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पूल के आखिरी मैच में कनाडा से भिड़ेगा भारत

ओडिशा हॉकी विश्व कप टूर्नामेंट में ग्रुप-सी में चार अंकों के साथ सबसे ऊपर है लेकिन अगर उसे क्वार्टर फाइनल की राह तय करनी है, तो उसे कनाडा के खिलाफ शनिवार को खेले जाने वाले आखिरी ग्रुप मैच में जीत हासिल करनी होगी और यहीं मानना है टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह का. हरेंद्र का कहना है कि उनकी टीम कनाडा के खिलाफ एक भी गोल नहीं खाना चाहती है और ग्रुप-सी में शीर्ष पर रहते हुए अंतिम-8 में पहुंचना चाहती है.

भारत ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत अच्छी की थी. उसने दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में 5-0 से हराया था. हालांकि, बेल्जियम के खिलाफ उसका मैच 2-2 से ड्रॉ हुआ था. ग्रुप-सी में शामिल कनाडा एक मैच में हार और एक मैच ड्रॉ होने के साथ तीसरे स्थान पर है, वहीं बेल्जियम भी चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है. भारतीय टीम गोल अंकों के आधार पर सबसे आगे है. ऐसे में कनाडा के खिलाफ ड्रॉ मैच भी उसे क्वार्टर फानइल तक पहुंचा देगा, लेकिन हरेंद्र को जीत से कम कुछ मंजूर नहीं.

मैच से पहले एक संवाददाता सम्मेलन में हरेंद्र ने कहा, "बेल्जियम के खिलाफ मैच के बाद मिले ब्रेक के बाद भारतीय टीम फिर से तरोताजा महसूस कर रही है और अगले मैच के लिए पूरी तरह से तैयार है. टीम पूल-सी में शीर्ष स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करना चाहती है. हम नहीं चाहते कि भारतीय डिफेंडर कनाडा के खिलाफ मैच में एक भी गोल खाएं."

कोच हरेंद्र की यह बात सही है कि अगर भारतीय टीम ने कनाडा के खिलाफ मैच में अधिक गोल खाए और हार का सामना किया, तो क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के उसके अवसर अन्य दो टीमों के मैच के परिणाम पर निर्भर करेंगे, जो हित में हो यह संभव नहीं. इसके लिए सबसे जरूरी है भारतीय टीम का पेनाल्टी कॉर्नर के अवसर का सही इस्तेमाल करना.
पेनाल्टी कॉर्नर पर जोर देते हुए कोच हरेंद्र ने कहा, "भारतीय टीम ने पेनाल्टी कॉर्नर पर बहुत मेहनत की है. मेरा मानना है कि सही पुश और ट्रैप के साथ ही हम अच्छा ड्रैग फ्लिक कर गोल हासिल कर सकते हैं." भारतीय टीम ने हॉकी विश्व कप के पिछले 13 संस्करणों में से केवल एक में खिताबी जीत हासिल की है. 1975 में पाकिस्तान को कड़े मुकाबले में 2-1 से हराकर उसने विश्व कप अपने नाम किया था और एक बार फिर इस पल को जीने के लिए और खिताब के करीब एक और कदम बढ़ाने के लिए वह कनाडा के खिलाफ हर हाल में जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी.पूल के आखिरी मैच में कनाडा से भिड़ेगा भारत

