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डॉक्टर ने अपने समर्पण से कई कोरोना पीडि़तों को ठीक किया, दूसरों का दर्द देखा नहीं जाता था , आखिर में जान दे दी

जयपुर टाइम्स
न्यूयॉर्क (एजेंसी)। अमेरिका में कई कोरोना वायरस मरीजों का इलाज कर चुकी एक डॉक्टर ने जान दे दी। मरीजों का इलाज करते-करते वो खुद इनफेक्टेड हो गईं थीं। डॉक्टर लोर्ना एम ब्रीन की मौत दरअसल, डॉक्टरों पर कोरोना के मानसिक असर को सामने ले आई है। डॉक्टर ब्रीन न्यूयॉर्क के प्रेस्बिटेरियन एलन अस्पताल में इमरजेंसी डिपार्टमेंट की मेडिकल डायरेक्टर थीं। 200 बेड के इस अस्पताल में 170 कोरोना पीडि़त मरीजों का इलाज किया जा रहा है। डॉ ब्रीन के पिता डॉ फिलिप ने बताया कि लोर्ना ने कोरोना मरीजों के डरावने मंजर देखे। वो अपना काम पूरी लगन से कर रही थीं। कोरोना संक्रमण से ठीक होकर वह घर तो आ गईं, लेकिन कुछ दिनों बाद वापस अस्पताल जाने लगीं। फिर हमने उन्हें रोका और उसे चार्लोट्सविले ले आए। 49 साल की लोर्ना को कोई मानसिक बीमारी नहीं थी। उन्होंने मुझसे कहा था कि कुछ अजीब और अलग लग रहा है। वो निराश लग रहीं थीं। मुझे ऐसा लगा कि कुछ गलत हो रहा है। उन्होंने मुझे बताया था कि मरीज अस्पताल के सामने एम्बुलेंस से उतारने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं। डॉक्टर लोर्ना कोरोनावायरस से लड़ रहे लोगों की अग्रिम पंक्ति में थीं। अस्पताल ने डॉ ब्रीन को एक असली हीरो बताया है। अस्पताल ने बयान में कहा- डॉ. लोर्ना ने बेहद मुश्किल वक्त पर लोगों का इलाज करते हुए उच्चतम आदर्शों का प्रदर्शन किया।

 यह मौत हमारे सामने कई सवाल ख?े करती है, जिनके जवाब हमें तलाश करने हैं।

कोरोना ने डॉक्टर्स के लिए मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां पैदा कीं

न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन ब्रुकलिन मेथोडिस्ट अस्पताल में क्वॉलिटी केयर के वाइस चेयरमैन डॉक्टर लॉरेंस ए मेलनिकर कहते हैं, "कोरोनोवायरस ने पूरे न्यूयॉर्क में इमरजेंसी डॉक्टर्स के लिए मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां पैदा की हैं। वैसे डॉक्टर हमेशा हर तरह की त्रासदी से निपटने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन उन्हें खुद बीमार होने या उनकी वजह से परिवार के संक्रमित होने की इतनी चिंता नहीं होती, जैसे कोविड के मामले में है।" 

कोरोना योद्धा डॉ. अंकिता मीना की कहानी

राजगढ़ (निसं)। कोरोना महामारी से पूरा विश्व परेशान और चिंतित है इस समय डॉक्टर अपने कर्तव्य पथ से डर नही रहे  कोरोना के खिलाफ़ जंग लड़ रहे है  डॉक्टर अपना घर, परिवार, बच्चे छोड़कर अपनी जान की परवाह किये बिना कोरोना के मरीजो के इलाज मे दिन रात काम कर रहे हैं इन डॉक्टरों के परिजन भी उनका साथ देकर जोश और जज्बे के साथ कोरोना संक्रमितो का उपचार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं वही अलवर जिले के पाटन का बास (राजगढ़) निवासी जगदीश मीना  ने बताया की मेरे बेटे डॉ. अजित मीना की पत्नी डॉ. अंकिता मीना आगरा के एस. एन. मेडिकल कॉलेज मे कोरोना के मरीजों का इलाज कर रही है बुधवार को कोरोना कोविड अस्पताल मे गायनिकी विभाग की डॉ. अंकिता मीना ने  कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का ऑप्रेशन (सिजेरियन) कर डिलीवरी करवाई डॉ अंकिता मीना लगातार 3 महिनो से अपने परिवार वालो से दूर रहकर  कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करके राजस्थान को एवं समाज को गौरवान्वित कर रही है वही कोरोना योद्धा डॉ. ने सभी से घर मे रहने व अपना ख्याल रखने की अपील की।

