Updated -

mobile_app
liveTv

आधार नामांकन सुविधा एक दिन ही होने से नामांकन से वंचित रहे बच्चे

जयपुर टाइम्स
मलसीसर(निसं.)। कस्बे में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बुधवार को 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार नामांकन किया गया। जिसमें काफी संख्या में कस्बे वासी आधार नामांकन करवाने पहुंचे लेकिन शाम तक 125 बच्चों का आधार नामांकन ही हो पाया। गुरुवार को भी काफी संख्या में लोग आधार नामांकन करवाने ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पहुंचे लेकिन आधार नामांकन वालो को एक दिन का ही आदेश मिला था। काफी कस्बेवासी अभी आधार नामांकन से वंचित है। मलसीसर बड़ा कस्बा होने के कारण यहां दो से चार रोज नामांकन शिविर लगाने की आवश्यकता है इसके लिए संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। मलसीसर में कोई आधार केंद्र नहीं होने के कारण काफी समय से आधार से संबंधित कार्यो से मलसीसर वासी वंचित है। डीओआईटी प्रोग्रामर संदीप सिहाग ने बताया कि 6 नवंबर के बाद अकेले मलसीसर ग्राम पंचायत के लिए प्लान तैयार कर 3 दिन लगातार आधार नामांकन किए जाएंगे।

झुंझुनू का शातिर वाहन चोर गिरफ्तार

जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि शहर में बढ़ती हुई वाहन चोरी की वारदातो की गम्भीरता को देखते हुए बजरंग सिंह अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम,  राजेन्द्र सिंह एसीपी चौमू जयपुर पश्चिम के निकट सुपरविजन और निर्देशन में थानाधिकारी पुलिस थाना विश्वकर्मा जयपुर पश्चिम मांगीलाल विशनोई के नेतृत्व में महेन्द्र सिंह सनि,  श्रवण कुमार हैड कानि ,  पवन कुमार हैड कानि ,  कमल सिंह कानि ,  देवी सिह कानि ,सुरेश कुमार कानि , अनन्त कुमार कानि  पुलिस थाना विश्वकर्मा जयपुर पश्चिम व  लक्ष्मीकान्त हैड कानि तकनिकी सहायक कार्यालय पुलिस आयुक्त जयपुर पश्चिम की एक टीम गठित कर मुल्जिमान की तलाश करने व वारदाता का खुलासा करने हेतु निर्देशित किया गया। जयपुर शहर मे हो रही मोटर साईकिल चोरी की घटनाओ के आस पास के सीसीटीवी फुटेज चैक कर फुटेज के आधार पर मुल्जिमो की पहचान करना प्रारम्भ किया तथा जिला जयपुर शहर य जयपुर ग्रामिण, सीकर, झुंझुनू, दौसा में फुटेज से प्राप्त हुलिए के आधार पर मुल्जिमो की पहचान की तथा तकनीकी आधार पर घटना की तस्दीक कर दुपहिया वाहन चोरी की गैंग का खुलासा करते हुए गैंग के एक सदस्य विक्रम उर्फ विक्की सैनी निवासी दौरासर थाना सदर जिला झुंझुनू को गिरफ्तार कर मुल्जिम की सुचना पर भुतेशवर महादेव मन्दिर के पास नाले से थाना हाजा के मु0न0 184/20 धारा 379 आईपीसी में चोरी गई मोटर साईकिल हिरो होण्डा स्पलेण्डर प्लस तथा ईलाका थाना विद्याधर नगर जयुपर से चोरी गई दो अन्य अपाची मोटर साईकिले बरामद की गई है। गैंग के अन्य अरोपीयो की तलाश जारी है। तथा गिरफ्तार शुदा मुल्जिमो से पुछताछ जारी है। मुल्जिम से पुछताछ के दौरान काफी वारदातो का खुलासा होने की सम्भावना है। अभियुक्त शातिर अपराधी है जिसके विरूद्ध पुलिस थाना चिडावा जिला झुंझुनू मे भी अवैध हथीयारो में लिप्त होने पर मुकदमा दर्ज है। अभियुक्त वाहन चोरी करने का आदतन अपराधी है जो गैंग के मुख्य आरोपी भुपेन्द्र सिंह रावणा के निर्देशन में दुपहिया वाहनो की चोरी करता है तथा चोरी की गई मोटर साईकिलो को नाले में खडी करता है तथा चोरी की मोटर साईकिलो की सुचना अपने बोस भुपेन्द्र सिंह रावणा को देता है जो इक्कठी मोटरसाईकिलो को दुसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाता है।

