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प्रदेश में 169 ग्रामीण जल वितरण योजनाओं के तहत 392 करोड़ 32 लाख की स्वीकृति जारी

मंजूरी में 150 सिंगल विलेज एवं 19 मल्टी विलेज स्कीम हैं शामिल
एक लाख 22 हजार 913 घरों तक पहुंचेगा नल से जल
जयपुर टाइम्स
जयपुर(कासं.)। जलदाय विभाग द्वारा प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 169 ग्रामीण जल वितरण योजनाओं के तहत 392 करो? 32 लाख 50 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। जलदाय मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने इसकी मंजूरी प्रदान की है। इससे प्रदेश के 19 जिलों में 47 विधानसभा क्षेत्रों की 193 गांव एवं आबादियों में घरों में नल से जल आपूर्ति के लिए एक लाख 22 हजार 913 कनैक्षन जारी किए जाएंगे। जलदाय मंत्री डॉ. कल्ला ने बताया कि इसके तहत 150 सिंगल विलेज तथा 19 मल्टी विलेज स्कीम्स स्वीकृत की गई है। सिंगल विलेज स्कीम्स के 150 गांव एवं आबादियों के अलावा मल्टी विलेज योजनाओं में 43 गांव एवं आबादियां शामिल की गई है। इस सम्बंध में सभी सम्बंधित क्षेत्रों के अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं (एसीई) को तकनीकी स्वीकृति, निविदा और कार्यादेष शीघ्रता से जारी करने के निर्देश दिए गए है ताकि निर्धारित समय में लक्ष्य के अनुरूप हर घर तक नल से जल पहुंचाया जा सके। जलदाय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक समितियों के गठन के सम्बंध में आदेश प्रसारित कर दिए गए हैं। राज्य के 19 जिलों में 47 विधानसभा क्षेत्रों के 193 गांव एवं आबादियों के लिए 392 करो? 32 लाख 50 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां केन्द्र एवं राज्य सरकार के 50-50 प्रतिशत शेयर के आधार पर जारी की गई है। डॉ. कल्ला ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक  प्रदेश के प्रत्येक घर में नल से जल पहुंचाने के लिए एक अनुमान के अनुसार राज्य को एक लाख पचास हजार करोड़ की राशि की आवश्यकता है, इसमें से 50 प्रतिशत राशि के हिसाब से राज्य का शेयर 75 हजार करोड़ रुपये होता है, जिसे राज्य की विषम भौगोलिक एवं आर्थिक स्थितियों के मद्देनजर वहन किया जाना सम्भव नहीं है। इसी कारण राज्य सरकार के स्तर से केन्द्र सरकार एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के समक्ष यह मुद्दा बार-बार उठाया गया है कि वर्ष 2013 से पहले जिस प्रकार राजस्थान को पेयजल परियोजनाओं के लिए 90 प्रतिशत ग्रांट मिलती थी, उसे फिर से बहाल किया जाए ताकि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।


     उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्तमान में केन्द्र शासित प्रदेशों एवं पहा?ी क्षेत्रों के लिए पेयजल परियोजनाओं में 90 प्रतिशत की राशि दी जा रही है। प्रदेश के रेगिस्तानी इलाकों में गांवों के बीच बहुत दूरी है, यहां सतही जल की मात्रा पूरे देश का मात्र एक प्रतिशत है, ऐसे में केन्द्र सरकार को राजस्थान में पेयजल परियोजनओं के लिए 90 प्रतिशत ग्रांट पहले की तरह से बहाल करने पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। 

डॉ. कल्ला ने बताया कि इस सम्बंध में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है। उन्होंने स्वयं (जलदाय मंत्री) ने भी कई बार केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है तथा राज्य के सभी सांसदों को पत्र लिखकर इस बारे में राज्य के हितों की पैरवी करते हुए केन्द्र सरकार से राज्य की जनता के हित में फैसला कराने में सहयोग का आग्रह किया है। बावजूद इसके इस बहुप्रतीक्षित मांग की ओर केन्द्र सरकार द्वारा अब तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

जलदाय विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत 169 गांव एवं आबादियों में ग्रामीण जल वितरण योजनाओं की मंजूरी के सम्बंध में प्रसारित आदेश के अनुसार भीलवा?ा जिले की मांडल विधानसभा के गांव गुवारडी के लिए 123.46 लाख, नागौर विधानसभा के तहत गांव तकला में 740.67 लाख, नावा विधानसभा के चिटावा में 217.07 लाख, घटावा में 167.15 लाख, जिलिया में 139.16 लाख, कूकावाली में 187.11 लाख, लालास में 117.96 लाख, पंचावा में 125.7 लाख व पदमपुरा में 92.91 लाख, टोंक जिले की निवाई विधानसभा के तहत रानोली गांव में 211.12 लाख, अलवर के तिजारा विधानसभा क्षेत्र के तहत जैलपुर गांव में 45.82 लाख, जोडिया में 60.14 लाख, खोहरी खुर्द में 54.52 लाख, चोपानकी में 59.47 लाख, बंडारपुर में 62.15 लाख, बनबीरपुर में 47.6 लाख, मायापुर में 58.26 लाख, कलाका में 41.85 लाख, पाटन कलां में 46.18 लाख, डांगनहेडी में 30.68 लाख, बारहेडा में 27.9 लाख, बुबकाहेडा में 27.68 लाख, धोलीपहा?ी में 30.26 लाख, नोगांवा में 27.49 लाख, बिनोलिया में 42.77 लाख, नबीनगर में 30.82 लाख, बाय में 40.95 लाख व सलाहे?ा में 25.86 लाख की स्कीमों को स्वीकृति प्रदान की गई है।  