आयुर्वेदाचार्य डॉ. अनिल सोहू ने कोरोना को लेकर दी जानकारी

जयपुर टाइम्स
झुंझुनूं (निसं)। आयुर्वेदाचार्य डॉ. अनिल सोहू ने कोरोना को लेकर एक संदेश जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा हैकि तीन मई के बाद क्या कोरोना खत्म हो जाएगा और हम पहले की तरह जीवन जीने लगेंगे? वायरस से होने वाली महामारी हो या साधारण बीमारी ये मानव जीवन में जड़ें जमा चुके हैं, जीवन भर इनके साथ जीने की कला सीखनी होगी। क्योंकि सरकार इस बार काबू पाने के लिए कब तक लॉक डाउन या लोगों के बाहर निकलने पर पाबंदी रखेगी। हमें स्वयं ऐसी परिस्थितियों से लडऩा होगा और ये सब तब तक संभव नहीं होगा।जब तक हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करके अपनी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत नहीं करेंगे। इसके लिए हमें अपनी दिनचर्या, ऋतुचर्या, खान-पान में बदलाव करके वेदों में वर्णित नियमों का अपनाना पड़ेगा। रात को जल्दी सोना, सुबह ब्रह्ममुहूर्त में जगना, योग करना, पौष्टिक आहार सेवन करना, एल्युमिनियम/स्टील खाना पकाने के बर्तन के स्थान पर पीतल कांसा लोहे के बर्तन आदि में परिवर्तन करके प्राकृतिक रूप से अपनी इम्यूनिटी मजबूत करके ही ऐसी बीमारियों से खुद को बचा सकतें है। सैंकड़ों सालों पहले आयुर्वेद के ज्ञाताओं ने बीमार व्यक्ति को दवा से ठीक करने से पहले आयुर्वेद के इस सिद्धांत को प्रमुख माना था कि स्वस्थ इंसान के स्वास्थ्य की रक्षा कैसे की जाए ये ज्यादा 
महत्वपूर्ण है।

डॉ. सोनू छाबड़ा बनी जरूरतमंदों का सहारा वितरित किया भोजन

जयपुर टाइम्स
जयुपर (कासं)। लिम्का व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड होल्डर डॉ. सोनू छाबड़ा (सुनीता छाबड़ा) ने कोरोना वायरस के त्रासदी के मध्यनजर उत्पन्न देशव्यापी लॉक डाउन में प्रताप नगर स्थित बंबाला गांव में रहने वालें जरूरतमंदो को भोजन की व्यवस्था कराकर समाज के प्रति अपना योगदान देकर जरूरतमंद की सहारा बन रही हैं। लॉक डाउन के दूसरे चरण में 12 वें दिन भी 500 से ज्यादा भोजन के पैकेट का वितरण की! कोरोना महामारी से बचाव हेतु समाजसेवी डॉ. सोनू छाबड़ा ने आमजन से सोशल डिस्टेंसिंग कें पालन व माक्स कें उपयोग अनिवार्य रूप मे करने की अपील की। लॉक डाउन में कोई भूखा नहीं रहें, इस उद्देश को लेकर जरूरतमंदों के बीच समाजसेवी डॉ. सोनू छाबड़ा द्वारा नियमित रूप से लॉक डाउन की अवधि तक भोजन वितरण का कार्यक्रम चलाए जा रहा हैं। देशहित में इनकी समर्पण भाव के लिए राष्ट्रीय एथलीट यूथ आईकन डॉ. सुदर्शन कुमार नें आभार प्रकट किया हैं।

डॉ. सोनू छाबड़ा ने विश्व पृथ्वी दिवस पर वृक्षारोपण कर धरती मां को हरा भरा बनाने का लिया संकल्प

