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सरकार के वीकेंड कर्फ्यू की घोषणा के साथ ही बाजार में बढ़ी भीड़, बाजार की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

सरदारशहर। शहर में राज्य सरकार के वीकेंड कर्फ्यू की घोषणा के साथ ही आज अचानक बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ बढ़ गई। जिससे बाजार की ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा गई। बाजार में वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गई। जिससे वाहन चालकों को घंटो घंटो तक इंतजार कर ट्रैफिक से निकलना पड़ा। वहीं अचानक बाजार में भीड़ बढ़ने से दुकानदारों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क एवं कोरोना गाइडलाइन की पालना को भूलकर ग्राहकों को सामान देते हुए नजर आये। बाजार में कई दुकानों के व्यापारियों ने कोरोना गाइडलाइन का बिल्कुल भी पालन नहीं किया और न सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा। आज बाजार में ऐसा लग रहा था कि कहीं भी गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। जब तक आमजन कोरोना के प्रति जागरूक होकर सतर्क नहीं रहेंगे। तब तक राज्य सरकार एवं प्रशासन कहां तक ध्यान रखेगा। आमजन को कोरोना के प्रति जागरूक होकर कोरोना की इस जंग को जीतने में सहयोग करना ही पड़ेगा। तब जाकर हम देश को कोरोना मुक्त करने में सफल होंगे। विवाह शादियों का मौसम होने के कारण अचानक बाजार में आज सामान खरीदने वालों की भीड़ बढ़ गई। सरकार के वीकेंड कर्फ्यू की घोषणा के बाद 2 दिन बाजार बंद रहने से लोगों ने आज बाजार में जमकर खरीदारी की।

एसीबी ने जिला न्यायालय में सरकारी वकील और उसके दलाल वकील को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते दबोचा, कार्रवाई के खिलाफ वकीलों ने किया प्रदर्शन


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। एसीबी की टीम ने प्रदेश के टोंक के जिला न्यायालय में गुरुवार को एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम देते हुए सरकारी वकील और उसके दलाल वकील को परिवादी से 10000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है एसीबी की इस कार्रवाई के बाद अन्य वकीलों में जोरदार गुस्सा छा गया वकीलों ने मौके पर एसीबी की कार्रवाई का जमकर विरोध किया वकीलों की ओर से जोरदार नारेबाजी की गई जिससे मौके पर तनाव के हालात पैदा हो गए बाद में एसीबी की टीम गिरफ्तार दोनों वकीलों को एसीबी के कार्यालय में लेकर आ गई एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त जुगनू शर्मा है जो राजकीय अभिभाषक पद पर तैनात हैं जिसने अपने दलाल वकील बसंत जैन के माध्यम से परिवादी से भूमि के रूपांतरण के मामले में पक्ष में फैसला करवाने की एवज में 20000 रुपए की रिश्वत मांगी थी जिसकी शिकायत परिवादी ने एसीबी कार्यालय में दर्ज करवाई एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाया जिसमें शिकायत सही पाई गई इसके बाद एसीबी ने दोनों आरोपी वकीलों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए एक रणनीति तैयार की और इसी रणनीति के तहत परिवादी ने गुरुवार को कोर्ट परिसर में जैसे ही जुगनू शर्मा के दलाल वकील बसंत जैन को रिश्वत के 10,000 रुपए दिए वैसे ही वहां पहले से घात लगाए बैठे एसीबी के अधिकारियों ने बसंत जैन की पेंट की जेब से केमिकल लगे रिश्वत के 10,000 रुपए बरामद कर लिए और फिर हाथों हाथ ही बसंत जैन से पूछताछ करने के बाद राजकीय अभिभाषक जुगनू शर्मा को भी एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया एसीबी की टीम अब गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों और उनके निकट के परिजनों के बैंक अकाउंट और अन्य चल व अचल संपत्तियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है जिसके लिए दोनों अभियुक्तों के विभिन्न ठिकानों पर एसीबी का सर्च अभियान खबर लिखे जाने तक जारी था।

