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शूटिंग के बूते ओलिंपिक में टॉप-10 का लक्ष्य: 60त्न गोल्ड और सिल्वर दिलाने वाले शूटिंग पर फोकस

जयपुर टाइम्स
दुबई(एजेंसी)। भारत ने 1920 के एंटवर्प (बेल्जियम) ओलिंपिक में पहली बार 6 सदस्यीय आधिकारिक टीम भेजी थी। तब से अब तक भारत ने 23 ओलिंपिक में सिर्फ 26 मेडल जीते हैं। इसमें 9 गोल्ड, 5 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज शामिल हैं। हालांकि, खेल मंत्रालय ने इस प्रदर्शन को सुधारने के लिए कमर कस ली है। मंत्रालय ने प्लान के तहत 2024 और 2028 ओलिंपिक के टॉप-10 में आने का लक्ष्य रखा है।
भारत ने अब तक ओलिंपिक में 15 व्यक्तिगत मेडल जीते हैं, जिसमें 1 गोल्ड और 4 सिल्वर हैं। अकेला गोल्ड और 2 सिल्वर शूटिंग में मिले हैं। इस लिहाज से व्यक्तिगत पदक में भारत को शूटिंग से 60त्न गोल्ड और सिल्वर मिले हैं। इस कारण मंत्रालय इस खेल पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहा है, जबकि शूटिंग का खर्च बॉक्सिंग और कुश्ती जैसे खेलों से कहीं ज्यादा होता है।
ओलिंपिक चैम्पियन तैयार करने के इरादे से खेल मंत्रालय ने जूनियर खिला?ियों के लिए टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) शुरू की है। इस स्कीम के तहत 12 इवेंट के लिए 258 खिलाडिय़ों को चुना गया है। इसमें सबसे ज्यादा 70 निशानेबाजों को शामिल किया गया है। टॉप्स के प्लेयर्स को 25 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे।
10 मीटर इवेंट की ट्रेनिंग के लिए शूटरों को हर महीने 10 हजार रु., जबकि 25मी इवेंट के लिए 40 हजार रु. खर्च करने पडते हैं। 10मी एयर पिस्टल की गोली का डिब्बा 500 रु. का मिलता है। एक शूटर महीने में 7 डिब्बे तक खर्च कर देता है। वहीं, टारगेट पर भी 1000 रु. तक खर्च हो जाते हैं। खुद की पिस्टल और राइफल नहीं होने पर किराए और कोचिंग पर 5 से 6 हजार अलग से खर्च करना पडता है।

25 और 50 मीटर इवेंट की ट्रेनिंग भी काफी महंगी है। इस इवेंट की ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाली एक गोली 10 रु. में मिलती है। एक शूटर कम से कम एक दिन में 100 गोली फायर कर देते हैं। इस लिहाज से केवल गोली पर हर महीने 30 हजार का खर्च होता है। टारगेट पर 5000 के अलावा कोचिंग और पिस्टल (राइफल) के किराए पर कम से कम 5000 और खर्च करना प?ता है। इस तरह खिला?ियों को 25 और 50मी इवेंट की ट्रेनिंग के लिए हर महीने करीब 40 हजार रु. तक खर्च करना होता है।

शूटिंग शुरू करने के लिए 3 से 5 लाख रुपए का खर्च
अगर कोई शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू करता है और अपना पिस्टल खरीदता है, तो उसे 1.5 से 2 लाख रुपए तक खर्च करने प?ते हैं। इसी तरह राइफल पर 3 से 4 लाख का खर्च आता है। इनके अलावा जूते पर 20 से 25 हजार और चश्मे पर 25 से 30 हजार रुपए खर्च करना प?ता है।

रैपिड फायर की गोलियों पर हर महीने 1 लाख रुपए का खर्च
शूटर आदर्श सिंह ने भास्कर को बताया कि उन्होंने शूटिंग की एबीसीडी स्कूल के शूटिंग रेंज से सीखी। अभी ट्रेनिंग पर हर महीने 2 लाख रुपए से ज्यादा खर्च करना प?ता है। हालांकि, अब उन्हें स्पॉन्सर मिल गए हैं। रैपिड फायर की ट्रेनिंग पर सबसे ज्यादा खर्च आता है, क्योंकि इसमें गोलियां ज्यादा लगती हैं। गोलियों पर ही केवल एक लाख से ज्यादा खर्च हो जाता है।

पूर्व स्पिनर मुरलीधरन धोनी की कप्तानी के कायल, कहा- वे ऐसे कप्तान जो अच्छी गेंद पर छक्का पडऩे पर भी गेंदबाज के लिए ताली बजाएंगे और उसकी तारीफ करेंगे

जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। श्रीलंका के पूर्व स्पिनर मुथैया मुरलीधरन महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के कायल हैं। मुरलीधरन ने कहा कि उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत गेंदबाज पर उनका विश्वास है। उन्होंने कहा कि धोनी ऐसे कप्तान हैं, जो अच्छी गेंद पर छक्का पडऩे पर भी गेंदबाज के लिए ताली बजाएंगे और उसकी तारीफ करेंगे। मुरलीधरन ने भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के शो 'डीआएस विद एश' में यह बातें कहीं। धोनी की कप्तानी में 2008 से 2011 तक सीएसके के लिए खेलने वाले मुरलीधरन ने कहा कि जब एमएस धोनी ने 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप जीता था, तब वो युवा थे। लेकिन फिर भी उन्होंने शानदार कप्तानी की थी। कप्तान के तौर पर उनके फैसले बेहतरीन रहते हैं। वो गेंदबाज से खुद कहते हैं कि अपने हिसाब से फील्ड लगाकर गेंदबाजी करो। अगर वो प्लान काम नहीं करता है, तब वो खुद फील्ड लगाते हैं।
उन्होंने कहा कि धोनी कभी किसी गेंदबाज को सबके सामने नहीं बोलते। वो अकेले में उसे समझाते हैं। अपनी इन्हीं खासियतों की वजह से आज वो इतने कामयाब कप्तान हैं। 'मैदान पर शांत रहने के कारण धोनी बेहतर फैसले लेते हैं'
श्रीलंका के इस पूर्व स्पिनर ने आगे कहा कि बतौर कप्तान धोनी की सफलता का राज उनका शांत रहना है। वे मैदान पर बहुत कम गुस्सा होते हैं। ऐसे में वे बेहतर फैसले ले पाते हैं। जब वे युवा थे, तब से ही सीनियर खिलाडयि़ों की सलाह सुनते हैं। यह भी उनकी कप्तानी की बड़ी खूबियों में से एक है। वे लोगों को सुनते हैं और फिर फैसला लेते हैं। यही उनकी कप्तानी का तरीका है, जो उन्हें दूसरों से अलग करता है। धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिसने टी-20, वनडे वल्र्ड कप का खिताब जीतने के साथ ही चैम्पियंस ट्रॉफी भी जीती है। 

उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने तीन बार 2010, 2011 और 2018 में आईपीएल का खिताब जीता है। वे इस साल यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होने वाले आईपीएल से क्रिकेट मैदान पर वापसी करेंगे। धोनी पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेले हैं।

एटलेटिको मैड्रिड के 2 खिलाड़ी कोरोना संक्रमित, 3 दिन बाद टीम को क्वार्टर फाइनल में लिपजिग के खिलाफ उतरना है

चैम्पियंस लीग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले 12 से 15 अगस्त तक होंगे, जबकि सेमीफाइनल मुकाबले 18 और 19 अगस्त को खेले जाएंगे
कोरोना के कारण चैम्पियंस लीग के फॉर्मेट में बदलाव हुआ, इस बार फाइनल स्टेज के सारे मुकाबले लिस्बन में खेले जाएंगे
जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। 
चैम्पियंस लीग के क्वार्टर फाइनल से पहले ही एटलेटिको मैड्रिड के 2 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। टीम को 3 दिन बाद ही आरबी लिपजिग के खिलाफ मैदान में उतरना है। क्लब ने सोमवार को दो खिलाडयि़ों के संक्रमित होने की पुष्टि की।
क्लब की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दो दिन पहले यूईएफए प्रोटोकॉल के तहत क्वार्टर फाइनल से पहले टीम के सभी खिलाडिय़ों का पीसीआर टेस्ट कराया गया। इसमें दो खिलाडयि़ों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों खिलाडी अपने घर में सेल्फ आइसोलेट हैं। हमने पुर्तगाल और स्पेन की हेल्थ अथॉरिटी के अलावा यूईएफए को इसकी जानकारी दे दी है।
संक्रमितों के संपर्क में आए खिलाडिय़ों का दोबारा कोरोना टेस्ट होगा
क्लब ने आगे कहा कि हम प्रोटोकॉल के तहत कोरोना पॉजिटिव खिला?ियों के सपंर्क में आने वाले टीम के सभी सदस्यों का पीसीआर टेस्ट करा रहे हैं। साथ ही लिस्बन में टीम के ट्रेनिंग कैंप और ट्रैवल शेड्यूल में भी बदलाव किया जाएगा। टीम के नए ट्रेनिंग शेड्यूल को लेकर यूईएफए के साथ बातचीत चल रही है।
पहली बार क्वार्टर और सेमीफाइनल एक ही लेग में होंगे
कोरोना के कारण पहली बार लीग में क्वार्टर और सेमीफाइनल एक ही लेग में होंगे। इससे पहले हर टीम को लेग-1 का मैच अपने मैदान और लेग-2 का मुकाबला विपक्षी टीम के घर में खेलना होता था। वहीं, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मैच लिस्बन में ही खेले जाएंगे। एटलेटिको मैड्रिड ने 12 मार्च को डिफेंडिंग चैम्पियन लिवरपूल को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
चैम्पियंस लीग का फाइनल 23 अगस्त को
चैम्पियंस लीग का फाइनल 23 अगस्त को लिस्बन में खेला जाएगा। वहीं, चारों क्वार्टर फाइनल 12 से 15 अगस्त के बीच खेले जाएंगे। लीग का सेमीफाइनल 18 और 19 अगस्त को होगा।