राजस्थान में पैरेंट्स को बड़ी राहत, सरकार ने की फीस में 40 फीसदी की कटौती

जयपुर टाइम्स
जयुपर (का.सं.)। सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों को राजस्थान सरकार को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए ट्यूशन फी 30 फीसदी की कटौती करने का निर्देश दिया है। वहीं राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में भी 9वीं से 12वीं कक्षाओं के लिए कोर्स को 40 फीसदी तक कम कर दिया गया है। फीस की कमी करने के पीछे सरकार का कहना है कि चूंकि सीबीएसई ने 30 फीसदी तक सिलेबस कम कर दिया है इसलिए राजस्थान सरकार ने ट्यूशन फीस  को कम कर दिया है। वहीं राजस्थान बोर्ड ने सिलेबस को 40 फीसदी कम कर दिया है इसलिए उन्हें भी फीस को 40 फीसदी तक कम करना चाहिए। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने बुधवार को यह आदेश जारी किया। इसके अलावा राजस्थान सरकार ने शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 2 नवंबर से खोलने का सुझाव भी दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भी एसओपी दिशा निर्देशों के साथ ही एक रिपोर्ट सौंपी गई है। हालांकि, स्कूलों को खोलने का निर्देश 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए दिया गया है। पहली से आठवीं के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। स्कूलों को खुलने पर फीस से संबंधित फैसला लिया जाएगा। चूंकि पिछले आठ महीनों से स्कूल कॉलेज बंद हैं इसलिए फीस को लेकर समिति का गठन किया गया था। राजस्थान में पैरेंट्स भी नो स्कूल, नो फी की मांग कर रहे थे। इसी के बाद राज्य सरकार ने समिति का गठन किया गया था। इसी के बाद के फैसला लिया गया था।

जमीनी विवाद में व्यक्ति की हत्या, सरकारी स्कूल के टांके में कूदकर प्रेमी युगल ने दी जान

जयपुर टाइम्स
जयपुर(कासं.)। प्रदेश के दौसा जिले के मंडावरी थाना इलाके के दिव्यां चली गांव में जमीनी विवाद के चलते एक व्यक्ति की सनसनीखेज ढंग से हत्या कर दी गई, मृतक की पहचान रामकिशोर मीणा के रूप में हुई है जिसकी जमीनी विवाद के चलते आरोपी लोगों ने हत्या की है सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में कर घटनास्थल से आवश्यक तथ्य और सबूत जुटाए खबर लिखे जाने तक इस प्रकरण में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी हमलावर मौके से फरार बताए गए हैं जिनकी तलाश में पुलिस सरगर्मी से जुटी हुई है उधर प्रदेश के बाड़मेर जिले के मंडली थाना इलाके के बागावास गांव में स्थित सरकारी स्कूल के टांके में युवक और युवती ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली मृतक युवक और युवती आपस में एक दूसरे को प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन दोनों के ही परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे जिसके चलते उन्होंने सरकारी स्कूल के टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को टांके से बाहर निकाला और मामले की जांच शुरू की 

महिला ने केरोसिन डाल खुद की आग लगाई

जयपुर टाइम्स
जयपुर(कासं.)। प्रदेश के कोटा के किशोरपुरा थाना इलाके में भेरू जी का चौक निवासी महिला ने अज्ञात कारणों के चलते खुद के शरीर पर केरोसिन छिड़क आग लगा ली जिससे उसकी मौत हो गई सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को कब्जे में किया है तथा घटनास्थल से आवश्यक तथ्य और सबूत जुटाए जा रहे हैं एवं एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से आवश्यक तथ्य जुटाए हैं पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान राममूर्ति के रूप में हुई है किन कारणों के चलते महिला ने आत्मदाह किया है इसकी जानकारी खबर लिखे जाने तक नहीं मिल पाई है पुलिस फिलहाल महिला के निकट के परिजनों से आवश्यक पूछताछ कर रही है तथा आसपास के लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी हासिल किए जाने का प्रयास पुलिस कर रही है पुलिस की जांच में फिलहाल मोटे रूप से यही सामने आया है कि महिला ने खुद आत्मदाह किया है लेकिन खबर लिखे जाने तक पुलिस यह खुलासा नहीं कर पाई थी कि किन कारणों के चलते महिला ने आत्मदाह किया है पुलिस जांच कर यह पता लगा रही है कि कहीं ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान होकर तो महिला ने आत्मदाह नहीं किया पुलिस महिला के पीहर वालों से भी आवश्यक पूछताछ करने का प्रयास कर रही है

