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भारत 9वीं बार सेमीफाइनल में पहुंचा, ऑस्ट्रेलिया को 74 रन से हराया; अब पाकिस्तान से मैच हो सकता है

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत ने मंगलवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप के क्वार्टरफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 74 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया टूर्नामेंट के इतिहास में 9वीं बार सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही। वहां उसका मुकाबला पाकिस्तान या अफगानिस्तान से हो सकता है। दोनों टीमों के बीच चौथा क्वार्टरफाइनल 31 जनवरी को होना है। भारत का सेमीफाइनल मैच 4 फरवरी को इसी मैदान पर होगा। ऑस्ट्रेलिया की टीम 2008 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में नहीं पहुंची। दक्षिण अफ्रीका के पोट्चेस्ट्रूम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 233 रन बनाए। जबाव में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 43.3 ओवर 159 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए मैच में सबसे ज्यादा 62 रन यशस्वी जायसवाल ने बनाए। अथर्व अंकोलेकर ने नाबाद 55 रन की पारी खेली।
 गेंदबाजों में कार्तिक त्यागी सबसे सफल रहे। उन्होंने 4 विकेट अपने नाम किए। कार्तिक को मैन ऑफ द मैच चुना गया। ऑस्ट्रेलिय के लिए सैम फेनिंग 75 रन बनाकर आउट हुए। लियम स्कॉट ने 35 रन का योगदान दिया। स्कॉट ने फेनिंग के साथ छठे विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की। स्कॉट को कोरी केली की जगह कन्कशन सब्स्टिट्यूट के तौर पर मौका मिला। पैट्रिक रोव ने 21 रन का योगदान दिया। 

भारत के लिए कार्तिक के अलावा आकाश सिंह ने 3 और रवि बिश्नोई ने एक विकेट अपने नाम किए।

ऑस्ट्रेलिया के तीन बल्लेबाज पहले ही ओवर में आउट

ऑस्ट्रेलिया के तीन बल्लेबाज पहले ही ओवर में आउट हुए। जैक फ्रेजर-मैकगुर्क (0) पहली ही गेंद पर रनआउट हो गए। इसके बाद कार्तिक त्यागी ने कप्तान मैकेंजी हार्वी (4) और लचलान हेर्नी (0) को पवेलियन भेज दिया। ओलिवर डेविस (2) को कार्तिक त्यागी ने यशस्वी के हाथों कैच कराया। 

नेत्रा ने लेजर रेडियल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता, ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला

जयपुर टाइम्स 
मुंबई (एजेंसी)। भारत की सेलर नेत्रा कुमानन ने अमेरिका में इतिहास रच दिया। वे सेलिंग वर्ल्ड कप में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। चेन्नई की 22 साल की नेत्रा ने मियामी में हेंपेल वर्ल्ड सीरीज में हिस्सा लिया और राउंड टू में ब्रॉन्ज जीता। वे लेजर रेडियल इवेंट में तीसरे नंबर पर रहीं। अब नेत्रा का लक्ष्य टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करना है। अगर वे एशियन सेलिंग चैंपियनशिप में टॉप-2 में रहती हैं तो टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर लेंगी। एशियन सेलिंग 15 से 22 मार्च तक अबु धाबी में होगी। नेत्रा ने बताया कि इस टूर्नामेंट के लिए उन्होंने दुनिया की टॉप खिलाडिय़ों में शामिल रोमानिया की एबरू बोलाट के साथ स्पेन के केनेरी आइलैंड में ट्रेनिंग की थी। नेत्रा 2014 और 2018 एशियन गेम्स में भी हिस्सा ले चुकी हैं। वे पिछले गेम्स में चौथे नंबर पर रहीं थीं। नेत्रा चेन्नई के एसआरएम कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रही हैं। उनके पिता की आईटी कंपनी है। तमिलनाडु सेलिंग एसोसिएशन ने 2013 में समर कैंप लगाया था। नेत्रा ने सेलिंग की शुरुआत उसी समर कैंप से की थी।
 इसी साल वे प्रोफेशनली इसकी ट्रेनिंग लेने लगीं। अगले ही साल उन्होंने एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया था। 

