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पंजाब के सभी शहरों में इमारती नक्शों की ऑनलाइन मंज़ूरी होगी- सिद्धू

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्य के शहरी लोगों को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाओं देने के लिए ई -गवर्नेंस प्रोजेक्ट शुरू करने के वायदे को व्यवाहरिक रूप देते हुये स्थानीय निकाय विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है और जुलाई महीने से राज्य के समूह शहरों और कस्बों में इमारतों के नक्शे अॅानलाइन मंज़ूर होंगे। यह खुलासा स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरूवार को यहाँ जारी प्रेस बयान के द्वारा किया।

सिद्धू ने कहा कि शहरी लोगों को घर बैठे सेवाओं देने के लिए उनके विभाग द्वारा ई -गवर्नेंस प्रोजेक्ट को लागू करने की तैयारी की जा रही है जिससे एक तरफ़ भ्रष्टाचार को रोक लगेगी वहां शहर निवासी घर बैठे ही सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएंं हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले पड़ाव में राज्य की समूह शहरी स्थानीय निकाय इकाईयों में ऑनलाइन इमारती नक्शे पास किये जाएंगे जिसका कार्य जुलाई महीने से शुरू हो जायेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंधी विभाग द्वारा इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए प्रस्तावों की मांग (आर.एफ.पी.) जारी कर दी गई है। इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए कोई भी इच्छुक बोलीकार 16 जनवरी तक बोली देने से पहले अपनी कोई भी पूछताछ के लिए आवेदन दे सकता है। इस के बाद 18 जनवरी को बोली से पहले मीटिंग होगी और फिर बोली देने के लिए अंतिम तिथि 8 फरवरी को होगी। 8 फरवरी को ही बोली खोली जायेगी। फरवरी महीने ही ऑनलाइन नक्शे के पास करने की सेवाओं देने वाले सर्विस प्रोवाईडर का नाम तय हो जायेगा और सभी शहरों में ऑनलाइन इमारती नक्शे के पास करने की शुरुआत जुलाई महीने में होगी।

सिद्धू ने बताया कि ऑनलाइन इमारती नक्शे के पास करने के व्यवस्था के अंतर्गत दस्तावेज़ों जमा होने से ले कर नक्शे के पास की स्वीकृ ति ऑनलाइन ही होगी। किसी भी शहरी को इस संबंधी किसी भी सरकारी कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। फीस सहित आरकीटैक्टों की रजिस्ट्रेशन, नक्शे के पास करने की स्वीकृति, बिल्डिंग पूरी होने का सर्टिफिकेट आदि सब ऑनलाइन किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के शुरू होने के साथ जहाँ शहरी को बिना किसी कार्यालय जाऐ हर किस्म की स्वीकृति मिलेगी वही संबंधी विभाग भी ऑनलाइन किसी समय पर भी नक्शे के पास करने के लिए जमा दस्तावेज़ों की जांच कर सकता है।

साहित्यकार एवं लेखक दूधनाथ सिंह का निधन

लखनऊ/इलाहाबाद। प्रसिद्ध कथाकार दूधनाथ सिंह का गुरुवार देर रात निधन हो गया। पिछले कई दिनों से वह इलाहाबाद के फीनिक्स अस्पताल में भर्ती थे। कैंसर से पीडि़त दूधनाथ सिंह को बुधवार रात दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें वेंटीलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था जहां उन्होंने गुरुवार देर रात 12 बजे अंतिम सांस ली। उनके परिजनों के अनुसार पिछले साल अक्तूबर माह में तकलीफ  बढऩे पर दूधनाथ सिंह को नई दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में दिखाया गया। जांच में प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि होने पर उनका वहीं इलाज चला। 26 दिसंबर को उन्हें इलाहाबाद लाया गया। दो-तीन दिन बाद तबीयत बिगडऩे पर उन्हें फीनिक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनका वहीं इलाज चल रहा था। 

दो साल पहले उनकी पत्नी निर्मला ठाकुर का निधन हो गया था। दूधनाथ सिंह अपने पीछे दो बेटे-बहू, बेटी-दामाद और नाती-पोतों से भरा परिवार छोड़ गए हैं।  गौरतलब है कि मूल रूप से बलिया के रहने वाले दूधनाथ सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए किया और यहीं वह हिंदी के अध्यापक नियुक्त हुए। 1994 में सेवानिवृत्ति के बाद से लेखन और संगठन में निरंतर सक्रिय रहे। निराला, पंत और महादेवी के प्रिय रहे दूधनाथ सिंह का आखिरी कलाम ‘लौट आओ घर’ था। ‘सपाट चेहरे वाला आदमी’, ‘यमगाथा’, ‘धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे’ उनकी प्रसिद्ध रचनाएं थीं। उन्हें उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान भारत भारती व मध्य प्रदेश सरकार के शिखर सम्मान मैथिलीशरण गुप्त से सम्मानित किया गया था।