यूईएफए चैम्पियंस लीग: नेपोली को हराकर बार्सिलोना लगातार 13वीं बार लीग के क्वार्टर फाइनल में, मेसी ने अलग-अलग 35 टीमों के खिलाफ गोल करने का रिकॉर्ड बनाया

जयपुर टाइम्स
दुबई(एजेंसी)। बार्सिलोना चैम्पियंस लीग के प्री-क्वार्टर फाइनल के दूसरे लेग में नेपोली को 3-1 से हराकर लगातार 13वीं बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा। यहां उसका मुकाबला 15 अगस्त को बार्यन म्यूनिख से होगा। बार्सिलोना ने मैच के 10वें मिनट में क्लिमेंट लेंगलेट के गोल की बदौलत नेपोली पर बढ़त हासिल की। यह बार्सिलोना की तरफ से चैम्पियंस लीग में इस खिलाड़ी का पहला गोल है। 23वें मिनट में लियोनल मेसी ने नेपोली के चार डिफेंडरों को चकमा देकर बार्सिलोना के लिए दूसरा गोल किया। इसके साथ मेसी ने लीग में नया रिकॉर्ड बनाया। वे चैम्पियंस लीग में अलग-अलग 35 टीमों के खिलाफ करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और राउल गोंजालेज ने 33-33 टीमों के खिलाफ गोल किए हैं, जबकि करीम बेंजेमा और ज्लाटन इब्राहिमोविच ने 29 टीमों के खिलाफ गोल दागे हैं। कुछ मिनट बाद बाद मेसी ने दोबारा गोल किया। लेकिन वीडियो रिव्यू में रैफरी ने इसे हैंडबॉल माना और गोल को नकार दिया। हालांकि, इसका बार्सिलोना पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा और टीम ने हाफ टाइम से ठीक पहले तीसरा गोल किया। इस बार लुईस सुआरेज ने पेनल्टी के जरिए टीम की बढ़त को और मजबूत किया। हालांकि, पहले हाफ के एक्स्ट्रा टाइम में बार्सिलोना के इवान रैकिटिक के फाउल की वजह नेपोली को पेनल्टी मिल गई।
नेपोली के लिए लॉरेंजो इनसाइन ने इस मौके को जाया नहीं होने दिया और टीम के लिए मैच में पहला और इकलौता गोल दागा। दोनों टीमों ने सेकेंड हाफ में भी गोल करने की काफी कोशिश की। लेकिन फुलटाइम तक स्कोर 3-1 ही रहा। इस जीत के साथ ही बार्सिलोना ने रिकॉर्ड 18वीं बार चैम्पियंस लीग के क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। इधर, दूसरे प्री-क्वार्टर फाइनल में जर्मन क्लब बार्यन म्यूनिख ने इंग्लिश क्लब चेल्सी को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। बार्यन ने लगातार 18वां मैच जीता। टीम के लिए रॉबर्ट लेवेंडोस्की ने सबसे ज्यादा 2 गोल किए। 


चैम्पियंस लीग के इस सीजन में लेवेंडोस्की ने 7 मैच में 13 गोल किए, जबकि 2019-20 सीजन में क्लब के लिए वे अब तक 44 मैच में 53 गोल कर चुके हैं।

अख्तर को बुमराह की चिंता:शोएब ने कहा- बुमराह टैलेंटेड गेंदबाज, लेकिन उनका बॉलिंग एक्शन इतना मुश्किल कि वे सभी फॉर्मेट में नहीं खेल सकते

जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का कहना है कि जसप्रीत बुमराह टैलेंटेड गेंदबाज हैं, लेकिन अपने मुश्किल गेंदबाजी एक्शन के कारण उनके लिए सभी फॉर्मेट में खेलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि बुमराह और उनके कप्तान को बहुत सतर्क रहना होगा, क्योंकि आपको ऐसे प्रतिभाशाली गेंदबाज कम ही मिलते हैं। अख्तर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ उनके यूट्यूब शो 'आकाशवाणी' में यह बातें कहीं। अख्तर ने कहा कि यह उनकी (बुमराह) बहादुरी है कि उन्होंने टेस्ट मैचों में अपना टैलेंट दिखाया। वह बहुत मेहनती और फोकस्ड गेंदबाज हैं। वह जानते हैं कि उन्हें कहां जाना है, लेकिन क्या उनकी पीठ इस तरह के एक्शन की वजह से शरीर पर पडऩे वाले जोर को झेल पाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं उनके मैच देख रहा था और मैंने अपने दोस्तों से कहा कि जैसा इस गेंदबाज का एक्शन है, यह जल्दी ही टूट जाएगा। लेकिन मेरे दोस्तों ने कहा कि उनका(बुमराह) रन अप सिर्फ 4-5 कदम का है। मैंने उन्हें बताया कि यह चार-पांच कदमों का सवाल नहीं, बल्कि गेंद फेंकने के दौरान पीठ पर पडऩे वाले अतिरिक्त भार का है। उनकी पीठ इतने अधिक समय तक इस एक्शन से पडऩे वाले लोड को झेल नहीं पाएगी। बुमराह ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट से डेब्यू किया था। तब 3 टेस्ट की उस सीरीज में उन्होंने 25.21 की औसत से 14 विकेट लिए थे। उसी साल के आखिर में जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में पहली बार टेस्ट सीरीज में हराया था। तब बुमराह टीम की जीत के हीरो रहे थे। उन्होंने 4 टेस्ट में 17 की औसत से 21 विकेट लिए थे। हालांकि, इसके बाद वे स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण टीम से बाहर हो गए थे। 

बुमराह ने अब तक 14 टेस्ट में 20.33 की औसत से 68 विकेट लिए हैं। इस गेंदबाज ने 64 वनडे में 104 विकेट हासिल किए हैं।

इंग्लैंड के हाथों पहले टेस्ट में मिली हार पर अफरीदी ने कहा- इस तरह के मौके बर्बाद नहीं कर सकते, अकरम बोले- कप्तान की गलती से हारे

वसीम अकरम ने कहा- इंग्लैंड के 5 विकेट जल्दी गिर गए थे, इसके बाद भी हमारे गेंदबाज इंग्लिश बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाए
इंग्लैंड ने तीन टेस्ट की सीरीज के पहले मैच में पाकिस्तान को 3 विकेट से हराया
जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में पाकिस्तान को मिली हार से देश के पूर्व क्रिकेटर्स खफा हैं। पूर्व कप्तान ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी यकीन ही नहीं कर पा रहे हैं कि पाकिस्तान हार गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मौके बर्बाद नहीं किए जा सकते हैं। इधर, पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने इस हार के लिए कप्तान अजहर अली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हारना या जीतना क्रिकेट का हिस्सा होता है, लेकिन हमारे कप्तान ने कई मौकों पर गलती की, जिसका टीम को खामियाजा उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के 117 रन पर 5 विकेट गिर गए थे। नए बल्लेबाज के रूप में क्रिस वोक्स आए थे। लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाजों ने उन्हें न तो शॉर्ट गेंदें फेंकी और न बाउंसर। हमारे गेंदबाजों ने उन्हें क्रीज पर जमने का पूरा मौका दिया। हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने कहा कि सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है। अभी दो टेस्ट होने बाकी हैं। इस टेस्ट से हमें काफी सकारात्मक बातें सीखने को मिली। हमारे पास मैच में इंग्लैंड को मैच से बाहर करने का मौका था। हमने रन आउट मिस किए, जोकि टेस्ट क्रिकेट में गुनाह होता है। चौथी पारी में हमने इंग्लैंड को जो टारगेट दिया था, वो कम नहीं था। लेकिन उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की और धीरे-धीरे कर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। इसके बाद हम वापसी नहीं कर पाए।
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहली पारी में 326 रन बनाए थे। वहीं, इंग्लैंड को 219 रन पर ऑलआउट कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 169 रन बनाते हुए इंग्लैंड को जीत के लिए 277 रन का टारगेट दिया था। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 117 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे।
इसके बाद जोस बटलर(75) और क्रिस वोक्स(84) ने छठे विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी कर टीम की जीत पक्की कर दी। यह चौथी पारी में इंग्लैंड की तरफ से चौथे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
इंग्लैंड ने 5 सीरीज के बाद किसी टेस्ट सीरीज का पहला मैच जीता
पाकिस्तान के खिलाफ किसी टीम ने 21 साल बाद 250+ रन बनाकर मैच जीता। इंग्लैंड ने पांच सीरीज के बाद किसी टेस्ट सीरीज का पहला मैच जीता। पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा यासिर शाह ने 4 विकेट लिए। जबकि शाहीन अफरीदी, मोहम्मद अब्बास और नसीम शाह को 1-1 विकेट मिला। दोनों पारी में 4 विकेट लेने और 103 (19+84) रन बनाने वाले वोक्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

