Updated -

mobile_app
liveTv

प्लेऑफ की पहली टीम: लीग के 49 मैच खत्म; मुंबई प्लेऑफ में कवलिफाई करने वाली पहली टीम

नईदिल्ली(एजेंसी)।
आईपीएल-13 में लीग के 49 मैच खत्म होने के बाद मुंबई प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीम बन गई है। टूर्नामेंट में हार से शुरुआत करने वाली मुंबई पॉइंट टेबल में 16 अंक के साथ टॉप पर है। लीग के खेले 12 मैचों में से मुंबई ने 8 मैच जीते हैं। 4 हारे हैं। चेन्नई पहले ही प्लेऑफ की दौर से बाहर हो चुकी है। वह पिछले साल की रनरअप रही थी। चेन्नई तीन बार खिताब जीत चुकी है। प्लेऑफ के दौर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, किंग्स इलेवन पंजाब, दिल्ली कैपिटल्स, केकेआर और सनराइजर्स हैदराबाद शामिल हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अब तक खेले 12 मैचों में 7 मैच जीते हैं, 5 हारे हैं। उसके 14 पॉइंट हैं। दिल्ली कैपिटल्स के भी 14 पॉइंट हैं। लीग के खेले 12 मैचों में से 7 जीते हैं, 5 हारे हैं। वहीं किंग्स इलेवन पंजाब के 12 पॉइंट हैं। पॉइंट टेबल में वह चौथे स्थान पर है। पंजाब ने लीग में पहले पांच मैचों में लगातार हारने के बाद में लगातार पांच मैच जीतकर प्लेऑफ के लिए आनी दावेदारी बरकरार रखी है।
8 सालों में मुंबई ने चार खिताब जीते। मुंबई पहली बार 2013 में आईपीएल विजेता बनी। उसके बाद हर एक सीजन को छोड़कर उसके आईपीएल जीतने का सिलसिला चलता रहा। 2013 के बाद 2015, फिर 2017 और 2019 में मुंबई ने खिताब जीता। 2013 और 2015 में तो मुंबई ने चेन्नई को ही हरा कर खिताब जीता था।

सुपर ओवर में फर्ग्यूसन-शमी की यॉर्कर ने पलटा मैच; एबीडी को नंबर-6 पर भेजना कोहली को पड़ा भारी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
ढ्ढक्करु 2020 में टीम के कप्तानों ने कई ऐसे फैसले लिए, जो कभी सही साबित हुए और कभी उस फैसले के लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी। कोलकाता नाइट राइडर्स ने लोकी फर्ग्यूसन को पहली बार टीम में शामिल किया। उन्होंने अपने दम पर मैच अपनी टीम के नाम किया। इसी तरह किंग्स इलेवन पंजाब के लिए मोहम्मद शमी ने सुपर ओवर में मुंबई को जीतने नहीं दिया। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को एबी डिविलियर्स को 6 नंबर पर बैटिंग के लिए भेजना भारी पड़ा। हम आपको सीजन के ऐसे ही 5 टर्निंग पॉइंट्स के बारे में बता रहे हैं... कोलकाता ने इस सीजन में अच्छी शुरुआत की थी। उसे अपने पहले 6 में से 4 मैचों में जीत हासिल की। इसके बाद अगले दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद ्य्यक्र ने लोकी फर्ग्यूसन को टीम में शामिल किया। सीजन का 35वां मैच फर्ग्यूसन का पहला मैच रहा। मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 20 ओवर में 163 रन बनाए। जवाब में फर्ग्यूसन की शानदार गेंदबाजी की बदौलत हैदराबाद की टीम 163 रन ही बना पाई और मैच टाई हो गया। उन्होंने 4 ओवर में 15 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद सुपर ओवर में कोलकाता की ओर से फर्ग्यूसन ही बॉलिंग करने आए। उन्होंने 3 बॉल पर हैदराबाद के 2 विकेट लिए और सिर्फ 2 रन ही दिए। 3 रन के टारगेट को कोलकाता ने 4 बॉल में हासिल कर लिया। इस तरह कोलकाता को फर्ग्यूसन को टीम में शामिल करने का फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच 36वें मैच में दो सुपर ओवर खेले गए थे। पहले सुपर ओवर में पंजाब ने 5 रन बनाए थे। इसके जवाब में मोहम्मद शमी की शानदार गेंदबाजी की बदौलत मुंबई भी 5 रन ही बना सकी थी। शमी ने 6 में से 4 बॉल यॉर्कर फेंकी थी। किसी ने नहीं सोचा था कि पंजाब यह मैच इस तरह बचा ले जाएगी।
इसके बाद मैच दूसरे सुपर ओवर में गया। मुंबई ने 12 रन का टारगेट दिया, जिसे पंजाब ने 4 बॉल में ही हासिल कर लिया। कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व कप्तान दिनेश कार्तिक ने सीजन के 24वें मैच में सुनील नरेन को डेथ ओवर्स में गेंदबाजी दी। उनका यह निर्णय सही साबित हुआ और कोलकाता ने ये मैच अपने नाम किया। 24वें मैच में कोलकाता ने पंजाब के सामने 165 रन का टारगेट रखा था। पंजाब 17 ओवर में 1 विकेट खोकर 143 रन बना लिए थे। ऐसा लग रहा था पंजाब यह मैच बेहद आसानी से जीत जाएगी। उस वक्त केएल राहुल 70 रन और निकोलस पूरन 9 रन बनाकर खेल रहे थे। तभी नरेन की कमाल की बॉलिंग ने पंजाब को बैकफुट पर खड़ा कर दिया। पंजाब को आखिरी 3 ओवर में जीत के लिए 22 रन बनाने थे। 18वें ओवर में बॉलिंग करने आए नरेन ने पहले तो पूरन को बोल्ड किया। फिर ओवर में उन्होंने सिर्फ 2 रन दिए। आखिरी ओवर में किंग्स को जीत के लिए 14 रन की दरकार थी। नरेन एक बार फिर बॉलिंग करने आए। उनके सामने मैक्सवेल और मनदीप बल्लेबाजी कर रहे थे।