प्रदुमन सिंह ने संभाला कामकाज और कहा-पंचायत राज संस्थाओं और नगर निकायों को करेंगे मजबूत


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। राज्य वित्त आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रदुमन सिंह ने गुरुवार को आयोग के कार्यालय में अपना कामकाज संभाल लिया इस मौके पर आयोग कार्यालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने सिंह को उनके अच्छे कार्यकाल के लिए बधाई दी सिंह ने भी आयोग के दफ्तर में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कुशल क्षेम पूछी और आपस में समन्वय और तालमेल बनाते हुए आयोग के कामकाज को बेहतर ढंग से अंजाम देने की जरूरत बताई आयोग के दफ्तर में कामकाज संभालने के बाद प्रदुमन सिंह ने संवाददाताओं से कहा की कोरोना की वजह से प्रदेश के आर्थिक हालात ठीक नहीं है केंद्र सरकार ने भी जीएसटी का बकाया का पैसा नहीं दिया है जिसकी वजह से आयोग वित्तीय हालात देखकर ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा उन्होंने कहा कि आयोग की पहली प्राथमिकता पंचायती रज और नगर निकायों को मजबूत करने की रहेगी उल्लेखनीय है कि प्रदुमन सिंह पूर्व में गहलोत सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं सिंह आर्थिक मामलों के बहुत ही अच्छे जानकार हैं इसके अलावा उन्हें राजनीति और प्रशासनिक कामों लंबा अनुभव है यही वजह है कि गहलोत ने प्रदेश के कठिन और विपरीत आर्थिक हालातों को देखते हुए सिंह को वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया है ताकि सिंह का पिछला लंबा अनुभव और उनके काम करने के तरीकों से प्रदेश के आर्थिक हालात सुधर सके, राजनीतिक विश्लेषकों का भी कहना है कि प्रदुमन सिंह को आर्थिक मामलों की महारत हासिल है इसलिए उनकी नियुक्ति निश्चित रूप से प्रदेश की गहलोत सरकार के लिए आने वाले दिनों में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

4 लाख घरों में रोज पहुंचते हैं हॉकर, यानी सबसे बड़ा कोरोना स्प्रेडर, फिर भी वैक्सीनेशन की प्रायोरिटी में ही नहीं


जयपुर टाइम्स
जयपुर(कासं.)। एलपीजी सिलेंडर सप्लाई करने वाले डिलीवरी मैन सबसे बड़े कोरोना स्प्रेडर हो सकते हैं, इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से उन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं रखा गया है। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और नेशनल फेडरेशन ने केंद्र सरकार को इस बात के लिए आगाह भी किया है। इसकी तस्वीर इतनी भयावह है कि किसी भी हॉकर को कोरोना हो और वह पता नहीं लगने तक सिलेंडर सप्लाई का सिलसिला जारी रखे तो एक दिन में बीस घरों तक कोरोना का संक्रमण पहुंचा सकता है।
राज्य में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े लोगों की संख्या करीब 19 हजार है। एक हॉकर प्रतिदिन करीब 20 घरों में सिलेंडर का वितरण करने पहुंचा है। यानी राज्य में प्रतिदिन करीब 4 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जाते हैं। चार लाख सिलेंडर यानी चार लाख घर। यदि इनमें से किसी को भी कोरोना हो तो वह सुपर स्प्रेडर साबित हो सकता है। यही नहीं पूरे देश में करीब 70 लाख घरों तक रोज हॉकर पहुंचते हैं। इसलिए यह सिर्फ राजस्थान या एक-दो राज्य का मामला नहीं, पूरे देश के लिए गंभीर मामला है।
लॉकडाउन में नहीं बुझने दिया घर-घर का चूल्हा
फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक सिंह गहलोत का कहना है कि पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन का कार्य करने वालों को कोरोना वॉरियर्स की संज्ञा दी थी। कोविड-19 के लॉकडाउन में भी प्रत्येक घर का चूल्हा जलता रहे, इसके लिए भयावह स्थिति में भी इन वॉरियर्स ने सिलेंडर सप्लाई का सिलसिला जारी रखा था। इसकी पीएम मोदी ने तारीफ की थी।
फिर क्यों प्रायोरिटी में नहीं
गहलोत का कहना है कि विकट परिस्थितियों में काम करने वाले ऐसे हॉकर्स को वैक्सीनेशन के लिए प्रायोरिटी में रखा जाना चाहिए। इस संबंध में फेडरेशन की नेशनल विंग की ओर से गुरुवार को केंद्र को चिट्ठी भी लिखी गई है।

