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जानिए, कैसे हुईं ऑस्कर की शुरुआत और किस भारतीय को मिला पहला अवॉर्ड

बॉलीवुड और हॉलीवुड सितारों को ऑस्कर अवॉर्ड का बेसब्री से इंतजार रहता है। हर सेलेब्स को इस अवॉर्ड को पाने की इच्छा होती है लेकिन कुछ स्टार्स एेसे हैं जिन्होंने इस अवॉर्ड को लेने से मना कर दिया। अकादमी अवार्ड समारोह से जुड़ी एेसी कई बातें  हैं जो ज्यादातर लोग नहीं जानते। जैसे कि कब इस समारोह की शुरुआत हुईं। चलिए हम आपको ऑस्कर से जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं।  

- हॉलीवुड के प्रमुख अवॉर्ड सेरेमनी में से एक अकादमी अवॉर्ड समारोह

- साल 1929 में हुई ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत 

- 15 मिनट तक चला पहला शो, बांटे 15 अवॉर्ड्स 
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- पहले ऑस्कर विजेता थे जर्मन कलाकार एमिल जेनिंग्स 

- ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय थी डिजाइनर भानु अथैया 
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- ऑस्कर टॉफी की लम्बाई 13.5 इंच और वजन 8.5 पाउंड 

- पहले ऑस्‍कर का टिकट था करीब 5 डॉलर, अब है 69 डॉलर 

- सिर्फ 10 अमेरिकी डॉलर है एक ऑस्कर अवार्ड की 'कीमत'

- लेखक डुडले निकोलस, एक्टर जॉज जी स्कॉट और मार्लोन ब्रांडो ने ठुकराया अवॉर्ड 

- हर साल 200 से अधिक देशों में टीवी पर लाइव किया जाता प्रसारित 

- अब तक बांटे जा चुके है 3048 अवॉडर्स

भारत की सफल राजनेत्रियों की सूची में शामिल 5 ताकतवर महिलाएं

समाज का निर्माण करने में जितना योगदान पुरुषों का है, उतना ही महत्वपूर्ण स्थान महिलाओं का भी रहा है। राजनीति हो या बैकिंग, लगभग हर क्षेत्र में वह अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। आज शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र हो जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी ना हो।

चलिए, वुमेन डे सैलिब्रेशन के खास मौके पर आज हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताते हैं, जिन्होंने राजनीति के सफल करियर से दुनिया में एक मिसाल कायम की।

1. भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री- इंदिरा गांधी
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव इंदिरा गांधी को प्राप्त है। उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री का सम्मानीय पद संभाला। प्रथम बार 24 जनवरी 1966 को और 10 वर्ष लगातार सेवा देने के बाद उन्होने 24 मार्च 1977 को पदत्याग किया। इसके बाद 14 जनवरी 1980 को फिर से प्रधानमंत्री बनी तथा 31 अक्तूबर 1984 (मृत्यु) तक इस पद पर आसीन रहीं। इसके अलावा उन्होंने विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, ग्रह मंत्री, वित्त मंत्री आदि पद की सेवाएं भी दी। (सभी पद प्रधानमंत्री कार्यकाल के अंतर्गत आए) उनकी बेमिसाब प्रतिभा और राजनीतिक दृढ़ता के लिए 'लौह-महिला' के नाम से संबोधित किया जाता है। . सोनिया गांधी
सोनिया गांधी, गांधी परिवार की बहू हैं जिन्होंने 1997 में कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभाली, उस समय कांग्रेस बिखरी हुई थी। 1999 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को एक करने का प्रयास किया हालांकि उन चुनावों में कांग्रेस को सत्ता नहीं मिली लेकिन सोनिया गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर चुनी गईं, लेकिन आने वाले चुनावों के लिए सोनिया ने कांग्रेस को जोड़ा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए जनसमर्थन हासिल किया। 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की और केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग की सरकार बनी। सोनिया गांधी 1997 से आज तक कांग्रेस अध्यक्ष हैं। यह कांग्रेस पार्टी के 125 सालों के इतिहास में पहला मौका है, जबकि कोई इतने लंबे समय तक अध्यक्ष पद पर बना रहा।