IPL 2019: अब नए नाम से जानी जाएगी

इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी ​टीम दिल्ली डेयरडेविल्स ने अपना नाम और लोगो बदल लिया है। अब आईपीएल के 12वें संस्करण में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम नए नाम 'दिल्ली कैपिटल्स' के साथ उतरेगी। फ्रेंचाइजी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी देते हुए लिखा, 'दिल्लीवासियों, दिल्ली कैपिटल्स को हैलो कहो!' टीम ने अपने नए लोगो को भी जारी कर दिया है। 'दिल्ली कैपिटल्स' के लोगो में तीन टाइगर्स नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि आईपीएल के 12वें सीजन के लिए नीलामी 18 दिसंबर को जयपुर में होगी। इससे पहले आईपीएल के 11 संस्करणों की नीलामी प्रक्रिया का आयोजन बेंगलुरु में होता रहा है। लेकिन बीसीसीआई ने इस बार आईपीएल नीलामी के स्थान में भी परिवर्तन किया है। आईपीएल 2019 के लिए सिर्फ 70 खिलाड़ियों को नीलामी प्रक्रिया में जगह दी गई है, जिनमें 50 भारतीय और 20 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। आठ टीमों के पास नीलामी में बोली लगाने के लिए कुल 145 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि है। नीलामी से पूर्व पिछले महीने टीमों ने रीटेन किए हुए खिलाड़ियों के नामों की घोषणा की और इस दौरान कुछ बड़े नामों को रिलीज किया। किंग्स इलेवन पंजाब ने युवराज सिंह, जबकि दिल्ली कैपिटल्स ने गौतम गंभीर को रिलीज किया है। वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद ने ना चाहते हुए भी वित्तिय कारणों से शिखर धवन को ​रिलीज किया। अब शिखर धवन 12वें सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलेंगे। इस बात की भी संभावना है कि लोकसभा चुनावों के साथ तारीखों के टकराव की स्थिति में आईपीएल 2019 के कुछ हिस्से या पूरे टूर्नमेंट का आयोजन भारत के बाहर हो सकता है। इससे पहले भी साल 2009 में लोकसभा चुनावों की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग के दूसरे संस्करण का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था। इस बार भी लोकसभा के चुनाव अप्रैल-मई में संभावित हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 2019 में होने वाले 12वें संस्करण की जयपुर में 18 दिसंबर को आयोजित नीलामी के लिये 232 विदेशी खिलाड़ियों सहित 1003 खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया है। आईपीएल की बुधवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार मंगलवार को खिलाड़ी पंजीकरण समाप्ति की आखिरी तारीख थी।नीलामी के लिये 232 विदेशी खिलाड़ियों सहित 1003 खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया है। नीलामी जयपुर में 18 दिसंबर को होगी जिसमें आठ फ्रेंचाइजी टीमें 70 स्थानों के लिये अपना दांव लगायेंगी। पंजीकृत खिलाड़ियों में 200 कैप्ड खिलाड़ी, 800 अनकैप्ड खिलाड़ी और एसोसिएट देशों से तीन खिलाड़ी शामिल हैं। 800 अनकैप्ड खिलाड़यिों में 746 भारतीय हैं। 

आईपीएल के इतिहास में पहली बार नौ राज्यों अरूणाचल प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, उत्तराखंड और पुड्डुचेरी से क्रिकेटरों ने इस उम्मीद से अपना पंजीकरण कराया है कि उन्हें बेशुमार दौलत से भरपूर इस टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलेगा।

मशहूर क्रिकेटर गौतम गंभीर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का किया ऐलान

मशहूर क्रिकेटर गौतम गंभीर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उनके इस तरह अचानक संन्यास के फैसले से फैंस भी सकते में हैं। गंभीर आईपीएल में शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइटराइडर्स की ओर से खेलते आए हैं। उनकी कप्तानी में शाहरुख की टीम ने साल 2012 और 2014 में आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। अब ऐसे में अपनी टीम के बड़े खिलाड़ी के इस तरह संन्यास लेने से शाहरुख भी इमोशनल हो गए।शाहरुख ने ट्विटर पर लिखा कि 'प्यार और कप्तानी के लिए आपका धन्यवाद मेरे कप्तान। आप हमेशा स्पेशल हैं। अल्लाह हमेशा आपको खुश रखे और आपको थोड़ा ज्यादा मुस्कुराना चाहिए।'शाहरुख के वर्क फ्रंट की बात करें तो उनकी अपकमिंग फिल्म जीरो है। इसका नया गाना 'इश्कबाजी' मंगलवार को रिलीज हो गया है। खास बात यह है कि इस गाने में शाहरुख खान और सलमान खान एक साथ ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं। इससे भी दिलचस्प बात तो यह है कि गाने के आखिर में किंग खान सलमान की गोद में चढ़कर झूमने लगते हैं।इश्कबाजी गाने के शुरुआत में दिखाया जाता है कि शाहरुख खान को कैटरीना कैफ किस करती हैं। इस बात से किंग खान इतना खुश होते हैं कि वह नाचने को मजबूर हो जाते हैं। इस दौरान 'शाहरुख खान कहते हैं कि ओ दुनिया वालों तुम लोगों ने कभी मेरी इज्जत नहीं की, हमेशा कहा कि देखो वो बुरा आ रहा है। आज इसी बुरे को बबीता कुमारी ने किस किया है।' शाहरुख खान को थिरकता देख सलमान खान खुद को रोक नहीं पाते हैं। फिर गमछा लेकर सलमान खान भी मंच पर पहुंच जाते हैं और शाहरुख खान के साथ नाचने लगते हैं।आनंद एल राय के निर्देशन में बनी जीरो में सलमान खान कैमियो रोल में हैं, जबकि शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ लीड भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म जीरो क्रिसमस के मौके पर 21 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