लगातार 8वें दिन बना नया रिकॉर्ड, 24 घंटे में मिले 6658 केस, 33 की मौत मेट्रो ट्रेन के संचालन का समय बदला


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)।  राजस्थान में पिछले आठ दिनों से लगातार कोरोना केसों का नया रिकॉर्ड बन रहा है। गुरुवार को भी 6658 लोग कोरोना से संक्रमित मिलने के साथ नया रिकॉर्ड बना है। इस बीमारी से आज 33 लोगों की जान चली गई। वहीं राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरमैन संगीता बेनीवाल भी कोरोना पॉजिटिव आई हैं। उधर, चित्तौडग़ढ़ परिवहन विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर अरविंद गिरवाल का उदयपुर में कोरोना से निधन हो गया। कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए राज्य सरकार ने 16 अप्रैल से प्रदेश के सभी शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। इसे देखते हुए जयपुर मेट्रो ट्रेन के संचालन के समय में भी बदलाव किया गया है। इससे पहले कल राज्य सरकार ने तमाम स्कूलों को आगामी 30 अप्रैल तक बंद करने के आदेश जारी कर दिए, जबकि 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। वहीं धार्मिक स्थलों को भी 16 अप्रैल से बंद करने के लिए कहा है। राज्य की जिलेवार रिपोर्ट देखे तो आज 33 में से 18 जिलों में कोरोना के केस 100 के पार हो गए हैं। इसमें जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर के अलावा छोटे शहर जालौर, झालावाड़, करौली, सीकर, सवाई माधोपुर जैसे जिले भी शामिल है। आज सबसे ज्यादा जयपुर में 848 केस मिले। जयपुर के अलावा गुरुवार को जोधपुर में 847, उदयपुर में 711, कोटा में 638 और अलवर में 361 नये केस मिले है। सरकार की गाइडलाइन को देखते हुए जयपुर में आज से मोती डूंगरी गणेश मंदिर को आमजन के लिए बंद कर दिया गया है।
संक्रमण की दर 15 फीसदी से ऊपर, एक्टिव केस 49 हजार के पार
राजस्थान में आज संक्रमण की दर 15.34त्न रही। राज्य में आज 43,383 सैंपल लिए गए थे। जिसमें से 6658 नमूने पॉजिटिव आए। राज्य में अब चिंता की सबसे बड़ी बात एक्टिव केस बने हुए हैं। यह अब 49,276 तक पहुंच गए हैं और तेजी से बढ़ रहे हैं। जबकि रिकवरी रेट बहुत धीमी गति से बढ़ रही है। 2254 लोग इस बीमारी से रिकवर हुए है। राज्य में वर्तमान में रिकवरी रेट गिरकर 86.51त्न पर पहुंच गई है।
मेट्रो के संचालन समय में बदलाव
जयपुर में शुक्रवार से मेट्रो ट्रेन के संचालन समय में भी बदलाव किया है। जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मानसरोवर और बड़ी चौपड़ स्टेशनों में सुबह 6.20 बजे से पहली ट्रेन चलाने का निर्णय किया है, जबकि आखिरी ट्रेन शाम 5.30 बजे चलेगी। मेट्रो के संचालन में ये बदलाव कल से लागू होने वाले नाइट कर्फ्यू को देखते हुए किया गया है।