 नरेन ने इस ओवर में 11 रन दिए और मनदीप का विकेट लिया। कोलकाता ने पंजाब को 2 रन से हरा दिया था।

कैरेबियन खिलाड़ी की भद्दी टिप्पणी: सैमुअल्स ने स्टोक्स की पत्नी को अपशब्द कहे, वॉर्न बोले- तभी वेस्टइंडीज टीम उन्हें पसंद नहीं करती

नईदिल्ली(एजेंसी)।
इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स और वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर मार्लोन सैमुअल्स के बीच विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, अब इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी शेन वॉर्न और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी सैमुअल्स पर निशाना साधा है। वॉन ने ट्विटर पर दोनों के बयानों का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, 'एक तरफ जब हम क्रिकेट से जातिवाद खत्म करना चाहते हैं, उस पर सैमुअल्स का यह बयान दुखद है। स्टोक्स के बयान को इतना तूल नहीं देना चाहिए था।' वहीं शेन वॉर्न ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'काफी बुरे हालात हैं। सैमुअल्स को मदद की जरूरत है। उनका कोई दोस्त नहीं है और न ही वेस्टइंडीज टीम उन्हें पसंद करती है।' बता दें कि स्टोक्स ने सैमुअल्स को लेकर तंज कसा था, जिसे लेकर कैरेबियन खिलाड़ी भड़क गया था। उन्होंने स्टोक्स और उनकी पत्नी को लेकर अभद्र टिप्पणी की। इंडियन प्रीमियर लीग से जुडऩे से पहले स्टोक्स को यूएई में क्वारैंटाइन रहना पड़ा था। इसे लेकर स्टोक्स ने लिखा, 'मैं नहीं चाहता कि कोई भी, यहां तक कि मेरे दुश्मन भी इसका अनुभव करें। मैंने इसे लेकर अपने भाई को भी संदेश भेजा था। जिसके बाद मेरे भाई ने मुझे मजाक में कहा था कि क्या आप मार्लोन सैमुअल्स के साथ भी ऐसा नहीं चाहोगे। मैंने जवाब देते हुए कहा कि नहीं, उनके लिए भी नहीं। क्वारैंटाइन रहने का एक्सपीरियंस बुरा था।'

सूर्यकुमार यादव की पारी पर सहवाग बोले-बंदे में दम है, जल्दी नंबर आएगा; शास्त्री बोले- सूर्य नमस्कार

नईदिल्ली(एजेंसी)।
ढ्ढक्करु-13 के एक मैच में बुधवार को मुंबई इंडियंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 5 विकेट से हराया। इसके साथ ही मुंबई इंडियंस ने प्ले ऑफ में जगह पक्की कर ली। जीत के हीरो सूर्यकुमार यादव रहे। उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। सूर्यकुमार ने 43 गेंद में 79 रन बनाए। इसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल हैं। सूर्यकुमार की इस पारी के बाद वीरेंद्र सहवाग ने उनकी तारीफ की। कहा- बंदे में दम है, जल्दी नंबर आएगा। नो डाउट एक सीजन में लगातार तीन विस्फोटक पारी। मुंबई की बेहतरीन जीत। टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने सूर्यकुमार यादव की पारी की तारीफ की। कहा- सूर्य नमस्कार। मजबूत बने रहेंं और धैर्य रखें।
सूर्यकुमार ने बनाए इस सीजन में 362 रन
यादव ने इस सीजन के 12 मैचों में 40.22 की औसत से 362 रन बनाए हैं। आईपीएल के कुल 97 मैचों में उन्होंने 29.84 की औसत से 1406 रन बनाए हैं।
हरभजन बोले-फिर एक बेहतर पारी
पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने ऑस्ट्रेलिया टूर के लिए टीम इंडिया के ऐलान के बाद यादव का चयन न होने पर सवाल उठाए थे। बुधवार की पारी के बाद हरभजन ने फिर ट्वीट किया। कहा- फिर बेहतर पारी। उम्मीद है सिलेक्टर्स ने खेलते हुए देखा होगा।
हरभजन के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक यूजर ने ट्वीट किया- चयनकर्ताओं को 15 खिलाड़ी चुनना होता है। कृपया, बताएं कि किस खिलाड़ी का चयन हुआ है और उसने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। यादव को पहले इंडिया ए टीम में लिया गया था। लेकिन, उनको वहां अपने सिलेक्शन को साबित करना चाहिए था।
एक यूजर ने यादव की आलोचना पर कहा- उस पर अटैक करने वालों को अपनी जानकारी दुरूस्त करना चाहिए। उसके फर्स्ट क्लास करियर पर नजर डालना चाहिए। ऐसे भी प्लेयर्स हैं जिनका सिलेक्शन हुआ और वे उस पर खरे नहीं उतरे। ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, नवदीप सैनी और वरुण चक्रवर्ती। मैं और भी नाम गिना सकता हूं। क्योंकि, फेहरिस्त लंबी है।