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं)। कहते हैं समाजसेवा के लिए दिल में जोश एवम जज्बा होना बहुत जरूरी हैं। मिसेज इंडिया नॉर्थ स्टार डॉ. सोनू छाबड़ा (सुनीता छाबड़ा) ने लॉक डाउन के दौरान उत्पन्न संकट की घड़ी में भी 50 वें विश्व पृथ्वी दिवस के शुभ अवसर पर वृक्षारोपण कर धरती मां को हरा भरा बनाने का लिया संकल्प। डॉ. सोनू छाबड़ा ने आमजनों से अपील की, ये धरती माँ हम सबका घर है, आइये पृथ्वी दिवस पर अपनी इस पवित्र धरा को साफ-स्वच्छ और हरा-भरा बनाने का संकल्प लें व सांसे हो रही कम आओ पेड़ लगाए हम। वृक्षारोपण ही एकमात्र विकल्प हैं, इस धारा को हरा भरा रखने के लिए। लॉक डाउन के मद्देनजर डॉ. सोनू छाबड़ा ने विश्व पृथ्वी दिवस पर वृक्षारोपण कर मानवता की मिसाल कायम की हैं, लॉक डाउन के शुरुआती दिनों से लेकर लॉक डाउन के दूसरे चरण के 08 वें दिन भी सामाजिक कार्यों में लगी हुई हैं।
इस देशव्यापी लॉकडाउन की घड़ी में राष्ट्रहित में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय एथलीट यूथ आईकन डॉ. सुदर्श कुमार नें आभार प्रकट किया हैं।

परिवार से ज्यादा जरूरी पीडि़तों को बचाना है : डॉ. स्वाति

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं)। धरती पर साक्षात भगवान कहलाने वाले चिकित्सक वर्तमान में विश्व महामारी साबित हो चुके कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों के जीवन को बचाने में दिनरात एक करते हुए पूरी तन्मयता से अपनी ड्यूटी देने में जुटे हुए हैं। राजधानी के सोडाला इलाके में स्थित रामनगर निवासी डॉ. स्वाति टांक ऐसी ही एक चिकित्सक हैं, जो कि अपने पति व परिवार से सैंकड़ों किलोमीटर दूर रहकर कोरोना ग्रसित मरीजों का ईलाज करने व कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए उनकी टेस्टिंग करने में पूरे लगन से ड्यूटी दे रही हैं। डॉ. स्वाति  लगभग दो साल पहले ही पाली जिले के देसूरी ब्लॉक स्थित एक राजकीय अस्पताल में सरकारी चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त हुई हैं। करीब 9 वर्षों से चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही डॉ. स्वाति वर्तमान में कॉरोना महामारी से बचाव के लिए अपने ड्यूटी क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं ताकि कोरोना से सबको बचाया जा सके। इतना ही नहीं वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर आकर अपने दो साल के छोटे से बेटे को भी संभालती हैं, जिसे ड्यूटी के दौरान अपनी सासु मां के पास घर पर ही छोड़कर जाती हैं। चिकित्सा जगत के सभी कर्मवीरों के जज्बे को मैं बारम्बार सलाम करता हूं और मैं बहुत ही खुशनसीब व्यक्ति हूं, जो मुझे लाइफ पार्टनर के रूप में एक डॉक्टर पत्नी मिली है। यह कहना है मनोज सिंह का, जो स्वयं भी पेशे से एक डेंटिस्ट हैं। डॉ. मनोज ने बताया कि उनकी पत्नी डॉ. स्वाति टांक की ड्यूटी कोरोना काल के दौरान काबिले तारीफ है। मनोज ने बताया कि उनकी पत्नी डॉ. स्वाति अपने परिवार व समाज के प्रति एक जिम्मेदार महिला के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए अपना व अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। 