भरतपुर जिलें में डीग-कुम्हेर विधानसभा के तहत सोगर में 216.42 लाख, अजान में 326.41 लाख, अवार में 241.92 लाख, तालफरा में 215.69 लाख व हेलक में 235 लाख, भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत बचामंडी में 201.62 लाख, पीपला में 236.26 लाख व इकरान में 262.5 लाख, वैर विधानसभा में झालाटला में 137.63 लाख, मालोनी में 138.53 लाख, मोखरोली में 141.68 लाख, अलीपुर में 268.75 लाख व कलासरा में 293.81 लाख, नदबई विधानसभा के खांगरी में 258.37 लाख, रेसिस में 286.98 लाख व पीपरोव में 292.75 लाख, करौली जिले की टोडाभीम विधानसभा के गांव खे?ी में 345.11 लाख, धौलपुर की बसे?ी विधानसभा में गांव खिडोरा-सांगौर में 412.64 लाख, बोरेली में 457.5 लाख, खानपुरा मीना में 462.81 लाख, धौर में 503.65 लाख व बागथार में 523.86 लाख, बा?ी विधानसभा क्षेत्र के बिजौली में 521.74 लाख, सवाई माधोपुर जिले में गंगापुर सिटी विधानसभा ंक्षेत्र के मोहचा का पुरा में 150.92 लाख, तलवा?ा में 499.2 लाख, बारोली में 383.95 लाख, मीना ब?ौदा में 551.12 लाख व खानपुर ब?ौदा में 666.07 लाख, बामनवास विधानसभा के अमावा?ा गांव में 484.68 लाख, रिवाली में 224.81 लाख व भांवरा में 349.3 लाख, सवाईमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र में करमोडा में 392.31 लाख व छकेरी में 372.41 लाख, खंडार विधानसभा में भूरी पहा?ी में 394.45 लाख व पचीपायला में 386.39 लाख तथा दौसा जिले में दौसा विधानसभा क्षेत्र के तहत नांगल राजावतान में 164.01 लाख, छारेडा, बागपुरा व खातीवाली ढाणी के लिए 379.39 लाख, थूमाडी में 176.21 लाख, हापावास में 191.67 लाख, कालीखार में 170.48 लाख व सैंथल में 259.32 लाख, लालसोट विधानसभा में झापडा में 280.33 लाख, राजपुरा-महाराजपुरा में 218.47 लाख, बडेखान में 146.08 लाख, श्योनंदा में 104.74 लाख, बिलोना कलां में 437.31 लाख व कुशालपुर-नापा का बास में 196.95 लाख, बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र के तहत राजूबास-खुंडजाटोली में 150.62 लाख तथा महुआ विधानसभा क्षेत्र के तहत बेजूपा?ा, कोथिन एवं कंचनपुर के लिए 309.17 लाख की लाख की योजना को मंजूरी दी गई है। 

इसी प्रकार सीकर जिले में श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र में बग?ियाबास में 130.79 लाख, हंसपुर में 255.63 लाख, होद में 160.7 लाख, दूलीपुरा में 290.15 लाख, मोकलवास में 173.8 लाख, जैतुसर गुढा में 300.93 लाख, लामपुवा संतोषपुरा में 245.22 लाख, ब?ी ढाणी में 255.27 लाख व सिमराला जागीर में 225.46 लाख, नीम का थाना विधानसभा में देहरा जोहरी में 198.49 लाख, खंडेला विधानसभा के तहत रामपुरा खंडेला में 449.53 लाख, जुगलपुरा में 374.64 लाख, झीरांदा में 173.09 लाख व घासीपुरा में 333.27 लाख, जयपुर जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के तहत जगतपुरा, माजीपुरा एवं श्योसिंहपुरा में 350.68 लाख, सुराना कुम्भावास में 310.43 लाख व कांट में 309.44 लाख, विराटनगर विधानसभा के तहत नाथावाला में 401.66 लाख, गोविंदपुरा, धाबाई व जवानपुरा में 364.04 लाख, छांपला कला व खुर्द में 401.66 लाख, रामपुरा में 350.4 लाख, अमोलदा बरवाडा में 426.25 लाख, भगवतपुरा में 51.45 लाख, पपदा में 92.47 लाख, कुहाडा में 55.13 लाख, खेडली में 98.55 लाख व श्यामपुरा में 115.15 लाख, कोटपूतली विधानसभा क्षेत्र में द्वारिकापुरा में 155.33 लाख, गोवर्धनपुरा में 375.45 लाख, तापडी में 107.43 लाख व मोलाहे?ा शेखपुर में 185.6 लाख, झोंटवा?ा विधानसभा क्षेत्र के तहत निमे?ा में 107.64 लाख व बाम्बूरी में 116.43 लाख, आमेर विधानसभा के तहत लाखेर में 159.9 लाख, लबाना में 148.85 लाख, गठवा?ा में 106.75 लाख, ढंड में 149.48 लाख, खोरा मीना में 157.49 लाख, बिलौंची में 291.36 लाख, चोंप में 477.49 लाख व बिहारीपुरा में 56.23 लाख, जमवारामग? विधानसभा के तहत बुबा?ी में 158.79 लाख, बिरासना में 149.08 लाख, नेवर में 121.09 लाख व साईपुरा में 163.92 लाख, चौमू विधानसभा के तहत मंडा भिंडा में 88.58 लाख, रेनवाल मांजी में 498.07 लाख, निमेडा में 287.12 लाख, लसाडिया में 203 लाख, गुडिया में 178.86 लाख तथा समतीपुरा में 103.69 लाख रुपये की योजनाओं की स्वीकृति जारी की गई है। 