कबाइली इलाके में मैच के दौरान आतंकियों ने की अंधाधुंध फायरिंग, लोकल टीमों के बीच फाइनल खेला जा रहा था, 9 साल पहले श्रीलंका टीम की बस पर हमला हुआ था

जयपुर टाइम्स
दुबई(एजेंसी)। पाकिस्तानी वेबसाइट द न्यूज के हवाले से एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लोकल टूर्नामेंट का फाइनल मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। इसमें मीडियाकर्मियों के अलावा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी थे। जैसे ही मैच शुरू हुआ, वैसे ही मैदान के नजदीक स्थित पहाड़ी से आतंकियों ने मैदान पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। खिलाडिय़ों, दर्शकों और पत्रकारों ने घटनास्थल से भागकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोलीबारी इतनी तेज थी कि आयोजकों के पास मैच को खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। ओराक्जई जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने ओरक्जई स्काउट्स और फ्रंटियर कोर के साथ मिलकर आतंकियों के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
आतंकियों ने पहले भी पाकिस्तान में इस तरह के हमले किए हैं। आज से 11 साल पहले पाकिस्तान दौरे पर गई श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर लाहौर में आतंकियों ने गोलीबारी की थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से कई टीमों ने पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था।
एक दशक तक पाकिस्तान को यूएई में अपनी होम सीरीज खेलनी पड़ी। वहीं, पाकिस्तान को 2011 में भारत के साथ वल्र्ड कप की मेजबानी करने का मौका नहीं मिला। हालांकि, पिछले 3 सालों में हालात बदले हैं और श्रीलंका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश जैसी टीमों ने पाकिस्तान का दौरा किया।
2017 में वर्ल्ड इलेवन 3 मैच की टी-20 सीरीज के लिए वहां गई थी, जबकि पिछले 2 सीजन में पाकिस्तान ने क्रिकेट लीग पीएसएल की भी मेजबानी की है, जिसमें इंग्लैंड, वेस्टइंडीज जैसे देशों के खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया।

148 दिन बाद चैम्पियंस लीग :कोरोना की वजह से स्टेडियम में कोई दर्शक नहीं होगा, मैदान में थूका तो यलो कार्ड

जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट यूईएफए चैम्पियंस लीग का रुका हुआ सीजन 148 दिन बाद आज से शुरू हो रहा है। कोरोना के चलते स्टेडियम में दर्शक नहीं होंगे, मैदान में थूकने पर यलो कार्ड मिलेगा और संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए एक मैच में 30 फुटबॉल इस्तेमाल की जाएंगी।
अब 8 टीमों के बीच 17 दिन में 11 मैच खेले जाएंगे। फाइनल समेत सभी मुकाबले पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारतीय समयानुसार रात 12.30 से होंगे। चैम्पियंस लीग में प्री-क्वार्टरफाइनल के लेग-2 के 4 मुकाबले होना बाकी थे, जो 7 और 8 अगस्त को होंगे। शुक्रवार को दो मैच युवेंटस-लियोन और मैनचेस्टर सिटी-रियाल मैड्रिड के बीच मैच होंगे। अगले दिन बार्सिलोना और नेपोली के अलावा बायर्न म्यूनिख और चेल्सी के बीच मुकाबला होगा। चैम्पियंस लीग में पिछली बार 12 मार्च को 2 मैच खेले गए थे। पहले मुकाबले में एटलेटिको ने डिफेंडिंग चैम्पियन लिवरपूल को हराकर बाहर कर दिया था। एटलेटिको क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। वहीं, दूसरे मैच में पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने बोरुसिया डॉर्टमंड को 2-0 से हराया था।
कोरोना के कारण पहली बार लीग में क्वार्टर और सेमीफाइनल एक ही लेग में होंगे। इससे पहले हर एक टीम को लेग-1 का मैच अपने मैदान और लेग-2 का मुकाबला विपक्षी टीम के घर में खेलना होता था।

आईसीसी की मीटिंग में बीसीसीआई और सीए में होगी टी-20 वल्र्ड कप की अदला-बदली पर बात, भारत को पहले से मिली है 2021 के टूर्नामेंट की मेजबानी

