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क्वालिफायर में जर्मनी ने उत्तरी आयरलैंड को 6-1 से हराया, नीदरलैंड भी जीता

जयपुर टाइम्स
साओ पाउलो (एजेंसी)। जर्मनी का यूरो 2020 क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन जारी है। उसने उत्तरी आयरलैंड को एक मुकाबले में 6-1 से हराया। टीम के लिए सर्ज नैबरी ने तीन गोल दागे। ये जर्मन टीम के लिए उनकी दूसरी हैट्रिक है। 2016 में अपने डेब्यू मैच में सैन मरिनो के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दिए थे। आयरलैंड के खिलाफ सर्ज के अलावा लियोन ने दो और जूलियन ने एक गोल दागा। वहीं उत्तरी आयरलैंड के लिए स्मिथ ने इकलौता गोल दागा। ग्रुप सी के एक दूसरे मैच में नीदरलैंड्स ने एस्टोनिया को 5-0 से हराया। टीम के लिए विजनालडम ने तीन गोल ठोके। ऐके और बोऊडू ने 1-1 गोल किया। जर्मनी बेलारूस को हराकर पहले ही यूरो कप में अपनी जगह बना चुका है। लेकिन आयरलैंड के खिलाफ घर में मिली बड़ी जीत के बाद वो अपने ग्रुप में सबसे ऊपर पहुंच गया है। उससे नीचे नीदरलैंड और आयरलैंड हैं। अब आयरलैंड यूरो-2020 के फाइनल्स में जाने के लिए प्लेऑफ मैच खेलेगा। चैंपियनशिप अगले साल जून में खेली जाएगी।                                   

गुलाबी गेंद पर लाल की तुलना में ज्यादा पेंट, इस कारण चमक अधिक, स्विंग भी ज्यादा मिलेगी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और बांग्लादेश के बीच 22 नवंबर से कोलकाता में डे-नाइट टेस्ट खेला जाना है। यह दोनों देशों का पहला डे-नाइट टेस्ट है। आम तौर पर टेस्ट मैच लाल गेंद से खेला जाता है। लेकिन डे-नाइट टेस्ट में लाल गेंद को देखने में काफी मुश्किल होती है। इस कारण यहां गुलाबी गेंद का प्रयोग किया जाएगा। गुलाबी गेंद में लाल की तुलना में ऊपरी परत पर अधिक पेंट का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि गेंद जल्दी गंदी ना हो। इस गेंद में अधिक चमक होती है। चमक अधिक होने का मतलब तेज गेंदबाजों को स्विंग अधिक मिलेगी। मैच दोपहर एक बजे से शुरू होगा। यानी मैच के अंतिम दो सेशन में फ्लड लाइट का उपयोग किया जाएगा। टेस्ट में एक बॉल से 80 ओवर का खेल होता है। लाल गेंद को फ्लड लाइट में देखने में दिक्कत होती है जबकि वनडे में उपयोग होने वाली सफेद बॉल जल्द खराब हो जाती है। इस कारण 9 साल की रिसर्च के बाद डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद को सबसे उपयुक्त पाया गया। अब तक कुल 8 देशों के बीच 11 डे-नाइट टेस्ट खेले गए हैं और सभी के रिजल्ट आए हैं। 
सबसे ज्यादा पांच मैच ऑस्ट्रेलिया में जबकि दो मैच संयुक्त अरब अमीरात में हुए हैं। इसके अलावा इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में एक-एक मैच खेले गए हैं। भारत में पहली बार डे-नाइट टेस्ट खेला जाएगा। 

सचिन और वकार के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को तीस साल पूरे, आईसीसी ने खास फोटो शेयर कर बधाई दी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।  भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पाकिस्तानी गेंदबाज वकार यूनिस दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने डेब्यू के 30 साल पूरे कर लिया। इस मौके पर दोनों खिलाडि़य़ों को बधाई देते हुए आईसीसी ने एक खास ट्वीट किया, जिसमें उसने दोनों का एक-एक पुराना फोटो शेयर किया और लिखा, 1989 में इसी दिन सचिन तेंदुलकर और वकार यूनिस ने टीनेजर के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी, इसके बाद जो हुआ वो सब इतिहास है।
इन दोनों खिलाडिय़ों ने भारत और पाकिस्तान के बीच 15 नवंबर 1989 से कराची में शुरू हुए टेस्ट मैच के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस वक्त सचिन 16 साल के थे और वकार की उम्र 18 साल थी। इस मैच में सचिन (15 रन) को पहली बार वकार ने ही आउट किया था। 
यहां से शुरुआत करने के बाद दोनों ने आगे करियर में खूब नाम कमाया और दोनों ही अपने-अपने देश के महान बल्लेबाज और गेंदबाज साबित हुए। इनमें से सचिन की गिनती तो दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में की जाती है। 

फवाद आलम ने कहा- सिर्फ विराट कोहली अपवाद, दुनिया के बाकी बल्लेबाज तो लगभग एक जैसे

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेटर फवाद आलम ने विराट कोहली को वर्तमान बल्लेबाजों में अपवाद बताया है। कोहली की तारीफ में इस मिडल ऑर्डर बल्लेबाज ने कोई गुरेज नहीं किया। कहा,  विराट कोहली को तो छोड़ दें। वो अपवाद हैं। बाकी बल्लेबाजों में तो 19-20 का ही फर्क होता है। फवाद ने माना कि घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि चयन में व्यक्तिगत पसंद और नापसंद को तरजीह दी जाती है। बता दें कि पाकिस्तान में पंजाब प्रांत को हर मामले में सबसे ज्यादा तरजीह दी जाती है जबकि बाकी प्रांतों को बेहद कम। फवाद आलम सिंध से आते हैं। इसके सबसे कम खिलाड़ी पाकिस्तान टीम में चुने जाते हैं। 
रोजी-रोटी का दूसरा साधन भी तो नहीं : फवाद ने घरेलू क्रिकेट में 32वां शतक लगाया। इस स्तर पर वो 162 मैचों में 11,830 रन बना चुके हैं। उनका औसत करीब 56 है। घरेलू क्रिकेट में उन्हें रन मशीन कहा जाता है। मैच के बाद फवाद ने मीडिया से बातचीत की। पाकिस्तान टीम में न चुने जाने के सवाल पर आलम ने कहा, मेरे हाथ में कुछ नहीं है। क्रिकेट खेलना भी नहीं छोड़ सकता। क्योंकि, रोजी-रोटी का जरिया ही यही है। 
इसके अलावा कोई दूसरा काम आता भी नहीं है। मैं अपना काम कर रहा हूं, बाकी अल्लाह की मर्जी। उसने मेरे लिए कुछ अच्छा ही सोच रखा होगा।

फवाद आलम ने कहा- सिर्फ विराट कोहली अपवाद, दुनिया के बाकी बल्लेबाज तो लगभग एक जैसे

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेटर फवाद आलम ने विराट कोहली को वर्तमान बल्लेबाजों में अपवाद बताया है। कोहली की तारीफ में इस मिडल ऑर्डर बल्लेबाज ने कोई गुरेज नहीं किया। कहा,  विराट कोहली को तो छोड़ दें। वो अपवाद हैं। बाकी बल्लेबाजों में तो 19-20 का ही फर्क होता है। फवाद ने माना कि घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि चयन में व्यक्तिगत पसंद और नापसंद को तरजीह दी जाती है। बता दें कि पाकिस्तान में पंजाब प्रांत को हर मामले में सबसे ज्यादा तरजीह दी जाती है जबकि बाकी प्रांतों को बेहद कम। फवाद आलम सिंध से आते हैं। इसके सबसे कम खिलाड़ी पाकिस्तान टीम में चुने जाते हैं। 
रोजी-रोटी का दूसरा साधन भी तो नहीं : फवाद ने घरेलू क्रिकेट में 32वां शतक लगाया। इस स्तर पर वो 162 मैचों में 11,830 रन बना चुके हैं। उनका औसत करीब 56 है। घरेलू क्रिकेट में उन्हें रन मशीन कहा जाता है। मैच के बाद फवाद ने मीडिया से बातचीत की। पाकिस्तान टीम में न चुने जाने के सवाल पर आलम ने कहा, मेरे हाथ में कुछ नहीं है। क्रिकेट खेलना भी नहीं छोड़ सकता। क्योंकि, रोजी-रोटी का जरिया ही यही है। 
इसके अलावा कोई दूसरा काम आता भी नहीं है। मैं अपना काम कर रहा हूं, बाकी अल्लाह की मर्जी। उसने मेरे लिए कुछ अच्छा ही सोच रखा होगा।

31 साल में पहली बार 14 खिलाड़ी क्वालिफाई, महिला 10 मी एयर राइफल में पहली बार 4 शूटर

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। राइफल और पिस्टल शूटिंग का वल्र्ड कप फाइनल 17 से 23 नवंबर तक चीन के पुतियान में होगा। इस वल्र्ड कप के लिए भारत के 14 खिलाडिय़ों ने क्वालिफाई किया है। यह वल्र्ड कप फाइनल के 31 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2017 में भारत के 12 खिलाडिय़ों ने शॉटगन, पिस्टल, राइफल वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था। इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भारतीय टीम शनिवार को रवाना होगी।
इस बार शॉटगन का वर्ल्ड कप फाइनल अक्टूबर में हो चुका है। भारत का एक भी खिलाड़ी क्वालिफाई नहीं कर पाया था। वर्ल्ड कप फाइनल में पहली बार हमारी चार महिला खिलाड़ी 10 मी एयर राइफल में हिस्सा लेंगी। वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में पहली बार भारत की दो महिला खिलाडिय़ों ने दो इवेंट के लिए क्वालिफाई किया। मनु भाकर 10 मी एयर पिस्टल, 25 मी पिस्टल और अंजुम मुदगिल 10 मी एयर राइफल, राइफल थ्री पोजीशन में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। पिछले साल वल्र्ड शूटिंग चैंपियनशिप के कारण वल्र्ड कप फाइनल का आयोजन नहीं हुआ था। 2017 में भारत में होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने एक गोल्ड सहित 3 मेडल जीते थे। जीतू राय-हीना सिद्दू ने 10 मी एयर पिस्टल मिक्स्ड में गोल्ड, संग्राम सिंह ने डबल ट्रैप में सिल्वर और अमनप्रीत ने 50 मी पिस्टल में ब्रॉन्ज जीता था।
इस साल भारत को 4 वल्र्ड कप में 16 गोल्ड सहित 22 मेडल : इस साल हुए चार वल्र्ड कप में भारतीय खिलाड़ी 22 मेडल जीत चुके हैं। इसमें 16 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल है। वल्र्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले 14 खिलाडिय़ों में से 10 ने देश को ओलिंपिक कोटा दिलाया है। सिर्फ शहजाद रिजवी, मेहुली घोष, एलावेनिल वलारिवान और अखिल श्योरान ही कोटा नहीं दिला पाए हैं।
10 मी एयर राइफल में दिव्यांश सिंह ने क्वालिफाई किया है। 17 साल के दिव्यांश सबसे कम उम्र के सदस्य हैं। जबकि 38 साल के संजीव राजपूत सबसे उम्रदराज हैं। संजीव राइफल थ्री पोजीशन में खेलेंगे। अखिल श्योरान राइफल थ्री पोजीशन, सौरभ चौधरी, अभिषेक वर्मा, शहजाद रिजवी एयर पिस्टल और अनीष भनवाल रैपिड फायर पिस्टल में उतरेंगे। 


वहीं, अंजुम मुदगिल, अपूर्वी चंदेला, एलावेनिल वलारिवान, मेहुली घोष एयर राइफल, अंजुम मुदगिल राइफल थ्री पोजीशन, मनु भाकर, यशस्विनी देशवाल एयर पिस्टल और राही सरनोबत, मनु भाकर पिस्टल में शामिल होंगे।
4 वर्ल्ड कप के बेस्ट खिला?ी फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं
इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन की ओर से साल में चार वर्ल्ड कप आयोजित किए जाते हैं। इन चारों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर टॉप 14 शूटरों का चयन हर इवेंट के लिए किया जाता है। इसके अलावा ओलिंपिक, वर्ल्ड और पिछले वर्ल्ड कप फाइनल के चैंपियन को भी खेलने का मौका मिलता है। 

शफाली वर्मा सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाली भारतीय, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज शफाली वर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाली भारतीय बन गईं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ग्रॉस आइलेट में खेले गए पांच टी-20 के पहले मैच में 73 रन बनाए। शफाली ने 15 साल, 285 दिन की उम्र में यह अर्धशतक लगाया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 16 साल, 214 दिन की आयु में पाकिस्तान के खिलाफ पहला टेस्ट अर्धशतक लगाया था। उन्होंने फैसलाबाद में 59 रन की पारी खेली थी। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत के लिए ओपनिंग करने उतरीं शफाली और स्मृति मंधाना ने 143 रन की साझेदारी की। महिला टीम की ओर से यह किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। शफाली ने 49 गेंद की पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए। मंधाना ने 46 गेंद की पारी में 67 रन बनाए। उन्होंने 11 चौके लगाए। इन दोनों के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 21 और वेदा कृष्णामूर्ति ने 15 रन का योगदान दिया। 
भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 185 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 101 रन ही बना सकी। उसके लिए कप्तान शेमाइन कैम्पबेल ने 33 रन बनाए। एट्सी-एन किंग ने 13, हिली मैथ्यूज ने 13 और किशोना नाइट ने 12 रन का योगदान दिया। भारत के लिए शिखा पांडेय, राधा यादव और पूनम यादव ने दो-दो विकेट लिए। टीम इंडिया 84 रन से मैच जीतकर पांच मैच की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई। दूसरा मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। 

भारतीय टेस्ट टीम के खिलाडिय़ों ने बेंगलुरू में किया गुलाबी गेंद से अभ्यास

जयपुर टाइम्स
बेंगलुरू (एजेंसी)। चेतेश्वर पुजारा, सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल सहित भारतीय टेस्ट टीम के खिलाडिय़ों ने दिन-रात्रि टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली गुलाबी गेंद से यहां के चिन्नास्वामी स्टेडियम में अभ्यास किया। 
भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन में 22 नवंबर से अपना पहला दिन-रात्रि टेस्ट मैच खेलेगी।  सीमित ओवरों की टीम में शामिल खिलाड़ी बांग्लादेश के खिलाफ टी20 श्रृंखला में व्यस्त है। पुजारा और मयंक के अलावा उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे, हरफनमौला रवींद्र जडेजा और हनुमा विहारी के साथ-साथ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) की नेट पर गुलाबी गेंद से अभ्यास किया। ये सीनियर खिलाड़ी पिछले कुछ दिनों से एनसीए के निदेशक और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ की देखरेख में एनसीए में अभ्यास कर रहे है। ये सभी खिलाड़ी सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे है।
गुलाबी गेंद से अभ्यास से खिलाडिय़ों को दिन-रात्रि टेस्ट में मिलनी वाली चुनौती के बारे में पता चलेगा।
दूधिया रोशनी में गेंद पर नजर रखने के साथ गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग और स्पिन पर नियंत्रण रखना चुनौतीपूर्ण होगा। कप्तान विराट कोहली भी जल्द ही टेस्ट टीम के खिलाडिय़ों के साथ जुड़ेंगे। स्टार स्पोर्ट्स ने भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गये तीसरे टी20 मैच के दौरान खिलाडयि़ों के अभ्यास के वीडियो को दिखाया था।  

भारत को मिली 2023 पुरुष हॉकी विश्व कप की मेजबानी, 13 से 29 जनवरी के बीच खेला जाएगा टूर्नामेंट

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले साल हॉकी विश्वकप के सफल आयोजन के बाद भारत को 2023 में होने वाले हॉकी विश्वकप की मेजबानी भी सौंप दी गई है। इस बात की घोषणा  स्विटजरलैंड के लॉसाने शहर में हुई एफआईएच (इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन) एक्जिक्यूटिव बोर्ड की बैठक के बाद की गई। भारत सहित तीन देशों ने 2022-23 मेजबानी के लिये अपनी दावेदारी पेश की थी। पुरुष हॉकी विश्वकप 2023 में 13 से 29 जनवरी के बीच खेला जाएगा। 1971 के बाद से ये चौथा मौका होगा जब भारत हॉकी विश्वकप की मेजबानी करेगा। बैठक में इस बारे में भी फैसला हुआ कि 2022 में होने वाले एफआईएच महिला हॉकी विश्वकप की सह-मेजबानी स्पेन और नीदरलैंड्स करेंगे। महिला विश्वकप 1 से 17 जुलाई 2022 के बीच होगा। टूर्नामेंट के दौरान मैच किन शहरों में खेले जाएंगे इस बारे में मेजबान देशों द्वारा घोषणा की जाएगी।  भारत चौथी बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। इससे पहले उसने 1982 में मुंबई, 2010 में नई दिल्ली और 2018 में भुवनेश्वर में टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। खास बात ये है कि साल 2023 में भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे, ऐसे में उसके लिए हॉकी विश्वकप की मेजबानी और भी खासी होगी। भारत ने ये खिताब आखिरी बार 1975 में जीता था।  भारत के अलावा हॉलैंड ने तीन बार पुरूष हॉकी विश्वकप की मेजबानी की है। भारत अबतक सिर्फ एक ही बार विश्व कप चैम्पियन बना है। 1975 में खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल में उसने पाकिस्तान को हराकर ये खिताब जीता था।
 इससे पहले 1973 में वो उपविजेता रहा था।
बेहद मुश्किल रहा फैसला
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के सीईओ थिएरी वेल ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, 'इन प्रतिष्ठित आयोजनों की मेजबानी के लिए एफआईएच को कई उत्कृष्ट बोलियां मिली थीं। इसलिए किसी एक को लेकर फैसला करना बेहद मुश्किल था। चूंकि महासंघ का प्राथमिक लक्ष्य दुनियाभर में इस खेल को फैलाना है, जिसके लिए निश्चित रूप से निवेश की आवश्यकता होती है। इसी वजह से फैसले को लेते वक्त हर बोली की आय सृजन करने की क्षमता को भी देखा गया।'
एकबार फिर घरेलू जमीन पर मनाना चाहते हैं जश्न
हॉकी इंडिया (एचआई) के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने इस उलपब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, 'हमें पुरूष हॉकी विश्वकप 2023 की मेजबानी मिलने की बहुत खुशी है। हमने जब बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया था तो हम अपने देश की स्वतंत्रता के 75 बरस का जश्न और भी खास अंदाज में मनाना चाहते थे। हमने आखिरी बार विश्वकप भी 1975 में जीता था। ऐसे में इस खेल का यह खास जश्न हम घरेलू जमीन पर एक बार फिर मना सकेंगे।' साथ ही उन्होंने कहा, 'हमने 2018 विश्वकप की सफल मेजबानी की थी और भरोसा है कि एक बार फिर हम इसी सफलता को दोहरा सकेंगे। दुनिया के शीर्ष देश हमारे यहां एक बार फिर खेलने आएंगे और पिछले अनुभव से हम और बेहतर आयोजन का प्रयास करेंगे।'
बेल्जियम ने जीता था पिछला विश्व कप
पिछले साल भारत में आयोजित टूर्नामेंट के दौरान सारे मुकाबले ओडिशा में खेले गए थे। फाइनल में बेल्जियम ने नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से मात दी थी। उस वक्त भारतीय टीम छठी पोजिशन पर रही थी।  

रोहित ने चहल से कहा- छक्के तो तुम भी मार सकते हो, इसके लिए डोले-शोले नहीं, टाइमिंग चाहिए

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। टीम इंडिया ने राजकोट टी-20 में बांग्लादेश को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। दूसरे टी-20 में जीत के हीरो कप्तान रोहित शर्मा रहे। उन्होंने 43 गेंदों पर 85 रन बनाए। उनकी इस पारी में छह चौके और इतने ही छक्के शामिल हैं। रोहित ने इस पारी में ऑफ स्पिनर मोसाद्दिक हुसैन की तीन गेंदों पर तीन लगातार छक्के लगाए। बहरहाल, मैच के बाद रोहित ने बीसीसीआई टीवी के लिए युजवेंद्र चहल को मनोरंजक इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने बताया कि छक्के कैसे मारे जाते हैं। चहल ने रोहित से पूछा- आप इतने छक्के कैसे मार लेते हो? इस पर कप्तान ने कहा, "छक्के तो तुम भी मार सकते हो। इसके लिए डोले-शोले यानी मजबूत शरीर नहीं चाहिए। इसके लिए पॉवर और टाइमिंग के साथ ये भी जरूरी है कि गेंद बीच बल्ले पर लगे और स्ट्रोक्स खेलते वक्त सिर स्थिर रहे।" रोहित ने चहल को ये भी बताया कि वो इस ओवर में छह छक्के मारना चाहते थे लेकिन चौथी गेंद पर वो लंबी हिट नहीं खेल सके तो प्लान बदल दिया और एक रन लेकर काम चलाया। इसी इंटरव्यू में रोहित ने इस लेग स्पिनर से कहा कि वो कब टी-20 में पांच विकेट लेने वाले हैं। इस पर चहल ने कहा, कोशिश कर रहा हूं। 
 मैन ऑफ द मैच रहे रोहित ने कहा, ''मैंने हमेशा ही बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की है। 
मुझे पता है कि राजकोट की पिच बल्लेबाजी की लिए अच्छी थी, जबकि दूसरी पारी में गेंदबाजों सही नहीं थी। मैं चाहता था कि पिच पर रुककर और ज्यादा गेंद खेलूं।


 2019 अब तक बहुत अच्छा रहा है। बस इसे अच्छी सफलता के साथ खत्म करना चाहता हूं।रोहित ने राजकोट टी-20 में करियर का 8वां अर्धशतक लगाया। वे 10वीं बार 75+ रन की पारी खेलने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। उनके बाद वेस्टइंडीज के क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 8 बार ऐसा कारनामा किया।  

पृथ्वी शॉ का बैन 16 नवंबर को खत्म होगा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। 9 नवंबर को 20वां जन्मदिन मनाने जा रहे टीम इंडिया के टेस्ट ओपनर पृथ्वी शॉ के लिए अच्छी खबर है। डोपिंग की वजह से 8 महीने का बैन झेल रहे शॉ का चयन मुंबई टीम में हो सकता है। यह बैन 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसी दौरान सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेली जाएगी। इसके लिए मुंबई टीम की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है। मुंबई की एडहॉक चयन समिति के अध्यक्ष मिलिंग रेगे के मुताबिक, पृथ्वी के चयन पर विचार जरूर किया जाएगा। शॉ को 15 मार्च को 8 महीने के लिए बैन किया गया था। उनके यूरिन सैम्पल में प्रतिबंधित पदार्थ 'टर्बुटेलाइनÓ पाया गया था। शुरुआत में तीन मैचों के लिए टीम घोषित की जाएगी, क्योंकि श्रेयस अय्यर, शार्दुल ठाकुर और शिवम दुबे इस वक्त टीम इंडिया के साथ बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रहे हैं। मुंबई को ग्रुप स्टेज में कुल 7 मैच खेलने हैं। इनमें से 6 मैच पृथ्वी नहीं खेल पाएंगे क्योंकि तब तक उनका बैन खत्म नहीं होगा। आखिरी मैच के लिए उनका चयन संभव है। मिलिंग ने कहा, 16 नवंबर को वो बैन से फ्री हो जाएगा। हम निश्चित तौर पर उसके चयन के बारे में विचार करेंगे। हालांकि, मैं ये वादा नहीं कर सकता कि उसकी वापसी हो ही जाएगी। 22 फरवरी 2019 को इंदौर में हुए एक मैच के बाद शॉ का यूरिन सैम्पल लिया गया था। इसमें प्रतिबंधित दवा 'टर्बुटेलाइनÓ पाई गई। आमतौर पर खांसी और सर्दी की दवाओं में यह ड्रग पाया जाता है। पृथ्वी ने स्वीकार किया था कि उन्होंने जुखाम के दौरान कफ सीरप लिया था, हालांकि उन्हें इस ड्रग के बारे में जानकारी नहीं थी। बीसीसीआई शॉ के जवाब से संतुष्ट थी। उसने माना था कि इस युवा बल्लेबाज का इरादा गलत नहीं था। पृथ्वी के अलावा विदर्भ के अक्षय दुलारवर और राजस्थान के दिव्य गजराज पर भी डोपिंग बैन लगा था। पृथ्वी ने पिछले साल वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने पहले ही टेस्ट में शतक भी लगाया। कुल दो टेस्ट में वो 237 रन बना चुके हैं। इनमें एक अर्धशतक भी शामिल है। 

श्रीलंका से हार के बाद नाराज पाकिस्तानी फैन ने सरफराज का कटआउट तोड़ा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।  श्रीलंका ने पाकिस्तान को तीन टी-20 की सीरीज में 3-0 से हरा दिया। इस हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद फैंस के निशाने पर आ गए। अपने ही देश में उनकी जमकर आलोचना हो रही है। गुस्साए फैंस सरफराज से कप्तानी वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तानी फैन सरफराज के कट-आउट पर गुस्सा निकालते हुए नजर आ रहा है। ये वीडियो दोनों टीमों के बीच हुए सीरीज के आखिरी टी-20 मैच के बाद का है। उस गुस्साए फैन ने सरफराज का कट-आउट तोड़ डाला। वायरल वीडियो में टीम की हार से नाराज फैन सरफराज के कट-आउट पर मुक्के बरसाते और लात मारते नजर आ रहा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। वीडियो को पाकिस्तानी पत्रकार साज सादिक ने भी शेयर किया। उन्होंने लिखा, श्रीलंका के हाथों 3-0 से मिली हार के बाद एक फैन सरफराज खान से खुश नहीं है। इसके बाद किए अपने एक अन्य ट्वीट में सादिक ने बताया कि 3-0 से टीम की हार के बाद पंजाब विधानसभा में सरफराज को कप्तानी से हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें कहा गया है पंजाब विधानसभा श्रीलंका के खिलाफ टी-20 सीरीज में पाकिस्तान के सफाए पर गहरे अफसोस और गुस्से का इजहार करती है। टी-20 की नंबर वन टीम अपने से कहीं कम रैंकिंग वाली टीम से हार गई। श्रीलंकाई टीम के दस सीनियर खिलाडिय़ों ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान आने से मना कर दिया था। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने ज्यादातर गैर अनुभवी व नए खिलाडिय़ों की टीम पाकिस्तान भेजी थी।

इस टीम के खिलाफ पाकिस्तान ने वनडे सीरीज तो जीत ली लेकिन टी-20 सीरीज गंवा दी। इसी वजह से पाकिस्तानी फैंस में बेहद नाराजगी है। इससे पहले विश्व कप 2019 में भारत के हाथों मिली हार के बाद भी पाकिस्तानी फैंस में सरफराज को लेकर भडक़ गए थे।