पहली बार कर रहे हैं Online Chatting तो ध्यान में रखें ये बातें

आजकल के दौर में कोई भी इंसान एेसा नहीं हैं। जो इंटरनेट का इस्तेमाल न करता हो। आज के समय में खरीदारी से लेकर दोस्तों के साथ बात करने के लिए सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही बहुत से लड़के और लड़किया 6 से 7 घंटे ऑनलाइन चैटिंग करने में बिताते हैं। बिना किसी को जाने या देखे सिर्फ उसकी ऑनलाइन प्रोफाइल को देखकर ही उससे बात करना शुरू कर देते हैं। जो कई बार खतरनाक साबित हो सकता है। इतना ही नहीं कई बार तो ऑनलाइन फ्रॉड का भी शिकार होना पड़ता है। एेसे में कुछ बातों को ध्यान में रखकर ऑनलाइन चैटिंग से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। आज हम आपको उन्हीं बातों के बारे में बताएंगे, जिनको ऑनलाइन चैटिंग करते समय ध्यान में रखना चाहिए।

1. प्रोफाइल पिक
ऑनलाइन डेटिंग प्रोफाइल बनाते समस सबसे ज्यादा ध्यान प्रोफाइल पिक पर दें। अधिकतर लोग तो आपकी फोटो को देखकर ही फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेते हैं। अपनी फोटो न लगाएं। कई बार दूसरे लोग आपकी फोटो का मिस यूज भी कर लेते हैं। आप चाहे तो अपने तो हिरोइन वाली फोटो लगा सकते हैं।

2. बात करने का तरीका 

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ऑनलाइन चैटिंग करते समय सीधी बात करें। बातों को ज्यादा घूमा फिघुमा फिरा कर न करें। एेसा करने से हो सकता है कि दूसरा व्यक्ति आपकी बातों से बोर हो जाए और आपसे बात करना ही बंद कर दें। इधर- उदर की बातें करने से अच्छा है कम बात करें। एेसा करने से आप जिससे चैट या बात कर रहें हैं उसको आसानी से समझ पाएंगे।

3. अपने बारे में ज्यादा न बताएं
चैटिंग करते समय अपने बारे में जितना हो सके कम बताएं। एेसा करने से आपकी प्राइवेसी को कोई खतरा नहीं होगा। दूसरा आप जैसे चाहे वैसे उससे बात कर सकते हैं। अगर आपको उस व्यक्ति पर विश्वास है तो उसको अपने बारे में बता भी सकती है। मगर एेसा तब ही करें जब आपको लगे कि वह आपकी जानकारी काई मिस यूज नहीं करेगा।

4. ज्यादा पर्सनल बात न करें
पहली बार अगर आप ऑनलाइन चैटिंग कर रहीं है, तो कभी भी किसी से अपनी पर्सनल बात शेयर न करें। उतना ही बताएं जितना वह जानना चाहते हैं। 

5. अपनी तस्वीर न दें
आजकल लड़के लड़कियां थोड़े समय बात करने के बाद अपनी तस्वीरों एक दूसरे से शेयर कर लेते हैं। कई बार आपसी रिश्ता सही न चलने के कारण दूसरा व्यक्ति आपकी भेजी हुई तस्वीर को गलत तरीके से दूसरों के सामने रख सकता है।

 