मोहम्मद हफीज ने किया टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा

पाकिस्तान के बैटिंग आॅलराउंडर और टेस्ट ओपनर मोहम्मद हफीज ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। गौरतलब है कि हफीज ने लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद आॅस्ट्रेलिया के साथ यूएई में खेली गई टेस्ट सीरीज से पाकिस्तान क्रिकेट टीम में वापसी की थी। उन्होंने, अपने वापसी मैच में शानदार शतकीय पारी खेली थी। उस एक मैच के बाद मोहम्मद हफीज का बल्ला एक बार फिर खामोश हो गया। जिसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के साथ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के अबुधाबी में खेले जा रहे आखिरी मुकाबले के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।
इस 38 वर्षीय बल्लेबाज ने दो साल बाद पाकिस्तान की टेस्ट टीम में वापसी करते हुए पिछले महीने आॅस्ट्रेलिया के साथ दुबई में हुए टेस्ट मैच में शतक जमाया था। लेकिन इसके बाद वह 7 टेस्ट पारियों में केवल 66 रन ही बना पाए हैं। मोहम्मद हफीज ने कराची में 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और अबुधाबी में न्यूजीलैंड के साथ चल रहा टेस्ट मैच उनके करियर का 55वां टेस्ट मैच है। उन्होंने अब तक 3644 रन बनाए हैं जिसमें दस शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। हफीज ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब समय आ गया है। मैं संन्यास की घोषणा कर रहा हूं और मुझे खुशी है कि मैंने अपने करियर में कड़ी मेहनत की।'

ये खिलाड़ी दिलाएंगे टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत!

विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका में रन बनाए लेकिन टीम इंडिया ने टेस्ट सीरीज गंवाई. विराट कोहली ने इंग्लैंड में रन बनाए, लेकिन भारत फिर सीरीज हारा. अब बारी ऑस्ट्रेलिया की है और यकीन मानिए सिर्फ विराट कोहली के रन बनाने से यहां भी टीम इंडिया को जीत नहीं मिलने वाली. अब सवाल ये है कि जीत मिलेगी कैसे? हम आपको बताते हैं कि टीम इंडिया कैसे इतिहास रच सकती है. ऑस्ट्रेलिया में जीत की चाभी है टीम इंडिया के गेंदबाज, जो कि 20 विकेट लेकर सीरीज भारत की झोली में डाल सकते हैं. हालांकि इसके लिए टीम इंडिया के बल्लेबाजों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा, ताकि गेंदबाजों को 20 विकेट लेने का आधार मिल सके.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

के श्रीकांत ने न्यूज 18 हिंदी के खेल संपादक विमल कुमार से खास बातचीत में इसी बात का जिक्र किया है. 'परंपरा रही है कि हम ऑस्ट्रेलिया में अच्छे प्रदर्शन के लिए अपने बल्लेबाजों पर निर्भर रहे हैं. हालांकि अब तस्वीर बदल गई है. अब ऑस्ट्रेलिया में जीत की कड़ी गेंदबाजी होगी.'
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कार्ल हूपर ने भी विमल कुमार से यही बात कही. उन्होंने बयान दिया, 'भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड में निराशाजनक प्रदर्शन किया था. मैं 600-700 रनों की बात नहीं कर रहा हूं लेकिन टीम इंडिया के बल्लेबाजों को पहली पारी में कम से कम 400-500 रन बनाने होंगे ताकि गेंदबाज 20 विकेट लेकर आपको टेस्ट मैच जिता सकें.'भारत ने ऑस्ट्रेलिया में कभी सीरीज नहीं जीती है. उसे ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 44 टेस्ट मैचों में से 28 में हार मिली है. जबकि उसने सिर्फ 7 मैच ड्रॉ कराए हैं और महज 5 टेस्ट में उसे जीत मिली है. इनमें से भी दो जीत तब मिली थी जब उनके बेस्ट खिलाड़ी कैरी पैकर में खेल रहे थे और पूर्व कप्तान बॉम सिम्पसन को 41 साल की उम्र में कप्तानी के लिए कहा गया था.
पिछले दो दौरों पर एक भी जीत नहीं
ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टीम इंडिया ने पिछले दो दौरों पर एक भी जीत हासिल नहीं की है. साल 2011-12 में टीम इंडिया का 0-4 से क्लीन स्वीप हुआ. वहीं साल 2014-15 में टीम इंडिया ने दो मैच गंवाए और दो मुकाबले ड्रॉ रहे. हालांकि ये डरावना इतिहास इस दौरे पर बदल सकता है. पिछले 10 सालों में ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर 3 बार हराकर साउथ अफ्रीका ने इस भ्रम को तोड़ दिया है कि ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर नहीं हराया जा सकता. मतलब भारतीय टीम के पास भी ऑस्ट्रेलिया में पहली बार तिरंगा लहराने का मौका है