कोबी ब्रायन को श्रद्धांजलि, एनबीए में टीम लॉस एंजेलिस लेकर्स और एलए क्लिपर्स के बीच मैच टला

जयपुर टाइम्स
कैलिफोर्निया (एजेंसी)। नेशनल बास्केटबॉल लीग (एनबीए) में मंगलवार को लांस एंजेलिस लेकर्स और एलए लेकर्स के बीच होने वाला मुकाबला कोबी ब्रायन के निधन के बाद टाल दिया गया है। यह फैसला लेकर्स के लिए 20 साल खेलने वाले कोबी को श्रद्धांजलि दोने के लिए किया गया। एनबीए ने अपने आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी। लांस एंजेलिस लेकर्स ने कहा कि यह हमलोगों के लिए बेहद मुश्किल समय है। हम ब्रायन के परिवार का समर्थन जारी रखेंगे और अधिक जानकारी लोगों से शेयर करेंगे। रविवार को दिग्गज खिलाड़ी कोबी और उनकी बेटी गियाना की कैलिफोर्निया में एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी। वे अपने प्राइवेट हेलिकॉप्टर से सफर कर रहे थे। उनके साथ उनकी 13 साल की बेटी गियाना और सपोर्ट स्टाफ के 7 अन्य लोग भी हेलिकॉप्टर में सवार थे। 
ब्रायन ने बास्केटबॉल खिलाड़ी के तौर पर अपने करियर के 20 साल लॉस एंजेलिस लेकर्स  टीम के साथ बिताए। इस दौरान उन्होंने टीम को 5 बार चैम्पियन बनाया। वे खुद 2008 में एनबीए के मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी) रहे। इसके अलावा दो बार फाइनल्स में एमवीपी चुने गए। ब्रायन ने अमेरिकी टीम को ओलिंपिक में दो बार चैम्पियन बनाया। ब्रायन का सबसे यादगार मैच 2006 में टोरंटो रैप्टर्स के खिलाफ था, जब उन्होंने लॉस एंजेलिस लेकर्स की तरफ से 81 पॉइंट्स स्कोर किए थे। उन्होंने अप्रैल 2016 में प्रोफेशनल करियर से रिटायरमेंट ले लिया। 

अमेरिका की केनिन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचीं, बार्टी पहली बार इस टूर्नामेंट के अंतिम-4 में

जयपुर टाइम्स
सिडनी (एजेंसी)। अमेरिका की सोफिया केनिन और दुनिया की नंबर-1 महिला खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। केनिन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंची हैं। मंगलवार को उन्होंने ट्यूनिशिया की ओन्स जबेउर को 6-4, 6-4 से हराया। केनिन ने ही 15 साल की अमेरिकी खिलाड़ी कोको गॉफ को पिछले मुकाबले में हराया था। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला बार्टी से होगा। बार्टी ने क्वार्टरफाइनल में पेत्रा क्वितोवा को हराया। 23 साल की बार्टी इस जीत के साथ ही पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। बार्टी ने चेक गणराज्य की क्वितोवा को 7-6 (8/6), 6-2 से हराया। उन्होंने इस जीत के साथ ही क्वितोवा से पिछली बार क्वार्टरफाइनल में ही मिली हार का बदला ले लिया। बार्टी पिछले साल फ्रेंच ओपन जीती थीं। बार्टी ने जीत के बाद कहा, ''यह पूरी तरह अविश्वसनीय है। मुझे पता था कि पेत्रा के खिलाफ आज अपना सर्वश्रेष्ठ देना। पहला सेट निर्णायक था।ÓÓ बार्टी 1978 के बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाली पहली महिला बनना चाहेंगी। पिछली बार क्रिस ओनील चैम्पियन बनी थीं। 
महिला सिंगल्स में बुधवार को तीसरे क्वार्टरफाइनल में रोमानिया की सिमोना हालेप का मुकाबला एस्टोनिया की एनेट कोंतावेत से होगा। वहीं, चौथे क्वार्टरफाइनल में दो बार ग्रैंड स्लैम जीत चुकीं स्पेन की गारबिन मुगुरुजा का मुकाबला रूस की अनस्तासिया पावलिउचेंकोवा से होगा। इससे पहले पिछले साल की चैम्पियन जापान की नाओमी ओसाका और 23 ग्रैंड स्लैम जीत चुकीं अमेरिका की सेरेना विलियम्स पहले ही बाहर हो चुकी हैं। 

