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ऋण माफी - अब तक 1 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ


जयपुर टाइम्स
जयपुर। प्रदेश के सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के. पवन ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को 358 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों में 35 हजार से अधिक किसानों को 140 करोड़ रुपये के ऋण माफी प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1 लाख से अधिक किसानों के लगभग 500 करोड़ रुपये के ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं।
आज यहां आयोजित होंगे 358 शिविर
रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रदेश में 16 फरवरी को 358 शिविरों को आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि  गंगानगर जिले में 23 शिविर, पाली में 22, जयपुर में 21, बाड़मेर में 20, नागौर में 19, जोधपुर में 17, अलवर, भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर व हनुमानगढ़ में 16-16, झालावाड़ में 15, अजमेर में 15 तथा झुंझुनूं में 14 शिविरों को आयोजन किया जा रहा है। 
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार सीकर में 12, भरतपुर व बीकानेर में 11-11, टोंक में 10, बारां, बूंदी, चूरू व सिरोही में 9-9, डूंगरपुर, जैसलमेर व कोटा में 8-8, दौसा में 5, धोलपुर, चित्तौडगढ, जालोर व उदयपुर में 4-4 व बांसवाड़ा में 3 शिविर आयोजित होंगे।


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अब शहीदों के परिजनों को मिल सकेगी 50 लाख रुपये तक की नकद राशि 


पुलवामा आंतकी हमला 
जयपुर टाइम्स
जयपुर। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरूवार को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और हमले में राजस्थान के पांच शहीदों को 50 लाख रुपये तक नकद सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके लिए राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को देय सहायता एवं सुविधा पैकेज को संशोधित किया है। 
 गहलोत ने हमले में शहीद हुए बिनोल (राजसमंद) निवासी हैड कांस्टेबल  नारायण लाल गुर्जर, सुन्दरवाली (भरतपुर) निवासी कांस्टेबल  जीतराम, जैतपुर (धौलपुर) निवासी कांस्टेबल  भागीरथ सिंह, विनोद कलां (कोटा) निवासी कांस्टेबल  हेमराज मीणा एवं गोबिन्दपुरा, तहसील शाहपुरा (जयपुर) निवासी कांस्टेबल  रोहिताश लाम्बा की शहादत पर संवेदना व्यक्त की है। 
मुख्यमंत्री ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के बहादुर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है। राज्य सरकार इस घड़ी में शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है। 
 गहलोत ने कहा कि युद्ध या अन्य ऑपरेशनों में शहीद सैनिक अथवा अद्र्धसैनिक बलों के कार्मिक के परिवार को देय सहायता राशि को हमने बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अब शहीद का परिवार कुल 50 लाख रुपये नकद अथवा 25 लाख रुपये नकद के साथ इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में 25 बीघा भूमि अथवा 25 लाख रुपये नकद के साथ राजस्थान आवासन मण्डल के एक आवास का विकल्प चुन सकता है। 
राज्य सरकार द्वारा पूर्व की भांति शहीद परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी, बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति तथा माता-पिता को 3 लाख रुपये की सावधि जमा भी देय होगी। इसके साथ ही, सहायता एवं सुविधा पैकेज में परिवार के सदस्य को कृषि भूमि पर 'आउट ऑफ टर्न आधार पर विद्युत कनेक्शन, शहीद की पत्नी एवं आश्रित बच्चों और शहीद के माता-पिता को राजस्थान रोड़वेज की डीलक्स एवं साधारण बसों में नि:शुल्क यात्रा के लिए पास सुविधा तथा एक विद्यालय, अस्पताल अथवा अन्य सार्वजनिक स्थान का नामकरण शहीद के नाम पर किए जाना भी शामिल है। 
 गहलोत ने ईश्वर से दिवंगत जवानों की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने हमले में घायल हुए जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर के पुलवामा में हुआ वीभत्स आंतकी हमला एक कायरतापूर्ण कार्रवाई है, जिसकी भत्र्सना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की प्रतिबद्धता कम नहीं होगी। 


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गुर्जर आंदोलन नौवें दिन समाप्त ,कर्नल बैंसला ने मसौदे पर हस्ताक्षर किए

 