IPL 2019: जयपुर में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

आईपीएल सीज़न 2019 को शुरू होने होने में अब सिर्फ चार महीने का समय बचा है और सभी टीमों ने इस टूर्नामेंट को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 

सिर्फ दो हफ्तों के बाद होने वाली आईपीएल नीलामी के लिए सभी टीमों ने अपनी विश-लिस्ट बना ली होगी। हाल ही में सभी आईपीएल टीमों ने अपने कुछ खिलाड़ियों को रिलीज़ किया है और अब बेहतरीन टीम संयोजन के लिए सभी फ्रेंचाइजियां आगामी आईपीएल नीलामी में कुछ खिलाड़ियों को अपनी टीम की ज़रूरत के हिसाब से खरीदना चाहेंगी।

खासकर, प्रत्येक टीम कम से कम एक अदद गेंदबाज़ को अपनी टीम में शामिल करना पसंद करेंगी। तो आइये जानते हैं ऐसे गेंदबाज़ों के बारे में:
चेन्नई सुपर किंग्स टीम इस समय भारतीय तेज़ गेंदबाज़ की कमी से जूझ रही है। हाल ही में किंग्स इलेवन पंजाब द्वारा मोहित शर्मा को टीम से रिलीज़ किया हैं। किंग्स इलेवन की तरफ से खेलते उन्होंने इस सीज़न में 9 मैचों में 10 से ज़्यादा की इकोनॉमी रेट के साथ केवल 7 विकेट हासिल किये थे। 

हालाँकि, इससे पहले के आईपीएल सत्रों में उनका प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है। मोहित शर्मा इससे पहले आईपीएल सीज़न 2015 में सुपर किंग्स की टीम का हिस्सा रह चुके हैं। वह नई गेंद के साथ और डेथ ओवरों में बढ़िया गेंदबाज़ी करते हैं। 

इसके अलावा, वह कप्तान धोनी के विश्वसनीय गेंदबाज़ रहे हैं और चेन्नई फ्रैंचाइज़ी दोबारा उन्हें टीम में शामिल कर सकती है। फिलहाल, सुपरकिंग्स को ऐसे किसी भारतीय तेज़ गेंदबाज़ की ज़रूरत है जो टीम के गेंदबाज़ी आक्रमण को एक संतुलन प्रदान कर सके और इसमें कोई शक नहीं कि मोहित नई गेंद के साथ विकेट निकालने और किफायती गेंदबाज़ी करने में सक्षम हैं। 

तो, इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए अगर मोहित शर्मा आईपीएल 2019 में एक बार फिर से सुपरकिंग्स की जर्सी पहने दिखाई दें। 
पिछले सीजन में, दिल्ली डेयरडेविल्स के तेज़ गेंदबाज़ कगिसो रबादा और क्रिस मॉरिस चोटिल होने की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। लेकिन विश्व कप 2019 के चलते यह जोड़ी शायद आगामी आईपीएल सीजन में भी ना खेल पाए। 

हालाँकि, दिल्ली टीम में ट्रेंट बोल्ट और आवेश खान जैसे तेज गेंदबाज हैं लेकिन उन्हें किसी ऐसे गेंदबाज़ की ज़रूरत है जो डेथ ओवरों में प्रभावशाली गेंदबाज़ी कर सकें। ऐसे में, इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस जॉर्डन उनके लिए एक उपयुक्त विकल्प साबित हो सकते हैं। जॉर्डन, वर्तमान में दुनिया के बेहतर टी -20 गेंदबाज़ों में से एक हैं। गेंदबाज़ी के साथ ही जॉर्डन निचले क्रम में बल्ले से भी अहम योगदान दे सकते हैं। 
मुंबई इंडियंस ने आईपीएल नीलामी से पहले मुस्तफ़िज़ुर रहमान, पैट कमिन्स, प्रदीप सांगवान जैसे बल्लेबाज़ों को टीम से रिलीज़ किया है और उन्हें अब एक ऐसे तेज़ गेंदबाज़ की तलाश है जो जसप्रीत बुमराह के साथ मुंबई टीम के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण की कमान संभाल सके। ऐसे में ऑस्ट्रेलिआई पेसर बेन लॉफलिन उनके लिए एक विकल्प हो सकते हैं, वह एक बेहतरीन डेथ ओवर विशेषज्ञ माने जाते हैं। 

एडिलेड स्ट्राइकर्स के प्रमुख गेंदबाज़ लॉफलिन बिग बैश लीग इतिहास में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं। इसके अलावा, अगर सीज़न के दौरान बुमराह को आराम दिया जाता है, तो बेन लॉफलिन उनकी ज़िम्मेदारी संभाल सकते हैं।
पिछले सीजन में, किंग्स इलेवन पंजाब में कप्तान आर अश्विन, एंड्रयू टाई, मुजीब उर रहमान, अंकित राजपूत जैसे बेहतरीन गेंदबाज़ थे लेकिन इसके बावजूद, वे प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रहे थे।