हनुमान की गदा से कांग्रेस और भाजपा में से किसको लगेगी ज्यादा चोट, राजनीतिक हल्कों में चर्चाएं गरम


जयपुर टाइम्स
जयपुर (रोहित शर्मा)। प्रदेश में सहाड़ा, राजसमंद और सुजानगढ़ विधानसभा सीट पर आगामी 17 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवारों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल भाजपा के रणनीतिकारों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है हालांकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संरक्षक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल इन तीनों ही सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जीत को सुनिश्चित मान रहे हैं लेकिन बेनीवाल के इस दावे को राजनीतिक विश्लेषकों ने नकारा भी है पर राजनीतिक विश्लेषक यह बात जरूर मान रहे हैं कि इन चुनावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी और भाजपा दोनों दलों के वोटरों पर सेंधमारी जरूर कर सकते हैं जिसकी वजह से प्रदेश की दोनों दिग्गज राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के रणनीतिकार चुनाव के नतीजों को लेकर असमंजस की स्थिति में जरूर नजर आ रहे हैं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कि उपचुनाव में मौजूदगी एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी की रणनीति का यह कह रहे हैं कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा के वोटरों में सेंधमारी करेगी तो दूसरी तरफ भाजपा के रणनीतिकार यह कह रहे है कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी के वोटरों पर सेंधमारी करेंगे, अब यह तो चुनाव नतीजों के आने के बाद ही पता चल पाएगा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की मौजूदगी से किस पार्टी को ज्यादा खतरा हुआ है लेकिन इतना जरूर है जिस तरह से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संरक्षक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल इन तीनों ही सीटों पर धांसू चुनाव प्रचार कर चुनावी सभाओं में कांग्रेसी और भाजपा दोनों ही दलों पर कई मुद्दों को लेकर जोरदार हमला बोल रहे हैं उससे इतना जरूर है कि इन चुनावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवारों की झोली में भी अच्छे वोट डाल सकते हैं हालांकि तीनों ही सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जीत मुश्किल दिख रही है लेकिन तीनों ही सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी चुनाव के गणित को जरूर बिगड़ती हुई दिख रही है बेनीवाल चुनावी सभाओं में खुद को किसान का बेटा बता कर यह कह रहे हैं कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी देश की और प्रदेश की पहली किसान पार्टी है और पार्टी किसानों और युवाओं के सर्वांगीण विकास को पहली प्राथमिकता मानती है बेनीवाल राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान बेनीवाल की प्रदेश भर के छात्र संघ के पदाधिकारियों से भी बहुत ही अच्छे संबंध रहे जिसकी वजह से बेनीवाल के पास युवाओं की एक बड़ी फौज भी है जो तीनों ही सीटों पर चुनाव प्रचार में अपनी अहम भूमिका निभा रही है इसलिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को हल्के से लेना किसी भी दल के लिए बड़ा खतरा जरूर बन सकता है यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवारों की वजह से थोड़े बहुत विचलित भी दिख रहे हैं, चुनाव प्रचार के दौरान हनुमान बेनीवाल साफ कह रहे हैं कि वे प्रदेश से कांग्रेस और भाजपा दोनों को सफाया कर देंगे हालांकि ऐसे बयान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता देते रहे हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि अगर विधानसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को अच्छे वोट मिल गए तो फिर आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अपनी दमदार तरीके से उपस्थिति दर्ज करवा सकती है भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए काफी चिंता का विषय हो सकता है चुनाव प्रचार के दौरान बेनीवाल किसान और युवाओं के मुद्दों को ज्यादा उछल रहे हैं बेनीवाल चुनाव प्रचार में साफ कहते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस भाजपा दोनों दलों की सरकारों ने प्रदेश की जनता के साथ दगाबाजी और धोखा किया है दोनों ही पार्टियां एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं इसलिए प्रदेश की जनता अब लोकतांत्रिक पार्टी के साथ तेजी से जुड़ रही है, जानकारों का कहना है कि सुजानगढ़ और सहाड़ा दोनों ही सीटों पर जाट बिरादरी के वोट बड़ी संख्या में है इसलिए इन दोनों ही सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी दमदार तरीके से वोटर में सेंधमारी कर सकती है जिसकी वजह से इन दोनों सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारो के जीत के समीकरण बुरी तरह से बिगड़ सकते हैं हालांकि इन दोनों ही सीटों पर पूर्व में कांग्रेस पार्टी का कब्जा था इसलिए इन दोनों सीटों पर कांग्रेस पार्टी के वोटरों में सेंधमारी की संभावना ज्यादा दिख रही है, कुल मिलाकर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरो से हो रही है कि उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी किस पार्टी के वोटरों पर ज्यादा सेंधमारी करेगी?