श्रीदेवी के प्यार में बोनी कपूर ने बेले थे कई पापड़, दिलचस्प है इनकी लव स्टोरी

बॉलीवुड की लिजेंडरी एक्ट्रेस श्रीदेवी और बोनी कपूर का रिश्ता भी बेहद दिलचस्प रहा। बोनी कपूर तब से श्रीदेवी को पसंद करते है, जब उन्होंने तमिल फिल्मों में काम करना शुरू किया। इतना ही इन्हीं बोनी कपूर श्रीदेवी की तमिल फिल्म देखने के बाद उनके दीवाने हो गए थे और वो हर हाल में श्रीदेवी के साथ काम करना चाहते थे। इसी वजह से अक्सर इन दोनों की लव स्टोरी खूब सुर्खियों में रही, भले ही बोनी कपूर पहले से शादीशुदा थे। आइए जानते है उनकी लव स्टोरी से जुड़े ऐसे ही दिलचस्प किस्से। 

1. श्रीदेवी ने अपने करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में किया एक साथ काम किया। इसी फिल्म के दौरान बोनी कपूर के दिल में श्रीदेवी के लिए इमोशंस और प्यार पैदा हुआ। 

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2. बोनी कपूर ने अपनी उम्र से 8 साल छोटी श्रीदेवी को 1993 में प्रपोज किया था और उनका यह रिश्ता 1996 में तब्दील हो गया। बोनी कपूर और श्रीदेवी की लव स्टोरी बॉलीवुड में सबसे चर्चित अफेयर्स में गिनी गई। 

 

3. बताया जाता है कि बोनी कपूर ‘मिस्टर इंडिया’ में श्रीदेवी को कास्ट करना चाहते थे और इसलिए श्रीदेवी की मम्मी से मिलने के लिए गए, जिसके लिए श्रीदेवी की मम्मी ने 10 लाख रुपए की फीस की मांग सामने रखी, लेकिन बोनी कपूर, श्रीदेवी को इस फिल्म में रखने के लिए 11 लाख रुपए तक देने को तैयार हो गए। 

 

4. 1983 में बोनी कपूर ने मोना कपूर से शादी की और 1996 में मोना से तलाक लेकर उन्होंने इसी साल श्रीदेवी से शादी कर ली थी। 

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5. दिलचस्प बात है कि बोनी कपूर की दो फिल्में ‘जुदाई’ में उर्मिला मातोंडकर का नाम जाह्नवी और ‘हमारा दिल आपके पास है (2000)’ में सोनाली बेंद्रे का नाम खुशी रखा गया, जिन्हें बोनी कपूर ने प्रोड्यूस किया था। श्रीदेवी के दोनों बेटियों का नाम भी इन्हीं पर रखा गया। 

6. श्रीदेवी की मां की मौत के बाद उनकी बहन श्रीलता और उनके बीच प्रॉपर्टी को लेकर काफी विवाद रहा। उन दिनों श्रीदेवी काफी अकेली पड़ गई थी लेकिन मुश्किल के इस दौर में बोनी कपूर ने श्रीदेवी का साथ दिया। 

संगीतकार अंकित तिवारी ने पल्लवी शुक्ला से रचाई शादी

तु है के नहीं के गायक और म्यूजिक कंपोजर अंकित तिवार अपनी मंगेतर पल्लवी शुक्ला के साथ शादी के बंधन में बंध चुके हैं। दोनों की शादी अंकित के होमटाउन कानपुर में पूरे रीति- रिवाजों के साथ हुई। दो दिन पहले ही अंकित ने पल्लवी के साथ सगाई की थी। इसकी जानकारी अंकित में अपने सोशल मीडिया अकाउंट के  द्वारा दी थी।

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शादी के दिन अंकित ने गोल्डन कलर के शरेवानी के साथ महरुन रंग की शॉल ली। लुक को कंप्लीट करने के लिए उन्होंने गोल्डन और महरून रंग के कॉम्बिनेशन की पगड़ी पहनी। वही पल्लवी ने ऑरेंज रंग के लहंगे के साख डार्क पिंक कलर का दुपट्टा कैरी किया था। 

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अंकित ने बताया कि पल्लवी उनकी दादी की पसंद है। पल्लवी बेहद शांत और साधरण लड़की है। पिछले कई सालों से वह बेंगलुरू में काम कर रहीं थी, मगर अब वह अंकित के साथ मुंबई में ही रहेंगी।