गुर्जर आरक्षण आंदोलन की आहट तेज, कर्नल बैंसला ने वार्ता के लिए अधिकारियों को बैरंग लौटाया

जयपुर टाइम्स 
करौली। गुर्जर आरक्षण आंदोलन की आहट लगातार तेज होती जा रही है आगामी 1 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर गुर्जर समाज फिर से सड़कों पर उतरेगा इस बीच समाधान का राह खोजने के लिये राज्य सरकार के आला अधिकारी सक्रिय हो गये हैं इसी कड़ी में वरिष्ठ आईएएस नीरज के पवन और पुलिस अधिकारी बीजू जॉर्ज मंगलवार को हिंडौन सिटी पहुंचे उन्होंने वहां गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की।
राज्य सरकार के दोनों अधिकारियों ने मंगलवार को किरोड़ी सिंह बैंसला से उनके वर्धमान नगर स्थित आवास पर मुलाकात कर मसले पर विस्तार से चर्चा की अधिकारियों ने गुर्जर नेताओं को वार्ता के लिए जयपुर आने का आमंत्रण निमंत्रण दिया लेकिन बताया जा रहा है कि गुर्जर नेताओं ने अधिकारियों से दो टूक कह दिया कि जो लाना है वह यहीं लेकर आओ गुर्जर नेताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर 1 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी दे रखी है राज्य सरकार के दोनों अधिकारियों के साथ करौली जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग और भरतपुर एसपी अमनदीप कपूर भी वार्ता में मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि गुर्जर नेताओं ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुये मांगें पूरी नहीं किये जाने पर आगामी 1 नंवबर से फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दे रखी है गुर्जर नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार आरक्षण के मसले को लेकर कतई गंभीर नहीं है गत आंदोलन में जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी उन पर वह खरी नहीं उतर रही है लिहाजा समाज को फिर आंदोलन जैसा कदम उठाना पड़ेगा इस मसले पर निर्णय करने के लिये पिछले दिनों समाज की महापंचायत हुई थी महापंचायत में मांगें पूरी नहीं होने पर 1 नवंबर से फिर से आंदोलन की घोषणा की गई थी गुर्जर आंदोलन के पूर्व के अनुभव को देखते हुये सरकार भी सहमी हुई है और वह बातचीत के रास्ते तलाश रही है।

एमएसपी से कम कीमत पर फसल खरीदने पर सजा का प्रावधान कर सकती है गहलोत सरकार

जयपुर टाइम्स
जयपुर (का.सं.)। राजस्थान की गहलोत सरकार भी पंजाब की कैप्टन सरकार की तर्ज पर नए संशोधित कृषि बिल लाने जा रही है। इसके लिए सरकार ने 31 अक्टूबर से विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया है। सूत्रों की माने तो तीन अलग-अलग बिल के जरिए गहलोत सरकार किसानों के हितों को संरक्षित करते हुए फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम मूल्य पर खरीदने वाली कंपनियों या फर्मों के खिलाफ सजा का प्रावधान कर सकती है। इतना ही नहीं किसानों से खरीद की सीमा का भी निर्धारण किया जा सकता है, ताकि मल्टीनेशनल कंपनियां बेहिसाब फसलों की खरीद करके स्टॉक जमा न करें। दरसअल, हाल में केन्द्र सरकार ने जो कृषि बिल लागू किए हैं उसमें व्यापारियों को जरूरी चीजों की असीमित खरीद की शक्ति मिल गई है। केंद्र सरकार ने हाल में कृषि विपणन से जुड़े विधेयक संसद में पेश किए जिन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून के रूप में लागू कर दिया गया। इन्ही कानून को बेअसर करने के लिए कांग्रेस शासित प्रदेश अपने-अपने राज्यों में इस तरह के बिल ला रहे हैं।
कुर्क नहीं होगी 5 एकड़ जमीन
संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि किसानों के हितों को संरक्षित रखने और कर्ज के मौजूदा प्रावधानों की दीवानी प्रक्रिया संहिता 1908 की धारा 60(1) में संशोधन करने जा रहे हैं। इस संशोधन से किसानों की 5 एकड़ तक की कृषि भूमि कुर्क नहीं की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि दीवानी प्रक्रिया संहिता 1908 में संशोधन करने के बाद 5 एकड़ तक की कृषि भूमि पर कर्ज लेने के लिए किसान को अपनी जमीन बैंक या लोन देने वाली संस्था के यहां गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, बिल के जरिए किसानों को बाजार मूल्य की तर्ज पर उपज का पूरा मूल्य मिल सके इस दिशा में कार्य कर रही है।

