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बाल मजदूरी को लेकर एक अनूठी पहल, यहां पढ़ें

जयपुर । बाल-मजदूरी को समाप्त करने के सामूहिक प्रयासों के तहत राजस्थान सरकार के अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी ने शहर में नागरिकों और उद्योगों के साथ मिलकर एक अनूठी पहल चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) का लॉन्च किया। 

इस पहल का लॉन्च जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में आयोजित सांस्कृतिक समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रम विभाग के एडिशनल लेबर कमिश्नर सीबीएस राठौर ने एक मोबाइल वैन को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। यह वैन जयपुर में आमजन के मध्य जा कर उनसे बाल श्रम के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह करेगी। राजस्थान राज्य एवं जिला स्तर की सरकारों, कारोबारों, सिविल सोसाइटी संगठनों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से जयपुर को बाल मजदूरी से मुक्त बनाना चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) का लक्ष्य है। ताकि इस दृष्टि से जयपुर अन्य शहरों के लिए एक मॉडल शहर बन जाए। 

कार्यक्रम की शुरूआत युवाओं ने पतंग उड़ाकर की, जो बचपन में आज़ादी और लर्निंग का प्रतीक है,। इस मौके पर ‘लल्लाज़ जयपुर’ नामक एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, लोगों को बाल-मजदूरी मिटाने के बारे में जागरुक बनाने के लिए इस नाटक का आयोजन शहर के विभिन्न स्थानों पर 120 बार किया जाएगा। टाबर शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों ने आस-पास के बच्चों के साथ मिलकर एक विशेष परफोर्मेन्स दिया।

इस अवसर पर जयपुरजिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने कहा कि ‘‘भारतीय संविधान प्रत्येक बच्चे को शिक्षा और सुरक्षा के अधिकार की गारंटी देता है लेकिन वर्तमान में हम विपरीत हालात देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अधिक मानवीय एवं न्यायसंगत समाज की ओर बढ़ना है। जयपुर में बाल श्रम समस्या के मूल कारणों एवं क्षेत्रों की पहचान करने और इसके प्रति उपयुक्त पहल के लिए मैं चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर ¼CLFJ½ के सभी भागीदारों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करता हूं। मैं सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन्स के साथ-साथ जनता से आग्रह करता हूं कि वे हमारे बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए व्यापक पुनर्वास सुनिश्चित करें। मैं इस अनूठी पहल के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरा समर्थन करने का वादा करता हूं।‘‘

इस अनूठी पहल पर बात करते हुए सीबीएस राठौड़, एडिशनल लेबर कमिश्नर, श्रम विभाग ने कहा, ‘‘श्रम विभाग इस मुद्दे पर काम कर रहा है, बच्चों को बाल-मजदूरी से छुटकारा दिलाकर उनके जीवन में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। हम इस प्रथा को समाज से पूरी तरह समाप्त कर देना चाहते हैं। यह पहल एक ऐसा सकारात्मक मंच है जो हमारे इन प्रयासों को प्रोत्साहित करेगी और सुनिश्चित करेगी कि किसी भी बच्चे से उसका बचपन न छीना जाए। हम इस पहल को अपना पूरा सहयोग एवं समर्थन प्रदान करेंगे।’’ 

चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) राज्य एवं ज़िला सरकारों के साथ मिलकर बच्चों की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए काम करेगी, इन प्रयासों के तहत सुनिश्चित किया जाएगा कि तस्करी और वैश्यावृत्ति के जाल में फंसें बच्चों को बाहर निकाल कर उनका पुनर्वास किया जाए और उन्हें अपने घर बिहार भेजा जाए। चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर होर्डिंग, बस शेल्टर, पोस्टर, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए आम जनता को जागरुक बनाने का प्रयास करेगी, जनता से अपील की जाएगी कि अगर वे जयपुर में बच्चों के साथ किसी भी तरह का शोषण देखें तो चाइल्डलाईन 1098 पर फोन कर जानकारी दें।

यह पहल बाल-मजदूरी से मुक्त सामान के उत्पादन को बढ़ावा देगी, और सुनिश्चित करेगी जयपुर को अन्तर्राष्ट्रीय रीटेलरों एवं भारतीय कंपनियों के कारोबार के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बनाया जा सके। इसके लिए अग्रणी कारोबर एवं ओद्यौगिक संगठनों के साथ साझेदारियां की जा रही हैं, जो आपसी सहयोग से सुनिश्चित करेंगी कि आपूर्ति श्रृंखला बाल मजदूरी से पूरी तरह मुक्त हो। 