हग करने से बढ़ता है शरीर में सिरोटिन लेवल, रिश्ता भी होता है मजबूत

वैलेंटाइन वीक के पांचवे दिन हग डे पर दुनियाभर के लोग एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी शिकायतों को दूर करते है। जरूरी नहीं कि यह दिन सिर्फ कपल्स ही सेलिब्रेट करें बल्कि आप अपने दोस्त, सहयोगी, पेरेंट्स या फिर भाई-बहन के साथ भी हग डे मना सकते है। एक रिसर्च के अनुसार गले लगाने से रिश्ता तो मजबूत होता है लेकिन इसके साथ ही इससे शरीर को भी कई फायदे होते है। वैसे तो दुनियाभर में हग डे 12 फरवरी को मनाया जाता है लेकिन कनाडा, जर्मनी, इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलि‍या में 21 जनवरी को 'नेशनल हग डे' भी मनाया जाता है।

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साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर के अनुसार अगर आप रोजाना परिवार के सदस्य या पार्टनर को गले लगाने पर शरीर को पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। साइंस का मानना है कि गले मिलने से ब्‍लड प्रेशर नॉर्मल रहता है और दिमागी टेंशन भी कम होती है। इससे अलावा गले मिलने पर शरीर में सिरोटिन लेवल बढ़ता है।

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गले मिलने से शरीर में ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। ऐसा होने पर आपकी यह सभी प्रॉब्लम दूर हो जाती है। शरीर को फायदे मिलने के अलावा किसी अपने को गले लगाने पर आपका खराब मूड भी ठीक हो जाता है। दो लोगों के एक-दूसरे को गले लगाने पर उन दोनों के सोलर प्लेक्सस चक्र पर दबाव पड़ने से थाइमस ग्लैंड प्रोत्साहित होता है। इस ग्लैंड के कारण शरीर में ब्लड सेल्स बैलेंस्ड कंट्रोल हो पाता है।

13 साल की उम्र में शुरू की एक्टिंग, इस एक्ट्रेस के साथ रहे अफेयर के चर्चे

बॉलीवुड के सुपरस्टार रह चुके विनोद मेहरा का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 13 फरवरी 1945 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उन्होंने बतौर बाल कलाकार के रूप में इंडस्ट्री में कदम रखा। इन्होंने कई सुपरहिट फिल्में की। कई हीरोइनों के साथ भी इनका नाम जुड़ा। अपने करियर में उन्होंने लगभग 100 फिल्में की। चलिए आज हम आपको विनोद मेहरा की जिंदगी से जुड़ी खास बातें बताते है। 

- 70-80 के मशहूर एक्टर विनोद मेहरा 

- 13 साल की उम्र में फिल्म 'रागिनी' में बाल कलाकार के रूप में किया काम

- बचपन में ही अपनी एक्टिंग से जीता सबका दिल

- फिल्मों में एक्टिंग के बावजूद नहीं लगा बॉलीवुड में मन 
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- 1965 में प्राइवेट कंपनी में की मार्केटिंग की जॉब

- 1971 में फिल्म 'एक थी रीता' से की अपने करियर की शुरुआत

- मीना ब्रोका से की शादी, कुछ दिन बाद पड़ा दिल का दौरा पड़ा 

- पहली पत्नी को तलाक दिए बिना की हीरोइन बिंदिया गोस्वामी से दूसरी शादी 

- बिंदिया ने विनोद को छोड़ की निर्देशक जे पी दत्ता से शादी

- 1988 में विनोद ने किरण से की तीसरी शादी

- शादी के 2 साल बाद हुईं मौत

- रेखा के साथ सुर्खियों में रहा अफेयर 

- विनोद के प्यार में पूरी तरह पागल थी रेखा

- शादी के लिए की सुसाइड की कोशिश

इसलिए महिलाएं नही जाती हैं अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट

आज के समय में जहां महिलाएं हर क्षेत्र में आगे है। वहीं आज भी महिलाओं को कुछ काम करने के राइट्स नहीं है। शास्त्रों के अनुसार महिलाएं कुछ काम नहीं कर सकती, जिनमें से अंतिम संस्कार न करना भी एक है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार महिलाओं को अंतिम संस्कार करने का राइट्स नहीं है। महिलाओं को इसका हक देने के कारण सिर्फ तथ्यों पर ही आधारित हैं। सदियों से इन परंपरा का पालन कर रहें लोग आज के समय में भी महिलाओं को अंतिम संस्कार करने के राइट्स नहीं देते। आइए जानते है किन कारण से महिलाओं का अंतिम संस्कार करना वर्जित माना जाता है।
 

महिलाओं के श्मशान न जाने की वजहें
1. रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार से पहले परिवार के सदस्यों को अपना मुंडन करवाना पड़ता है। इसलिए महिलाओं को इसका नहीं दिया गया।

2. कहते है कि श्मशान घाट पर रोने से मरने वाने की आत्मा को शांति नहीं महिलाओं। महिलाएं का दिल कोमल होने के कारण वो रो पड़ती है। इसलिए उन्हें वहां जाने नहीं दिया जाता।

3. श्मशान घाट में चिता को जलते देख महिलाएं डर ना जाएं, यही सोचकर उन्हें श्मशान घाट में जाने नहीं दिया जाता।

4. मान्यताओं के अनुसार संस्कार से लोटने के बाद पुरुषों के पैर धुलवाने और स्नान करवाने के लिए महिलाओं का घर पर रहना बहुत जरूरी होता है। जिसके लिए उन्हें घर पर ही छोड़ कर जाया जाता है।

5. ऐसा माना जाता है कि श्मशान में हर समय आत्माओं का वास होता है, जिनसे महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसलिए उन्हें हमेशा श्मशान से दूर रहने को कहा जाता है।

मां की इन बातों के कारण नाराज हो जाती है बेटियां

मां-बेटी का सबसे प्यारा रिश्ता होता है। परिवार में मां ही बेटी की सबसे अच्छी दोस्त होती है। मां से ही बेटी अपनी पर्सनल बातें शेयर कर सकती है क्योंकि मां ही अपने बच्चों का बुरे वक्त पर साथ देती है। कई बार मां की डांट जरूर बुरी लग जाती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि वह आपसे प्यार नहीं करती। बल्कि वह कभी भी अपने बच्चों का बुरा नही चाहती। अगर मां कुछ ऐसी बातों को लेकर डांट भी देती है तो बेटियों को उनकी बात का बुरा मानने की बजाय उन्हें समझने की कोशिश करनी चाहिए और उनसे कुछ सीखें।

1. काम-काज के कारण


हर मां यही चाहती है कि मेरी बेटी को घर के सभी काम-काज आए। उसे कभी भी अपने ससुराल घर में काम-काज की दिक्कत न आए। इसी कारण मां अपनी बेटी को घर के काम में हाथ बटाने को कहती है, लेकिन बेटियां अपनी मां की इस बात को समझ नहीं सकती। इस बात को लेकर मां-बेटी में नोक-झोक हो जाती है। बेटियों को बहस करने की बजाय अपनी मां की भावना को समझना चाहिए।

2. तुलना करने के कारण
अक्सर पेरेंटस अपने बच्चों की तुलना दूसरों के बच्चों से करने लग जाते हैं। जब मां अपनी बेटी की तुलना दूसरों की बेटियों सो करने लग जाती है तो इस बात को लेकर मां-बेटी में झगड़ा हो जाता है। बेटियों को इस बात को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि तुलना करना सभी मां-बाप की आदत होती है। उनकी बातों का कभी भी बुरा नहीं मानना चाहिए।

3. मोबाइल फोन के कारण

 