बिल का ड्राफ्ट एक्जामिन के लिए विधि विभाग को भेजा
कृषि विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, संशोधित बिल का ड्राफ्ट तैयार कर एक्जामिन के लिए विधि विभाग को भेज दिया है। बिल के ड्राफ्ट में प्रावधान किया है कि किसान चाहे तो उनकी फसल खरीदने वाली कंपनी या फर्म से निर्धारित समय पूरा होने के बाद एग्रीमेंट को रद्द कर सकते हैं। यानी किसान को यदि अपनी फसल का मूल्य कहीं ज्यादा मिल रहा है तो वह उसे वहां बेचने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
सरकार करें कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन
ऐस मामले पर प्रदेश के किसान नेता और किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि यदि राज्य सरकार कानून लाना चाहे तो कृषि उपज मंडी अधिनियम 1961 में संशोधन करके प्रदेश की सभी प्रमुख फसलों को एमएसपी से कम में खरीद-फरोख्त करने पर पाबंदी लगाए। इसमें सात फसलों के अलावा बाजरा, ग्वार को भी शामिल किया जाए। कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने के लिए सरकार को राष्ट्रपति की मंजूरी की भी जरूरत नहीं होगी।

कोरोना पर जनजागरण अभियान चलाकर विजय पाई जा सकती है- रामलाल शर्मा

जयपुर टाइम्स चौंमू(निसं.)। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता व विधायक रामलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मास्क को लेकर कानून बनाने के बयान पर विरोध जताते हुए कहा है कि कोरोना पर जनजागरण के आधार पर विजय हासिल की जा सकती हैं, लेकिन सरकार मास्क पहनने के लिए कानून बनाकर पैसा वसूलने का काम करेगी। जिसका भारतीय जनता पार्टी पुरजोर विरोध करेगी। विधायक रामलाल शर्मा ने बताया कि सूबे की सरकार की मुखिया ने कहा है कि हमें चिकित्सकों ने बताया कि जो वैक्सीन आएगी,उसका प्रभाव 40त्न ही रहेगा। लेकिन मास्क का प्रभाव 90त्न तक पड़ता है। इसलिए आवश्यकता पड़ी तो हम कानून बनाने का काम भी करेंगे। विधायक रामलाल शर्मा ने सरकार के मुखिया से कहा कि राजस्थान विधानसभा के द्वारा ऐसे अनेकों कानून पारित किए गए हैं, जो कानून आज भी रद्दी की टोकरी में पड़े हुए हैं और उन कानूनों की क्रियान्विति भी नहीं हो रही है और जहां तक कोरोना की लड़ाई है, इस कोरोना की लड़ाई को हम जनजागरण के माध्यम से लड़ा जा सकता है और जीता भी जा सकता है। विधायक शर्मा ने कॉंग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि आप की सरकार के खजाने में पैसा नहीं है, तो आप बेशक कानून बनाए। कानून के आधार पर चालान काटने का काम करें और चालान काटकर अपने खजाने को भरने का काम करें। लेकिन भारतीय जनता पार्टी मानती है, सिर्फ और सिर्फ कोरोना पर जन जागरण के आधार पर विजय पाई जा सकती है और निश्चित रूप से विधानसभा के पटल पर यदि इस तरीके से कानून के दायरे में लाकर पैसा वसूलने का काम कांग्रेस सरकार करेगी। तो भारतीय जनता पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।