इसके अतिरिक्त जालोर जिले की आहोर विधानसभा के तहत आइपुरा में 83.76 लाख, आहोर में 325.01 लाख, जोधा बिथूडा में 207.38 लाख, रासियाबास, पलासिया एवं पलासिया खुर्द में 155.07 लाख, मोरू एवं मानपुरा में 132.68 लाख व हरजी कुआडा में 198.45 लाख, जालोर विधानसभा के तहत महेशपुरा में 35.27 लाख, जालोर ग्रामीण में 118.61 लाख, तिलोरा हरमू में 177.41 लाख, चोराउ में 178.83 लाख, खराल में 137.25 लाख, उम्मेदाबाद में 243.7 लाख व इलाना में 184.22 लाख, झालावा? जिले के खानुपर विधानसभा क्षेत्र में हरिग?-खे?ा में 235.89 लाख, अकलेरा विधानसभा क्षेत्र के लाहास में 160.78 लाख, कोटा जिले के सांगोद विधानसभा क्षेत्र के दीगोद में 283.41 लाख, दारा में 648.07 लाख, कनवास में 477.17 लाख, झाड अमाली-पीसाहे?ा में 318.38 लाख, पीपलदा विधानसभा क्षेत्र के बुढादीत-ददियाहे?ी-पाली में 481.85 लाख व तालव में 494.22 लाख तथा लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के तहत भीमपुरा में 466.39 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। वही चितौ?ग? जिले में ब?ी साद?ी विधानसभा के खोडिप में 310.97 लाख, डूंगरपुर जिले में डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र में ओडा ब?ा में 485.4 लाख, शिसोडी में 488.21 लाख व चौरासी विधानसभा के तहत विकास नगर में 485.13 लाख, राजसमंद जिले के नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के सेवा में 337.33 लाख व मचींद में 383.26 लाख, कुंभलग? विधानसभा के उदावर-वरदारा में 161.99 लाख, राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के गंगास में 145.07 लाख, पियावा?ी में 250.6 लाख व पिपलांत्री में 471.88 लाख की ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं की जल जीवन मिशन के तहत प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई है। 
 

युवक की चाकू घोंप कर हत्या से गांव में सांप्रदायिक तनाव

ब?ी संख्या में पुलिस बल तैनात
तालाब पर गए मुकेश की दूसरे समाज के लोगों ने चाकू घोंपकर हत्या की
साथ युवक भी चाकूबाजी में हुआ गंभीर घायल
जयपुर टाइम्स
उदयपुर(निसं.)। उदयपुर जिले में नठारा के खेड़ाफला गांव में बीती रात एक युवक की हत्या के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव हो गया है। तनाव को देखते हुए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस व प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार नठारा के खेड़ाफला गांव के दो युवक मुकेश और राजू बीती देर शाम को गांव के केजड़ तालाब पर गए थे। वहां दूसरे समाज के छह लोग आए तथा उनका मनोज और राजू से झगड़ा हुआ। इस पर उन्होंने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया जिसमें मुकेश की मौत हो गई तथा राजू घायल हो गया।
सुबह इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया। ग्रामीणों ने ढोल बजाकर सबसे एकत्र करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी लगते ही पुलिस तथा प्रशासन हरकत में आ गया। गांव में 10 थानों की पुलिस तैनात है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि मनोज की हत्या रंजिश में हुई है तथा वे रात को तालाब पर क्यों गए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

75 दिन बाद खुले राज्य के 16 स्मारक और 22 म्यूजियम, जयपुर में आमेर और हवामहल पहुंचे कुछ टूरिस्ट

हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर सभी जगह स्मारक और संग्रहालय खोले गए
हालांकि, अभी प्रदेश में दुर्ग और किले को नहीं खोला गया, इस पर फैसला बाद में होगा
जयपुर। राजस्थान में 75 दिन बाद मंगलवार से प्रदेश में राजकीय स्मारक और संग्रहालय को खोल दिया गया। राजस्थान पुरातत्व एंव संग्रहालय विभाग ने ये निर्णय लिया है। ये संग्रहालय कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते 18 मार्च को बंद किए गए थे। मंगलवार को जयपुर में आमेर, हवामहल और जंतर-मंतर पर पर्यटक भी पहुंचे। जिनकी संख्या 4-5 से अधिक नहीं थी। वहीं, फिलहाल राज्य में कुछ किलों को नहीं खोला जाएगा। इन्हें खोलने का निर्णय बाद में लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर सभी जगह स्मारक और संग्रहालय खोले गए हैं। इनमें पूरे राजस्थान में कुल 22 संग्रहालय खोले गए। वहीं 16 स्मारकों पर भी पर्यटकों को एंट्री दी जा रही है। जिसमें जयपुर में आमेर महल, अल्बर्ट हॉल, चित्तौडग़ढ़ का फतेह प्रकाश म्यूजियम आदि शामिल हैं। भरतपुर का किशोरी महल, जयपुर में जंतर मंतर, नाहरगढ़ का महल, हवामहल, आमेर महल, इसारलात, सिसोदिया रानी का बाग, विद्याधर का बाग, जैसलमेर में पटवा हवैली, जालौर फोर्ट, झालावाड़ का गागरोन फोर्ट, जोधपुर का जनाना महल, उदयपुर का अंबिका टैंपल, अलवर में मूसी महारानी की छतरी, बारां का भान देवरा, बाड़मेर में किराडू का मंदिर।
ये 22 संग्रहालय खोले गए: जयपुर में अलबर्ट हॉल म्यूजियम और विरासत का संग्रहालय, उदयपुर का अहार म्यूजियम, अजमेर का संग्रहालय, अलवर संग्रहालय, भरतपुर संग्रहालय, बीकानेर संग्रहालय, बूंदी संग्रहालय, आबू रोड के पास स्थित चंद्रावति संग्रहालय, चित्तौडग़ढ़ संग्रहालय, डूंगरपुर संग्रहालय, जैसलमेर संग्रहालय, झालावाड़ा संग्रहालय, जोधपुर संग्रहालय, जोधपुर स्थित मंडोर संग्रहालय, कोटा संग्रहालय, माउंट आबू और सिरोही संग्रहालय, पाली संग्रहालय, शाहपुरा संग्रहालय, सीकर संग्रहालय, उदयपुर संग्रहालय, विराट नगर संग्रहालय। 

हवामहल में एंट्री से पहले पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
ऐसी रहेगी तीन सप्ताह की तैयारी

पुरातत्व विभाग के डायरेक्टर प्रकाशचंद्र शर्मा के मुताबिक- शुरू होने वाले पहले सप्ताह में चार दिन (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार व रविवार) को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक स्मारक और संग्रहालय खोले जा रहे हैं।
दूसरे सप्ताह में चार दिन (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार व रविवार) को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक ये संग्रहालय पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे।
शुरू के दो सप्ताह प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। इसके बाद तीसरे सप्ताह से प्रवेश शुल्क में 50 प्रतिशत छूट के साथ पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा।
क्या दिए गए दिशा-निर्देश

ऑनलाइन टिकट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्मारकों और संग्रहालयों को खोलने से पहले साफ-सफाई की जाएगी। दिन और शाम में भी आवश्यक साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है।
लोगों को टूरिस्ट प्लेस में एंट्री से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही हाथों को सैनिटाइज करवाया जाएगा। बिना मास्क के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा।
पर्यटन स्थलों पर एक समय में केवल 5-6 टूरिस्ट को प्रवेश करवाया जाएगा। लगभग पांच मिनट के अंतराल के बाद दूसरे समूह को प्रवेश दिया जाएगा। 
सुरक्षा गार्ड और ड्यूटी स्टाफ ये सुनिश्चित करेंगे कि पर्यटकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। पर्यटक किसी भी स्मारक या दीवारों को न छुएं।

आमेर महल में एंट्री से पहले हाथ सैनिटाइज करवाए गए।
चित्तौडग़ढ़ और आमेर में लाइट एंड साउंड अभी नहीं
चितौडग़ढ़ के कुंभामहल में लाइट एंड साउंड शो भी अभी शुरू नहीं हो पाएगा। क्योंकि अभी शाम सात से सुबह सात बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी है। राज्य सरकार की तरफ से अभी होटल संचालन की भी गाइडलाइन नहीं आई है। आमेर महल में चलने वाली हाथी सवारी और रात्री कालीन पर्यटन, लाइट एंड साउंड शो फिलहाल बंद रहेगा। इसके लिए अलग से आदेश जारी होंगे।


आम दिनों में चहल-पहल से भरे रहने वाले हवामहल में सन्नाटा रहा।

म्यूजियम भले दो जून से खुल गए पर फिलहाल पर्यटकों की आवक नाम मात्र रहनी है। इसकी खास वजह पुरातत्व विभाग द्वारा अभी किलों को पर्यटकों के लिए न खोलना। जब तक सभी स्मारक नहीं खुलेंगे। पर्यटकों का आकर्षित करना मुश्किल है। विदेशी पर्यटकों पर भी प्रतिबंध है। वहीं, देश में कोरोना का असर भी जारी है।

मुख्यमंत्री को 71 लाख रूपये का चैक भेंट

जयपुर टाइम्स
जयपुर (का.सं.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को रत्न एवं आभूषण निर्यात सेक्टर के उद्यमियों ने सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर में मरीजों की सहायतार्थ मशीनें खरीदने के लिए 71 लाख रूपए की राशि का चैक भेंट किया है।
गहलोत को जेम एण्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कांउसिल (जीजेईपीसी) के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री निवास पर मंगलवार को मुलाकात कर सीएसआर के तहत सहयोग राशि के रूप में राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी, जयपुर के लिए जारी चैक दिया। 
इस राशि का उपयोग एसएमएस अस्पताल में दो मोबाइल एक्सरे मशीनें और दो हीमो डायलिसिस मशीनें खरीदने के लिए किया जा सकेगा। इन मशीनों का उपयोग कोविड-19 महामारी के मरीजों के साथ-साथ अन्य मरीजों के इलाज के लिए किया जाएगा।
 इस अवसर पर जीजेईपीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल, राजस्थान अध्यक्ष निर्मल कुमार बरडिय़ा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