सहाड़ा से भाजपा प्रत्याशी रतन लाल जाट कोरोना पॉजिटिव, चुनाव प्रचार को लगा झटका


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। प्रदेश की सहाड़ा विधानसभा सीट पर चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी रतन लाल जाट कोरोना की चपेट में आ गए हैं जाट ने खुद के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद सोशल मीडिया पर शेयर की है और अपने संपर्क में आने वाले लोगों से कोरोना का टेस्ट करवाने की अपील की है, आगामी 17 अप्रैल को उपचुनाव के लिए मतदान होना है और मतदान से ठीक पहले जिस तरह से भाजपा प्रत्याशी कोरोना की चपेट में आए हैं उससे निश्चित रूप से इस सीट पर पार्टी के प्रचार प्रसार को झटका भी लगा है अब रतन लाल जाट को आर यू एच एस अस्पताल में भर्ती करवाया जा रहा है प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित कर जाट उपचार करने के लिए कहा है, जानकारों का कहना है कि सहाड़ा सीट को लेकर भाजपा शुरू से ही मुश्किल में दिखी है क्योंकि पहले सहाड़ा सीट पर बागी भाजपा उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के मामले में यह सीट काफी चर्चा में रही अब जिस तरह से भाजपा के उम्मीदवार ही कोरोना पॉजिटिव आ गए हैं उसके बाद निश्चित रूप से पार्टी के प्रचार प्रसार को झटका भी लगा है क्योंकि अब रतन लाल जाट व्यक्तिगत रूप से प्रचार प्सार नहीं कर पाएंगे और मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं कर पाएंगे जिसके वजह से निश्चित रूप से उनका चुनाव प्रचार बाधित होगा उल्लेखनीय है कि सहाड़ा सीट पर पूर्व में कांग्रेस पार्टी का कब्जा था, इस सीट पर कैलाश त्रिवेदी कांग्रेस पार्टी के ही विधायक थे बाद में उनके निधन होने से यह सीट खाली हो गई, इस सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का उम्मीदवार भी अपना भाग्य आजमा रहा है सहाड़ में बिरादरी के वोट ज्यादा है और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जाट अपना उम्मीदवार बनाया है इसलिए इस सीट पर जाट बिरादरी के वोटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सेंधमारी कर सकती है जो भाजपा उम्मीदवार रतन लाल जाट के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है।

राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित सीएम ने की 10वीं-12वीं की परीक्षाएं स्थगित, नई तारीख बाद में घोषित होंगी


