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इमरान के मंत्री ने कहा- ऑस्ट्रेलिया में हार के जिम्मेदार मिस्बाह-वकार

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)।  पाकिस्तान के एक मंत्री अली जैदी ने ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट टीम की करारी शिकस्त का जिम्मेदार हेड कोच मिस्बाह उल हक और बॉलिंग कोच वकार यूनिस को ठहराया। जैदी के मुताबिक, सरफराज अहमद को कप्तानी से हटाना गलत फैसला था। नौपरिवहन मंत्री जैदी ने सोमवार को कई ट्वीट किए। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान टीम में जबरदस्त गुटबाजी है और इसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पाकिस्तान टीम पहले टी20 सीरीज 2-0 से हारी। इसके बाद दो टेस्ट मैचों में भी हार का अंतर यही रहा। पाकिस्तान टीम एडिलेड में दूसरा टेस्ट एक पारी और 48 रन से हारी। ब्रिसबेन में खेले गए पहले टेस्ट में भी उसे पारी और पांच रन की शिकस्त का सामना करना पड़ा था। शर्मनाक हार से अली जैदी काफी नाराज हैं। उन्होंने ट्विटर पर कहा, "पहले मैं इसलिए चुप रहा क्योंकि टीम सिलेक्ट हो चुकी थी और ऑस्ट्रेलिया जा रही थी। लेकिन, अब ईमानदारी से बात करना जरूरी है।

 सरफराज को कप्तानी से क्यों हटाया गया? क्या पीसीबी इसका जवाब देगी? उसने टी20 में हमें पहले पायदान पर पहुंचाया। उसकी वजह से हम चैम्पियंस ट्रॉफी जीते। 

भारत का गेंदबाजी आक्रमण शानदार, लेकिन स्पिनर्स ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष करते हैं : रिकी पॉन्टिंग

जयपुर टाइम्स
सिडनी (एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने भारत के तेज गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत का गेंदबाजी आक्रमण शानदार, लेकिन स्पिनर्स ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष करते हैं। उन्होंने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की एक क्रिकेट वेबसाइट से यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लियोन का अपने घर में प्रदर्शन रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा से ज्यादा अच्छा है।
पॉन्टिंग ने कहा, ''कुछ सालों में भारत का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। इसमें इशांत शर्मा, उमेश यादव, अश्विन और जडेजा को जोड़ दिया जाए तो टीम की ताकत और बढ़ जाती है। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में भारतीय स्पिनर्स संघर्ष करते हैं। यहां नाथन लियोन का रिकॉर्ड भारतीय स्पिनर्स से अच्छा है। लियोन ने ऑस्ट्रेलिया में खेले 45 टेस्ट में 171 विकेट लिए हैं। इसमें भारत के खिलाफ 51 विकेट हैं, जो उन्होंने 11 टेस्ट में हासिल किए। वह घरेलू जमीन पर 4 मौकों पर भारत के खिलाफ 5 विकेट ले चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में खेले 7 टेस्ट में 27 विकेट लिए हैं। वह यहां एक बार भी 5 विकेट नहीं ले पाएं हैं जबकि करियर में वह 27 बार ऐसा कर चुके हैं। भारतीय स्पिनर ने 70 टेस्ट में 362 विकेट लिए हैं।   पॉन्टिंग ने न्यूजीलैंड सीरीज को लेकर कहा, मुझे पहले टेस्ट के प्लेइंग-11 में बदलाव होता नहीं दिख रहा है। क्योंकि टीम अच्छा खेल रही है। उसने हाल ही में पाकिस्तान को दो मैचों की सीरीज में हराया है। इस जीत के साथ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर आ गया है। उसके 7 मैचों से 176 अंक है।
 जबकि पहले स्थान पर 360 अंकों के साथ भारत है। 
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच 12 दिसंबर को खेला जाएगा पहला टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 12 दिसंबर से पर्थ में होगी। दूसरा टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न जबकि तीसरा 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा।  