CLFJ के लॉन्च पर बात करते हुए नरेन्द्र सिखवाल, चेयरपर्सन, बाल कल्याण समिति, जयपुर ने कहा, ‘‘बच्चे वर्कशॉप्स में और स्थानीय घरेलू प्रोडक्शन युनिट्स में काम करते हैं। इस पहल के तहत CLFJ स्थानीय लोगों और कारोबार समुदायों के साथ मिलकर सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को बाल मजदूरी में लिप्त न होने दिया जाए, खासतौर पर उन्हें खतरनाक कार्यों में तो बिल्कुल न लगाया जाए। साथ ही बिहार में हमारे साझेदार बचाए गए बच्चों के पुनर्वास में मदद करेंगे, जिन्हें बिहार से तस्करी कर यहां लाया गया है।’’ 

चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) पहल के बारे में 

जयपुर को बाल मजदूरी से मुक्त बनाने की यह पहल चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) कई हितधारकों जैसे ज़िला सरकारों, कारोबारों, सिविल सोसाइटी संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच हुई अनूठी साझेदारी है। इसे चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेन्ट फंड फाउन्डेशन, ब्रिटिश एशिया ट्रस्ट, सी एण्ड ए फाउन्डेशन और द फ्रीडम फंड का समर्थन प्राप्त है।

विधानसभा में विपक्ष के हंगामें को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कही ये बात

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के हंगामें को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाटक बताया है। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार ने 50 हजार रुपये की किसानों की कर्जमाफी का नाटक करके कांग्रेस सरकार पर 6000 करोड़ रुपये का भार डाला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों में आपस में कंपीटिशन चल रहा है कि नेता बनने का। अभी चुनाव हारकर आए है और इस तरह के हंगामें से इनका ग्राफ और नीचे गिरेगा।
उन्होंने कहा कि सदन में कर्जमाफी को लेकर विपक्ष का हंगामा करना अनावश्यक है। जनता की भी इनके प्रति अच्छी भावना नहीं रही है। जब कांग्रेस विपक्ष में थी, तब पार्टी के विधायकों ने तीन दिन तक सदन में किसानों की मांगों लेकर सदन में धरना दिया था। भले ही कांग्रेस विधायकों की संख्या कम थी, लेकिन एक सेंकेड केलिए भी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे नहीं आई। लेकिन जब अब कांग्रेस पार्टी सरकार में है, तो विपक्ष के नेताओँ की मांग पर तत्काल खड़े होकर सदन में सरकार की तरफ से किसानों की कर्जमाफी को लेकर जवाब दिया गया। 

प्रदेश में बेकाबू हो रहा स्वाइन फ्लू

जयपुर । एक तरफ स्वाइन फ्लू बेकाबू होने के साथ ही लोगों की जिन्दगी पर भारी पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ चिकित्सा विभाग मौत के आंकड़ों को छिपाने में लगा है। जयपुर में पिछले 15 दिन में 5 लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं। यानी हर तीसरे दिन एक मौत हो रही है। विभाग 15 जनवरी तक जयपुर में स्वाइन फ्लू से दो ही मौत बताता रहा है जबकि पांच मौत हो चुकी है। इसी से साफ नजर आ रहा है कि बीमारी रोकने में विभाग कितना सचेत है।
विभाग की ओर से वेबसाइट पर 16 जनवरी को जारी रिपोर्ट में 4 लोगों की मौत बताई जा रही है। 75 पॉजिटिव और एक मौत का मामला सामने आया है। इनमें जयपुर में 29, बाड़मेर में 8, जोधपुर में 7, कोटा, उदयपुर व नागौर में तीन-तीन, अजमेर में दो तथा श्रीगंगानगर, जैसलमेर, प्रतापगढ़ व पाली में एक -एक पॉजिटिव मिला है। प्रदेश में नए साल में अब तक 990 पॉजिटिव मिल चुके है। इनमें से 40 मौत हो चुकी है।
प्रशासन सतर्क नहीं
- अभी तक नहीं हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक
- गंभीर मरीजों को भी आईसीयू नहीं मिल रहा
- सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार व स्वाइन लू के लक्षणों में कन्फ्यूजन होना
- अस्पतालों में दी ज रही दवाएं वायरस पर बेअसर
- पीएचसी व सीएचसी स्तर पर जांच सुविधा नहीं मिल रही