पीसीबी ने कहा- अगर भारत एशिया कप खेलने पाकिस्तान नहीं

जयपुर टाइम्स 
इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी)  कहा कि अगर भारत एशिया कप खेलने हमारे यहां नहीं आता है तो हम भी टी-20 वर्ल्ड कप खेलने उनके यहां नहीं जाएंगे। 2021 में भारत टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा। वहीं, इस साल सितंबर में एशिया कप टी-20 पाकिस्तान में होना है। पीसीबी के सीईओ वसीम खान ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने इस अफवाह को भी खारिज किया कि पीसीबी ने बांग्लादेश टीम को पाकिस्तान में खेलने के बदले में एशिया कप की मेजबानी सौंप दी है। वसीम ने कहा, ''एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) द्वारा हमें मेजबानी का अधिकार दिया गया है। हम उन्हें किसी को नहीं सौंप सकते। हमारे पास वह अधिकार नहीं है। वसीम ने यह भी कहा कि भारत के साथ तनाव के कारण एशिया कप की मेजबानी के लिए पाकिस्तान दो अन्य स्थानों पर भी विचार कर रहा है। टीम इंडिया 2008 से पाकिस्तान के दौरे पर नहीं गई है। वहीं, पाकिस्तान की टीम 2012 के बाद भारत नहीं आई। क्रिकेट एक्सपर्ट का मानना है कि पाकिस्तान में एशिया कप की मेजबानी के लिए पीसीबी के पास यह सबसे बड़ी बाधा होगी कि क्या भारत सुरक्षा कारणों से वहां खेलने के लिए सहमता होगा। वसीम खान ने आगे कहा, ''क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का एक सुरक्षा प्रतिनिधि दल फरवरी में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगा। पीसीबी ने मार्च-अप्रैल में दक्षिण अफ्रीका को 3 टी-20 की सीरीज के लिए पाकिस्तान बुलाया है। यह सीरीज पाकिस्तान सुपर लीग के बाद हो सकता है। 
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी अगले सप्ताह इस्लामाबाद और लाहौर का दौर करेंगे। इस दौरान पीसीबी 2023 से 2031 के बाद कम से कम तीन आईसीसी इवेंट्स की मेजबानी के अधिकार हासिल करने की कोशिश करेगा।ÓÓ 

साइना-श्रीकांत वापसी करेंगे, सिंधु का फॉर्म चिंता नहीं; ओलिंपिक साल है समाधान निकाल लेंगे : गोपीचंद

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।  भारतीय बैडमिंटन टीम के कोच पुलेला गोपीचंद, पीवी सिंधु की खराब फॉर्म से चिंतित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने माना है कि यह भारतीय बैडमिंटन के लिए मुश्किल समय है क्योंकि यह ओलंपिक का साल है और साइना नेहवाल तथा किदाम्बी श्रीकांत इस समय संघर्ष कर रहे हैं। 
गोपीचंद ने कहा, ''सिंधु थोड़ा बहुत संघर्ष कर रही हैं, लेकिन वह ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार बड़े टूर्नामेंट्स में अच्छा किया है। यह ओलिंपिक का साल है और मुझे भरोसा है कि, हमें पता कि कहां काम करना है तो हम इस बात का समाधान निकाल लेंगे। सिंधु ने बीते साल विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था। वह इस समय क्वालीफिकेशन रैंकिंग में छठे स्थान पर हैं जबकि साइना 22वें। साइना को क्वालीफिकेशन पीरियड खत्म होने तक 16वें स्थान पर आना होगा। यह पीरियड अप्रैल में खत्म होगा और तब टोक्यो के लिए भारतीय दल का चुनाव होगा। श्रीकांत की रैंकिंग में भी यहां 26वीं है। उन्हें भी 16 स्थान के अंदर आना होगा।  गोपीचंद ने कहा, ''यह मुश्किल समय है। क्वालीफिकेशन खत्म होने में सात-आठ टूर्नामेंट बचे हैं और उन्हें वाकई अच्छा खेलना होगा। मुझे लगता है कि श्रीकांत के सामने मुश्किल टास्क है। 
उन्होंने कहा, पिछले दो टूर्नामेंट अच्छे नहीं गए हैं लेकिन फिर भी मुझे उम्मीद है कि यह लोग वापसी करेंगे और कुछ अच्छे प्रदर्शन करेंगे। कोच ने कहा, साइना के एक-दो अच्छे प्रदर्शन उन्हें ओलिंपिक कोटा दिला देगा।