आगामी विधानसभा सत्र में मास्क की अनिवार्यता पर बिल लेकर आ रही है गहलोत सरकार

जयपुर टाइम्स
जयपुर (का.सं.)। प्रदेश की गहलोत सरकार नेआगामी विधानसभा सत्र में मास्क की अनिवार्यता पर बिल लाने के बारे में पूरी तरह से मन बना लिया है जानकारी के अनुसार विधानसभा सत्र में पारित होने वालेमास्क की अनिवार्यता संबंधी बिल का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और गहलोत सरकार आगामी विधानसभा सत्र में ही मास्क की अनिवार्यता संबंधी बिल पारित करवाने की तैयारी में है जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में साफ कहा था कि विगत 6 माह में उन्होंने जितने भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज डॉक्टरों और रिसर्च करने वालों से बातचीत की है उसमें एक ही निष्कर्ष साफ निकल कर सामने आया है कि कोरोना से सिर्फ मास्क से ही बचाव किया जा सकता है इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यह चाहते हैं कि प्रदेश के सभी लोग घर से बाहर निकलने से पहले मुंह पर मास्क लगाएं गहलोत यह भी जानते हैं कि अब भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो बिना मास्क लगाएं सड़कों पर घूम रहे हैं और कोरोना का संक्रमण फैला रहे हैं इसलिए अब प्रदेश सरकार कानून बनाकर लोगों को मास्क की आदत डालने की तैयारी में दिख रही है सरकार का मानना है कि अब इस मामले में ज्यादा लापरवाही नहीं की जा सकती और कानून का भय दिखाकर ही लोगों में मास्क लगाने की आदत डाली जा सकती है इसलिए प्रदेश सरकार मास्क की अनिवार्यता संबंधी बिल लाने की तैयारी में जुट गई है और इस संबंध में जो बिल बनाया जा रहा है उसमें अगर कोई व्यक्ति बिना बिना मास्क के घूमता हुआ नजर आ गया तो उसके खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान भी रखा जा रहा है जानकारों का कहना है कि प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बरकरार है राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में रोजाना कोरोना के मरीज मिल रहे हैं जिसके पीछे कारण यही है कि लोग अब भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे और बिना मास्क के घूम रहे हैं तथा सोशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं कर रहे हैं इसलिए कोरोना का संक्रमण फैलता ही जा रहा है यही वजह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लोगों में मास्क लगाने की आदत डालने के लिए अब कानून लेकर आ रहे हैं ताकि कानून के भय से लोग मुंह पर मास्क लगा सके जिससे उनकी और उनके परिजनों की जान तो बचेगी ही साथ में कोरोना का संक्रमण रोकने में भी कामयाबी मिलेगी।

कारोबारी से 10 लाख की रिश्वत लेते पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार, थाना प्रभारी फरार एनडीपीएस के एक मुकदमे में राहत देने के लिए मांगी गई थी रिश्वत, 16 लाख पहले ले चुके थे रिश्वत लेकर आए परिवादी को लेने खुद जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा था पुलिस कांस्टेबल