60वीं बार रक्तदान कर गिरीश गुप्ता ने दिया रक्तदान का संदेश

घरेलू हिंसा के मामले में मोहम्मद शमी को राहत

जयपुर टाइम्स
कोलकाता (एजेंसी)। क्रिकेटर मोहम्मद शमी पर लगे घरेलू हिंसा के मामले में अलीपुर जिला सत्र न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। शमी पर उनकी पत्नी हसीन जहां ने घरेलू हिंसा के आरोप लगाए हैं। इससे पहले 2 सितंबर को निचली अदालत ने शमी को 15 दिन के अंदर सरेंडर करने और जमानत की अर्जी देने के आदेश दिए थे। इसके बाद शमी ने फैसले को चुनौती दी थी। शमी के वकील सलीम रहमान ने बताया कि सोमवार को अलीपुर डिस्ट्रिक्ट जज राय चट्टोपध्याय ने शमी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी। शमी के खिलाफ जब गिरफ्तारी के आदेश दिए गए थे, तब वे वेस्टइंडीज दौरे पर टीम इंडिया के साथ थे।
दूसरी ओर, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। बोर्ड के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि शमी 12 सितंबर को भारत लौटेंगे। वे अपने वकील के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, 'वेस्टइंडीज दौरा समाप्त होने के बाद शमी अमेरिका चले गए। वे वहीं से स्वदेश लौटेंगे। उन्होंने इस मामले पर बोर्ड के लोगों से बात की है। बीसीसीआई ने कहा था कि शमी के खिलाफ बोर्ड तब तक कोई कार्रवाई नहीं करेगा जब तक वो चार्जशीट नहीं देख लेते हैं। हसीन जहां ने पिछले साल शमी पर मारपीट, दुष्कर्म, हत्या की कोशिश और घरेलू हिंसा जैसे कई गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया था। दोनों के तलाक का मुकदमा भी कोर्ट में चल रहा है। भारतीय गेंदबाज ने आरोपों को झूठा बताया था। 

पर्यटन एवं देवस्थान मंत्री महाराजा विश्वेन्द्र सिंह

जयपुर टाइम्स
महाराजा विश्वेन्द्र सिंह का जीवन परिचय:-
पिता का नाम:- महाराजा सवाई ब्रजेन्द्र सिंह 
माता का नाम:- महारानी विदेह कौर 
जन्म तिथि:- 23 जून 1962
जन्म स्थान:- भरतपुर
शिक्षा:- मैट्रिक सैन्ट्रल स्कूल भरतपुर
पत्नि नाम:- श्रीमती दिव्या सिंह
विवाह की तिथि:- 15.02.1989
संतान:- 1 पुत्र, कु. अनिरूद्व सिंह
व्यसाय:- सामाजिक कार्यकर्ता
राजनितिक अनुभव:- 
1989-90, 1999-2004, 04-2009:- सदस्य नौंवी, तेरहवी एवं चौदहवीं लोक सभा
1993-98:- सदस्य, दसवीं राजस्थान विधानसभा
1994-95:- सदस्य पुस्तकालय समिति
1999-2004:- सदस्य, विज्ञान एवं प्रौद्ययोगिनी तथा पर्यावरण एवं वन संबधी स्थायी समिति, लोकसभा
2004, 2007-09:- सदस्य कार्मिक एवं जन अभियान तथा विधि एवं न्याय संबधी स्थायी समिति, लोकसभा
2014-15:- सदस्य, प्राक्कलन समिति ख
2016-18:- सदस्य, नियम समिति, विधानसभा
अन्य अनुभव:-1988-89 जिला प्रमुख, जिला परिषद भरतपुर
2001:- कोषाध्यक्ष, राजस्थान राष्ट्र भाषा प्रचार समिति
2003:- सदस्य जिला अकाल रात एवं समीक्षा समिति
2008:- सलाहकार मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार
पसंदीदा  काम:- वन्य जीव संरक्षण को प्रोत्साहन देना
पसंदीदा खेल:- टेनिस एवं स्क्वैश
विदेश यात्रा:-इंग्लैण्ड, स्वीडन, नार्वे, स्पेन व जापान
स्थाई पता:- मोती महल भरतपुर
वर्तमान पदनाम:- 11 दिसम्बर 2018 को पन्द्रहवीं राजस्थान विधानसभा के लिए सदस्य निर्वाचित
केबिनेट मंत्री राजस्थान सरकार 24 दिसम्बर 2018
पर्यटन विभाग, देवस्थान विभाग
वर्तमान पता:- 18 डी सिविल लाईन, जयपुर
विश्वेन्द्र सिंह ऐसे सरल स्वभाव के धनी है जिनसे जनता कभी भी इनसे बिना किसी की पहल के कभी भी मिल सकती है। कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह भरतपुर के विकास में कोई कमी नही छोडगें। उन्होंने अभी से बंद पडे उद्योग जीईडब्ल्यू, डालमिया, चिनार और अन्य बंद पडे उद्योगों को खुलवाने के लिए पहल शुरू कर दी है एवं अन्य प्रदूषित मुक्त उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए योजना बना रखी है। जिससे भरतपुर मे पैसा आयेगा और यहां के नव युवक युवतियों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होगें जिससे बेरोजगारों को रोजगार के लिए बाहर जाना नही पडेगा। 
कैबिनेट मंत्री महाराज विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि संभाग स्तर के अधिकारी भरतपुर में लगाये जायेगें जिससे लोगों की जयपुर के चक्कर के नही लगाने पडे। उन्होंने कहा कि भरतपुर एनसीआर में शामिल तो कर लिया लेकिन भाजपा सरकार ने अभी तक एनसीआर का जो लाभ भरतपुर को मिलना चाहिये था वो नही मिला है जबकि एनसीआर के बराबर के टैक्स भरतपुर की जनता को चुकाने पड रहे है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि चम्बल लिफट परियोजना गहलोत सरकार ने चालू की थी लेकिन भाजपा सरकार के आने पर इस योजना को खटाई में डाल दिया जिससे भरतपुर शहर व गांवो को पानी उपलब्ध नही हो पाया था। उन्होनें कहा कि 6 माह के अंदर कस्बे व गांवो के अंदर चम्बल का पानी पहुचाया जायेगा। इसके लिए चम्बल परियोजना के कार्य में तेजी लाई जायेगी। उन्होंने जल महलो और किले को पर्यटन के रूप में विकसित करने की बात कही। धार्मिक पर्यटन के रूप में डीग कांमा को भी गोवर्धन, वृंदावन, मथुरा की तरह ही विकसित किया जायेगा। 