अभी हाल ही में आईपीएल नीलामी से पहले, किंग्स इलेवन ने अपने अधिकांश खिलाड़ियों को टीम से रिलीज़ कर दिया है और अब वह अपनी टीम को नए सिरे से बनाने की कोशिश में हैं। वे एक ऐसे भारतीय तेज गेंदबाज की तलाश में हैं जो नई गेंद के साथ विकेट निकल सके और और डेथ ओवरों में रनों पर अंकुश लगा सके। ऐसे में जयदेव उनादकट, जिन्हें उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स ने हाल ही में रिलीज़ किया है, पंजाब के लिए एक उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। 

पिछले सीज़न को छोड़ कर उनादकट ने अब तक आईपीएल में शानदार गेंदबाज़ी की है और अपनी इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारतीय टीम के लिए भी खेलने का मौका मिल चुका है। इसलिए, वह किंग्स इलेवन के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों में अश्विन का खौफ

बायें हाथ के ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड छह दिसंबर से यहां शुरू हो रहे पहले टेस्ट में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन से निपटने के लिए अपनी टीम के जूनियर साथी हैरी नीलसन की मदद लेंगे। हेड की तरह ही बायें हाथ के बल्लेबाज नीलसन ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश और भारत के बीच अभ्यास मैच में अश्विन का सामना काफी अच्छी तरह किया और शतक जड़ा।हेड ने कहा कि नीलसन ने अभ्यास मैच में अश्विन का अच्छी तरह सामना किया। इसलिए मैं उनसे बात करने को लेकर उत्सुक हूं। अश्विन को बायें हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ काफी सफलता मिली है और ऑस्ट्रेलिया की अंतिम एकादश में कम से कम चार बायें हाथ के बल्लेबाजों को जगह मिलने की उम्मीद है। हालांकि, हेड ने कहा कि उनके बल्लेबाज भारत की चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले आइपीएल में मैंने अश्विन का सामना किया है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनके खिलाफ खेलने का अधिक अनुभव नहीं है, लेकिन हमारे पास ऐसे बल्लेबाज हैं जो स्पिन को अच्छी तरह खेल सकते हैं।भारत को कंगारू टीम के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है जिसकी शुरुआत छह दिसंबर के एडिलेड में होगी। इस टेस्ट सीरीज के बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। 

दुनिया की इकलौती बल्लेबाज, दिलों पर करती हैं 'राज'

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वन-डे कप्तान मिताली राज आज अपना 36वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। 3 दिसंबर 1982 को राजस्थान के जोधपुर में जन्मी मिताली सोमवार को 36 साल की हो गई हैं। महिला क्रिकेट की 'सचिन तेंदुलकर' कही जाने वाली मिताली ने क्रिकेट में वो मुकाम हासिल किया है, जो शायद ही किसी भारतीय महिला क्रिकेटर ने हासिल किया हो। 

जन्मदिन के मौके पर उनकी करियर से जुड़ी कुछ खास बातेंः 
 महज 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाली मिताली ने क्रिकेट में खूब नाम कमाया। 26 जून 1999 को उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ पहला वन-डे मैच खेला था। 10 साल की उम्र में बल्ला थामने वाली मिताली को  टीम इंडिया में शामिल होने में सिर्फ सात साल लगे।

आयरलैंड के खिलाफ अपने पहले ही मैच में उन्होंने 114 रनों की नाबाद पारी खेलकर धमाकेदार अंदाज में अपने क्रिकेट करियर का आगाज किया। इसके बाद साल 2001-02 के क्रिकेट सीजन में उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट करियर की शुरुआत करने का मौका मिला। 

मिताली ने साल 2002 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद करियर के तीसरे टेस्ट में मिताली ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की सबसे लंबी पारी खेलकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस मैच में उन्होंने 407 गेंदों में 19 चौके की मदद से 214 रन की शानदारी पारी खेली थी। 598 मिनट मैदान पर वह टिकी रहीं। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के केरन रोल्टन के 209 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा था।