डॉक्टर जोईनिंग को लेकर सरकार से मांग कि स्पर्धा चौधरी ने

जयपुर टाइम्स
जयपुर (का.सं.)। कोरोना व लोकडाउन के चलते डॉक्टर अपनी सेवा देने के लिए मजबूर है लेकिन सोशल मिडिया से अपनी माँग पहुँचाने का प्रयास कर रहे क्षेत्र के नए चिकित्सकों ने प्रदेश के चिकित्सालयों में चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पद की माँग को लेकर 27 से ज़्यादा विधायकों व सांसदों ने मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री को पत्र भेजकर अवगत गया कि प्रदेश में चिकित्सा अधिकारियों के कुल 6244 पद स्वीकृत हैं तथा 1933 पद रिक्त चल रहे है लोकडाउन के अंदर विधायक से वोईसं मीटिंग के अंदर भी विधायक ने डोक्टर जोईनिंग देने की बात की जहां मुख्यमंत्री जी जल्दी जोईनिंग देने कि बात व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने 50 दिन में जोईनिंग देने का आश्वासन दिया लेकिन अभी तक न्योक्ति  नही मिलने के कारण से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कि महिला मोर्चा प्रदेशाधयक्ष स्पर्धा चौधरी  नेतृत्व में डॉक्टरों ने ट्वीट पर   प्त 2000 डॉक्टर  जोईनिंग  राज्य     सी. एम.ओ ट्रेंड करवाया जो नेशनल ट्रेड में तीन नंबर पर ट्रेड किया स्पर्धा चौधरी ने सरकार पर आरोप लगाया जब डॉक्टर जोईनिंग करना चाहते व सरकार को डॉक्टर की ज़रूरत है सरकार डॉक्टर को जोईनिंग क्यों नहीं देना चाहतीं

वार्ड 36 में गिनाणी की समस्या को लेकर पालिका के आगे किया प्रदर्शन

जयपुर टाइम्स
सरदारशहर (नि.सं.)। कस्बे के वार्ड 36 के लोगों द्वारा वार्ड में बनी गिनाणी की समस्या को लेकर नगरपालिका के आगे जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया । चीतासेना के बैनर तले लोगों ने प्रदर्शन कर वार्ड में बनी गिनाणी को हटाने की मांग की और पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि वार्ड में बनी गिनाणी से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। उक्त गेनानी से बदबू और मच्छरों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जिसके लिए नगरपालिका को कई बार शिकायत करने के बाद भी नगर पालिका द्वारा इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया।आज वार्ड के पुरुषों एवं महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और नगरपालिका चेयरमैन को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई है। यदि 2 दिनों में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वार्ड के लोगों द्वारा नगरपालिका के आगे धरना देकर प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में ओंकार बाली, लीलाराम, भगवानाराम, चुन्नीलाल, बनवारी लाल, इंदिरा, चुकादेवी, रत्नीदेवी, ग्यारसी, द्रोपती, शांतिदेवी, विमला सहित वार्ड के अनेक लोग थे।

राज्य सरकार अलवर की पानी की समस्या के निराकरण को लेकर कोई प्रयास नहीं कर रही है-सांसद महंत योगी

जयपुर टाइम्स
अलवर(निसं.)। केंद्र सरकार पर पानी की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष के द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए सांसद महंत बालक नाथ योगी ने कहा कि उन्होंने कोरोना महामारी के इस दौर में बेतुके बयान देकर स्वयं को हाईलाइट करने में लगे हैं जबकि सच्चाई एवं संवैधानिक प्रक्रिया को जान कर भी अंजान की भांति चंबल के पानी को लेकर के बयान दे रहे हैं। वास्तविकता यह है भारत में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किसी भी राज्य में प्रस्ताव लेने का अधिकार राज्य सरकार को होता है और राज्य सरकार को ही उस योजना का बजट बनाना होता है। योजना में कहीं बजट का अभाव हो तो केंद्र सरकार को  उस प्रस्ताव को आगे भेजना होता है। 
सांसन दे कहा कि वे अवगत कराना चाहेंगे कि राज्य सरकार अलवर जिले की पानी की समस्या के निवारण को लेकर कोई प्रयास नहीं कर रही है। राज्य सरकार को अलवर में पानी की समस्या का स्थाई निवारण के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए न तो कोई योजना बनाई ना ही कोई ठोस प्रस्ताव अब तक लिया है फिर राज्य सरकार व कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष बेतुके बयान देकर के आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या वास्तव में बिना राज्य सरकार के प्रस्ताव के चंबल का पानी अलवर लाया जा सकता है। चंबल के पानी विषय को लेकर में मु य जल संसाधन सचिव से मिला और इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए चर्चा की। उन्होंने मुझे बताया कि पानी पर  संबंधित राज्य का अधिकार रहता है। इस विषय पर राज्य सरकार की ओर से पानी लाने के बारे में मध्य प्रदेश सरकार या अन्य किसी राज्य की सरकार से प्रस्ताव लेकर के प्रयास किए जाने चाहिए जबकि कांग्रेस सरकार द्वारा कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा हैं। 
सांसद महंत योगी ने कहा कि राज्य सरकार सर्वे कराकर योजना का प्रस्ताव बनाएं और हम भारतीय जनता पार्टी की ओर से चंबल पानी लाने की योजना को केंद्र से मदद करवाने का हर संभव प्रयास करेंगे, क्योंकि यह विषय अलवर की समग्र जनता का है। उन्होंने कहा कि अभी एक वर्ष पूर्व गहलोत सरकार ने 4000 करोड़ के बजट की घोषणा अलवर में पानी  की समस्या पानी की समस्या के लिए की थी लेकिन कहां गया वह बजट। सांसद ने बताया कि यह सब एक खाली घोषणा ही थी। अत: कांग्रेस सरकार व उसके प्रतिनिधियों को कहना चाहूंगा सकारात्मक सोच के साथ राज्य सरकार प्रस्ताव ले ताकि आमजन अलवर की जनता के जल के निवारण का स्थाई समाधान हो सके। 
सांसद महंत बालकनाथ योगी ने राज्य सरकार से ईस्टर्न कैनाल के बारे में पूछते हुए कहा कि पूर्व सीएम की ईस्टर्न कैनाल परियोजना को भी गहलोत सरकार ने ठंडे बस्ते में क्यों डाला? वहीं सांसद ने कहा कि राजस्थान की पूर्व मु यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने ईस्टर्न कैनाल परियोजना जो कि 13 जिलों की पानी की समस्या दूर करती, उस परियोजना को भी गहलोत सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया और उस परियोजना पर निवर्तमान कमलनाथ सरकार ने एनओसी नहीं दी थी। इसके उपरांत सांसद ने कहा कि जेल की जमीन पर प्रस्तावित मैडिकल कॉलेज क्यो चालू नहीं कर रही। राज्य सरकार अलवर की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र जेल की जमीन पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करें ताकि आमजन लाभान्वित हो सके।