उन्होंने मलेशिया ओपन में एन से यंग जैसी खिलाड़ी को हराया है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले टूर्नामेंट्स में वह मजबूत वापसी करेंगी। अपनी किताब में गोपीचंद ने लिखा है कि वह साइना के प्रकाश पादुकोण अकादमी जाने से कितना निराश थे। 2016 से उन्होंने अच्छी वापसी की है। 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों तथा एशियाई खेलों में पदक अपने नाम किया।" 

इमरान के मंत्री ने कहा- ऑस्ट्रेलिया में हार के जिम्मेदार मिस्बाह-वकार

जयपुर टाइम्स
इस्लामाबाद (एजेंसी)।  पाकिस्तान के एक मंत्री अली जैदी ने ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट टीम की करारी शिकस्त का जिम्मेदार हेड कोच मिस्बाह उल हक और बॉलिंग कोच वकार यूनिस को ठहराया। जैदी के मुताबिक, सरफराज अहमद को कप्तानी से हटाना गलत फैसला था। नौपरिवहन मंत्री जैदी ने सोमवार को कई ट्वीट किए। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान टीम में जबरदस्त गुटबाजी है और इसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पाकिस्तान टीम पहले टी20 सीरीज 2-0 से हारी। इसके बाद दो टेस्ट मैचों में भी हार का अंतर यही रहा। पाकिस्तान टीम एडिलेड में दूसरा टेस्ट एक पारी और 48 रन से हारी। ब्रिसबेन में खेले गए पहले टेस्ट में भी उसे पारी और पांच रन की शिकस्त का सामना करना पड़ा था। शर्मनाक हार से अली जैदी काफी नाराज हैं। उन्होंने ट्विटर पर कहा, "पहले मैं इसलिए चुप रहा क्योंकि टीम सिलेक्ट हो चुकी थी और ऑस्ट्रेलिया जा रही थी। लेकिन, अब ईमानदारी से बात करना जरूरी है।

 सरफराज को कप्तानी से क्यों हटाया गया? क्या पीसीबी इसका जवाब देगी? उसने टी20 में हमें पहले पायदान पर पहुंचाया। उसकी वजह से हम चैम्पियंस ट्रॉफी जीते। 

भारत का गेंदबाजी आक्रमण शानदार, लेकिन स्पिनर्स ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष करते हैं : रिकी पॉन्टिंग

जयपुर टाइम्स
सिडनी (एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने भारत के तेज गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत का गेंदबाजी आक्रमण शानदार, लेकिन स्पिनर्स ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष करते हैं। उन्होंने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की एक क्रिकेट वेबसाइट से यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लियोन का अपने घर में प्रदर्शन रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा से ज्यादा अच्छा है।
पॉन्टिंग ने कहा, ''कुछ सालों में भारत का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। इसमें इशांत शर्मा, उमेश यादव, अश्विन और जडेजा को जोड़ दिया जाए तो टीम की ताकत और बढ़ जाती है। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में भारतीय स्पिनर्स संघर्ष करते हैं। यहां नाथन लियोन का रिकॉर्ड भारतीय स्पिनर्स से अच्छा है। लियोन ने ऑस्ट्रेलिया में खेले 45 टेस्ट में 171 विकेट लिए हैं। इसमें भारत के खिलाफ 51 विकेट हैं, जो उन्होंने 11 टेस्ट में हासिल किए। वह घरेलू जमीन पर 4 मौकों पर भारत के खिलाफ 5 विकेट ले चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में खेले 7 टेस्ट में 27 विकेट लिए हैं। वह यहां एक बार भी 5 विकेट नहीं ले पाएं हैं जबकि करियर में वह 27 बार ऐसा कर चुके हैं। भारतीय स्पिनर ने 70 टेस्ट में 362 विकेट लिए हैं।   पॉन्टिंग ने न्यूजीलैंड सीरीज को लेकर कहा, मुझे पहले टेस्ट के प्लेइंग-11 में बदलाव होता नहीं दिख रहा है। क्योंकि टीम अच्छा खेल रही है। उसने हाल ही में पाकिस्तान को दो मैचों की सीरीज में हराया है। इस जीत के साथ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर आ गया है। उसके 7 मैचों से 176 अंक है।
 जबकि पहले स्थान पर 360 अंकों के साथ भारत है। 
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच 12 दिसंबर को खेला जाएगा पहला टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 12 दिसंबर से पर्थ में होगी। दूसरा टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न जबकि तीसरा 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा।  