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। सीबीएसई की परीक्षा रद्द और स्थगित करने फैसले के कुछ घंटे बाद ही राजस्थान सरकार ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इन परीक्षाओं को कब कराया जाएगा, इस पर फैसला बाद में होगा। बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने के शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 8वीं, 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को सीधे अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का फैसला किया है।
शिक्षा मंत्री के सुझाव पर 3 घंटे में फैसला
शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाएं टालने का प्रस्ताव बुधवार को ही मुख्यमंत्री को भेजा था। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने 2 बजे मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था- सीबीएसई ने भी बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आगे खिसकाने में ही फायदा है। इसके तीन घंटे बाद ही मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला कर दिया।
6 मई से होने थे एग्जाम
राजस्थान में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक की परीक्षा 6 मई से शुरू होने वाली थीं। वहीं, 8वीं बोर्ड पैटर्न परीक्षा भी 5 मई से शुरू हो रही है। ये परीक्षा भी रद्द हो गईं हैं।
अब स्कूल बंद करने पर फैसला
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते अब स्कूलों को भी बंद किया जाए। आगे अगर हालात सामान्य होंगे तो फिर देखा जाएगा। सरकार अब जल्द ही सभी स्कूलों को बंद करने पर फैसला कर सकती है, शहरों में 9वीं तक के स्कूल पहले से बंद हैं।
विशेषज्ञों के सुझाव के बाद परीक्षाएं स्थगित
मौजूदा हालात में परीक्षाएं कराने पर कोरोना के फैलने का खतरा ज्यादा है। विशेषज्ञों ने भी स्कूल बंद करने और परीक्षाएं टालने का सुझाव दिया था। विशेषज्ञों के सुझावों के बाद ही शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाएं टालने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।

गहलोत से मिले कांग्रेस पार्टी के आधा दर्जन विधायक, फ्लाईओवर को डॉ भीमराव अंबेडकर सेतु नाम देने की मांग की


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कांग्रेस पार्टी के कई विधायकों ने मंगलवार को मुलाकात की मुलाकात के दौरान कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने भीमराव अंबेडकर सर्किल से हवा सड़क तक बनाए जा रहे फ्लाईओवर को और को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सेतु नाम देने की पुरजोर मांग की जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मंगलवार को चाकसू के कांग्रेस पार्टी के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, ओम प्रकाश हुडला, इंदिरा मीणा, लक्ष्मण मीणा सहित कुछ अन्य पार्टी के विधायक मिले इन विधायकों ने राजधानी जयपुर में भीमराव अंबेडकर सर्किल से हवा सड़क तक निर्माणाधीन फ्लाईओवर को डॉ भीमराव अंबेडकर सेतु नाम देने की मांग की गहलोत ने इन सभी विधायकों की बातों को बड़ी ध्यान से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर सरकार का सकारात्मक कदम उठाएगी और वे इस संबंध में जल्दी ही उचित कार्रवाई सरकारी स्तर पर करवाएंगे, मुलाकात के दौरान कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पूरे भारत और दुनिया के एक महान पुरुष माने जाते हैं इसलिए बुधवार को अंबेडकर की जयंती पर सरकार की ओर से राजधानी जयपुर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सर्किल से हवा सड़क तक बनने वाले फ्लाईओवर को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सेतु नाम से घोषित कर अंबेडकर के प्रति सरकार अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें तो यह सोने में सुहागा होगा,  इसमें कोई दो राय नहीं कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा रखते हैं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पूर्व के दो शासनकाल में भी ऐसी बहुत सी योजनाएं हैं जिनका नाम उन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम से शुरू किया था इसलिए मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले कांग्रेस पार्टी के विधायकों को भी यह पूरा भरोसा है कि उनकी मांग पर गहलोत बहुत जल्दी ही सकारात्मक कार्रवाई करेंगे

सीएम गहलोत बोले- आज हिंदू और धर्म के नाम पर सरकारें बन रही हैं, धर्म के बाद ये जातियों में झगड़े करवाएंगे