जयपुर टाइम्स
मलारना डूंगर । गुर्जर सहित पांच जातियों को आरक्षण सम्बंधी विधेयक विधानसभा में पारित किए जाने के बाद भी राजस्थान में गुर्जरों का आंदोलन शनिवार को नौवें दिन पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के मसौदे को पढने के बाद आन्दोलन स्थगित कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार गुर्जर आरक्षण बिल के संबंध में जयपुर में समझौता ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसे शनिवार सुबह ग्यारह बजे सवाईमाधोपुर भेजा गया। इस मसौदा पत्र को पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने गुर्जर आन्दोलन कर्मियों को सौंप दिया। 
इसके बाद गुर्जर आरक्षण समिति के पदाधिकारी ने गुर्जर समाज के आन्दोलनकारियों के सामने पढकऱ सुनाया। इसके बाद कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने मसौदे पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने पुलवामा में आतंकी हमले पर शोक व्यक्त किया। 
इसके बाद मंत्री ने कहा कि इस आन्दोलन से आमजनता और गुर्जर आन्दोलकारी को कष्ट हुआ इसके लिए मैं माफी चाहूंगा। इसके बाद उन्होंने गुर्जर आन्दोलनकारियों को आरक्षण के लिए मुबारक बाद दी। गुर्जर आरक्षण समिति के संरक्षक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने सरकार का धन्यवाद दिया ।
बैंसला ने कहा कि आन्दोलन में जिन लोगों को कष्ट हुआ है, उसके लिए हम माफी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी गुर्जर समाज के लोगों ने जाम लगा रखें हैं उनको खोलने के निर्देश दे दिए हैं।
ज्ञात्व्य रहे की 5 फीसदी आरक्षण को लेकर गुर्जर कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के नेतृत्व में विगत नौ दिनों से आंदोलन पर चल रहे थे। 
गुर्जर आरक्षण के चलते एक ओर जहां सरकार व प्रशासन परेशानी में नजर आ रहे थे वहीं दूसरी और इस आरक्षण आंदोलन के चलते आमजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रदेश के कई हिस्सों में भयावह होते इस गुर्जर आंदोलन के कारण सरकारी व निजी सम्पत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था। वहीं दूसरी और गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैसला का कहना था कि यदी सवर्णो को 10 फीसदी आरक्षण दिया जा सकता है तो गुर्जरों को पिछड़े वर्ग में 5 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता हैं।


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शासन सचिवालय में होगी स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना

जयपुर । प्रदेश में आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया हेतु सचिवालय परिसर स्थित लाइब्रेरी भवन में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना की जाएगी। 
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 20वीं बैठक में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई इस, बैठक में बताया गया कि 9 जिलों की 58 तहसीलों के 5 हजार 555 गांवों के 16 लाख 94 हजार किसान अकाल से प्रभावित है। मुख्यमंत्री ने इन किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे ही कृषि आदान-अनुदान जमा कराने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रतिकूल स्थितियों को देखते हुए राहत गतिविधियों के संचालन की अवधि 6 माह से बढ़ाकर 9 माह किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र से मिलने वाली सहायता के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को पत्र लिखें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित सभी 9 जिलों के कलेक्टर्स को एडवाइजरी जारी कर निर्देश दें कि वे आवश्यकतानुसार चारा, पानी एवं पशु शिविरों के संबंध में अपने-अपने जिले के प्रस्ताव बनाकर भेजें। इन प्रस्तावों पर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग शीघ्र कार्यवाही करें। उन्होंने चारा प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पशुपालकों को समय पर चारा उपलब्ध हो। इसके लिए चारा खरीद की पुख्ता व्यवस्थाएं की जाएं। गहलोत ने गौशाला अनुदान के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि सूखाग्रस्त घोषित इन तहसीलों में स्थित गौशालाओं को जरूरत पडऩे पर पशु शिविर घोषित किए जाने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर्स को अधिकृत किया गया है। 

बैठक में बताया गया कि सूखाग्रस्त 9 जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर, चूरू एवं पाली के प्रभावित किसानों में से करीब 8.50 लाख लघु एवं सीमान्त किसान हैं जिनकी फसलों का 33 से 100 प्रतिशत खराबा हुआ है। करीब 8 लाख बड़े किसान हैं, जिनका 50 से 100 प्रतिशत तक फसल खराबा हुआ है। 
अधिकारियों ने बताया कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को सहायता राशि सीधे उनके खाते में मिल सके, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का प्रभावी तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रभावितों को राशि सीधे उनके खाते में मिलने के साथ ही एसएमएस से उन्हें इसकी जानकारी भी मिलेगी। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर ने विभिन्न बिन्दुओं पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी। इस अवसर पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, आपदा प्रबन्धन मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल, ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री बी.डी. कल्ला, कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया, मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि पी.के. गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव उपस्थित थे।
 