ऑस्ट्रेलिया टीम का ऐलान: भारत के खिलाफ वनडे और टी-20 में पहली बार खेलेंगे कैमरून ग्रीन, हेनरिक्स की 3 साल बाद वापसी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
अगले महीने भारत के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने टीम का ऐलान कर दिया है। युवा खिलाड़ी कैमरून ग्रीन को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। जबकि न्यू साउथ वेल्स के ऑलराउंडर मोइस हेनरिक्स की तीन साल बाद टीम में वापसी हुई है। उन्हें चोटिल मिशेल मार्श की जगह पर टीम में शामिल किया गया है। पूर्व सिलेक्टर ग्रेग चैपल ने बिग बैश लीग में कैमरून की बेहतर बल्लेबाजी और बॉलिंग देखने के बाद चयनकर्ताओं से उनके नाम पर विचार करने का सुझाव दिया था। कैमरून के पास बेहतर प्रदर्शन कर टेस्ट टीम में जगह बनाने का अच्छा मौका है।
बिग बैश लीग के प्रदर्शन पर युवा खिलाडी को मिला मौका
सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन ट्रेवर होन्स ने कहा कि डोमेस्टिक लीग मे वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलते हुए कैमरून ने बेहतर प्रदर्शन किया। भविष्य में टीम के लिए बेहतर खिलाड़ी हो सकते हैं। उनके पास टीम में जगह बनाने और अनुभव प्राप्त करने के लिए अच्छा मौका है। मोइस हेनरिक्स पिछले साल बिग बैश लीग जीतने वाली सिडनी सिक्स टीम के कप्तान थे। वहीं इस सीजन के शुरूआत में साउथ वेल्स की ओर से खेलते हुए बेहतर प्रदर्शन किया। उन्हें अंतिम बार 2017 में टी-20 और वनडे लीग में शामिल किया गया था। उन्हें मिशेल मार्श के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है।
मोइस का बिग बैश लीग में बेहतर प्रदर्शन
होन्स ने कहा, "मोइस एक अनुभवी क्रिकेटर हैं। उनकी कप्तानी में पिछले साल सिडनी सिक्सर ने बीबीएल खिताब जीता है। उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। वहीं इस सीजन के शुरुआत में भी उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया है।"
मिशेल जल्द ही ट्रेनिंग में लौटेंगे
उन्होंने आगे कहा- मिशेल मार्श जल्द ही वापसी करते हुए फिर से ट्रेनिंग शुरु करेंगे। हमें उम्मीद है कि वह दिसंबर के शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ए के लिए खेलेंगे। और ऑल राउंडर के तौर पर पूरी तरह से फिट होंगे। हमारे पास वनडे के लिए कैमरून और मोइस एक अच्छे ऑल राउंडर के रूप में चयन के लिए उपलब्ध थे। वहीं साल के शुरुआत में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किए रिले मेरेडिथ को टीम में जगह नहीं दी गई है। वहीं डेनियल सैम्स को टीम में बरकरार रखा गया है। जबकि नाथन लियोन टीम से बाहर हैं। वहीं स्पिन का जिम्मा एडम जम्पा और एश्टन एगर के जिम्मे है।
टीम- एरॉन फिंच (कैप्टन), सीन एबॉट, एश्टन एगर, एलेक्स केरी, पैट कमिंस, कैमरून ग्रीन, जोश हेजलवुड, मोइसेस हेनरिक्स, मार्नस लबुशाने , ग्लेन मैक्सवेल, डेनियल सैम्स, केन रिचर्डसन, स्टीवन स्मिथ, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस, मैथ्यू वेड, डेविड वॉर्नर, एडम ज़म्पा।

ऋ्द्धिमान साहा की दिल्ली के खिलाफ बैटिंग पर सहवाग का ट्वीट- यही है राइट च्वॉइस बेबी 'साहाÓ