जयपुर टाइम्स
जयपुर (का.सं.)। जयपुर के एक होटल में 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते कांस्टेबल को एंट्री करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया कांस्टेबल श्रीगंगानगर के जवाहर नगर थाने में तैनात है। रिश्वत की यह रकम एनडीपीएस एक्ट के एक मुकदमे में यूपी के एक दवा कारोबारी के भतीजे को आरोपी नहीं बनाने के एवज में मांगी गई थी। इससे पहले कांस्टेबल कारोबारी से 16 लाख रुपए की रिश्वत ले चुका था। रिश्वत के इस खेल में जवाहर नगर थाना प्रभारी राजेश कुमार सियाग भी शामिल था। वह झुंझुनूं का रहने वाला है। एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई की भनक लगने पर वह फरार हो गया। यह कार्रवाई एसीबी जोधपुर टीम के प्रभारी एडिशनल एसपी नरेंद्र सिंह चौधरी व पुलिस इंस्पेक्टर मनीष वैष्णव की अगुवाई में टीम ने की। एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में टोंक रोड पर स्थित होटल रेडिसन ब्लू में रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ कांस्टेबल नरेशचंद मीणा है। वह करौली जिले के नादौती तहसील में गांव मिलक सराय का रहने वाला है। फिलहाल श्रीगंगानगर जिले के जवाहर नगर थाने में तैनात है। 
कानपुर के दवा व्यापारी को मुकदमे में गिरफ्तारी का डर दिखाकर मांगी रिश्वत
आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि उत्तरप्रदेश में कानपुर के गोविंद नगर में रहने वाले कारोबारी हरदीप सिंह ने 26 अक्टूबर को एसीबी जोधपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उसकी और उनके भतीजे पवन कुमार अरोड़ा की कानपुर में श्री गुरु तेगबहादुर फार्मा के नाम से दुकान है। श्रीगंगानगर जिले के सदर थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मुकदमे की जांच जवाहर नगर थानाप्रभारी राजेश कुमार सियाग के पास थी। इसमें नशीली गोलियां पकड़ी गई थी। हरदीप सिंह का कहना था कि नशीली गोलियों के कारोबार में उनकी फर्म की कोई भूमिका सामने नहीं आने के बावजूद थानाप्रभारी सियाग ने उनके भतीजे पवन कुमार अरोड़ा को नोटिस दे दिया। 18 सितंबर को कांस्टेबल नरेशचंद मीणा व एएसआई सोहनलाल कानपुर में उनकी दुकान पर पहुंचे। वे दोनों पवन कुमार को दवाइयों के संबंध में पूछताछ के लिए एक होटल में ले गए। वहां पवन कुमार अरोड़ा को मुकदमे में गिरफ्तारी का डर दिखाया। उसे श्रीगंगानगर ले जाने की बात कहते हुए 15 लाख रुपए वसूल कर लिए।
फ्लाइट टिकट बुक करवाकर कानपुर से दिल्ली रिश्वत लेने गया कांस्टेबल
आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि 22 अक्टूबर को कांस्टेबल नरेशचंद मीणा वापस यूपी पहुंच गया। वहां व्हाट्सएप कॉल से पवन अरोड़ा से बातचीत की। उससे 25 लाख रुपयों की मांग की। तब पवन ने खुद के दिल्ली में होने की बात कही। ऐसे में कांस्टेबल ने पवन को धमकाकर उसका दिल्ली का फ्लाइट टिकट बुक करवाने का दबाव डाला। तब पवन ने कांस्टेबल नरेशचंद के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करवाया। नरेशचंद रिश्वत की रकम लेने फ्लाइट से दिल्ली पहुंच गया। पवन अरोड़ा ने बताया कि वह कोरोना संक्रमित है। अभी रिश्वत की रकम नहीं दे सकेगा। तब कांस्टेबल ने पवन अरोड़ा से 10 लाख रुपए में सौदा तय किया।
रिश्वत लेकर आए हरदीप को खुद एयरपोर्ट लेने पहुंचा कांस्टेबल
एसीबी जोधपुर के प्रभारी एएसपी नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि कांस्टेबल नरेशचंद मीणा ने पवन के चाचा हरदीप सिंह से बातचीत कर 26 अक्टूबर को रिश्वत की रकम लेकर जयपुर बुलाया। कल यानी 25 अक्टूबर को हरदीप सिंह जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे। कांस्टेबल नरेशचंद खुद एक पिकअप लेकर रिश्वत लेकर आए हरदीप सिंह को लेने जयपुर एयरपोर्ट पहुंच गया। इसके बाद वे दोनों होटल रेडिसन ब्लू पहुंचे। वहां कांस्टेबल नरेशचंद को हरदीप सिंह ने 10 लाख रुपयों की रिश्वत सौंपी। तभी इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने कांस्टेबल नरेशचंद को धरदबोचा।

 उसकी व्हाट्सएप चैट्स व अन्य तथ्यों के आधार पर एसीबी ने पुलिस इंस्पेक्टर राजेश सियाग को भी आरोपी माना है। लेकिन वह फरार हो गया।

भाजपा के अपने दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में आज से कांग्रेस का प्रचार करेंगे सचिन पायलट