गर्मी में आमजन को शीतल जल उपलब्ध कराना बड़ा पुण्य का कार्य है-विधायक शर्मा

शिवाजीपार्क  टैम्पो स्टैण्ड पर लगाया वाटर कूलर 
जयपुर टाइम्स
अलवर(निसं.)। शिवाजी पार्क टे पो स्टैंड पर प्रदीप मेडिकल के मालिक जयप्रकाश गोयल ने अपने पिता बनवारी लाल गोयल की स्मृति में सोमवार को एक वाटर कूलर आमजन को शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए समर्पित किया। जिसका लोकार्पण शहर विधायक संजय शर्मा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वाटर कूलर आमजन के लिए गर्मी में उपलब्ध कराना एक बड़ा पुण्य व सेवाभावी कार्य है। 
इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष सुरेश मेहता, पार्षद डॉक्टर अशोक पाठक, सुभाष दायमा, मंडल अध्यक्ष हरीश अरोड़ा, पार्षद जितेंद्र सैनी, धारासिंह, अजय मेठी, सुदेश खा बरा, पूर्व पार्षद सुनील मेठी अशोक छीपी, दीप गुप्ता, पंकज त्यागी, ओमप्रकाश शर्मा, यतेंद्र भारद्वाज, शैलेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
सामान्य चिकित्सालय में दस कूलर किए भेंट: वहीं दूसरी तरफ सामान्य चिकित्सालय अलवर में भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए शहर विधायक संजय शर्मा ने 10 कूलर सामान्य चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील चौहान को सौंपे। इस अवसर पर उप नियंत्रक डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. मोहनलाल सिंधी, जिलाध्यक्ष संजय सिंह नरूका, जिला उपाध्यक्ष सुरेश मेहता, पूर्व सभापति अशोक खन्ना, मंडल अध्यक्ष हरीश अरोड़ा, सतीश शर्मा, नवीन खंडेलवाल, राजेंद्र सैनी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पंडित जलेसिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेंद्र शेखावत, मनोज गर्ग, पवन जैन, पार्षद धीरज जैन, दिनेश कुमार गुप्ता, मुकेश तिवारी मनोज शर्मा, अशोक जैन, प्रकाश, हितेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। यह जानकारी भाजपा के जिला मीडिया संयोजक मनोज शर्मा ने दी। 

गंदा व बदबूदार पानी पीने को लोग मजबूर

जयपुर टाइम्स
राजगढ़ (नि.सं.)। राजगढ़ कस्बे में वैसे तो चारो औऱ पानी की समस्या को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है वही कुछ जगह पानी आ रहा है टी गंदा व बदबूदार वही  कारोठ मार्ग स्थित तबेला कालोनी, न्यू कालोनी सहित आसपास के क्षेत्रो मे सुबह नलों मे गंदा व बदबूदार पानी आने से  लोग परेशान रहे स्थानीय निवासी मनीष, दिनेश, अनिल आदि ने बताया कि रविवार को पानी का नम्बर था परन्तु  पानी इतना बदबूदार व गंदा आया जो किसी कार्य मे उपयोग नही लिया जा सकता था जिसके कारण पीने के पानी की काफी समस्या हुई  लोगों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से हर पाँचवे दिन पानी सप्लाई किया जा रहा है वो भी मुश्किल से करीब 50 मिनट से अधिक नही आ रहा ऐसे में जनता इस पानी पीने को भी मजबूर है लोगो ने जलदाय विभाग औऱ प्रशासन से पानी की समस्या का समाधान करने की मांग की है।