स्‍वामी विवेकानंद के कुछ ऐसे विचार, जो जीवन को बना देंगे सफल

नई दिल्‍ली : आज स्वामी विवेकानंद की 156वीं जयंती है. उनका जन्‍म 1863 में आज ही के दिन कोलकाता में हुआ था. उनके विचार आज भी प्रासांगिक बने हुए हैं. स्वामी जी के विचार किसी भी व्यक्ति की निराशा को दूर कर सकते हैं. उसमें आशा भर सकते हैं. प्रस्तुत हैं स्वामी जी के कुछ ऐसे ही विचार...

1. उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते.

2. आप जो भी सोचेंगे. आप वही हो जाएंगे. अगर आप खुद को कमजोर सोचेंगे तो आप कमजोर बन जाएंगे. अगर आप सोचेंगे की आप शक्तिशाली हैं तो आप शाक्तिशाली बन जाएंगे. 
3. एक विचार चुनिए और उस विचार को अपना जीवन बना लिजिए. उस विचार के बारे में सोचें उस विचार के सपने देखें. अपने दिमाग, अपने शरीर के हर अंग को उस विचार से भर लें बाकी सारे विचार छोड़ दें. यही सफलता का रास्ता हैं.

4. एक नायक की तरह जिएं. हमेशा कहें मुझे कोई डर नहीं, सबको यही कहें कोई डर नहीं रखो
5. ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से ही हमारे भीतर मौजूद हैं. हम ही मूर्खतापूर्ण आचरण करते हैं, जो अपने हाथों से अपनी आंखों को ढक लेते हैं...और फिर चिल्लाते हैं कि चारों तरफ अंधेरा है, कुछ नजर नहीं आ रहा है.

6. अगर आप पौराणिक देवताओं में यकीन करते हैं और खुद पर यकीन नहीं करते हैं तो आपको मुक्ति नहीं मिल सकती है. अपने में विश्वास रखो और इस विश्वास पर खड़े हो जाओ, शक्तिशाली बनो, इसी की हमें जरूरत है.