जयपुर टाइम्स
जयपुर (का.सं.)। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में आज से प्रचार प्रसार कर रहे हैं, अहम बात यह है कि कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों ने सचिन पायलट को कांग्रेस के पूर्व नेता जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हैं और ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखते हैं जी हांज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर क्षेत्र की विधानसभा क्षेत्रों में ही कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों ने सचिन पायलट को कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार करने की जिम्मेवारी सौंपी है, इसलिए सचिन पायलट अब अपने जिगरी दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में ही उनकी पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच गहरी मित्रता है इन दोनों नेताओं ने कई सालों तक कांग्रेस पार्टी में साथ सथ काम किया है इसके अलावा मनमोहन सिंह की सरकार में यह दोनों युवा नेता मंत्री पदों पर विराजमान रहे राजनीतिक संबंधों के अलावा इन दोनों नेताओं में व्यक्तिगत और पारिवारिक भी गहरे संबंध रहे हैं और यह संबंध अब भी बरकरार हैं भले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ दिया हो लेकिन पायलट के साथ उनकी मित्रता अब भी बरकरार है इसलिए अब जिस तरह से कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों ने पायलट को ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में ही चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है यह काफी दिलचस्प और चौंकाने वाला निर्णय दिख रहा है अब यह तो चुनाव नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा कि सचिन पायलट ने जिन जिन क्षेत्रों में प्रचार किया वहां उन्हें कितनी कामयाबी मिली लेकिन फिलहाल पायलट को ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में ही कांग्रेस पार्टी का चुनाव प्रचार करने का जिम्मा मिला है जानकारी के अनुसार आज से सचिन पायलट मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं और वे ग्वालियर क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेसका प्रचार करेंगे तथा 28 अक्टूबर को ग्वालियर में ही संवाददाता सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे।

60 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 1126 फेरे लेंगी, लेकिन आधी से ज्यादा ट्रेनों में सीट खाली नहीं; जयपुर से पटना, रायपुर के लिए ट्रेन नहीं

रेलवे इन ट्रेनों में ले रहा स्लीपर में 175 से लेकर एसी क्लास में 400 रुपए तक अधिक किराया
जयपुर टाइम्स 
जयपुर (का.सं.)। रेलवे त्यौहारों पर लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए त्यौहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। हालांकि राहत से ज्यादा ये ट्रेनें लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार डाल रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन ट्रेनों में रेलवे स्लीपर क्लास में 175 से लेकर एसी क्लास में 400 रुपए अधिक किराया वसूल रहा है। उधर, रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों के बावजूद लोगों को ट्रेनों में कन्फर्म सीट नहीं मिल पा रहीं। हालांकि जिन रूट पर दो से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं, उनमें स्थिति ठीक है।
60 स्पेशल ट्रेन लगाएंगी 1126 फेरे
रेलवे बोर्ड ने उत्तर पश्चिम रेलवे की पूर्व में संचालित हो रहीं 30 जोड़ी रेगुलर ट्रेनों को स्पेशल किराए से संचालित किया है। ये ट्रेनें राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से होकर निकलेंगी। ये ट्रेनें जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, कोटा, अलवर, सीकर आदि से देशभर के अलग-अलग शहरों को जोड़ेंगी। ये 60 ट्रेनें कुल 1126 फेरे करेंगी। इन ट्रेनों में न्यूनतम 10 से लेकर अधिकतम 30 फीसदी अधिक किराया वसूला जा रहा है।
पटना, गुवाहाटी, चेन्नई के लिए ट्रेनें नहीं
रेलवे ने अभी तक जयपुर से पटना, गुवाहाटी, रायपुर, चेन्नई, रायपुर के लिए कोई ट्रेन नहीं चलाई है। एक ट्रेन जयपुर होते हुए राजेन्द्र नगर पटना के लिए शुरू हुई है लेकिन इस ट्रेन का समय मध्य रात्रि होने के कारण यह लोगों को पसंद नहीं आ रही। जबकि इन रूट्स पर अगर ट्रेनों का संचालन किया जाता है, तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी। वहीं मुंबई, इलाहाबाद रूट पर ट्रेनें अधिक होने के कारण इन रूट की ट्रेनों में सीट के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है।
5 को बंद हो जाएगी क्लोन ट्रेन
रेलवे द्वारा दिल्ली-अहमदाबाद वाया जयपुर के लिए चलाई गई क्लोन ट्रेन का 4 को अहमदाबाद से और 5 नवंबर को दिल्ली से आखिरी फेरा है। इसके बाद इस ट्रेन में टिकट देना बंद कर दिया गया है। हालांकि रेलवे इसके संचालन को विस्तार भी दे सकता है। गौरतलब है कि इस ट्रेनों को चलाने का मुख्य उद्देश्य आश्रम सुपरफास्ट स्पेशल में चल रही लंबी वेटिंग से यात्रियों को निजाद दिलाकर, उन्हें कंफर्म सीट उपलब्ध कराना था।