प्रदेश में कल 76 नए पॉजिटिव केस मिले

राज्य के कुल 8693 संक्रमितों में 58 फीसदी मरीज ठीक होकर घर लौटे
जयपुर टाइम्स
जयपुर। राजस्थान में रविवार को 76 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। इनमें जयपुर में 21, झालावाड़ में 14, भरतपुर में 12, झुंझुनू में 7, कोटा में 6, धौलपुर और राजसमंद में 5-5, अजमेर में 3, उदयपुर में 2, टोंक में 1 संक्रमित मिला। इसके साथ कुल संक्रमितों का आंकड़ा 8 हजार 693 पहुंच गया है। वहीं, जयपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ राज्य में अब तक 194 लोगों की जान जा चुकी है। राहत की खबर यह है कि राजस्थान में रिकवर होने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। रविवार को 33 लोग रिकवर हुए। इनमें से 20 को डिस्चार्ज किया गया। कुल 8693 पॉजिटिव में से 5772 लोग अब तक रिकवर हो चुके हैं। वहीं, कुल 5099 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जो कुल संक्रमितों का 58 फीसदी है। अब राज्य में केवल 2727 एक्टिव केस बचे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर ने मनरेगा के महत्व को स्थापित कर दिया है। संकट के इस समय में इस योजना ने देशभर के गांवों में करोड़ों लोगों को संबल दिया है। उन्होंने कहा कि क्वारैंटाइन व्यवस्थाओं में ग्रामीणों ने अच्छा सहयोग किया है।


जयपुर परकोटे में लगातार सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। यहां सबसे ज्यादा केस मिले हैं। अब तक जयपुर में 1984 पॉजिटिव पाए गए।
कोरोना अपडेट्स 

जयपुर: सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के दो वार्ड बॉय कोरोना पॉजिटिव मिले। हालांकि ये लोग डेढ़ महीने से छुट्टी पर थे। इसी तरह, दो और कर्मचारी पॉजिटिव मिले। दो दिन पहले दोनों की तबीयत खराब हो गई। दोनों ने जांच करवाई तो पॉजिटिव आईं। इसी तरह हाउसकीपिंग का काम करने वाले एक कर्मचारी ने 29 मई को सैम्पल दिया, जिसकी शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
जोधपुर: लॉकडाउन-4 में छूट मिली तो शहरवासी बेपरवाह होकर सड़कों पर आने लगे। कई कंटेनमेंट जोन होने के बावजूद बिना मास्क औैर एहतियात के घर से बाहर आए, जिसके चलते कई एरिया जहां ना के बराबर केस थे, वे भी हॉट स्पॉट बन गए। प्रतापनगर में लॉकडाउन-1 में केवल 1 केस था, लॉकडाउन-2 में कोई केस नहीं और लॉकडाउन 3 में 10-12 केस सामने आए, लेकिन लॉकडाउन 4 में पॉजिटिव 250 पार हो गए। वहीं, बकरा मंडी नया हॉटस्पॉट बन गया। यहां लॉकडाउन 3 तक कोई केस नहीं था।
पाली: जोधपुर के बिलाड़ा के वरिष्ठ अधिवक्ता और गोल्डमैन के नाम से मशहूर नारायण सिंह राठौड़ की पाली जिले में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। सवा किलो से अधिक सोने के जेवर लूट लिए गए थे। मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से मुख्य आरोपी उमेश सोनी कोरोना पॉजिटिव मिला। गिरफ्तारी से लेकर पूछताछ करने के दौरान संपर्क में आने वाले पाली जिले के सोजत डीएसपी डॉ. हेमंत जाखड़, जैतारण डीएसपी सुरेश कुमार, सोजत थानाप्रभारी रामेश्वरलाल भाटी, जैतारण थानाप्रभारी सुरेश चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया। इनमें से 16 पुलिसकर्मी सोजत थाने के हैं।

प्रदेश में 30 जून तक लॉकडाउन ५.०

 सभी दुकानदारों को दुकानें खोलने की अनुमति होगी। दुकानदार द्वारा बिना मास्क के सामान नहीं बेचा जाएगा। ग्राहकों के बीच 6 फीट की दूरी सुनिश्चित की जाएगी। छोटी दुकान पर एक समय में 2 और बड़ी दुकानों में 5 से अधिक लोग जमा नहीं होंगे। इसका उल्लघंन करने पर दुकान सील कर दी जाएगी।
 नाई की दुकान, सैलून और ब्यूटी पार्लर में हर ग्राहक के बाद सुरक्षा सावधानियां बरती जाएंगी। स्टॉल, चाय की थड़ी और ठेला लगाने वाले भी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखेंगे। सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा।
 पार्कों में संपर्क रहित प्रवेश के लिए दरवाजे खुले रखे जाएंगे। सभी छूने और संपर्क वाली गतिविधियां बंद रहेंगी। जैसे खुले जिम, झूले आदि, इन्हें ढका भी जा सकता है। यदि पार्क में पूजा स्थल है तो प्रतिबंध इन पर भी जारी रहेगा। पार्क इंचार्ज नियमों के पालन के लिए जिम्मेदार होंगे।
 शादी के लिए उपखंड मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होगी। सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जाएगी। 50 से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे।
 अंतिम संस्कार में 20 लोगों को अनुमति दी जाएगी।  इसके अलावा सभी सरकारी और निजी कार्यालय अपनी पूर्ण क्षमता के साथ कार्य संचालित कर सकेंगे। निजी दफ्तरों में 'वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहन दिया जाएगा। जिन्हें सोशल डिस्टेंसिंग और मुख्य सावधानियों का पूरी तरह ध्यान रखना होगा। कर्मचारियों के लिए मुख्य द्वार पर ही सैनिटाइजेशन, स्क्रीनिंग और हाथ धोने की व्यवस्थी करनी होगी। ऐसा नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
(इन गाइडलाइन्स में दी गई किसी भी प्रकार की छूट हॉटस्पॉट, क्लस्टर और कंटेंमेंट एरिया में लागू नहीं होगी।)