बीसीसीआई 2021 की बजाय 2022 में टी-20 वल्र्ड कप की मेजबानी के लिए राजी होती है, तो उसे लगातार दो साल वर्ल्ड कप कराने होंगे
आईसीसी के शेड्यूल के मुताबिक, अक्टूबर 2023 में वनडे वल्र्ड कप होना है और यह टूर्नामेंट भी भारत में ही होना है
जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। कोरोना के कारण इस साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप एक साल के लिए टल गया। ऐसा होने के कारण अब 2021 और 2022 दोनों साल टी-20 वल्र्ड कप होंगे।भारत को पहले से ही 2021 के टूर्नामेंट की मेजबानी मिली है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया अगले साल टूर्नामेंट कराना चाह रहा है। इस मामले पर शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की बोर्ड मीटिंग में इन दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के चीफ बात करेंगे। आईसीसी बोर्ड मेंबर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर न्यूज एजेंसी से कहा कि आईसीसी मीटिंग का मुख्य एजेंडा टी-20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल को लेकर है। इसमें अगले साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड में होने वाला वुमेंस वनडे वल्र्ड कप भी शामिल है। उम्मीद है कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सीए के अर्ल एडिंग्स के बीच 2021 और 2022 के टी-20 वल्र्ड कप की मेजबानी को लेकर आम सहमति बन जाए।
टी-20 वर्ल्ड कप टलने से आईपीएल का रास्ता साफ हुआ
इस साल 18 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी टी-20 वल्र्ड कप होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया, जिससे इंडियन प्रीमियर लीग के होने का रास्ता साफ हुआ। लीग अब यूएई में 19 सितंबर से खेली जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया 2021 में ही टी-20 वल्र्ड कप कराना चाहता है
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया(सीए) ने इस साल के टी-20 वल्र्ड कप के लिए काफी हद तक तैयारी कर ली थी। इसलिए सीए 2021 में टी-20 वल्र्ड कप की मेजबानी करना चाहेगा। सीए के हेड अर्ल एडिंग्स आईसीसी को पहले भी लिख चुके हैं कि सीए टी-20 वर्ल्ड कप को 2022 तक के लिए नहीं टालना चाहता है। वह इस टूर्नामेंट को 2021 के आखिर में कराना चाहता है, लेकिन अगले साल के टूर्नामेंट की मेजबानी पहले से ही भारत को मिली है और वह इसे नहीं छोडऩा चाहता है। क्योंकि भारत में 2023 में वनडे वल्र्ड कप भी होना है। ऐसे में अगर भारत ने 2021 के टी-20 वल्र्ड कप की मेजबानी छोड़ दी, तो उसे लगातार दो साल टी-20 और वनडे वर्ल्ड कप कराने होंगे। जो किसी भी सूरत में संभव नहीं दिखता। इसके लिए बीसीसीआई को बाकी देशों के फ्यूचर टूर प्रोग्राम, खिलाडिय़ों की ट्रैवलिंग और होटल में ठहरने का इंतजाम, स्पॉन्सर्स की तलाश और ब्रॉडकास्टर्स को राजी करना होगा। वैसे, दोनों साल टी-20 और वनडे वल्र्ड कप अक्टूबर-नवंबर में होंगे, जब देश में फेस्टिव सीजन रहता है। ऐसे में रेवेन्यू के लिहाज से यह समय अच्छा माना जा सकता है।

सीए को 2021 टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी मिल सकती है

आईसीसी बोर्ड के मेंबर ने कहा कि 2021 के टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी सीए को मिल सकती है। कई बातें उसके पक्ष में हैं। आईसीसी की वेबसाइट का कहना है कि जिन दर्शकों ने इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के टिकट बुक किए थे, वे अगली घोषणा तक इंतजार करें।

इसका एक ही कारण है कि सीए अगले साल टूर्नामेंट की मेजबानी करना चाहता है और अगर ऐसा होता है, तो जिन दर्शकों ने इस साल टिकट बुक दिए थे, वे अगले साल के टूर्नामेंट के लिए भी वैलिड रहेंगे। यह बात आईसीसी पहले कह चुका है। वहीं, 2022 में अगर ऑस्ट्रेलिया को टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी मिलती है, तो इस साल टाले गए टूर्नामेंट के लिए जिसने भी टिकट खरीदे थे, उसे पूरा पैसा रिफंड होगा।