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सोशल मीडिया का जमाना होने के कारण अक्सर बच्चे फेसबुक और व्हाट्सएप पर लगे रहते हैं। जिसे कोई भी मां अच्छा नहीं समझती। अगर मां मोबाईल फोन के कारण डांटती है तो उनकी बात पर ध्यान देना चाहिए और बेटियों को अपने फोन पर लगे रहने  की बजाय अपनी मां के साथ समय बिताना चाहिए।

4. लेट शादी के कारण
आजकल की लड़कियां जल्दी शादी कराना पसंद नहीं करती। लेकिन हर मां का यह सपना होता है कि उसकी बेटी की शादी सही समय पर अच्छे से लड़के के साथ हो जाए और उनकी जिम्मेदारी खत्म हो जाएं। अकसर इस कारण भी मां-बेटी में नोक झोक हो जाती है।

5. जल्दी न जागने के कारण
बहुत से बच्चों को सुबह लेट उठने की आदत होती है। और मां-बाप हमेशा चाहते है कि उनके बच्चे सुबह सही समय पर उठें। जब आप गहरी नींद में होती हैं और आपकी मां सुबह उठाती हे तो आपको उन पर गुस्सा आने लग जाता है। इस कारण सुबह-सुबह ही झगड़ा शुरू हो जाता है।

जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए अपनाएं ये तरीके

लड़का- लड़की दोनों अपनी शादी को सफल बनाने के लिए बहुत कुछ करते हैं, अक्सर देखा जाता है कि शादी के शुरुआती कुछ महीने सब ठीक रहता है पर जैसे- जैसे समय गूजरता जाता है जिंदगी बहुत बोरिंग हो जाती है। रिश्ते में पहले जैसी खुशी, उत्साह और प्यार न जाने कहां खो जाता है। एक रिश्ते को सफल बनाने के लिए जितना विश्वास जरूरी है उतना ही एक- दूसरे के साथ टाइम बिताना भी जरूरी होता है लेकिन आजकल लड़का और लड़की दोनों ही काम करते हैं जिसके कारण वह एक दूसरे को टाइम नहीं दे पाते। इससे कई बार रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं। आज हम आप कुछ एेसे तरीके बाताएंगे जिनको अपनाकर आप आपने रिश्ते में पहले जैसा प्यार दोबारा जगा सकते हैं। तो आइए जानते हैं तरीकों को बारे में।

1. आई लव यू कहना
कई बार आप सोचते हैं कि शादी को इतना टाइम हो गया अब अपने पार्टनर को आई लव यू बोलने से क्या होगा। यह सब काम तो बच्चे और न्यूली मैरिड कपल करते हैं पर एेसा नहीं जब आप अपने पार्टनर को अपना प्यार दिखाओगे तो वह बहुत खूश हो जाएंगे। अपनी शादी को खूशहाल बनाने के लिए रोजाना सुबह उठकर आई लव यू कहें। इससे धीरे - धीरे आपके रिश्ते में आई खटास दूर हो सकती है।

एक ही प्रोफेशन में है लाइफ पार्टनर तो आपके काम आएगें ये टिप्स

आजकल के इस एडवांस समय में लोगों को सोशल मीडिया पर भी एक दूसरे से प्यार हो जाता है। वहीं कुछ लोग साथ काम करते-करते एक-दूसरे को दिल दे बैठते है। इस मार्डेन टाइम में कई लोग ऐसे हैं जो कॉलीग भी हैं और कपल भी। ऐसी लाइफ के फायदे होने के साथ-साथ कई नुकसान भी है। कई बार प्रोफेशनल और प्रसनल लाइफ मिक्स होने के कारण रिश्ते में दूरियां आने लगती है। कई बार आॅफिस का प्रेशर और काम की झिकझिक पर्सनल लाइफ पर हावी हो ही जाती है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह प्रोफेशनल लाइफ अलग रख कर आप अपनी पर्सनल लाइफ को एन्जॉय कर सकते है।
 