जयपुर ग्रामीण के युवा अपनी टीम तैयार कर खेलना शुरू करें - कर्नल राज्यवर्धन

जयपुर । केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने जयपुर ग्रमीण के युवाओं से आहृान किया है कि वे अपनी टीम तैयार करें और खेलने की तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि बहतु जल्द जयपुर ग्रामीण में मिनी स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएंगे। इन स्टेडियमों में संगठित तरीके से ट्रेनिंग भी दी जाऐगी। कर्नल राज्यवर्धन ने पूर्व सैनिकों, खिलाडियों और शारीरिक शिक्षकों से अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार रहने का आहृान करते हुए कहा कि हमारे लिए इससे अच्छी बात नहीं हो सकती कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अपना अनुभव देकर उन्हे अच्छा रास्ता दिखा सकें। अगर यह परम्परा शुरू हो गई तो हर गांव की हर पीढ़ी सही दिशा में चलेगी। खेलों से व्यक्तित्व निर्माण होता है। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा ÓÓमैं अपने सैनिक जीवन व खेल अनुभव के आधार पर पूर्ण विश्वास से कह सकता हूं कि खेल मैदान की सीमा में प्रवेश करते ही समाज द्वारा बनाई गई सीमाएं समाप्त हो जाती है जिससे आपसी भाईचारा बढ़ता है। उसी प्रकार सेना में भर्ती होने के साथ ही जात-पात और भेद-भाव भूलकर देश ही सर्वोपरी हो जाता है।ÓÓ हम जयपुर ग्रामीण में ऐसा ही माहौल पैदा करना चाहते है जिससे यहां का हर युवा शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिले। कर्नल राज्यवर्धन ने जयपुर ग्रामीण में तैयार हो रहे मिनी स्टेडियमों का कार्य ठीक प्रकार से हो रहा है, यह देखने के लिए उनके द्वारा दिल्ली से भेजी गई टीम ने तीन दिनों में देवता, नारेहड़ा, सुन्दरपुरा, भम्भौरी, जोबनेर, रेनवाल, आंधी, गठवाड़ी, चन्दवाजी, मनोहरपुर और खेजरोली में जाकर वहां हो रहे निर्माण कार्यों का ज़ायज़ा लिया। टीम ने ग्राम पंचायतों के सरपंच, विद्यालय प्रधानाध्यापक, पीटीआई, खेल प्रेमी युवाओं एवं ग्रामीण बुजुर्गों से मिनी स्टेडियमों में उपलब्ध होने वाली खेल एवं अन्य सुविधाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विचार विमर्श किया। टीम अन्य स्थानों पर हो रहे कार्यों का भी ज़ायज़ा लेगी। जयपुर ग्रामीण के युवाओं की ऊर्जावान प्रतिभा को सही दिशा देने के लिए कर्नल राज्यवर्धन पिछले पांच वर्षों से प्रयासरत रहते हुए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करवा रहें है जिससे युवाओं को रोजगार मिले और वे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ देश व जयपुर ग्रामीण का नाम रोशन कर सकें। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कर्नल राज्यवर्धन जयपुर ग्रामीण की सभी 8 विधानसभाओं में कुल 34 मिनी स्टेडियम का निर्माण करवा रहें है। प्रथम चरण में 17 मिनी स्टेडियम तैयार होने है। इन मिनी स्टेडियमों में बॉलीबाल, कबड्डी, खो-खो, हॉकी, फुटबॉल सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होगी इनके अलावा रनिंग ट्रेक और क्रिकेट पिच भी तैयार किये जायेंगे। इन खेल मैदानों में सेना भर्ती प्रषिक्षण के लिए विभिन्न उपकरणों की सुविधा भी दी जायेगी। मिनी स्टेडियमों की लागत लगभग 40 से 60 लाख रूपये होगी।

विधानसभा में अब इस बात को लेकर हंगामा

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे को लेक विपक्ष का लगातार हंगामा करता रहा।बार-बार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं भाजपा विधायकों ने वैल में आकर किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। सदन में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि भले ही केंद्र सरकार कांग्रेस सरकार की कोई मदद नहीं करें, फिर भी कांग्रेस सरकार किसानों को 2 लाख रुपये का कर्जा माफ करेगी।वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सदन में बताया कि वह किसानों के कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को भी खत लिख चुके है। लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने एक नहीं सुनी और हंगामा जारी रहा।

गुरुवार सुबह स्कूली बच्चों से भरी बस पलटी,हादसे में 1की मौत 30 जख्मी

खिंवाड़ा (पाली). क्षेत्र के जोजावर की एक निजी स्कूल की बस गुरुवार सुबह भगोड़ा के पास पलट गई। इसमें एक बच्चे की घटनास्थल पर मौत हो गई। जबकि तीस से अधिक बच्चे जख्मी हो गए। इनमें से गंभीर रूप से जख्मी आठ बच्चों को पाली रैफर किया गया है।