यूएस ओपन चैम्पियन को इस साल प्राइज मनी के तौर पर 22.54 करोड़ रुपए मिलेंगे

2019 में यूएस ओपन में हिस्सा लेने वाले खिलाडिय़ों को प्राइज मनी के तौर पर कुल 427 करोड़ रुपए दिए गए थे
मेंस और वुमेंस दोनों के डबल्स इवेंट में पिछले साल के मुकाबले इनामी राशि में 46त्न की कटौती की गई
जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। कोरोनावायरस के कारण इस साल यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट के प्राइज मनी में कटौती की गई है। मेंस और वुमेंस सिंगल्स चैंपियन को 2020 में इनाम के तौर पर 3 मिलियन डॉलर (करीब 22 करोड़ 54 लाख रुपए) मिलेंगे। इसमें पिछले साल के मुकाबले 8.50 लाख डॉलर (करीब 6 करोड़ 36 लाख रुपए) की कटौती की गई है। यानी 22त्न की कटौती। यूएस टेनिस एसोसिएशन (यूएसटीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी। यूएसटीए के मुताबिक, इस साल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाडिय़ों को कुल $53.4 मिलियन (करीब 399 करोड़ रुपए) राशि इनाम के तौर पर दी जाएगी, जोकि पिछले साल $57.2 मिलियन (करीब 427 करोड़ रुपए) से करीब 7 फीसदी कम है। हालांकि, टूर्नामेंट के सिंगल्स के फर्स्ट राउंड में हिस्सा लेने वाले खिलाडिय़ों को मिलने वाली प्राइज मनी में पिछले साल के मुकाबले 5 फीसदी का इजाफा हुआ है।
फर्स्ट राउंड की प्राइज मनी में इजाफा हुआ
पिछले साल खिलाडिय़ों को $58,000 (करीब 43 लाख रुपए) मिलते थे, जबकि इस साल $61,000 (करीब 45 लाख रुपए) मिलेंगे। वहीं, दूसरे और तीसरे राउंड तक पहुंचने वाले खिलाडिय़ों को मिलने वाली प्राइज मनी में कोई बदलाव नहीं हुआ। इन्हें पहले की तरह ही $100,000 (करीब 75 लाख रुपए) और $163,000 (करीब एक करोड़ 22 लाख रुपए) मिलेंगे। इसके बाद के हर राउंड में प्राइज मनी में कटौती की गई है। सिंगल्स के चौथे राउंड में पहुंचने वाले खिलाड़ी को पिछले साल के $280,000 (करीब 2 करोड़ 9 लाख रुपए) के मुकाबले इस साल $250,000 (करीब 1 करोड़ 87 लाख रुपए) मिलेंगे। वहीं, इस साल के उप विजेता को भी पिछले साल के $1.9 मिलियन (14 करोड़ 26 लाख रुपए) के मुकाबले इस साल $1.5 मिलियन (करीब 11 करोड़ 22 लाख रुपए) की इनामी राशि मिलेगी।

डबल्स की प्राइज मनी में 46त्न की कटौती

कोरोना की मार डबल्स की प्राइज मनी पर भी पड़ी है। मेंस और वुमेंस दोनों डबल्स इवेंट में पिछले साल के मुकाबले इनामी राशि में 46त्न की कटौती की गई है।

नडाल, फेडडर और बार्टी यूएस ओपन में नहीं खेलेंगे

इधर, कई टॉप रैंक खिलाड़ी टूर्नामेंट से नाम वापस ले चुके हैं। इसमें नया नाम डिफेंडिंग चैम्पियन राफेल नडाल का है। उन्होंने एक दिन पहले ही कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए टूर्नामेंट में न खेलने का फैसला किया। नडाल ने ट्वीट कर कहा कि मैंने बहुत सोचने के बाद इस साल यूएस ओपन टूर्नामेंट में न खेलने का फैसला किया। कोरोना के कारण दुनिया भर में स्थिति बहुत खराब है, कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि जैसे हमारा इस पर कोई नियंत्रण नहीं।

उनसे पहले महिलाओं में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी, वर्ल्ड नंबर-4 रोजर फेडरर और निक किर्गियोस भी टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले चुके हैं।

धोनी की तारीफ: इशांत ने कहा- पूर्व कप्तान धोनी ने हमेशा सपोर्ट किया, 50-60 टेस्ट खेलने के बाद भी उन्होंने कभी नहीं कहा कि मेरा विकल्प तलाश रहे

जयपुर टाइम्स
दुबई(एजेंसी)। भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा मेरा सपोर्ट किया। 50-60 टेस्ट खेलने के बाद भी उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे मेरा विकल्प ढूंढ रहे हैं। इशांत ने कहा कि 97 टेस्ट खेलने के बाद भी मैं औसत और स्ट्राइक रेट को नहीं समझ पाया। मैंने कभी इन चीजों की परवाह ही नहीं की। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइंफो के शो 'क्रिकेट बाजी' में यह बातें कहीं।
32 साल के इशांत ने कहा कि अगर मैं उन्हें समझ नहीं पाता, तो मैं उन पर कैसा भरोसा करता?। औसत और स्ट्राइक रेट एक आंकड़ा भर है। अगर मैं भारत में गेंदबाजी कर रहा हूं और कप्तान मुझसे कहे कि तुम्हें ऐसी गेंदबाजी करनी है कि 20 ओवर में 40 से ज्यादा रन न जाएं, बाकी विकेट लेने का काम स्पिनर्स करेंगे, तो मैं ऐसा करूंगा।
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि मैं सिर्फ उसी रोल पर फोकस करता था, जो कप्तान धोनी मुझे देते थे। यही कारण है कि पूर्व भारतीय कप्तान ने टेस्ट क्रिकेट में मेरे गेंदबाजी आंकड़े औसत होने के बावजूद मुझ पर भरोसा किया। मेरे लिए यह अहम नहीं कि मेरा गेंदबाजी औसत 37 है। मेरा कप्तान धोनी से हमेशा संवाद बना रहा और उन्होंने मुझे समर्थन दिया।
धोनी की कप्तानी के दौरान अक्सर इशांत को बफर गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा। बिना इस बात की परवाह किए कि उन्हें विकेट मिल रही है या नहीं, वो अपना रोल निभाते रहे। पिछले 5 साल में उनकी गेंदबाजी में काफी सुधार हुआ है। उनके आंकड़े इस बात का सबूत हैं। इशांत ने पिछले 5 साल में 35 टेस्ट में 23.8 की औसत से 110 विकेट लिए हैं। इस दौरान उन्होंने एक पारी में 5 बार पांच विकेट लिए। अगर उनका ओवरऑल रिकॉर्ड देखें, तो उन्होंने 97 टेस्ट में 32.39 की औसत से 297 विकेट लिए हैं। यानी पिछले 5 साल में उन्होंने एक तिहाई विकेट लिए हैं। वह 80 वनडे में 5.72 की इकोनॉमी से 115 विकेट भी ले चुके हैं।