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राजस्थान में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, अब तक 48 की मौत

जयपुर । राजस्थान में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बीमारी से जनवरी महीने में अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1000 से ज्यादा लोग स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि स्वाइन फ्लू से जोधपुर और उदयपुर में दो-दो और बाड़मेर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इन आंकड़ों के बाद राज्य भर में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 48 हो गई है। सरकारी मशीनरी इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। शनिवार को स्वाइन फ्लू से पीडि़त पांच और मरीजों की सांसें थम गई. वहीं स्वाइन फ्लू पॉजिटिव का आंकड़ा भी 1173 पर जा पहुंचा। शनिवार को जोधपुर में 2, उदयपुर में 2 और बाड़मेर में 1 स्वाइन फ्लू पीडि़त की मौत हो गई। वहीं 74 नए पॉजिटिव केस सामने आए। इनमें सर्वाधिक जयपुर में 29 और जोधपुर में 10 नए स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस नए केस सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू से लगातार हो रही मौतों से आमजन अब खौफ में आ गया है अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से पीडि़त लोगों कतारें लगी हुई हैं। मीडिया रिपोर्टस् के मुताबिक राज्य सरकार का कहना है कि बीमारी से निपटने के लिए अभियान चलाए जा रहे है। इसके साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टी भी केंसल कर दी गई है।

क्या है स्वाइन फ्लू...
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जो काफी तेजी और आसानी से फैलती है लेकिन इसका इलाज संभव है। अगर बीमारी के दौरान और बाद में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इसको गंभीर होने से बचाया जा सकता है। दरअसल ये एक संक्रमण है, जो इंफ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है। ये वायरस सूअरों में पाया जाता है। इंसानों में ये संक्रामक बीमारी काफी तेजी से फैलती है। अगर सावधानी न बरती जाए, तो ये काफी गंभीर भी हो सकती है। स्वाइन फ्लू का खतरा अधिकतर ठंड और बरसात में रहता है क्योंकि ये बीमारी नमी के चलते तेजी से फैलती है।


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गर्मियों में पेयजल आपूर्ति के लिए करें एडवांस प्लानिंग-मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल की मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर व्यक्ति को पीने के लिए स्वच्छ पानी की कमी नहीं हो। 
यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी संवेदनशील रहकर एडवांस प्लानिंग के साथ काम करें। गहलोत मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और गर्मियों में आपूर्ति योजना के संबंध में समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में आवश्यकतानुसार नये ट्यूबवेल और हैंडपम्प की खुदाई के लिए योजना तैयार कर उसका अनुमोदन समय से पहले ही करने के निर्देश दिए। 
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के इसकी स्वीकृति दें। उन्होंने जिला कलक्टरों को भी पानी की आपूर्ति के लिए आकस्मिक निधि से जरूरत पडऩे पर तुरंत स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिए। 
गहलोत ने जयपुर शहर के लिए आगामी वर्षों की पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर भी विमर्श किया और अधिकारियों को योजनाएं बनाने के लिए कहा। बैठक में बताया गया कि जयपुर में आगामी गर्मियों के लिए समुचित पानी की व्यवस्था की जा रही है। गांवों सहित सभी क्ष़ेत्रों के लिए नए ट्यूबवैल और हैंडपम्प खुदवाकर एवं बड़े रूप में रिपेयर करवाकर और टैंकरों आदि से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को भी ठीक करवाया जा रहा है। इसके लिए समुचित राशि उपलब्ध है। 
बैठक में जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला, मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव जलदाय विभाग संदीप वर्मा सहित जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता शहरी, मुख्य अभियंता ग्रामीण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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बाल मजदूरी को लेकर एक अनूठी पहल, यहां पढ़ें

जयपुर । बाल-मजदूरी को समाप्त करने के सामूहिक प्रयासों के तहत राजस्थान सरकार के अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी ने शहर में नागरिकों और उद्योगों के साथ मिलकर एक अनूठी पहल चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) का लॉन्च किया। 