1. आॅफिस का काम
सबसे पहले तो आप इस बात का ध्यान रखें कि ऑफिस के काम को घर पर न लाएं। ऐसा करने से आपकी लव लाइफ खरीब हो सकती है। चाहे कितना भी जरुरी काम क्यों न हो इसे ऑफिस तक ही रखें।

2. रोमांटिक डेट प्लान
अक्सर साथ-साथ काम करते-करते पार्टनर एक-दूसरे को डेट करना छोड़ देते है लेकिन ऐसा करने से आप अपना रिश्ता खुद तोड़ रहें है। साथ काम करने के बावजूद भी डेटिंग न छोड़े। इससे एक-दूसरे पर प्यार और विश्वास बना रहता है।

3. सलाह देना
आॅफिस में एक-दूसरे होने पर भी पार्टनर की सक्सेस को एन्जॉय करे। एक-दूसरे को मिली छोटी से छोटी उपलब्धि का जश्न मनाएं। ऐसे में आपके बीच का प्यार ओर भी बढ़ता है।

रोमांटिक ज्यादा होते हैं इन राशियों वाले पति

 

रोमांस के बिना शादीशुदा लाइफ अधूरी होती हैं। वहीं, हर शादीशुदा लड़की चाहती हैं कि उसका पति रोमांटिक हो क्योंकि इससे रिश्ते में ताजगी बनी रहती है। रोमांस से भरे रिश्ते में कई भी बोरियत नहीं आती। कई पति अपने प्यार का इजहार खुल कर करते हैं वहीं, कुछ शर्मीले होते हैं। राशि का भी व्यक्ति के स्वभाव पर असर पड़ता है। आज हम आपको बताएंगे कि कौन-सी राशि के पति सबसे ज्यादा रोमांटिक होते है। 

- कुंभ(21 जनवरी-18 फरवरी)
इस राशि के पति अपनी ही दुनिया में मग्न रहते हैं। वह आर्थिक रूप से भी अपनी पत्नी की मदद करते हैं। इन राशि के पतियों के साथ सब्र के साथ पेश आना पड़ता है। 

- वृष (20 अप्रैल-20 मई)
वृष राशि वाले पुरुष अपने पत्नी की हर जरूरत पूरी करते हैं। वह अपनी पत्नी को कभी भी धोखा नहीं देते। एेसे पुरुषों को काबू करना बहुत मुश्किल होता हैं। 

- कर्क (21 जून-22 जुलाई) 
इस राशि वाले पुरुष अपनी पत्नी को सरप्राइज देना पसंद करते हैं। वह अपने परिवार का ख्याल रखना अच्छी तरह से जानते हैं। वैसे इस राशि के पुरुष काफी दिखावा करते हैं। 

- सिंह (23 जुलाई-22 अगस्त) 
सिंह राशि वाले पुरुष सबसे अच्छे पति साबित होते हैं। इन्हें अपनी तारीफ सुनना बेहद पसंद होता हैं। वे महिलाओं पर जल्द फिदा हो जाते हैं। 

- तुला(23 सितंबर-22 अक्टूबर)
इस राशि के पुरुष अपनी शादीशुदा लाइफ में प्यार को बरकरार रखना बखूबी जानते हैं। इसके अलावा वह अपने रिश्ते के प्रति ईमानदार रहते है। 

- धनु (22 नवंबर-दिसंबर 21)
धनु राशि वाले मर्द जल्द ही अपने रिश्ते से बोर हो जाते हैं और नए साथी की तलाश में लग जाते है। इसके अलावा वे काफी प्रैक्टिकल किस्म के होते हैं।

- मकर (22 दिसंबर-19 जनवरी)
अगर आप भी इस राशि के लड़के को डेट कर रही हैं तो आप बहुत लकी है। इस राशि के पुरुष हैंडसम होते है। यह बुढ़ापे में भी अपने रिश्ते में प्यार को बरकरार रखते हैं।