जयपुर टाइम्स ञ्च जयपुर। राजस्थान में लॉकडाउन फेज-5 अगले एक महीने यानी 30 जून तक रहेगा। रविवार को सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव स्वरूप ने नई गाइडलाइन जारी की। फिलहाल, मेट्रो, स्कूल, सभी शैक्षणिक संस्थाएं, मॉल और धार्मिक स्थल जनता के लिए बंद रखे गए हैं। इसके अलावा, सभी दुकानें कुछ प्रतिबंधों के साथ खोली जा सकेंगी। यहां सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा।आवागमन संबंधित निर्देश
किसी को भी राज्य के अंदर आवागमन पर प्रतिबंध नहीं होगा। इसके लिए किसी पास की जरूरत नहीं होगी।
कमर्शियल परिवहन यात्रा से पहले और बाद में सभी सुरक्षा मानकों का पालने करेंगे। सीटों और छूने वाले स्थानों को सैनिटाइज किया जाएगा। इसमें बस, टैक्सी, कैब, ऑटो आदी के संचालन की अनुमति होगी। अग्रिम आदेश तक सिटी बसें नहीं चलेंगी।  सभी 33 जिलों तक पहुंचा संक्रमण
प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1984 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 1523 (इनमें 47 ईरान से आए), उदयपुर में 543, कोटा में 458, डूंगरपुर में 356, नागौर में 446, अजमेर में 339, पाली में 455, चित्तौडग़ढ़ में 176, टोंक में 164, जालौर में 162, भरतपुर में 247, भीलवाड़ा में 140, सिरोही में 157, राजसमंद में 140, बांसवाड़ा में 85, झुंझुनूं में 131, सीकर में 202, जैसलमेर में 88 (इनमें 14 ईरान से आए), बाड़मेर में 99, बीकानेर में 104, चूरू में 104, झालावाड़ में 263 मरीज मिले हैं।
उधर, दौसा में 50, अलवर में 53, धौलपुर में 58, सवाई माधोपुर में 20, हनुमानगढ़ में 30, प्रतापगढ़ में 13, करौली में 16 कोरोना मरीज मिल चुके हैं।

 बारां में 15 संक्रमित मिले हैं। श्रीगंगानगर में 6, बूंदी में 2 पॉजिटिव मिला। 

जोधपुर में बीएसएफ के 50 जवान भी पॉजिटिव मिल चुके हैं। वहीं दूसरे राज्यों से आए 14 लोग पॉजिटिव मिले।
राजस्थान में कोरोना से अब तक 194 लोगों की मौत हुई है। इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 95 (जिसमें चार यूपी से) की मौत हुई। इसके अलावा, जोधपुर में 19, कोटा में 16, नागौर और अजमेर में 7-7, पाली में 7, सीकर और भरतपुर में 5-5, चित्तौडग़ढ़ में 4, सिरोही, करौली और बीकानेर में 3-3, बांसवाड़ा, जालौर, अलवर और भीलवाड़ा 2-2, झुंझुनू दौसा, राजसमंद, उदयपुर, चूरू, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे राज्य से आए चार व्यक्ति की भी मौत हुई है।
 

सभापति ने वृक्षारोपण पर दिया बल, पेडों मे दिया पानी

शहर का भी लिया जायजा
जयपुर टाइम्स
चूरू(निसं.)। चूरू नगरपरिषद सभापति पायल सैनी ने शुक्रवार की दोपहर लू के थपेडों और चिलचिलाती धूप के बीच पार्षदों एवं नगरपरिषद की टीम के साथ नगरपिषद द्वारा किये गए वृक्षारोपण कार्य का निरीक्षण किया और पोधों मे दिया पानी भी डाला। नौतपा के चलते चूरू मे पड रही भीषण गर्मी के मध्य नजर एवं पर्यावरण सरंक्षण को बढावा देने के लिए सभापति ने हाल ही में नगरपरिषद द्वारा राष्ट्रीय राज मार्ग पर ट्री गार्ड सहीत लगाये गये पेड पौधों की साल सभाल की और गर्मी के चलते कुछ पौधों के मुर्झा जाने पर नाराजगी जताते हुए मौके पर मौजुद संबंधित ठेकेदार को इन पौधो की नियमित सार संभाल करने एक टाईम बराबर पानी देने तथा क्षतिग्रस्त हुये ट्री गार्ड को दुरस्त किये जाने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान सैनिक केन्टिन के सामने कुछ दुकनदारों ने मौके पर जमा गन्दे पानी की निकासी के समाधान की मांग करने पर सभापति ने तत्काल मौके पर मौजुद सहायक अभियन्ता को दो दिन में समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये। इस दौरान आयुक्त द्वारका प्रसाद ने सडक पर ठेले लगाकर अतिक्रमण करने वालो को तथा पेड पौधो की नर्सरी चलाने वाले को तत्काल हटाये जाने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान आयुक्त द्वारका प्रसाद, सहायक अभियन्ता आत्माराम प्रजापति, पीआरओ किशन उपाध्याय, पार्षद सरोज सैनी, बेबी बानो भी मौजुद रहे।