7. ताकत ही जीवन है और कमजोरी मौत है

सर्दियों में हो गले में दर्द और खराश तो छुटकारा दिलाएंगी ये 5 तरह की चाय

जयपुर : सर्दियों की सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है गले में दर्द और खराश का होना, ऐसे में हमें समझ ही नहीं आता कि आखिर हम ऐसा क्या करें कि इस छोटी, लेकिन दर्द भरी समस्या से राहत मिल सके. तो हम आपको बता दें कि सर्दियों में होने वाली इन छोटी-छोटी समस्याओं का इलाज किसी डॉक्टर के पास नहीं बल्कि आपके अपने घर में ही है. जी हां, सर्दियों में चाय तो हम सभी पीते हैं और यही चाय आपके गले के दर्द और खराश का इलाज कर सकती है, इसके बारे में भी हम सब जानते हैं, बस यह पता नहीं होता कि चाय में हम क्या मिलाएं जो हमें इस समस्या से राहत दिलाएगी. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सर्दियों में अपनी चाय में आप क्या मिला सकते हैं, जिससे आपको इन छिटपुट समस्याओं से बिना डॉक्टर के पास जाए राहत मिल सकती है.

हल्दीः
हल्दी में काफी मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सिडेंट के गुण पाए जाते हैं. सर्दियों में रोज अपनी चाय में एक चुटकी मिलाकर पीने से शरीर में गर्मी बनी रहेगी जिससे सर्दी, खांसी जैसे सर्दियों में होने वाली बीमारियों से छुटकारा मिलता है. बता दें तासीर काफी गरम होती है, जिससे सर्दी का खतरा कम होता है.

मुलेठीः
सर्दियों में आप सुबह की चाय में मुलेठी डालकर भी पी सकते हैं. बता दें प्राकृतिक मिठास होने के कारण यह चाय में मसाले के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके एंटी-डायबिटिक और एंटीऑक्सिडेंट गुण मेटाबोलिक सिंड्रोम के इलाज में भी मददगार होते हैं. इसके साथ ही यह वजन घटाने में भी काफी सहायक होती है.

अदरकः
अदरक की चाय, सर्दियों में लोगों को सबसे अधिक पसंद आने वाली चाय में से एक होती है. यही नहीं खाने में भी यह मसाले के तौर पर काफी इस्तेमाल किया जाता है. बता दें स्वाद के साथ ही इसमें कई तरह के प्राकृतिक औषधीय गुण भी मौजूद होते हैं. तो अगर आप सर्दी-खांसी से परेशान हैं तो बेझिझक सुबह और शाम को अदरक की चाय पीएं.

कालीमिर्च
कालीमिर्च भी गले की खराश और बंद नाक का रामबाण इलाज होती है. ऐसे में काली मिर्च की चाय बनाने के लिए आप कालीमिर्च पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं इसमें पाया जाने वाला पिपराइन त्वचा के लिए भी बेहद अच्छा माना जाता है.

कब्ज से हैं परेशान है ,तो करे ये

कब्ज एक ऎसी बिमारी है, जिसके बारे में सबके सामने खुल कर बात नहीं कर सकते हैं। कॉन्स्टिपेशन के समय होने वाली परेशानियां सिर्फ वही समझ सकता है जो इस दौर से गुजर चूका है। हालांकि यह दिक्कत अधिकत्तर लोगों को आती है पर जल्द ही ठीक भी हो जाती है। पर कुछ लोग ऎसे भी है जिन्हें इस समस्या का सामना लंबे समय तक करना पडता है। आज हम कब्ज से परेशान लोगों के लिए लेकर आएं है कुछ घरेलू उपाय जो उनका पेट साफ रखने में काफी मदद करेगा।
जैतून का तेल 
आपने अक्सर देखा होगा कि जब कोई मशाीन जाम हो जाती है तो उस पर तेल लगाना पडता है। उसी तरह अपने शरीर को भी तेल की जरूरत होती है। हर रोज सुबह उठ कर दो चम्मच जैतून का तेल पी लो, उससे आपका पेट साफ हो जाएगा।
वर्कआउट 
सुबह उठ कर थोडा वर्कआउट करने की आदत डालें, इससे आपके शरीर की पाचन शक्ति मजबूत होगी। बॉडी स्ट्रेच करने जैसी कसरत से आपका पेट साफ होने की संभावना बढ जाती है।
दही
दही में बहुत तरह के लाभदायक बैक्टेरिया होते हैं। अपने खाने के साथ दही का सेवन हर रोज करें।