गौरतलब है कि मिताली ने हैदराबाद के सेंट जोंस स्कूल में अपने बड़े भाई के साथ क्रिकेट की कोचिंग लेनी शुरू की। वह कई बार पुरुष खिलाड़ियों के साथ भी प्रैक्टिस करती थीं। क्रिकेट के अलावा उन्हें डांस में बी खासा दिलचस्पी थी। उन्होंने आठ साल तक भरतनाट्यम की शिक्षा हासिल की। हालांकि, क्रिकेट की वजह से उन्हें डांस छोड़ना पड़ा, लेकिन अभी भी वह कई मौकों पर डांस करती दिखाई देती हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट में मिताली का योगदान अहम है। उन्होंने साल 2005 में पहली बार भारत को विश्वकप के फाइनल में पहुंचाया था। जहां फाइनल में उनका मुकाबला मजबूत ऑस्ट्रेलिया से हुआ। उनकी टीम विजेता बनने से चूक गई। मिताली की कप्तानी में ही भारत ने एशिया कप के दौरान बिना एक भी मैच गंवाए खिताब अपने नाम किया था। 

मिताली राज ने टीम इंडिया के लिए 197 वनडे, 10 टेस्ट और 85 टी-20 मैचे खेले हैं। वन-डे में 6550, टेस्ट में 663 और टी-20 में 2283 रन उनके नाम दर्ज हैं। टेस्ट में उनके नाम एक शतक और 4 अर्धशतक, जबकि वन-डे में उन्होंने 7 शतक और 51 अर्धशतक लगाए हैं। जुलाई 2017 में वह वन-डे में 6 हजार रन बनाने वाली दुनिया की इकलौती बल्लेबाज बनी थी। महिला क्रिकेट में शानदार योगदान के लिए मिताली को 2003 में अर्जुन अवार्ड और 2015 में पद्मश्री से नवाजा जा चुका है।

इस खिलाड़ी को करें शामिल पृथ्वी शॉ की जगह

भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के एकमात्र प्रैक्टिस मैच में टखने की चोट लगने की वजह से पृथ्वी शॉ पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं. शॉ को सिडनी में टीम इंडिया के क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में टखने में चोट लग गई थी. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान ने शॉ की चोट पर अफसोस जाहिर किया है. शॉ ने इस अभ्यास मैच की पहली पारी में 66 रनों की शानदार पारी खेली थी. 

शॉ का  एडिलेड टेस्ट मैच से बाहर होना टीम इंडिया के लिए एक झटका माना जा रहा है. हालाकि टीम इंडिया के पास उनके काफी विकल्प हैं. इस समय टीम इंडिया में सलामी बल्लेबाजी के लिए शिखर धवन, मुरली विजय, केएल राहुल और रोहित शर्मा मौजूद हैं. शॉ का वेस्टइंडीज के खिलाफ हुई भारत में टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन रहा था. उम्मीद की जा रही थी उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज के सभी मैचों में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा.यह कहा वान ने अपने ट्वीट में
वान ने कहा है कि वे टीम इंडिया में शॉ के विकल्प के तौर पर वनडे स्टार रोहित शर्मा को चुनना चाहेंगे. वान ने अपने ट्वीट में कहा, “यह शर्म की बात होगी कि अगर पृथ्वी शॉ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट नहीं खेल पाते हैं तो... शानदार युवा प्रतिभा... मैं व्यक्तिगत रूप से उसकी जगह रोहित शर्मा को टॉप ऑर्डर पर खिलाते... वह टेस्ट क्रिकेट के मास्टर न सही, बढ़िया खिलाड़ी हैं.” ऐसे चोटिल हुए पृथ्वी
शॉ गुरवार को फील्डिंग करने के दौरान बाउंड्री के पास कैच पकड़ने की कोशिश कर रहे थे कि उनका पैर मुड़ गया था और वे दर्द से कराहते हुए गिर पड़े थे जिसके बाद दो लोगों को उन्हें गोद में उठाकर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा था. शॉ का स्कैन कराने के बाद फैसला किया गया कि वे पहले टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे. अब शॉ की गैर मौजूदगी के कारण केएल राहुल और मुरली विजय के पहले टेस्ट में भारत के लिए पारी की शुरूआत करने की संभावना जताई जा रही है. 

यह नतीजा रहा मैच का
मैच में पहले दिन का खेल बारिश की वजह से रद्द करना पड़ा था. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर चल रहे इस मैच को टीम इंडिया के लिए एडिलेट टेस्ट से पहले प्रैक्टिस के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. दूसरे दिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के कप्तान सैम वाइटमैन ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने को कहा. जिसमें टीम इंडिया ने पहली पारी में कुल 358 रन बनाए थे जिसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 544 रन बनाए. दूसरी पारी में टीम इंडिया ने दो विकेट पर 211 रन बनाए थे मैच अंततः ड्रॉ हो गया था. 
इन खिलाड़ियों ने लगाई हाफ सेंचुरी
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए पृथ्वी शॉ के अलावा कप्तान विराट कोहली, चेतेशवर पुजारा, हनुमा विहारी और अजिंक्य रहाणे ने शानदार हाफ सेंचुरी लगाईं जबकि रोहित केवल 40 रन बना सके थे.  दूसरी पारी में मुरली विजय ने शानदार शतक और केएल राहुल ने हाफ सेंचुरी लगाई. अभी तक टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. जबकि उसने यहां केवल पांच टेस्ट मैचों में ही जीत हासिल की है.