इस पहल का लॉन्च जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में आयोजित सांस्कृतिक समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रम विभाग के एडिशनल लेबर कमिश्नर सीबीएस राठौर ने एक मोबाइल वैन को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। यह वैन जयपुर में आमजन के मध्य जा कर उनसे बाल श्रम के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह करेगी। राजस्थान राज्य एवं जिला स्तर की सरकारों, कारोबारों, सिविल सोसाइटी संगठनों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से जयपुर को बाल मजदूरी से मुक्त बनाना चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) का लक्ष्य है। ताकि इस दृष्टि से जयपुर अन्य शहरों के लिए एक मॉडल शहर बन जाए। 

कार्यक्रम की शुरूआत युवाओं ने पतंग उड़ाकर की, जो बचपन में आज़ादी और लर्निंग का प्रतीक है,। इस मौके पर ‘लल्लाज़ जयपुर’ नामक एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, लोगों को बाल-मजदूरी मिटाने के बारे में जागरुक बनाने के लिए इस नाटक का आयोजन शहर के विभिन्न स्थानों पर 120 बार किया जाएगा। टाबर शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों ने आस-पास के बच्चों के साथ मिलकर एक विशेष परफोर्मेन्स दिया।

इस अवसर पर जयपुरजिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने कहा कि ‘‘भारतीय संविधान प्रत्येक बच्चे को शिक्षा और सुरक्षा के अधिकार की गारंटी देता है लेकिन वर्तमान में हम विपरीत हालात देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अधिक मानवीय एवं न्यायसंगत समाज की ओर बढ़ना है। जयपुर में बाल श्रम समस्या के मूल कारणों एवं क्षेत्रों की पहचान करने और इसके प्रति उपयुक्त पहल के लिए मैं चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर ¼CLFJ½ के सभी भागीदारों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करता हूं। मैं सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन्स के साथ-साथ जनता से आग्रह करता हूं कि वे हमारे बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए व्यापक पुनर्वास सुनिश्चित करें। मैं इस अनूठी पहल के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरा समर्थन करने का वादा करता हूं।‘‘

इस अनूठी पहल पर बात करते हुए सीबीएस राठौड़, एडिशनल लेबर कमिश्नर, श्रम विभाग ने कहा, ‘‘श्रम विभाग इस मुद्दे पर काम कर रहा है, बच्चों को बाल-मजदूरी से छुटकारा दिलाकर उनके जीवन में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। हम इस प्रथा को समाज से पूरी तरह समाप्त कर देना चाहते हैं। यह पहल एक ऐसा सकारात्मक मंच है जो हमारे इन प्रयासों को प्रोत्साहित करेगी और सुनिश्चित करेगी कि किसी भी बच्चे से उसका बचपन न छीना जाए। हम इस पहल को अपना पूरा सहयोग एवं समर्थन प्रदान करेंगे।’’ 

चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) राज्य एवं ज़िला सरकारों के साथ मिलकर बच्चों की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए काम करेगी, इन प्रयासों के तहत सुनिश्चित किया जाएगा कि तस्करी और वैश्यावृत्ति के जाल में फंसें बच्चों को बाहर निकाल कर उनका पुनर्वास किया जाए और उन्हें अपने घर बिहार भेजा जाए। चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर होर्डिंग, बस शेल्टर, पोस्टर, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए आम जनता को जागरुक बनाने का प्रयास करेगी, जनता से अपील की जाएगी कि अगर वे जयपुर में बच्चों के साथ किसी भी तरह का शोषण देखें तो चाइल्डलाईन 1098 पर फोन कर जानकारी दें।

यह पहल बाल-मजदूरी से मुक्त सामान के उत्पादन को बढ़ावा देगी, और सुनिश्चित करेगी जयपुर को अन्तर्राष्ट्रीय रीटेलरों एवं भारतीय कंपनियों के कारोबार के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बनाया जा सके। इसके लिए अग्रणी कारोबर एवं ओद्यौगिक संगठनों के साथ साझेदारियां की जा रही हैं, जो आपसी सहयोग से सुनिश्चित करेंगी कि आपूर्ति श्रृंखला बाल मजदूरी से पूरी तरह मुक्त हो। 

