7 की मौत

सरकार ने जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने के उपायों पर सुझाव देने के लिए समिति बनाई

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यों में घटते जीएसटी कलेक्शन की पड़ताल के लिए सरकार ने अधिकारियों की उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। समिति से उन उपायों पर विचार करने को कहा गया है, जिनसे राजस्व बढ़ाने में मदद मिल सके। कमेटी 15 दिन में पहली रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी से जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व में गिरावट की पड़ताल के साथ, उद्योगों को स्वेच्छा से जीएसटी प्रणाली से जोडऩे और बेहतर प्रशासनिक समन्वय पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
केंद्र और राज्यों के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी
जीएसटी काउंसिल के सचिवालय से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 12 सदस्यीय कमेटी में फिलहाल महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के जीएसटी कमिश्नर हैं। अन्य राज्यों को भी कमेटी में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। केंद्र और राज्यों के अधिकारियों की संयुक्त टीम से हालात में सकारात्मक बदलाव लाने के उपाय सुझाने की अपेक्षा की गई है।
समिति जीएसटी का दुरुपयोग रोकने के लिए व्यवस्थित बदलाव करने, टैक्स बेस बढ़ाने, बेहतर मॉनीटरिंग और कर चोरी रोकने के उपाय भी सुझाएगी। इसके लिए उपलब्ध डेटा का परीक्षण किया जाएगा, ताकि व्यापक सुझावों की लिस्ट सामने आ सके।
राजस्व संबंधी मामलों के अलावा, समिति से जीएसटी से स्वैच्छिक रुप से जोडऩे का प्रावधान तैयार करने, नीतिगत मुद्दों पर राय देने और कानून में संबंधित बदलाव पर सुझाव देने को भी कहा गया है।

रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह 740 करोड़ रु की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। दवा कंपनी रैनबैक्सी और फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। शिविंदर के अलावा कवि अरोड़ा, सुनील गोधवानी और अनिल सक्सेना भी गिरफ्तार किए गए हैं। रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड की शिकायत पर ये कार्रवाई की। शिविंदर रेलिगेयर फिनवेस्ट के पूर्व प्रमोटर हैं। बाकी लोग भी कंपनी से जुड़े हुए थे। शिकायत के मुताबिक शिविंदर सिंह और अन्य लोगों पर 740 करोड़ रुपए का फंड डायवर्ट करने के आरोप हैं।
इस मामले में शिविंदर के भाई मलविंदर भी आरोपी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मलविंदर की तलाश की जा रही है। रेलिगेयर फिनवेस्ट ने दिसंबर में शिविंदर और मलविंदर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
 

उद्धव ने कहा- मोदी सरकार देश में समान नागरिक आचार संहिता लागू करे, राम मंदिर के लिए कानून बनाए

जयपुर टाइम्स
मुंबई (एजेंसी)। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार से देश में सामान नागरिक आचार संहिता लागू करने की मांग की। मुंबई में विजयादशमी पर अपनी पारंपरिक रैली में उन्होंने कहा कि लोग भाजपा से गठबंधन को लेकर हमसे सवाल पूछते थे। लेकिन आज कह सकते हैं कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के लिए हमने भाजपा का साथ दिया। अब जितना जल्दी हो गृह मंत्री अमित शाह को यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना चाहिए। राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाया जाए। उद्धव ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर के लिए हमने हमेशा आवाज उठाई और इसके निर्माण तक निरंतर प्रयास करते रहेंगे। मोदी सरकार मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाए। हम जान दे सकते हैं, लेकिन अपने वादे को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। ये शिवसेना की नीति है। हमने राम के नाम पर कभी राजनीति नहीं की। श्रीराम ने अपने पिता के लिए सबकुछ त्याग दिया। क्या हम उनके नाम पर राजनीति करेंगे? उद्धव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठी लोगों को छोडक़र शिव सैनिक किसी के सामने नहीं झुकते हैं। शिवसेना अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस, राकांपा समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, क्या आपको लगता है कि शरद पवार, मायावती या दूसरे कोई नेता देश को चला सकते हैं? इसीलिए हम केंद्र और राज्य में भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल हुए। सपा और बसपा के बीच एक गठबंधन उत्तर प्रदेश में हुआ था, जिसका हाल सब जानते हैं। उद्धव ने शरद पवार के भजीते अजित पवार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों न्यूज में अजित पवार को रोते हुए देखा, पहली बार मैंने घडय़िालू आंसू देखे हैं। वे अपने कार्यकाय में बदले की राजनीति में शामिल रहे, लेकिन भरोसा दिलाते हैं कि हम इसे बढ़ावा नहीं देंगे। इस दौरान ठाकरे ने महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की मजबूत वापसी का दावा किया। वहीं, संजय राउत ने कहा कि अब महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है। अगले साल दशहरा रैली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शिवसेना अध्यक्ष ठाकरे के पीछे बैठे नजर आएंगे। शिवसेना का 124 सीटें जीतने का लक्ष्य है, मुझे उम्मीद है कि हमें कम से कम 100 सीटों पर कामयाबी मिलेगी। हमारी योजना सिर्फ चुनाव जीतने की नहीं है, बल्कि हम मंत्रालय पर अपना झंडा फहराना चाहते हैं। महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से भाजपा 164 पर चुनाव लड़ रही है। राज्य में 21 अक्टूबर को मतदान होगा, नतीजे 24 तारीख को आएंगे।