नईदिल्ली(एजेंसी)।
मंगलवार को खेले एक मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने दिल्ली कैपिटल्स को 88 रन से हरा दिया। हैदराबाद के ऋद्धिमान साहा मैन ऑफ द मैच रहे। उन्होंने 45 गेंद पर 87 रन बनाए। जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। साहा को ऑस्ट्रेलिया दौरे जाने वाली टेस्ट टीम में जगह दी गई है। वीरेंद्र सहवाग ने साहा की तारीफ की। वीरू ने ट्वीट में कहा- साहा ने बेहतरीन हिटिंग की। उनकी पारी शानदार रही। यही है राइट च्वॉइस बेबी, साहा। कमेंटेटर हर्ष भोगले ने कहा- इनिंग पसंद आई। अच्छा लगता है जब कोई अपने बारे में गलतफहमियों को दूर करता है या अपने खेल को हालात के हिसाब से बदलता है। इंडिया टीम के कोच रवि शास्त्री ने कहा- साहा दुनिया के सबसे अच्छे विकेटकीपर हैं। आज उनका प्रदर्शन शानदार रहा।
दिल्ली कैपिटल्स के कोच पोंटिंग ने भी की तारीफ
पोंटिंग ने कहा, "साहा आज बेहतर खेले। उसने मुझे थोड़ा हैरान किया। मुझे पता था कि वह खतरनाक खिलाड़ी हो सकते हैं। लेकिन वापसी करके बेहतर पारी खेलना काबिले तारीफ है। उनकी खेल के प्रति ईमानदारी ही उन्हें दूसरे से अलग करती है।"
साहा का दिल्ली के खिलाफ सीजन का दूसरा मैच
साहा का दिल्ली के खिलाफ सीजन का दूसरा मैच था। उन्होंने 2 मैचों में 117 रन बनाए। पिछले साल उन्होंने 5 मैचों में 86 रन ही बनाए थे। अब तक खेले कुल 122 मैचों में 24.76 की औसत से 1882 रन बनाए हैं। साहा ने टीम इंडिया के लिए खेले 37 टेस्ट मैचों में 30.2 की औसत से 1238 रन बनाए हैं।

ग्लोबल खेल का सफर दूर: 84 साल पहले ओलिंपिक में मलखम का दिया डेमो; चार साल से कर रहे हैं तैयारी

नईदिल्ली(एजेंसी)।
बेशक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में युवाओं को व्यायामशाला (फिटनेस सेंटर) में जाने और मलखंभ को ग्लोबल खेल बनाने की बात कही। लेकिन प्रधानमंत्री का मलखंभ को ओलिंपिक में देखने का सपना हकीकत से कोसों दूर है। आजादी से पहले 1936 बर्लिन ओलिंपिक में गुरु हनुमान अखाड़ा अमरावती के सदस्यों ने मलखंभ का डेमो दिया था। लेकिन इतने सालों बाद भी यह खेल भारत के गांवों तक नहीं पहुंच पाया है। 84 साल बीत जाने के बाद भी हम इस खेल के गुरु द्रोण तैयार करने के लिए सिलेबस तक तैयार नहीं कर सके हैं। वहीं अब तक केवल एक वर्ल्ड चैम्पियनशिप ही कराने में सफल हो पाए हैं। हालांकि 1936 के बाद 1982 दिल्ली एशियन गेम्स में भी डेमो दिया गया। वहीं 1984 ओलिंपिक गेम्स लॉस एंजिल्स में मलखंभ को लेकर पेपर प्रस्तुत किए गए। लेकिन सरकारी उपेक्षाओं के कारण 83 साल बाद इस खेल का पहला वर्ल्ड चैम्पियनशिप 2019 में हुआ। हम एशियन चैम्पियनशिप भी नहीं करा पाए हैं। 1982 दिल्ली एशियन गेम्स और 1984 में लॉस एंजिल्स में मलखंभ को लेकर द इंडियन जिम्नास्टिक स्पोर्ट्स पर पेपर प्रस्तुत करने वाले तेलंगाना स्टेट मलखंभ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजीव जलानापुरका का कहना है कि सरकारी उपेक्षाओं के कारण ही इस खेल को ग्लोबल बनाने में इतने साल लग गए हैं। अगर पिछले एक साल से जो सुविधाएं और सपोर्ट मिल रहे हैं, अगर वह पहले मिले हो तो मलखंभ पूरे विश्व में लोकप्रिय होता। पिछले एक साल से सरकारी सपोर्ट किया मिल रहा है। उन्होंने फ्रांस, जर्मनी अमेरिका सहित कई देशों में जाकर लोगों को इस खेल के बारे में बताया है। राजीव मलखंभ के नेशनल चैम्पियन रह चुके हैं और उन्हें 1978-79 में महाराष्ट्र सरकार ने छत्रपति शिवाजी अवॉर्ड से सम्मानित कर चुकी है।
बढ़ावा देने के लिए युवा एंव स्पोर्ट्स मंत्रालय की ओर से उठाए गए कदम
राजीव ने बताया कि पिछले एक साल से इस खेल को ग्लोबल बनाने और देश में इसे लोकप्रिय बनाने के लिए युवा एवं स्पोर्ट्स मंत्रालय की ओर से सपोर्ट किया जा रहा है। देश भर में 100 सेंटर खोले गए हैं। यहां पर आधुनिक एक्यूपमेंट उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही 5 कोच नियुक्त किए गए हैं। वहीं इसे खेलो इंडिया गेम्स में शामिल किया गया है। इसके खिलाडिय़ों को 10 हजार रुपए स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। करीब 80 से 90 खिलाड़ी इसका लाभ उठा रहे हैं। वहीं अन्य खेलों की तरह इस खेल के नेशनल फेडरेशन को नेशनल चैम्पियनशिप के आयोजन के लिए 2016 से बजट दिया जा रहा है। इस खेल के खिलाडिय़ों में कंपीटिशन की भावना पैदा करने के लिए एक भारत, श्रेष्ठ भारत के तहत पिछले साल से प्रतियोगिता करवाया जा रहा है। इस खेल के खिलाडिय़ों को भी अब सरकारी नौकरी मिल सकेगा। सरकार ने इस खेल को भी 45 खेलों के साथ सरकारी जॉब के लिए आरक्षण देने वाली खेलो की सूची में इस साल शामिल किया है। 