CLFJ के लॉन्च पर बात करते हुए नरेन्द्र सिखवाल, चेयरपर्सन, बाल कल्याण समिति, जयपुर ने कहा, ‘‘बच्चे वर्कशॉप्स में और स्थानीय घरेलू प्रोडक्शन युनिट्स में काम करते हैं। इस पहल के तहत CLFJ स्थानीय लोगों और कारोबार समुदायों के साथ मिलकर सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को बाल मजदूरी में लिप्त न होने दिया जाए, खासतौर पर उन्हें खतरनाक कार्यों में तो बिल्कुल न लगाया जाए। साथ ही बिहार में हमारे साझेदार बचाए गए बच्चों के पुनर्वास में मदद करेंगे, जिन्हें बिहार से तस्करी कर यहां लाया गया है।’’ 

चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) पहल के बारे में 

जयपुर को बाल मजदूरी से मुक्त बनाने की यह पहल चाइल्ड लेबर फ्री जयपुर (CLFJ) कई हितधारकों जैसे ज़िला सरकारों, कारोबारों, सिविल सोसाइटी संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच हुई अनूठी साझेदारी है। इसे चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेन्ट फंड फाउन्डेशन, ब्रिटिश एशिया ट्रस्ट, सी एण्ड ए फाउन्डेशन और द फ्रीडम फंड का समर्थन प्राप्त है।


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विधानसभा में विपक्ष के हंगामें को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कही ये बात

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के हंगामें को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाटक बताया है। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार ने 50 हजार रुपये की किसानों की कर्जमाफी का नाटक करके कांग्रेस सरकार पर 6000 करोड़ रुपये का भार डाला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों में आपस में कंपीटिशन चल रहा है कि नेता बनने का। अभी चुनाव हारकर आए है और इस तरह के हंगामें से इनका ग्राफ और नीचे गिरेगा।
उन्होंने कहा कि सदन में कर्जमाफी को लेकर विपक्ष का हंगामा करना अनावश्यक है। जनता की भी इनके प्रति अच्छी भावना नहीं रही है। जब कांग्रेस विपक्ष में थी, तब पार्टी के विधायकों ने तीन दिन तक सदन में किसानों की मांगों लेकर सदन में धरना दिया था। भले ही कांग्रेस विधायकों की संख्या कम थी, लेकिन एक सेंकेड केलिए भी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे नहीं आई। लेकिन जब अब कांग्रेस पार्टी सरकार में है, तो विपक्ष के नेताओँ की मांग पर तत्काल खड़े होकर सदन में सरकार की तरफ से किसानों की कर्जमाफी को लेकर जवाब दिया गया। 


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प्रदेश में बेकाबू हो रहा स्वाइन फ्लू

जयपुर । एक तरफ स्वाइन फ्लू बेकाबू होने के साथ ही लोगों की जिन्दगी पर भारी पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ चिकित्सा विभाग मौत के आंकड़ों को छिपाने में लगा है। जयपुर में पिछले 15 दिन में 5 लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं। यानी हर तीसरे दिन एक मौत हो रही है। विभाग 15 जनवरी तक जयपुर में स्वाइन फ्लू से दो ही मौत बताता रहा है जबकि पांच मौत हो चुकी है। इसी से साफ नजर आ रहा है कि बीमारी रोकने में विभाग कितना सचेत है।
विभाग की ओर से वेबसाइट पर 16 जनवरी को जारी रिपोर्ट में 4 लोगों की मौत बताई जा रही है। 75 पॉजिटिव और एक मौत का मामला सामने आया है। इनमें जयपुर में 29, बाड़मेर में 8, जोधपुर में 7, कोटा, उदयपुर व नागौर में तीन-तीन, अजमेर में दो तथा श्रीगंगानगर, जैसलमेर, प्रतापगढ़ व पाली में एक -एक पॉजिटिव मिला है। प्रदेश में नए साल में अब तक 990 पॉजिटिव मिल चुके है। इनमें से 40 मौत हो चुकी है।
प्रशासन सतर्क नहीं
- अभी तक नहीं हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक
- गंभीर मरीजों को भी आईसीयू नहीं मिल रहा
- सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार व स्वाइन लू के लक्षणों में कन्फ्यूजन होना
- अस्पतालों में दी ज रही दवाएं वायरस पर बेअसर
- पीएचसी व सीएचसी स्तर पर जांच सुविधा नहीं मिल रही