जयपुर टाइम्स
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हए कहा है कि आज धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है। लोग कामयाब भी हो रहे हैं और खुश भी हो रहे हैं। हमारे देश की पहचान उस रूप में नहीं है जिस रूप में आज धर्म के नाम पर, हिंदुत्व के नाम पर सरकारें बन रही हैं। मैंने एक बार कहा था आज ये हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई करेंगे। धर्म पर बांटने के बाद ये दलित, ब्राह्मण, वैश्य जाति के नाम पर झगड़े करवाएंगे। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है। गहलोत जलियांवाला बाग गोलीकांड की बरसी पर आयोजित वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। गहलोत ने कहा कि छुआछूत मानवता के नाम पर कलंक है। क्या युवाओं को इसके खिलाफ आवाज नहीं उठानी चाहिए। अंग्रेज अपने आपको सुपीरियर मानते थे। गोरी और काली चमड़ी की बात करते हुए भेदभाव करते थे। इसी आधार पर लोगों को गुलाम बना रखा था। आज भी गुलामी है, जो गुलाम हैं, वे गुलामों की तरह ही रह रहे हैं।
देश को लोकतंत्र और वोट का राज कांग्रेस ने दिया
देश को लोकतंत्र और वोट का राज कांग्रेस ने दिया। धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद की बात कांग्रेस ने की। यह हमारे संविधान की मूल भावना है। हमारे राज्यपाल हर बैठक में संविधान की मूल भावना का पाठ करवाते हैं। बिना संविधान देश कैसे चलेगा। लोकतंत्र किस दिशा में जा रहा है, कौन सोचेगा? युवाओं को इस पर सोचना होगा। गलत को गलत और सही को सही कहना होगा। यह देश युवाओं का देश है। राजीव गांधी जब पीएम बने थे तब से युवाओं का ही देश बना हुआ है। आजादी की जंग में भी युवाओं की ही भूमिका थी। पंडित नेहरू 10 साल जेल में बंद रहे। उस जमाने की जेलें कैसी होती थीं आप जान सकते हैं।
गहलोत ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में गांधीजी ने चंपारण सत्याग्रह किया। आज क्या हो रहा है। किसान 5 माह से बैठे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। लोकतंत्र में सबकी बात सुननी चाहिए। आंदोलन खत्म करने का कोई रास्ता निकालना चाहिए। तरुणाई को अंगड़ाई लेनी चाहिए। अब समय आ गया है। लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी युवाओं की है। युवाओं को उस हिसाब से ही व्यवहार करना होगा। राज्य में ऐसा प्लेटफार्म बने जहां लगातार बात होती रहे। देश प्रदेश में मुद्दों पर डिबेट हो। तभी युवा पीढ़ी समग्र विकास कर पाएगी।

राजस्थान बेरोजगारी भत्ता योजना 2021: ऐसे ही नहीं मिलेंगे रुपये, स्किल ट्रेनिंग होगी जरुरी, सरकार ने बदले नियम