तिहरा शतक लगाने के बाद वॉर्नर बोले- वीरेंद्र सहवाग को भरोसा था कि मैं टेस्ट क्रिकेट में भी सफल रहूंगा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले डेविड वॉर्नर ने वीरेंद्र सहवाग पर एक खुलासा किया। वॉर्न के मुताबिक, 2009 में आईपीएल के दौरान वीरू ने मुझसे कहा था- तुम सिर्फ छोटे फॉर्मेट के बल्लेबाज नहीं हो, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी कामयाबी के झंडे गाढ़ सकते हो। वॉर्नर और सहवाग आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए खेल चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ होम सीरीज में वॉर्नर ने लगातार दो शतक लगाए। 
तीन साल बाद मिला टेस्ट कैप : वॉर्नर ने 2008 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसके तीन साल बाद यानी 2011 में उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला। एडिलेड टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद तिहरा शतक लगाने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। कहा, जब मैं इंटरनेशनल क्रिकेट में आया तो कई लोग कहते थे कि मैं क्रीज पर पहुंचते ही स्ट्रोक्स खेलने लगता हूं। ज्यादातर लोगों की सोच यह थी मैं सिर्फ छोटे फॉर्मेट का ही बल्लेबाज हूं। शायद यही वजह रही होगी जो मुझे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के तीन साल बाद टेस्ट कैप मिली। मैं कई बार इस बारे में सोचता भी था।  इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2008 में शुरू हुआ। 2009 में पहली बार वॉर्नर को आईपीएल खेलने का मौका मिला। वो दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए चुने गए। इस दौरान सहवाग इस टीम के कप्तान थे। वॉर्नर और सहवाग ही इस टीम के ओपनर थे। वॉर्नर के मुताबिक, एक ट्रेनिंग सेशन के पहले मैं और वीरू बातचीत कर रहे थे। सहवाग ने मुझसे कहा- डेविड, तुम टी20 के बजाए टेस्ट क्रिकेट के ज्यादा बेहतर बल्लेबाज बन सकते हो। जवाब में मैंने वीरू से कहा- तुम्हारा दिमाग ठिकाने पर नहीं है। बहरहाल, वीरू की भविष्यवाणी सही साबित हुई। अपनी चौथी इनिंग में ही वॉर्नर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद शतक लगाया। अब तक वो 23 टेस्ट शतक लगा चुके हैं। हालिया संपन्न एशेज सीरीज में यह ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फ्लॉप साबित हुआ था। 

क्वालिफायर में जर्मनी ने उत्तरी आयरलैंड को 6-1 से हराया, नीदरलैंड भी जीता

जयपुर टाइम्स
साओ पाउलो (एजेंसी)। जर्मनी का यूरो 2020 क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन जारी है। उसने उत्तरी आयरलैंड को एक मुकाबले में 6-1 से हराया। टीम के लिए सर्ज नैबरी ने तीन गोल दागे। ये जर्मन टीम के लिए उनकी दूसरी हैट्रिक है। 2016 में अपने डेब्यू मैच में सैन मरिनो के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दिए थे। आयरलैंड के खिलाफ सर्ज के अलावा लियोन ने दो और जूलियन ने एक गोल दागा। वहीं उत्तरी आयरलैंड के लिए स्मिथ ने इकलौता गोल दागा। ग्रुप सी के एक दूसरे मैच में नीदरलैंड्स ने एस्टोनिया को 5-0 से हराया। टीम के लिए विजनालडम ने तीन गोल ठोके। ऐके और बोऊडू ने 1-1 गोल किया। जर्मनी बेलारूस को हराकर पहले ही यूरो कप में अपनी जगह बना चुका है। लेकिन आयरलैंड के खिलाफ घर में मिली बड़ी जीत के बाद वो अपने ग्रुप में सबसे ऊपर पहुंच गया है। उससे नीचे नीदरलैंड और आयरलैंड हैं। अब आयरलैंड यूरो-2020 के फाइनल्स में जाने के लिए प्लेऑफ मैच खेलेगा। चैंपियनशिप अगले साल जून में खेली जाएगी।                                   