अभी इस खेल को वर्ल्ड में पहुंचाने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स ( एनआईएस पटियाला) में इसके भी कोर्स शुरु करने होंगे, ताकि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच निकाल सके। वहीं इसके साइंटिफिक स्टडी को बढ़ावा देने की जरूरत है। इस खेल की जानकारी व्यायाम ज्ञान कोश में दी गई है। लेकिन समय के अनुसार इसे खेल में हुए बदलावों को शामिल करने के लिए कमिटी बनाने होंगे। ताकि इस खेल के स्टैंर्ड मापदंड को तैयार किया जा सके। हालांकि नेशनल मलखंभ फेडरेशन की ओर से कोड ऑफ कंडक्ट तैयार किए गए हैं। वहीं इसके जजों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी तैयार किया गया है। उनके टेस्ट भी हो रहे हैं। लेकिन इसमें अभी बहुत काम करने की जरूरत है।

फर्स्ट वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 15 देशों के खिलाडिय़ों ने लिया भाग

पिछले साल मुंबई के शिवाजी पार्क में फर्स्ट मलखंभ वर्ल्ड चैम्पियनशिप का आयोजन हुआ। इसमें भारत सहित 15 देशों के खिलाडिय़ों ने भाग लिया। जिनमें स्पेन, जर्मनी, चेक रिपब्लिक, इटली, यूएसए, ईरान, नॉर्वे, इंग्लैंड, फ्रांस, मलेशिया, सिंगापुर, जापान, वियतनाम और बहरीन शामिल है। इंडिया की टीम ओवर ऑल पहले,सिंगापुर की टीम दूसरे और मलेशिया की टीम तीसरे स्थान पर रही।

मलखंभ के चार इवेंट

मलखंभ के पहले द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित योगेश मालवीय ने बताया कि मलखंभ के चार इवेंट होते हैं। पोल मलखंभ, रोप मलखंभ, हैगिंग मलखंभ और पिरामिड शामिल है। प्रत्येक इवेंट में एक देश के 6 खिलाड़ी शामिल होते हैं। जो टीम इवेंट में भाग लेते हैं।

पिछले कुछ सालों में कई राज्यों में लोकप्रिय हुआ मलखंभ

मलखंभ फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष दिलीप गंवाने ने बताया कि पिछले कुछ सालों तक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के खिलाडिय़ों का ही नेशनल चैम्पियनशिप में वर्चस्व रहता था। लेकिन अब कर्नाटक , तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी, तमिलनाडु आदि राज्यों की टीमें बेहतर कर रही है। पिछले साल अंडर-14 के नेशनल में छत्तीसगढ़ की टीम चैम्पियन बनी थी।

आकर्षक बनाने के लिए किए जा रहे हैं प्रयोग

मलखंभ फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष दिलीप गंवाने ने बताया कि मलखंभ को आकर्षक और सेफ्टी के नजरिये से सुरक्षित बनाने के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रयोग के तौर पर तेलंगाना फेडरेशन की ओर से मलखंभ के पुरुष खिलाडिय़ों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉस्ट्यूम तैयार किया गया है। पहले खिलाड़ी लंगोट पहनकर मलखंभ करते थे। इस वजह से कई युवा इस खेल में रुचि नहीं लेते थे। इसलिए आकर्षक बनाने के लिए प्रयोग किए जा रह हैं। पहले पोल के पास नीचे दरी या स्थानीय स्तर पर बने गद्दे को रखा जाता था। गिरने पर चोट लगने की संभावना बनी रहती थी। लेकिन अब क्रैश मैट का प्रयोग किया जाता है। जिस पर चोट नहीं लगती है।

हार्दिक पंड्या मौजूदा भारतीय टीम के सबसे वैल्यूएबल क्रिकेटर हैं

नईदिल्ली(एजेंसी)।
भारतीय टीम को काफी समय से हार्दिक पंड्या जैसे खिलाड़ी की तलाश थी। कई चैंपियन बल्लेबाज, स्पिनर और तेज गेंदबाज हुए। लेकिन हार्दिक जैसा खिलाड़ी 1996 के बाद नहीं मिला। मनोज प्रभाकर ने तभी अपना अंतिम मैच खेला था। उनके बाद अजीत आगरकर और इरफान पठान तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में आए। आगरकर ने वनडे में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उनकी बल्लेबाजी धीरे-धीरे खराब होती गई। दूसरी तरफ, पठान ने अच्छी शुरुआत की लेकिन जब से उन्हें बल्लेबाजी में प्रमोट किया जाने लगा, करिअर नीचे आना शुरू हो गया। पठान के बाद से कोई तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर नहीं मिला। भारतीय टीम के लिए ऐसा खिलाड़ी काफी जरूरी था, जिससे टीम का बैलेंस बना रहता है।
हार्दिक वह बैलेंस देते हैं, क्योंकि अभी उपलब्ध सभी विकल्प में वे बेहतर हैं। उन्होंने गेंद और बल्ले से कुछ बहुत बड़ा नहीं किया है। लेकिन टीम को संतुलन देते हैं। भारत के पास अभी कई स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं। टेस्ट में जडेजा और अश्विन, सीमित ओवरों की क्रिकेट में सुंदर, अक्षर और क्रुणाल। हार्दिक ने कई बार वनडे में नई गेंद से शुरुआत की है। उनके स्पेल ने 2018 इंग्लैंड दौरे पर भारत को ट्रेंट ब्रिज टेस्ट जिताने में मदद की थी।
चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल और 2018 द. अफ्रीका दौरे पर उनकी शानदार पारियों से टीम भले ही नहीं जीती लेकिन आज भी उनकी बात होती है। हालांकि, वे लगातार ऐसा नहीं कर पाए हैं। भारतीय टीम से ज्यादा मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में गेंद और बल्ले से प्रभाव छोड़ते हैं। उन्हें इसपर काम करने की जरूरत है। भारतीय टीम उनकी फिटनेस को लेकर भी परेशान है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात है कि भारत जैसे देश में हार्दिक की जगह लेने वाला खिलाड़ी नहीं है। पिछले कुछ साल पहले स्टुअर्ट बिन्नी और ऋषि धवन को मौका मिला। विजय शंकर 2019 वर्ल्ड कप में थ्री डायमेंशनल खिलाड़ी की छवि लेकर गए। 

पिछले ही साल शिवम दुबे का भी डेब्यू हुआ। दुबे और विजय बल्लेबाज हैं, जो गेंदबाजी भी कर सकते हैं। लेकिन हार्दिक बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकते हैं। पिछले कुछ सालों में हरियाणा के हर्षल पटेल दावेदार बनकर उभरे हैं। लेकिन हार्दिक के स्तर से काफी पीछे हैं।

भारतीय टीम टेस्ट मैचों में विपक्षी टीम के निचले क्रम को आउट करने में जूझती है। वहीं टीम का निचला क्रम लड़ाई के बिना ही हथियार डाल देता है। हार्दिक जैसा खिलाड़ी गेंदबाजों पर से दबाव कम करने के साथ ही निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ बड़े शॉट खेल सकता है। उम्मीद है कि वे जल्द ही वापसी करेंगे, खासकर टेस्ट में।

टेस्ट चैंपियनशिप में भारत के लिए आने वाला साल मुश्किल होने वाला है। जहां हार्दिक जैसा ऑलराउंडर टीम के लिए बेहतर साबित हो सकता है। और इससे पहले कि हम उत्तेजित हों, हम हार्दिक की किसी से तुलना न करें। वह भारत के स्टोक्स नहीं हैं या वे अगले कपिल देव भी नहीं हैं। उनका अपना वर्जन है, उनपर टाइटल का दबाव न डालें। उन्हें काफी लंबा जाना है, लेकिन उन्हें एक बार फिर से शुरुआत करने दें।

कोरोना पॉजिटिव: भारतीय टीम का कोचिंग स्टाफ कोरोना संक्रमित, रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद यूएई के लिए होंगे रवाना