बेल्जियम के खिलाफ भारत की अग्निपरीक्षा

भारत ने हॉकी विश्व कप में यहां दक्षिण अफ्रीका पर दमदार जीत के साथ आगाज कर जरूरी लय पा ली है। लिंकमैन के नए रोल में आकाशदीप सिंह ने पहला इम्तिहान अव्वल नंबर से पास कर दर्शाया है कि वह यहां इस बार भारत के 'तुरुप के इक्के' रहने वाले हैं। उन पर खुद गोल करने के साथ भारत के लिए गोल के अभियान बनाने का भी दारोमदार रहेगा।बेल्जियम के खिलाफ जीतने के लिए भारत को आक्रामक हॉकी खेलनी होगी जो कि उसकी ताकत है और अपनी मध्यपंक्ति को कसना होगा। भारत के चीफ कोच हरेन्द्र सिंह ने बेल्जियम के खिलाफ मैच से पहले यह सही कहा है कि बेल्जियम के खिलाड़ी डी में खतरनाक हैं और टीम की कोशिश यही होगी कि  गेंद को उनके कब्जे से दूर रखा जाए और इसी रणनीति से खेलेंगे। 

दुनिया की पांचवें नंबर की टीम भारत के सामने ओलंपिक रजत पदक विजेता बेल्जियम के रूप में रविवार को अब अपने पूल सी में ऐसी टीम होगी, जो बराबर उसका कड़ा इम्तिहान लेती रही है। 'रेड लायंस' के रूप में जानी जाने वाली दुनिया की तीसरे नंबर टीम बेल्जियम और भारत के बीच हाल ही के बेहद कड़े मुकाबले इस बात के गवाह हैं इनमें जीतती वही टीम है जो खास दिन बेहतर प्रदर्शन करती है। बेल्जियम के टॉम बून, साइमन गुगनार्ड और ऑर्थर वॉन डोरेन जैसे ऑलराउंडरों से चौकस रहना होगा। ये सभी  बेल्जियम टीम की ताकत हैं और अपने दम मैच जिताने का दम रखते हैं। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के साथ जो लय हासिल की है उसे जारी रखने में आकाशदीप सिंह के साथ स्ट्राइकर मनदीप सिंह, सिमरनजीत और दिलप्रीत की त्रिमूर्ति के साथ अनुभवी ललित उपाध्याय को उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। दूसरे लिंकमैन के लिए हार्दिक सिंह और नीलकांत के रूप में पर्याप्त विकल्प हैं।  ड्रैग फ्लिकर के रूप में हरमनप्रीत सिंह, वरुण कुमार, अमित रोहिदास की मजबूत त्रिमूर्ति है। 

क्वार्टर फाइनल पर हैं दोनों टीमों की निगाह 

दक्षिण अफ्रीका पर पहले मैच में बड़ी जीत के बाद भारत की कोशिश बेल्जियम पर भी जीत के साथ पूल में शीर्ष पर सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी। दोनों ही टीमें क्रॉसओवर से बचने की कोशिश में रविवार को जीत के लिए पूरी ताकत झोेंकेगी तो मुकाबला वाकई बहुत दिलचस्प रहने की आस लगाई जा रही है।

भारतीय कोच हरेन्द्र भी इस मैच को प्री क्वार्टर की तरह ले रहे हैं। घरेलू दर्शकोंका समर्थन भारतीय टीम को अपने सर्वश्रेष्ठ खेल के लिए प्रेरित करेगा। बेल्जियम ने भी कनाडा पर पसीना बहाने के बाद जीत के साथ आगाज किया था और भारत के खिलाफ वह भी कहीं कोई ढील नहीं छोड़ना चाहेगा।


भारत के चीफ कोच हरेन्द्र सिंह और शेन मैकलियॉड की बतौर हॉकी उस्ताद इस मैच के लिए बिछाई रणनीति की बिसात की परख होगी। फ्रांस में ये दोनों ही साथ-साथ क्लब हॉकी खेल चुके हैं। भारत को आखिरी क्षण तक चौकस रहना होगा खासतौर पर उसकी रक्षापंक्ति को। साथ ही अपनी डी में खासतौर पर आखिरी क्षणों में चूक  कर गोल खाने की 'बीमारी' से बचना होगा।  अनुभवी गोलरक्षक पीआर श्रीजेश, बीरेन्द्र लाकड़ा, कोथाजीत सिंह, वरुण, हरमनप्रीत और सुरेन्दर कुमार की रक्षापंक्ति कसौटी पर होगी।