तिहरा शतक लगाने के बाद वॉर्नर बोले- वीरेंद्र सहवाग को भरोसा था कि मैं टेस्ट क्रिकेट में भी सफल रहूंगा

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले डेविड वॉर्नर ने वीरेंद्र सहवाग पर एक खुलासा किया। वॉर्न के मुताबिक, 2009 में आईपीएल के दौरान वीरू ने मुझसे कहा था- तुम सिर्फ छोटे फॉर्मेट के बल्लेबाज नहीं हो, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी कामयाबी के झंडे गाढ़ सकते हो। वॉर्नर और सहवाग आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए खेल चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ होम सीरीज में वॉर्नर ने लगातार दो शतक लगाए। 
तीन साल बाद मिला टेस्ट कैप : वॉर्नर ने 2008 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसके तीन साल बाद यानी 2011 में उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला। एडिलेड टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद तिहरा शतक लगाने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। कहा, जब मैं इंटरनेशनल क्रिकेट में आया तो कई लोग कहते थे कि मैं क्रीज पर पहुंचते ही स्ट्रोक्स खेलने लगता हूं। ज्यादातर लोगों की सोच यह थी मैं सिर्फ छोटे फॉर्मेट का ही बल्लेबाज हूं। शायद यही वजह रही होगी जो मुझे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के तीन साल बाद टेस्ट कैप मिली। मैं कई बार इस बारे में सोचता भी था।  इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2008 में शुरू हुआ। 2009 में पहली बार वॉर्नर को आईपीएल खेलने का मौका मिला। वो दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए चुने गए। इस दौरान सहवाग इस टीम के कप्तान थे। वॉर्नर और सहवाग ही इस टीम के ओपनर थे। वॉर्नर के मुताबिक, एक ट्रेनिंग सेशन के पहले मैं और वीरू बातचीत कर रहे थे। सहवाग ने मुझसे कहा- डेविड, तुम टी20 के बजाए टेस्ट क्रिकेट के ज्यादा बेहतर बल्लेबाज बन सकते हो। जवाब में मैंने वीरू से कहा- तुम्हारा दिमाग ठिकाने पर नहीं है। बहरहाल, वीरू की भविष्यवाणी सही साबित हुई। अपनी चौथी इनिंग में ही वॉर्नर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद शतक लगाया। अब तक वो 23 टेस्ट शतक लगा चुके हैं। हालिया संपन्न एशेज सीरीज में यह ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फ्लॉप साबित हुआ था। 