जोजावर के नवीन विद्यालय की बस गुरुवार सुबह क्षेत्र के बच्चों को लेकर आ रही थी। इस दौरान चालक ने लेट होने से बचने के लिए बस को तेज गति से भगाना शुरू कर दिया। भगोड़ा के निकट एक मोड़ पर बस असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के बाद बस में फंसे बच्चे मदद के लिए चिल्लाने लगे।
 
क्षेत्र के लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और उन्होंने बस में फंसे बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। एक बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। इसके बाद सभी घायलों को जोजावर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया।
 
सूचना पाकर बच्चों के अभिभावक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच गए। वहां लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। अफरा-तफरी के बीच सभी बच्चों का यहां प्राथमिक इलाज किया गया।

सरकार से होमगार्ड ने मांगा अपना अधिकार

बूंदी । 12 महीने नियमित ड्यूटी लगाने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले के होमगार्ड जवान कलेक्ट्रेट पहुंचे । यहां पर जवानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया । 
जिसमें उन्होंने राजस्थान होमगार्ड अधिनियम 1962 - 63 में संशोधन कर सेवा नियम बनाकर नियमितीकरण करने , प्रदेश के होमगार्ड की पंजाब मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की तरह 12 माह नियमित ड्यूटी लगाने और मानवाधिकार आयोग के फैसले को जल्द लागू करने व रात्रि गश्त चालू करवाने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की । जवानों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने घोषणा पत्र में होमगार्ड जवानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कदम उठाने की बात कही थी । ऐसे में सरकार जल्द से जल्द जवानों की समस्या का समाधान करें । 

पहले सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में हंगामा

दुष्कर्म के बाद सात साल की बच्ची की हत्या

जयपुर । शहर के आमेर थाना इलाके में मंगलवार को सात साल की एक बच्ची की हत्या के बाद शव को गांव में सड़क किनारे फेंक दिया। बच्ची की लाश निर्वस्त्र हालत में मिली। बताया जा रहा है कि हत्या से पहले बच्ची से दुष्कर्म किया गया। सूचना पर डीसीपी नार्थ विकास कुमार, एडिशनल डीसीपी गोपालस्वरुप मेवाड़ा समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।मुआयना करने के बाद शव को मोर्चरी भेजा। मामले में पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाए जाने के बाद बच्ची की मौत का कारण और दुष्कर्म का अंदेशा साफ हो सकेगा। फिलहाल, हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस नहीं बता सकी कि हत्या की शिकार बच्ची घर से कब लापता हुई।
पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। आमेर पुलिस ने बताया कि मृतका बच्ची चैनपुरा गांव, जमवारामगढ़ रोड निवासी माधवलाल की बेटी थी। उसके पिता माधवलाल गांव में ही एक ईंट भट्टे में मजदूरी करता है। वह गांव में ही कच्चा घर बनाकर मासूम बच्ची और 11 वर्षीय बेटे के साथ रहता है। उसकी पत्नी कुछ साल पहले घर व बच्चों को छोड़कर जा चुकी है। मंगलवार सुबह स्थानीय व्यक्ति ने चैनपुरा गांव के रास्ते पर ईंट भट्?टे के पास सड़क किनारे जंगल में बच्ची की निर्वस्त्र हालत में लाश पड़ी देखी थी। इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी। तब घर से गायब बच्ची के पिता माधवलाल भी पहुंचे।

दीया और नरेन्द्र सिंह के तलाक को मंजूरी, कहा-अब दोनों पति-पत्नी नहीं

जयपुर । पारिवारिक न्यायालय ने पूर्व राजपरिवार की सदस्य और पूर्व विधायक दीया कुमारी व उनके पति नरेन्द्र सिंह तलाक को मंगलवार को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि दोनों अब पति-पत्नी नहीं है। कोर्ट के पीठासीन अधिकारी झूमर लाल चौहान ने यह आदेश दिया। नरेंद्र सिंह और दिया कुमारी ने आपसी सहमति से तलाक लेने के लिए फैमिली कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया था। प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने छह माह बाद सुनवाई करना तय किया था। इस पर दोनों ने कोर्ट पहुंच कर मामले की सुनवाई जल्दी करने की गुहार की। उनकी ओर से इस संबंध में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि वे करीब डेढ़ साल से अलग रह रहे है और अब आपसी सहमति से अलग होना चाहते हैं। इसलिए उनकी विवाह-विच्छेद की अर्जी को स्वीकार कर तलाक की डिक्री जारी की जाए। गौरतलब है कि दोनों की शादी 21 साल पहले अगस्त 1997 में हुई थी।