गुलाबी गेंद पर लाल की तुलना में ज्यादा पेंट, इस कारण चमक अधिक, स्विंग भी ज्यादा मिलेगी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और बांग्लादेश के बीच 22 नवंबर से कोलकाता में डे-नाइट टेस्ट खेला जाना है। यह दोनों देशों का पहला डे-नाइट टेस्ट है। आम तौर पर टेस्ट मैच लाल गेंद से खेला जाता है। लेकिन डे-नाइट टेस्ट में लाल गेंद को देखने में काफी मुश्किल होती है। इस कारण यहां गुलाबी गेंद का प्रयोग किया जाएगा। गुलाबी गेंद में लाल की तुलना में ऊपरी परत पर अधिक पेंट का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि गेंद जल्दी गंदी ना हो। इस गेंद में अधिक चमक होती है। चमक अधिक होने का मतलब तेज गेंदबाजों को स्विंग अधिक मिलेगी। मैच दोपहर एक बजे से शुरू होगा। यानी मैच के अंतिम दो सेशन में फ्लड लाइट का उपयोग किया जाएगा। टेस्ट में एक बॉल से 80 ओवर का खेल होता है। लाल गेंद को फ्लड लाइट में देखने में दिक्कत होती है जबकि वनडे में उपयोग होने वाली सफेद बॉल जल्द खराब हो जाती है। इस कारण 9 साल की रिसर्च के बाद डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद को सबसे उपयुक्त पाया गया। अब तक कुल 8 देशों के बीच 11 डे-नाइट टेस्ट खेले गए हैं और सभी के रिजल्ट आए हैं। 
सबसे ज्यादा पांच मैच ऑस्ट्रेलिया में जबकि दो मैच संयुक्त अरब अमीरात में हुए हैं। इसके अलावा इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में एक-एक मैच खेले गए हैं। भारत में पहली बार डे-नाइट टेस्ट खेला जाएगा। 

सचिन और वकार के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को तीस साल पूरे, आईसीसी ने खास फोटो शेयर कर बधाई दी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।  भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पाकिस्तानी गेंदबाज वकार यूनिस दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने डेब्यू के 30 साल पूरे कर लिया। इस मौके पर दोनों खिलाडि़य़ों को बधाई देते हुए आईसीसी ने एक खास ट्वीट किया, जिसमें उसने दोनों का एक-एक पुराना फोटो शेयर किया और लिखा, 1989 में इसी दिन सचिन तेंदुलकर और वकार यूनिस ने टीनेजर के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी, इसके बाद जो हुआ वो सब इतिहास है।
इन दोनों खिलाडिय़ों ने भारत और पाकिस्तान के बीच 15 नवंबर 1989 से कराची में शुरू हुए टेस्ट मैच के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस वक्त सचिन 16 साल के थे और वकार की उम्र 18 साल थी। इस मैच में सचिन (15 रन) को पहली बार वकार ने ही आउट किया था। 
यहां से शुरुआत करने के बाद दोनों ने आगे करियर में खूब नाम कमाया और दोनों ही अपने-अपने देश के महान बल्लेबाज और गेंदबाज साबित हुए। इनमें से सचिन की गिनती तो दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में की जाती है। 

फवाद आलम ने कहा- सिर्फ विराट कोहली अपवाद, दुनिया के बाकी बल्लेबाज तो लगभग एक जैसे

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेटर फवाद आलम ने विराट कोहली को वर्तमान बल्लेबाजों में अपवाद बताया है। कोहली की तारीफ में इस मिडल ऑर्डर बल्लेबाज ने कोई गुरेज नहीं किया। कहा,  विराट कोहली को तो छोड़ दें। वो अपवाद हैं। बाकी बल्लेबाजों में तो 19-20 का ही फर्क होता है। फवाद ने माना कि घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि चयन में व्यक्तिगत पसंद और नापसंद को तरजीह दी जाती है। बता दें कि पाकिस्तान में पंजाब प्रांत को हर मामले में सबसे ज्यादा तरजीह दी जाती है जबकि बाकी प्रांतों को बेहद कम। फवाद आलम सिंध से आते हैं। इसके सबसे कम खिलाड़ी पाकिस्तान टीम में चुने जाते हैं। 
रोजी-रोटी का दूसरा साधन भी तो नहीं : फवाद ने घरेलू क्रिकेट में 32वां शतक लगाया। इस स्तर पर वो 162 मैचों में 11,830 रन बना चुके हैं। उनका औसत करीब 56 है। घरेलू क्रिकेट में उन्हें रन मशीन कहा जाता है। मैच के बाद फवाद ने मीडिया से बातचीत की। पाकिस्तान टीम में न चुने जाने के सवाल पर आलम ने कहा, मेरे हाथ में कुछ नहीं है। क्रिकेट खेलना भी नहीं छोड़ सकता। क्योंकि, रोजी-रोटी का जरिया ही यही है। 
इसके अलावा कोई दूसरा काम आता भी नहीं है। मैं अपना काम कर रहा हूं, बाकी अल्लाह की मर्जी। उसने मेरे लिए कुछ अच्छा ही सोच रखा होगा।

फवाद आलम ने कहा- सिर्फ विराट कोहली अपवाद, दुनिया के बाकी बल्लेबाज तो लगभग एक जैसे

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेटर फवाद आलम ने विराट कोहली को वर्तमान बल्लेबाजों में अपवाद बताया है। कोहली की तारीफ में इस मिडल ऑर्डर बल्लेबाज ने कोई गुरेज नहीं किया। कहा,  विराट कोहली को तो छोड़ दें। वो अपवाद हैं। बाकी बल्लेबाजों में तो 19-20 का ही फर्क होता है। फवाद ने माना कि घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि चयन में व्यक्तिगत पसंद और नापसंद को तरजीह दी जाती है। बता दें कि पाकिस्तान में पंजाब प्रांत को हर मामले में सबसे ज्यादा तरजीह दी जाती है जबकि बाकी प्रांतों को बेहद कम। फवाद आलम सिंध से आते हैं। इसके सबसे कम खिलाड़ी पाकिस्तान टीम में चुने जाते हैं। 
रोजी-रोटी का दूसरा साधन भी तो नहीं : फवाद ने घरेलू क्रिकेट में 32वां शतक लगाया। इस स्तर पर वो 162 मैचों में 11,830 रन बना चुके हैं। उनका औसत करीब 56 है। घरेलू क्रिकेट में उन्हें रन मशीन कहा जाता है। मैच के बाद फवाद ने मीडिया से बातचीत की। पाकिस्तान टीम में न चुने जाने के सवाल पर आलम ने कहा, मेरे हाथ में कुछ नहीं है। क्रिकेट खेलना भी नहीं छोड़ सकता। क्योंकि, रोजी-रोटी का जरिया ही यही है। 
इसके अलावा कोई दूसरा काम आता भी नहीं है। मैं अपना काम कर रहा हूं, बाकी अल्लाह की मर्जी। उसने मेरे लिए कुछ अच्छा ही सोच रखा होगा।

31 साल में पहली बार 14 खिलाड़ी क्वालिफाई, महिला 10 मी एयर राइफल में पहली बार 4 शूटर

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। राइफल और पिस्टल शूटिंग का वल्र्ड कप फाइनल 17 से 23 नवंबर तक चीन के पुतियान में होगा। इस वल्र्ड कप के लिए भारत के 14 खिलाडिय़ों ने क्वालिफाई किया है। यह वल्र्ड कप फाइनल के 31 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2017 में भारत के 12 खिलाडिय़ों ने शॉटगन, पिस्टल, राइफल वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था। इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भारतीय टीम शनिवार को रवाना होगी।
इस बार शॉटगन का वर्ल्ड कप फाइनल अक्टूबर में हो चुका है। भारत का एक भी खिलाड़ी क्वालिफाई नहीं कर पाया था। वर्ल्ड कप फाइनल में पहली बार हमारी चार महिला खिलाड़ी 10 मी एयर राइफल में हिस्सा लेंगी। वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में पहली बार भारत की दो महिला खिलाडिय़ों ने दो इवेंट के लिए क्वालिफाई किया। मनु भाकर 10 मी एयर पिस्टल, 25 मी पिस्टल और अंजुम मुदगिल 10 मी एयर राइफल, राइफल थ्री पोजीशन में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। पिछले साल वल्र्ड शूटिंग चैंपियनशिप के कारण वल्र्ड कप फाइनल का आयोजन नहीं हुआ था। 2017 में भारत में होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने एक गोल्ड सहित 3 मेडल जीते थे। जीतू राय-हीना सिद्दू ने 10 मी एयर पिस्टल मिक्स्ड में गोल्ड, संग्राम सिंह ने डबल ट्रैप में सिल्वर और अमनप्रीत ने 50 मी पिस्टल में ब्रॉन्ज जीता था।
इस साल भारत को 4 वल्र्ड कप में 16 गोल्ड सहित 22 मेडल : इस साल हुए चार वल्र्ड कप में भारतीय खिलाड़ी 22 मेडल जीत चुके हैं। इसमें 16 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल है। वल्र्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले 14 खिलाडिय़ों में से 10 ने देश को ओलिंपिक कोटा दिलाया है। सिर्फ शहजाद रिजवी, मेहुली घोष, एलावेनिल वलारिवान और अखिल श्योरान ही कोटा नहीं दिला पाए हैं।
10 मी एयर राइफल में दिव्यांश सिंह ने क्वालिफाई किया है। 17 साल के दिव्यांश सबसे कम उम्र के सदस्य हैं। जबकि 38 साल के संजीव राजपूत सबसे उम्रदराज हैं। संजीव राइफल थ्री पोजीशन में खेलेंगे। अखिल श्योरान राइफल थ्री पोजीशन, सौरभ चौधरी, अभिषेक वर्मा, शहजाद रिजवी एयर पिस्टल और अनीष भनवाल रैपिड फायर पिस्टल में उतरेंगे। 


वहीं, अंजुम मुदगिल, अपूर्वी चंदेला, एलावेनिल वलारिवान, मेहुली घोष एयर राइफल, अंजुम मुदगिल राइफल थ्री पोजीशन, मनु भाकर, यशस्विनी देशवाल एयर पिस्टल और राही सरनोबत, मनु भाकर पिस्टल में शामिल होंगे।
4 वर्ल्ड कप के बेस्ट खिला?ी फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं
इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन की ओर से साल में चार वर्ल्ड कप आयोजित किए जाते हैं। इन चारों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर टॉप 14 शूटरों का चयन हर इवेंट के लिए किया जाता है। इसके अलावा ओलिंपिक, वर्ल्ड और पिछले वर्ल्ड कप फाइनल के चैंपियन को भी खेलने का मौका मिलता है। 

शफाली वर्मा सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाली भारतीय, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज शफाली वर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाली भारतीय बन गईं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ग्रॉस आइलेट में खेले गए पांच टी-20 के पहले मैच में 73 रन बनाए। शफाली ने 15 साल, 285 दिन की उम्र में यह अर्धशतक लगाया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 16 साल, 214 दिन की आयु में पाकिस्तान के खिलाफ पहला टेस्ट अर्धशतक लगाया था। उन्होंने फैसलाबाद में 59 रन की पारी खेली थी। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत के लिए ओपनिंग करने उतरीं शफाली और स्मृति मंधाना ने 143 रन की साझेदारी की। महिला टीम की ओर से यह किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। शफाली ने 49 गेंद की पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए। मंधाना ने 46 गेंद की पारी में 67 रन बनाए। उन्होंने 11 चौके लगाए। इन दोनों के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 21 और वेदा कृष्णामूर्ति ने 15 रन का योगदान दिया। 
भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 185 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 101 रन ही बना सकी। उसके लिए कप्तान शेमाइन कैम्पबेल ने 33 रन बनाए। एट्सी-एन किंग ने 13, हिली मैथ्यूज ने 13 और किशोना नाइट ने 12 रन का योगदान दिया। भारत के लिए शिखा पांडेय, राधा यादव और पूनम यादव ने दो-दो विकेट लिए। टीम इंडिया 84 रन से मैच जीतकर पांच मैच की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई। दूसरा मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। 

भारतीय टेस्ट टीम के खिलाडिय़ों ने बेंगलुरू में किया गुलाबी गेंद से अभ्यास

जयपुर टाइम्स
बेंगलुरू (एजेंसी)। चेतेश्वर पुजारा, सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल सहित भारतीय टेस्ट टीम के खिलाडिय़ों ने दिन-रात्रि टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली गुलाबी गेंद से यहां के चिन्नास्वामी स्टेडियम में अभ्यास किया। 
भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन में 22 नवंबर से अपना पहला दिन-रात्रि टेस्ट मैच खेलेगी।  सीमित ओवरों की टीम में शामिल खिलाड़ी बांग्लादेश के खिलाफ टी20 श्रृंखला में व्यस्त है। पुजारा और मयंक के अलावा उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे, हरफनमौला रवींद्र जडेजा और हनुमा विहारी के साथ-साथ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) की नेट पर गुलाबी गेंद से अभ्यास किया। ये सीनियर खिलाड़ी पिछले कुछ दिनों से एनसीए के निदेशक और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ की देखरेख में एनसीए में अभ्यास कर रहे है। ये सभी खिलाड़ी सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे है।
गुलाबी गेंद से अभ्यास से खिलाडिय़ों को दिन-रात्रि टेस्ट में मिलनी वाली चुनौती के बारे में पता चलेगा।
दूधिया रोशनी में गेंद पर नजर रखने के साथ गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग और स्पिन पर नियंत्रण रखना चुनौतीपूर्ण होगा। कप्तान विराट कोहली भी जल्द ही टेस्ट टीम के खिलाडिय़ों के साथ जुड़ेंगे। स्टार स्पोर्ट्स ने भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गये तीसरे टी20 मैच के दौरान खिलाडयि़ों के अभ्यास के वीडियो को दिखाया था।  

भारत को मिली 2023 पुरुष हॉकी विश्व कप की मेजबानी, 13 से 29 जनवरी के बीच खेला जाएगा टूर्नामेंट

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले साल हॉकी विश्वकप के सफल आयोजन के बाद भारत को 2023 में होने वाले हॉकी विश्वकप की मेजबानी भी सौंप दी गई है। इस बात की घोषणा  स्विटजरलैंड के लॉसाने शहर में हुई एफआईएच (इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन) एक्जिक्यूटिव बोर्ड की बैठक के बाद की गई। भारत सहित तीन देशों ने 2022-23 मेजबानी के लिये अपनी दावेदारी पेश की थी। पुरुष हॉकी विश्वकप 2023 में 13 से 29 जनवरी के बीच खेला जाएगा। 1971 के बाद से ये चौथा मौका होगा जब भारत हॉकी विश्वकप की मेजबानी करेगा। बैठक में इस बारे में भी फैसला हुआ कि 2022 में होने वाले एफआईएच महिला हॉकी विश्वकप की सह-मेजबानी स्पेन और नीदरलैंड्स करेंगे। महिला विश्वकप 1 से 17 जुलाई 2022 के बीच होगा। टूर्नामेंट के दौरान मैच किन शहरों में खेले जाएंगे इस बारे में मेजबान देशों द्वारा घोषणा की जाएगी।  भारत चौथी बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। इससे पहले उसने 1982 में मुंबई, 2010 में नई दिल्ली और 2018 में भुवनेश्वर में टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। खास बात ये है कि साल 2023 में भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे, ऐसे में उसके लिए हॉकी विश्वकप की मेजबानी और भी खासी होगी। भारत ने ये खिताब आखिरी बार 1975 में जीता था।  भारत के अलावा हॉलैंड ने तीन बार पुरूष हॉकी विश्वकप की मेजबानी की है। भारत अबतक सिर्फ एक ही बार विश्व कप चैम्पियन बना है। 1975 में खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल में उसने पाकिस्तान को हराकर ये खिताब जीता था।
 इससे पहले 1973 में वो उपविजेता रहा था।
बेहद मुश्किल रहा फैसला
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के सीईओ थिएरी वेल ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, 'इन प्रतिष्ठित आयोजनों की मेजबानी के लिए एफआईएच को कई उत्कृष्ट बोलियां मिली थीं। इसलिए किसी एक को लेकर फैसला करना बेहद मुश्किल था। चूंकि महासंघ का प्राथमिक लक्ष्य दुनियाभर में इस खेल को फैलाना है, जिसके लिए निश्चित रूप से निवेश की आवश्यकता होती है। इसी वजह से फैसले को लेते वक्त हर बोली की आय सृजन करने की क्षमता को भी देखा गया।'
एकबार फिर घरेलू जमीन पर मनाना चाहते हैं जश्न
हॉकी इंडिया (एचआई) के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने इस उलपब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, 'हमें पुरूष हॉकी विश्वकप 2023 की मेजबानी मिलने की बहुत खुशी है। हमने जब बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया था तो हम अपने देश की स्वतंत्रता के 75 बरस का जश्न और भी खास अंदाज में मनाना चाहते थे। हमने आखिरी बार विश्वकप भी 1975 में जीता था। ऐसे में इस खेल का यह खास जश्न हम घरेलू जमीन पर एक बार फिर मना सकेंगे।' साथ ही उन्होंने कहा, 'हमने 2018 विश्वकप की सफल मेजबानी की थी और भरोसा है कि एक बार फिर हम इसी सफलता को दोहरा सकेंगे। दुनिया के शीर्ष देश हमारे यहां एक बार फिर खेलने आएंगे और पिछले अनुभव से हम और बेहतर आयोजन का प्रयास करेंगे।'
बेल्जियम ने जीता था पिछला विश्व कप
पिछले साल भारत में आयोजित टूर्नामेंट के दौरान सारे मुकाबले ओडिशा में खेले गए थे। फाइनल में बेल्जियम ने नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से मात दी थी। उस वक्त भारतीय टीम छठी पोजिशन पर रही थी।