बकाया कृषि और घरेलू कनेक्शन तत्काल जारी करें : ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। ऊर्जा मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने जयपुर डिस्कॉम के अधिकारियों को बकाया कृषि एवं घरेलू कनैक्शन सर्किलवार निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप तत्काल जारी करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने दीपावली से पूर्व लम्बित कनैक्शन जारी करने और बकाया राशि की वसूली में भी गति लाने के 
निर्देश दिये। 
डॉ कल्ला बुधवार को विद्युत भवन में आयोजित जयपुर डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोंधित कर रहे थे। उन्होंने कहा की डिमाण्ड नोट जारी होने के बाद निर्धारित समयावधि में कनैक्शन जारी किये जाये ताकि कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत नही हो। इसके साथ ही टी एण्ड डी लॉस को 15 प्रतिशत लाने के लिए प्रभावी उपाय किये जाने चाहिए। उपभोक्ताओं को बिना व्यवधान के बिजली आपूर्ति हेतु ट्रिपिंग की समस्या को दूर किया जाये तथा कृषि व अन्य फीडरों को पृथक करने का कार्य किया जाये।
बैठक में ऊर्जा मंत्री डॉ कल्ला ने कहा की विद्युत तंत्र में सुधार एवं उपभोक्ताओं को समय पर राहत प्रदान करने के लिए अधीक्षण अभियन्ता भी अपने अधीन अधिषाशी अभियन्ताए सहायक अभियन्ता व कनिष्ठ अभियन्ताओं की नियमित बैठकें लेकर प्रयास करें। उन्होंने कहा की खराब ट्रांसफार्मर्स को निर्धारित अवधि में बदलने के लिए इन्र्फोमेशन सिस्टम को प्रभावी बनाया जायेंए साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही कर उनका समयबद्ध निस्तारण करें। उन्होंने 33 केवी जीएसएस के अलावा उच्च क्षमता के अन्य जीएसएस के कामों को भी निर्धरित अवधि में पूर्ण करने के लिए सत्त मॉनिटरिंग के भी निर्देश दियेए जिससे टी एण्ड डी लॉस कम होने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी अच्छी गुणवत्ता की बिजली मिलेगी।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा कुंजी लाल मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन उपभोक्ताओं के हर महीने 50 यूनिट से कम यूनिट का बिल आ रहा है उनकी पहचान कर उनकी जांच करें और इसे डिस्कॉम के सभी 12 जिलों में एक अभियान के रूप में चलाया जाये। अधीक्षण अभियन्ता अपने क्षेत्र के सबसे अधिक 50 यूनिट से कम उपभोग वाले उपभोक्ताओं के क्षेत्र में जाये और इसके मूल कारणों की जांच करें। 
जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक एके गुप्ता ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये की 3 फेज एवं सिंगल फेज का कोई भी मीटर खराब नही रहना चाहिएए इसके लिए रीडिंग के दोैरान सूचना मिलते ही तुरन्त बदलने की कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा की विद्युत ड्रावल के अनुसार ही पूरी बिलिंग भी होनी चाहिए। बहुमजिंला इमारतों में निर्माण के दौरान लियें गये अस्थायी कनेक्शन और उसके बाद लिये गये स्थायी कनेक्शनों की जांच भी की जाये। कनिष्ठ अभियन्ता की साईट सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही खराब ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि ट्रांसफार्मर दुबारा 
जले नही।

लीथियम आयन बैटरी के विकास के लिए 3 वैज्ञानिकों को रसायन का पुरस्कार, 97 साल के गुडइनफ सबसे उम्रदराज विजेता

जयपुर टाइम्स
स्टॉकहोम (एजेंसी)। रसायन के क्षेत्र में 2019 का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जॉन वी. गुडइनफ, ब्रिटेन के स्टैनली विटिंघम और जापान के अकीरा योशिनो को दिया जाएगा। तीनों वैज्ञानिकों को लीथियम आयन बैटरी के विकास में अहम भूमिका के लिए चुना गया है। इनके प्रयास से लीथियम आयन बैटरी की क्षमता दोगुनी हुई। अधिक उपयोगी होने से आज यह बैटरी मोबाइल फोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों में इस्तेमाल हो रही हैं। 97 साल के गुडइनफ यह पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज विजेता होंगे। उनसे पहले पिछले साल 96 साल के आर्थर अश्किन को नोबेल मिला था।
पुरस्कार की घोषणा करने वाली जूरी ने कहा, जॉन बी. गुडइनफ, एम स्टैनली विटिंगघम और अकीरा योशिनो को इस साल के लिए रसायन का नोबेल पुरस्कार दिए जाने से काफी उत्साहित हूं। लीथियम आयन बैटरी ने पोर्टेबल डिवाइस के इतिहास में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। यह अगली पीढी के इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। रसायन के लिए यह पुरस्कार लंबे समय से दिया जा रहा है और इस क्षेत्र को अधिक पहचान मिलने से खुशी होती है।

चीफ जस्टिस की सुरक्षा महज कागजी, कोई भी सेल्फी ले सकता है पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, इंटेलिजेंस ब्यूरो और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जाहिर की है। दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) आईडी शुक्ला ने कहा कि उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पाया गया कि चीफ जस्टिस की सुरक्षा व्यवस्था कागजी है। लोग उनके करीब पहुंचकर माला पहना रहे हैं या उनके साथ सेल्फी ले रहे हैं। इसे बिल्कुल उचित नहीं कहा जा सकता और इस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
बैठक के बाद, चीफ जस्टिस की सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों से उनके काफिले को सुरक्षित पार्किंग उपलब्ध कराने, निकटवर्ती सुरक्षा टीम तैनात करने और नजदीकी सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी एजवाइजरी में वर्तमान हालात के मद्देनजर सभी सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा में कोई चूक न रहे।
हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब भीड़ में मौजूद लोगों ने चीफ जस्टिस के करीब पहुंचकर उनके साथ सेल्फी लेनी शुरु कर दी थी। इसके बाद सुरक्षा को लेकर यह उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी।