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'ताकि कोच को टीम के लिए खिलाडिय़ों को चुनने में सिरदर्द हो

बेंगलुरू (एजेंसी)। भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री चाहते हैं कि राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को एएफसी एशियाई कप-2019 की तैयारी के लिए विदेशी सरजमीं पर अधिक मैच खेलने का मौका मिले। वर्तमान में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में बेंगलुरु एफसी का प्रतिनिधित्व कर रहे छेत्री का कहना है कि भारतीय टीम के लिए खेल चुके हर खिलाड़ी को अपने खेल के स्तर को और ऊपर लाने की जरूरत है ताकि कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन को हर बार टीम के लिए खिलाडिय़ों को चुनने में सिरदर्द हो। छेत्री ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा, हमें विदेशी सरजमीं पर अधिक मैच खेलने की जरूरत है। घर में हम आम तौर से अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन विदेश में हमारा रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। हमें 16 से 8 रैंकिंग (एएफसी रैंकिंग) वाली टीमों के साथ मैच खेलने चाहिए।
 दक्षिण कोरिया और जापान की टीमों के खिलाफ खेलना मुश्किल है क्योंकि वे हमारे साथ नहीं खेलना चाहते हैं। हमें ऐसी टीमों के साथ खेलना चाहिए, जो हमसे बेहतर हैं और उनकी घरेलू जमीन पर खेलना चाहिए। इसका ख्याल संगठन को रखना चाहिए।  कप्तान छेत्री ने कहा, खिलाडिय़ों की तरफ से सोचा जाए, तो हमें व्यक्तिगत रूप से अपने खेल में सुधार करने की जरूरत है। इस बात को सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिस्पर्धा में इजाफा हो और यह कोच के लिए सरदर्द बन जाए कि किसे लें और किसे छोड़ें। उनके लिए बेहतरीन खिलाडिय़ों का चयन कर टीम का गठन मुश्किल काम होना चाहिए। भारत ने पिछले साल अक्टूबर में क्वालीफायर मैच में मकाऊ को हराकर एशियाई कप में अपनी जगह पक्की कर ली थी।  पिछली बार ब्रिटिश कोच बॉब हॉटन के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2011 में इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया था। 
उस दौरान छेत्री टीम का अहम हिस्सा थे। उन्होंने ग्रुप स्तर के मैचों में दो गोल किए थे। भारत ने तब एक भी मैच नहीं जीता था। उस पर 13 गोल हुए थे और उसने महज तीन गोल किए थे। छेत्री ने कहा कि भारतीय टीम को संयुक्त अरब अमीरात जैसी टीमों के साथ खेलना चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात एशियाई कप का मेजबान है।