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। राज्य सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के नियम कायदों में बड़ा बदलाव किया है। इससे बेरोजगारी भत्ता ज्यादा लोगों को तो मिलेगा लेकिन इसके लिए बेरोजगारों को पहले कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। राज्य में पहले के मुकाबले शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता ज्यादा मिल सकेगा। यह भत्ता उन्हीं लोगों को मिलेगा जो वाकई इसके पात्र होंगे।
बेरोजगारी भत्ते के लिए अब राज्य सरकार ने नई शर्तें और नियम लागू किए हैं। भत्ते के लिए बेरोजगारों को अब घर बैठे बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलेगा। इसके लिए पहले उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। स्किल डेवलपमेंट के कोर्स करने होंगे। यदि तब भी उन्हें नौकरी नहीं मिली तब जाकर सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी।
सरकार बेरोजगारों को पहले रोजगार के अवसर प्रदान करेगी
नए नियमों के अनुसार सरकार बेरोजगारों को पहले रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। रजिस्टर्ड शिक्षित बेरोजगारों को स्किल डेवलपमेंट सेंटर में अपने हुनर को दिखाते हुए स्किल कोर्स करना होगा। आरएसएलडीसी इन बेरोजगारों को रोजगार के अवसर देगी। उसके बाद भी इन बेरोजगारों की नौकरी नहीं लगती है तभी ही उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
लड़कियों को 4,500 और लड़कों को 4000 का हर महीने बेरोजगारी भत्ता मिलेगा
प्रदेश में पूर्व में 1 लाख 60 हजार ग्रेजुएट बेरोजगारों को ही भत्ता मिलता था। लेकिन अब सरकार ने इसकी संख्या बढ़ाकर 2 लाख कर दी है। सरकार ने बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले बेरोजगारों की संख्या ही नहीं बढ़ाई बल्कि इसकी राशि में भी इजाफा किया है। राज्य सरकार पहले लड़कियों को 3500 और लड़कों को 3000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दे रही थी। लेकिन अब बेरोजगारी भत्ते में एक हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है। अब लड़कियों को 4,500 और लड़कों को 4000 का हर महीने बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
नई शर्तों के साथ फिर से लागू किया जाएगा
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के जरिए बेरोजगारों को इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश में पुराने रजिस्टर्ड 1 लाख 60 हजार बेरोजगारों को भी स्किल कोर्स करना जरूरी होगा। फिलहाल रोजगार विभाग नई शर्तों की कार्य योजना तैयार कर रहा है। हालांकि नए वित्तीय वर्ष के अनुसार यह योजना 1 अप्रैल से लागू होनी थी लेकिन अब कुछ ही दिन बाद इस योजना को नई शर्तों के साथ फिर से लागू किया जाएगा।

इस साल निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नहीं होंगे प्रवेश, कक्षा 6 और 7 की परीक्षाएं आयोजित नहीं होंगी


जयपुर टाइम्स
जयपुर (कासं.)। राज्य सरकार ने इस बार प्रदेश की निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिए जाने के आदेश जारी किए हैं, इस आशय का आदेश शिक्षा निदेशक सौरव स्वामी ने जारी किया है इसके अलावा इस साल कक्षा 6 और 7 की परीक्षाएं भी आयोजित नहीं की जाएगी इन दोनों ही कक्षाओं के छात्रों को क्रमोन्नत करने का फैसला सरकार की ओर से लिया गया है जानकारी के अनुसार प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना की पहली लहर की तुलना में कई गुना मरीज इन दिनों रोजाना मिल रहे हैं उससे राज्य सरकार को मजबूरन कक्षा 6 और 7 की परीक्षाएं आयोजित नहीं करवाने का निर्णय लेना पड़ा है क्योंकि कोरोना की वजह से इस साल कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूल बिल्कुल भी नहीं खुले जिसकी वजह से छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित रही हालांकि निजी स्कूलों में ऑनलाइन ढंग से पढ़ाई किए जाने के वादे किए जा रहे हैं लेकिन छोटी कक्षाओं के छात्रों का यह भी कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई उन्हें ठीक तरह से रास नहीं आई इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई पढऩे वाले छात्र बहुत ही कम संख्या में हैं इन तमाम कारणों को देखते हुए सरकार ने इस साल कक्षा 6 और 7 की परीक्षाएं आयोजित नहीं करवा कर इन दोनों ही कक्षाओं के छात्रों को अगली कक्षा में क्रमोन्नत करने का फरमान जारी कर दिया है लेकिन सरकार ने एक और फैसला लिया है जिसमें निजी स्कूलों में आरटीई के तहत इस साल प्रवेश नहीं किए जाने के आदेश दिए हैं यह आदेश गरीब अभिभावकों के लिए काफी मुश्किल भरा साबित हो सकता है क्योंकि कम आय वाले अभिभावक आरटीई के तहत अपने बच्चों को मन मुताबिक स्कूलों में पढ़ाई करवा लेते थे लेकिन अब सरकार की ओर से पाबंदी लगा देने के बाद गरीब अभिभावकों को झटका जरूर लगा है।