मैच में बेदम दिखी भारतीय गेंदबाजी

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ खेले जा रहे चार दिवसीय प्रैक्टिस मैच में भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई। बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया तो गेंदबाजों के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के अनजान खिलाड़ियों ने जमकर रन बनाए। खासकर तेज गेंदबाज उमेश यादव और इशांत शर्मा ने काफी निराश किया। मोहम्मद शमी ने 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन उन्होंने भी खूब रन दिए। आलम यह रहा कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने पहली पारी में 102 ओवर 151.1 ओवर तक बैटिंग की और 544 रनों का स्कोर खड़ा किया। बता दें कि इंडियंस (भारतीय टीम) ने पहली पारी में 358 रन बनाए थे। 
 एक तरह से जूनियर टीम ने भारतीय गेंदबाजों की जिस अंदाज में खबर ली, अगर आगे टेस्ट सीरीज में भी वैसा ही रहा तो भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं मिलने वाली। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI में कुछ ही इंटरनैशनल लेवल के बल्लेबाज हैं, जबकि अधिकतर खिलाड़ियों के पास घरेलू क्रिकेट का अनुभव ही है। 

बावजूद इसके न केवल उन सभी ने भारत के इंटरनैशनल गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाई, बल्कि 1 शतक और 3 अर्धशतक लगाते हुए उसे सोचने पर मजबूर कर दिया। हैरी निएल्सन (100) ने शतक लगाए, जबकि डार्सी शॉर्ट (74), मैक्स ब्रायंट (62) और आरोन हार्डी (86) के नाम अर्धशतक रहे। 
पुछल्ले बल्लेबाजों ने भी दिखाए हाथ
स्कोर कार्ड पर नजर डाली जाए तो आखिरी के 4 बल्लेबाजों ने भी 35+ स्कोर किया। आरोन हार्डी ने 86 रन बनाए, जबकि डैनियल फैलिंस ने 43, ल्यूक रोबिंस ने नाबाद 38 और जैक्सन कोलमन ने 36 रन की पारी खेली। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया में इस अभ्यास मैच में कितने अप्रभावी रहे। 
10 खिलाड़ियों ने की बोलिंग
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के 10 विकेट गिराने के लिए कप्तान विराट कोहली को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा। उन्होंने कुल 10 गेंदबाजों (अभ्यास मैच में सभी खिलाड़ियों का इस्तेमाल किया जा सकता है) का इस्तेमाल किया, जिसमें वह खुद भी शामिल रहे। उसमें भी मोहम्मद शमी (3 विकेट, 97 रन), आर. अश्विन (2 विकेट, 122 रन), उमेश यादव (1 विकेट, 113), इशांत शर्मा (1 विकेट, 73 रन), विराट कोहली (1 विकेट, 27 रन) और जसप्रीत बुमराह (बगैर रन दिए 1 विकेट) को विकेट मिला, जबकि रविंद्र जडेजा, अनुमा विहारी, मुरली विजय और कुलदीप यादव की झोली खाली रही।  

विवादस्पद मामले पर सीओए ने मिताली राज से मांगा जवाब

महिला टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के सेमीफाइनल मैच में मिताली राज को टीम में न शामिल करने के कारण उठे विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बढ़े विवाद के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासकों की समिति (सीओए) ने टूर्नामेंट में मिताली के फिटनेस की जानकारी मांगी है.

सीओए ने सेमीफाइनल मैच से पहले हुई चयन समिति की बैठक की जानकारी मीडिया में लीक होने पर चिंता भी जताई और इस मामले में बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों सहित मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी से भी स्पष्टीकरण की मांग की है.

आपको बता दें कि इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच में टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाज मिताली को ही बैंच पर बैठाया गया और इस मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा. इस कारण मिताली को सेमीफाइनल मैच में शामिल न करने का विवाद खड़ा हो गया और इसने अब बड़ा रूप ले लिया है.

इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में घुटने की चोट के कारण मिताली बाहर थी, लेकिन उससे पहले खेले गए दो मैचों में उन्होंने लगातार अर्द्धशतकीय पारियां खेली थीं. सेमीफाइनल मैच से एक दिन पहले उन्हें फिट घोषित कर दिया गया था.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रमेश पोवार और प्रबंधक तृप्ती भट्टाचार्य इस मामले में सोमवार को सीओए और जौहरी से मुलाकात कर टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सौपेंगे.