बाबर आजम की अनदेखी:इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन बोले- आजम को उतनी तारीफ नहीं मिल रही जिसके वह हकदार

जयपुर टाइम्स
नईदिल्ली(एजेंसी)। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर नासिर हुसैन का मानना है कि पाकिस्तानी बल्लेबाज बाबर आजम वर्ल्ड क्लास बल्लेबाज हैं। वे भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ के बराबर हैं। लेकिन इस पाकिस्तानी क्रिकेटर को उस तरह की अटेंशन नहीं मिलती, जिसके वह हकदार हैं। हुसैन ने पाकिस्तान-इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर टेस्ट में कॉमेंट्री के दौरान यह बात कही। हुसैन ने कहा कि अगर आजम की जगह कोहली खेल रहे होते, तो हर कोई उनकी परफॉर्मेंस की बात कर रहा होता। 2018 से उनका औसत 68 है और व्हाइट बॉल क्रिकेट में 55 का है। वह युवा हैं, वह एलीगेंट हैं। हर कोई फैब फोर (विराट कोहली, स्टीव स्मिथ, केन विलियम्सन और जो रूट) के बारे में बात करता है। यहां फैब फाइव हैं और बाबर आजम इसका हिस्सा हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह शर्म की बात है और यह पाकिस्तान के घर से दूर खेलने का नतीजा है कि आजम को कोई देख नहीं रहा। पाकिस्तान टीम ज्यादातर मुकाबले यूएई में खेल रही है। जहां आजम को कोई नहीं देख रहा। पाकिस्तान एक तरह से भारतीय क्रिकेट के साये में छिपा है। वह इससे बाहर नहीं आ रहा। पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल नहीं खेल रहे और न ही भारत के खिलाफ क्रिकेट खेल रहे हैं।
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम भी हुसैन की बात से सहमत दिखे। उन्होंने कहा कि मुझे भी ऐसा लगता है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में उनका औसत 65 से ज्यादा है। उन्होंने एक बल्लेबाज और एक व्यक्ति के रूप में काफी सुधार किया है। 

वह आत्मविश्वास से भरा युवा है, लेकिन वह अपने प्रदर्शन से काफी संतुष्ट नहीं होता। यह महान खिलाड़ी का संकेत है और बाबर सही रास्ते पर है।

आजम ने इस साल 200 से ज्यादा की औसत से रन बनाए

इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन बाबर ने अपना 14वां अर्धशतक पूरा किया। वे 69 रन पर नाबाद हैं। 2018 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में इस पाकिस्तान बल्लेबाज का औसत सबसे ज्यादा है। आजम ने अगस्त 2018 से अब तक 14 टेस्ट में 68.57 की औसत से 1303 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 5 शतक लगाए। इस साल उनका औसत 212 का है। आजम ने 2020 में दो टेस्ट खेले हैं और 212 रन बनाए। इस बल्लेबाज ने अब तक 26 टेस्ट में 45.12 की औसत से 1850 रन बनाए हैं।

पिछले 2 साल में विराट का औसत आजम से कम
अगर पिछले 2 साल में भारतीय कप्तान विराट कोहली का टेस्ट में रिकॉर्ड देखें, तो उन्होंने इस दौरान 19 टेस्ट में 51.24 की औसत से 1486 रन बनाए हैं। भारतीय कप्तान ने 2 साल में 5 शतक भी लगाए। अगर इस साल की बात करें तो उन्होंने 2 टेस्ट में 19 की औसत से सिर्फ 38 रन ही बनाए। कोहली ने अब तक 86 टेस्ट में 53.62 की औसत से 7240 रन बनाए हैं। उन्होंने टेस्ट में 27 शतक लगाए हैं।