नईदिल्ली(एजेंसी)।
ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले भारतीय टीम को झटका लगा है। भारतीय टीम के एक सपोर्ट स्टाफ कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्हें रविवार को दुबई के लिए रवाना होना था। कोरोना रिपोर्ट आने के बाद वह 14 दिन क्वारेंटाइन पर रहेंगे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही यूएई के लिए रवाना होंगे। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने से पहले रविवार को भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री, बॉलिंग कोच भरत अरूण, बैटिंग कोच विक्रम राठौर, फिल्डिंग कोच आर श्रीधर और मैनेजर गिरिश डोंगरे दुबई पहुंच गए। शास्त्री के साथ चेतेश्वर पुजारा और हनुमा विहारी भी दुबई पहुंचे। जहां उन्हें एक अलग बायो बबल में रखा गया है। 10 नवंबर को आईपीएल खत्म होने के बाद टीम इंडिया चार्टर्ड प्लेन से सीधे यूएई से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होगी। इसके बाद उन्हें वहां 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन रहना होगा। इंडिया पहले तीन वन-डे मैच की सीरीज 25 से 30 नवंबर के बीच खेलेगी। उसके बाद एडिलेड में 4 से 8 दिसंबर के बीच 3 टी-20 मैच की सीरीज होगी। वहीं टेस्ट मैच की सीरीज का आगाज एडिलेड में 17 से 21 दिसंबर के बीच होगा। यह भारत का विदेश में पहला डे नाइट मैच है। वहीं मेलबर्न में पारंपरिक बॉक्सिंग डे टेस्ट 26 से 30 दिसंबर तक खेला जाएगा। जबकि तीसरा टेस्ट 7 से 11 जनवरी के बीच सिडनी में खेला जाएगा। अंतिम टेस्ट मैच ब्रिस्बेन में 15-19 जनवरी के बीच होगा। भारतीय खिलाडिय़ों ने बीसीसीआई से ऑस्ट्रेलिया टूर पर फैमिली ले जाने की मांग की है। हालांकि अभी तक बोर्ड की ओर से इस पर कुछ भी नहीं कहा गया है। वहीं कुछ खिलाडिय़ों ने अपने परिवार को यूएई में ही बुला लिया है। उन्हें यूएई में 6 दिन तक क्वारेंटाइन रहना पड़ेगा।

 उसके बाद ही उन्हें बायो बबल में प्रवेश दिया जाएगा।

चेन्नई प्लेऑफ से बाहर: सीईओ काशी विश्वनाथन बोले- २०२१ आईपीएल में भी धोनी ही होंगे टीम के कप्तान

नईदिल्ली(एजेंसी)।
चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने कहा कि 2021 आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी ही टीम के कप्तान होंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वनाथन ने कहा- उन्हें पूरा भरोसा है कि 2021 में धोनी ही टीम की कप्तानी करेंगे। उनकी कप्तानी में टीम ने तीन बार खिताब जीता है। यह पहला सीजन है, जब टीम प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई है। ऐसी कोई टीम नहीं है, जिसका प्रदर्शन आईपीएल में चेन्नई की तरह रहा हो। एक खराब सीजन का मतलब यह नहीं है कि हम सबकुछ बदल दें।
चेन्नई पॉइंट टेबल में सबसे नीचे है
चेन्नई सुपर किंग्स ने रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 8 विकेट से हरा दिया। लेकिन एक अन्य मैच में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को आठ विकेट से हराया। इसके साथ ही चेन्नई की प्ले ऑफ में जाने की संभावना पूरी तरह से खत्म हो गई। चेन्नई ने इस सीजन में खेले 12 मैचों में से 8 मैच में हारी है। जबकि उसने चार मैच जीते हैं।
धोनी का भी प्रदर्शन रहा खराब
वहीं धोनी ने 12 मैचों में 199 रन ही बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 118.45 प्रतिशत रहा। वहीं 2021 आईपीएल सीजन के शुरू होने में 6 महीने का समय है।
आईपीएल शुरू होने से पहले ही रैना यूएई से इंडिया लौट आए थे
चेन्नई सुपर किंग्स के दो बड़े खिलाड़ी आईपीएल शुरू होने से पहले अपना नाम वापस ले लिया था। हरभजन सिंह जहां टीम के साथ यूएई नहीं गए। वहीं सुरेश रैना भी आईपीएल शुरू होने से पहले ही पारिवारिक कारणों से इंडिया वापस लौट आए थे।

पावर प्ले में सबसे ज्यादा विकेट: पंजाब के तेज गेंदबाज संदीप शर्मा ढ्ढक्करु में 100 विकेट लेने वाले छठे भारतीय गेंदबाज बने