क्वालिफायर में जर्मनी ने उत्तरी आयरलैंड को 6-1 से हराया, नीदरलैंड भी जीता

जयपुर टाइम्स
साओ पाउलो (एजेंसी)। जर्मनी का यूरो 2020 क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन जारी है। उसने उत्तरी आयरलैंड को एक मुकाबले में 6-1 से हराया। टीम के लिए सर्ज नैबरी ने तीन गोल दागे। ये जर्मन टीम के लिए उनकी दूसरी हैट्रिक है। 2016 में अपने डेब्यू मैच में सैन मरिनो के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दिए थे। आयरलैंड के खिलाफ सर्ज के अलावा लियोन ने दो और जूलियन ने एक गोल दागा। वहीं उत्तरी आयरलैंड के लिए स्मिथ ने इकलौता गोल दागा। ग्रुप सी के एक दूसरे मैच में नीदरलैंड्स ने एस्टोनिया को 5-0 से हराया। टीम के लिए विजनालडम ने तीन गोल ठोके। ऐके और बोऊडू ने 1-1 गोल किया। जर्मनी बेलारूस को हराकर पहले ही यूरो कप में अपनी जगह बना चुका है। लेकिन आयरलैंड के खिलाफ घर में मिली बड़ी जीत के बाद वो अपने ग्रुप में सबसे ऊपर पहुंच गया है। उससे नीचे नीदरलैंड और आयरलैंड हैं। अब आयरलैंड यूरो-2020 के फाइनल्स में जाने के लिए प्लेऑफ मैच खेलेगा। चैंपियनशिप अगले साल जून में खेली जाएगी।                                   

गुलाबी गेंद पर लाल की तुलना में ज्यादा पेंट, इस कारण चमक अधिक, स्विंग भी ज्यादा मिलेगी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और बांग्लादेश के बीच 22 नवंबर से कोलकाता में डे-नाइट टेस्ट खेला जाना है। यह दोनों देशों का पहला डे-नाइट टेस्ट है। आम तौर पर टेस्ट मैच लाल गेंद से खेला जाता है। लेकिन डे-नाइट टेस्ट में लाल गेंद को देखने में काफी मुश्किल होती है। इस कारण यहां गुलाबी गेंद का प्रयोग किया जाएगा। गुलाबी गेंद में लाल की तुलना में ऊपरी परत पर अधिक पेंट का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि गेंद जल्दी गंदी ना हो। इस गेंद में अधिक चमक होती है। चमक अधिक होने का मतलब तेज गेंदबाजों को स्विंग अधिक मिलेगी। मैच दोपहर एक बजे से शुरू होगा। यानी मैच के अंतिम दो सेशन में फ्लड लाइट का उपयोग किया जाएगा। टेस्ट में एक बॉल से 80 ओवर का खेल होता है। लाल गेंद को फ्लड लाइट में देखने में दिक्कत होती है जबकि वनडे में उपयोग होने वाली सफेद बॉल जल्द खराब हो जाती है। इस कारण 9 साल की रिसर्च के बाद डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद को सबसे उपयुक्त पाया गया। अब तक कुल 8 देशों के बीच 11 डे-नाइट टेस्ट खेले गए हैं और सभी के रिजल्ट आए हैं। 
सबसे ज्यादा पांच मैच ऑस्ट्रेलिया में जबकि दो मैच संयुक्त अरब अमीरात में हुए हैं। इसके अलावा इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में एक-एक मैच खेले गए हैं। भारत में पहली बार डे-नाइट टेस्ट खेला जाएगा। 

सचिन और वकार के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को तीस साल पूरे, आईसीसी ने खास फोटो शेयर कर बधाई दी

जयपुर टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)।  भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पाकिस्तानी गेंदबाज वकार यूनिस दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने डेब्यू के 30 साल पूरे कर लिया। इस मौके पर दोनों खिलाडि़य़ों को बधाई देते हुए आईसीसी ने एक खास ट्वीट किया, जिसमें उसने दोनों का एक-एक पुराना फोटो शेयर किया और लिखा, 1989 में इसी दिन सचिन तेंदुलकर और वकार यूनिस ने टीनेजर के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी, इसके बाद जो हुआ वो सब इतिहास है।
इन दोनों खिलाडिय़ों ने भारत और पाकिस्तान के बीच 15 नवंबर 1989 से कराची में शुरू हुए टेस्ट मैच के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस वक्त सचिन 16 साल के थे और वकार की उम्र 18 साल थी। इस मैच में सचिन (15 रन) को पहली बार वकार ने ही आउट किया था। 
यहां से शुरुआत करने के बाद दोनों ने आगे करियर में खूब नाम कमाया और दोनों ही अपने-अपने देश के महान बल्लेबाज और गेंदबाज साबित हुए। इनमें से सचिन की गिनती तो दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में की जाती है।