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जयपुर ग्रामीण के युवा अपनी टीम तैयार कर खेलना शुरू करें - कर्नल राज्यवर्धन

जयपुर । केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने जयपुर ग्रमीण के युवाओं से आहृान किया है कि वे अपनी टीम तैयार करें और खेलने की तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि बहतु जल्द जयपुर ग्रामीण में मिनी स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएंगे। इन स्टेडियमों में संगठित तरीके से ट्रेनिंग भी दी जाऐगी। कर्नल राज्यवर्धन ने पूर्व सैनिकों, खिलाडियों और शारीरिक शिक्षकों से अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार रहने का आहृान करते हुए कहा कि हमारे लिए इससे अच्छी बात नहीं हो सकती कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अपना अनुभव देकर उन्हे अच्छा रास्ता दिखा सकें। अगर यह परम्परा शुरू हो गई तो हर गांव की हर पीढ़ी सही दिशा में चलेगी। खेलों से व्यक्तित्व निर्माण होता है। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा ÓÓमैं अपने सैनिक जीवन व खेल अनुभव के आधार पर पूर्ण विश्वास से कह सकता हूं कि खेल मैदान की सीमा में प्रवेश करते ही समाज द्वारा बनाई गई सीमाएं समाप्त हो जाती है जिससे आपसी भाईचारा बढ़ता है। उसी प्रकार सेना में भर्ती होने के साथ ही जात-पात और भेद-भाव भूलकर देश ही सर्वोपरी हो जाता है।ÓÓ हम जयपुर ग्रामीण में ऐसा ही माहौल पैदा करना चाहते है जिससे यहां का हर युवा शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिले। कर्नल राज्यवर्धन ने जयपुर ग्रामीण में तैयार हो रहे मिनी स्टेडियमों का कार्य ठीक प्रकार से हो रहा है, यह देखने के लिए उनके द्वारा दिल्ली से भेजी गई टीम ने तीन दिनों में देवता, नारेहड़ा, सुन्दरपुरा, भम्भौरी, जोबनेर, रेनवाल, आंधी, गठवाड़ी, चन्दवाजी, मनोहरपुर और खेजरोली में जाकर वहां हो रहे निर्माण कार्यों का ज़ायज़ा लिया। टीम ने ग्राम पंचायतों के सरपंच, विद्यालय प्रधानाध्यापक, पीटीआई, खेल प्रेमी युवाओं एवं ग्रामीण बुजुर्गों से मिनी स्टेडियमों में उपलब्ध होने वाली खेल एवं अन्य सुविधाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विचार विमर्श किया। टीम अन्य स्थानों पर हो रहे कार्यों का भी ज़ायज़ा लेगी। जयपुर ग्रामीण के युवाओं की ऊर्जावान प्रतिभा को सही दिशा देने के लिए कर्नल राज्यवर्धन पिछले पांच वर्षों से प्रयासरत रहते हुए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करवा रहें है जिससे युवाओं को रोजगार मिले और वे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ देश व जयपुर ग्रामीण का नाम रोशन कर सकें। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कर्नल राज्यवर्धन जयपुर ग्रामीण की सभी 8 विधानसभाओं में कुल 34 मिनी स्टेडियम का निर्माण करवा रहें है। प्रथम चरण में 17 मिनी स्टेडियम तैयार होने है। इन मिनी स्टेडियमों में बॉलीबाल, कबड्डी, खो-खो, हॉकी, फुटबॉल सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होगी इनके अलावा रनिंग ट्रेक और क्रिकेट पिच भी तैयार किये जायेंगे। इन खेल मैदानों में सेना भर्ती प्रषिक्षण के लिए विभिन्न उपकरणों की सुविधा भी दी जायेगी। मिनी स्टेडियमों की लागत लगभग 40 से 60 लाख रूपये होगी।


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विधानसभा में अब इस बात को लेकर हंगामा

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे को लेक विपक्ष का लगातार हंगामा करता रहा।बार-बार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं भाजपा विधायकों ने वैल में आकर किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। सदन में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि भले ही केंद्र सरकार कांग्रेस सरकार की कोई मदद नहीं करें, फिर भी कांग्रेस सरकार किसानों को 2 लाख रुपये का कर्जा माफ करेगी।वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सदन में बताया कि वह किसानों के कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को भी खत लिख चुके है। लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने एक नहीं सुनी और हंगामा जारी रहा।