नईदिल्ली(एजेंसी)।
आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेल रहे पंजाब के तेज गेंदबाज संदीप शर्मा पावरप्ले के किंग बन गए हैं। शनिवार रात किंग्स इलेवन पंजाब के साथ हुए मुकाबले में उन्होंने शानदार गेंदबाजी की और 2 विकेट चटकाए जिनमें एक विकेट उन्होंने पावरप्ले यानी पहले 6 ओवरों में लिया था। इस विकेट के साथ ही उन्होंने आईपीएल में विकेटों का शतक भी पूरा कर लिया है। इसके अलावा उनके नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी बन गया है। जब से उन्होंने आईपीएल खेलना शुरू किया है तब से पावरप्ले में उन्होंने ही सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। संदीप ने 2013 में आईपीएल खेलना शुरू किया था और अब तक वे पावरप्ले में 48 बल्लेबाजों का शिकार कर चुके हैं। जोकि 2013 के बाद सबसे ज्यादा है। उनके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद के ही भुवनेश्वर कुमार भी पावरप्ले में 48 विकेट ले चुके हैं लेकिन वे 2009 से आईपीएल खेल रहे हैं। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान पावरप्ले में 50 से ज्यादा विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज है। उनके नाम पावरप्ले में 52 विकेट दर्ज हैं। लेकिन अगर संदीप शर्मा की बात करें तो अपने डेब्यू के बाद यानी 2013 के बाद से आईपीएल में पावरप्ले में उनसे ज्यादा विकेट किसी गेंदबाज ने नहीं लिए हैं। संदीप शर्मा ने शनिवार को किंग्स इलेवन पंजाब के मंदीप सिंह को आउट कर आईपीएल में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए हैं। ये कारनामा करने वाले वाले वे 15वें और छठे भारतीय तेज गेंदबाज हैं। उनके नाम 87 मैचों में 101 विकेट हो गए हैं। आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने लिए हैं। उन्होंने 170 विकेट लिए हैं। उनके बाद दूसरे नंबर पर भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा हैं जिन्होंने 160 विकेट लिए हैं।आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार हैं जिन्होंने 136 विकेट चटकाए हैं। 

उनके बाद उमेश यादव ने 119, आशीष नेहरा ने 106, विनय कुमार ने 105 और जहीर खान ने 102 विकेट लिए हैं। संदीप के 101 विकेट हो गए हैं।

8 मेडन ओवर का रिकॉर्ड संदीप के नाम

टी-20 में एक गेंदबाज के लिए सबसे मुश्किल काम होता है मेडन ओवर करवाना लेकिन संदीप शर्मा अपने आईपीएल करियर में 8 बार मेडन ओवर फेंक चुके हैं। सबसे ज्यादा मेडन ओवर करवाने गेंदबाजों की लिस्ट में संदीप 5वें नंबर पर हैं। सबसे ज्यादा 14 मेडन ओवर प्रवीण कुमार ने करवाए हैं जबकि इरफान पठान ने 10 और धवन कुलकर्णी, लसिथ मलिंगा व संदीप शर्मा 8-8 बार ये कारनामा कर चुके हैं।

हार्दिक पंड्या ने राजस्थान के खिलाफ मैच में घुटने टेक कर समर्थन किया

नईदिल्ली(एजेंसी)।
हार्दिक पंड्या ने राजस्थान के खिलाफ मैच में ब्लैक लाइव्स मैटर के समर्थन में घुटने टेके। पंड्या ने आईपीएल-13 में रविवार को डबल हेडर के दूसरे मैच में राजस्थान के खिलाफ 21 गेंद पर 60 रन बनाए। उन्होंने फिफ्टी पूरा करने के बाद घुटने टेक कर ब्लैक लाइव्स मैटर का समर्थन किया। उन्होंने मैच के बाद इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर किया और लिखा कि ब्लैक लाइव्स मैटर।
इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाडिय़ों ने कुछ महीने पहले इंग्लैंड दौरे पर ब्लैक लाइव्स मैटर के समर्थन में घुटने टेके थे।
इस साल की शुरुआत में संयुक्त राज्य अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरी दुनिया में नस्लवाद के विरोध में ब्लैक लाइव्स मूवमेंट शुरु हुआ। कई क्रिकेट खिलाडिय़ों ब्लैक लाइव्स मैटर का समर्थन किया। वहीं डैरन सैमी की ओर से आईपीएल मे 2013 और 2014 में उनके साथ रंगभेद का आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला क्रिकेट में तूल पकड़ लिया था। वहीं कैरेबियन लीग के पहले तीन मैचों में भी मैच शुरु होने से पूर्व खिलाडिय़ों ने घुटने टेक कर ब्लैक लाइव्स मैटर का समर्थन किया था।
जेसन होल्डर ने ब्लैक लाइव्स मैटर पर बात नहीं होने पर निराशा जताई थी वहीं सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी जेसन होल्डर ने आईपीएल में ब्लैक लाइव्स मैटर के समर्थन में कुछ नहीं किए जाने पर कहा था कि आईपीएल में इस मैटर पर बात नहीं किए जाने से वह निराश हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में रविवार से शुरु हुई वुमन बिग बैश लीग में सिडनी थंडर ने पूरे मैच के दौरान ब्लैक लाइव्स मैटर के समर्थन में घुटने टेकने का निर्णय लिया। वहीं पहले दिन हुए मैच में एडिलेड स्ट्राइकर्स और होबार्ट हरिकेंस के खिलाडिय़ों ने घुटने टेक कर ब्लैक लाइव्स मैटर का समर्थन किया।